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                <title>Mediation - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>अमेरिका-ईरान समझौता: 60 दिनों में अंतिम डील पर सहमति, पीएम शरीफ ने बतौर मध्यस्थ 'इस्लामाबाद एमओयू' पर किए दस्तख़त</title>
                                    <description><![CDATA[पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थता समझौते पर हस्ताक्षर किए। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और मसूद पेजेशकियन की सहमति वाले इस समझौते के तहत दोनों देश दुश्मनी खत्म करने और होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने पर राजी हुए हैं। इसके तहत ईरान को $300 बिलियन का पुनर्निर्माण कोष मिलेगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/america-iran-agreement-final-deal-agreed-in-60-days-pm-sharif/article-157379"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/pm.png" alt=""></a><br /><p>इस्लामाबाद। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने बतौर मध्यस्थ ईरान और अमेरिका के बीच इस्लामाबाद समझौता ज्ञापन पर दस्तखत किए। पाकिस्तानी मीडिया ने प्रधानमंत्री कार्यालय के बयान का हवाला देते हुए कहा कि पाकिस्तान की तरफ से मध्यस्थता के अंतिम समर्थन दस्तावेज पर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन के दस्तखत पहले से ही मौजूद थे। बयान के मुताबिक शांति समझौते को तय समय से पहले पूरा हुआ बताया गया, जिसमें दोनों पक्ष दुश्मनी खत्म करने और होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने पर राजी हुए। इसमें आगे दावा किया गया कि समझौता पहले ही लागू हो चुका था। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फ्रांस में पैलेस ऑफ वर्सेल्स में अमेरिका-ईरान समझौता की एक कॉपी पर दस्तखत करके अपनी जी-7 यात्रा पूरी की।</p>
<p>एक अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि इसके बाद अमेरिका ने दस्तखत किए गए समझौते की एक फोटो ईरानियों को भेजी। इसके बाद ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने दस्तावेज पर दस्तखत किए। यह समझौता अमेरिका और ईरान को 60 दिनों के अंदर एक अंतिम समझौता करने का वायदा करता है। इसमें यह भी कहा गया है कि अमेरिका छूट देगा ताकि ईरान तेल निर्यात कर सके और इसमें होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के प्रावधान बताए गए हैं। यह अमेरिका और क्षेत्रीय साझेदारों को ईरान के लिए 300 बिलियन डॉलर का पुनर्निर्माण कोष बनाने का भी वायदा करता है। अधिकारियों ने समझौते को दुश्मनी खत्म करने और क्षेत्रीय स्थिरता वापस लाने के मकसद से एक बड़ी कूटनीतिक कामयाबी बताया।</p>
<p>बयान में कहा गया कि समझौता में खास समुद्री रास्तों को फिर से खोलने के प्रावधान शामिल हैं और इसमें बड़े आर्थिक पुनर्निर्माण और प्रतिबंध से जुड़े प्रतिबद्धता की रूपरेखा है। विवरण हालांकि अभी साफ नहीं हैं और स्वतंत्र रूप से इसकी पुष्टि नहीं की गई है। इसमें कहा गया कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत 60 दिनों के लिए जारी रहेगी, जिसे आपसी सहमति से बढ़ाया जा सकता है।</p>]]></content:encoded>
                
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                <pubDate>Thu, 18 Jun 2026 18:32:31 +0530</pubDate>
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                <title>पश्चिम एशिया में शांति की उम्मीद: अमेरिका-ईरान जंग खत्म करने पर राजी, 19 जून को होंगे ऐतिहासिक शांति समझौते पर हस्ताक्षर</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और पाकिस्तानी पीएम शहबाज शरीफ ने पुष्टि की है कि अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौता पूरा हो गया है। सभी मोर्चों पर सैन्य कार्रवाई तुरंत रोक दी गई है। होर्मुज जलडमरूमध्य को जहाजों के लिए खोल दिया गया है, जिससे कच्चे तेल का प्रवाह दोबारा शुरू हो सकेगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/hope-for-peace-in-west-asia-america-iran-agree-to-end/article-156990"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/tru-p.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। अमेरिका और ईरान पश्चिम एशिया में शांति बहाल करने के मुद्दे पर राजी हो गये हैं। दोनों देशों के बीच रविवार को जंग खत्म करने के लिए शांति समझौते पर सहमति बन गयी और अब आधिकारिक हस्ताक्षर समारोह शुक्रवार 19 जून को स्विट्जरलैंड में होगा। इस बात की जानकारी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सोशल मीडिया दी है। ट्रम्प ने ट्रुथ सोशल पर लिखा, "इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ़ ईरान के साथ समझौता अब पूरा हो गया है। सभी को बधाई! मैं इसके ज़रिए होर्मुज़ जलडमरूमध्य को बिना किसी शुल्क के खोलने और साथ ही अमेरिकी नौसेना की नाकेबंदी को तुरंत हटाने की मंज़ूरी देता हूँ। दुनिया भर के जहाज़ अपने इंजन चालू करें। तेल का प्रवाह शुरू होने दो!।"</p>
<p>वहीं, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, "हमें यह बताते हुए खुशी हो रही है कि अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौता हो गया है। दोनों पक्षों ने लेबनान समेत सभी मोर्चों पर सैन्य कार्रवाई को तुरंत और हमेशा के लिए रोकने का ऐलान किया है। इस समझौते पर आधिकारिक हस्ताक्षर समारोह शुक्रवार 19 जून को स्विट्जरलैंड में होगा।" उन्होंने कहा, "हम इस विवाद का कूटनीतिक समाधान खोजने की अपनी प्रतिबद्धता के लिए अमेरिका और ईरान का धन्यवाद करना चाहते हैं। हम इस समझौते तक पहुँचने में मदद के लिए मध्यस्थता की कोशिश में शामिल अपने भाइयों कतर के महान नेतृत्व का भी दिल से आभार व्यक्त करते हैं। मैं सऊदी अरब और तुर्की के दूरदर्शी नेतृत्व का भी विशेष रूप से धन्यवाद करना चाहता हूं, जिन्होंने इस दिशा में बहुत बड़ा योगदान दिया है।"</p>
<p>उन्होंने कहा कि अब जब समझौता हो गया है, तो मध्यस्थ इस हफ़्ते कई बैठकों का आयोजन करेंगे। समझौते को लागू करने से पहले की ये चर्चाएं तकनीकी और आधिकारिक हस्ताक्षर समारोह के लिए आधार तैयार करेंगी।</p>]]></content:encoded>
                
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                <pubDate>Mon, 15 Jun 2026 12:33:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>बड़ी खबर: अमेरिका-ईरान समझौते की अटकलें तेज, अगले हफ्ते स्विट्ज़रलैंड में हो सकती है अहम बैठक</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिका और ईरान के शीर्ष अधिकारियों के बीच अगले हफ्ते स्विट्ज़रलैंड में हाई-लेवल बैठक की संभावना है। अमेरिकी वायुसेना के विमान जिनेवा में तैयारियां कर रहे हैं, जहां उप राष्ट्रपति जेडी वेंस पहुंच सकते हैं। हालांकि राष्ट्रपति ट्रंप के रविवार के दावों को खारिज करते हुए ईरान ने कहा कि हस्ताक्षर आने वाले दिनों में होंगे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/big-news-speculation-on-us-iran-agreement-intensifies-important-meeting-may/article-156939"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/ameica.png" alt=""></a><br /><p>मॉस्को। अमेरिका और ईरान के दो वरिष्ठ अधिकारियों की अगले हफ़्ते स्विट्ज़रलैंड में बैठक हो सकती है। रिपोर्ट के अनुसार पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने इस बैठक की तैयारी के लिए स्विट्ज़रलैंड जाने की योजना बनाई है। इससे पहले शुक्रवार को मीडिया रिपोर्ट दी कि ईरान और अमेरिका के बीच समझौते पर हस्ताक्षर करने के लिए जिनेवा संभावित जगह हो सकती है। साथ ही शुक्रवार को एक्सियोस ने बताया था कि अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के अमेरिका-ईरान समझौते पर हस्ताक्षर करने के लिए संभावित दौरे से पहले अमेरिकी वायु सेना के चार सी-17 विमान जिनेवा में उपकरण पहुंचा रहे हैं।</p>
<p>वहीं, ईरानी वार्ताकारों के करीबी एक सूत्र ने बताया कि रविवार को जिनेवा में संभावित समझौते पर हस्ताक्षर होने की खबरें गलत हैं और ईरान ने अभी तक समझौते पर कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को कहा कि संघर्ष को समाप्त करने के समझौते पर रविवार को हस्ताक्षर किए जाएंगे। वहीं ईरान ने इस समय-सीमा को खारिज कर दिया है, लेकिन उसका कहना है कि हस्ताक्षर आने वाले दिनों में हो सकते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 14 Jun 2026 11:09:55 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा ऐलान : अमेरिका-ईरान समझौते के करीब, कुछ दिनों में हस्ताक्षर होने की उम्मीद</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की है कि ईरान के साथ एक शानदार युद्धविराम समझौता तय हो गया है। व्हाइट हाउस में उन्होंने बताया कि दस्तावेज़ अंतिम रूप में हैं और इस सप्ताहांत यूरोप में उप राष्ट्रपति जेडी वेंस की मौजूदगी में हस्ताक्षर समारोह होने की उम्मीद है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/trump-claims-us-iran-agreement-expected-to-be-signed-in-a/article-156739"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/trump1.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि उन्होंने ‘ईरान के साथ युद्ध का एक शानदार समझौता तय किया है’ और अगले कुछ दिनों में इस समझौते पर हस्ताक्षर होने की उम्मीद है। ट्रंप ने गुरुवार को ह्वाइट हाउस में पत्रकारों को बताया कि उन्हें उम्मीद है कि सप्ताहांत पर यूरोप में एक हस्ताक्षर समारोह आयोजित किया जायेगा। इसमें अमेरिका के उप राष्ट्रपति जे डी वेंस शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि दस्तावेज ‘अंतिम रूप’ में हैं और यह समझौता प्रक्रिया ‘बेहद जल्द' पूरी हो जायेगी।</p>
<p>यह पूछे जाने पर कि क्या ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई इस समझौते के लिए सहमत हो गये हैं? ट्रंप ने कहा, “मेरी समझ से इसका जवाब हां है।” इस संभावित समझौते को ‘थोड़ा वैचारिक’ करार देते हुए ट्रंप ने कहा कि यह ‘एक बेहद मजबूत सहमति पत्र’ है और ‘ऐसा कुछ है, जो पूरा होने जा रहा है।’</p>
<p>ईरान ने अभी तक इस बात की पुष्टि नहीं की है कि वह युद्ध विराम के लिए अमेरिकी शर्तों पर सहमत हो गया है। गौरतलब है कि अमेरिका-इजरायल ने बीते 28 फरवरी को ईरान के खिलाफ यह युद्ध शुरू किया था। इससे पहले गुरुवार को ट्रंप ने लगातार तीसरे दिन ईरान पर हमला करने का संकल्प लिया था, लेकिन कुछ ही घंटों बाद उन्होंने घोषणा की कि अमेरिका ने इस कार्रवाई को रद्द कर दिया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 12 Jun 2026 11:40:47 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>सैन्य संघर्ष के 100 दिन बीते: दुनिया भर में जंग दोबारा भड़कने की आशंका से खौफ, दोनों के दरम्यान चल रहा युद्धविराम</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिका-ईरान सैन्य संघर्ष 100 दिनों पर पहुंच गया है। 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' के शुरुआती 100 घंटों में अमेरिका ने ₹31,000 करोड़ गंवाए। होर्मुज स्ट्रेट संकट से दुनिया भर में पेट्रोल-डीजल और महंगाई में भारी उछाल आया है। भारी सैन्य जनहानि के बाद अब 60 दिनों के नाजुक संघर्ष विराम पर बातचीत जारी है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/100-days-of-military-conflict-passed-ceasefire-going-on-between/article-156232"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/us2.png" alt=""></a><br /><p>वाॅशिंगटन। अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा सैन्य संघर्ष 100 दिनों तक पहुंच गया है। यह टकराव ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के नाम से जाना गया, जिसकी शुरूआत 28 फरवरी को हुई। इस युद्ध में अमेरिका और इजराइल ने संयुक्त रूप से ईरान को निशाना बनाया था, जिसके पहले ही दिन तेहरान में ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की मृत्यु हो गई। अमेरिकी थिंक टैंक सीएसआईएस की रिपोर्ट के अनुसार, युद्ध के शुरूआती 100 घंटों में ही अमेरिका का लगभग 31,000 करोड़ रुपए का भारी खर्च हुआ। </p>
<p><strong>होर्मुज का संकट</strong></p>
<p>होर्मुज स्ट्रेट तेल की वैश्विक आपूर्ति के लिए एक प्रमुख मार्ग है, जहां दोनों देशों की सेनाओं के आमने-सामने आने से ग्लोबल आॅयल क्राइसिस और मंहगाई बढ़ गई है। इस क्षेत्र में तनाव के चलते पेट्रोल-डीजल के दाम और आम इस्तेमाल के रोजमर्रा उत्पादों की कीमतों में उछाल देखा गया है। भारत सहित पूरी दुनिया में अर्थव्यवस्था पर इस युद्ध का बहुत नकारात्मक असर हुआ है। भारत में पेट्रोल, डीजल और गैस की कीमतों में भारी उछाल आया है।</p>
<p><strong>सीजफायर और शांति वार्ता</strong></p>
<p>इन 100 दिनों की गहन लड़ाई और बड़े पैमाने पर हुए नुकसान के बाद, मध्यस्थ देश अमेरिका और ईरान के बीच 60 दिन के संघर्ष विराम विस्तार समझौते को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। लेकिन इन शांति प्रयासों को मिलने वाली सफलता के बारे में कोई भी आश्वस्त नहीं है, क्योंकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प अब अनप्रीडेक्टेबल मान लिए गए हैं और कोई भी उनकी बातों या वादों पर यकीन नहीं करता। वैसे दोनों पक्षों के बीच एक नाजुक सा युद्धविराम मौजूद है, लेकिन पूरी दुनिया जंग दोबारा शुरू होने के प्रति आशंकित भी है।</p>
<p><strong>अमेरिका के 15 सैनिक मरे, 543 जख्मी</strong></p>
<p>युद्ध में अमेरिका के 15 सैनिक मारे गए और 543 सैनिक घायल हुए। जबकि इजरायल के 29 जवान और एक कांट्रैक्टर मारे गए। उसके 28 नागरिक भी ईरानी ड्रोन और मिसाइल हमलों में घायल हुए। संयुक्त अरब अमीरात के दो सैनिक और 11 नागरिक ईरानी हमलों में घायल हुए। जबकि कुवैत के चार सैनिक और सात नागरिक ईरानी हमलों में मारे गए। साथ ही उसके 78 सैनिक और 104 नागरिक घायल हुए। दूसरी ओर ईरानी दावे के अनुसार उसके 3,468 लोग युद्ध में मारे गए और 26500 घायल हुए। जबकि हजबुल्ला के एक हजार से अधिक लोग मारे गए। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 07 Jun 2026 09:51:58 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>बड़ी खबर: ज़ेलेंस्की बातचीत के लिए कभी भी आ सकते हैं रुस ?</title>
                                    <description><![CDATA[रूसी प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने कहा कि यदि यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की शांति वार्ता चाहते हैं, तो वे कभी भी मॉस्को आ सकते हैं। जेलेंस्की ने राष्ट्रपति पुतिन को पत्र लिखकर पूर्ण युद्धविराम के साथ आमने-सामने की बैठक का प्रस्ताव दिया था, जिस पर रूस ने अपने राष्ट्रीय हितों को सर्वोपरि बताया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/big-news-zelensky-can-come-to-russia-for-talks-any/article-156095"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/ukreen-jalensky.png" alt=""></a><br /><p>मॉस्को। रुस ने कहा है कि अगर यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की बातचीत करना चाहते हैं, तो वे कभी भी यहां आ सकते हैं। क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने इस आशय की घाेषणा की है। ज़ेलेंस्की ने गुरुवार को एक पत्र जारी करके शांति प्रक्रिया पर चर्चा के लिए रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ आमने-सामने की बैठक का प्रस्ताव रखा, जिसमें यूरोप और अमेरिका भी शामिल हों। ज़ेलेंस्की ने पत्र में लिखा, "यूक्रेन हमारे और आपके बीच सीधी बातचीत के ज़रिए इस युद्ध को खत्म करने का प्रस्ताव देता है। मैं एक बैठक का प्रस्ताव रख रहा हूं।"</p>
<p>ज़ेलेंस्की ने बैठक के लिए एक स्पष्ट तारीख तय करने की भी मांग की और कहा कि बातचीत के दौरान पूरी तरह से युद्धविराम के लिए यूक्रेन तैयार है। उन्होंने बताया कि स्विट्जरलैंड, तुर्की और कुछ अरब देशों ने ऐसी बातचीत की मेज़बानी करने की इच्छा जताई है। पेस्कोव ने कहा कि क्रेमलिन ने पत्र की समीक्षा कर ली है और अपनी कामकाजी बैठक के बाद पुतिन को इसकी जानकारी देगा। उन्होंने कहा, "राष्ट्रपति पुतिन ने कहा है कि अगर ज़ेलेंस्की बातचीत करना चाहते हैं, तो वे मॉस्को आकर ऐसा कर सकते हैं।" प्रवक्ता ने यूक्रेन संघर्ष को सुलझाने में अमेरिका की कोशिशों पर टिप्पणी करते हुए कहा कि रूस ने कभी भी अमेरिका की भूमिका को आदर्श नहीं माना है और उसके लिए राष्ट्रीय हित ही सबसे ऊपर हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 05 Jun 2026 16:23:00 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>अमेरिका-यूक्रेन संघर्ष: अमेरिका का रूस के साथ संबंध बनाए रखना जरूरी, बोले- मध्यस्थता के प्रयासों को फिर से शुरू करने के लिए तैयार</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा है कि यूक्रेन संघर्ष के बावजूद अमेरिका को रूस के साथ राजनयिक संबंध और बातचीत बनाए रखनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि कई द्विपक्षीय मुद्दों का यूक्रेन से संबंध नहीं है। रुबियो ने ट्रंप प्रशासन की मध्यस्थता में वापसी की इच्छा जताते हुए कहा कि अमेरिका पूरी तरह यूक्रेन के पक्ष में है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/america-ukraine-conflict-america-needs-to-maintain-relations-with-russia-says/article-155969"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/macro.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा है कि यूक्रेन में जारी संघर्ष के बावजूद अमेरिका को रूस के साथ संबंध और बातचीत बनाए रखनी चाहिए। रुबियो ने संसद की विदेश मामलों की समिति की सुनवाई में कहा, “कम से कम, हमें रूसियों के साथ संबंध और बातचीत जारी रखनी ही होगी। हमारे द्विपक्षीय संबंधों में ऐसे मुद्दे हैं, जिनका यूक्रेन से कोई लेना-देना नहीं है।” अमेरिकी विदेश मंत्री ने विश्वास जताया कि यूक्रेन संघर्ष का समाधान होने के बाद अमेरिका-रूस संबंध अधिक दोस्ताना और संभालने में आसान हो जाएंगे। उन्होंने बुधवार को दावा किया कि अमेरिका-यूक्रेन संघर्ष पर मध्यस्थता के प्रयासों को फिर से शुरू करने के लिए तैयार है।</p>
<p>मार्को रुबियो से जब पूछा गया कि क्या मध्यस्थता में ट्रंप प्रशासन फिर से शामिल होने के लिए तैयार है, तो उन्होंने जवाब दिया, “हम ऐसा करने के लिए तैयार हैं।” उन्होंने हालांकि इस बात पर भी जोर दिया कि अमेरिका के अब तक के प्रयास ‘कम फलदायी’ रहे हैं। अमेरिकी विदेश मंत्री ने हालांकि यह भी स्पष्ट किया कि यूक्रेन में संघर्ष को सुलझाने की बातचीत में अमेरिका ‘साफ तौर पर’ यूक्रेन के पक्ष में है।</p>
<p>उन्होंने समिति से कहा, “हम उस युद्ध में निष्पक्ष मध्यस्थ नहीं हैं। हम रूस को हथियार नहीं देते, हम केवल यूक्रेन को हथियार देते हैं। हम यूक्रेन पर प्रतिबंध नहीं लगाते, हम केवल रूस पर प्रतिबंध लगाते हैं, इसलिए हमने स्पष्ट रूप से एक पक्ष लिया है।” मार्को रुबियो ने कहा कि अमेरिका यूक्रेन को आवश्यकता सूची (पर्ल) कार्यक्रम के माध्यम से हथियार बेचना जारी रखे हुए है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 04 Jun 2026 17:29:04 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>डोनाल्ड ट्रंप का दावा : नेतन्याहू, हिज्बुल्ला से बातचीत के बाद युद्धविराम पर सहमति, सैनिकों को वापस बुलाने के आदेश</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि प्रधानमंत्री नेतन्याहू और हिज्बुल्ला प्रतिनिधियों से बातचीत के बाद दोनों पक्ष हमले रोकने पर सहमत हो गए हैं। समझौते के तहत बेरूत में नया सैन्य अभियान नहीं होगा, जिससे क्षेत्रीय तनाव कम करने में बड़ी सफलता मिली है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/donald-trump-claims-netanyahu-agreed-to-ceasefire-after-talks-with/article-155697"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/trump1.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और हिज्बुल्ला के प्रतिनिधियों के साथ हुई बातचीत के बाद दोनों पक्षों ने हमले रोकने पर सहमति जतायी है। डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर जारी बयान में कहा कि उनकी नेतन्याहू के साथ बेहद सकारात्मक और उपयोगी बातचीत हुई, जिसके बाद बेरूत में किसी भी नये सैन्य अभियान के लिए सैनिक नहीं भेजे जाएंगे। उन्होंने कहा कि जो सैनिक वहां जाने की तैयारी में थे, उन्हें भी वापस बुला लिया गया है।</p>
<p>अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह भी दावा किया कि हिज्बुल्ला के वरिष्ठ प्रतिनिधियों के साथ उनकी अच्छी बातचीत हुई और संगठन ने भी गोलीबारी रोकने पर सहमति व्यक्त की है। ट्रंप के अनुसार, समझौते के तहत इजरायल हिज्बुल्ला पर हमला नहीं करेगा और हिज्बुल्ला भी इजरायल के खिलाफ कोई सैन्य कार्रवाई नहीं करेगा। उन्होंने इसे क्षेत्रीय तनाव कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति बताते हुए उम्मीद जतायी कि दोनों पक्ष युद्धविराम का पालन करेंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 02 Jun 2026 11:34:17 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>पाकिस्तानी विदेश मंत्री इशाक डार का अमेरिका दौरा: मार्को रूबियो से करेंगे मुलाकात, अमेरिका- ईरान के बीच शांति समझौते पर चर्चा</title>
                                    <description><![CDATA[पाकिस्तान के उप-प्रधानमंत्री इशाक डार अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो से मिलने अमेरिका रवाना हो रहे हैं। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य अमेरिका और ईरान के बीच स्थायी शांति समझौता कराना है। प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ के समर्थन से पाकिस्तान खुद को कूटनीतिक मध्यस्थ के रूप में पेश कर क्षेत्रीय स्थिरता बहाल करना चाहता है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/ishaq-dar-visits-america-will-meet-marco-rubio-a-permanent/article-155378"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/ishaq-dar-pakistan-foreign-minister.jpg" alt=""></a><br /><p>इस्लामाबाद। पाकिस्तान के विदेश मंत्री और उप प्रधानमंत्री इशाक डार शुक्रवार को अमेरिका के लिए रवाना होंगे, जहाँ वे अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो के साथ बातचीत करेंगे। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य अमेरिका और ईरान के बीच एक स्थायी शांति समझौते के लिए बातचीत को सुविधाजनक बनाना है। पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के अनुसार, यह मुलाक़ात पहले गुरुवार को होने वाली थी, लेकिन बाद में इसका समय बदल दिया गया। मंत्रालय के अनुसार डार और रूबियो "द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा करेंगे और आपसी हित के क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रमों पर विचारों का आदान-प्रदान करेंगे।"</p>
<p>विदेश मंत्रालय ने बताया, "चर्चाओं का मुख्य केंद्र प्रमुख प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में सहयोग को मज़बूत करना होगा, साथ ही बातचीत और कूटनीति के ज़रिए क्षेत्रीय शांति और स्थिरता को बढ़ावा देने के पाकिस्तान के प्रयासों पर भी ध्यान दिया जाएगा।" मीडिया रिपोर्ट के अनुसार यह दौरा "अमेरिका के साथ अपनी लंबे समय से चली आ रही व्यापक साझेदारी को और गहरा करने के प्रति पाकिस्तान की प्रतिबद्धता को दर्शाता है," पाकिस्तान ने अमेरिका और ईरान के बीच कूटनीतिक संपर्क स्थापित करने के प्रयासों में खुद को एक मध्यस्थ के तौर पर पेश किया है। हाल के हफ़्तों में, वरिष्ठ पाकिस्तानी अधिकारी अमेरिका और ईरान दोनों जगहों के सुरक्षा और राजनीतिक अधिकारियों के साथ नियमित संपर्क बनाए हुए हैं।</p>
<p>इससे पहले गुरुवार को व्हाइट हाउस में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक के बाद, अमेरिका और ईरान ने एक-दूसरे पर नए हमले किए। बैठक के दौरान, रूबियो ने कहा कि प्रशासन को उम्मीद है कि "अगले कुछ घंटों या दिनों में" कोई प्रगति देखने को मिलेगी, साथ ही उन्होंने यह भी संकेत दिया कि अगर कूटनीति विफल रहती है तो अन्य विकल्प भी मौजूद हैं। पाकिस्तान की मध्यस्थता की पहल को प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ का भी सार्वजनिक समर्थन मिला है। उन्होंने ईद के अवसर पर ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियान से बात की और उम्मीद जताई कि जल्द ही एक ऐसा शांति समझौता हो सकता है जो ईरान के "सम्मान और गरिमा" को बनाए रखेगा। शरीफ़ ने कहा कि ऐसा समझौता ईरान की आर्थिक क्षमता को उजागर करने में मदद कर सकता है और पूरे क्षेत्र को व्यापक लाभ पहुँचा सकता है। डार के शुक्रवार देर शाम तक इस्लामाबाद लौटने की उम्मीद है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 29 May 2026 14:43:50 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>अमेरिकी राष्ट्रपति का बड़ा ऐलान: ईरान के साथ समझौते की '50-50' संभावना; 'वार्ता या बमबारी' पर जल्द होगा फैसला</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वह ईरान के नए प्रस्ताव पर वरिष्ठ वार्ताकारों संग बैठक करेंगे। उन्होंने समझौते की उम्मीद को 50-50 बताते हुए साफ किया कि या तो एक "अच्छा समझौता" होगा या फिर ईरान पर अब तक का सबसे भीषण हमला किया जाएगा। रविवार तक इस पर अंतिम निर्णय होने की संभावना है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/trump-announces-50-50-possibility-of-agreement-with-iran-decision-on/article-154838"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/trump1.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने शनिवार को कहा कि वह ईरान के ताजा प्रस्ताव की समीक्षा करने के लिए आज देर शाम वरिष्ठ वार्ताकारों के साथ बैठक करेंगे। उन्होंने कहा कि वह संभवतः रविवार तक यह फैसला कर लेंगे कि ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान फिर से शुरू किया जाए या नहीं। ट्रंप ने इस पूरे मामले में समझौते की उम्मीद को '50-50' बताया है। रिपोर्ट के अनुसार, वार्ताओं की स्थिति पर बोलते हुए ट्रम्प ने कहा कि ईरान के साथ किसी समझौते पर पहुंचने की वाशिंगटन की संभावनाएं "ठोस रूप से 50-50" हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि इसका परिणाम या तो एक "अच्छा समझौता" होगा या फिर उन्हें "पूरी तरह तबाह करने" का फैसला होगा। ट्रम्प ने कहा कि वह इस संबंध में अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ और सलाहकार जारेड कुशनर के साथ बातचीत करने की योजना बना रहे हैं, और इस चर्चा में उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के भी शामिल होने की उम्मीद है।</p>
<p>ट्रंप की यह टिप्पणी पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर के ईरान दौरे के संपन्न होने के तुरंत बाद आई है। ईरान और अमेरिका के बीच मध्यस्थता के इस्लामाबाद के बढ़ते प्रयासों के बीच मुनीर ने वरिष्ठ इरानी अधिकारियों के साथ गहन बैठकें की थीं। पाकिस्तान ने बाद में कहा कि इन वार्ताओं से कोई अंतिम समझौता तो नहीं हुआ है, लेकिन "एक अंतिम सहमति की दिशा में उत्साहजनक प्रगति" हुई है। ट्रंप ने संकेत दिया कि किसी भी अंतिम समझौते में यूरेनियम संवर्धन और ईरान के मौजूदा परमाणु भंडार के भविष्य जैसे प्रमुख मुद्दों का समाधान होना आवश्यक होगा। ये विषय वार्ताओं में सबसे कठिन बाधाओं में से बने हुए हैं। हालांकि, वार्ताओं से परिचित राजनयिकों का कहना है कि वर्तमान में अमेरिका और इरान के बीच चर्चा के तहत चल रहे अंतरिम 'आशय पत्र' के तहत इन मुद्दों के पूरी तरह से सुलझने की संभावना कम है।</p>
<p>इसके बजाय, प्रस्तावित रूपरेखा सक्रिय संघर्ष को समाप्त करने और एक व्यापक समझौते तक पहुंचने के उद्देश्य से आगे की वार्ताओं के लिए 30 दिनों की अवधि स्थापित करने पर केंद्रित होगी। ट्रंप ने कहा, "मुझे लगता है कि दो में से एक बात होगी। या तो मैं उन पर अब तक का सबसे भीषण हमला करूंगा, या फिर हम एक ऐसे समझौते पर हस्ताक्षर करेंगे जो अच्छा होगा।" उन्होंने इस सुझाव को भी खारिज कर दिया कि इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू इस बात को लेकर चिंतित थे कि अमेरिका अंततः ईरान के लिए बहुत अधिक अनुकूल शर्तों पर सहमत हो सकता है। ट्रम्प ने जोर देकर कहा कि इजराइली नेता इस बात को लेकर बिल्कुल चिंतित नहीं हैं कि यह वार्ता किस दिशा में आगे बढ़ रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 24 May 2026 14:58:57 +0530</pubDate>
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                <title>अमेरिकी प्रस्ताव की समीक्षा कर रहा है ईरान: ट्रंप ने युद्ध 'जल्द' खत्म होने ​का किया दावा, बोले-ईरान समझौता अस्वीकार करता है तो  फिर शुरू होगी बमबारी</title>
                                    <description><![CDATA[ईरान और अमेरिका के बीच युद्धविराम हेतु 14 बिंदुओं वाले समझौते पर चर्चा तेज हो गई है। डोनाल्ड ट्रंप ने सकारात्मक संकेत दिए हैं, जबकि ईरान पाकिस्तानी मध्यस्थों के जरिए प्रस्ताव की समीक्षा कर रहा है। इसमें परमाणु सुविधाओं को बंद करने और ईंधन आपूर्ति जैसे अहम मुद्दे शामिल हैं। वैश्विक शांति के लिए यह वार्ता अत्यंत महत्वपूर्ण है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/iran-is-reviewing-the-american-proposal-trump-claimed-that-the/article-153039"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/trumpp1.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। ईरान के विदेश मंत्रालय ने पुष्टि की है कि युद्ध समाप्त करने संबंधी अमेरिकी प्रस्ताव अभी "समीक्षाधीन" है और ईरान अपने रुख को अंतिम रूप देने के बाद पाकिस्तानी मध्यस्थों को जवाब देगा। ईरान की यह प्रतिक्रिया ऐसे समय आई है जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने युद्ध जल्द समाप्त होने की संभावना जताई है। ट्रंप ने जॉर्जिया में रिपब्लिकन समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा, "पिछले 24 घंटों में ईरान के साथ बहुत अच्छी बातचीत हुई है और समझौते की संभावना है। मुझे लगता है कि हम जीत गये।" उन्होंने कहा कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने के उनके प्रयासों के कारण यदि अमेरिकियों को ईंधन कीमतों जैसी अल्पकालिक आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है, तो वह अस्थायी होगा।</p>
<p>अमेरिकी मीडिया संस्थान एक्सियोस की रिपोर्ट के अनुसार व्हाइट हाउस ईरान के साथ 14 बिंदुओं वाले एक समझौता ज्ञापन के करीब पहुंच सकता है, जो आगे परमाणु वार्ता के लिए रूपरेखा का काम करेगा। रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका और ईरान एक ऐसे समझौते पर काम कर रहे हैं, जिससे युद्धविराम लागू हो सके और 30 दिनों के भीतर परमाणु मुद्दे, ईरानी संपत्तियों को मुक्त करने तथा होर्मुज जलडमरूमध्य में नौवहन की स्वतंत्रता जैसे विवादित मुद्दों पर समाधान निकाला जा सके।</p>
<p>ट्रंप ने कहा कि किसी भी समझौते के तहत ईरान को अपने उच्च संवर्धित यूरेनियम को अमेरिका भेजना होगा और भूमिगत परमाणु सुविधाएं बंद करनी होंगी। दूसरी ओर, ईरान में इस प्रस्ताव को लेकर मतभेद दिखाई दे रहे हैं। ईरानी संसद के एक वरिष्ठ सदस्य ने प्रस्ताव को "अमेरिका की इच्छाओं की सूची" बताया, जबकि एक अन्य अधिकारी ने चेतावनी दी कि यदि अमेरिका आवश्यक रियायतें नहीं देता है तो ईरान "कठोर जवाब" देगा जिससे अमेरिका को पछतावा होगा।</p>
<p>ईरान की संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा समिति के प्रवक्ता इब्राहिम रेजाई ने कहा, "अमेरिका युद्ध में वह हासिल नहीं कर पाएगा जो वह प्रत्यक्ष वार्ता में नहीं पा सका।" उन्होंने कहा कि ईरान "पूरी तरह तैयार" है। दूसरी ओर ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर चेतावनी दी कि यदि ईरान समझौता अस्वीकार करता है तो "बमबारी फिर शुरू होगी और पहले से कहीं अधिक तीव्र होगी।" इस बीच, इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ट्रंप प्रशासन के अधिकारियों के साथ वार्ता कर बातचीत की प्रगति की जानकारी ली।</p>
<p>पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि वह ईरान और अमेरिका के बीच संभावित समझौते के संकेतों का स्वागत करता है, लेकिन मध्यस्थ होने के नाते वह बातचीत का विवरण सार्वजनिक नहीं करेगा। मंत्रालय ने कहा कि पाकिस्तान युद्धविराम को स्थायी शांति में बदलने के प्रयास कर रहा है और यदि अगले दौर की वार्ता इस्लामाबाद में होती है तो यह उसके लिए "सम्मान की बात" होगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 07 May 2026 18:20:11 +0530</pubDate>
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                <title>अमेरिका ने ईरानी जहाज के चालक दल के 22 सदस्यों को पाकिस्तान को सौंपा, चेतावनियों के बावजूद की थी नौसैनिक नाकाबंदी तोड़ने की कोशिश </title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिका ने ओमान की खाड़ी में जब्त ईरानी जहाज 'एम/वी टूसका' के 22 चालक दल सदस्यों को पाकिस्तान को सौंप दिया है। पाकिस्तान इन्हें आज ईरानी अधिकारियों को सौंपेगा। इस कदम को अमेरिका-ईरान तनाव के बीच 'कॉन्फिडेंस बिल्डिंग मेजर' माना जा रहा है, जिससे क्षेत्रीय शांति और कूटनीति को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/america-handed-over-22-crew-members-of-an-iranian-ship/article-152651"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/pakistan.png" alt=""></a><br /><p>इस्लामाबाद। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने सोमवार को बताया कि अमेरिका ने एक ईरानी कंटेनर जहाज पर पकड़े गए चालक दल के 22 सदस्यों को सुरक्षित पाकिस्तान पहुँचा दिया है, जिन्हें आज ही ईरानी अधिकारियों को सौंप दिया जाएगा। पाकिस्तान ने चालक दल की इस वापसी को तनाव कम करने की दिशा में अमेरिका द्वारा उठाया गया एक 'विश्वास बढ़ाने वाला कदम' बताया है। ईरानी ध्वज वाला जहाज 'एम/वी टूसका', जो इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान शिपिंग लाइन्स (आईआरआईएसएल) का हिस्सा है, पिछले महीने ओमान की खाड़ी में अमेरिकी सेना द्वारा जब्त कर लिया गया था।</p>
<p>अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार, इस जहाज ने बार-बार दी गई चेतावनियों के बावजूद नौसैनिक नाकाबंदी को तोड़ने की कोशिश की थी। अमेरिकी सेना ने जहाज के इंजन रूम पर फायरिंग भी की थी। ईरान ने अमेरिका की इस कार्रवाई की कड़ी निंदा की थी और इसे 'समुद्री डकैती' करार दिया था। पाकिस्तान के मुताबिक, चालक दल के सदस्यों को रविवार रात उसकी हिरासत में सौंपा गया था और सोमवार को उन्हें ईरान भेज दिया जाएगा। मंत्रालय ने यह भी कहा कि मरम्मत के बाद जहाज को उसके असली मालिकों को लौटा दिया जाएगा।</p>
<p>सीएनएन ने पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के हवाले से कहा कि इन सदस्यों की वापसी ईरानी और अमेरिकी पक्षों के समर्थन से मिलकर की जा रही है। पाकिस्तान ने ऐसे सकारात्मक कदमों का स्वागत करते हुए कहा कि वह क्षेत्रीय शांति के लिए मध्यस्थता के प्रयासों को जारी रखेगा और बातचीत तथा कूटनीति को बढ़ावा देता रहेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 04 May 2026 16:52:13 +0530</pubDate>
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