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                <title>experts - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>रेयर डिजीज इंडिया फाउंडेशन की ओर से आयोजित सेमिनार में एक्सपर्ट्स ने दी जानकारी, देश की चार प्रतिशत आबादी किसी न किसी दुर्लभ बीमारी से ग्रसित</title>
                                    <description><![CDATA[इस समय दुनिया में हर साल चार लाख बच्चे नए म्यूटेशन के साथ पैदा हो रहे हैं। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/experts-gave-information-in-a-seminar-organized-by-rare-disease/article-105938"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-03/pze-(11).png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। इस समय दुनिया में हर साल चार लाख बच्चे नए म्यूटेशन के साथ पैदा हो रहे हैं। जागरूकता के अभाव के कारण हर साल जन्मजात विकार के साथ पैदा होने वाले 79 लाख बच्चों में से 50 प्रतिशत में विकार का सही कारण पता नहीं लग पाता। ऐसे में बच्चों में हमेशा के लिए अपंगता का खतरा कहीं अधिक बढ़ जाता है। </p>
<p>सिर्फ भारत देश की बात करें तो हमारी चार प्रतिशत आबादी किसी न किसी दुर्लभ बीमारी से ग्रसित है। रेयर डिजीज इंडिया फाउंडेशन की ओर से रेयर डिजीज डे के मौके पर जागरुकता बढ़ाने के लिए एक सेमिनार आयोजित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं जेके लोन हॉस्पिटल के अधीक्षक डॉ. कैलाश मीणा ने कहा कि दुर्लभ बीमारियों के इलाज को और बेहतर बनाने के लिए सरकार की ओर से पूरी सहायता दी जा रही है। राज्य सरकार ने सेंटर ऑफ  एक्सीलेंस की स्थापना के लिए 22 करोड़ रुपए और बाल संबल योजना के तहत 50 करोड़ रुपए का बजट स्वीकृत किया है। इससे दुर्लभ बीमारियों से पीड़ित बच्चों को उचित उपचार मिल सकेगा। नोडल सेंटर फॉर रेयर डिजीज जेके लोन हॉस्पिटल के इंचार्ज डॉ. प्रियांशु माथुर ने बताया कि देश में जन्मजात विकार नवजात बच्चों की मृत्यु का पांचवां सबसे बड़ा कारण है। इसकी सही पहचान के लिए हाई रिस्क स्क्रीनिंग, कोर फंक्शनल एनबीएस, हियरिंग स्क्रीनिंग, सीसीएचडी जैसे टेस्ट करवाने चाहिए। अस्पताल में हर गुरुवार को रेयर डिजीज क्लिनिक लगाया जाता हैए जहां दुर्लभ बीमारियों से ग्रसित बच्चों को समुचित उपचार दिया जाता है। रेयर डिजीज इंडिया फाउंडेशन के निदेशक डॉ. सौरभ सिंह ने बताया कि इसी कड़ी में वाक फॉर रेयर का भी आयोजन किया गया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 01 Mar 2025 11:48:39 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>लीची की टॉक्सिन्स खाली पेट करती है नुकसान: एक्सपर्ट्स</title>
                                    <description><![CDATA[बाजार में सजी खूबसूरत लीची हर किसी को आकर्षित करती हैं। लीची खाने में टेस्टी होती है और हेल्थ के लिए भी बहुत अच्छी होती है। हालांकि लीची खरीदने और इन्हें स्टोर करने में थोड़ी सावधानी रखनी चाहिए। कुछ साल पहले बिहार में कई बच्चों की मौत की खबर आई थी। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/health/toxins-of-litchi-do-harm-on-an-empty-stomach--experts/article-12647"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/lychee.jpg" alt=""></a><br /><p>बाजार में सजी खूबसूरत लीची हर किसी को आकर्षित करती हैं। लीची खाने में टेस्टी होती है और हेल्थ के लिए भी बहुत अच्छी होती है। हालांकि लीची खरीदने और इन्हें स्टोर करने में थोड़ी सावधानी रखनी चाहिए। कुछ साल पहले बिहार में कई बच्चों की मौत की खबर आई थी। लोकल एरिया में  इसकी वजह चमकी नाम के एक बुखार को बताया जा रहा था। बाद में एक्सपर्ट्स ने बताया था कि लीची के टॉक्सिन्स की वजह से बच्चों को अक्यूट इनसेफेलाइटिस सिंड्रोम हो गया था। लीची खरीदते और खाते वक्त क्या सावधानिया बरतनी चाहिए। लीची देखने में प्यारा और खूबसूरत फल है जो कि नॉर्थ इंडिया में काफी कम समय के लिए आता है। गर्मी से बरसात के बीच आपको मार्केट में ढेर सारी लीचियां दिख जाएंगी।</p>
<p>इन्हें खरीदने से पहले कुछ बातों का ध्यान रखें जैसे हमेशा पकी लीची लें। कच्ची लीची हरी सी दिखती है। इनमें टॉक्सिन्स होते हैं। लीची रेड, पिंक या आॅरेंज कलर की ही लें। साथ ही ऐसी लीची खरीदें जो कि साइज में छोटी न हों। पकी लीची में आपको अच्छी खुशबू आएगी और दबाने पर सॉफ्ट लगेंगी। अगल लीची चटकी है या इससे रस निकल रहा है या धब्बे हैं तो न लें। यह ज्यादा पकी होगी और सड़ने या अंदर कीड़े निकलने के चांस भी हो सकते हैं। डार्क ब्राउन कलर की लीची भी न लें ये ज्यादा पकी हो सकती हैं। लीची टिप पर हमेशा चेक करके खाएं इसमें गूदे के कलर के कीड़े भी होते हैं।</p>
<p>एक्सपर्ट्स का मानना है कि लीची की टॉक्सिन्स खाली पेट ज्यादा नुकसान करते हैं। अगर पोषक तत्वों की कमी से बॉडी शुगर लो है तो इसमें पाया जाने वाला मेथाइलीन साक्लोप्रोपिल ग्लाइसीन केमिकल दिमाग को प्रभावित करता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 20 Jun 2022 14:43:36 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
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            <item>
                <title> गैजेट्स का अधिक इस्तेमाल कितना हानिकारक -एक्सपर्ट्स  </title>
                                    <description><![CDATA[अगर आप महिला हैं और आपको भी स्क्रीन देखने की लत हो चुकी है तो आपके लिए यह जानना भी जरूरी है कि इसका खामियाजा आपके साथ आपके बच्चों को भी उठाना पड़ सकता है,क्योंकि गैजेट्स का अधिक इस्तेमाल आप को देखकर बच्चे जरूर सीखेंगे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/health/how-harmful-is-the-excessive-use-of-gadgets---experts/article-6372"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/gadgets.jpg" alt=""></a><br /><p>अगर आप महिला हैं और आपको भी स्क्रीन देखने की लत हो चुकी है तो आपके लिए यह जानना भी जरूरी है कि इसका खामियाजा आपके साथ आपके बच्चों को भी उठाना पड़ सकता है,क्योंकि गैजेट्स का अधिक इस्तेमाल आप को देखकर बच्चे जरूर सीखेंगे।<br /><br />आज के डिजिटल दौर में शायद ही कोई हो जो इन गैजेट्स का इस्तेमाल न कर रहा हो। चाहे घंटों नेटफ्लिक्स देखना हो, कंप्यूटर या लैपटॉप पर सारा दिन काम करना हो, वीडियो गेम्ज या फिर मोबाइल पर गेम या सोशल मीडिया देखना ही क्यों न हो। हम सभी अपने दिन का अच्छा ख़ासा वक्त स्क्रीन को देखते हुए गुजारते हैं।</p>
<p><br /><strong>हाल ही में हुई रिसर्च</strong> <br /> 70 प्रतिशत टीनएजर्स महसूस करते हैं कि उन्हें मोबाइल की लत लग चुकी है, और 40 प्रतिशत पैरेंट्स ये मानते हैं कि वे भी अपने स्मार्टफोन्स से दूर नहीं रह पाते। हम में से ज्यादातर लोग सोने से ज्यादा वक्त स्क्रीन्स को देखने में लगाते हैं। यह समस्या किसी एक देश की नहीं है, यह देखना आसान है कि डिजिटल उपकरणों पर निर्भरता एक विश्वव्यापी समस्या है।</p>
<p><br /><strong>डिजिटल आई स्ट्रेन</strong><br />कंप्यूटर स्क्रीन के सामने काम करने वाले 50 प्रतिशत से अधिक लोग डिजिटल आई स्ट्रेन नामक स्थिति का अनुभव करते हैं। डिजिटल आई स्ट्रेन के सामान्य लक्षणों में आंखों की थकान, आंखों में ड्राईनेस, आंखों में जलन या खुजली, आंखों का लाल होना और सिरदर्द होना शामिल हैं। इन लक्षणों को उच्च-ऊर्जा दृश्य प्रकाश या डिजिटल उपकरणों द्वारा उत्सर्जित नीली रोशनी के अत्यधिक संपर्क के कारण माना जाता है।</p>
<p><br /><strong>क्या कहते हैं एक्सपर्ट</strong><br /> आंखों पर जोर पड़ना एक सामान्य स्थिति है, जो विशेष रूप से लंबे समय तक कंप्यूटर, फोन और टैबलेट सहित डिजिटल उपयोग की वजह से होती है। आंखों पर जोर कम पड़े इसके लिए आप  हर 20 मिनट बाद 20 सेकेंड का ब्रेक लें और डिजिटल स्क्रीन को 20 फीट दूर रखें। साथ ही आईड्रॉप्स का उपयोग भी कर सकते हैं। लाइटिंग का ध्यान भी रखें ताकि आंखों पर स्ट्रेन कम पड़े। इसके अलावा हर आधे घंटे पर 5 मिनट का ब्रेक लेने से थकावट और स्ट्रेन दोनों से बचा जा सकता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 19 Mar 2022 13:14:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>चित्तौड़गढ़ के बस्सी में किले की तलहटी में मिले पाषाणकालीन औजार</title>
                                    <description><![CDATA[करीब पांच किलोमीटर के दायरे में और औजारों की तलाश हुई तेज]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/udaipur/stone-tools-found-at-the-foot-of-the-fort-in-bassi-of-chittorgarh--experts-claim--tools-are-15-lakh-years-old--search-for-more-tools-intensified-within-a-radius-of-about-five-kilometers/article-6105"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/66.jpg" alt=""></a><br /><p>उदयपुर। चित्तौड़गढ़ के बस्सी में हाल ही एक सर्वेक्षण में पाषाणकालीन औजारों की खोज हुई है। विशेषज्ञों ने दावा किया है कि ये करीब 15 लाख साल पुराने पाषाणकालीन औजार है। ये औजार राजस्थान में मानव जीवन की उत्पत्ति को सिद्ध करने में सहायक हो सकते हैं। राजस्थान विद्यापीठ के संघटक साहित्य संस्थान के निदेशक प्रो. जीवनसिंह खरकवाल, चिंतन ठाकर, स्वाति वर्मा ने इस स्थल का सर्वेक्षण कर तथ्य स्पष्ट किए हैं। प्रो. खरकवाल ने बताया कि इससे पूर्व निम्बाहेड़ा में वर्ष 1960 से 1965 में हुए सर्वेक्षण में इस तरह के औजार प्राप्त हुए थे, लेकिन बस्सी के किले की तलहटी में पहाड़ी का ढलान जहां समाप्त होता है, वहीं पर ये औजार मिले हैं। इन औजारों के क्रमबद्ध तरीके से आसपास ही प्राप्त होने से यह अनुमान लगाया जा रहा है कि यह वही स्थान है जहां इन औजारों को बनाया जाता था। खरकवाल ने बताया कि आदिकाल से जब मानव की उत्पत्ति मानी जाती है, उस समय की तिथियों आदि में काफी बदलाव आए हैं। इनको देखने से स्पष्ट होता है कि ये आदिकालीन पाषाण औजारों के नमूने हैं। इसमें कतई संदेह भी नहीं है कि ये औजार 15 लाख साल पुराने होंगे। करीब पांच किलोमीटर के दायरे में और औजारों की तलाश की जा रही है। <br /><br /><strong>आशुलियिन परंपरा के हैं औजार</strong><br />प्रो. खरकवाल ने बताया कि बस्सी गढ़ के निकट विंध्य की पहाड़ी की ढलान पर पाषाण काल की हाथ की कुलहड़िया, क्लीवर, स्क्रैपर आदि बडी संख्या मे पाए गए। ये औजार सेल चट्टान के ऊपर कोलूवियल जमाव में पाए गए हैं, जहां पर दो संस्कृति निम्न पुरा पाषाण काल तथा मध्य पाषाण काल के औजार खोजे गए हैं। यह औजार अशुलियिन परम्परा के है जिनकी तिथि भारत में 15 लाख से वर्ष पूर्व में है। इस तरह के औजार बस्सी के अतिरिक्त बूंदी में भी खोजे गए हैं। बनास औरे बेडच की घाटियों में इस तरह के औजार पिछली शताब्दी में 60 के दशक के प्रख्यात पुरातत्वविद वीएन मिश्र ने खोजे थे, उनके द्वारा खोजे गए औजार मुख्यत: नदियों की घाटियों में थे परन्तु पहली बार बस्सी में ये औजार पहाड़ी के ढलान पर मूल जगह पर खोजे गए हैं। <br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>चित्तौड़गढ़</category>
                                            <category>उदयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 14 Mar 2022 12:23:27 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कांग्रेस के निकाय प्रमुखों का प्रशिक्षण शिविर पीसीसी में जारी</title>
                                    <description><![CDATA[प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष और विशेषज्ञ दे रहे हैं प्रशिक्षण]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%97%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%87%E0%A4%B8-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%AF-%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%AE%E0%A5%81%E0%A4%96%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%B6%E0%A4%BF%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B7%E0%A4%A3-%E0%A4%B6%E0%A4%BF%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%B0-%E0%A4%AA%E0%A5%80%E0%A4%B8%E0%A5%80%E0%A4%B8%E0%A5%80-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%9C%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%80/article-3842"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-01/dotasra-meeting.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। कांग्रेस के निकाय प्रमुखों को अधिकारों की जानकारी देने के लिए प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का आगाज हो गया है। दोपहर 1 बजे प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ किया। प्रशिक्षण शिविर में नगर निगम के महापौर, उपमहापौर, नगर परिषद के चेयरमैन, उपसभापति,, पालिका के चेयरमैन और उप चेयरमैन भाग ले रहे हैं।</p>
<p><br /> प्रशिक्षण शिविर 2 दिन चलने वाला है आज 4 संभागों के निकाय प्रमुखों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है, आज बीकानेर, जोधपुर, उदयपुर और कोटा संभाग के नगर निकायों के कांग्रेस के जीते हुए प्रमुख प्रशिक्षण ले रहे हैं।  शुक्रवार को जयपुर,भरतपुर, अजमेर संभाग के निकाय प्रमुख प्रशिक्षण लेंगे। हालांकि कोरोना को देखते हुए कई निकायों के प्रमुख प्रशिक्षण शिविर में नहीं पहुंचे।<br /> <br /> अलग-अलग सत्रों में दिया जा रहा है प्रशिक्षण वही निकाय प्रमुखों को केंद्र और राज्य सरकारों की योजनाओं में उनकी भूमिका और स्थानीय प्रशासन में उनके अधिकारों को लेकर अलग-अलग क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। विषय विशेषज्ञ उन्हें प्रशिक्षण दे रहे हैं साथ ही राज्य सरकार की फ्लैगशिप और जन कल्याणकारी योजनाओं को भी गांव ढाणियों तक कैसे लेकर जाना है और ग्रामीण परिवेश की जनता को किस प्रकार से इन योजनाओं का लाभ मिल सके उसके बारे में भी जागृत किया जा रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 06 Jan 2022 16:02:20 +0530</pubDate>
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                <title>सर्द मौसम ने बढ़ाया हृदय रोगों और स्ट्रोक का खतरा</title>
                                    <description><![CDATA[सर्दियों में सिकुड़ जाती है रक्त वाहिकाएं, विशेषज्ञों की राय, बचाव ही है उपाय]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%B8%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%A6-%E0%A4%AE%E0%A5%8C%E0%A4%B8%E0%A4%AE-%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%AC%E0%A5%9D%E0%A4%BE%E0%A4%AF%E0%A4%BE-%E0%A4%B9%E0%A5%83%E0%A4%A6%E0%A4%AF-%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A4%97%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%94%E0%A4%B0-%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%9F%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A4%95-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%96%E0%A4%A4%E0%A4%B0%E0%A4%BE/article-3694"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-12/heart-n-stroke.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। सर्दियों को केवल सर्दी-जुकाम, बुखार, वायरल, इन्फेक्शन से जोड़कर देखा जाता है, लेकिन इसी मौसम में स्ट्रोक और हृदय रोग जैसे गंभीर रोगों का खतरा भी बहुत तेजी से बढ़ जाता है। खासकर बुजुर्ग और पहले से स्ट्रोक एवं हृदय रोग की समस्या से जूझ रहे लोगों को अतिरिक्त रूप से सचेत रहने की आवश्यकता है। सर्दियों में रक्त वाहिकाओं के सिकुड़ने से यह समस्याएं पैदा होती है।  नारायणा हॉस्पिटल के कंसल्टेंट न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. पृथ्वी गिरी ने बताया कि सर्दी के मौसम में ओपीडी में स्ट्रोक से सम्बंधित समस्याओं का आंकड़ा तकरीबन 10 से 15 फीसदी बढ़ जाता है। आमतौर पर स्ट्रोक के दो प्रकार होते हैं। एक नस का बंद होना और दूसरा नस का फटना यानि ब्रेन हेमरेज। इसकी मुख्य वजह है कि सर्दियों में रक्त वाहिकाएं संकुचन तो करती ही हैं साथ ही व्यक्ति के सर्दी के संपर्क में आने पर बीपी शूट आउट करता है, जिसके कारण हेमरेज का जोखिम बहुत बढ़ जाता है।<br /> <br /> <strong>स्ट्रोक से ऐसे बचें</strong><br />     दिन में कम से कम आधा घंटा धूप सेकें, शारीरिक व्यायाम करें ताकि रक्त वाहिकाओं का संकुचन कुछ कम हो। <br />     स्ट्रोक के मरीज अपना बीपी नियमित रूप से चेक करते रहें।<br />     शुगर को भी नियंत्रण में रखें।<br /> <br /> <strong>सिम्पेथेटिक सिस्टम एक्टिव होने से बढ़ता है हार्ट का खतरा</strong><br /> नारायणा हॉस्पिटल के कंसल्टेंट इंटरवेंशन कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. अंशुल पटोदिया ने बताया कि सर्दियों में तापमान गिरने के साथ हमारे शरीर में प्राकृतिक रूप से सिम्पेथेटिक सिस्टम एक्टिव हो जाता है जो शरीर का तामपान बढ़ा देता है। इस प्रक्रिया का मूल काम शरीर का सर्दी से बचाव करना होता है, लेकिन इसके साथ बीपी और हार्ट रेट बढ़ जाते हैं। इन दिनों ऐसे मरीजों की संख्या लगभग 20 से 30 फीसदी तक बढ़ जाती है। <br /> <br /> <strong>ऐसे करें बचाव</strong><br />     बीपी को नियंत्रण में रखने की कोशिश <br />     डाइट और सक्रिय जीवनशैली का ध्यान रखें।<br />     सर्दी से बचें और नियमित व्यायाम करें। पहले से हार्टअटैक की समस्या से जूझ चुके लोग अपना विशेष ध्यान रखें, जरूरी होने पर डॉक्टर से सलाह लें।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 31 Dec 2021 15:05:43 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>एक्सपर्ट्स की राय : ओमिक्रॉन कम घातक, संक्रमण से बहुत कम होंगे बीमार, वैक्सीन जैसी इम्यूनिटी दे सकता है वायरस!</title>
                                    <description><![CDATA[संक्रमण दर ज्यादा इसलिए तीसरी लहर आई तो समयावधि कम रहने की उम्मीद]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%8F%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B8%E0%A4%AA%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%9F%E0%A5%8D%E0%A4%B8-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%AF---%E0%A4%93%E0%A4%AE%E0%A4%BF%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%89%E0%A4%A8-%E0%A4%95%E0%A4%AE-%E0%A4%98%E0%A4%BE%E0%A4%A4%E0%A4%95--%E0%A4%B8%E0%A4%82%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%AE%E0%A4%A3-%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%AC%E0%A4%B9%E0%A5%81%E0%A4%A4-%E0%A4%95%E0%A4%AE-%E0%A4%B9%E0%A5%8B%E0%A4%82%E0%A4%97%E0%A5%87-%E0%A4%AC%E0%A5%80%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%B0--%E0%A4%B5%E0%A5%88%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B8%E0%A5%80%E0%A4%A8-%E0%A4%9C%E0%A5%88%E0%A4%B8%E0%A5%80-%E0%A4%87%E0%A4%AE%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A5%82%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%9F%E0%A5%80-%E0%A4%A6%E0%A5%87-%E0%A4%B8%E0%A4%95%E0%A4%A4%E0%A4%BE-%E0%A4%B9%E0%A5%88-%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%AF%E0%A4%B0%E0%A4%B8/article-3005"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-12/corona-test-5.jpg" alt=""></a><br /><p> जयपुर। दुनिया में साऊथ अफ्रीका में जन्में कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन के कम घातक होने से अब एक्सपर्ट इसे इम्यूनिटी विकसित करने वाला वैरिएंट साबित होने की उम्मीद जता रहे हैं। वायरस के सुपर माइल्ड होने के चलते ज्यादातर लोगों में इसके संक्रमण से बीमार होने के लक्षण भी नहीं आने का रिसर्च अब तक सामने आया है। प्रदेश के वरिष्ठ मेडिसिन के डॉक्टर मान रहे हैं कि हो सकता है कि इसका संक्रमण शरीर में वैक्सीन जैसा काम करे। चपेट में आने वाले लोग बीमार भी ना हों और वायरस के प्रति इम्यूनिटी भी विकसित हो जाए, जैसा कि कोरोना वैक्सीनेशन के डोज से हो रहा है।  पुराने वायरस के बाद आईसीएमआर के सीरो सर्वे के मुताबिक राजस्थान में 70 फीसदी से ज्यादा लोगों में एंटीबॉडी मिली थी। ओमिक्रॉन संक्रमण बिना शरीर पर खास असर हुए, हर्ड इम्यूनिटी और ज्यादा मजबूत करेगा। वहीं चूंकि इसकी संक्रमण दर दूसरी लहर का कारण बने डेल्टा वैरिएंट से छह से सात गुना ज्यादा है, ऐसे में तीसरी लहर ओमिक्रॉन से आने की पूरी आशंका है, लेकिन कम समय में ही पहले से ज्यादा लोगों के शरीर में इसके पहुंचने और बीमार ना होने से इसकी समयावधि पहली और दूसरी लहर से कम रहने की आस भी डॉक्टरों को है।<br /> <strong><br /> सीएम हेल्पलाइन 181 पर फोन करें, 10 लोग हैं तो आपके घर टीकाकरण करने आएंगे हैल्थ कर्मी </strong><br />  प्रदेश में कोरोना की तीसरी लहर की आशंकाओं के चलते सरकार ने मुख्यमंत्री हैल्पलाइन 181 पर घर बैठे टीकाकरण की सुविधा गुरुवार से शुरू कर दी है। दस लोग टीकाकरण के लिए एक साथ एकत्रित होने पर चिकित्साकर्मी उनके बताए स्थान पर जाकर टीकाकरण करेगा। हैल्थ कर्मी 24 घंटे में टीकाकरण करने आएगा।  चिकित्सा विभाग के शासन सचिव वैभव गालरिया ने प्रदेशभर के चिकित्सा अधिकारियों को इसके आदेश दिए हैं। हैल्पलाइन पर टीकाकरण के  लिए हैल्थ कर्मी भेजने की मांग करने पर तुरंत उसकी सूचना जिला और ब्लॉक स्तर के चिकित्सा अधिकारियों को दी जाएगी। वे टीकाकरण कराने के लिए फोन करने वाले व्यक्ति के मोबाइल नंबर पर बात करेगा। उनकी जगह और लोगों की संख्या पूछेगा। अगर वह तय समय पर आने में समर्थ होगा तो उसकी भी सूचना टीकाकरण कराने वालों को देगा और नई तारीख और समय बताएगा। इसके साथ ही हैल्पलाइन पर व्यक्ति अपने नजदीक टीकाकरण केन्द्र की जानकारी भी ले सकेगा। <br /> <br /> <strong>चिंता केवल इनकी : उम्रदराज-कोर्मोबेडिटी वाले मरीजों को पहुंचा सकता है अस्पताल</strong><br /> विशेषज्ञों का मानना है कि ओमिक्रॉन की अभी तक देखने को मिल रही फितरत के अनुसार संक्रमण से बीमार होकर अस्पताल में गहन चिकित्सा सेवाओं की जरूरत उम्रदराज या कोर्मोबेडिटी यानी अन्य बीमारियों से पहले से पीड़ित चल रहे लोगों को होगी। चूंकि ऐसे लोगों में नए रोगों से लड़ने की प्रतिरोधक क्षमता इसके चलते कम हो जाती है। ऐसे में ओमिक्रॉन उन्हें ज्यादा बीमार कर सकता है। इंफेक्शन लंग्स में भी हो सकता है। अन्य कई साइड् इफेक्ट्स के चलते वे गंभीर बीमार हो सकते हैं। <br /> <br /> संक्रमण दर ज्यादा है, घातक कम है। जैसा देख रहे हैं कि लोग बीमार भी नहीं हो रहे हैं। इम्यूनिटी और ज्यादा विकसित होने की उम्मीद है। वैक्सीन में जैसे कोरोना के तत्वों को शरीर में डालकर एंटीबॉडी विकसित कर इम्यूनिटी दी जाती है। वैसे ही उम्मीद है कि इसके संक्रमण से वैक्सीन सी इम्यूनिटी आए। हो सकता है आगामी दिनों में महामारी से यह बीमार एंडेमिक यानी सामान्य सर्दी-जुकाम जैसी ही रह जाए। - <strong>डॉ. वीरेन्द्र सिंह, सीनियर फिजिशियन एवं सदस्य, सीएम कोविड सलाहकार समिति</strong><br /> <br /> अब तक की स्टड़ी के अनुसार इससे हल्का बुखार या अधिकतर मरीजों में लक्षण ही नहीं आएंगे। लहर आने की आशंका तो है, लेकिन संक्रमण दर ज्यादा होने से पिछली लहरों से कम समयावधि रहने की उम्मीद है। मौतें भी अभी तक नहीं है।<br /> -<strong> डॉ. रमन शर्मा, सीनियर फिजिशियन, एसएमएस अस्पताल</strong><br /> <br /> संक्रमण दर ज्यादा है, इसलिए संक्रमण बड़े स्तर पर होगा, लेकिन स्वस्थ्य व्यक्तियों के बीमार होने की आशंका काफी कम है। उम्रदराज या कोर्मोबेडिटी वाले मरीजों की चिंता है। हो सकता है कि उनके लंग्स तक इंफेक्शन पहुंचे और गंभीर बीमार होने से उन्हें चिकित्सा सेवाओं की जरूरत पड़े। - <strong>डॉ. सीएल नवल, सीनियर फिजिशियन, एसएमएस अस्पताल</strong><br /> <br /> <strong>प्रदेश में कोरोना के 24 नए रोगी मिले</strong><br /> प्रदेश में मंगलवार को कोरोना से 24 और लोग संक्रमित हुए हैं। इनमें जयपुर में 12, उदयपुर, बाड़मेर में 3-3, डूंगरपुर, अजमेर में 2-2, बीकानेर, झुंझुनूं में 1-1 व्यक्ति शामिल हैं। मंगलवार को नए रोगियों से एक ज्यादा यानी 25 संक्रमित रिकवर हुए हैं। ऐसे में एक्टिव केसों की संख्या में बीते दिन के मुकाबले एक कम 220 ही रह गए हैं। इनमें सर्वाधिक जयपुर में 105 एक्टिव केस हैं। इसके अलावा बीकानेर में 28, अजमेर में 20, उदयपुर में 16, अलवर में 9, बाडमेर में 8, जोधपुर में 7, नागौर में 6, डूंगरपुर में 5, हनुमानगढ़, पाली में 3-3, जैसलमेर, झुंझुनूं, गंगानगर में 2-2, कोटा, भीलवाड़ा, सीकर, दौसा में 1-1 एक्टिव केस हैं। शेष 15 जिलें फिलहाल कोरोना फ्री हैं। मंगलवार को कहीं कोई मौत भी कोरोना से नहीं हुई है। <br /> <br /> <strong>हमारा स्वास्थ्य सामान्य है और कोई लक्षण भी नहीं है, हमें या तो होम क्वारंटाइन कर दिया जाए या किसी होटल या फिर निजी हॉस्पिटल में रखा जाए</strong><br />  कोरोना के ओमिक्रॉन वैरिएंट से संक्रमित साउथ अफ्रीका से आए परिवार के सभी सदस्यों का स्वास्थ्य सामान्य है और उन्हें कोई लक्षण नहीं है। दंपती और उनकी एक बेटी की तो तीन बार रिपोर्ट नेगेटिव भी आ चुकी है, लेकिन बड़ी बेटी (12 वर्षीय) अभी भी पॉजिटिव है। यह जानकारी साउथ अफ्रीका से आए परिवार के मुखिया ने नवज्योति से फोन पर बात करते हुए दी। उन्होंने बताया कि हम ऑमिक्रॉन पॉजिटिव आए जरूर थे, लेकिन हमें आरयूएचएस में भर्ती हुए पांच दिन हो गए हैं और इस दौरान भी हम चारों में किसी को भी कोई लक्षण नहीं है। हमारी रोजाना दिन में दो बार कोरोना की जांच की जा रही है। पिछली दो दिनों की जांचों में मैं, मेरी पत्नी और छोटी बेटी (सात वर्षीय) नेगेटिव आए हैं। बड़ी बेटी फिलहाल पॉजिटिव है, लेकिन उसमें कोई लक्षण नहीं है। जब हमने डॉक्टर्स से होम क्वारेंटाइन करने की बात कही तो डॉक्टर्स का कहना है कि जब तक सभी सदस्यों के तीन से चार सैंपल लगातार नेगेटिव नहीं आ जाते तब तक घर नहीं भेज सकते। अस्पताल में मिल रहे इलाज के बारे में बताते हुए उन्होनें कहा कि हमें एंटिबायोटिक्स दी जा रही है, लेकिन लक्षण नहीं होने के कारण हम उसे नहीं ले रहे हैं। अस्पताल की व्यवस्थाओं से परिवार खुश नहीं है, लेकिन यहां के चिकित्सकों और स्टाफ का अच्छा सहयोग मिल रहा है। खाना भी जयपुर में हमारे मित्र के यहां से भेजा जा रहा है। बस अस्पताल प्रशासन और सरकार से यही गुजारिश है कि हमें जल्द से जल्द होम क्वारेंटाइन कर दिया जाए या किसी होटल या फिर बड़े प्राइवेट अस्पताल में भेज दिया जाए।<br /> <br /> <strong>ओमिक्रॉन पुराने वैरिएंट को मारने आया है, यह उतना पावरफुल नहीं : खाचरियावास</strong><br /> जयपुर। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री प्रतापसिंह खाचरियावास ने कहा कि- यह जो नया वैरिएंट ओमिक्रॉन आया है, वह पुराने वाले खतरनाक वैरिएंट को मारने आया है। इसलिए यह कमजोर हो गया। यह मेरे व्यक्तिगत विचार है। मंत्रिपरिषद की बैठक के बाद मंगलवार को मीडिया से बातचीत करते हुए खाचरियावास ने एक सवाल के जवाब में यह बात कही। कांग्रेस की 12 दिसंबर को कोरोना के नए वैरिएंट के केस आने के बाद भी हो रही बड़ी रैली को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में खाचरियावास ने कहा कि मेरा व्यक्तिगत मानना है कि ओमिक्रॉन उतना पावरफुल नहीं है, यह पुराने वाले डेल्टा वैरिएंट को मारते हुए कमजोर हो गया है। मेरे एक विदेशी मित्र भी कह रहे थे कि यह वायरस पहले वाले खतरनाक वायरस का असर कम करेगा, ज्यादा तो विशेषज्ञ ही बता सकते हैं। पहली लहर में मैं खुद कोरोना का शिकार हो चुका हूं, लेकिन दूसरी लहर ज्यादा घातक थी। फिर भी हमें ओमिक्रॉन से डरना होगा। कोरोना प्रोटोकॉल का पालना करना होगा। हमें यह भी ध्यान रखना होगा कि जिन्दगी चलाना भी  बहुत जरूरी है। कोरोना के बाद लोग भूख से लड़ रहे है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 08 Dec 2021 12:22:34 +0530</pubDate>
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                <title>साउथ अफ्रीका का ओमिक्रॉन वायरस : शंका के घेरे में कोरोना जांच, एक्सपर्ट चिंतित</title>
                                    <description><![CDATA[फिलहाल देश-प्रदेश में मरीज नहीं, लेकिन टेस्ट को कसौटी पर जांचना जरूरी, आरटीपीसीआर टेस्ट की एक्यूरेसी और घट सकती है]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%89%E0%A4%A5-%E0%A4%85%E0%A4%AB%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%80%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%93%E0%A4%AE%E0%A4%BF%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%89%E0%A4%A8-%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%AF%E0%A4%B0%E0%A4%B8---%E0%A4%B6%E0%A4%82%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%98%E0%A5%87%E0%A4%B0%E0%A5%87-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A5%8B%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A4%A8%E0%A4%BE-%E0%A4%9C%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%9A--%E0%A4%8F%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B8%E0%A4%AA%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%9F-%E0%A4%9A%E0%A4%BF%E0%A4%82%E0%A4%A4%E0%A4%BF%E0%A4%A4/article-2837"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-11/corona-mks3.jpg" alt=""></a><br /><p> जयपुर। साउथ अफ्रीका में जन्मे कोरोना के नए रूप ओमिक्रॉन (बी.1.1.529) वायरस पर आरटीपीसीआर जांच कितनी कारगर रहेगी, इस पर अभी स्थितियां साफ नहीं हो पाई है, लेकिन चिकित्सकों को इसकी एक्यूरेसी की चिंता है। अभी तक प्रदेश में कोरोना के सामान्य, अल्फा, गामा और डेल्टा वेरिएंट ही सामने आए हैं। उन पर आरटीपीसीआर जांच की 60 फीसदी तक ही एक्यूरेसी है यानी कोरोना के 10 मरीजों में से जांच 6 मरीजों को ही पॉजिटिव बताती है, लेकिन नए ओमिक्रॉन वायरस से किसी के संक्रमित होने पर टेस्ट की एक्यूरेसी कितनी रहेगी, इसे लेकर प्रदेश के कोरोना के सैकड़ों मरीजों का इलाज कर चुके डॉक्टरों में संशय बरकरार है। डॉक्टरों को आशंका है कि नए वायरस पर टेस्ट की एक्यूरेसी और कम हो सकती है, क्योंकि वायरस के स्पाइक प्रोटीन में करीब 30 म्यूटेशन हैं। वायरस पुराने वेरिएंट से भी ज्यादा जांच को धोखा दे सकता है।<br /> <br /> इनका कहना है : जांच किट की अभी एक्यूरेसी 60-70 फीसदी ही है। ओमिक्रॉन में एक्यूरेसी कितनी होगी, इस पर अभी कुछ नहीं कहा जा सकता। हालांकि उम्मीद है वायरस के एक्सकेप प्रोटीन की जांच सही रहे। मरीज की एचआरसीटी-स्कैन जांच में लंग्स में इंफेक्शन का तो पता लगाया ही जा सकता है।  -<strong>डॉ. रमन शर्मा, प्रोफेसर मेडिसिन, एसएमएस मेडिकल कॉलेज</strong><br /> <strong><br /> ओमिक्रॉन आया और एक्यूरेसी कम तो तीसरी लहर ज्यादा घातक</strong><br /> नए वेरिएंट ओमिक्रॉन की प्रदेश में दस्तक हुई और आरटीपीसीआर जांच में डॉक्टरों की शंकाएं सही निकली तो मरीज चिन्हित करना भी चिकित्सा विभाग के सामने बड़ी चुनौती होगी। मरीज चिन्हित नहीं हुए तो उसके आइसोलेट या क्वारंटीन नहीं होने पर संक्रमण काफी तेजी से फैल सकता है, क्योंकि नया ओमिक्रॉन वायरस दूसरी लहर लाने वाले डेल्टा वेरिएंट से भी कई गुना ज्यादा संक्रमण दर वाला है।  </p>
<p><strong><br /> फिलहाल 80 फीसदी डेल्टा वेरिएंट के शिकार</strong> : एसएमएस मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सुधीर भंडारी ने बताया कि प्रदेश में वर्तमान में राहत यह है कि जो भी संक्रमित आ रहे हैं उनमें 80 फीसदी डेल्टा वेरिएंट और शेष 20 फीसदी अल्फा, गामा और अन्य कमजोर वेरिएंट के हैं। कॉलेज की जीनोम सिक्वेंसिंग लैब में 800 केसों की जांचों में यह पुष्टि हुई है। <br /> <br /> अभी भी कई मरीज ऐसे आ रहे हैं जिनमें कोविड के सभी लक्षण हैं, लेकिन उनकी आरटीपीसीआर जांच में रिपोर्ट नेगेटिव है। एचआरसीटी स्कैन या एक्स रे में लंग्स में भी इंफेक्शन आ रहा है। टेस्ट की एक्यूरेसी में संशय पैदा हो सकता है, लेकिन नए वेरिएंट पर टेस्ट किट एक्यूरेसी पर वैज्ञानिक शोध अलर्ट रहने के लिए जरूर हो, क्योंकि बीमारी एपेडेमिक है। -<strong>डॉ.सीएल नवल, प्रोफेसर मेडिसिन, एसएमएस मेडिकल कॉलेज</strong><br /> <strong><br /> प्रदेश में कोरोना के 12 नए रोगी</strong><br /> जयपुर। प्रदेश में सोमवार को कोरोना के 12 नए रोगी मिले हैं। इनमें जयपुर में सबसे अधिक आठ मरीज है, जबकि उदयपुर, अजमेर, बाड़मेर और हनुमानगढ़ में एक-एक नए रोगी हैं। हालांकि राहत यह है कि प्रदेश में कोरोना से मौतों पर अंकुश है। सोमवार को भी प्रदेश में कहीं कोई मौत नहीं हुई है। नए मरीजों के मुकाबले 24 मरीज रिकवर होने से एक्टिव केस जो 199 पहुंच गए थे, सोमवार को अब 187 बचे हैं। जयपुर में 100 एक्टिव केस हैं। वहीं अजमेर में 22, अलवर में 16, बीकानेर में 14, नागौर में 10, जैसलमेर में पांच, जोधपुर में चार, दौसा, पाली, राजसमंद में दो-दो और हनुमानगढ़ में एक एक्टिव केस हैं। बाकी बचे 23 जिले फिलहाल कोरोना फ्री हैं।<br /> <strong><br /> जोखिम वाले देशों से आने वाले को करानी होगी कोविड जांच</strong><br /> एजेंसी/नई दिल्ली। कोविड के नए रूप ओमिक्रॉन को देखते हुए सरकार ने जोखिम वाले देशों की सूची में शामिल दक्षिण अफ्रीका, इजरायल, ब्रिटेन और बांग्लादेश समेत 12 राष्ट्रों से भारत आने वाले व्यक्तियों को भारतीय भूमि पर पहुंचने के साथ ही अनिवार्य रूप से कोविड जांच करानी होगी। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने सोमवार को यहां जारी संशोधित दिशा-निर्देशों में कहा कि ब्रिटेन समेत यूरोप के कुछ देशों, दक्षिण अफ्रीका, ब्राजील, बांग्लादेश, बोत्सवाना, चीन, मारिशस, न्यूजीलैंड, जिम्बाव्वे, सिंगापुर, हांगकांग और इजरायल से भारत पहुंचने वाले व्यक्तियों को अनिवार्य रूप से कोविड जांच करानी होगी। इस सूची की लगातार समीक्षा की जाती है और समय-समय पर इसमें बदलाव होता है।  दिशा-निर्देशों में कहा गया है कि भारत पहुंचने वाले व्यक्तियों को 72 घंटे पहले का आरटी-पीसीआर जांच लेकर आनी होगी और कोविड नकारात्मक होने बावजूद भी सात दिन तक अपने आवास पर आइसोलेशन में रहना होगा। कोविड-19 से संक्रमित पाए जाने पर व्यक्ति को कोविड मानकों के अनुरूप इलाज किया जाएगा। <br /> <br />  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 30 Nov 2021 12:12:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
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                <title>एलीट मिस राजस्थान :  12 नवंबर को होगा द पैलेस में ग्रैंड फिनाले का आयोजन</title>
                                    <description><![CDATA[30 टॉप फाइनलिस्ट्स के साथ चल रही है 7 दिवसीय ट्रेनिंग और ग्रूमिंग सेशन : स्टाइल, वॉक, एटिकेट्स और कॉन्फिडेंस पर एक्सपर्ट्स दे रहे है वर्कशॉप]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%8F%E0%A4%B2%E0%A5%80%E0%A4%9F-%E0%A4%AE%E0%A4%BF%E0%A4%B8-%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%9C%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%A5%E0%A4%BE%E0%A4%A8----12-%E0%A4%A8%E0%A4%B5%E0%A4%82%E0%A4%AC%E0%A4%B0-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%B9%E0%A5%8B%E0%A4%97%E0%A4%BE-%E0%A4%A6-%E0%A4%AA%E0%A5%88%E0%A4%B2%E0%A5%87%E0%A4%B8-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%97%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%88%E0%A4%82%E0%A4%A1-%E0%A4%AB%E0%A4%BF%E0%A4%A8%E0%A4%BE%E0%A4%B2%E0%A5%87-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%86%E0%A4%AF%E0%A5%8B%E0%A4%9C%E0%A4%A8/article-2258"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-11/whatsapp-image-2021-11-11-at-10.56.14.jpeg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। ग्रूमिंग, डाइट और फिटनेस जैसे आवश्यक टॉपिक्स के साथ कंटेस्टेंट्स के मनोबल और आत्मविश्वास को बढ़ाने की कोशिश जारी है। ब्यूटी पैजेंट एलीट मिस राजस्थान 2021 सीजन 8 अब अपने फिनाले के काफी समीप है। ऐसे में हाल ही में टॉप 30 फाइनलिस्ट घोषित होने के बाद से सभी कंटेस्टेंट्स के लिए जयपुर के एक रिसोर्ट में ग्रूमिंग, ट्रेनिंग और कॉन्फिडेंस बिल्डिंग की विभिन्न क्लासेज आयोजित की जा रही है। ऐसे में रविवार से शुरू हुई इन वर्कशॉप्स में पहले दिन सभी गर्ल्स को फिटनेस एक्सपर्ट नीरज अधलखा की ओर से फिटनेस और पर्सनालिटी बिल्डिंग पर ट्रेनिंग दी। वहीं मेकअप एक्सपर्ट मनीषा पंडेल ने लाइट, हैवी और फोटोजनिक मेकअप की बारीकियां सिखाई। इसी के साथ डायटीशियन डॉ. निरुपमा ने कंटेस्टेंट्स को डाइट चार्ट और डाइट मील मेकिंग के बारे में गहराई से समझाया।</p>
<p><br /> सोमवार को सभी कंटेस्टेंट्स ने राजस्थान के जाने माने डिज़ाइनर्स मोहित फलोड, आशना वासवानी, हनीत सिंह, नीलगढ़ साड़ी सहित 15 डिज़ाइनर्स के ब्राइडल, पार्टीवियर और फ्यूज़न गारमेंट्स के साथ फोटोशूट करवाया। मंगलवार को एक्ट्रेस आकांक्षा भल्ला, मिस मल्टीनेशनल इंडिया 2021 दिविजा गंभीर और एलीट मिस राजस्थान 2020 थर्ड रनरअप सुमित्रा गोदारा ने अलग-अलग वर्कशॉप्स के जरिए कंटेस्टेंट्स को रैम्पवॉक, मॉडलिंग, एक्टिंग और क्वेश्चन आंसर पर ट्रेनिंग प्रदान की। बुधवार को आयोजित हुई फोटोग्राफी वर्कशॉप के दौरान फैशन एंड लाइफस्टाइल फोटोग्राफर रमेश कुमार ने सभी गर्ल्स को फोटोशूट्स के बारे में रूबरू किया। इस दौरान सभी मॉडल्स को अपने फोटोजेनिक फेस के बारे में ज्यादा विस्तार से बताया। इस दौरान इएमआर से टीम मेंबर्स अदिति सिंह और चेतना सिंह भी उपस्थित रही। 12 नवंबर की सुबह जहां जानी-मानी रैंपवॉक एक्सपर्ट अलेसिया राउत सभी गर्ल्स को रैम्पवॉक के गुर सिखाएगी। वहीं शाम को द पैलेस में भव्य रूप से शो का फिनाले आयोजित किया जाएगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 11 Nov 2021 12:17:42 +0530</pubDate>
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                <title>पेगासस जासूसी: SC ने केंद्र को लगाई फटकार: साइबर और फॉरेंसिक विशेषज्ञों से जांच के आदेश</title>
                                    <description><![CDATA[कमेटी अगले आठ सप्ताह के अंदर अपनी अंतरिम रिपोर्ट देगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/61790567936d6/article-1926"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-10/suprim-court1.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली।  उच्चतम न्यायालय ने पेगासस जासूसी मामले में बुधवार को केंद्र सरकार को फटकार लगाते हुए पूरे मामले की जांच के लिए एक कमेटी गठित कर जांच कराने के आदेश दिए हैं। मुख्य न्यायाधीश एन वी रमन और न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति हिमा कोहली की पीठ ने उच्चतम न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति आर. वी. रविद्रन, पूर्व भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारी आलोक जोशी तथा डॉ संदीप ओबरॉय की अगुवाई में साइबर एवं फॉरेंसिक विशेषज्ञों की तीन सदस्यों वाली एक टेक्निकल कमेटी से जांच कराने का आदेश दिया है।  आलोश जोशी 1976 बैच के आईपीएस अधिकारी है। डॉ. ओबरॉय चेयरमैन सब कमेटी  (इंटरनेशनल ऑर्गेनाइजेशन ऑफ स्टैंडरडाइजेशन/ इंटरनेशनल इलेक्ट्रो-टेक्निकल कमिशन/ जॉंइट टेक्निकल) हैं। यह कमेटी अगले आठ सप्ताह के अंदर अपनी अंतरिम रिपोर्ट देगी। पीठ ने कहा है कि टेक्निकल कमेटी के सदस्य के तौर पर आईआईटी बाम्बे के प्रोफेसर डॉ अश्विनी अनिल के अलावा विशेषज्ञ डॉक्टर नवीन कुमार चौधरी और डॉक्टर प्रबाहरण पी. सदस्य होंगे। डॉक्टर चौधरी, (साइबर सिक्योरिटी एंड डिजिटल फॉरेसिक्स), डीन- नेशनल फॉरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी, गांधीनगर गुजरात), डॉक्टर प्रबाहरण पी., प्रोफेसर (स्कूल ऑफ इंजीनियङ्क्षरग) अमृत विश्व विद्या पीठम, अमृतपुरी, केरल और डॉ अश्विनी अनिल गुमस्ते, इंस्टिट्यूट चेयर एसोसिएट प्रोफेसर (कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियङ्क्षरग) इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी मुंबई से हैं।<br /> <br /> उच्चतम न्यायालय ने कहा  है कि नागरिकों के निजता के अधिकार का हनन नहीं किया जा सकता। उनकी स्वतंत्रता को बरकरार रखने की जरूरत है।  शीर्ष अदालत इस मामले में आठ सप्ताह बाद सुनवाई करेगी। इस बीच कमेटी को अंतरिम रिपोर्ट देने का निर्देश दिया गया है। शीर्ष अदालत ने पेगासस जासूसी मामले में विभिन्न जनहित याचिकाओं की सुनवाई पूरी करने के बाद 13 सितंबर को अपना फैसला सुरक्षित रखा था। यह मामला इजरायल की एक निजी कंपनी के स्पाइवेयर सॉफ्टवेयर से  भारत के प्रमुख पत्रकारों, वकीलों, कई विपक्षी दलों के नेताओं के फोन के माध्यम से कथित तौर पर उसकी जासूसी करने से जुड़ा हुआ है। याचिका में आरोप लगाया गये गए हैं कि अवैध तरीके से लोगों की बातचीत एवं अन्य जानकारी ली गई है। जो उनकी निजता के अधिकार का उल्लंघन है।</p>]]></content:encoded>
                
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                <pubDate>Wed, 27 Oct 2021 14:28:30 +0530</pubDate>
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