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                <title>Global Energy Crisis - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>Global Energy Crisis RSS Feed</description>
                
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                <title>मिडिल ईस्ट में भीषण तनाव के बीच कुवैत में वित्त मंत्रालय और तेल रिफाइनरी पर ड्रोन हमला: कोई हताहत नहीं, सरकार ने जारी किया कर्मचारियों को घर से काम करने का निर्देश</title>
                                    <description><![CDATA[ईरान-इजरायल युद्ध की आग अब कुवैत तक पहुँच गई है। रविवार को कुवैत के वित्त मंत्रालय पर ड्रोन हमले से भारी नुकसान हुआ, वहीं शुवैख स्थित तेल रिफाइनरी में भीषण आग लग गई। मंत्रालय के कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम का निर्देश दिया गया है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/drone-attack-on-finance-ministry-and-oil-refinery-in-kuwait/article-149181"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/कुवैत-तेल-रिफाइनरी-पर-हमला.png" alt=""></a><br /><p>दोहा। कुवैत में रविवार को वित्त मंत्रालय पर ड्रोन से हमला किया गया जिससे इमारत को काफी नुकसान पहुंचा है जबकि शुवैख जिले में एक तेल रिफाइनरी में आग लग गई। हमलों में किसी के हताहत होने की कोई खबर नहीं है। रिपोर्ट के अनुसार, हमले में मंत्रालय की इमारत को हुए भारी नुकसान के बाद कर्मचारियों को घर से काम करने का निर्देश दिया गया है।</p>
<p>इससे पहले, बुधवार को कुवैत अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे को निशाना बनाया था। इस ड्रोन हमले से ईंधन के टैंकों में आग लग गई थी। उल्लेखनीय है कि गत 28 फरवरी को अमेरिका और इज़रायल ने ईरान में विभिन्न ठिकानों पर हमले शुरू किए, जिससे काफी जान माल का नुकसान हुआ। ईरान, इज़रायली क्षेत्र के साथ-साथ पश्चिम एशिया में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर जवाबी हमले कर रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 05 Apr 2026 18:20:37 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>आईईए का दावा: अमेरिका-इजरायल के ईरान के साथ युद्ध के कारण उत्पन्न वैश्विक ऊर्जा संकट &quot;बेहद गंभीर&quot;, होर्मुज जलडमरूमध्य मार्ग बंद</title>
                                    <description><![CDATA[अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) के प्रमुख फातिह बिरोल ने चेतावनी दी है कि ईरान-इजरायल युद्ध से उपजा ऊर्जा संकट 1970 के दशक से भी भयानक है। होर्मुज जलडमरूमध्य पर तनाव और ट्रंप की 48 घंटे की सैन्य चेतावनी ने तेल आपूर्ति को खतरे में डाल दिया है। आईईए कीमतों को स्थिर करने हेतु रणनीतिक भंडार से तेल जारी करने को तैयार है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/iea-claims-that-the-global-energy-crisis-caused-by-america-israels/article-147517"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/ie.png" alt=""></a><br /><p>कैनबरा। अमेरिका-इजरायल के ईरान के साथ युद्ध के कारण उत्पन्न वैश्विक ऊर्जा संकट "बेहद गंभीर" है और यह 1970 के दशक केनु तेल संकट से भी बदतर हो गया है। अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (आईईए) के प्रमुख फातिह बिरोल ने सोमवार को यह चेतावनी दी, क्योंकि होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास बढ़ते तनाव से वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला को खतरा बना हुआ है। उन्होंने चेतावनी दी है कि ईरान से जुड़े युद्ध के कारण पैदा हुआ वैश्विक ऊर्जा संकट 1970 के दशक के तेल संकटों से भी अधिक गंभीर हो सकता है।</p>
<p>बिरोल ने कैनबरा के नेशनल प्रेस क्लब में बोलते हुए कहा कि एजेंसी बाजार की स्थितियों पर कड़ी नजर रख रही है और यदि व्यवधान बढ़ता है, तो सदस्य देशों के साथ समन्वय में कार्रवाई करने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा, "यदि आवश्यक हुआ, तो निश्चित रूप से हम ऐसा करेंगे। हम बाजारों का विश्लेषण करेंगे और सदस्य देशों के साथ परामर्श करेंगे।" इस महीने की शुरुआत में, संघर्ष के कारण वैश्विक कच्चे तेल के बाजारों में आई तेजी के बाद कीमतों को स्थिर करने के लिए एजेंसी के सदस्य रणनीतिक भंडार से रिकॉर्ड 40 करोड़ बैरल तेल जारी करने पर सहमत हुए थे।</p>
<p>यह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब भू-राजनीतिक तनाव तब बढ़ गया जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान को एक सख्त चेतावनी जारी करते हुए कहा कि यदि तेहरान वैश्विक तेल शिपमेंट के लिए महत्वपूर्ण मार्ग होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से नहीं खोलता है, तो 48 घंटों के भीतर ईरानी बिजली संयंत्रों को "नष्ट और समाप्त" कर दिया जाएगा। ट्रंप ने 'ट्रुथ सोशल' पर एक पोस्ट में कहा कि जलमार्ग तक पहुंच बहाल करने में विफल रहने पर प्रमुख ईरानी बुनियादी ढांचे पर हमले किए जाएंगे। यह चेतावनी तनाव में भारी वृद्धि का संकेत है, विशेष रूप से उनके हालिया बयानों के बाद जिसमें उन्होंने कहा था कि अमेरिका इस क्षेत्र में सैन्य अभियानों को "कम करने" पर विचार कर रहा है।</p>
<p>अमेरिका इसके बावजूद अपनी सैन्य उपस्थिति को मजबूत करना जारी रखे हुए है और पश्चिम एशिया में अतिरिक्त नौसैनिक बलों को तैनात कर रहा है। इजरायल ने भी अपने अभियान को तेज करने का संकेत दिया है, जिसमें रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज़ ने कहा है कि ईरान पर हमले काफी बढ़ जाएंगे। इजरायली सेना ने कहा कि उसने सप्ताहांत में ईरान और लेबनान में हिजबुल्लाह के ठिकानों पर समन्वित हमलों में 200 से अधिक स्थानों को निशाना बनाया है।</p>
<p>जमीनी स्तर पर शत्रुता जारी है और ईरानी मिसाइल हमलों ने दक्षिणी इजरायल को निशाना बनाया है। अराद में, कम से कम 74 लोग घायल हुए हैं। एक अन्य मिसाइल डिमोना में एक इमारत से टकराई, जहां इजरायल का परमाणु केन्द्र स्थित है। इस बीच, ईरान ने आंतरिक सुरक्षा उपायों को कड़ा कर दिया है और विदेशी नेटवर्क के साथ हमलों के नुकसान के बारे में जानकारी साझा करने के कम से कम 25 आरोपियों को हिरासत में लिया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 23 Mar 2026 14:32:18 +0530</pubDate>
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