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                <title>Energy Supply - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>Energy Supply RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा यूटर्न: होर्मुज जलडमरूमध्य खोले बिना ईरान के खिलाफ युद्ध समाप्त करने को तैयार, ट्रंप के संकेतों से अमेरिकी बाजार में तेजी</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया है कि वे होर्मुज जलडमरूमध्य पूरी तरह खुले बिना भी ईरान के साथ युद्ध समाप्त कर सकते हैं। 4-6 सप्ताह की समय-सीमा के भीतर संघर्ष रोकने के लिए अमेरिका अब सैन्य कार्रवाई के बजाय तेहरान पर कूटनीतिक दबाव बढ़ाएगा। इस कदम का उद्देश्य वैश्विक ईंधन कीमतों और तेल आपूर्ति में स्थिरता लाना है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/us-president-donald-trumps-big-u-turn-us-markets-rise-due/article-148597"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/trump3.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सहयोगियों से कहा है कि वह होर्मुज जलडमरूमध्य खोले बिना ईरान के खिलाफ युद्ध समाप्त करने को तैयार हैं। 'द वॉल स्ट्रीट जर्नल' अखबार ने अमेरिकी प्रशासन के अधिकारियों के हवाले से यह रिपोर्ट दी है। रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप और उनके सहयोगियों ने हाल के दिनों में आकलन किया कि इस अहम जलमार्ग को खोलने का कोई भी अभियान संघर्ष को उनकी तय समय-सीमा (चार से छह सप्ताह) से आगे बढ़ा देगा। उन्होंने फैसला किया कि अमेरिका को अपने मुख्य लक्ष्य हासिल करने चाहिए और मौजूदा शत्रुता को खत्म करना चाहिए, जबकि साथ ही तेहरान पर कूटनीतिक दबाव बनाना चाहिए ताकि व्यापार का मुक्त प्रवाह फिर से शुरू हो सके।</p>
<p>अधिकारियों ने अखबार को बताया कि अगर यह तरीका नाकाम रहता है, तो अमेरिका यूरोप और खाड़ी देशों में अपने सहयोगियों पर दबाव डालेगा कि वे जलडमरूमध्य को फिर से खोलने की पहल करें। गौरतलब है कि, 28 फरवरी को अमेरिका और इज़रायल ने ईरान में कई ठिकानों पर हमले किए, जिनमें तेहरान भी शामिल था; इन हमलों से काफी जान माल का नुकसान हुआ। ईरान ने इसके जवाब में इज़रायली क्षेत्र और पश्चिम एशिया में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले किए।</p>
<p>ईरान के आसपास बढ़े इस तनाव के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य की प्रभावी रूप से नाकेबंदी हो गई है। यह मार्ग फारस की खाड़ी के देशों से वैश्विक बाज़ार तक तेल और लिक्विफाइड नेचुरल गैस (एलएनजी) की आपूर्ति का एक प्रमुख मार्ग है। इस नाकेबंदी ने इस क्षेत्र में तेल के निर्यात और उत्पादन के स्तर को भी प्रभावित किया है। इसके परिणामस्वरूप, दुनिया भर के अधिकांश देशों में ईंधन की कीमतें बढ़ रही हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 31 Mar 2026 10:30:04 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>शेल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने यूरोप को दी चेतावनी: जल्द ईंधन की कमी का करना पड़ेगा सामना, होर्मुज जलडमरूमध्य मार्ग बंद</title>
                                    <description><![CDATA[शेल के सीईओ वाएल सावन ने आगाह किया है कि पश्चिम एशिया संघर्ष के कारण दक्षिण एशिया के बाद अब यूरोप में ईंधन की भारी किल्लत होगी। होर्मुज जलडमरूमध्य की नाकेबंदी से विमानन ईंधन की कीमतें दोगुनी हो गई हैं। गर्मियों में यात्रा सीजन शुरू होने से डीजल और पेट्रोल की आपूर्ति पर गंभीर दबाव बढ़ने की आशंका है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/shells-ceo-warns-europe-will-soon-face-fuel-shortage-strait/article-147936"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/shell.png" alt=""></a><br /><p>मास्को। ऊर्जा क्षेत्र की शीर्ष कंपनी शेल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी वाएल सावन ने कहा है कि पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के कारण यूरोप को जल्द ही ईंधन की कमी का सामना करना पड़ेगा। मीडिया रिपोर्ट में बुधवार को सावन के हवाले से कहा गया, "दक्षिण एशिया को सबसे पहले इस मार का सामना करना पड़ा। अप्रैल की शुरुआत के साथ ही यह संकट दक्षिण-पूर्वी एशिया और उत्तर-पूर्वी एशिया से होते हुए अब यूरोप की ओर बढ़ गया है।"</p>
<p>सावन ने कहा कि पश्चिम एशिया के संकट ने विमानन ईंधन की आपूर्ति को पहले ही प्रभावित किया है, जिसकी कीमतें संघर्ष शुरू होने के बाद से दोगुनी हो गई हैं। उन्होंने आगे कहा कि इसके बाद डीजल की आपूर्ति पर दबाव बढ़ सकता है और फिर पेट्रोल की बारी आएगी, क्योंकि अमेरिका और यूरोप में गर्मियों में यात्राओं का मौसम शुरू होने वाला है।</p>
<p>अमेरिका और इजरायल ने बीती 28 फरवरी को तेहरान सहित ईरान के कई ठिकानों पर हमले किए थे, जिससे काफी नुकसान हुआ और हजारों नागरिक हताहत हुए। ईरान ने इसके जवाब में इजरायली क्षेत्र और पश्चिम एशिया में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमला किया। ईरान के आसपास बढ़ते तनाव के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य की वास्तविक रूप से नाकेबंदी कर दी गई है, जो फारस की खाड़ी के देशों से वैश्विक बाजार में तेल और तरल प्राकृतिक गैस की आपूर्ति के लिए एक प्रमुख मार्ग है। इसने क्षेत्र में तेल उत्पादन और निर्यात भी प्रभावित किया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 26 Mar 2026 13:16:38 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>होर्मुज़ जलडमरूमध्य से भारत को बड़ी राहत: ईरान ने दी जहाजों को आवाजाही की अनुमति, जानिए और किन देशों के लिए खोला गया रास्ता</title>
                                    <description><![CDATA[ईरान ने भारत, चीन और रूस जैसे मित्र देशों के लिए सामरिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज़ जलडमरूमध्य मार्ग खोल दिया है। विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने पुष्टि की कि गैर-आक्रामक देशों के जहाजों को समन्वय के साथ अनुमति मिलेगी। संयुक्त राष्ट्र की अपील के बाद लिया गया यह फैसला वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और तेल संकट को कम करने में मील का पत्थर साबित होगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/big-relief-to-india-from-the-strait-of-hormuz-iran/article-147917"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/strait-of-hormuz.png" alt=""></a><br /><p>ईरान। होर्मुज़ जलडमरूमध्य से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। ईरान ने भारत समेत कई मित्र देशों के जहाजों को इस अहम समुद्री मार्ग से गुजरने की अनुमति दे दी है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने गुरुवार को कहा कि भारत, चीन, रूस, इराक और पाकिस्तान जैसे देशों के लिए मार्ग खोला गया है। मुंबई स्थित ईरान के वाणिज्य दूतावास ने भी इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि यह फैसला उन देशों के लिए है जो ईरान के खिलाफ किसी भी तरह की आक्रामक गतिविधियों में शामिल नहीं हैं। हालांकि, जहाजों को इस रास्ते से गुजरने के लिए ईरानी अधिकारियों के साथ समन्वय करना अनिवार्य होगा।</p>
<p>इससे पहले संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य को खोलने की अपील की थी। उन्होंने कहा था कि इस मार्ग के लंबे समय तक बंद रहने से तेल, गैस और उर्वरक की आपूर्ति पर गंभीर असर पड़ रहा है, जिससे वैश्विक अर्थव्यवस्था और आम नागरिकों पर दबाव बढ़ रहा है।गुटेरेस ने अमेरिका और  इज़राइल से पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष को समाप्त करने की भी अपील की, वहीं ईरान से पड़ोसी देशों पर हमले रोकने का आग्रह किया।</p>
<p>गौरतलब है कि होर्मुज़ जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे व्यस्त तेल परिवहन मार्गों में से एक है। ऐसे में भारत के लिए इस रास्ते का खुलना ऊर्जा आपूर्ति के लिहाज से बड़ी राहत माना जा रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 26 Mar 2026 09:53:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>पश्चिम एशिया संकट के बीच कच्चा तेल में भारी गिरावट, अंतर्राष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड 116 डॉलर पर पहुंचा </title>
                                    <description><![CDATA[पश्चिम एशिया में जारी युद्ध और ईरान पर हमलों के कारण वैश्विक सप्लाई चेन बाधित हो गई है। ब्रेंट क्रूड 8.47% की भारी उछाल के साथ $116.48 प्रति बैरल पर पहुंच गया। ऊर्जा संयंत्रों को निशाना बनाए जाने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में आग लग गई है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/heavy-fall-in-crude-oil-amid-west-asia-crisis-brent/article-147085"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/crude-oil.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में संकट गहराने और कच्चे तेल एवं प्राकृतिक गैस की आपूर्ति में जारी बाधाओं से गुरुवार को अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल 116 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया। </p>
<p>लंदन का ब्रेंट क्रूड वायदा फिलहाल 8.47 प्रतिशत चढ़कर 116.48 डॉलर प्रति बैरल पर है। अमेरिकी क्रूड वायदा 1.46 डॉलर की बढ़त में 97.73 डॉलर प्रति बैरल बोला गया। </p>
<p>अमेरिका-इजरायल के संयुक्त सैन्य अभियान में 28 फरवरी से ईरान पर हमले और ईरान की जवाबी कार्रवाई से पश्चिम एशिया में संकट गहरा गया है। तेल एवं गैस उत्पादन संयंत्रों को भी निशाना बनाया गया है। साथ ही आपूर्ति श्रृंखला भी बाधित हुई है। इस सबसे कच्चा तेल तथा अन्य पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में उछाल देखा जा रहा है। एक सप्ताह बाद ब्रेंट क्रूड 115 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर गया है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 19 Mar 2026 17:29:17 +0530</pubDate>
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