<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/war-zone/tag-75085" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title>War Zone - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/75085/rss</link>
                <description>War Zone RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>डोनाल्ड ट्रंप के 'पाषाण युग' धमकी के बाद ईरानी आर्मी चीफ का ऐलान: अगर अमेरिका ने जमीनी हमला किया तो कोई जिंदा नहीं बचेगा</title>
                                    <description><![CDATA[ईरान ने अमेरिकी जमीनी हमले की स्थिति में "कोई जीवित नहीं बचेगा" की भयानक चेतावनी दी है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सैन्य अभियान को तेज करने के संकल्प के बीच खाड़ी क्षेत्र में तनाव चरम पर है। मिसाइल हमलों और भारी मौतों के साथ, पश्चिम एशिया एक निर्णायक और विनाशकारी मोड़ की ओर बढ़ रहा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/after-donald-trumps-stone-age-threat-iranian-army-chief-announces/article-148897"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/iran-army-chief.png" alt=""></a><br /><p>तेहरान। अमेरिका-इज़रायल के हमलों के 34वें दिन ईरान ने संभावित जमीनी अभियान को लेकर कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि अमेरिकी सेना ने जमीनी हमला करने की कोशिश की तो कोई भी जीवित नहीं बचेगा। ईरान की सेना ने अमेरिकी जमीनी हमले की आशंका के मद्देनज़र अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। सशस्त्र बलों के प्रमुख आमिर हतामी ने सैन्य मुख्यालयों को अमेरिका और इज़रायल की गतिविधियों पर "पल-पल नजर" रखने के निर्देश दिए हैं।</p>
<p>सरकारी समाचार एजेंसी इरना द्वारा जारी वीडियो में हतामी ने कहा कि यदि दुश्मन जमीनी कार्रवाई करता है तो "एक भी व्यक्ति को जीवित नहीं बचना चाहिए।" यह बयान उस समय आया है जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ तीन से चार सप्ताह तक चलने वाले तीव्र सैन्य अभियान की घोषणा की है और दावा किया है कि अमेरिका ईरान की सैन्य क्षमता को काफी हद तक नष्ट कर चुका है। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान ने युद्धविराम की मांग की है, जिसे तेहरान ने तुरंत खारिज कर दिया।</p>
<p>ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने कहा कि ईरान की जनता का अमेरिका, यूरोप या पड़ोसी देशों से कोई बैर नहीं है और अमेरिकी नागरिकों से अपील की कि वे युद्ध जारी रखने के पीछे ट्रंप के उद्देश्यों पर सवाल उठाएं। वहीं विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि अमेरिका से संदेश मिलने के बावजूद बातचीत को लेकर भरोसा "शून्य" बना हुआ है। इस बीच, पूर्व विदेश मंत्री कमाल खर्राज़ी तेहरान स्थित अपने आवास पर हुए हमले में गंभीर रूप से घायल हो गए, जिसमें उनकी पत्नी की मौत हो गयी। बताया जा रहा है कि वह अमेरिका के साथ पाकिस्तान बैक-चैनल वार्ता की कोशिशों में शामिल थे।</p>
<p>खाड़ी क्षेत्र में भी तनाव बढ़ गया है। संयुक्त अरब अमीरात ने ईरान द्वारा दागी जा रही मिसाइलों और ड्रोन को मार गिराने की बात कही है, जबकि कतर के दोहा तट के पास एक टैंकर पर हमले में नुकसान हुआ, हालांकि कोई हताहत नहीं हुआ। इज़रायल में भी ईरान की ओर से दागी गई मिसाइलों को रोके जाने की खबर है, जबकि तेल अवीव के पास 11 वर्षीय बच्ची सहित 14 लोग घायल हुए हैं। इज़रायल के प्रधानमंत्री बेंजमिन नेतन्याहू के आकलन के अनुरूप श्री ट्रंप द्वारा दिए गए समय संकेतों से यह संभावना जताई जा रही है कि संघर्ष आने वाले हफ्तों में निर्णायक मोड़ पर पहुंच सकता है।</p>
<p>वहीं, क्षेत्रीय तनाव के बीच लेबनान और इराक में भी हमलों की खबरें हैं, जिनमें हिज्बुल्लाह के एक वरिष्ठ कमांडर सहित कई लोगों के मारे जाने की सूचना है। वैश्विक स्तर पर तेल की कीमतों में उछाल और युद्ध को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस संघर्ष को लेकर गंभीर चिंता जता रहा है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/after-donald-trumps-stone-age-threat-iranian-army-chief-announces/article-148897</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/after-donald-trumps-stone-age-threat-iranian-army-chief-announces/article-148897</guid>
                <pubDate>Thu, 02 Apr 2026 18:28:57 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-04/iran-army-chief.png"                         length="619807"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>यूनिसेफ की चेतावनी: लेबनान में सामूहिक विस्थापन; तीन हफ्ते में 3,70,000 बच्चों समेत 10 लाख लोग हुए बेघर, तत्काल युद्धविराम की अपील</title>
                                    <description><![CDATA[इजरायली पीएम नेतन्याहू ने दक्षिणी लेबनान में सैन्य अभियान बढ़ाने का निर्देश दिया है, जिससे युद्ध भीषण हो गया है। यूनिसेफ ने चेतावनी दी है कि 20% आबादी विस्थापित हो चुकी है, जिसमें 3.7 लाख बच्चे शामिल हैं। बमबारी से स्कूल और जल प्रणालियां ध्वस्त हैं, जिससे लाखों मासूम बेघर होकर गंभीर मनोवैज्ञानिक आघात और असुरक्षा झेल रहे हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/unicef-warns-of-mass-displacement-in-lebanon-1-million-people/article-148433"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/unicef.png" alt=""></a><br /><p>बेरूत। इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने एक ओर सेना को दक्षिणी लेबनान में आक्रमण का विस्तार करने का निर्देश दिया है, वहीं दूसरी ओर यूनिसेफ ने चेतावनी दी है कि लेबनान में तेजी से बढ़ते संघर्ष ने बड़ा मानवीय संकट पैदा कर दिया है। मात्र तीन हफ्तों के भीतर देश की लगभग 20 प्रतिशत आबादी विस्थापित हो गयी है। प्रभावित लोगों में 3,70,000 से अधिक बच्चे शामिल हैं। यूनिसेफ के अनुसार, हर दिन औसतन 19,000 बच्चे अपना घर छोड़ने को मजबूर हो रहे हैं।</p>
<p>इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने रविवार को नॉर्दर्न कमांड से जारी वीडियो संदेश में कहा है, "मैंने अभी मौजूदा सुरक्षा बफर जोन का और विस्तार करने का निर्देश दिया है। हम इजरायल के उत्तर की स्थिति को मौलिक रूप से बदलने के लिए प्रतिबद्ध हैं।" इसके साथ ही उन्होंने कब्जे वाले 'गाजा मॉडल' को दोहराने के अपने देश के घोषित प्रयास को आगे बढ़ाया। यूनिसेफ के अधिकारियों का कहना है कि विस्थापन की गति और पैमाना हाल के वर्षों में अभूतपूर्व है। पूरे देश में 10 लाख से अधिक लोग अपने घरों से भागने को मजबूर हुए हैं। इनमें से कई दूसरी, तीसरी या चौथी बार विस्थापित हुए हैं। सहायता समूहों ने इस स्थिति को बेहद अराजक और अस्थिर करने वाला बताया है।</p>
<p>मानवीय सहायता कर्मियों ने बच्चों तक पहुंचने में गंभीर चुनौतियों की सूचना दी है, विशेष रूप से दक्षिणी लेबनान में, जहां लगातार हो रही बमबारी ने महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचाया है। हवाई हमलों ने पुलों और सड़कों को नष्ट कर दिया है, जिससे पूरी की पूरी बस्तियां अलग-थलग पड़ गयी हैं और वहां तक पहुंचना कठिन हो गया है। यूनिसेफ के एक प्रतिनिधि ने बार-बार होने वाले हमलों के बाद बिगड़ते हालात का उल्लेख करते हुए कहा, "ऐसे बच्चे भी हैं, जो उन समुदायों में फंसे हुए हैं, जहां पहुंचना बहुत कठिन है।"</p>
<p>यह संकट न केवल शारीरिक है, बल्कि गहरा मनोवैज्ञानिक भी है। कई बच्चे पिछले संघर्षों के सदमे को दोबारा जी रहे हैं। सहायता कर्मियों ने चेतावनी दी है कि बार-बार विस्थापन और हिंसा के संपर्क में आने से बच्चों को दीर्घकालिक भावनात्मक क्षति हो रही है। बेरूत में एक आश्रय स्थल में शरण लेने वाली 11 वर्षीय ज़ैनब ने अपना अनुभव साझा किया। 18 महीने पहले भी उसी स्कूल में शरण लेने के बाद वह एक बार फिर खुद को अजनबियों से घिरा हुआ पाती है और रात में गोलाबारी की आवाज़ें सुनती है। उसने कहा कि उसकी इच्छा बहुत साधारण है- अपने घर लौटना और अपना सामान्य जीवन व शिक्षा दोबारा शुरू करना।</p>
<p>वर्तमान में 1,35,000 से अधिक विस्थापित लोग 660 से अधिक सामूहिक आश्रय स्थलों में रह रहे हैं, जिनमें बड़ी संख्या बच्चों की है। हालात लगातार तनावपूर्ण होते जा रहे हैं, क्योंकि कई परिवार अधूरे बने ढांचों, सार्वजनिक स्थानों और यहां तक कि वाहनों में भी शरण ले रहे हैं। वर्षों के आर्थिक संकट से पहले ही जर्जर हो चुके लेबनान का बुनियादी ढांचा अब ढहने की कगार पर है। बेका और बालबेक जैसे क्षेत्रों में बमबारी ने जल प्रणालियों को नष्ट कर दिया है, जिससे हजारों लोग सुरक्षित पेयजल से वंचित हो गये हैं। शिक्षा भी बुरी तरह बाधित हुई है। लगभग 435 सरकारी स्कूलों का उपयोग अब आश्रय स्थलों के रूप में किया जा रहा है, जिससे 1,15,000 से अधिक छात्रों की पढ़ाई रुक गयी है।</p>
<p>मानवीय क्षति का आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है। संघर्ष बढ़ने के बाद से कम से कम 121 बच्चे मारे गये हैं और 395 घायल हुए हैं। जीवित बचे लोग अक्सर केवल अपने पहने कपड़ों के साथ भाग रहे हैं और उन्हें अक्सर कुछ ही दिनों के भीतर कई बार विस्थापित होना पड़ रहा है। अस्पतालों, स्कूलों और स्वच्छता प्रणालियों सहित आवश्यक बुनियादी ढांचे को बार-बार क्षति पहुंचायी गयी है या नष्ट कर दिया गया है, जिससे राहत प्रयासों में और भी मुश्किलें आ रही हैं। इन चुनौतियों के बावजूद यूनिसेफ और उसके सहयोगी आपातकालीन सहायता प्रदान करने के लिए काम कर रहे हैं। हाल के हफ्तों में, सहायता टीमों ने 1,67,000 से अधिक विस्थापित लोगों तक आवश्यक सामग्री पहुंचायी है। 140 टन से अधिक चिकित्सा सहायता प्रदान की गयी है और 40 मोबाइल स्वास्थ्य इकाइयां तैनात की गयी हैं।</p>
<p>लगभग 190 आश्रय स्थलों में आपातकालीन जल और स्वच्छता सेवाएं प्रदान की जा रही हैं, जबकि ऑनलाइन शिक्षा और अस्थायी शिक्षण केंद्र स्थापित करने के प्रयास जारी हैं। लगातार हो रहे हमलों और पहुंच पर प्रतिबंधों के कारण मानवीय अभियान गंभीर रूप से सीमित हो रहे हैं। पैरामेडिक्स सहित सहायता कर्मी भी हमलों की चपेट में आये हैं और कई प्रभावित क्षेत्र अब भी पहुंच से बाहर हैं। यूनिसेफ ने निर्बाध मानवीय पहुंच और तत्काल युद्धविराम के लिए अपील जारी की है। संगठन ने स्कूलों, अस्पतालों और जल प्रणालियों सहित नागरिक बुनियादी ढांचे पर हमलों को रोकने का भी आह्वान किया है। एजेंसी ने चेतावनी देते हुए कहा, "बच्चे इस संघर्ष की सबसे भारी कीमत चुका रहे हैं। उन्हें भागना बंद करने और एक बच्चे की तरह सामान्य जीवन जीने की ज़रूरत है।"</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/unicef-warns-of-mass-displacement-in-lebanon-1-million-people/article-148433</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/unicef-warns-of-mass-displacement-in-lebanon-1-million-people/article-148433</guid>
                <pubDate>Mon, 30 Mar 2026 17:26:35 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-03/unicef.png"                         length="172635"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>इजरायली एयरस्ट्राइक: तेहरान में सैन्य ठिकानों पर हुए नए हमले, अमेरिका ने 10 दिनों के लिए किया सीज़फायर</title>
                                    <description><![CDATA[IDF ने घोषणा की है कि वह ईरानी शासन के सैन्य बुनियादी ढांचे को निशाना बनाकर तेहरान पर नए हमले कर रहा है। 28 फरवरी के हमलों के बाद जारी यह जवाबी संघर्ष अब और तेज हो गया है। पूरे क्षेत्र में भारी क्षति और हताहतों की खबरों के बीच पश्चिम एशिया में तनाव चरम पर है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/idf-claims-new-attacks-on-military-targets-in-tehran-retaliatory/article-148378"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/war1.png" alt=""></a><br /><p>यरूशलेम। इजरायली रक्षा बलों (आईडीएफ) ने कहा है कि वह तेहरान पर लक्ष्य साधकर उसके सैन्य ठिकानों पर नये हमले कर रहा है।आईडीएफ ने टेलीग्राम पर कहा, "इजरायली रक्षा बल वर्तमान में पूरे तेहरान ईरानी आतंकी शासन के बुनियादी सैन्य ढांचों पर हमले कर रहा है।"</p>
<p>गौरतलब है कि, अमेरिका-इजरायल ने 28 फरवरी को तेहरान सहित ईरान में कई ठिकानों पर हमले किए थे, जिससे भारी क्षति हुई और नागरिक हताहत हुए। इसके बाद ईरान ने इजरायली क्षेत्र के साथ-साथ पश्चिम एशिया में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर जवाबी हमले किये</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/idf-claims-new-attacks-on-military-targets-in-tehran-retaliatory/article-148378</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/idf-claims-new-attacks-on-military-targets-in-tehran-retaliatory/article-148378</guid>
                <pubDate>Mon, 30 Mar 2026 11:36:47 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-03/war1.png"                         length="820526"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पश्चिम एशिया संकट के बीच एयर इंडिया और इंडिगो का बड़ा फैसला: आज से शुरू होगी उड़ानें, यहां देखें पूरा शेड्यूल </title>
                                    <description><![CDATA[पश्चिम एशिया में जारी युद्ध और तनाव के बीच, 19 मार्च को एयर इंडिया और इंडिगो 74 उड़ानें संचालित कर रही हैं। दुबई हवाई अड्डा खुलने के बाद, जेद्दा, रियाद, मस्कट और शारजाह से भारतीयों की सुरक्षित वापसी और कनेक्टिविटी सुनिश्चित की जा रही है। युद्ध प्रभावित क्षेत्रों में हवाई यातायात चुनौतियों के बावजूद यह बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/big-decision-of-air-india-and-indigo-amid-west-asia/article-147023"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/air-india-and-indigo.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। एयर इंडिया अपनी सहायक कंपनी एयर इंडिया एक्सप्रेस के साथ पश्चिम एशिया के लिए गुरुवार 19 मार्च को 48 और इंडिगो 26 उड़ानों का परिचालन करेगी। इनमें दुबई की उड़ानें भी शामिल हैं। दुबई में उड़ानें बंद रहने के बाद बुधवार अपराह्न चार बजे हवाई अड्डे को फिर से उड़ानों के लिए खोला गया है। </p>
<p>एयर इंडिया समूह ने बताया कि वह सऊदी अरब के जेद्दा से दिल्ली और मुंबई के लिए आज एक-एक नियमित उड़ानों का परिचालन करेगी जबकि रियाद से दिल्ली के लिए उसकी एक नियमित उड़ान उपलब्ध होगी। एयर इंडिया एक्सप्रेस जेद्दा से बेंगलुरु, हैदराबाद और कोझिकोड़ के लिए एक-एक नियमित उड़ानों का परिचालन करेगी। ओमान की राजधानी मस्कट से दिल्ली, कोझिकोड़ और मुंबई के लिए एयरलाइंस की एक-एक उड़ान होगी। </p>
<p>विशेष उड़ानों में एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस दिल्ली से दुबई के लिए एक-एक उड़ान चलायेगी। एयर इंडिया एक्सप्रेस की अबु धाबी से बेंगलुरु, दिल्ली, कोच्चि, कोझिकोड़ और मुंबई के लिए उड़ानों की योजना है। एयरलाइंस रस-अल-खैमा के लिए दिल्ली, कोच्चि, कोझिकोड़, लखनऊ और तिरुवनंतपुरम् से तथा शारजाह से मेंगलुरु और मुंबई के लिए विशेष उड़ानों का परिचालन करेगी। वह रियाद से कोझिकोड़ के बीच भी एक उड़ान का परिचालन कर रही है।</p>
<p>इंडिगो ने आज के लिए कुल 26 उड़ानों की योजना बनायी है। वह दुबई से मुंबई के बीच एक उड़ान का परिचालन करेगी। इसके अलावा अबु धाबी, मस्कट, जेद्दा और मदीना के लिए उसकी उड़ानें उपलब्ध होंगी। उल्लेखनीय है कि, ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच जारी युद्ध के कारण पश्चिम एशिया में स्थिति काफी गंभीर है और हवाई यातायात बुरी तरह प्रभावित है। कई देशों के हवाई क्षेत्र अब भी पूरी तरह बंद हैं, जबकि कई अन्य हवाई अड्डों से सीमित संख्या में उड़ानों का परिचालन किया जा रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/big-decision-of-air-india-and-indigo-amid-west-asia/article-147023</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/bharat/big-decision-of-air-india-and-indigo-amid-west-asia/article-147023</guid>
                <pubDate>Thu, 19 Mar 2026 14:31:25 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-03/air-india-and-indigo.png"                         length="621699"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        