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                <title>Jurisdiction - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>अमेरिका-जीसीसी गठजोड़ पर ईरान का पलटवार, विदेशी दखल को बताया खतरा</title>
                                    <description><![CDATA[ईरान ने अमेरिका और खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) के संयुक्त बयान की कड़ी निंदा करते हुए इसे गैर-जिम्मेदाराना बताया है। ईरान का कहना है कि क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य उपस्थिति ही असुरक्षा और विभाजन का मुख्य कारण है। उसने अपनी संप्रभुता, मिसाइल और ड्रोन क्षमताओं की रक्षा के लिए प्रतिबद्धता दोहराई है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/iran-hits-back-at-us-gcc-alliance-calls-it-a-threat/article-158172"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/trump1.png" alt=""></a><br /><p>तेहरान। ईरान ने शुक्रवार को खाड़ी सहयोग परिषद (जीसीसी) और अमेरिका के जारी संयुक्त बयान की कड़ी निंदा करते हुए 'हस्तक्षेपकारी, गैर-जिम्मेदाराना और उकसाने वाला' बताते हुए यह कहकर खारिज कर दिया है कि यह क्षेत्र में टकराव बढ़ाने वाली नीति है। यह बयान 25 जून को बहरीन में आयोजित जीसीसी-अमेरिका मंत्री स्तरीय बैठक के बाद आया है, जहां अमेरिकी विदेश मंत्री और जीसीसी के विदेश मंत्रियों ने संयुक्त विज्ञप्ति जारी की थी। ईरान ने कहा कि इस दस्तावेज में शत्रुतापूर्ण रुख अपनाया गया है और क्षेत्रीय मामलों में दखलंदाजी को दोहराया गया है। उसने जीसीसी सदस्य देशों की सुरक्षा के प्रति अमेरिका की 'स्थायी प्रतिबद्धता' के दावे को 'महज बयानबाजी' और सच्चाई को तोड़-मरोड़ कर पेश करना बताया। ईरान का तर्क है कि इस क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य उपस्थिति असुरक्षा और विभाजन का कारण बन गयी है।</p>
<p>ईरान ने कहा कि हाल ही में उस पर हुए अमेरिकी-इजरायली हमलों के दौरान क्षेत्रीय देशों में सैन्य ठिकानों और सुविधाओं का इस्तेमाल इस बात का सबूत है कि अमेरिका अपने क्षेत्रीय सहयोगियों की सुरक्षा को कोई अहमियत नहीं देता। क्षेत्र में अमेरिका की भूमिका पर सवाल उठाते हुए ईरान ने कहा, "जीसीसी की सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता का अमेरिकी दावा सच्चाई को तोड़ना-मरोड़ना है।" उसने कहा, "इस क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य उपस्थिति महज बोझ है, जो क्षेत्र के लोगों पर थोपा गया है और यह असुरक्षा तथा विभाजन का स्रोत रहा है।"</p>
<p>अपने बयान में मंत्रालय ने खाड़ी अरब देशों से ईरान के खिलाफ किसी भी कार्रवाई को बढ़ावा देने से बचने का आग्रह किया। ईरान ने उनसे अपील की है कि वे 'अपने क्षेत्रों और सुविधाओं का उपयोग गैर-कानूनी कृत्यों की योजना बनाने, समर्थन करने या उन्हें अंजाम देने' के लिए न होने दें। ईरान ने क्षेत्रीय देशों से अपने रुख पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया। उसने कहा कि अंतरराष्ट्रीय कानून और अच्छे पड़ोसी होने के सिद्धांतों के तहत इन देशों का यह दायित्व है कि वे किसी तीसरे पक्ष को ईरान के खिलाफ शत्रुतापूर्ण गतिविधियों के लिए अपनी धरती का उपयोग करने से रोकें। उसने ईरान के परमाणु कार्यक्रम से जुड़े आरोपों को खारिज करते हुए क्षेत्रीय सरकारों पर 'परमाणु हथियारों से मुक्त' पश्चिम एशिया का समर्थन करने के लिए भी दबाव डाला।.</p>
<p>ईरान ने इसके साथ ही जीसीसी के सदस्य देशों से पश्चिम एशिया में परमाणु हथियारों से मुक्त क्षेत्र स्थापित करने के लिए ईरान से सहयोग करने का आग्रह किया। ईरान की मिसाइल और ड्रोन क्षमताओं की आलोचना करने के लिए जीसीसी-अमेरिका संयुक्त विज्ञप्ति पर तीखा हमला करते हुए ईरान ने कहा कि वह अपनी संप्रभुता और सैन्य प्रतिरोधक क्षमता की रक्षा करने में 'बिल्कुल भी ढिलाई' नहीं बरतेगा। उसने फिलिस्तीनी-लेबनानी सशस्त्र समूहों को 'ईरानी प्रॉक्सी' बताने के मामले में अमेरिका-इजरायल के सुर में सुर मिलाने वाले खाड़ी देशों के रुख पर भी सवाल उठाया। ईरान ने इसके विपरीत यह तर्क दिया कि इजरायल खुद इस क्षेत्र में प्राथमिक प्रॉक्सी के रूप में काम करता है।समुद्री सुरक्षा पर ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर अपने रुख का बचाव किया। उसने कहा कि इस जलमार्ग में कोई भी व्यवधान हालिया अमेरिकी और इजरायली कार्रवाइयों का नतीजा था। उसने दावा किया कि यह जलडमरूमध्य ईरान-ओमान के क्षेत्रीय समुद्र तट के भीतर आता है और इसका प्रबंधन ओमान के साथ हाल ही में हुए एक समझौता पत्र (एमओयू) के तहत संचालित होता है।</p>
<p>ईरान ने जीसीसी देशों से अपने क्षेत्रीय सुरक्षा दृष्टिकोण पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया। उसने इस बात पर जोर दिया कि स्थायी स्थिरता विदेशी सैन्य उपस्थिति के बिना केवल क्षेत्रीय देशों के बीच सहयोग के माध्यम से ही हासिल की जा सकती है।ईरान का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब सिंगापुर के नौवहन अधिकारियों ने रिपोर्ट दी है कि होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे एक जहाज पर 'बिना उकसावे के और अनुचित' हमला किया गया, हालांकि चालक दल के सदस्य सुरक्षित हैं और जहाज ने अपनी यात्रा जारी रखी है। ईरानी बयान में अपने इस पुराने रुख को भी दोहराया गया है कि क्षेत्रीय सुरक्षा को बाहरी सैन्य उपस्थिति के बिना क्षेत्रीय देशों द्वारा ही संभाला जाना चाहिए, क्योंकि विदेशी संलिप्तता ने बार-बार स्थिरता को नुकसान पहुंचाया है</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 26 Jun 2026 18:25:53 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>राम मंदिर दान मामले पर सीएम योगी का बड़ा बयान, बोले- आस्था से खिलवाड़ नहीं करेंगे बर्दाश्त, विपक्षी दलों पर साधा निशाना</title>
                                    <description><![CDATA[मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने देवरिया में ₹456 करोड़ की योजनाओं की सौगात देते हुए राम मंदिर दान प्रकरण पर सख्त रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि एसआईटी रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई शुरू हो चुकी है और जनआस्था से खिलवाड़ करने वालों को परिणाम भुगतने होंगे। उन्होंने विपक्ष की राजनीतिक बयानबाजी पर भी निशाना साधा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/yogi-roared-in-deoria-said-will-not-tolerate-playing/article-158159"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/cm2.png" alt=""></a><br /><p>देवरिया। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्रीराम मंदिर तीर्थ क्षेत्र दान प्रकरण में पहली एफआईआर दर्ज होने के बाद कहा कि आस्था के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और विशेष जांच दल (एसआईटी) की रिपोर्ट प्राप्त होते ही सरकार ने कार्रवाई शुरू कर दी है। योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को देवरिया जिले के बरहज विधानसभा क्षेत्र के बरांव में 456.38 करोड़ रुपये लागत की 106 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेश सरकार की विकास योजनाओं, सुशासन और धार्मिक स्थलों के विकास का उल्लेख करते हुए विपक्षी दलों पर भी निशाना साधा। उन्होने कहा, "मैंने पहले भी कहा था कि दूध का दूध और पानी का पानी होकर रहेगा। जनआस्था के साथ जो भी खिलवाड़ करेगा, उसे उसके परिणाम भुगतने होंगे। किसी को भी ऐसी छूट नहीं दी जा सकती।"</p>
<p>मुख्यमंत्री ने कहा कि 19 जून को अयोध्या दौरे के दौरान उन्होंने स्पष्ट किया था कि अयोध्या देश की आस्था और सनातन परंपरा का केंद्र है तथा उसके संबंध में अनावश्यक आक्षेप नहीं लगाए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि एसआईटी की रिपोर्ट मिलते ही सरकार ने उसकी संस्तुतियों के अनुरूप कार्रवाई प्रारंभ कर दी है। उन्होंने प्रदेशवासियों और रामभक्तों से अयोध्या की गरिमा बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि अयोध्या और प्रभु श्रीराम की मर्यादा का सम्मान किया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि जो लोग आज आस्था की बात कर रहे हैं, वे पूर्व में भगवान राम के अस्तित्व पर सवाल उठाते रहे हैं तथा श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन और मंदिर निर्माण का विरोध करते रहे।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने बिना किसी व्यक्ति विशेष का नाम लिए कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि एक दल भगवान राम के अस्तित्व को ही नकारता रहा, जबकि दूसरे दल पर रामभक्तों पर गोली चलाने और धार्मिक आयोजनों में व्यवधान उत्पन्न करने के आरोप लगते रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों द्वारा आस्था की बात करना उचित नहीं है। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार की मंशा शुरू से स्पष्ट रही है और एसआईटी की सिफारिशों के अनुरूप कार्रवाई आगे बढ़ाई जा रही है। उन्होंने कहा कि यदि किसी के पास मामले से संबंधित ठोस प्रमाण हैं तो उन्हें जांच एजेंसी के समक्ष प्रस्तुत किया जाना चाहिए, जबकि निराधार आरोप-प्रत्यारोप से बचना चाहिए।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने कहा कि वरिष्ठ अधिकारियों की टीम मामले की जांच कर रही है, इसलिए राजनीतिक बयानबाजी के बजाय जांच प्रक्रिया में सहयोग किया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता की ताकत और केंद्र तथा प्रदेश की डबल इंजन सरकार के सहयोग से अयोध्या में भगवान श्रीराम का भव्य मंदिर बन चुका है। उन्होंने कहा कि यह केवल मंदिर निर्माण नहीं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का सम्मान है। आज देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु अयोध्या पहुंच रहे हैं और राम मंदिर के दर्शन कर गौरव का अनुभव कर रहे हैं।</p>
<p>उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में केवल अयोध्या ही नहीं, बल्कि काशी, मथुरा-वृंदावन, नैमिषारण्य, विंध्यवासिनी धाम, प्रयागराज और कुशीनगर जैसे प्रमुख धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों का भी व्यापक विकास किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, महिला सुरक्षा और कानून व्यवस्था के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य हुए हैं। उन्होंने दावा किया कि डबल इंजन सरकार के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश विकास और सुशासन की दिशा में नई पहचान बना रहा है। दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का नाम लेते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें दिल्ली की जनता ने लंबे समय तक सेवा का अवसर दिया, लेकिन अब वह अयोध्या आकर लोगों में भ्रम फैलाने का प्रयास कर रहे हैं। कार्यक्रम में कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, केंद्रीय राज्य मंत्री कमलेश पासवान, परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह सहित क्षेत्र के सांसद, विधायक और अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 26 Jun 2026 17:35:27 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>राम मंदिर ट्रस्ट भंग कर चंदा, चढ़ावा मामले की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में हो जांच: कांग्रेस</title>
                                    <description><![CDATA[कांग्रेस नेता राजीव शुक्ला ने अयोध्या राम मंदिर के चढ़ावे में कथित घोटाले की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि बड़े पदाधिकारियों को बचाने के लिए केवल छोटे कर्मियों पर कार्रवाई की गई। कांग्रेस ने ट्रस्ट को भंग कर उसमें राजनीतिक लोगों की जगह साधु-संतों को शामिल करने की मांग की।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/congress-should-investigate-the-case-of-donation-donation-by-dissolving/article-158151"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/rajeev-shukla.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। कांग्रेस ने अयोध्या के राम मंदिर में चंदे और चढ़ावे में कथित अनियमितताओं के आरोपों की उच्चतम न्यायालय की निगरानी में जांच कराने, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने तथा राम मंदिर ट्रस्ट को भंग कर उसमें राजनीतिक लोगों के स्थान पर साधु-संतों एवं धार्मिक व्यक्तियों को शामिल करने की मांग की है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राजीव शुक्ला ने शुक्रवार को यहां पार्टी मुख्यालय में संवाददाता सम्मेलन में कहा कि भगवान श्रीराम के नाम पर देश के गांवों और गरीब लोगों से आस्था के आधार पर चंदा एकत्र किया गया लेकिन उसकी कथित लूट हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि प्राथमिकी में केवल छोटे कर्मचारियों के नाम शामिल किए गए, जबकि बड़े लोगों की भूमिका की जांच नहीं की गई।</p>
<p>उन्होंने सवाल किया कि बड़े लोगों की मिलीभगत के बिना कोई छोटा कर्मचारी सीसीटीवी बंद कर इतनी बड़ी रकम की चोरी कैसे कर सकता है। उनका आरोप था कि नकद चढ़ावे को कम दिखाया जाता था, जबकि महिलाओं द्वारा चढ़ाए गए आभूषणों का कोई रिकॉर्ड नहीं रखा गया। शुक्ला ने यह भी आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने लोगों की धार्मिक आस्था के साथ विश्वासघात किया है।</p>
<p>भाजपा ने मंदिर प्रकोष्ठ बनाकर योजनाबद्ध तरीके से मंदिर ट्रस्टों पर कब्जा करने का प्रयास किया है ताकि चंदे और चढ़ावे का राजनीतिक इस्तेमाल किया जा सके। उन्होंने कहा कि पिछले लोकसभा चुनाव में भाजपा ने 'जो राम को लाए हैं, उन्हें सत्ता में लाइए' का नारा दिया था। अब भगवान राम के नाम पर कथित लूट करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। कांग्रेस ने मांग की, कि इस मामले की शीर्ष अदालत की निगरानी में जांच कराई जाए और राम मंदिर ट्रस्ट का पुनर्गठन कर उसमें साधु-संतों और धार्मिक क्षेत्र के प्रतिष्ठित लोगों को शामिल किया जाए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 26 Jun 2026 15:27:49 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>अंकारा में हाई अलर्ट: नाटो शिखर सम्मेलन से पहले बड़ी कार्रवाई, IS समेत कई संगठनों से जुड़े 103 संदिग्ध गिरफ्तार </title>
                                    <description><![CDATA[तुर्की की राजधानी अंकारा में 7-8 जुलाई को होने वाले नाटो शिखर सम्मेलन से पहले सुरक्षा एजेंसियों ने बड़ा आतंकवाद विरोधी अभियान चलाया है। सुरक्षा उपायों को कड़ा करते हुए आईएसआईएस और वामपंथी चरमपंथी संगठनों से जुड़े 100 से अधिक संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि कई अन्य को न्यायिक हिरासत में लिया गया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/high-alert-in-ankara-major-action-before-nato-summit-103/article-158131"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/arrested.png" alt=""></a><br /><p>अंकारा। नाटो शिखर सम्मेलन से पहले सुरक्षा के व्यापक अभियान के तहत तुर्की की राजधानी अंकारा में आतंकवादी संगठनों से संबंध होने के संदेह में 100 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, यहां सात-आठ जुलाई को नाटो राष्ट्राध्यक्षों और शासनाध्यक्षों का शिखर सम्मेलन होना तय हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार, अदालत के आदेश पर 103 संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि 26 अन्य को न्यायिक हिरासत में रखा गया है।</p>
<p>अंकारा के गवर्नर ने नाटो शिखर सम्मेलन से पहले अतिरिक्त सुरक्षा उपाय लागू किये हैं। इसके बाद 23 जून को इस अभियान को अंजाम दिया गया। रिपोर्ट में बताया गया है कि इस जांच में कुल 225 लोगों को हिरासत में लिया गया है। इन पर आतंकवादी संगठनों, विशेष रूप से इस्लामिक स्टेट (आईएस/आईएसआईएस), कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ तुर्की/मार्क्सिस्ट-लेनिनिस्ट (टीकेपी/एमएल), मार्क्सिस्ट-लेनिनिस्ट कम्युनिस्ट पार्टी (एमएलकेपी) और रिवोल्यूशनरी पीपुल्स लिबरेशन पार्टी/फ्रंट (डीएचकेपी/सी) से संबंध होने का संदेह है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 26 Jun 2026 13:02:03 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>नीट पेपर लीक पर 'आप' का हमला,  केजरीवाल और संजय सिंह ने सरकार के कदमों को बताया 'नौटंकी'</title>
                                    <description><![CDATA[आम आदमी पार्टी (AAP) ने नीट पेपर लीक रोकने के सरकारी दावों पर गंभीर सवाल उठाए हैं। अरविंद केजरीवाल ने आरोप लगाया कि अरबों रुपये के इस काले कारोबार को प्रभावशाली लोगों का संरक्षण प्राप्त है। संजय सिंह ने टेलीग्राम बैन जैसे कदमों को मूल समस्या से ध्यान भटकाने वाली नौटंकी बताया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/aap-raised-questions-on-the-steps-being-taken-by-the/article-157377"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/sanjay-singh.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी (आप) ने नीट परीक्षा में पेपर लीक रोकने के लिए केंद्र सरकार की ओर से उठाये जा रहे कदमों पर सवाल खड़े किये हैं। आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने एक्स पर जारी वीडियो संदेश में कहा कि सरकार की प्राथमिकता पेपर लीक रोकना नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि पेपर लीक का कारोबार अरबों-खरबों रुपये का है और इसके पीछे प्रभावशाली लोगों का संरक्षण है। उन्होंने दावा किया कि यदि सरकार वास्तव में इस समस्या को समाप्त करना चाहती तो अब तक प्रभावी और स्थायी कदम उठाये जा चुके होते।</p>
<p>उन्होंने आरोप लगाया कि पेपर लीक से होने वाली कमाई का इस्तेमाल राजनीतिक गतिविधियों और जनप्रतिनिधियों की खरीद-फरोख्त में किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जब तक इस पूरे तंत्र को नहीं बदला जायेगा, तब तक पेपर लीक की घटनाएं रुकने वाली नहीं हैं। उन्होंने युवाओं और आम जनता से इस मुद्दे पर आवाज उठाने और व्यवस्था परिवर्तन के लिए आगे आने की अपील की। उन्होंने कहा कि पहले परीक्षा प्रश्नपत्रों के परिवहन के लिए भारतीय वायुसेना के विमानों का उपयोग करने की बात कही गयी और अब टेलीग्राम पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की जा रही है। उन्होंने इसे सरकार की विफलता बताते हुए कहा कि ऐसे कदमों से पेपर लीक की समस्या का समाधान नहीं होगा।</p>
<p>आप के वरिष्ठ नेता एवं राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने भी केंद्र सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि कभी वायुसेना के माध्यम से प्रश्नपत्र पहुंचाने और कभी टेलीग्राम पर प्रतिबंध लगाने जैसे कदमों को पेपर लीक रोकने का समाधान बताना केवल "नौटंकी" है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार मूल समस्या से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है और वास्तविक सुधारों की दिशा में गंभीर प्रयास नहीं कर रही।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 18 Jun 2026 16:28:58 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>बड़ी खबर: शिवसेना (यूबीटी) में टूट की पुष्टि, छह सांसदों ने किया शिंदे खेमे का समर्थन</title>
                                    <description><![CDATA[महाराष्ट्र की राजनीति में भारी उलटफेर के तहत शिवसेना (यूबीटी) के 6 लोकसभा सांसदों ने पाला बदल लिया है। उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र सौंपकर एकनाथ शिंदे गुट में विलय की मांग की। उद्धव ठाकरे के पास अब केवल 3 सांसद बचे हैं, जिससे पार्टी का संकट गहरा गया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/big-news-shiv-sena-confirms-split-in-ubt-six-mps/article-157343"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/mah.png" alt=""></a><br /><p>मुंबई। महाराष्ट्र के प्रमुख सियासी दल और उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली पार्टी शिवसेना (यूबीटी) के भीतर एक और विभाजन की गुरुवार को उस समय प्रभावी रूप से पुष्टि हो गई, जब पार्टी के नौ लोकसभा सांसदों में से छह ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को एक पत्र सौंपकर अपने समूह का महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में विलय करने की मांग की। इन छह बागी सांसदों में संजय दीना पाटिल (मुंबई उत्तर पूर्व), संजय देशमुख (यवतमाल-वाशिम), नागेश पाटिल आष्टीकर (हिंगोली), संजय जाधव (परभणी), भाऊसाहेब वाकचौरे (शिरडी-अजा) और ओमप्रकाश उर्फ ओम राजे निंबालकर (उस्मानाबाद) शामिल हैं। इस गुट के बगावत के बाद अब शिवसेना (यूबीटी) में श्री उद्धव ठाकरे के प्रति वफादार रहने वाले तीन सांसद अरविंद सावंत (मुंबई दक्षिण), अनिल देसाई (मुंबई दक्षिण मध्य) और राजाभाऊ वाजे (नासिक) ही बचे हैं।</p>
<p>इस राजनीतिक संकट के बीच, शिवसेना (यूबीटी) नेतृत्व ने पार्टी के संसदीय विंग पर नियंत्रण का दावा करने के बागियों के प्रयास का मुकाबला करने के लिए तेजी से कदम बढ़ाया। शिवसेना (यूबीटी) के मुख्य सचेतक ने संसदीय दल की बैठक बुलाई है। शिवसेना के राज्यसभा सदस्य और संसदीय दल के नेता संजय राउत ने सावंत और देसाई के साथ बुधवार को बिरला से मुलाकात की थी। इस बैठक में ओम बिरला से इन बागियों की अनदेखी करने का अनुरोध किया गया था। इसके अलावा सावंत ने बिरला को लिखे एक पत्र में अध्यक्ष से आग्रह किया कि वे पार्टी की आधिकारिक स्थिति सुने बिना किसी भी अलग हुए गुट को मान्यता न दें। </p>
<p>उन्होंने लिखा: "शिवसेना (यूबीटी) सदन में अपने विधिवत अधिकृत नेता और सचेतक के माध्यम से प्रतिनिधित्व करने वाले एक एकल राजनीतिक दल के रूप में मान्यता प्राप्त करना जारी रखे हुए है, और पार्टी का प्रतिनिधित्व करने का दावा करने वाले किसी भी कथित गुट या अलग हुए समूह को कोई अलग मान्यता, दर्जा, विशेषाधिकार या सुविधा न दी जाए; यदि ऐसा कोई अनुरोध प्राप्त होता है, तो शिवसेना (यूबीटी) को आपके कार्यालय के समक्ष अपनी प्रस्तुतियाँ देने का अवसर दिए बिना उस पर कोई निर्णय न लिया जाए।" इसके अलावा पार्टी के मुख्य सचेतक अनिल देसाई ने आज संसदीय दल की बैठक बुलाई है, इस कदम को व्यापक रूप से विद्रोह के बीच वफादारी की परीक्षा के रूप में देखा जा रहा है। उल्लेखनीय है कि उद्धव ठाकरे की पार्टी ने इससे पहले 2022 में भी महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में एक बड़े विभाजन का सामना किया था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 18 Jun 2026 15:21:57 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>तुर्की की हवाई सुरक्षा होगी मजबूत, कोन्या में तैनात होगी इटली की एसएएमपी-टी (SAMP-T) मिसाइल रक्षा प्रणाली</title>
                                    <description><![CDATA[तुर्की ने नाटो की रक्षा योजना के तहत कोन्या में इटली की एसएएमपी-टी मिसाइल प्रणाली तैनात करने की घोषणा की है। फ्रांस और इटली द्वारा विकसित यह सतह से हवा में मार करने वाली प्रणाली बैलिस्टिक मिसाइल खतरों से रक्षा करेगी। इसका उद्देश्य गठबंधन की हवाई सुरक्षा को मजबूत करना है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/t%C3%BCrkiyes-big-announcement-samp-t-missile-defense-system-will-be-deployed/article-157252"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/023.png" alt=""></a><br /><p>अंकारा। तुर्की ने घोषणा की है कि देश की हवाई क्षेत्र सुरक्षा को बढ़ाने के लिए कोन्या प्रांत में इटली की एसएएमपी-टी मिसाइल रक्षा प्रणाली तैनात करेगा। तुर्की के रक्षा मंत्रालय ने मंगलवार को एक बयान में कहा कि यह कदम उत्तरी अटलांटिक संधि (नाटो) की स्थायी रक्षा योजनाओं  के तहत उठाया जा रहा है और इसका उद्देश्य गठबंधन की हवाई सुरक्षा को मजबूत करना है। इटली द्वारा संचालित इस प्रणाली को कोन्या में तीसरे मुख्य जेट बेस कमांड पर तैनात किया जाएगा।</p>
<p>रिपोर्टों के मुताबिक, फ्रांस और इटली द्वारा संयुक्त रूप से विकसित एसएएमपी-टी एक सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल प्रणाली है, जिसे बैलिस्टिक मिसाइलों सहित कई तरह के खतरों को रोकने के लिए डिजाइन किया गया है। नाटो ने पहले ही अदाना प्रांत के इंसिलिक एयर बेस पर एक अतिरिक्त पैट्रियट मिसाइल बैटरी तैनात कर दक्षिण-पूर्वी तुर्की में अपनी उपस्थिति को मजबूत किया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 17 Jun 2026 17:25:02 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>आपराधिक गिरोहों के निशाने पर बृजभूषण : जान से मारने की मिली धमकी, अज्ञात नंबर से फोन कर धमकाया</title>
                                    <description><![CDATA[पूर्व भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह और उनके विधायक पुत्र प्रतीक भूषण सिंह को जान से मारने की धमकी मिली है। विधायक के मोबाइल पर आई धमकी भरी कॉल के बाद कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया है। तकनीकी जांच में कॉलर का लोकेशन राजस्थान के अलवर में मिला है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/brijbhushan-sharan-singh-and-son-received-death-threats-case-registered/article-157243"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/brij-bhushan-sharan-singh-h.png" alt=""></a><br /><p>गोण्डा। उत्तर प्रदेश के गोण्डा जिले में कैसरगंज लोकसभा क्षेत्र के पूर्व भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह और उनके विधायक पुत्र प्रतीक भूषण सिंह को जान से मारने की धमकी मिलने का मामला सामने आया है। इस संबंध में विधायक प्रतिनिधि अजय सिंह ने नगर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस प्रवक्ता के अनुसार, विधायक प्रतीक भूषण सिंह के मोबाइल फोन पर एक अज्ञात नंबर से कॉल कर उन्हें तथा उनके पिता को जान से मारने की धमकी दी गई। शिकायत के मुताबिक 14 जून को दोपहर करीब 2:22 बजे आए फोन कॉल में लगभग 35 सेकंड तक बातचीत हुई, जिसमें धमकी भरे शब्दों का प्रयोग किया गया।</p>
<p>मामले की गंभीरता को देखते हुए विधायक ने तत्काल इसकी सूचना पुलिस अधीक्षक गोण्डा को दी। इसके बाद विधायक प्रतिनिधि अजय सिंह की तहरीर पर नगर कोतवाली में संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया। पुलिस की तकनीकी जांच में पता चला है कि कॉल करने वाला नंबर राजस्थान के अलवर जिले से संबंधित है। जांच के अनुसार उक्त नंबर संदीप शर्मा नामक व्यक्ति के नाम पर पंजीकृत है। </p>
<p>शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि विधायक और उनका परिवार पूर्व में भी विभिन्न आपराधिक गिरोहों और असामाजिक तत्वों के निशाने पर रहा है। गोण्डा नगर कोतवाल बिंदेश्वरी मणि त्रिपाठी ने बताया कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। आरोपी की पहचान और गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमों को लगाया गया है। उन्होंने कहा कि आरोपी के पकड़े जाने के बाद ही धमकी देने के पीछे की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 17 Jun 2026 14:56:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>कर्नाटक में सियासी संग्राम तेज: RSS पर सवाल उठाने पर भड़के विजयेंद्र, नेशनल हेराल्ड विवाद फिर गरमाया</title>
                                    <description><![CDATA[भाजपा नेता विजयेंद्र येदियुरप्पा ने आरएसएस पर टिप्पणी करने वाले मंत्री प्रियांक खरगे को करारा जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि नेशनल हेराल्ड विवाद में घिरी कांग्रेस से पारदर्शिता का सर्टिफिकेट नहीं चाहिए। विजयेंद्र ने बाढ़ राहत और समाज सेवा में आरएसएस के योगदान को अतुलनीय बताया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/political-conflict-intensifies-in-karnataka-vijayendra-angry-over-raising-questions/article-157156"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/111200-x-600-px)29.png" alt=""></a><br /><p>बेंगलुरु। कर्नाटक प्रदेश भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता विजयेद्र येदियुरप्पा ने राष्ट्रीय स्वयं सेवक (आरएसएस) की पारदर्शिता पर सवाल उठाने वाले प्रदेश के मंत्री प्रियांक खरगे के बयान पर तीखा पलटवार किया जिससे नेशनल हेराल्ड विवाद मंगलवार को एक फिर से सामने आ गया। विजयेंद्र ने आरएसएस पर विजयेंद्र की आलोचना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह "विडंबना" है कि कांग्रेस नेता पारदर्शिता पर सवाल उठा रहे हैं, जबकि नेशनल हेराल्ड मामला राजनीतिक बहस का मुद्दा बना हुआ है। उन्होंने कहा कि पारदर्शिता ऐसे व्यक्ति से आती है जिसकी पार्टी को अभी भी नेशनल हेराल्ड विवाद पर साफ जवाब देने हैं।</p>
<p>उन्होंने आगे आरोप लगाया कि विजयेंद्र के बयान राजनीति से प्रेरित थे। उन्होंने कहा, "यह चुनिंदा नैतिक गुस्सा आला कमान को खुश करने और राजनीतिक पोजीशनिंग को सही ठहराने की एक हताश कोशिश के अलावा और कुछ नहीं है।" उन्होंने आरएसएस का बचाव करते हुए कहा कि संगठन की विश्वसनीयता दशकों की जनसेवा और ज़मीनी स्तर पर जुड़ाव से बनी है, न कि राजनीतिक मंज़ूरी से। उन्होंने जोर दिया कि आरएसएस को कांग्रेस पार्टी से वैधता के प्रमाण पत्र की ज़रूरत नहीं है और यह पहले से ही करोड़ों भारतीयों के दिलों में बसा हुआ है। उन्होंने शाखाओं, आपदा राहत प्रयासों, रक्तदान अभियान और आदिवासी कल्याण कार्यक्रम के ज़रिए संगठन की पहुँच पर ज़ोर दिया और कहा कि इसका काम एक सदी से भी ज़्यादा समय से लगातार चल रहा है। सौ से भी ज़्यादा सालों से आरएसएस के कार्यकर्ता देश भर में बाढ़ राहत कैंप, रक्तदान अभियान और समाज सेवा की पहल में शामिल होते रहे हैं।</p>
<p>विजयेंद्र ने आगे कहा कि संगठन सामुदायिक स्तर पर खुले तौर पर काम करता है। उन्होंने कहा, "कोई भी बिना किसी सूचना के अपने चुनाव क्षेत्र में आरएसएस शाखा में जा सकता है और ज़मीन पर हो रहे काम को देख सकता है।" उन्होंने आगे कहा कि आरएसएस की आलोचना करने से उसकी जनता में पहचान नहीं बदलेगी। आरएसएस पर हमला करने से राजनीतिक नेतृत्व कुछ समय के लिए खुश हो सकता है, लेकिन इससे शासन की नाकामियां नहीं छिपेंगी या कांग्रेस पार्टी के विवादों का लंबा रिकॉर्ड नहीं मिटेगा। इस विवाद से कर्नाटक में राजनीतिक बहस को और तेज़ कर दिया है, और नेशनल हेराल्ड विवाद एक बार फिर कांग्रेस और भाजपा के बीच चल रही विचारधारा की लड़ाई में एक अहम मुद्दा बनकर उभरा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 16 Jun 2026 18:55:28 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>राम मंदिर चंदा विवाद गरमाया: अयोध्या में कथित घोटालों पर कांग्रेस का केंद्र पर निशाना, SIT की निष्पक्षता पर भी सवाल</title>
                                    <description><![CDATA[कांग्रेस ने अयोध्या राम मंदिर निर्माण और चंदे में संगठित लूट का आरोप लगाया है। पार्टी नेताओं ने केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए एसआईटी (SIT) की निष्पक्षता पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने गायब हुई 1200 राम शिलाओं सहित पूरे मामले की उच्च न्यायालय के न्यायाधीश से समयबद्ध जांच की मांग की।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/ram-temple-donation-controversy-heated-up-misuse-of-money-raised/article-157174"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/ram-mandir.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। कांग्रेस ने अयोध्या में राम मंदिर में चंदे में कथित घोटाले की उच्च न्यायालय के वर्तमान न्यायाधीश की निगरानी में समयबद्ध जांच कराने की मांग करते हुए आरोप लगाया है कि अयोध्या में जमीन, निर्माण और चंदे से जुड़े सभी कथित घोटालों के लिए केंद्र सरकार जिम्मेदार हैं। उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और पार्टी नेता आराधना मिश्रा ने मंगलवार को यहां पार्टी मुख्यालय में संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में आरोप लगाया कि अयोध्या में शुरू से ही भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के मामले सामने आते रहे हैं। उन्होंने कहा कि पहले जमीन के सौदों को लेकर विवाद हुए, फिर मंदिर निर्माण को लेकर सवाल उठे और अब चंदे में कथित घोटाले का मामला सामने आया है, जिससे लोगों की आस्था को गहरा आघात पहुंचा है।</p>
<p>उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने लोगों की आस्था के साथ छल किया है तथा धर्म के नाम पर सौदा किया जा रहा है। उनका कहना था कि श्रीराम जन्मभूमि को लेकर सामने आ रही जानकारियां दर्शाती हैं कि एक संगठित लूट हुई है, जिसमें बड़े-बड़े लोग शामिल हैं और इसकी ओर इशारा भाजपा के पूर्व सांसद भी कर रहे हैं। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का अध्यक्ष पूर्व नौकरशाह नृपेंद्र मिश्रा को बनाया गया। ट्रस्ट में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की पृष्ठभूमि से जुड़े लोगों को प्रमुख जिम्मेदारियां दी गईं, जिनमें चंपत राय और अनिल मिश्रा भी शामिल हैं। ट्रस्ट से जुड़े कुछ लोग पहले भी विवादों में रहे हैं और इस पूरे मामले की जवाबदेही केंद्र सरकार पर बनती है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन यह स्वीकार करने जैसा है कि मामले में गंभीर अनियमितताएं हुई हैं। कांग्रेस नेताओं का आरोप था कि पहले शिलापूजन के नाम पर बड़े पैमाने पर धन एकत्र किया गया, जिसका कोई लेखा-जोखा सार्वजनिक नहीं किया गया। उन्होंने दावा किया कि 1400 करोड़ रुपये से अधिक की राशि के दुरुपयोग के आरोप हैं और विश्व हिंदू परिषद के तत्कालीन अध्यक्ष स्वर्गीय अशोक सिंघल के समय एकत्र की गई धनराशि का भी हिसाब सामने आना चाहिए।</p>
<p>उनका कहना था कि भाजपा और आरएसएस से जुड़े लोगों ने लोगों की आस्था और भगवान को चढ़ाये गए धन का दुरुपयोग किया है। उनका कहना था कि अयोध्या में संगठित तरीके से लूट हुई है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। कांग्रेस नेताओं ने एसआईटी की निष्पक्षता पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि इसकी निगरानी ऐसे अधिकारी को सौंपी गई है, जिनके खिलाफ महाकुंभ में हुई भगदड़ से जुड़े मामले में जांच चल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार केवल खानापूर्ति कर रही है। उनका कहना था कि एसआईटी की रिपोर्ट एक सप्ताह के भीतर सार्वजनिक की जानी चाहिए और पूरे मामले की जांच उच्च न्यायालय के वर्तमान न्यायाधीश की देखरेख में करायी जानी चाहिये।</p>
<p>उन्होंने कहा कि राम मंदिर ट्रस्ट में शंकराचार्यों तथा अन्य प्रमुख धार्मिक नेताओं को भी स्थान दिया जाना चाहिए। कांग्रेस नेताओं ने दावा किया कि राम जन्मभूमि परिसर के आसपास भूमि आवंटन और निर्माण कार्यों को लेकर पहले भी कई विवाद सामने आ चुके हैं, लेकिन उनकी जांच का परिणाम सार्वजनिक नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि पहली बरसात में ही मंदिर परिसर में पानी टपकने और जमीन धंसने जैसी शिकायतें सामने आई थीं। उन्होंने दावा किया इधर 1200 राम शिलाओं के गायब होने की बात सामने आ रही है और इन सभी मामलों की समग्र जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि भाजपा ने हमेशा प्रभु राम के नाम का राजनीतिक इस्तेमाल किया है और अयोध्या में सामने आए सभी कथित घोटालों की निष्पक्ष तथा समयबद्ध जांच कर सच्चाई देश के सामने लायी जानी चाहिये।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 16 Jun 2026 18:34:03 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>यस बैंक लोन धोखाधड़ी मामला: मुंबई-दिल्ली समेत 17 ठिकानों पर ईडी की छापेमारी, कई अहम दस्तावेज जब्त</title>
                                    <description><![CDATA[प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने यस बैंक ऋण मामले में मुंबई, दिल्ली और खंडाला के 17 ठिकानों पर छापेमारी की है। यह कार्रवाई सुरक्षा रियल्टी और ख्याति रियल्टर्स सहित प्रमोटरों के परिसरों पर की गई। ईडी लोन हेराफेरी, सर्कुलर ट्रांजैक्शन और संपत्तियों के कम मूल्यांकन की गहन जांच कर रही है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/yes-bank-loan-fraud-case-ed-raids-17-locations-including/article-157159"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/ed-raida.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने यस बैंक ऋण आवंटन मामले में जुड़ी जांच के सिलसिले में मुंबई, खंडाला और नयी दिल्ली में कुल 17 ठिकानों पर एक साथ तलाशी अभियान शुरू किया है। ईडी के मुंबई जोनल कार्यालय द्वारा की जा रही यह छापेमारी 'सुरक्षा एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनी लिमिटेड', 'सुरक्षा रियल्टी लिमिटेड' और 'ख्याति रियल्टर्स प्राइवेट लिमिटेड' से जुड़े परिसरों पर केंद्रित है। इसके अलावा जांच एजेंसी इन कंपनियों के प्रमोटरों, निदेशकों, कर्मचारियों और यस बैंक के एक पूर्व कर्मचारी के ठिकानों को भी खंगाल रही है।</p>
<p>सूत्रों के अनुसार, यह पूरा मामला वित्तीय वर्ष 2016-17 और 2017-18 के दौरान 'मैकस्टार मार्केटिंग प्राइवेट लिमिटेड' तथा कुछ अन्य खातों के यस बैंक ऋणों के कथित तौर पर फर्जी हस्तांतरण से जुड़ा हुआ है। जांच एजेंसी का आरोप है कि एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनियों और यस बैंक के बीच कथित मिलीभगत थी, जिसके तहत 'सर्कुलर ट्रांजैक्शन' (पैसे को घुमाने की प्रक्रिया) के जरिए बैंक की तनावग्रस्त संपत्तियों पर अवैध रूप से कब्जा किया गया। ईडी इस कार्रवाई के जरिए इसी हेराफेरी से जुड़े सबूत जुटा रही है।</p>
<p>इसके साथ ही, एजेंसी नीलामी की गई संपत्तियों के जानबूझकर कम मूल्यांकन किए जाने, बढ़े-चढ़े या फर्जी दावों, एनसीएलटी की प्रक्रिया में लेनदारों के मतदान अधिकारों के दुरुपयोग और कॉर्पोरेट दिवाला समाधान प्रक्रिया (सिर्प) की पारदर्शिता को प्रभावित करने वाली कथित अनियमितताओं की भी गहन जांच कर रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 16 Jun 2026 16:20:04 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>मुहर्रम से पहले महबूबा मुफ्ती की अपील, PSA के तहत हिरासत में लिए गए युवाओं को तुरंत रिहा करे प्रशासन</title>
                                    <description><![CDATA[पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने मुहर्रम के मद्देनजर हिरासत में लिए गए युवाओं की रिहाई की मांग की है। उन्होंने ईरान घटनाक्रम के प्रदर्शनों में बंद युवाओं पर चिंता जताते हुए प्रशासन से जुलूसों के लिए बिजली, पानी और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने तथा बातचीत से समाधान निकालने का आग्रह किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/mehbooba-demanded-the-immediate-release-of-the-youth-detained-under/article-157146"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/mahboba-mufti.png" alt=""></a><br /><p>श्रीनगर। मुहर्रम का महीना शुरू होने जा रहा है। इस मौके पर पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की अध्यक्ष और जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने मंगलवार को प्रशासन से अपील की, कि जन सुरक्षा अधिनियम (पीएसए) के तहत हिरासत में लिए गए युवाओं को तुरंत रिहा किया जाए। साथ ही उन्होंने इस पवित्र महीने को शांतिपूर्वक मनाने के लिए सभी जरूरी इंतजाम करने की भी मांग की। एक बयान में महबूबा ने कहा कि मुहर्रम केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं है, बल्कि यह जम्मू-कश्मीर की आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत का एक अहम हिस्सा है। उन्होंने कहा कि प्रशासन को मुहर्रम के जुलूसों और मजलिसों में शामिल होने वाले लोगों के लिए यातायात व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाएं, साफ-सफाई, पीने का पानी, बिजली और अन्य जरूरी सुविधाएं मुहैया करानी चाहिए।</p>
<p>ईरान की हाल की घटनाक्रमों को लेकर हुए प्रदर्शनों में शामिल कई युवाओं को पीएसए के तहत मामला दर्ज कर जम्मू-कश्मीर से बाहर की जेलों में बंद किए जाने की खबरों पर उन्होंने चिंता जताई। उन्होंने इस कदम को 'बेहद परेशान करने वाला' बताते हुए चेतावनी दी कि ऐसी कार्रवाइयों से युवाओं में नाराजगी और दूरी और बढ़ सकती है। उन्होंने कहा कि युवाओं के खिलाफ ऐसे सख्त कानूनों का इस्तेमाल करना, खासकर मुहर्रम के पवित्र महीने के दौरान, असंवेदनशील और नुकसानदेह है।</p>
<p>महबूबा ने कहा, "मुहर्रम वह समय है जब लोग कर्बला की कुर्बानियों को याद करते हुए शोक मनाते हैं। यह आत्मनिरीक्षण, सहानुभूति और पीड़ितों के प्रति एकजुटता दिखाने का समय है। ऐसे संवेदनशील वक्त में सरकार को लोगों से बात करनी चाहिए, उनकी चिंताओं को सुनना चाहिए और उनके जख्मों पर मरहम लगाना चाहिए, न कि दंडात्मक कार्रवाई करके उनका दर्द बढ़ाना चाहिए।" पीडीपी नेता ने प्रशासन से इन सभी मामलों की तुरंत समीक्षा करने, हिरासत में लिए गए लोगों को रिहा करने और आगे ऐसी सख्त कार्रवाई न करने का आग्रह किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि जनता की भावनाओं और शिकायतों को दूर करने का सबसे सही तरीका बातचीत है।</p>
<p>इसके साथ ही महबूबा ने आशुरा के जुलूसों और मुहर्रम की पारंपरिक रस्मों को सम्मानजनक और शांतिपूर्ण तरीके से आयोजित करने की अनुमति देने की भी मांग की। एकता और धैर्य की अपील करते हुए उन्होंने कहा कि न्याय, बलिदान और मानवीय सम्मान के जो मूल्य इमाम हुसैन ने सिखाए हैं, वे आज भी पीढ़ियों को प्रेरित कर रहे हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 16 Jun 2026 14:40:00 +0530</pubDate>
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