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                <title>UDF - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                            <item>
                <title>केरल विधानसभा चुनाव परिणाम LIVE : जनता ने यूडीएफ के सिर सजाया जीत का ताज, कांग्रेस मुख्यालय में जश्न ; कांग्रेस की एक दशक बाद सत्ता में वापसी </title>
                                    <description><![CDATA[केरल विधानसभा चुनाव के परिणाम की तस्वीर साफ। पोस्टल बैलेट पेपर और ईवीएम की मतगणना के बाद चुनाव के नतीजे जारी। पुथुपल्ली विधानसभा सीट से कांग्रेस विधायक चांडी ओमन जीते। कांग्रेस ने करीब एक दशक बाद सत्ता में वापसी की। रूझान में जीत के संकेत के बाद प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में मना जश्न। कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाई। 

]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/kerala-assembly-election-results-initial-trends-congress-leads-on-24/article-152571"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/kerala-election.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">केरल विधानसभा चुनाव के परिणाम को लेकर मतगणना कड़ी सुरक्षा के बीच सुबह 8 बजे शुरू हुई। सबसे पहले पोस्टल बैलेट पेपर और उसके बाद ईवीएम की मतगणना की गई। </span>पुथुपल्ली विधानसभा सीट से कांग्रेस विधायक चांडी ओमन ने बड़ी जीत हासिल की। उन्होंने मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के उम्मीदवार केएम राधाकृष्णन को पराजित किया। चांडी ने 52,907 मतों के अंतर से राधाकृष्णन को चुनावी मैदान में शिकस्त दी। चांडी को कुल 84,031 वोट मिले, जबकि राधाकृष्णन के हिस्से में 31,124 के वोट आए।</p>
<p>कांग्रेस करीब एक दशक बाद सत्ता में वापसी कर रही है। रूझान में जीत के संकेत को को देखतेह हुए प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय इंदिरा भवन में जश्न का माहौल है। भवन में कार्यकर्ताओं की भारी भीड़ उमड़ी। सभी ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाई। ढोल-नगाड़ों की आवाज और नारो से पूरा परिसर गूंज उठा। </p>
<p><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">चुनाव आयोग के अनुसार मतगणना के लिए सभी तैयारियां पहले ही पूरी कर ली गयी थी। सभी मतगणना केन्द्रों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किये गये थे। मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर राष्ट्रव्यापी बहस के बीच केरल की विधानसभा के चुनावों में मतदाताओं ने मतदान में बढ़चढ़कर भाग लिया था। </span><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">केरल में 78.17 प्रतिशत मतदान हुआ, जहां 140 सीटों के लिए 890 उम्मीदवारों ने चुनावी मैदान में अपना भाग्य आजमाया। राज्य में मुख्य मुकाबला सत्तारूढ़ माक्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के नेतृत्व वाले वाम लोकतांत्रिक मोर्चे (एलडीएफ) और कांग्रेस के नेतृत्व वाले संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा के बीच रहा।</span></p>
<p class="MsoNormal"> </p>
<p class="MsoNormal"><strong><span style="color:rgb(186,55,42);">                                कुल सीट : 140                                       बहुमत : 71</span></strong></p>
<table style="border-collapse:collapse;width:100%;" border="1"><colgroup><col style="width:25%;" /><col style="width:25%;" /><col style="width:25%;" /><col style="width:25%;" /></colgroup>
<tbody>
<tr>
<td><strong>पार्टी</strong></td>
<td><strong>आगे</strong></td>
<td><strong>जीते</strong></td>
<td><strong>कुल</strong></td>
</tr>
<tr>
<td><span style="color:rgb(53,152,219);"><strong>यूडीएफ</strong></span></td>
<td><strong>54</strong></td>
<td><strong>45</strong></td>
<td><strong>99</strong></td>
</tr>
<tr>
<td><span style="color:rgb(241,196,15);"><strong>एलडीएफ</strong></span></td>
<td><strong>12</strong></td>
<td><strong>23</strong></td>
<td><strong>35</strong></td>
</tr>
<tr>
<td><span style="color:rgb(224,62,45);"><strong>एनडीए</strong></span></td>
<td><strong>3</strong></td>
<td><strong>0</strong></td>
<td><strong>3</strong></td>
</tr>
<tr>
<td><span style="color:rgb(52,73,94);"><strong>अन्य</strong></span></td>
<td><strong>2</strong></td>
<td><strong>1</strong></td>
<td><strong>3</strong></td>
</tr>
</tbody>
</table>
<p class="MsoNormal"><strong><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';color:rgb(224,62,45);">                                 </span></strong></p>
<p> </p>
<ul>
<li><span style="color:rgb(224,62,45);"><strong>अब तक की मतगणना के रुझानों में कांग्रेस आगे</strong></span></li>
</ul>
<p>केरल विधानसभा चुनावों की मतगणना के अब तक के रुझानों में कांग्रेस 56 सीटों पर बढ़त बनाये हुए हैं, जबकि मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) 30 सीटों पर आगे है। चुनाव आयोग की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग 23, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी 11 और अन्य पांच सीटों पर बढ़त बनाये हुए हैं। केरल कांग्रेस सात और रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी तीन सीटों पर बढ़त बनाये हुए है।</p>
<ul>
<li><span style="color:rgb(186,55,42);"><strong>यूडीएफ सत्ता हासिल करने की ओर अग्रसर</strong></span></li>
</ul>
<p>केरल में कांग्रेस के नेतृत्व वाला संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) अब तक प्राप्त परिणामों और रुझानों के अनुसार सत्ता हासिल करने की ओर अग्रसर है। चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार कांग्रेस तीन सीटें जीत चुकी है और 59 सीटों पर आगे है। यूडीएफ में शामिल इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग 22 सीटों और रिवाेल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी तीन सीटों पर आगे है। दूसरी तरफ, सत्तारूढ़ वाम मोर्चा में शामिल मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने एक सीट जीती है और 26 पर आगे चल रही है। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी नौ सीटों पर बढ़त बनाये हुए हैं। केरल कांग्रेस सात सीटों पर आगे है। भारतीय जनता पार्टी भी दो सीटों पर बढ़त बनाये हुए है। निर्दलीय और अन्य उम्मीदवार 10 सीटों पर आगे चल रहे हैं ।</p>
<ul>
<li><strong><span style="color:rgb(224,62,45);">हरिपद विधानसभा सीट से कांग्रेस उम्मीदवार रमेश चेन्निथाला 23277 मतों से आगे</span></strong></li>
</ul>
<p>केरल की हरिपद विधानसभा सीट से कांग्रेस उम्मीदवार रमेश चेन्निथाला ने अपने निकटतम प्रतिद्वंदी भाकपा उम्मीदवार टीटी जिस्मोन को 23277 मतों के अंतर से हराया।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 04 May 2026 10:23:27 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>केरल विधानसभा चुनाव : 140 सीटों के लिए 9 अप्रैल को मतदान; बदल सकते हैं सियासी समीकरण, चंद्रशेखर-विजयन और सतीशन में होगा मुकाबला</title>
                                    <description><![CDATA[केरल की 140 सीटों पर 9 अप्रैल को मतदान होगा। मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन जहां जीत की हैट्रिक लगाकर इतिहास रचना चाहते हैं, वहीं वी.डी. सतीशन के नेतृत्व में कांग्रेस और राजीव चंद्रशेखर के साथ भाजपा ने घेराबंदी तेज कर दी है। क्या एलडीएफ अपना किला बचा पाएगी या सत्ता का समीकरण फिर बदलेगा?]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/kerala-assembly-elections-voting-for-140-seats-can-change-on/article-147004"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/kerala-election-2026.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। केरल में हर बार सत्ता का समीकरण बदलता है, लेकिन पिछले चुनाव में लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (एलडीएफ) ने पारंपरिक प्रवृत्ति को तोड़ दिया और पिनाराई विजयन ने लगातार दूसरी बार केरल के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। भारत निर्वाचन आयोग ने बीते दिन रविवार को केरल विधानसभा चुनाव 2026 की तारीख का ऐलान कर दिया है। केरल में 140 सीटों के लिए 9 अप्रैल को मतदान होगा।</p>
<p><strong>केरल में किसकी बनेगी सत्ता?</strong></p>
<p>केरल में इस बार के विधानसभा चुनाव पर हर किसी की निगाहें टिकी हैं। इस बार के चुनाव में सीएम पिनाराई विजयन जीत की हैट्रिक लगा सकते हैं। भारतीय जनता पार्टी केरल विधानसभा चुनाव में कमल खिलाना चाहेगी। वहीं वी डी सतीशन की अगुवाई में कांग्रेस मजबूती के साथ चुनाव लड़ने वाली है।</p>
<p><strong>पिनाराई विजयन लगाएंगे जीत की हैट्रिक?</strong></p>
<p>केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन 81 वर्ष की उम्र में भी केरल में सबसे ताकतवर व्यक्ति बने हुए हैं। पिनाराई विजयन की छवि राजनीतिक लड़ाइयों में एक लड़ाके के तौर पर रही है। सीएम विजयन ने लंबे समय से एक ऐसे फैसले लेने वाले एडमिनिस्ट्रेटर की छवि बनाई है जो राजनीतिक लड़ाई में कामयाब साबित होता रहा है। विजयन की लीडरशिप में, एलडीएफ ने 2021 में सरकार बनाकर इतिहास रच दिया था। यह एक ऐसी कामयाबी थी, जिसने केरल में बारी-बारी से सरकार बदलने के लंबे समय से चले आ रहे पैटर्न को तोड़ दिया। कन्नूर से आने वाले विजयन 1980 के दशक में सीपीएम में तेजी से आगे बढ़े। </p>
<p>शुरूआत में उनकी मदद कम्युनिस्ट वी एस अच्युतानंदन ने की, हालांकि बाद में दोनों एक लंबे आइडियोलॉजिकल और पॉलिटिकल टकराव में कट्टर दुश्मन बन गए। सीएम विजयन को डेवलपमेंट और प्रैक्टिकल काम करने वाले के तौर पर देखा जाता है। विजयन को कई बार विवादों का भी सामना करना पड़ा है, जिसमें लंबे समय से चल रहा एसएनसी लवलिन केस भी शामिल है। यह एक ऐसा मामला है जो उनके शानदार पॉलिटिकल करियर पर छाया बना हुआ है।</p>
<p><strong>वी डी सतीशन खोलेंगे कांग्रेस की किस्मत?</strong></p>
<p>कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट की नजरें केरल विधानसभा चुनाव पर टिकी हैं। वी डी सतीशन विपक्ष के नेता हैं और सत्ताधारी एलडीएफ के खिलाफ पार्टी की सबसे मजबूत आवाज भी हैं। सतीशन ने 2001 में असेंबली में आने से पहले कांग्रेस के युवा और ऑगेर्नाइजेशनल रैंक से अपनी पॉलिटिकल यात्रा शुरू की। वी डी सतीशन दो दशकों में राज्य के सबसे साफ बोलने वाले विधायकों में से एक के तौर पर अपनी पहचान बनाई है। उनके भाषणों में पब्लिक फाइनेंस और गवर्नेंस से लेकर एनवायरनमेंटल पॉलिसी और इंस्टीट्यूशनल अकाउंटेबिलिटी जैसे मुद्दों पर बात होती है। सतीशन ने कांग्रेस के जमीनी नेटवर्क को मजबूत करने पर भी ध्यान दिया है।</p>
<p>साथ ही पार्टी के अंदर लंबे समय से चली आ रही गुटबाजी को संभालने की कोशिश भी की है। विपक्ष के नेता का पद संभालने के बाद से, सतीशन ने खुद को एलडीएफ सरकार का सबसे लगातार आलोचक बना लिया है। अब उनके सामने सबसे बड़ा टेस्ट है, विपक्ष की लड़ाकू राजनीति को जमी हुई लेफ्ट सरकार के खिलाफ एक मजबूत चुनावी चुनौती में बदलना।</p>
<p><strong>राजीव चंद्रशेखर ने बढ़ाई बीजेपी की उम्मीदें</strong></p>
<p>केरल में बीजेपी का चेहरा होने के नाते राजीव चंद्रशेखर ने राज्य में एलडीएफ और यूडीएफ के बीच मजबूत बाइपोलर मुकाबले के लिए पार्टी को एक भरोसेमंद विकल्प के तौर पर खड़ा करने का मुश्किल काम किया है। चंद्रशेखर की चुनौती अपने चुनाव क्षेत्र में चुनावी लड़ाई जीतने से कहीं ज्यादा है। पिछले लोकसभा चुनावों में एनडीए ने बेहतर प्रदर्शन किया था। बीजेपी लीडरशिप को उम्मीद है कि इस बार के विधानसभा चुनावों में भी पार्टी मजबूत प्रदर्शन करेगी। चंद्रशेखर का शुरूआती पॉलिटिकल करियर ज्यादातर राज्य के बाहर ही रहा। बीजेपी में उन्होंने राष्ट्रीय प्रवक्ता और केरल के जाने-माने स्ट्रेटजिस्ट के तौर पर काम किया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 19 Mar 2026 11:32:01 +0530</pubDate>
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