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                <title>Voter Awareness - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>Voter Awareness RSS Feed</description>
                
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                <title>सुप्रीम कोर्ट ने अनिवार्य मतदान की मांग वाली याचिका खारिज की : कहा-मतदान एक संवैधानिक अधिकार और लोकतांत्रिक कर्तव्य, किसी पर थोपा नहीं जा सकता</title>
                                    <description><![CDATA[उच्चतम न्यायालय ने अनिवार्य मतदान लागू करने वाली याचिका खारिज कर दी है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि लोकतंत्र में नागरिकों को वोट के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता और न ही सुविधाएं रोकी जा सकती हैं। पीठ के अनुसार, मतदान एक संवैधानिक अधिकार है, जिसे जागरूकता से बढ़ावा देना चाहिए, दमनकारी नीतियों से नहीं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/supreme-court-rejected-the-petition-demanding-compulsory-voting-and-said/article-150650"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-04/supreme-court1.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने गुरुवार को अनिवार्य मतदान लागू करने के निर्देश देने की मांग वाली एक जनहित याचिका को खारिज कर दिया। याचिकाकर्ता ने कहा था कि जो लोग मतदान करने से इनकार करते हैं, उन्हें सरकारी सुविधाओं से वंचित कर देना चाहिए और उनके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई होनी चाहिए। न्यायालय ने इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया कि चुनावों में भागीदारी को दमनकारी या बाध्यकारी उपायों से लागू नहीं कर सकते।</p>
<p>मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जोयमाल्य बागची और न्यायमूर्ति विपुल पंचोली की पीठ ने सुनवाई के दौरान कहा कि लोकतंत्र में नागरिकों से मताधिकार प्रयोग करने की अपेक्षा होती है, लेकिन राज्य किसी व्यक्ति को वोट देने के लिए मजबूर नहीं कर सकता। याचिकाकर्ता के वकील ने सुझाव दिया था कि अदालत चुनाव आयोग को अनिवार्य मतदान के लिए दिशानिर्देश बनाने और बिना वैध कारण वोट न देने वालों पर प्रतिबंध लगाने के लिए एक समिति गठित करने का निर्देश दे। इस पर मुख्य न्यायाधीश ने टिप्पणी की कि मताधिकार के प्रति जन जागरूकता अभियान चलाया जाना चाहिए, लेकिन हम इसके लिए मजबूर नहीं कर सकते।</p>
<p>न्यायालय ने याचिका को खारिज करते हुए कहा कि उठाए गए मुद्दे नीतिगत दायरे में आते हैं और इन पर उचित विधायी और कार्यकारी अधिकारियों (संसद और सरकार) द्वारा विचार किया जाना ही सबसे बेहतर है। पीठ ने दोहराया कि मतदान एक संवैधानिक अधिकार और लोकतांत्रिक कर्तव्य है, लेकिन इसे किसी पर थोपा नहीं जा सकता।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Thu, 16 Apr 2026 14:35:28 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव: ममता बनर्जी का गंभीर आरोप, EVM मशीनों को बचाने के लिए हर संभव बरतें सावधानी, वोटिंग के बाद बदल सकते हैं मशीन, 24 घंटे रखो निगरानी</title>
                                    <description><![CDATA[मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शमशेरगंज में भाजपा पर तीखा हमला करते हुए जनता से ईवीएम (EVM) बचाने की अपील की है। उन्होंने चेतावनी दी कि केंद्र सरकार बंगाल की संस्कृति मिटाने और NRC लागू करने की 'गंदी चाल' चल सकती है। ममता ने बागियों को निलंबन की चेतावनी देते हुए 'मां माटी मानुष' के लिए एकजुट होकर वोट देने का आग्रह किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/west-bengal-assembly-election-mamata-banerjees-serious-allegation-take-every/article-149236"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/mamta-banerjee.png" alt=""></a><br /><p>शमशेरगंज। तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष ममता बनर्जी ने रविवार को जनता से ईवीएम मशीनों को बचाने के लिए हर संभव सावधानी बरतने का आग्रह किया और आरोप लगाया कि केंद्र सरकार पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दिन किसी भी हद तक जा सकती है और "सबसे गंदी चाल" चल सकती है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी आज दोपहर मुर्शिदाबाद के शमशेरगंज स्थित कृषि निदेशालय के मैदान में एक सभा को संबोधित कर रही थीं।</p>
<p>उन्होंने फरक्का से तृणमूल कांग्रेस के नेता से (जिन्हें चुनाव लड़ने का टिकट नहीं मिला और जिन्होंने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में नामांकन दाखिल किया है) अपना नाम वापस लेने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा, "यदि वे अपना नाम वापस लेने से इनकार करते हैं, तो मैं नेताओं को उन्हें निलंबित करने का निर्देश देती हूँ, क्योंकि हमारे दल में गद्दारों के लिए कोई जगह नहीं है।" उन्होंने लोगों से अपील की कि वे खुद को और बंगाल को बचाने के लिए तृणमूल कांग्रेस को वोट दें। "खुद को और अपने परिवार को बचाने के लिए मां मति मानुष को वोट दें। हमारे राज्य को बचाने के लिए वोट दें, क्योंकि अगर केंद्र सरकार सत्ता में आई, तो वे हमारी संस्कृति और परंपरा को नष्ट कर देंगे।"</p>
<p>केंद्र सरकार को बंगाल से सिर्फ नफरत है। मुर्शिदाबाद और मालदा के प्रवासी मजदूरों को सिर्फ बंगाली भाषा बोलने के लिए अपमानित किया गया और पीटा गया। उन्हें बंगाल के लिए कोई सम्मान नहीं है और वे किसी भी तरह से बंगाल पर कब्जा करने आए हैं।" उन्होंने कहा, "चुनाव के दिन, उन लोगों को याद रखें जिन्होंने आपको लंबी कतारों में खड़ा होने के लिए मजबूर किया है और जिन्होंने मतदाता सूची से आपके नाम हटा दिए हैं। केंद्र की योजना अलग से उत्तर बंगाल राज्य बनाने, एनआरसी लागू करने और नजरबंदी शिविर स्थापित करने की है। मैं आपको विश्वास दिलाती हूं कि जब तक हम सत्ता में हैं, बंगाल में कोई एनआरसी लागू नहीं होगी और न ही कोई नजरबंदी शिविर होंगे।"</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Mon, 06 Apr 2026 13:00:34 +0530</pubDate>
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                <title>पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव: चुनाव आयोग आज जारी करेगा संशोधित मतदाता सूची, 28.06 लाख लंबित मतदाताओं के डेटा का हो चुका है निपटारा, सुरक्षा व्यवस्था को लेकर उच्च स्तरीय बैठक आज</title>
                                    <description><![CDATA[चुनाव आयोग आज पश्चिम बंगाल के लिए अद्यतन मतदाता सूची का दूसरा चरण जारी करेगा। इसमें 28.06 लाख लंबित प्रविष्टियों का निपटारा किया गया है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार, पारदर्शी प्रक्रिया हेतु 19 न्यायाधिकरण गठित किए गए हैं। साथ ही, 31 मार्च तक केंद्रीय बलों की 300 अतिरिक्त कंपनियां तैनात होंगी ताकि निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित हो सके।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/west-bengal-assembly-elections-election-commission-will-release-revised-voter/article-147492"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/west-bengal-election-2026.png" alt=""></a><br /><p>काेलकाता। चुनाव आयोग आज अद्यतन मतदाता सूची के दूसरे चरण को जारी करेगा, जिसमें अब तक संसाधित किए गए सभी लंबित मतदाता प्रविष्टियों का विवरण प्रकाशित किया जाएगा। आयोग के सूत्रों के अनुसार, रविवार शाम तक राज्य भर में 28.06 लाख लंबित मतदाताओं के डेटा का निपटारा किया जा चुका था। अद्यतन सूचियां आज दोपहर तक जिला चुनाव अधिकारियों तक पहुंचने की उम्मीद है। शाम से मतदाता आयोग की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से पूरक सूची ऑनलाइन देख सकेंगे।</p>
<p>इसके अलावा सूचियां पूरे पश्चिम बंगाल के बूथों, बीडीओ कार्यालयों, एसडीओ कार्यालयों और जिला मजिस्ट्रेट कार्यालयों में भी प्रदर्शित की जाएंगी। आयोग को पहले ही लगभग 40,000 बूथों से अद्यतन रिकॉर्ड प्राप्त हो चुके हैं, जो शुक्रवार तक हुई प्रगति को दर्शाते हैं। मुख्य चुनाव अधिकारी (सीईओ) कार्यालय के सूत्रों ने बताया कि यह प्रकाशन उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन में किया जा रहा है।</p>
<p>अधिकारियों का कहना है कि प्रक्रिया पूरी तरह कानूनी दायरे के भीतर की जा रही है, जिससे सूची जारी होने के बाद विवाद की बहुत कम आशंका रहेगी। अदालत के दिशानिर्देशों के अनुसार, जिन व्यक्तियों के नाम सूची में नहीं दिखेंगे, उन्हें न्यायाधिकरण में अपील करने का विकल्प मिलेगा। कलकत्ता उच्च न्यायालय ने पहले ही 23 जिलों के लिए 19 न्यायाधिकरण गठित किए हैं और इस प्रक्रिया की निगरानी के लिए 19 सेवानिवृत्त न्यायाधीश नियुक्त किए हैं। इससे पहले 28 फरवरी को आयोग ने एक अधूरी मतदाता सूची जारी की थी, जिसमें 60.06 लाख लंबित नाम शामिल थे। अदालत के निर्देशों के बाद, सत्यापन प्रक्रिया को तेज करने के लिए 700 से अधिक कार्यरत और सेवानिवृत्त न्यायिक अधिकारियों को लगाया गया है।</p>
<p>इस बीच, रविवार को सीईओ कार्यालय में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक उच्च स्तरीय बैठक हुई। मुख्य चुनाव अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल ने आगामी विधानसभा चुनावों के लिए केंद्रीय बलों की तैनाती पर चर्चा करने हेतु संयुक्त बल तैनाती समिति से मुलाकात की। बैठक में बलों की संख्या, उनकी तैनाती के स्थान और संचालन रणनीतियों पर विचार किया गया। बैठक में राज्य पुलिस नोडल अधिकारी आनंद कुमार, विशेष पर्यवेक्षक एन.के. मिश्रा तथा केंद्रीय बलों के नोडल अधिकारी शलभ माथुर और गौरव शर्मा उपस्थित रहे।</p>
<p>सूची जारी होने के बाद आयोग ने पुलिस और केंद्रीय बलों दोनों को कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सतर्क रहने का निर्देश दिया है।<br />सूत्रों के अनुसार, 31 मार्च तक राज्य में केंद्रीय बलों की अतिरिक्त 300 कंपनियां पहुंचने की उम्मीद है। आयोग आज राष्ट्रीय राजधानी से शाम चार बजे जिला चुनाव अधिकारियों, जिला मजिस्ट्रेटों, पुलिस अधीक्षकों और पुलिस आयुक्तों के साथ एक वर्चुअल समीक्षा बैठक भी करेगा। करीब दो घंटे चलने वाली इस बैठक की अध्यक्षता उप चुनाव आयुक्त मनीष गर्ग करेंगे।</p>
<p>अन्य अधिकारियों में उप आयुक्त ज्ञानेश भारती और पवन कुमार शर्मा के साथ मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल भी मौजूद रहेंगे। बैठक का एजेंडा चुनाव की तैयारियों, सुरक्षा व्यवस्था और मानव संसाधन की तैनाती की समीक्षा करना है। जिला अधिकारियों को अपने-अपने योजनाओं का विवरण देते हुए पावरपॉइंट प्रस्तुति संयुक्त रूप से तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं, जिन्हें आयोग द्वारा आंका जाएगा ताकि चुनाव प्रक्रिया सुचारू और सुरक्षित तरीके से संपन्न हो सके।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 23 Mar 2026 13:00:58 +0530</pubDate>
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