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                <title>Electronic Warfare - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>Electronic Warfare RSS Feed</description>
                
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                <title>यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की का आरोप, रूस शेयर कर रहा ईरान को खुफिया जानकारी</title>
                                    <description><![CDATA[राष्ट्रपति जेलेंस्की ने पुख्ता सबूत होने का दावा किया है कि रूस, ईरान को सैन्य खुफिया जानकारी साझा कर रहा है। मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच, रूस अपनी इलेक्ट्रॉनिक युद्ध क्षमताओं का उपयोग कर रहा है। यूक्रेन ने चेतावनी दी है कि कब्जे वाले क्षेत्रों में ड्रोन कंट्रोल स्टेशन तैनात किए जा रहे हैं, जिसकी जानकारी पश्चिमी सहयोगियों को दी जाएगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/ukrainian-president-volodymyr-zelensky-alleges-russia-is-sharing-intelligence-with/article-147699"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/volodymyr-zelensky.png" alt=""></a><br /><p>कीव। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की ने कहा है कि उनके पास "पुख्ता सबूत" हैं कि रूस ईरान को खुफिया जानकारी उपलब्ध करा रहा है। यह दावा यूक्रेन की सैन्य खुफिया एजेंसी (एचयूआर) के प्रमुख ओलेह इवाशचेंको के साथ बैठक के बाद किया गया, जिसमें ज़ेलेंस्की ने प्रस्तुत मूल्यांकन की समीक्षा की।</p>
<p>राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने टेलीग्राम पर पोस्ट में चर्चा का सार देते हुए कहा, "रूस अपनी रेडियो-तकनीकी और इलेक्ट्रॉनिक खुफिया क्षमताओं का उपयोग कर रहा है, साथ ही मध्य पूर्व के भागीदारों से प्राप्त कुछ खुफिया जानकारी भी साझा कर रहा है।" इन आरोपों पर रूस या ईरान की ओर से अभी कोई तत्काल प्रतिक्रिया नहीं आई है।</p>
<p>ज़ेलेंस्की का बयान ऐसे समय में आया है जब पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ रहा है और अमेरिका-इज़राइल बनाम ईरान के बीच चल रहे संघर्ष का चौथा सप्ताह जारी है। हाल के वर्षों में रूस और ईरान के बीच संबंध मजबूत हुए हैं, खासकर यूक्रेन में रूस के युद्ध के दौरान, जब ईरान ने रूसी सेनाओं को ड्रोन और अन्य सैन्य उपकरण उपलब्ध कराए हैं।</p>
<p>हालिया मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, रूस ने प्रस्ताव दिया था कि यदि अमेरिका यूक्रेन को खुफिया सहायता रोक दे तो वह ईरान के साथ खुफिया जानकारी साझा करना बंद कर देगा, लेकिन वॉशिंगटन ने इस सुझाव को ठुकरा दिया है। ज़ेलेंस्की ने यह भी कहा कि यूक्रेन के पास "स्पष्ट जानकारी" है कि रूसी-कब्जे वाले यूक्रेनी क्षेत्रों और बेलारूस में रूस लंबी दूरी के ड्रोन के लिए अतिरिक्त ग्राउंड कंट्रोल स्टेशन तैनात करने की योजना बना रहा है। उन्होंने कहा कि पश्चिमी सहयोगियों को इन निष्कर्षों की जानकारी दी जाएगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 24 Mar 2026 17:12:01 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>ईरान, तुर्की के बाद दुनिया में एक और ड्रोन सेना के सुपर पावर का जन्म: ड्रोन इंडस्ट्री में बहुत तेजी से पैर पसार रहा ताइवान, हर साल लाखों ड्रोन बनाने का लक्ष्य</title>
                                    <description><![CDATA[ईरानी ड्रोन की तबाही के बीच ताइवान चुपचाप दुनिया का नया ड्रोन हब बन रहा है। चीन के खतरे को देखते हुए ताइपे ने 1 लाख से अधिक स्वदेशी ड्रोन यूक्रेन भेजे हैं। 2030 तक सालाना 1.80 लाख ड्रोन बनाने का लक्ष्य रखने वाला ताइवान अब अमेरिका और भारत जैसे देशों के लिए सप्लाई चेन का सुरक्षित विकल्प बन गया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/after-iran-and-turkey-the-birth-of-another-drone-army/article-147162"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/trukey.png" alt=""></a><br /><p>ताइपे। ईरान और अमेरिका की जंग में विस्फोटक ड्रोन विमानों की ताकत देखकर दुनिया हैरान है। ईरान सऊदी अरब से लेकर कतर तक में तबाही मचा रहा है और सुपरपावर अमेरिका तथा इजरायली सेना इसे पूरी तरह से रोकने में नाकाम साबित हो रही है। अमेरिका के थॉड और पेट्रियट तथा इजरायल के एयर डिफेंस सिस्टम ईरानी शाहेद ड्रोन के आगे फेल हो गए हैं। इससे खाड़ी देशों में भारी नुकसान पहुंचा है। दुनियाभर के सैन्य रणनीतिकार विस्फोटक ड्रोन को लेकर अब बड़ी चेतावनी दे रहे हैं। इससे पहले यूक्रेन युद्ध में भी रूस ने ईरानी शाहेद ड्रोन की मदद से यूक्रेन में भारी तबाही मचाई थी। </p>
<p>वहीं, यूक्रेन तुर्की के बायरकतार सीरिज के ड्रोन पर भरोसा करता है। तुर्की एवं ईरान के बाद अब एक और देश है जो अगला ड्रोन सुपरपावर बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। इस देश का नाम ताइवान है जिसे चीन अपना हिस्सा कहता है। दुनिया में ड्रोन सेना की बढ़ती मांग के बीच ताइवान बहुत चुपचाप तरीके से बहुत बड़े पैमाने पर स्वदेशी तकनीक की मदद से ड्रोन बना रहा है। यही नहीं ताइवान इन हमलावर ड्रोन को यूक्रेन को निर्यात कर रहा है जो रूस के साथ जंग लड़ रहा है। इससे अब ताइवान में यह ड्रोन इंडस्ट्री बहुत तेजी से पैर पसार रही है। ताइवान में ड्रोन निर्माण को एक प्रयोग के तौर पर शुरू किया गया था लेकिन ताइपे ने पिछले एक साल में ही 1 लाख ड्रोन का यूक्रेन को निर्यात किया है। यह बिक्री पोलैंड और चेक रिपब्लिक की मदद से की गई है।</p>
<p>चीन की धमकियों का सामना कर रहे ताइवान के लिए हमलावर ड्रोन उसके अपने अस्तित्व को बचाए रखने के लिए भी बहुत ही जरूरी हैं। ताइवान ने ड्रोन बनाया है जो मध्यम ऊंचाई तक लंबे समय तक उड़ान भर सकता है। इसके अलावा ताइवान ने Chien Hsiang कामीकाजी ड्रोन बनाया है जो ईरान के शाहेद की तरह से ही निगरानी करने, इलेक्ट्रानिक हमले और हाई वैल्यू टारगेट पर लंबी दूरी तक हमला करने में सक्षम है। ताइवान न केवल खुद से ड्रोन बना रहा है, बल्कि अमेरिका से भी ड्रोन खरीद रहा है। ताइवान का इरादा साल 2030 तक हर साल 1 लाख 80 हजार ड्रोन बनाने का है। ताइवान अपने साथ राजनयिक संबंध रखने वाले देशों को ड्रोन की सप्लाई कर रहा है जिसका नागरिक और सैन्य दोनों ही तरह से इस्तेमाल किया जा सकता है। </p>
<p><strong>चीन के हमले का खतरा</strong></p>
<p>असल में ताइवान उन देशों को विकल्प मुहैया करा रहा है जो चीनी उपकरणों से मुक्त ड्रोन चाहते हैं। यह अमेरिका और उसके सहयोगी देशों जैसे जापान, भारत, यूरोपीय देशों के लिए मददगार है जो अपने सप्लाई चेन में विविधता लाना चाहते हैं। ताइवान पर चीन के हमले का खतरा मंडरा रहा है, इसी वजह से ताइपे बहुत तेजी से घरेलू ड्रोन उद्योग को खड़ा करना चाहता है। आज ताइवान में 260 कंपनियां ड्रोन के पूरे सिस्टम को खुद से बना रही हैं और एकीकृत कर रही हैं। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 20 Mar 2026 12:08:17 +0530</pubDate>
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