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                <title>Mediation - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>ईरान से राहत की खबर : दुबई के लिए उड़ानें फिर होंगी शुरू, यात्रियों को मिलेगा फायदा</title>
                                    <description><![CDATA[ईरान और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने इजरायल-अमेरिका तनाव के बाद बंद किए गए तेहरान-दुबई हवाई मार्ग को 1 जुलाई से पुनः शुरू करने की मंजूरी दे दी है। अमेरिका के साथ हुए हालिया समझौते के तहत ईरान ने पश्चिमी हवाई क्षेत्र और होर्मुज जलडमरूमध्य में नौवहन को बहाल करने का निर्णय लिया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/big-relief-from-iran-flights-to-dubai-will-start-again/article-158275"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/dubai.png" alt=""></a><br /><p>तेहरान। ईरान और संयुक्त अरब अमीरात के विमानन अधिकारियों ने तेहरान-दुबई मार्ग पर उड़ानें फिर से शुरू करने की अनुमति दे दी है। दोनों देशों के बीच एक जुलाई से फिर से यह सेवा बहाल होगी। ईरानी समाचार एजेंसी इस्ना ने बताया कि ईरान के नागरिक उड्डयन संगठन के प्रवक्ता माजिद अखवान ने जानकारी दी है कि दोनों देशों के नागरिक उड्डयन संगठन ने तेहरान से दुबई के लिए उड़ानें बहाल करने की मंजूरी दे दी है।</p>
<p>गौरतलब है कि ईरान के विमानन अधिकारियों ने जून की शुरुआत में देश के पश्चिमी हिस्से का हवाई क्षेत्र बंद कर दिया था। इस फैसले के पीछे इजरायल के साथ बढ़ता तनाव था। इसके बाद ईरान ने बीते मंगलवार को देश के पश्चिमी हिस्से में हवाई यात्रा बहाल करने का फैसला किया। ईरान-अमेरिका ने 18 जून की रात वर्चुअली एक समझौते पर हस्ताक्षर किये हैं। इस समझौते का उद्देश्य दोनों देशों के बीच 28 फरवरी से शुरू हुए सैन्य संघर्ष को समाप्त करना है। इस समझोते में अमेरिका के समुद्री नाकेबंदी हटाने और ईरान के होर्मुज जलडमरूमध्य में नौवहन बहाल करने की समयसीमा भी तय की गयी है।</p>
<p>इसके अलावा ईरान ने परमाणु हथियार हासिल न करने की प्रतिबद्धता जतायी है। ईरान के परमाणु कार्यक्रम के मुद्दे को अलग समझौते के जरिये सुलझाया जायेगा। दोनों पक्ष इस मामले पर 60 दिनों के भीतर बातचीत करेंगे। ईरान को उम्मीद है कि इस बातचीत के नतीजे के रूप में ईरान पर लगे प्रतिबंध हटा लिये जायेंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 28 Jun 2026 18:05:58 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>ईरानी राष्ट्रपति पेज़ेशकियान पाकिस्तान दौरे पर: पीएम शहबाज शरीफ से करेंगे मुलाकात ; भारत की बढ़ सकती है मुश्किलें, जानें कैसे ?</title>
                                    <description><![CDATA[ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियान ने पाक पीएम शहबाज शरीफ के आमंत्रण पर इस्लामाबाद का दौरा किया। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य ईरान-अमेरिका वार्ता में पाकिस्तान की मध्यस्थता के लिए आभार जताना है। दोनों देश अंतिम समझौते के लिए 60 दिवसीय रोडमैप पर सहमत हुए हैं, जिससे कूटनीतिक संबंधों को नई मजबूती मिलेगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/iranian-president-pezeshkian-will-meet-pm-shahbaz-sharif-during-pakistan/article-157858"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/pm1.png" alt=""></a><br /><p>तेहरान। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियान रणनीतिक संबंधों को मजबूत करने और व्यापार तथा अन्य क्षेत्रों में सहयोग पर चर्चा करने के लिए पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के विशेष आमंत्रण पर इस्लामाबाद का एक दिवसीय दौरा कर रहे हैं। यह दोनों देशों के बीच करीबी संबंधों की दिशा में एक और बड़ा कदम है। ईरान के राष्ट्रपति कार्यालय के जनसंपर्क प्रमुख हबीबुल्लाह अब्बासी ने पुष्टि की, कि वार्ता को सुगम बनाने में पाकिस्तान के नेतृत्व की भूमिका के लिए उनका आभार व्यक्त करना इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य होगा।</p>
<p>रिपोर्ट के अनुसार, अब्बासी ने कहा कि इस यात्रा के उद्देश्यों में 'ईरान और अमेरिका के बीच मध्यस्थता' के लिए पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के प्रति आभार व्यक्त करना शामिल है। पेज़ेशकियान की यह यात्रा मुख्य रूप से शरीफ को व्यक्तिगत रूप से धन्यवाद देने के लिए है, क्योंकि पाकिस्तान ने ईरान और अमेरिका को बातचीत की मेज पर लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी थी। पेज़ेशकियान पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के साथ-साथ शरीफ, पाकिस्तान के विदेश मंत्री और 'नेशनल असेंबली' के अध्यक्ष से मुलाकात करेंगे। यह यात्रा स्विट्जरलैंड में ईरान-अमेरिका उच्च स्तरीय वार्ता के पहले दौर के संपन्न होने के तुरंत बाद हो रही है, जहां दोनों पक्षों ने इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए पर्याप्त 'प्रगति' की है। पेज़ेशकियान ने यात्रा से पहले कहा, "वार्ता की प्रभावशीलता जिम्मेदारियों के प्रति पूर्ण प्रतिबद्धता और उनके सटीक कार्यान्वयन पर निर्भर करती है। इस रास्ते पर प्रगति को जिम्मेदारियों के प्रति व्यावहारिक पालन से मापा जाएगा। </p>
<p>इस वार्ता में पाकिस्तान और कतर ने मध्यस्थ की भूमिका निभायी, जो आखिरकार दोनों पक्षों को स्विट्जरलैंड में एक साथ लाये। यह वार्ता ब्युर्गनस्टॉक रिसॉर्ट में हुई, जहां वरिष्ठ ईरानी और अमेरिकी अधिकारियों ने मुलाकात की, जिसे पिछले कई वर्षों में दोनों देशों के बीच सबसे गंभीर राजनयिक आदान-प्रदान में से एक बताया जा रहा है। वार्ता के बाद पाकिस्तान और कतर दोनों ने घोषणा की, कि ईरान और अमेरिका एक अंतिम समझौते की दिशा में रोडमैप पर सहमत हो गए हैं, जिसके तहत अंतिम समझौते तक पहुंचने के लिए 60 दिनों का समय तय किया गया है। अन्य मसलों को तय करने के लिए इस सप्ताह स्विट्जरलैंड में तकनीकी चर्चाएं जारी हैं।</p>
<p>पाकिस्तान यात्रा के अलावा, ईरान एक और राजनयिक रास्ते पर भी आगे बढ़ रहा है। मुख्य वार्ताकार मोहम्मद बाघेर गालीबाफ वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य के माध्यम से नौवहन और जहाजरानी के ईरानी प्रबंधन को मजबूत करने के उपायों पर चर्चा करने के लिए ओमान की यात्रा कर रहे हैं। उनके कार्यालय ने सोमवार को अपने टेलीग्राम चैनल के माध्यम से इस यात्रा की घोषणा की। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची के भी इस व्यापक राजनयिक प्रयास में शामिल होने की उम्मीद है, हालांकि उनके विशिष्ट कार्यक्रमों का विवरण अभी सामने नहीं आया है।</p>
<p>पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के अनुसार, राष्ट्रपति के रूप में पेज़ेशकियन की यह दूसरी इस्लामाबाद यात्रा होगी। जून 2025 में 12 दिनों तक चले ईरान-इजरायल युद्ध के बाद, उन्होंने अपनी पहली विदेश यात्रा के लिए पाकिस्तान को चुना था और लाहौर तथा इस्लामाबाद का दौरा किया था। उस यात्रा के दौरान दोनों पक्षों ने 12 समझौतों पर हस्ताक्षर किए थे और द्विपक्षीय व्यापार को लगभग तीन अरब डॉलर से बढ़ाकर सालाना 10 अरब डॉलर करने का संकल्प लिया था। इससे पहले जनवरी 2024 में दोनों देशों के बीच टकराव की स्थिति पैदा हो गई थी, जब ईरान ने सशस्त्र समूह जैश अल-अदल के खिलाफ पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में मिसाइल हमले किए थे। पाकिस्तान ने भी 48 घंटों के भीतर ईरान के सिस्तान-बलूचिस्तान प्रांत में जवाबी हमले किए थे, जिसके बाद दोनों देशों को अपने राजदूतों को वापस बुलाना पड़ा था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
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                <pubDate>Tue, 23 Jun 2026 17:30:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>अमेरिका-ईरान वार्ता में बड़ी प्रगति: 60 दिन में अंतिम समझौते का रोडमैप, होर्मुज पर तनाव कम करने की पहल</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिका और ईरान के बीच स्विट्जरलैंड में हुई पहले दौर की बातचीत सकारात्मक रही। मध्यस्थ देश कतर और पाकिस्तान के अनुसार, 60 दिनों में अंतिम समझौते के लिए उच्च-स्तरीय समिति और होर्मुज जलडमरूमध्य के लिए संचार व्यवस्था बनाने पर सहमति बनी है। ईरान के प्रतिबंध हटने और लेबनान में संघर्ष-निवारण सेल स्थापित करने से शांति की उम्मीदें बढ़ी हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/major-progress-in-us-iran-talks-roadmap-for-final-agreement-in/article-157771"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/america-and-iran.png" alt=""></a><br /><p>बर्गेनस्टॉक। अमेरिका और ईरान के बीच अंतिम समझौते तक पहुँचने के मकसद से हुई बातचीत का पहला दौर "सकारात्मक" रहा है और मध्यस्थ देशों कतर और पाकिस्तान ने कहा है कि बातचीत में "उत्साहजनक प्रगति" हुई है। पिछले सप्ताह वाशिंगटन और तेहरान के बीच शुरुआती समझौते के बाद रविवार को स्विट्जरलैंड में बातचीत शुरू हुई। तकनीकी स्तर की बातचीत पूरे सप्ताह जारी रहेगी। कतर और पाकिस्तान ने सोमवार सुबह जारी एक संयुक्त बयान में घोषणा की "उच्च-स्तरीय समिति" बनाने पर सहमति बनी है, जो 60 दिनों के भीतर अंतिम समझौते तक पहुँचने के लिए एक रोडमैप तैयार करेगी। मध्यस्थों ने यह भी कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य के लिए "संचार व्यवस्था" और मध्यस्थता प्रयासों की देखरेख के लिए एक उच्च-स्तरीय समिति बनाई जा रही है।</p>
<p>ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अरागची ने कहा कि इस बातचीत से लेबनान में संघर्ष को खत्म करने की दिशा में "बड़ी प्रगति" हुई है। बयान के अनुसार ईरान फारस की खाड़ी से ओमान सागर तक और इसके विपरीत दिशा में वाणिज्यिक जहाजों की "बिना किसी शुल्क के सुरक्षित आवाजाही" सुनिश्चित करने के लिए "पूरी कोशिश" करेगा। बातचीत के दौरान होर्मुज जलडमरूमध्य ईरान के लिए दबाव बनाने का एक अहम जरिया रहा है। शनिवार को ईरान की मिलिट्री कमांड ने घोषणा की कि वह इस रणनीतिक जलमार्ग को बंद कर देगी। यह कदम लेबनान में इज़रायल के लगातार हमलों और अमेरिका द्वारा युद्ध खत्म करने के समझौते को "लागू न कर पाने" के जवाब में उठाया गया।</p>
<p>मध्यस्थों के संयुक्त बयान में कहा गया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य से वाणिज्यिक जहाजों के सुरक्षित आवागमन के उद्देश्य से "घटनाओं और गलतफहमियों से बचने" के लिए एक "संचार लाइन" स्थापित की गई है। दोनों पक्षों ने लेबनान में सैन्य अभियानों को समाप्त करने में सहायता के लिए कतर और पाकिस्तान की सहायता से अमेरिका, ईरान और लेबनान को शामिल करते हुए एक "संघर्ष-निवारण सेल" स्थापित करने पर भी सहमति व्यक्त की।</p>
<p>स्विट्जरलैंड में वार्ता के समापन के बाद अराघची ने कहा कि ईरान के तेल निर्यात पर लगे प्रतिबंध हटा दिए गए हैं और विदेशों में फ्रीज हुई कुछ ईरानी परिसंपत्तियों को जारी कर दिया गया है। उन्होंने 'एक्स' पर एक पोस्ट में यह भी कहा कि "ईरान के लिए एक बड़ी पुनर्निर्माण और विकास योजना शुरू की गई है"। इस पोस्ट में फ्रीज हुई परिसंपत्तियों या पुनर्निर्माण कार्यक्रम के बारे में कोई विवरण नहीं दिया गया।</p>
<p>रिपोर्ट के अनुसार, ईरानी प्रतिनिधिमंडल का प्रतिनिधित्व करने वाली मीडिया समिति ने एक अलग बयान में कहा कि ईरान और कतर ने तेहरान की फ्रीज हुइ्र परिसंपत्तियों को छोड़ने से संबंधित एक नए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। एमओयू पर हस्ताक्षर होने के बाद से दक्षिणी लेबनान में हिज़्बुल्लाह और इज़रायल सेना के बीच लड़ाई तेज़ हो गई है और इज़रायली हवाई हमलों में दर्जनों लेबनानी नागरिक मारे गए हैं, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 22 Jun 2026 18:38:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>ईरान ने होर्मुज फिर बंद किया; चेतावनी भी दी हमले जारी रहे तो और कड़े कदम उठाए जाएंगे</title>
                                    <description><![CDATA[ईरान ने अमेरिका द्वारा समझौते के उल्लंघन और इजरायली हमलों के विरोध में होर्मुज स्ट्रेट बंद करने की घोषणा की। हालांकि, अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने इस दावे को खारिज किया है। लेबनान में नए हमलों से शांति समझौते पर संकट गहरा गया है, जिसे सुलझाने के लिए अमेरिकी दूत स्विट्जरलैंड रवाना हुए हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/iran-closed-hormuz-again-and-warned-that-if-the-attacks/article-157620"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/hormuz.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिगंटन। लेबनान पर इजरायली हमलों के बाद ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट बंद करने की घोषणा की है। ईरान की संयुक्त मिलिट्री कमांड ने इसके पीछे युद्ध खत्म करने वाले समझौते का अमेरिका द्वारा उल्लंघन, दक्षिणी लेबनान से सेना नहीं हटाने और इजरायल की ओर से लगातार युद्धविराम का उल्लंघन करने का कारण बताया है। ईरानी सेना ने चेतावनी दी है कि अगर उल्लंघन जारी रहा, तो और भी कदम उठाए जाएंगे।</p>
<p><strong>उधर अमेरिका का दावा, होर्मुज बंद नहीं हुआ: वेंस</strong></p>
<p>दूसरी तरफ अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा है कि उन्हें भरोसा है कि तेहरान के साथ वॉशिंगटन के 14-सूत्रीय समझौते में तय किया गया संघर्ष विराम बना रहेगा। अमेरिका को ऐसा कोई सबूत नहीं मिला है जिससे पता चले कि होर्मुज समुद्री यातायात के लिए बंद कर दिया गया है।</p>
<p><strong>हमने वादों का पालन किया: ईरान</strong></p>
<p>ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता का कहना है कि हमने अपने वादों का पालन किया है और अमेरिका की यह जिम्मेदारी है कि वह इजरायल को लेबनान पर हमले रोकने के लिए मजबूर करे।</p>
<p><strong>इजरायल ने फिर किए हमले</strong></p>
<p>उधर, अमेरिका और ईरान के समझौते की खबरों के कुछ ही घंटों बाद शनिवार को दक्षिणी लेबनान में इजरायली हमलों में कम से कम सात लोगों की मौत हो गईए जिनमें दो बच्चे भी शामिल हैं।</p>
<p><strong>डील पर मंडराया खतरा</strong></p>
<p>अब ईरानी सेना द्वारा दोबारा होर्मुज स्ट्रेट पर प्रतिबंध लगाने से समझौते पर संकट गहरा गया है। इस बीच पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी शनिवार को ईरान पहुंचे हैं। माना जा रहा है कि मोहसिन नकवी ईरान और अमेरिका के बीच चल रही बातचीत पर नजर रखेंगे। </p>
<p><strong>ईरान से वार्ता के लिए अमेरिकी दूत विटकॉफ रवाना</strong></p>
<p>अमेरिका-ईरान के बीच उच्च स्तरीय वार्ता बहाल करने के उद्देश्य से अमेरिका के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ ईरानी अधिकारियों से बातचीत के लिए स्विट्जरलैंड रवाना हो गए हैं। दक्षिणी लेबनान में हालांकि नए इजरायली हमलों ने उस नाजुक संघर्ष विराम के लिए खतरा पैदा कर दिया है, जिसे व्यापक कूटनीतिक प्रक्रिया के लिए बेहद अहम माना जा रहा है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 21 Jun 2026 11:17:34 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>अमेरिका-ईरान समझौता: 60 दिनों में अंतिम डील पर सहमति, पीएम शरीफ ने बतौर मध्यस्थ 'इस्लामाबाद एमओयू' पर किए दस्तख़त</title>
                                    <description><![CDATA[पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थता समझौते पर हस्ताक्षर किए। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और मसूद पेजेशकियन की सहमति वाले इस समझौते के तहत दोनों देश दुश्मनी खत्म करने और होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने पर राजी हुए हैं। इसके तहत ईरान को $300 बिलियन का पुनर्निर्माण कोष मिलेगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/america-iran-agreement-final-deal-agreed-in-60-days-pm-sharif/article-157379"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/pm.png" alt=""></a><br /><p>इस्लामाबाद। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने बतौर मध्यस्थ ईरान और अमेरिका के बीच इस्लामाबाद समझौता ज्ञापन पर दस्तखत किए। पाकिस्तानी मीडिया ने प्रधानमंत्री कार्यालय के बयान का हवाला देते हुए कहा कि पाकिस्तान की तरफ से मध्यस्थता के अंतिम समर्थन दस्तावेज पर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन के दस्तखत पहले से ही मौजूद थे। बयान के मुताबिक शांति समझौते को तय समय से पहले पूरा हुआ बताया गया, जिसमें दोनों पक्ष दुश्मनी खत्म करने और होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने पर राजी हुए। इसमें आगे दावा किया गया कि समझौता पहले ही लागू हो चुका था। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फ्रांस में पैलेस ऑफ वर्सेल्स में अमेरिका-ईरान समझौता की एक कॉपी पर दस्तखत करके अपनी जी-7 यात्रा पूरी की।</p>
<p>एक अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि इसके बाद अमेरिका ने दस्तखत किए गए समझौते की एक फोटो ईरानियों को भेजी। इसके बाद ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने दस्तावेज पर दस्तखत किए। यह समझौता अमेरिका और ईरान को 60 दिनों के अंदर एक अंतिम समझौता करने का वायदा करता है। इसमें यह भी कहा गया है कि अमेरिका छूट देगा ताकि ईरान तेल निर्यात कर सके और इसमें होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के प्रावधान बताए गए हैं। यह अमेरिका और क्षेत्रीय साझेदारों को ईरान के लिए 300 बिलियन डॉलर का पुनर्निर्माण कोष बनाने का भी वायदा करता है। अधिकारियों ने समझौते को दुश्मनी खत्म करने और क्षेत्रीय स्थिरता वापस लाने के मकसद से एक बड़ी कूटनीतिक कामयाबी बताया।</p>
<p>बयान में कहा गया कि समझौता में खास समुद्री रास्तों को फिर से खोलने के प्रावधान शामिल हैं और इसमें बड़े आर्थिक पुनर्निर्माण और प्रतिबंध से जुड़े प्रतिबद्धता की रूपरेखा है। विवरण हालांकि अभी साफ नहीं हैं और स्वतंत्र रूप से इसकी पुष्टि नहीं की गई है। इसमें कहा गया कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत 60 दिनों के लिए जारी रहेगी, जिसे आपसी सहमति से बढ़ाया जा सकता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 18 Jun 2026 18:32:31 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>पश्चिम एशिया में शांति की उम्मीद: अमेरिका-ईरान जंग खत्म करने पर राजी, 19 जून को होंगे ऐतिहासिक शांति समझौते पर हस्ताक्षर</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और पाकिस्तानी पीएम शहबाज शरीफ ने पुष्टि की है कि अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौता पूरा हो गया है। सभी मोर्चों पर सैन्य कार्रवाई तुरंत रोक दी गई है। होर्मुज जलडमरूमध्य को जहाजों के लिए खोल दिया गया है, जिससे कच्चे तेल का प्रवाह दोबारा शुरू हो सकेगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/hope-for-peace-in-west-asia-america-iran-agree-to-end/article-156990"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/tru-p.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। अमेरिका और ईरान पश्चिम एशिया में शांति बहाल करने के मुद्दे पर राजी हो गये हैं। दोनों देशों के बीच रविवार को जंग खत्म करने के लिए शांति समझौते पर सहमति बन गयी और अब आधिकारिक हस्ताक्षर समारोह शुक्रवार 19 जून को स्विट्जरलैंड में होगा। इस बात की जानकारी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सोशल मीडिया दी है। ट्रम्प ने ट्रुथ सोशल पर लिखा, "इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ़ ईरान के साथ समझौता अब पूरा हो गया है। सभी को बधाई! मैं इसके ज़रिए होर्मुज़ जलडमरूमध्य को बिना किसी शुल्क के खोलने और साथ ही अमेरिकी नौसेना की नाकेबंदी को तुरंत हटाने की मंज़ूरी देता हूँ। दुनिया भर के जहाज़ अपने इंजन चालू करें। तेल का प्रवाह शुरू होने दो!।"</p>
<p>वहीं, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, "हमें यह बताते हुए खुशी हो रही है कि अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौता हो गया है। दोनों पक्षों ने लेबनान समेत सभी मोर्चों पर सैन्य कार्रवाई को तुरंत और हमेशा के लिए रोकने का ऐलान किया है। इस समझौते पर आधिकारिक हस्ताक्षर समारोह शुक्रवार 19 जून को स्विट्जरलैंड में होगा।" उन्होंने कहा, "हम इस विवाद का कूटनीतिक समाधान खोजने की अपनी प्रतिबद्धता के लिए अमेरिका और ईरान का धन्यवाद करना चाहते हैं। हम इस समझौते तक पहुँचने में मदद के लिए मध्यस्थता की कोशिश में शामिल अपने भाइयों कतर के महान नेतृत्व का भी दिल से आभार व्यक्त करते हैं। मैं सऊदी अरब और तुर्की के दूरदर्शी नेतृत्व का भी विशेष रूप से धन्यवाद करना चाहता हूं, जिन्होंने इस दिशा में बहुत बड़ा योगदान दिया है।"</p>
<p>उन्होंने कहा कि अब जब समझौता हो गया है, तो मध्यस्थ इस हफ़्ते कई बैठकों का आयोजन करेंगे। समझौते को लागू करने से पहले की ये चर्चाएं तकनीकी और आधिकारिक हस्ताक्षर समारोह के लिए आधार तैयार करेंगी।</p>]]></content:encoded>
                
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                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 15 Jun 2026 12:33:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>बड़ी खबर: अमेरिका-ईरान समझौते की अटकलें तेज, अगले हफ्ते स्विट्ज़रलैंड में हो सकती है अहम बैठक</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिका और ईरान के शीर्ष अधिकारियों के बीच अगले हफ्ते स्विट्ज़रलैंड में हाई-लेवल बैठक की संभावना है। अमेरिकी वायुसेना के विमान जिनेवा में तैयारियां कर रहे हैं, जहां उप राष्ट्रपति जेडी वेंस पहुंच सकते हैं। हालांकि राष्ट्रपति ट्रंप के रविवार के दावों को खारिज करते हुए ईरान ने कहा कि हस्ताक्षर आने वाले दिनों में होंगे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/big-news-speculation-on-us-iran-agreement-intensifies-important-meeting-may/article-156939"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/ameica.png" alt=""></a><br /><p>मॉस्को। अमेरिका और ईरान के दो वरिष्ठ अधिकारियों की अगले हफ़्ते स्विट्ज़रलैंड में बैठक हो सकती है। रिपोर्ट के अनुसार पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने इस बैठक की तैयारी के लिए स्विट्ज़रलैंड जाने की योजना बनाई है। इससे पहले शुक्रवार को मीडिया रिपोर्ट दी कि ईरान और अमेरिका के बीच समझौते पर हस्ताक्षर करने के लिए जिनेवा संभावित जगह हो सकती है। साथ ही शुक्रवार को एक्सियोस ने बताया था कि अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के अमेरिका-ईरान समझौते पर हस्ताक्षर करने के लिए संभावित दौरे से पहले अमेरिकी वायु सेना के चार सी-17 विमान जिनेवा में उपकरण पहुंचा रहे हैं।</p>
<p>वहीं, ईरानी वार्ताकारों के करीबी एक सूत्र ने बताया कि रविवार को जिनेवा में संभावित समझौते पर हस्ताक्षर होने की खबरें गलत हैं और ईरान ने अभी तक समझौते पर कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को कहा कि संघर्ष को समाप्त करने के समझौते पर रविवार को हस्ताक्षर किए जाएंगे। वहीं ईरान ने इस समय-सीमा को खारिज कर दिया है, लेकिन उसका कहना है कि हस्ताक्षर आने वाले दिनों में हो सकते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 14 Jun 2026 11:09:55 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा ऐलान : अमेरिका-ईरान समझौते के करीब, कुछ दिनों में हस्ताक्षर होने की उम्मीद</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की है कि ईरान के साथ एक शानदार युद्धविराम समझौता तय हो गया है। व्हाइट हाउस में उन्होंने बताया कि दस्तावेज़ अंतिम रूप में हैं और इस सप्ताहांत यूरोप में उप राष्ट्रपति जेडी वेंस की मौजूदगी में हस्ताक्षर समारोह होने की उम्मीद है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/trump-claims-us-iran-agreement-expected-to-be-signed-in-a/article-156739"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/trump1.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि उन्होंने ‘ईरान के साथ युद्ध का एक शानदार समझौता तय किया है’ और अगले कुछ दिनों में इस समझौते पर हस्ताक्षर होने की उम्मीद है। ट्रंप ने गुरुवार को ह्वाइट हाउस में पत्रकारों को बताया कि उन्हें उम्मीद है कि सप्ताहांत पर यूरोप में एक हस्ताक्षर समारोह आयोजित किया जायेगा। इसमें अमेरिका के उप राष्ट्रपति जे डी वेंस शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि दस्तावेज ‘अंतिम रूप’ में हैं और यह समझौता प्रक्रिया ‘बेहद जल्द' पूरी हो जायेगी।</p>
<p>यह पूछे जाने पर कि क्या ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई इस समझौते के लिए सहमत हो गये हैं? ट्रंप ने कहा, “मेरी समझ से इसका जवाब हां है।” इस संभावित समझौते को ‘थोड़ा वैचारिक’ करार देते हुए ट्रंप ने कहा कि यह ‘एक बेहद मजबूत सहमति पत्र’ है और ‘ऐसा कुछ है, जो पूरा होने जा रहा है।’</p>
<p>ईरान ने अभी तक इस बात की पुष्टि नहीं की है कि वह युद्ध विराम के लिए अमेरिकी शर्तों पर सहमत हो गया है। गौरतलब है कि अमेरिका-इजरायल ने बीते 28 फरवरी को ईरान के खिलाफ यह युद्ध शुरू किया था। इससे पहले गुरुवार को ट्रंप ने लगातार तीसरे दिन ईरान पर हमला करने का संकल्प लिया था, लेकिन कुछ ही घंटों बाद उन्होंने घोषणा की कि अमेरिका ने इस कार्रवाई को रद्द कर दिया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/trump-claims-us-iran-agreement-expected-to-be-signed-in-a/article-156739</link>
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                <pubDate>Fri, 12 Jun 2026 11:40:47 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>सैन्य संघर्ष के 100 दिन बीते: दुनिया भर में जंग दोबारा भड़कने की आशंका से खौफ, दोनों के दरम्यान चल रहा युद्धविराम</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिका-ईरान सैन्य संघर्ष 100 दिनों पर पहुंच गया है। 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' के शुरुआती 100 घंटों में अमेरिका ने ₹31,000 करोड़ गंवाए। होर्मुज स्ट्रेट संकट से दुनिया भर में पेट्रोल-डीजल और महंगाई में भारी उछाल आया है। भारी सैन्य जनहानि के बाद अब 60 दिनों के नाजुक संघर्ष विराम पर बातचीत जारी है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/100-days-of-military-conflict-passed-ceasefire-going-on-between/article-156232"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/us2.png" alt=""></a><br /><p>वाॅशिंगटन। अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा सैन्य संघर्ष 100 दिनों तक पहुंच गया है। यह टकराव ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के नाम से जाना गया, जिसकी शुरूआत 28 फरवरी को हुई। इस युद्ध में अमेरिका और इजराइल ने संयुक्त रूप से ईरान को निशाना बनाया था, जिसके पहले ही दिन तेहरान में ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की मृत्यु हो गई। अमेरिकी थिंक टैंक सीएसआईएस की रिपोर्ट के अनुसार, युद्ध के शुरूआती 100 घंटों में ही अमेरिका का लगभग 31,000 करोड़ रुपए का भारी खर्च हुआ। </p>
<p><strong>होर्मुज का संकट</strong></p>
<p>होर्मुज स्ट्रेट तेल की वैश्विक आपूर्ति के लिए एक प्रमुख मार्ग है, जहां दोनों देशों की सेनाओं के आमने-सामने आने से ग्लोबल आॅयल क्राइसिस और मंहगाई बढ़ गई है। इस क्षेत्र में तनाव के चलते पेट्रोल-डीजल के दाम और आम इस्तेमाल के रोजमर्रा उत्पादों की कीमतों में उछाल देखा गया है। भारत सहित पूरी दुनिया में अर्थव्यवस्था पर इस युद्ध का बहुत नकारात्मक असर हुआ है। भारत में पेट्रोल, डीजल और गैस की कीमतों में भारी उछाल आया है।</p>
<p><strong>सीजफायर और शांति वार्ता</strong></p>
<p>इन 100 दिनों की गहन लड़ाई और बड़े पैमाने पर हुए नुकसान के बाद, मध्यस्थ देश अमेरिका और ईरान के बीच 60 दिन के संघर्ष विराम विस्तार समझौते को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। लेकिन इन शांति प्रयासों को मिलने वाली सफलता के बारे में कोई भी आश्वस्त नहीं है, क्योंकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प अब अनप्रीडेक्टेबल मान लिए गए हैं और कोई भी उनकी बातों या वादों पर यकीन नहीं करता। वैसे दोनों पक्षों के बीच एक नाजुक सा युद्धविराम मौजूद है, लेकिन पूरी दुनिया जंग दोबारा शुरू होने के प्रति आशंकित भी है।</p>
<p><strong>अमेरिका के 15 सैनिक मरे, 543 जख्मी</strong></p>
<p>युद्ध में अमेरिका के 15 सैनिक मारे गए और 543 सैनिक घायल हुए। जबकि इजरायल के 29 जवान और एक कांट्रैक्टर मारे गए। उसके 28 नागरिक भी ईरानी ड्रोन और मिसाइल हमलों में घायल हुए। संयुक्त अरब अमीरात के दो सैनिक और 11 नागरिक ईरानी हमलों में घायल हुए। जबकि कुवैत के चार सैनिक और सात नागरिक ईरानी हमलों में मारे गए। साथ ही उसके 78 सैनिक और 104 नागरिक घायल हुए। दूसरी ओर ईरानी दावे के अनुसार उसके 3,468 लोग युद्ध में मारे गए और 26500 घायल हुए। जबकि हजबुल्ला के एक हजार से अधिक लोग मारे गए। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 07 Jun 2026 09:51:58 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>बड़ी खबर: ज़ेलेंस्की बातचीत के लिए कभी भी आ सकते हैं रुस ?</title>
                                    <description><![CDATA[रूसी प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने कहा कि यदि यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की शांति वार्ता चाहते हैं, तो वे कभी भी मॉस्को आ सकते हैं। जेलेंस्की ने राष्ट्रपति पुतिन को पत्र लिखकर पूर्ण युद्धविराम के साथ आमने-सामने की बैठक का प्रस्ताव दिया था, जिस पर रूस ने अपने राष्ट्रीय हितों को सर्वोपरि बताया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/big-news-zelensky-can-come-to-russia-for-talks-any/article-156095"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/ukreen-jalensky.png" alt=""></a><br /><p>मॉस्को। रुस ने कहा है कि अगर यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की बातचीत करना चाहते हैं, तो वे कभी भी यहां आ सकते हैं। क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने इस आशय की घाेषणा की है। ज़ेलेंस्की ने गुरुवार को एक पत्र जारी करके शांति प्रक्रिया पर चर्चा के लिए रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ आमने-सामने की बैठक का प्रस्ताव रखा, जिसमें यूरोप और अमेरिका भी शामिल हों। ज़ेलेंस्की ने पत्र में लिखा, "यूक्रेन हमारे और आपके बीच सीधी बातचीत के ज़रिए इस युद्ध को खत्म करने का प्रस्ताव देता है। मैं एक बैठक का प्रस्ताव रख रहा हूं।"</p>
<p>ज़ेलेंस्की ने बैठक के लिए एक स्पष्ट तारीख तय करने की भी मांग की और कहा कि बातचीत के दौरान पूरी तरह से युद्धविराम के लिए यूक्रेन तैयार है। उन्होंने बताया कि स्विट्जरलैंड, तुर्की और कुछ अरब देशों ने ऐसी बातचीत की मेज़बानी करने की इच्छा जताई है। पेस्कोव ने कहा कि क्रेमलिन ने पत्र की समीक्षा कर ली है और अपनी कामकाजी बैठक के बाद पुतिन को इसकी जानकारी देगा। उन्होंने कहा, "राष्ट्रपति पुतिन ने कहा है कि अगर ज़ेलेंस्की बातचीत करना चाहते हैं, तो वे मॉस्को आकर ऐसा कर सकते हैं।" प्रवक्ता ने यूक्रेन संघर्ष को सुलझाने में अमेरिका की कोशिशों पर टिप्पणी करते हुए कहा कि रूस ने कभी भी अमेरिका की भूमिका को आदर्श नहीं माना है और उसके लिए राष्ट्रीय हित ही सबसे ऊपर हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 05 Jun 2026 16:23:00 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>अमेरिका-यूक्रेन संघर्ष: अमेरिका का रूस के साथ संबंध बनाए रखना जरूरी, बोले- मध्यस्थता के प्रयासों को फिर से शुरू करने के लिए तैयार</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा है कि यूक्रेन संघर्ष के बावजूद अमेरिका को रूस के साथ राजनयिक संबंध और बातचीत बनाए रखनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि कई द्विपक्षीय मुद्दों का यूक्रेन से संबंध नहीं है। रुबियो ने ट्रंप प्रशासन की मध्यस्थता में वापसी की इच्छा जताते हुए कहा कि अमेरिका पूरी तरह यूक्रेन के पक्ष में है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/america-ukraine-conflict-america-needs-to-maintain-relations-with-russia-says/article-155969"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/macro.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा है कि यूक्रेन में जारी संघर्ष के बावजूद अमेरिका को रूस के साथ संबंध और बातचीत बनाए रखनी चाहिए। रुबियो ने संसद की विदेश मामलों की समिति की सुनवाई में कहा, “कम से कम, हमें रूसियों के साथ संबंध और बातचीत जारी रखनी ही होगी। हमारे द्विपक्षीय संबंधों में ऐसे मुद्दे हैं, जिनका यूक्रेन से कोई लेना-देना नहीं है।” अमेरिकी विदेश मंत्री ने विश्वास जताया कि यूक्रेन संघर्ष का समाधान होने के बाद अमेरिका-रूस संबंध अधिक दोस्ताना और संभालने में आसान हो जाएंगे। उन्होंने बुधवार को दावा किया कि अमेरिका-यूक्रेन संघर्ष पर मध्यस्थता के प्रयासों को फिर से शुरू करने के लिए तैयार है।</p>
<p>मार्को रुबियो से जब पूछा गया कि क्या मध्यस्थता में ट्रंप प्रशासन फिर से शामिल होने के लिए तैयार है, तो उन्होंने जवाब दिया, “हम ऐसा करने के लिए तैयार हैं।” उन्होंने हालांकि इस बात पर भी जोर दिया कि अमेरिका के अब तक के प्रयास ‘कम फलदायी’ रहे हैं। अमेरिकी विदेश मंत्री ने हालांकि यह भी स्पष्ट किया कि यूक्रेन में संघर्ष को सुलझाने की बातचीत में अमेरिका ‘साफ तौर पर’ यूक्रेन के पक्ष में है।</p>
<p>उन्होंने समिति से कहा, “हम उस युद्ध में निष्पक्ष मध्यस्थ नहीं हैं। हम रूस को हथियार नहीं देते, हम केवल यूक्रेन को हथियार देते हैं। हम यूक्रेन पर प्रतिबंध नहीं लगाते, हम केवल रूस पर प्रतिबंध लगाते हैं, इसलिए हमने स्पष्ट रूप से एक पक्ष लिया है।” मार्को रुबियो ने कहा कि अमेरिका यूक्रेन को आवश्यकता सूची (पर्ल) कार्यक्रम के माध्यम से हथियार बेचना जारी रखे हुए है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 04 Jun 2026 17:29:04 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>डोनाल्ड ट्रंप का दावा : नेतन्याहू, हिज्बुल्ला से बातचीत के बाद युद्धविराम पर सहमति, सैनिकों को वापस बुलाने के आदेश</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि प्रधानमंत्री नेतन्याहू और हिज्बुल्ला प्रतिनिधियों से बातचीत के बाद दोनों पक्ष हमले रोकने पर सहमत हो गए हैं। समझौते के तहत बेरूत में नया सैन्य अभियान नहीं होगा, जिससे क्षेत्रीय तनाव कम करने में बड़ी सफलता मिली है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/donald-trump-claims-netanyahu-agreed-to-ceasefire-after-talks-with/article-155697"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/trump1.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और हिज्बुल्ला के प्रतिनिधियों के साथ हुई बातचीत के बाद दोनों पक्षों ने हमले रोकने पर सहमति जतायी है। डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर जारी बयान में कहा कि उनकी नेतन्याहू के साथ बेहद सकारात्मक और उपयोगी बातचीत हुई, जिसके बाद बेरूत में किसी भी नये सैन्य अभियान के लिए सैनिक नहीं भेजे जाएंगे। उन्होंने कहा कि जो सैनिक वहां जाने की तैयारी में थे, उन्हें भी वापस बुला लिया गया है।</p>
<p>अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह भी दावा किया कि हिज्बुल्ला के वरिष्ठ प्रतिनिधियों के साथ उनकी अच्छी बातचीत हुई और संगठन ने भी गोलीबारी रोकने पर सहमति व्यक्त की है। ट्रंप के अनुसार, समझौते के तहत इजरायल हिज्बुल्ला पर हमला नहीं करेगा और हिज्बुल्ला भी इजरायल के खिलाफ कोई सैन्य कार्रवाई नहीं करेगा। उन्होंने इसे क्षेत्रीय तनाव कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति बताते हुए उम्मीद जतायी कि दोनों पक्ष युद्धविराम का पालन करेंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 02 Jun 2026 11:34:17 +0530</pubDate>
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