<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/%C2%A0/tag-75268" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title> Heart Attack - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/75268/rss</link>
                <description> Heart Attack RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>बड़े भाई के अंतिम संस्कार के 12 घण्टे बाद छोटे ने भी तोड़ा दम, तीन मौतों की वजह हार्ट अटैक</title>
                                    <description><![CDATA[अकलेरा के ल्हास गांव में 12 घंटे के भीतर दो सगे भाइयों की मौत से परिवार में मातम। मांगीलाल जाटव (55) की गुरुवार रात सीने में दर्द के बाद मौत। शुक्रवार अंतिम संस्कार के बाद छोटे भाई रामबिलास (45) भी अचेत होकर चल बसे। दो महीने पहले तीसरे भाई चैनसिंह (40) की भी मौत हुई थी। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jhalawar/12-hours-after-the-funeral-of-the-elder-brother-the/article-165981"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-09/111200-x-600-px)-(1)64.png" alt=""></a><br /><p>झालावाड़। जिले के अकलेरा के ल्हास गांव में 12 घंटे के अंदर 2 सगे भाइयों की मौत हो गई। गांव के मांगीलाल जाटव (55) को गुरुवार देर रात करीब 12 बजे अचानक सीने में दर्द की शिकायत हुई। परिजन उन्हें अकलेरा के प्राइवेट हॉस्पिटल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। शुक्रवार सुबह मांगीलाल के अंतिम संस्कार के बाद उनके छोटे भाई रामबिलास जाटव (45) दोपहर में अचानक अचेत हो गए। हॉस्पिटल जाने पर डॉक्टरों ने उन्हें भी मृत घोषित कर दिया। 2 महीने पहले उनके तीसरे भाई की भी जान चली गई थी। परिजनों ने तीनों मौतों का कारण हार्ट अटैक बताया है। जानकारी के अनुसार मांगीलाल के अंतिम संस्कार के बाद उनके छोटे भाई रामबिलास जाटव (45) घर लौटे। दोपहर में वे आराम कर रहे थे, तभी अचानक अचेत हो गए। जब उनमें कोई हलचल नहीं दिखी, तो परिजन उन्हें अकलेरा के सरकारी हॉस्पिटल ले गए। जहां डॉक्टरों ने उन्हें भी मृत घोषित कर दिया। परिजनों ने बताया कि जुलाई महीने में सबसे छोटे भाई चैनसिंह जाटव (40) की भी मौत हो गई थी। वे सोयाबीन की बुवाई के लिए खेत पर गए थे, जहां अचानक अचेत हो गए थे। दो महीने में 3 बेटों को खोने से परिवार गहरे सदमे में है।</p>
<p><strong>डॉक्टर ओपिनियन :</strong></p>
<p>एसआरजी हॉस्पिटल मेडिकल कॉलेज के हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. अशोक राठौर ने बताया कि इस तरह अचानक मौत होने के मामलों में हार्ट अटैक की संभावना हो सकती है। कई बार व्यक्ति को पहले से कुछ लक्षण दिखाई दे सकते हैं, लेकिन केवल घटना के विवरण के आधार पर मौत का कारण निश्चित नहीं किया जा सकता।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>झालावाड़</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jhalawar/12-hours-after-the-funeral-of-the-elder-brother-the/article-165981</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jhalawar/12-hours-after-the-funeral-of-the-elder-brother-the/article-165981</guid>
                <pubDate>Sat, 19 Sep 2026 10:23:37 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-09/111200-x-600-px%29-%281%2964.png"                         length="909506"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur KD]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>2050 तक आलसी हो जाएंगे भारतीय : गर्मी से बढ़ेगा हार्ट अटैक-डायबिटीज का जोखिम, लैंसेट रिपोर्ट में 156 देशों के डेटा का एनालेसिस</title>
                                    <description><![CDATA[बढ़ते तापमान से 2050 तक करोड़ों लोग शारीरिक रूप से निष्क्रिय हो सकते। 27.8°C से ऊपर तापमान पर फिजिकल एक्टिविटी घटती। भारत में यह खतरा अधिक, जहां गर्मी और उमस के कारण लोग बाहर निकलना कम करेंगे, जिससे लाइफस्टाइल बीमारियों का जोखिम बढ़ेगा।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/indians-will-become-lazy-by-2050-risk-of-heart-attack/article-147287"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/1200-x-60-px)-(9)4.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। आपने नोटिस किया होगा जब हम छोटे हुआ करते थे, तब इतनी गर्मी नहीं पड़ती थी जितनी आज पड़ती है। पहले के समय में हर मौसम लगभग 4 महीने का होता था, लेकिन आज के समय में 12 महीने में अधिकतर महीने में गर्मी महसूस की जाती है। ऐसे में दुनियाभर में पैर पसारता जलवायु परिवर्तन अब सीधे आपकी सेहत और रोजमर्रा की फिजिकल एक्टिविटी पर असर डाल रहा है।</p>
<p>हाल ही में द लैंसेट ग्लोबल हेल्थ जर्नल में पब्लिश हुई स्टडी में बताया गया है कि 2050 तक लगातार तापमान बढ़ने से करोड़ों लोग फिजिकली रूप से एक्टिव नहीं रहेंगे। वहीं ये स्थिति भारत जैसे गर्म देशों के लिए और भी खतरनाक साबित हो सकती है क्योंकि यहां गर्मी का असर ग्लोबल एवरेज से कहीं अधिक होने का अनुमान है।</p>
<p><strong>क्या कहती है लैंसेट की रिपोर्ट ?</strong></p>
<p>लैंसेट रिपोर्ट में 156 देशों के डेटा का एनालेसिस किया गया जिसमें बताया गया है कि यदि किसी महीने का औसत तापमान 27.8 डिग्री सेल्सियस से ऊपर जाता है तो लोगों की फिजिकल एक्टिविटी में गिरावट आने लगती है। भारत में यह स्थिति और गंभीर हो सकती है। अनुमान है कि 2050 तक भारत में फिजिकल एनेक्टिविटी में करीब 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी होगी। इसका मतलब है कि लोग गर्मी के डर से बाहर निकलना, टहलना या एक्सरसाइज करना कम कर देंगे जो सीधे तौर पर लाइफस्टाइल से जुड़ी बीमारियों का जोखिम बढ़ा देगा।</p>
<p><strong>भारत में अधिक जोखिम क्यों ?</strong></p>
<p>भारत जैसे विकासशील और गर्म देशों में संसाधन सीमित हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि बढ़ती गर्मी और ह्यूमिडिटी (उमस) के कारण दिन के समय बाहर निकलना लगभग असंभव होता जा रहा है। ऐसे में जो लोग सुबह या शाम को पार्क में टहलते थे, रनिंग करते थे, साइकिल चलाते थे या कोई भी फिजिकल एक्टिविटी के लिए घर से निकलते थे, उनके लिए ऑपशंस कम होते जा रहे हैं। वहीं शहरों में बढ़ते कंक्रीट के इस्तेमाल और कम होते जंगल-पेड़ों ने इस स्थिति को और अधिक बिगाड़ दिया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/indians-will-become-lazy-by-2050-risk-of-heart-attack/article-147287</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/bharat/indians-will-become-lazy-by-2050-risk-of-heart-attack/article-147287</guid>
                <pubDate>Sat, 21 Mar 2026 14:31:53 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-03/1200-x-60-px%29-%289%294.png"                         length="990874"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur KD]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        