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                <title>ट्विशा शर्मा मौत मामले में बड़ा एक्शन : गिरिबाला सिंह सीबीआई हिरासत में, 3 घंटे से लगातार हो रही पूछताछ </title>
                                    <description><![CDATA[ट्विशा शर्मा कथित दहेज हत्या मामले में सीबीआई ने कार्रवाई तेज कर दी है। कोर्ट द्वारा सास गिरिबाला सिंह की अग्रिम जमानत याचिका खारिज होने के बाद गिरफ्तारी की तैयारी है। हिरासत में मौजूद पति समर्थ सिंह और सास से सीबीआई आमने-सामने पूछताछ करेगी। फॉरेंसिक जांच और चोट के निशानों के आधार पर घटनाक्रम को दोहराया जाएगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/cbi-intensifies-investigation-in-twisha-sharma-dowry-murder-case/article-155271"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/cbi.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ट्विशा शर्मा की कथित दहेज हत्या मामले में अग्रिम जमानत याचिका खारिज होने के बाद जल्द ही उनकी सास गिरिबाला सिंह के खिलाफ कार्रवाई कर सकती है। सूत्रों ने यह जानकारी दी है। सीबीआई सूत्रों के अनुसार, गिरिबाला सिंह को गिरफ्तारी से राहत देने से अदालत के इनकार के बाद कानूनी कार्रवाई की तैयारियां तेज हो गई हैं। उनका बेटा समर्थ सिंह फिलहाल सीबीआई हिरासत में हैं। सूत्रों के अनुसार, एजेंसी दोनों आरोपियों से आमने-सामने की संयुक्त पूछताछ करने पर विचार कर रही है ताकि उनके बयानों की पुष्टि की जा सके और ट्विशा शर्मा की मौत से संबंधित घटनाक्रम का पता लगाया जा सके।</p>
<p>सीबीआई ने चल रही जांच के तहत दूरसंचार कंपनियों को पत्र लिखकर मामले से जुड़े मोबाइल नंबरों के कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) और टावर लोकेशन डेटा को सुरक्षित रखने का अनुरोध किया है। एजेंसी ने 12 मई से 20 मई तक की अवधि के रिकॉर्ड मांगे हैं और रिपोर्ट जल्द ही आने की उम्मीद है। सीबीआई ने सोमवार रात समर्थ सिंह और गिरिबाला सिंह के खिलाफ औपचारिक रूप से प्राथमिकी दर्ज की। प्राथमिकी में आरोप है कि ट्विशा को शादी के बाद पैसे और दहेज की मांग को लेकर उत्पीड़न का शिकार बनाया गया था।</p>
<p>यह मामला ट्विशा शर्मा की मृत्यु से संबंधित है, जिनका विवाह समर्थ सिंह से 9 दिसंबर, 2025 को हुआ था। प्राथमिकी के अनुसार, ट्विशा के परिवार ने आरोप लगाया कि शादी के तुरंत बाद से ही दहेज की बार-बार मांग के कारण उन्हें अपने पति और ससुराल वालों द्वारा लगातार मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न का सामना करना पड़ा। ट्विशा की मृत्यु की 12 मई को सूचना मिलने के बाद मामला गंभीर हो गया। पुलिस की प्रारंभिक जांच और पोस्टमार्टम से पता चला कि उनकी मृत्यु फांसी के कारण हुई थी। चिकित्सा रिपोर्टों में कथित तौर पर मृत्यु को "मृत्यु पूर्व फांसी" का मामला बताया गया है।</p>
<p>जांचकर्ताओं ने उनके शरीर के विभिन्न हिस्सों पर कई चोट के निशान भी देखे। प्राथमिकी में उल्लेखित चिकित्सा निष्कर्षों के अनुसार, ये चोटें शारीरिक हमले या किसी भारी वस्तु से प्रहार के कारण प्रतीत होती हैं, जिससे उनकी मृत्यु के आसपास की परिस्थितियों की गहन जांच शुरू हो गई। सीबीआई ने पहले ही संकेत दे दिया है कि वह जांच के तहत अपराध स्थल पर इस केस से जुड़ी घटनाओं को दोहरा सकती है ताकि यह निर्धारित किया जा सके कि भौतिक साक्ष्य और गवाहों के बयान आरोपियों द्वारा बताए गए घटनाक्रम से मेल खाते हैं या नहीं। एजेंसी फॉरेंसिक और मेडिकल साक्ष्यों की भी विस्तार से जांच कर रही है। सीबीआई वर्तमान में इस मामले में दहेज हत्या, क्रूरता, आपराधिक साजिश और मामले से जुड़े अन्य संभावित अपराधों के आरोपों की जांच कर रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 28 May 2026 17:15:53 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>करुर भगदड़ मामला: कड़ी सुरक्षा के बीच टीवीके प्रमुख विजय पहुंचे सीबीआई मुख्यालय, पूछताछ जारी</title>
                                    <description><![CDATA[करूर भगदड़ जांच में टीवीके प्रमुख अभिनेता विजय कड़ी सुरक्षा के बीच सीबीआई के सामने पेश हुए। एजेंसी रैली में सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण और लापरवाही की भूमिका की जांच कर रही है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/karur-stampede-case-tvk-lead-actor-vijay-reaches-cbi-headquarters/article-139292"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/actor-vijay-on-karur-stampede.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। तमिलनाडु के राजनीतिक दल तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) के प्रमुख और प्रसिद्ध तमिल अभिनेता विजय, कड़ी सुरक्षा के बीच सोमवार को 'करूर भगदड़' मामले में पूछताछ के लिए केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के समक्ष पेश हुए जहाँ जांच टीम ने उनसे पिछले साल हुई उस दुखद घटना के बारे में विस्तार से पूछताछ की। सीबीआई ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 179 के तहत नोटिस जारी कर अभिनेता विजय को जांच में शामिल होने के लिए राष्ट्रीय राजधानी बुलाया था। जांच एजेंसी इस बात की पड़ताल कर रही है कि रैली के दौरान सुरक्षा मानकों और भीड़ नियंत्रण के उपायों का पालन किया गया था अथवा नहीं।</p>
<p>उल्लेखनीय है कि, पिछले साल 27 सितंबर को तमिलनाडु के करूर में अभिनेता विजय की एक बड़ी राजनीतिक रैली के दौरान अचानक भगदड़ मच गई थी। इस हादसे में 41 लोगों की मौत हो गई थी और 60 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए इसकी जांच सीबीआई को सौंपी गई थी।</p>
<p>तमिलनाडु पुलिस ने दावा किया कि अभिनेता विजय के करूर रैली में देरी से पहुंचने की वजह से भगदड़ मची। बहुत ज्यादा देरी के कारण भीड़ बेकाबू हो गई। पुलिस ने भगदड़ की वजह भीड़, अपर्याप्त व्यवस्थाओं जैसे भोजन, पीने के पानी और सैनिटरी सुविधाओं की कमी को भी बताया। लेकिन अभिनेता विजय ने इन आरोपों का जोरदार खंडन करते हुए इन्हें राजनीति से प्रेरित बताया और सत्ताधारी द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) पर बदनामी का अभियान चलाने का आरोप लगाया। </p>
<p>अभिनेता विजय ने उल्टे पुलिस पर अव्यवस्था का आरोप लगाते हुए कहा कि पुलिस ने प्रवेश वाली जगहों पर भीड़ प्रबंधन में गंभीर गलतियाँ की, जिससे भगदड़ मची और लोगों की जान चली गयी। शुरुआत में, मद्रास उच्च न्यायालय ने त्रासदी से पहले की घटनाओं की जांच के लिए एक विशेष जांच दल का गठन किया था। बाद में उच्चतम न्यायालय ने इस मामले को अपने हाथ में ले लिया, और सीबीआई को एक सेवानिवृत्त उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली समिति की देखरेख में जांच करने का निर्देश दिया। </p>
<p>तमिलनाडु सरकार के पहले नियुक्त किए गए एकल-सदस्यीय जांच आयोग को भी शीर्ष अदालत ने पलट दिया, जिसने तय किया कि इस मामले में अधिक निष्पक्ष और विश्वसनीय जांच की आवश्यकता है। खास बात यह है कि विजय की पार्टी टीवीके ने भी इस घटना की निष्पक्ष जांच की मांग की थी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 12 Jan 2026 13:24:08 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>महिला के आरोपों के बाद दिल्ली पुलिस ने सतीश कौशिक की मौत की जांच शुरू की</title>
                                    <description><![CDATA[दिल्ली के एक व्यवसायी की पत्नी ने दिल्ली पुलिस आयुक्त को पत्र लिखकर कौशिक की मौत में अपने पति की भूमिका का आरोप लगाया और कहा कि उसके पति ने कौशिक से 15 करोड़ रुपये लिए थे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/delhi-police-begins-probe-into-satish-kaushiks-death-following-womans/article-39712"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-03/site-photo-size-(54).jpg" alt=""></a><br /><p>नयी दिल्ली। दिल्ली पुलिस ने अभिनेता एवं फिल्म निर्माता सतीश कौशिक की मौत में अपने पति की भूमिका का आरोप लगाते हुए एक महिला द्वारा पुलिस को पत्र लिखे जाने के बाद दिल्ली पुलिस ने उनकी (कौशिक) मौत के बाद जांच शुरू कर दी है। सूत्रों ने कहा कि सतीश कौशिक की मौत के मामले में महिला के आरोपों को लेकर निरीक्षक स्तर का एक अधिकारी महिला का बयान दर्ज करेगा। दिल्ली के एक व्यवसायी की पत्नी ने दिल्ली पुलिस आयुक्त को पत्र लिखकर कौशिक की मौत में अपने पति की भूमिका का आरोप लगाया और कहा कि उसके पति ने कौशिक से 15 करोड़ रुपये लिए थे। महिला ने पत्र में दावा किया है कि अभिनेता अपना पैसा वापस चाहता था और उनके बीच इस पर बहस हुई। महिला के पति ने पैसे वापस करने का वादा किया था।</p>
<p>पुलिस ने पहले कहा था कि स्थानीय पुलिस कौशिक के परिवार के संपर्क में है। पुलिस आपराधिक प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 174 के तहत इस मामले की जांच कर रही है। पुलिस ने पहले कहा था कि स्थानीय पुलिस कौशिक के परिवार के संपर्क में है। सीआरपीसी की धारा 174 के तहत पुलिस की कार्यवाही जारी है। पुलिस ने कहा था उनके साथ गए सभी गवाहों की जांच की गई और उनके बयान दर्ज किए गए। मौके से सीसीटीवी फुटेज जब्त कर जांच की जा रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>मूवी-मस्ती</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 13 Mar 2023 14:29:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>11 करोड़ रुपए के सिक्कों के गबन मामले की सीबीआई जांच की राज्य सरकार ने दी सहमति</title>
                                    <description><![CDATA[यहां स्थित एसबीआई शाखा में गत वर्ष हुए 11 करोड़ रुपए के सिक्कों के गबन मामले की सीबीआई जांच की राज्य सरकार ने सहमति दे दी है। हालांकि एसबीआई की याचिका पर हाईकोर्ट ने 18 अप्रेल को ही जांच कराने के आदेश दे दिए थे लेकिन राज्य सरकार की मंजूरी के बिना यह जांच अटकी हुई थी।  ऐसे में गृह विभाग ने सीबीआई जांच की सहमति जारी कर दी है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/dausa/state-government-consents-to-cbi-probe-into-embezzlement-of-coins-worth-rs-11-crore/article-12914"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/sbi.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मेहंदीपुर बालाजी।</strong> यहां स्थित एसबीआई शाखा में गत वर्ष हुए 11 करोड़ रुपए के सिक्कों के गबन मामले की सीबीआई जांच की राज्य सरकार ने सहमति दे दी है। हालांकि एसबीआई की याचिका पर हाईकोर्ट ने 18 अप्रेल को ही जांच कराने के आदेश दे दिए थे लेकिन राज्य सरकार की मंजूरी के बिना यह जांच अटकी हुई थी। ऐसे में गृह विभाग ने सीबीआई जांच की सहमति जारी कर दी है। गृह विभाग ने बैंक के तत्कालीन सहायक प्रबंधक अर्जुन लाल मीणा व दलाल धर्मेंद्र ग्यानानी उर्फ दीपक के खिलाफ  जांच को मंजूरी दे दी है।अब सीबीआई जांच शुरू होने से गबन का राज खुलने के साथ ही बैंक के ही कई बड़े अधिकारियों के चेहरे से बेनकाब होंगे।</p>
<p><span style="background-color:#ffffff;color:#ff0000;"><strong>चालीस लोग जांच एजेंसी के घेरे में</strong>: </span>मेहंदीपुर बालाजी मंदिर में दर्शनों के लिए आने वाले श्रद्धालुओं की ओर से चढ़ावे में दिए जाने वाले सिक्कों को मंदिर प्रबंधन की ओर से एसबीआई शाखा में जमा कराया जाता था। बड़ी तादात में सिक्के एकत्रित होने पर बैंक प्रबंधन ने उनकी गिनती के लिए एक निजी फर्म को टेंडर दिया।  बैंक रिकॉर्ड में 13 करोड़ 62 लाख 11 हजार 275 रुपए के सिक्के जमा थे। बैंक अधिकारियों को गबन का पता तब चला जब बैंक प्रबंधन ने सिक्कोे की गिनती के लिए एक निजी फर्म को टेंडर दिया। इस एजेंसी को गिनती में मात्र एक करोड़ 39 लाख 60 हजार के सिक्के मिले।</p>
<p>इस संबंध में तत्कालीन बैंक मैनेजर हरगोविंद मीणा ने करौली एसपी को शिकायत भेजकर कार्यवाही की मांग की। साथ ही टोडाभीम थाने में दर्ज एफआईआर में प्रबंधक ने पिछले 5 साल में बैंक में कार्यरत रहे कर्मचारियों की जांच कराने की मांग की थी लेकिन राज्य सरकार की सहमति के अभाव में जांच अटकी हुई थी। गौरतलब है कि हाईकोर्ट के आदेश में 11 करोड़ रुपए के सिक्के गायब होने के मामले की जांच सीबीआई को सौंपी जाने के बाद 20 अप्रेल को सीबीआई के एसपी अशोक कुमार के नेतृत्व में सीबीआई टीम ने मेहंदीपुर बालाजी स्थित बैंक ब्रांच पहुंचकर प्रारंभिक जानकारी ली थी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दौसा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 24 Jun 2022 15:49:16 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
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                <title>हीरो मोटोकॉर्प पर आई-टी सर्च ऑपरेशन पड़ताल: हीरो मोटोकॉर्प ने 7% टैंक शेयर किया,  जिसमें 1,000 करोड़ रुपये के फर्जी खर्च का खुलासा </title>
                                    <description><![CDATA[कंपनी ने दिल्ली में एक फार्महाउस के लिए 1,000 करोड़ रुपये से अधिक का फर्जी खर्च और 100 करोड़ रुपये से अधिक का नकद लेनदेन किया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/it-search-operation-probe-on-hero-motocorp--hero-motocorp-shares-7--tank--exposes-fraudulent-expenditure-of-rs-1-000-crore/article-6958"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/hero1.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। हीरो मोटोकॉर्प के शेयरों में मंगलवार को 8 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई, जब मीडिया रिपोर्टों में कहा गया कि आयकर विभाग ने पाया है कि कंपनी ने दिल्ली में एक फार्महाउस के लिए 1,000 करोड़ रुपये से अधिक का फर्जी खर्च और 100 करोड़ रुपये से अधिक का नकद लेनदेन किया है।</p>
<p>बीएसई पर शेयर 7 फीसदी की गिरावट के साथ 2,208.35 रुपये पर बंद हुआ। इसने दिन के निचले स्तर 2,155 रुपये को छुआ और 52 सप्ताह के निचले स्तर 2,148 रुपये से बहुत दूर था।<br /><br /> एलकेपी सिक्योरिटीज के वरिष्ठ अनुसंधान विश्लेषक अश्विन पाटिल ने कहा कि एक कमजोर दृष्टिकोण के कारण और महामारी शुरू होने के बाद से दोपहिया वाहनों की अधिग्रहण लागत में गिरावट के बावजूद, लंबी अवधि में स्टॉक हमारे लिए बहुत आकर्षक नहीं लग रहा है, मुख्य रूप से इसकी मात्रा पर दबाव और ईंधन की लागत में वृद्धि, शहरी और ग्रामीण दोनों बाजारों में धीमी रिकवरी और 25-30% की बढ़ोतरी को देखते हुए। पाटिल ने कहा कि स्टॉक में आज दिखाई गई घुटने की प्रतिक्रिया में कल कुछ सुधार हो सकता है, बशर्ते प्रबंधन सड़क पर संतोषजनक स्पष्टीकरण दे।<br /><br />उल्लेखनिय है कि आयकर विभाग ने 23 मार्च को हीरो मोटोकॉर्प और उसके अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक पवन मुंजाल पर दिल्ली एनसीआर में कई स्थानों पर तलाशी और जब्ती अभियान चलाया था, जो 26 मार्च को समाप्त हुआ था। तलाशी अभियान में दिल्ली एनसीआर के विभिन्न स्थानों में फैले 40 से अधिक परिसर शामिल थे। <br /><br />सूत्रों के अनुसार तलाशी अभियान के दौरान बड़ी संख्या में आपत्तिजनक सबूत हार्ड कॉपी दस्तावेजों और डिजिटल डेटा के रूप में जब्त किए गए हैं। इन सबूतों से पता चला कि समूह ने फर्जी खरीदारी की थी, भारी मात्रा में बेहिसाब नकद खर्च किया था और आवास प्रविष्टियां प्राप्त की थीं, जो कुल मिलाकर 1000 करोड़ रुपये से अधिक थी। विभाग को दिल्ली के छतरपुर में एक फार्महाउस की खरीद में 100 करोड़ रुपये से अधिक के नकद लेनदेन के सबूत भी मिले।<br /><br />सू्त्रों के अनुसार मुंजाल ने छतरपुर में एक फार्महाउस खरीदा जहां टैक्स बचाने के लिए फार्म हाउस के बाजार मूल्य में हेरफेर किया गया और काले धन का इस्तेमाल 100 करोड़ रुपये से अधिक नकद भुगतान करने के लिए किया गया जो कि आईटी अधिनियम की धारा 269एसएस का उल्लंघन है। आयकर अधिनियम की धारा 269SS के अनुसार, अचल संपत्ति का लेन-देन करते समय, 100 प्रतिशत जुर्माना लगाया जाएगा यदि विक्रेता ने खरीदार से 20,000 रुपये या उससे अधिक की राशि नकद में स्वीकार की है। आयकर विभाग ने पवन मुंजाल के साथ-साथ कंपनी के कुछ अधिकारियों के ठिकानों पर भी छापेमारी की है। मुंजाल के खिलाफ आरोप है कि उन्होंने अपने खातों में बोगस खर्च दिखाए हैं। आईटी की टीम को जो संदेहास्पद खर्च मिले हैं, उसमें कुछ इनहाउस कंपनियों के भी हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 29 Mar 2022 18:35:57 +0530</pubDate>
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                <title>विपक्ष ने की नागालैंड की घटना पर उचित मुआवजे की मांग : संसद में गृहमंत्री का बयान, शाह ने जताया दुख, SIT से जांच के आदेश</title>
                                    <description><![CDATA[SIT 1 महिने में देगी मामले पर रिपोर्ट]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%AA%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B7-%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%A8%E0%A4%BE%E0%A4%97%E0%A4%BE%E0%A4%B2%E0%A5%88%E0%A4%82%E0%A4%A1-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%98%E0%A4%9F%E0%A4%A8%E0%A4%BE-%E0%A4%AA%E0%A4%B0-%E0%A4%89%E0%A4%9A%E0%A4%BF%E0%A4%A4-%E0%A4%AE%E0%A5%81%E0%A4%86%E0%A4%B5%E0%A4%9C%E0%A5%87-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%97---%E0%A4%B8%E0%A4%82%E0%A4%B8%E0%A4%A6-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%97%E0%A5%83%E0%A4%B9%E0%A4%AE%E0%A4%82%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%AC%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%A8--%E0%A4%B6%E0%A4%BE%E0%A4%B9-%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%9C%E0%A4%A4%E0%A4%BE%E0%A4%AF%E0%A4%BE-%E0%A4%A6%E0%A5%81%E0%A4%96--sit-%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%9C%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%9A-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%86%E0%A4%A6%E0%A5%87%E0%A4%B6/article-2971"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-12/amit-shah_nagaland.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली।  कांग्रेस समेत विपक्षी दलों ने लोकसभा में सोमवार को शून्यकाल शुरू होने से पहले नागालैंड की घटना को दुखद करार देते हुए पीड़ित परिवारों को समुचित मुआवजा देने और जांच की अपील के साथ गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से सदन में इस मुद्दे पर विस्तृत बयान देने की मांग की।  <br /> <br /> नागालैंड की राष्ट्रवादी लोकतांत्रिक प्रगतिशील पार्टी (एनडीपीपी) के तोखेहो येपथोमी में नागालैंड की घटना पर दु:ख जताते हुए कहा उचित मुआवजा देने की माँग की। उन्होंने कहा कि इस मामले में जांच की जाय तथा दोषियों को सख्त सजा दी जाए। उन्होंने कहा कि सशत्र बल विशेष शक्तियां अधिनियम ( एएफएसपीए) सुरक्षा बालों को आम नागरिकों को मारने का अधिकार नहीं देता है।<br /> <br /> कांग्रेस के गौरव गोगोई ने कहा की चार और पांच दिसम्बर को जो घटना हुई है वह नागालैंड और पूर्वोत्तर राज्यों के लिए काला दिन है। उन्होंने इस घटना की ङ्क्षनदा करते हुए इलाक़े में शांति क़ायम करने की अपील की। वहां जिस प्रकार आम नागरिकों की हत्या की गई वह खुफिया तंत्र की विफलता है। पूर्वोत्तर राज्यों लगातार क़ानून व्यवस्था में गिरावट आ रही है। इस मामले में गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ ङ्क्षसह को सदन में वक्तव्य देना चाहिए।<br /> <br /> द्रमुक नेता टी आर बालू ने कहा कि नागालैंड की घटना को निंदनीय करार देते हुए कहा की इसकी जांच होनी चाहिए था यह सुनिश्चित हो कि ऐसी घटना दोबारा ना हो। तृणमूल कांग्रेस के नेता सुदीप बंदोपाध्याय ने नागालैंड ने जो हुआ वह बहुत गम्भीर है। इसने देश को झकझोर कर रख दिया है। उन्होंने मारे के लोगों के परिजनों को अधिकतम मुआवजा देने की मांग की।<br /> <br /> शिव सेना के विनायक रावत ने कहा कि शनिवार को नागालैंड में जिस तरह की घटना हुई है वह बहुत दुखद है। आखिर खुफिया विभाग को ऐसी ग़लत जानकारी कैसे मिली जिससे यह दुखद घटना हुई। उन्होंने पीड़ति के परिवार को 25-25 लाख मुआवजा देने की मांग की।<br /> <br /> जदयू के राजीव रंजन ने कहा कि पूर्वोत्तर राज्यों में जब शांति की पहल की जा रही है ऐसे में इस प्रकार की घटना बहुत दुखद है। गलत पहचान की वजह से आम लोगों के मारे जाने से लोगों में अविश्वास पैदा होगा। इस मामले में गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ ङ्क्षसह को सदन में वक्तव्य देना चाहिए। एनसीपी की सुप्रिया सुले ने इस मामले में गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को सदन में वक्तव्य देने का आग्रह करते हुए प्रत्येक पीड़ति के परिजन को 60 लाख मुआवजा देने की मांग की।<br /> <br /> इसी प्रकार वाईएसआर कांग्रेस के मिथुन रेड्डी, बसपा के रीतेश पाठक, कांग्रेस के प्रद्युत बारदोली, एआईएमआईएम  के असदउद्दीन ओवैसी और ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट के बदरूद्दीन अजमल ने भी इस घटना को दुखद करार दिया और मुआवजे की मांग की।<br /> <br /> <strong>संसद में नागालैंड फायरिंग के मामले पर गृहमंत्री का  बयान, अमित शाह ने जताया दुख, SIT 1 महिने में देगी मामले पर रिपोर्ट</strong><br /> गृहमंत्री अमित शाह ने नागालैंड में स्थिति तनावपूर्ण लेकिन नियंंत्रण में बताते हुए सोमावार को इस घटना पर खेद जताया और कहा कि उनकी सरकार इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना में मारे गये लोगों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करती है। शाह ने सोमवार को लोकसभा में इस बारे में वक्तव्य देते हुए कहा कि सरकार वहां हालात नियंत्रित कर माहौल को शांत करने का प्रयास कर रही है और इसके लिए वह खुद बराबर राज्य सरकार के संपर्क में हैं। केंद्र सरकार के पूर्वोत्तर मामलों के वरिष्ठ अधिकारी को घटना स्थल पर भेजा गया है। इसके साथ ही इस घटना की जांच के आदेश दिये गये हैं और एक माह में रिपोर्ट देने को कहा गया है। घटना के बारे में विस्तृत विवरण देते हुए उन्होंने कहा कि सेना को एक वाहन से उग्रवादियों की गतिविधि की सूचना मिली थी इसलिए उसके कमांडो संदिग्ध जगह पर पहुंचे और वाहनों की चेङ्क्षकग करने लगे। वहां से गुजर रहे एक वाहन को जब रुकने का इशारा किया गया तो वाहन को रोकने की बजाय चालक उसे भगाने की कोशिश करने लगा।<br /> <br /> उन्होंने कहा कि इस वाहन में उग्रवादियों के होने के संदेह के कारण सुरक्षा बल के जवानों ने वाहन पर गोलीबारी शुरू कर दी। इस वाहन में आठ लोग सवार थे। गोलाबारी की घटना में आठ में से दो लोग घायह हो गये। बाद में वाहन में उग्रवादियों के होने की आशंका गलत पाई गई तो सेना के जवानों ने घायल लोगों को अस्पताल में पहुंचाया और उनका इलाज कराना शुरु किया। गृहमंत्री ने कहा कि घटना की सूचना मिलते ही कुछ स्थानीय लोग वहां एकत्र हो गये और सुरक्षा बल के वाहनों को क्षति पहुंचाने लगे। उन्होंने वहां आगजनी भी की और जवानों पर हमले किये जिसमें कई जवानों घायल हो गये। सुरक्षा बल के जवानों ने अपने बचाव में तथा भीड़ को तितर बितर करने के लिए गोली चलाई जिसमें सात और नागरिकों की मृत्यु हो गई तथा कुछ अन्य घायल हो गये।<br /> <br /> उन्होंने बताया कि राज्य के पुलिस महानिदेशक तथा आयुक्त ने घटना स्थल का दौरा किया। घटना को लेकर प्राथमिकी भी दर्ज कर दी गई। इसकी जांच के लिए एक विशेष जांच दल-एसआईटी का गठन किया गया है और उसे एक माह में रिपोर्ट देने को कहा गया है। शाह ने कहा कि उपरोक्त घटना के बाद रविवार को मोन शहर में असम राइफल के कार्यालय में एक भीड़ ने तोडफ़ोड की और आग लगाई जिसके जवाब में जवानों को गोली चलानी पडी जिसमें एक और व्यक्ति की मृत्यु हो गई तथा एक  अन्य घायल हो गया। गृहमंत्री ने कहा कि सेना ने एक वक्तव्य में इस घटना में निर्दोष नागरिकों की मृत्यु पर गहरा दुख व्यक्त किया है और कहा है कि इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिये हैं।<br /> <br />  शाह ने कहा कि वह खुद घटना को लेकर प्रदेश सरकार के संपर्क में है और उन्होंने राज्यपाल तथा मुख्यमंत्री से बात की है। गृहमंत्रालय ने भी राज्य के मुख्य सचिव तथा पुलिस महानिदेशक से बात की है। गृहमंत्रालय ने राज्य के पूर्वोत्तर मामलों के अपर सचिव को कोहिमा भेजा है जहां उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की और सामान्य स्थिति बहाल करने पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि नागालैंड की स्थिति पर नजर रखी जा रही है और शांति तथा सौहार्द बनाए रखने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा ''केंद्र सरकार ने इस घटना पर खेद व्यक्त करती है और मृतकों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करती है।'' इससे पहले सुबह प्रश्नकाल के दौरान लोकसभा में विपक्ष के सदस्यों ने यह मामला उठाया और गृहमंत्री से इस संबंध में वक्तव्य देने की मांग की थी।<br /> <br /> <br /> <strong>नागालैंड गोलीबारी की घटना में मृतकों की संख्या बढ़कर 15 हुई</strong><br />  नागालैंड में मोन जिले के ओटिंग में शनिवार को हुयी गोलीबारी में मृतकों की संख्या बढ़कर 15 हो गयी है। ओटिंग में शनिवार की घटना के बाद स्थिति काफी तनावपूर्ण बनी हुयी है। इस घटना में दो और लोगों की मौत हो गयी, जिसमें एक सुरक्षाकर्मी भी शामिल है।  रक्षा विभाग ने बताया कि विद्रोहियों के संभावित आंदोलन की विश्वस्त खुफिया जानकारी के आधार पर यह अभियान चलाया गया था। नागालैंड में मोन के तिरु में एक विशेष ऑपरेशन चलाने की योजना थी। उन्होंने कहा कि इस घटना के परिणाम पर खेद है। इस घटना की उच्च स्तरीय जांच की जा रही है, जांच के बाद कार्रवाई की जायेगी। उन्होंने जानकारी दी कि इस घटना में सुरक्षा बल भी गंभीर रूप से जख्मी हैं जिनमें एक सैनिक की मौत हुयी है। <br /> <br /> इस घटना के बाद गुस्साये लोगों ने मोन शहर में इकट्ठा होकर भीड़ ने असम राइफल्स के शिविर पर हमला कर दिया, जिसमें शिविर के कुछ हिस्से क्षतिग्रस्त हो गया, जिसके बाद असम राइफल्स ने अपनी सुरक्षा के लिये गोलीबारी की, जिसमें एक नागरिक की मौत हो गयी और कई लोग घायल बताये जा रहे हैं। इस दौरान इलाके में धारा 144 लागू कर दी गयी है। जिला प्रशासन सभी गतिविधियों पर नजर रख रही है और लोगों से शांति बनाये रखने की अपील की है। राज्य प्राधिकरण ने एहतियात के तौर पर राज्य में इंटरनेट सेवाओं पर प्रतिबंध लगा दिया है।</p>]]></content:encoded>
                
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                <pubDate>Mon, 06 Dec 2021 18:17:58 +0530</pubDate>
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                <title>पेगासस जासूसी: SC ने केंद्र को लगाई फटकार: साइबर और फॉरेंसिक विशेषज्ञों से जांच के आदेश</title>
                                    <description><![CDATA[कमेटी अगले आठ सप्ताह के अंदर अपनी अंतरिम रिपोर्ट देगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/61790567936d6/article-1926"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-10/suprim-court1.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली।  उच्चतम न्यायालय ने पेगासस जासूसी मामले में बुधवार को केंद्र सरकार को फटकार लगाते हुए पूरे मामले की जांच के लिए एक कमेटी गठित कर जांच कराने के आदेश दिए हैं। मुख्य न्यायाधीश एन वी रमन और न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति हिमा कोहली की पीठ ने उच्चतम न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति आर. वी. रविद्रन, पूर्व भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारी आलोक जोशी तथा डॉ संदीप ओबरॉय की अगुवाई में साइबर एवं फॉरेंसिक विशेषज्ञों की तीन सदस्यों वाली एक टेक्निकल कमेटी से जांच कराने का आदेश दिया है।  आलोश जोशी 1976 बैच के आईपीएस अधिकारी है। डॉ. ओबरॉय चेयरमैन सब कमेटी  (इंटरनेशनल ऑर्गेनाइजेशन ऑफ स्टैंडरडाइजेशन/ इंटरनेशनल इलेक्ट्रो-टेक्निकल कमिशन/ जॉंइट टेक्निकल) हैं। यह कमेटी अगले आठ सप्ताह के अंदर अपनी अंतरिम रिपोर्ट देगी। पीठ ने कहा है कि टेक्निकल कमेटी के सदस्य के तौर पर आईआईटी बाम्बे के प्रोफेसर डॉ अश्विनी अनिल के अलावा विशेषज्ञ डॉक्टर नवीन कुमार चौधरी और डॉक्टर प्रबाहरण पी. सदस्य होंगे। डॉक्टर चौधरी, (साइबर सिक्योरिटी एंड डिजिटल फॉरेसिक्स), डीन- नेशनल फॉरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी, गांधीनगर गुजरात), डॉक्टर प्रबाहरण पी., प्रोफेसर (स्कूल ऑफ इंजीनियङ्क्षरग) अमृत विश्व विद्या पीठम, अमृतपुरी, केरल और डॉ अश्विनी अनिल गुमस्ते, इंस्टिट्यूट चेयर एसोसिएट प्रोफेसर (कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियङ्क्षरग) इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी मुंबई से हैं।<br /> <br /> उच्चतम न्यायालय ने कहा  है कि नागरिकों के निजता के अधिकार का हनन नहीं किया जा सकता। उनकी स्वतंत्रता को बरकरार रखने की जरूरत है।  शीर्ष अदालत इस मामले में आठ सप्ताह बाद सुनवाई करेगी। इस बीच कमेटी को अंतरिम रिपोर्ट देने का निर्देश दिया गया है। शीर्ष अदालत ने पेगासस जासूसी मामले में विभिन्न जनहित याचिकाओं की सुनवाई पूरी करने के बाद 13 सितंबर को अपना फैसला सुरक्षित रखा था। यह मामला इजरायल की एक निजी कंपनी के स्पाइवेयर सॉफ्टवेयर से  भारत के प्रमुख पत्रकारों, वकीलों, कई विपक्षी दलों के नेताओं के फोन के माध्यम से कथित तौर पर उसकी जासूसी करने से जुड़ा हुआ है। याचिका में आरोप लगाया गये गए हैं कि अवैध तरीके से लोगों की बातचीत एवं अन्य जानकारी ली गई है। जो उनकी निजता के अधिकार का उल्लंघन है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 27 Oct 2021 14:28:30 +0530</pubDate>
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