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                <title>hockey - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>एस्ट्रोटर्फ तो दूर, शहर में नहीं हॉकी मैदान,कैसे तैयार होंगे ध्यानचंद</title>
                                    <description><![CDATA[संसाधनों का अभाव फिर भी  खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने का सपना संजोए हुए हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/forget-astroturf--there-s-not-even-a-proper-hockey-field-in-the-city--how-will-future-dhyan-chands-be-produced/article-136383"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/etws-(1200-x-600-px)-(2)11.png" alt=""></a><br /><p>कोटा । भारत का राष्ट्रीय खेल होने के बावजूद शहर में खिलाड़ियों के लिए एक ढंग का हॉकी मैदान तक नहीं मिल पा रहा है। एस्ट्रो टर्फ जैसी आधुनिक सुविधा की बात करना तो दूर, अभ्यास के लिए भी मैदान उपलब्ध नहीं हो पा रहा। परिणामस्वरूप, प्रतिभाशाली खिलाड़ी संसाधनों के अभाव में अपनी क्षमता का पूरा प्रदर्शन नहीं कर पा रहे हैं। यह शहर के हॉकी खिलाड़ियों के लिए किसी विडंबना से कम नहीं है। शहर के हॉकी कोच दीपक नीनामा ने बताया कि वे कच्चे मैदानों या साझा खेल परिसरों में अभ्यास करने को मजबूर हैं, जहां न तो मानक मापदंड पूरे होते हैं और न ही सुरक्षा की पर्याप्त व्यवस्था। बारिश के दिनों में मैदान की हालत और बदतर हो जाती है, जिससे अभ्यास बाधित होता है। कई बार चोटिल होने का खतरा भी बना रहता है। इसके बावजूद, खिलाड़ियों का उत्साह कम नहीं हुआ है। वे सीमित संसाधनों में भी राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने का सपना संजोए हुए हैं।</p>
<p><strong>खिलाड़ी अन्य शहरों की ओर रुख करने को मजबूर </strong><br />उन्होंने बताया कि हॉकी को बढ़ावा देने के लिए सरकार और खेल संघों द्वारा समय-समय पर घोषणाएं जरूर होती हैं, लेकिन जमीनी हकीकत अलग ही तस्वीर पेश करती है। शहर में न तो स्थायी कोचिंग व्यवस्था है और न ही नियमित प्रतियोगिताओं का आयोजन। नतीजतन, खिलाड़ी अन्य शहरों की ओर रुख करने को मजबूर होते हैं, जहां बुनियादी ढांचा अपेक्षाकृत बेहतर है। इससे न केवल स्थानीय प्रतिभा का पलायन होता है, बल्कि शहर की खेल पहचान भी प्रभावित होती है। खेल प्रेमियों और अभिभावकों का कहना है कि यदि शहर में एक मानक हॉकी स्टेडियम और एस्ट्रो टर्फ मैदान विकसित किया जाए, तो यहां से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी निकल सकते हैं। स्कूल-कॉलेज स्तर पर हॉकी को प्रोत्साहन देने, प्रशिक्षित कोच उपलब्ध कराने और नियमित लीग प्रतियोगिताएं शुरू करने की भी आवश्यकता है। यह निवेश केवल खेल सुविधा नहीं, बल्कि युवाओं के भविष्य में निवेश होगा।</p>
<p><strong>हॉकी भारत की पहचान</strong><br />ठोस योजना बनाकर समयबद्ध तरीके से काम शुरू करें। हॉकी भारत की पहचान रही है और यदि शहर में इसे सम्मान नहीं मिला, तो यह केवल खिलाड़ियों का नहीं, पूरे खेल तंत्र का नुकसान होगा। उम्मीद है कि जिम्मेदार अधिकारी जल्द जागेंगे और शहर के हॉकी खिलाड़ियों को उनका हक मिलेगा।<br /><strong>- दीपक नीनामा, कोच, कोटा</strong></p>
<p><strong>अलग से हॉकी का मैदान जरूरी</strong><br />कोटा शहर शिक्षा के साथ-साथ खेलों में भी अपनी पहचान बना रहा है। वहीं राष्ट्रीय खेल हॉकी को बढावा देने के लिए अलग से मैदान भी जरूरी है, ताकि प्रतिभवान खिलाड़ी तैयार हो सके।<br /><strong>- सुधीर कुमार, खिलाड़ी कोटा</strong></p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />शहर में हॉकी खिलाड़ियों के लिए उपयुक्त और आधुनिक ग्राउंड का अभाव आज भी एक कड़वी सच्चाई है। बेहतर सुविधाओं के बिना प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को लगातार कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। हमारा दृढ़ प्रयास है कि खेलो इंडिया जैसी राष्ट्रीय योजना के माध्यम से शहर को एक अत्याधुनिक एस्ट्रो टर्फ हॉकी मैदान की सौगात मिले, जिससे स्थानीय प्रतिभाओं को नया मंच और नई पहचान मिल सके। यह सपना लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की पहल से ही साकार हो सकता है, जो शहर के खेल भविष्य को नई दिशा देगा।<br /><strong>- वाई बी सिंह, जिला खेल अधिकारी</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 18 Dec 2025 14:43:38 +0530</pubDate>
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                <title>एशिया कप : भारत ने मलेशिया को हराया, कप्तान हरमनप्रीत ने 250 मैच खेलने की उपलब्धि हासिल की</title>
                                    <description><![CDATA[भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने एशिया कप के राजगीर हॉकी स्टेडियम में अपने दूसरे सुपर 4 मैच में मलेशिया को 4-1 से हराकर अंतिम रेखा पार कर ली। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/khel/asia-cup-india-defeated-malaysia-captain-harmanpreet-achieved-the-feat/article-125910"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-09/(630-x-400-px)-(9)1.png" alt=""></a><br /><p>राजगीर। भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने एक गोल से पिछड़ने के बाद वापसी करते हुए, हीरो पुरुष एशिया कप राजगीर बिहार 2025 के राजगीर हॉकी स्टेडियम में अपने दूसरे सुपर 4 मैच में मलेशिया को 4-1 से हराकर अंतिम रेखा पार कर ली। इस मैच में भारतीय टीम के कप्तान हरमनप्रीत सिंह अपना 250वां मैच खेलने की उपलब्धि हासिल। मेजबान टीम के लिए मनप्रीत सिंह (17वें मिनट), सुखजीत सिंह (19वें मिनट), शिलानंद लाकड़ा (24वें मिनट) और विवेक सागर प्रसाद (38वें मिनट) ने गोल किए। इस बीच, शफीक हसन (2वें मिनट) ने मलेशिया के लिए गोल किया।</p>
<p>शुरुआती मुकाबलों में मलेशिया ने शफीक हसन के (दूसरे मिनट) में किए गोल से बढ़त हासिल की। इसके बाद, मलेशिया ने गेंद पर कब्जा जमाया और मेजबान टीम पर दबाव बनाए रखा। पहले क्वार्टर के मध्य में, दिलप्रीत सिंह, हरमनप्रीत सिंह और उनकी टीम के साथ भारत ने आक्रामक रुख अपनाया, लेकिन मलेशिया ने अपनी पकड़ बनाए रखी। पहले क्वार्टर के बाद मलेशिया 1-0 से आगे था।</p>
<p> </p>
<p> </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 05 Sep 2025 11:24:21 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur KD]]></dc:creator>
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                <title>हॉकी एशिया कप : भारत ने कजाकिस्तान  को 15-0 से रौंदा, अभिषेक के 4 गोल, जुगराज-सुखजीत की हैट्रिक </title>
                                    <description><![CDATA[2025 के हॉकी एशिया कप में भारत ने लगातार तीसरा मैच जीत लिया। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/khel/hockey-asia-cup-india-scored-15%E2%80%930-to-kazakhstan-4-goals/article-125555"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-09/1ne1ws-(16).png" alt=""></a><br /><p>राजगीर। 2025 के हॉकी एशिया कप में भारत ने लगातार तीसरा मैच जीत लिया। टीम ने कजाकिस्तान को 15-0 के बड़े अंतर से हराया। यह इस साल के टूनार्मेंट में सबसे बड़ी जीत के रिकॉर्ड की बराबरी रही। मलेशिया ने चीनी ताइपे को भी इसी अंतर से हराया था। बहार के राजगीर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में भारत के लिए अभिषेक, सुखजीत और जुगराज ने गोल की हैट्रिक लगाई। अभिषेक ने कुल 4 गोल दागे। वहीं रजिंदर सिंह, हरमनप्रीत सिंह, अमित रोहिदास, संजय और दिलप्रीत सिंह ने 1-1 गोल दागा। सुखजीत प्लेयर ऑफ द मैच रहे।</p>
<p><strong>चीन ने सुपर-4 में जगह बनाई :</strong></p>
<p>भारत ने पहले ही जापान को हराकर टूनार्मेंट के सुपर-4 में जगह बना ली थी। टीम ने पहले मैच में चीन को हराया था। पूल-ए से चीन ने भी सुपर-4 में जगह बनाई। पूल-बी से मलेशिया और साउथ कोरिया ने अगले राउंड में एंट्री की। कजाकिस्तान टीम दूसरी बार ही एशिया कप खेल रही थी, टीम टूनार्मेंट में 1 ही गोल कर सकी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 02 Sep 2025 11:46:48 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur KD]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एशिया कप-2025 : जापान को हराकर भारत पहुंचा सेमीफाइनल में, कप्तान हरमनप्रीत ने दागे दो गोल </title>
                                    <description><![CDATA[भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने एशिया कप-2025 के ग्रुप ए के दूसरे मैच में जापान को 3-2 हरा दिया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/khel/asia-cup-2025-captain-harmanpreet-scored-two-goals-in-the-semi-finals/article-125408"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-09/1ne1ws-(5)1.png" alt=""></a><br /><p>राजगीर (बिहार)। भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने एशिया कप-2025 के ग्रुप ए के दूसरे मैच में जापान को 3-2 हरा दिया है। भारत की यह लगातार दूसरी जीत है और दो मैचों में छह अंकों के साथ वह पूल ए में शीर्ष पर है। इस जीत के साथ उसने टूर्नामेंट में सुपर 4 चरण में अपनी जगह पक्की कर ली है।</p>
<p><strong>कप्तान हरमनप्रीत ने दागे दो गोल : </strong></p>
<p>स्पोटर्स यूनिवर्सिटी हॉकी स्टेडियम में खेले गये मुकाबले में पुरुष हॉकी रैंकिंग में सातवें स्थान पर काबिज भारत के लिए मनदीप सिंह (चौथे मिनट में), हरमनप्रीत सिंह (5वें और 46वें मिनट में) ने गोल दागे। वहीं, 18वें स्थान पर मौजूद जापान के लिए कावाबे कोसेई ने दो गोल (38वें और 59वें मिनट) किये। भारत ने मैच की शानदार शुरुआत की और अपना दबदबा बनाये। पहले क्वार्टर में भारत ने दो गोल दागे। मैच के चौथे मिनट में मनदीप सिंह ने मैदानी गोल के साथ टीम को बढ़त दिलाई। इसके बाद मेजबान टीम ने लगातार पेनल्टी कॉर्नर अपने नाम किए। कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने मौके को भुनाते हुए ड्रैगफ्लिक के साथ पीसी को गोल में तब्दील किया और भारत की बढ़त को दोगुना कर दिया। वहीं, जापान ने भी पेनल्टी कॉर्नर हासिल किया, लेकिन गोल करने में सफल नहीं हुए।</p>
<p><strong>दूसरा क्वार्टर गोल रहित रहा :</strong></p>
<p>दूसरा क्वार्टर गोल रहित रहा। दोनो टीमों ने गोल करने के मौके बनाए, लेकिन गोल करने में सफल नहीं हो सके। जापान ने लगातार तीन पेनल्टी कॉर्नर हासिल किए थे। पहले हाफ की समाप्ति तक भारत ने अपनी 2-0 की बढ़त को कायम रखा।</p>
<p><strong>कोसेई ने 38वें मिनट में खाता खोला :</strong></p>
<p>तीसरे क्वार्टर में जापान ने गोल के साथ मैच में वापसी की। जापान के लिए कावाबे कोसेई ने 38वें मिनट पर फील्ड गोल दागकर स्कोर 2-1 कर दिया। इस क्वार्टर में भारत ने अटैक करना जारी रखा और आखिरी मिनट में पेनल्टी कॉर्नर हासिल किया। जिसे हरमनप्रीत सिंह ने अपने शानदार ड्रैगफ्लिक से गोल में तब्दील कर  दिया। चौथे क्वार्टर में भारत ने अपनी रक्षापंक्ति को मजबूत बनाए रखा। जापान ने लगातार मौके बनाए और मैच खत्म होने से पहले कावाबे ने पेनल्टी कॉर्नर को गोल में तब्दील किया। लेकिन मैच जीतने में कामयाब नहीं हो सके।  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 01 Sep 2025 11:22:56 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur KD]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>क्रिकेट की एकेडमी का नाम रख दिया मेजर ध्यानचंद भवन, लेकिन राजस्थान में उनके खेल हॉकी को 15 साल से है पहचान का इंतजार</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान खेल परिषद ने हॉकी के सवाई मानसिंह स्टेडियम स्थित आरसीए की क्रिकेट एकेडमी का नाम बदलकर मेजर ध्यानचंद भवन रख दिया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/khel/major-dhyanchand-bhawan-named-the-academy-of-cricket-but-his/article-122259"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-08/1ne1ws-(1).png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान खेल परिषद ने हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद को सम्मान देते हुए सवाई मानसिंह स्टेडियम स्थित राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन (आरसीए) की क्रिकेट एकेडमी का नाम बदलकर मेजर ध्यानचंद भवन रख दिया है। यह कदम सराहनीय जरूर है, लेकिन यह सवाल भी खड़ा करता है कि जिस खेल के जरिए मेजर ध्यानचंद ने भारत का नाम दुनिया भर में रोशन किया, वही हॉकी राजस्थान में आज उपेक्षा का शिकार बनी है। प्रदेश में हॉकी का खेल पिछले करीब डेढ़ दशक से अपनी पहचान हासिल करने के लिए संघर्ष कर रहा है। लेकिन राजस्थान स्पोर्ट्स एक्ट 2005 के तहत आज तक इस खेल का रजिस्ट्रेशन नहीं हो सका। इस कारण न तो खिलाड़ी किसी सरकारी योजना का लाभ ले पा रहे हैं और न ही उनकी उपलब्धियों को वह सम्मान मिल पा रहा है, जिसके वे हकदार हैं।</p>
<p><strong>खिलाड़ियों को नहीं मिल रहा कोई लाभ :</strong></p>
<p>प्रदेश में हॉकी खेल के हालात ऐसे बने हैं कि ग्रामीण इलाकों और छोटे शहरों में आज भी बच्चे हॉॅकी स्टिक थामे देश के अगले ध्यानचंद बनने का सपना तो देखते हैं, लेकिन कागजी मान्यता के अभाव में उनकी राह धुंधली दिखती है। खिलाड़ी लगातार अभ्यास करते हैं, प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेते हैं, राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचते हैं, लेकिन बिना पंजीकरण के उन्हें न तो खेल कोटे का लाभ मिलता है, न अनुदान मिलता है, न नौकरी और न ही सरकार की ओर से किसी प्रकार की सम्मान राशि।</p>
<p>अगर वास्तव में मेजर ध्यानचंद को सम्मान देना है तो सिर्फ भवन का नामकरण काफी नहीं, बल्कि उनके खेल को सम्मान देना जरूरी है। इसके लिए सबसे पहले राजस्थान में हॉकी को मान्यता दी जाए, उसका रजिस्ट्रेशन कराया जाए और खिलाड़ियों को वो सब सुविधाएं व सम्मान मिले जो अन्य खेलों को मिल रहे हैं। राजस्थान में प्रतिभाओं की कमी नहीं है। यदि हॉकी को सही मायने में प्रोत्साहन मिले तो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के कई खिलाड़ी निकल सकते हैं।<br /><strong>अरुण सारस्वत, अध्यक्ष</strong><br /><strong>हॉकी राजस्थान </strong></p>
<p><strong>यह रहा रजिस्ट्रेशन नहीं होने का कारण :</strong></p>
<p>राजस्थान में 2005 में स्पोर्ट्स एक्ट लागू हुआ। तब 40 खेल संघों को एक्ट की सूची में शामिल किया गया। अन्य खेलों की तरह राजस्थान हॉकी संघ ने भी अपना रजिस्ट्रेशन एक्ट के तहत कराया। लेकिन 2008 में हॉकी में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आए बड़े बदलाव के बाद पुरुष और महिला हॉकी के विलय के साथ इसका नाम भी देश में हॉकी इंडिया और राजस्थान में हॉकी राजस्थान हो गया। हॉकी राजस्थान ने 2009 में नये सिरे से रजिस्ट्रेशन के लिए आवेदन किया लेकिन स्पोर्ट्स एक्ट की सूची में हॉकी राजस्थान नहीं होने की वजह से इसका रजिस्ट्रेशन नहीं हो सका। हालांकि राजस्थान खेल परिषद ने 2017-18 में अपनी एजीएम में एक प्रस्ताव पास कर राजस्थान हॉकी संघ को विलोपित करते हुए हॉकी राजस्थान को मान्यता दी, लेकिन स्पोर्ट्स एक्ट में यह बदलाव अभी तक नहीं हो सका है।</p>
<p><strong>दो-दो दावेदार बने :</strong></p>
<p>विगत दिनों राजस्थान हॉई कोर्ट के एक फैसले के बाद तो स्थिति और भी उलझ गई है। न्यायालय ने हॉकी राजस्थान को बिना रजिस्ट्रेशन के राजस्थान शब्द के प्रयोग पर पाबन्दी लगा दी। वहीं फैसले के बाद दोबारा अस्तित्व में आए राजस्थान हॉकी संघ ने एक दशक से न तो अपने चुनाव कराए हैं और न ही कोई प्रतियोगिता का आयोजन किया है। राजस्थान खेल परिषद जहां राजस्थान हॉकी संघ के साथ खड़ी हो गई वहीं हॉकी इंडिया की मान्यता अब भी हॉकी राजस्थान को है। यही नहीं पिछले दिनों रजिस्ट्रार ने राजस्थान हॉकी संघ को भी भंग करके एक एडहॉक कमेटी का गठन कर दिया लेकिन एडहॉक कमेटी निष्क्रिय पड़ी है। राष्ट्रीय टूर्नामेंटों में हॉकी राजस्थान की टीमें ही हिस्सा ले रही हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/khel/major-dhyanchand-bhawan-named-the-academy-of-cricket-but-his/article-122259</link>
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                <pubDate>Fri, 01 Aug 2025 10:52:25 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur KD]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एफआईएच हॉकी प्रो लीग 2024-25, ऑस्ट्रेलिया ने भारत को 3-2 से हराया</title>
                                    <description><![CDATA[एफआईएच हॉकी प्रो लीग 2024-25 में भारतीय पुरुष हॉकी टीम को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 2-3 से हार का सामना करना पड़ा हैं। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/khel/fih-hockey-pro-league-2024-25-australia-defeated-india-3-2/article-117516"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-06/rtroer-(3)31.png" alt=""></a><br /><p>एंटवर्प। एफआईएच हॉकी प्रो लीग 2024-25 में भारतीय पुरुष हॉकी टीम को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 2-3 से हार का सामना करना पड़ा हैं। </p>
<p><strong>संजय ने खोला भारत का खाता :</strong></p>
<p>खेले गए मुकाबले में संजय ने मैच के शुरुआती तीसरे मिनट में गोल कर भारतीय टीम को 1-0 से बढ़त दिलाई। हालांकि इसके एक मिनट बाद ऑस्ट्रेलिया के टिम ब्रैंड ने गोलकर स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया। अगले ही मिनट में ब्लेक गोवर्स ने गोल दागकर स्कोर 2-1 कर ऑस्ट्रेलिया की बढ़त को दोगुना कर दिया। इसके बाद 18वें मिनट में कूपर बर्न्स ने गोलकर स्कोर 3-1 कर दिया। इस गोल के बाद भारतीय टीम दबाव में दिखी और ऑस्ट्रेलिया टीम  आक्रामक प्रदर्शन जारी रखा। इस दौरान दोनों टीमों को पेनल्टी कार्नर मिले लेकिन वे उसे भुनाने में विफल रही। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 16 Jun 2025 11:31:47 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur KD]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भारतीय जूनियर महिला हॉकी टीम ने बेल्जियम को 3-2 से हराया</title>
                                    <description><![CDATA[भारतीय जूनियर महिला हॉकी टीम ने बेल्जियम को 3-2 से हराकर यूरोप दौरे में अपना लगातार तीसरा मैच जीत लिया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/khel/indian-junior-womens-hockey-team-defeated-belgium-3-2/article-117352"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-06/rtroer-(10)1.png" alt=""></a><br /><p>एंटवर्प। भारतीय जूनियर महिला हॉकी टीम ने बेल्जियम को 3-2 से हराकर यूरोप दौरे में अपना लगातार तीसरा मैच जीत लिया है। बेल्जियम के विलरिज प्लेन में हॉकी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में भारत के लिए सोनम (4’), लालथंतलुंगी (32’) और कनिका सिवाच (51’) ने गोल किए, जबकि बेल्जियम के लिए मैरी गोएन्स (37’) और मार्टे मैरी (40’) ने गोल किए। </p>
<p><strong>सोनम ने चौथे मिनट में गोल दागा :</strong></p>
<p>भारत ने खेल में शुरुआती बढ़त हासिल कर ली जब सोनम ने चौथे मिनट में ही फील्ड गोल करके स्कोरिंग शुरू कर दी। भारत ने पहले हाफ में अपनी बढ़त बनाए रखी और फिर 32वें मिनट में लालथंतलुंगी के पेनल्टी कॉर्नर गोल से तीसरे क्वार्टर में इसे और आगे बढ़ाया। </p>
<p><strong>कनिका ने किया विजयी गोल :</strong></p>
<p>इसके बाद बेल्जियम ने 37वें और 40वें मिनट में लगातार दो गोल करके खेल को बराबरी पर ला दिया। मैरी गोएन्स ने पेनल्टी स्ट्रोक के जरिए पहला गोल किया, जिसके बाद मार्टे मैरी ने फील्ड गोल किया। चौथे क्वार्टर में घड़ी में सिर्फ नौ मिनट बचे थे, कनिका ने पेनल्टी कॉर्नर को सफलतापूर्वक गोल में बदला और विजयी गोल करके भारत को अपने यूरोपीय दौरे के दौरान जीत की लय बनाए रखने में मदद की। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 14 Jun 2025 12:03:11 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur PS]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हॉकी इंडिया का हठ: खेल परिषद की चयनित टीम को शामिल करने से इंकार, मायूस होकर घर लौटीं खिलाड़ी</title>
                                    <description><![CDATA[टीम के चयन के बाद खिलाड़ियों को पंचकुला भेजने के लिए बस भी स्टेडियम बुला ली गई।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/khel/hockey-indias-stubborn-players-refused-to-include-the-selected-team/article-105949"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-03/pze-(24).png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान उच्च न्यायालय के आदेश और हॉकी राजस्थान बनाम राजस्थान हॉकी एसोसिएशन के बीच जारी विवाद के कारण राजस्थान खेल परिषद ने पंचकुला (हरियाणा) में शनिवार से शुरू हो रही सीनियर राष्ट्रीय महिला हॉकी प्रतियोगिता में अपनी चयनित टीम भेजने का निर्णय लिया था। लेकिन हॉकी इंडिया के महासचिव भोलानाथ सिंह के हठ के चलते यह टीम प्रतियोगिता में हिस्सा नहीं ले सकी और खिलाड़ियों को मायूस होकर घर लौटना पड़ा। राजस्थान खेल परिषद ने हॉकी के दो गुटों के बीच विवाद को देखते हुए शुक्रवार को चयन ट्रायल आयोजित किया, जिसमें परिषद के हॉकी कोच प्रशांत सप्रे, पल्लवी और हर्षवर्धन सिंह ने करीब चार घंटे तक चली ट्रायल प्रक्रिया के बाद टीम का चयन किया। टीम के चयन के बाद खिलाड़ियों को पंचकुला भेजने के लिए बस भी स्टेडियम बुला ली गई, लेकिन ऐन मौके पर हॉकी इंडिया के महासचिव भोलानाथ सिंह के पत्र के चलते टीम की रवानगी रोक दी गई।</p>
<p><strong>आरओए की भूमिका पर भी सवाल :</strong></p>
<p>राजस्थान उच्च न्यायालय के आदेश और राजस्थान खेल परिषद के पत्र के बावजूद राजस्थान ओलंपिक संघ अब तक हॉकी राजस्थान और उसके अध्यक्ष अरुण सारस्वत की आरओए में मौजूदगी पर कोई फैसला नहीं कर रहा है। परिषद ने आरओए को पत्र लिखकर स्पष्टीकरण मांगा था कि न्यायालय के फैसले के बाद एक अपंजीकृत संस्था के अध्यक्ष अरुण सारस्वत को कैसे आरओए का कोषाध्यक्ष बना रखा है। </p>
<p><strong>हॉकी इंडिया ने बताया कारण :</strong></p>
<p>हॉकी इंडिया ने गुरुवार के राजस्थान खेल परिषद के पत्र के जवाब में कहा कि केवल हॉकी राजस्थान ही उनकी अधिकृत इकाई है, और उसकी टीम पहले ही पंचकुला पहुंच चुकी है। इस आधार पर, हॉकी इंडिया ने राजस्थान खेल परिषद की चयनित टीम को राष्ट्रीय प्रतियोगिता में शामिल करने से इनकार कर दिया।</p>
<p><strong>हॉकी इंडिया के रुख पर परिषद ने जताया कड़ा विरोध :</strong></p>
<p>राजस्थान खेल परिषद के अध्यक्ष नीरज कुमार पवन ने इस फैसले का कड़ा विरोध किया और हॉकी इंडिया के अध्यक्ष दिलीप टिर्की से फोन पर बात की। उन्होंने टिर्की को बताया कि हॉकी राजस्थान, राजस्थान खेल अधिनियम 2005 के तहत गैर मान्यता प्राप्त संस्था है और राजस्थान उच्च न्यायालय ने भी इसे अवैध ठहराया है। पवन ने यह भी स्पष्ट किया कि हॉकी राजस्थान को प्रतियोगिता में शामिल करना न्यायालय की अवमानना होगी। इसके बावजूद हॉकी इंडिया अपने निर्णय पर अड़ा रहा और अंतत: चयनित खिलाड़ियों को घर लौटना पड़ा, जिससे उनकी राष्ट्रीय प्रतियोगिता में खेलने की उम्मीदें टूट गईं।</p>
<p><strong>ओलंपिक संघ के दूसरे गुट ने पीटी उषा को लिखा पत्र :</strong></p>
<p>राजस्थान ओलंपिक संघ (अनिल व्यास गुट) के अध्यक्ष अनिल व्यास ने भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) की अध्यक्ष पीटी उषा को पत्र लिखकर राजस्थान हाई कोर्ट के 12 फरवरी के आदेश का हवाला देते हुए उनसे अपने पूर्व के निर्णय पर पुनर्विचार की मांग की है। व्यास ने अपने पत्र में कहा है कि हाईकोर्ट ने हॉकी राजस्थान को अवैध और अपंजिकृत संस्था करार दिया है। जबकि आईओए अध्यक्ष द्वारा नियुक्त एकल सदस्यीय फैक्ट-फाइंडिंग कमिश्नर की रिपोर्ट के आधार पर हॉकी राजस्थान के अध्यक्ष अरुण सरस्वत को आरओए का कोषाध्यक्ष नियुक्त किया गया था। उन्होंने कहा कि राजस्थान राज्य खेल परिषद ने 25 फरवरी को एक पत्र जारी कर स्पष्ट किया कि हॉकी राजस्थान एक अवैध संस्था है और परिषद से मान्यता प्राप्त नहीं है। उन्होंने पीटी उषा से अपने पूर्व निर्णय पर पुनर्विचार कर अनिल व्यास की अध्यक्षता वाले आरओए को पुना: बहाल करने की मांग की है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 01 Mar 2025 11:43:13 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सीनियर राष्ट्रीय महिला हॉकी के लिए राजस्थान खेल परिषद करेगी टीम का चयन, कमेटी बनाई</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान में हॉकी राजस्थान और राजस्थान हॉकी संघ के मध्य विवाद के बीच राजस्थान खेल परिषद ने कड़ा फैसला लेते हुए पंचकुल में होने वाली सीनियर राष्ट्रीय महिला हॉकी प्रतियोगिता के लिए खुद टीम का चयन करने की घोषणा की।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/khel/rajasthan-sports-council-will-select-the-team-for-senior-national/article-105840"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-02/257rtrer-(4)36.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान में हॉकी राजस्थान और राजस्थान हॉकी संघ के मध्य विवाद के बीच राजस्थान खेल परिषद ने कड़ा फैसला लेते हुए पंचकुला (हरियाणा) में होने वाली सीनियर राष्ट्रीय महिला हॉकी प्रतियोगिता के लिए खुद टीम का चयन करने की घोषणा की। टीम चयन के लिए शुक्रवार को सुबह नौ बजे चयन ट्रायल रखी गई है। परिषद ने अपने फैसले से हॉकी इंडिया के महासचिव भोलानाथ सिंह को भी अवगत करा दिया है। राजस्थान खेल परिषद के अध्यक्ष नीरज के पवन ने आज यहां बताया कि दो खेल संघों के बीच विवाद के कारण खिलाड़ियों के हित को ध्यान में रखते खेल परिषद द्वारा चयन ट्रायल का आयोजन किया जाएगा। टीम का चयन पूरी विष्पक्षता और पारदर्शी हो, इसके लिए एक चयन समिति का गठन किया गया है। इसकी सूचना हॉकी इंडिया, हॉकी राजस्थान और राजस्थान हॉकी एसोसिएशन को दे दी गई है।</p>
<p><strong>ये हैं चयन समिति में :</strong></p>
<p>राजस्थान खेल परिषद के सचिव राजेन्द्र सिंह सिसोदिया ने सायं एक आदेश जारी कर ट्रायल के लिए तीन सदस्यीय चयन समिति का गठन किया। चयन समिति में जयपुर में तैनात हॉकी प्रशिक्षक प्रश्न्त सप्रे, बूंदी में हॉकी कोच हर्षवर्धन सिंह और अजमेर हॉकी एकेडमी की कोच पल्लवी श्याम बर्वे को शामिल किया है। कमेटी टीम चयन कर परिषद सचिव को रिपोर्ट करेगी। </p>
<p><strong>इसलिए पड़ी परिषद के हस्तक्षेप की जरूरत :</strong></p>
<p>राजस्थान उच्च न्यायालय के हालिया फैसले के बाद राजस्थान में हॉकी को लेकर असमंजस की स्थिति बन गई थी। राजस्थान खेल परिषद के अध्यक्ष नीरज के पवन ने बताया कि राजस्थान हाई कोर्ट के 12 फरवरी को दिए फैसले के अनुसार राजस्थान क्रीडा अधिनियम 2005 के तहत हॉकी राजस्थान अपंजीकृत संस्था है। यह संस्था अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार राजस्थान शब्द का उपयोग नहीं कर सकती। वहीं राजस्थान हॉकी संघ के चुनाव भी समय पर नहीं हुए हैं। विवाद की स्थिति में परिषद को खिलाड़ियों के हित में हस्तक्षेप करना पड़ा है। </p>
<p><strong>हॉकी इंडिया को लिखा पत्र :</strong></p>
<p>परिषद के सचिव राजेन्द्र सिंह ने हॉकी इंडिया के महासचिव को लिखे पत्र में बताया है कि पूर्व में हॉकी राजस्थान द्वारा ही राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में राजस्थान टीम भिजवाई जाती थी लेकिन न्यायालय के आदेश के अनुसार हॉकी राजस्थान खेल कानून के तहत रजिस्टर्ड संस्था नहीं है। राजस्थान टीम का चयन राजस्थान खेल परिषद द्वारा किया जा रहा है। खेल परिषद द्वारा चयनित टीम को ही सीनियर राष्ट्रीय महिला हॉकी में शामिल किया जाए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 28 Feb 2025 12:06:07 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>राज्य सीनियर महिला हॉकी : अजमेर की नन्हीं खिलाड़ियों ने जीता खिताब</title>
                                    <description><![CDATA[अजमेर ने सवाई मानसिंह स्टेडियम में खेले फाइनल मुकाबले में जयपुर को 6-0 से रौंदते हुए राजस्थान सीनियर महिला हॉकी चैंपियनशिप का खिताब जीत लिया। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/khel/little-players-of-state-senior-women-hockey-ajmer-won-the/article-105579"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-02/257rtrer-(1)76.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। अजमेर ने सवाई मानसिंह स्टेडियम में खेले फाइनल मुकाबले में जयपुर को 6-0 से रौंदते हुए राजस्थान सीनियर महिला हॉकी चैंपियनशिप का खिताब जीत लिया। अजमेर टीम में खेल रही राजस्थान खेल परिषद की अजमेर हॉकी एकेडमी की नन्ही खिलाड़ी जयपुर टीम में खेल रहीं अपनी सीनियर्स पर भारी पड़ीं। अजमेर की ओर से शालिनी ने दो गोल किए, जबकि रुचि, मनीषा, साक्षी और खुशबू ने एक-एक गोल दागा। </p>
<p>विजेता टीम हॉफ टाइम तक 3-0 से बढ़त लिए हुए थी। इससे पहले अजमेर से सेमी फाइनल में गंगानगर को 3-0 से और जयपुर ने फलोदी को इतने ही अंतर से हरा फाइनल में जगह बनाई थी।  समापन समारोह में खेल राज्यमंत्री केके बिश्नोई ने विजेताओं को ट्रॉफी प्रदान की। इस मौके पर राजस्थान हॉकी एसोसिएशन के अध्यक्ष डा. राजकुमार जयपाल और सचिव रंजीत राम बिश्नोई भी मौजूद थे। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 26 Feb 2025 10:59:59 +0530</pubDate>
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                <title>पहली इंडियन सॉफ्ट हॉकी लीग में राजस्थान की विजयी शुरुआत</title>
                                    <description><![CDATA[कार्यक्रम में वरिष्ठ उपाध्यक्ष पुष्पेन्द्र सिंह राठौड़ और गजेन्द्र सिंह राठौड़ समेत अन्य पदाधिकारी और टीमों के मालिक मौजूद थे। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/khel/rajasthans-winning-start-in-the-first-indian-soft-hockey-league/article-97166"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-12/9930400-sizee-(4)5.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। रॉयल चैलेंजर्स राजस्थान ने यहां सवाई मानसिंह इंडोर स्टेडियम में शुरू हुई पहली इंडियन सॉफ्ट हॉकी लीग के दोनों वर्गों में विजयी शुरुआत की। मेजबान टीम ने पुरुष वर्ग के उद्घाटन मुकाबले में यूपी राइडर्स को 1-0 से पराजित किया। पूल ए के इस मुकाबले में मेजबानी टीम के लिए विजयी गोल टीम के कप्तान विशेष ने किया। राजस्थान की जीत में उसकी रक्षा पंक्ति की अहम भूमिका रही। यूपी राइडर्स की टीम ने पूरे मैच में कई बेहतरीन प्रयास किए लेकिन उसके खिलाड़ी राजस्थान की मजबूत रक्षापंक्ति को भेदने में नाकाम रहे। महिला वर्ग के पहले मुकाबले में रॉयल चैलेंजर्स राजस्थान ने हरियाणा बिग बुल को 1-0 से शिकस्त दी। राजस्थान के लिए विजयी गोल बीना ने किया।</p>
<p><strong>खेल परिषद अध्यक्ष ने किया उद्घाटन</strong><br />राजस्थान खेल परिषद के अध्यक्ष डॉ. नीरज कुमार पवन ने प्रतियोगिता का उद्घाटन किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता एमेच्योर सॉफ्ट हॉकी फेडरेशन के चेयरमैन पुलिस महानिरीक्षक संदीप चौहान ने की। लीग के चेयरमैन संजय पाटनी और फेडरेशन के महासचिव रमेश सिंह ने अतिथियों का स्वागत किया। कार्यक्रम में वरिष्ठ उपाध्यक्ष पुष्पेन्द्र सिंह राठौड़ और गजेन्द्र सिंह राठौड़ समेत अन्य पदाधिकारी और टीमों के मालिक मौजूद थे। </p>
<p><strong>पहले दिन के परिणाम</strong><br />पहले दिन पुरुष वर्ग में खेले अन्य मैचों में पूल ए में पंजाब लॉयन ने पावर स्ट्राइकर्स उत्तराखंड को 1-0 से, पूल बी में महाराष्ट्र ड्रेगन ने दिल्ली फाइटर्स को 5-1 से और स्टार ऑफ चंडीगढ़ हरियाणा बिग बुल को 3-1 से शिकस्त दी। महिला वर्ग के मुकाबले में दिल्ली फाइटर्स ने स्टार ऑफ चंडीगड़ को 3-1 से पराजित किया। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 10 Dec 2024 10:32:38 +0530</pubDate>
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                <title>आजादी से पहले हॉकी में ‘दद्दा’ का ऐसा खौफ: कहीं भारत की टीम से हार ना जाएं, इसलिए ओलंपिक ही छोड़ भागे थे अंग्रेज</title>
                                    <description><![CDATA[अशोक कुमार कहते हैं कि अपने आखिरी दौर में भी बाबूजी की जुबां पर हॉकी की चर्चा ही थी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/before-independence-there-was-such-fear-of-dadda-in-hockey/article-88933"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-08/1rer-(10)2.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। देश को आजादी भले ही 1947 में मिली लेकिन भारतीय हॉकी टीम में दद्दा (ध्यानचंद) की मौजूदगी का खौफ तो अंग्रेजों में 20 साल पहले ही दिख गया जब इंग्लैंड हॉकी टीम 1928 के एम्सटर्डम ओलंपिक से पहले ही खेल से बाहर हो गई और फिर उन्होंने भारत की आजादी तक ओलंपिक में हॉकी नहीं खेली। एम्सटर्डम में भारत की पहली स्वर्णिम जीत और दद्दा के ध्यान सिंह से ध्यानचंद और हॉकी के जादूगर बनने जैसे कुछ रोचक बाकये बेटे अशोक कुमार ने नवज्योति के साथ साझा किए।कुआलालंपुर में भारत की 1975 वर्ल्ड कप जीत का हिस्सा रहे अशोक कुमार ने बताया कि 1925 के साल में भारत में हॉकी संघ बना और 1927 में उसे इंटरनेशनल हॉकी फेडरेशन से मान्यता मिल गई। ऐसे में 1928 के एम्सटर्डम ओलंपिक में पहली बार भारत की भागीदारी का रास्ता खुला। जयपाल सिंह की कप्तानी में भारत की 16 सदस्यीय टीम  में ध्यानचंद भी शामिल थे। </p>
<p><strong>एक हार से डर गए अंग्रेज</strong><br />अशोक कुमार ने बताया कि एम्सटर्डम पहुंचने से पहले भारतीय टीम 20 दिन लंदन में रुकी। इस दौरान टीम ने कई अभ्यास मैच खेले। लंदन में एक प्रदर्शनी मैच में भारत ने इंग्लैंड की राष्ट्रीय टीम को 4-0 से हरा तहलका मचा दिया। इस हार से अंग्रेज ऐसे बौखलाए कि ओलंपिक में हिस्सा नहीं लेने का फैसला कर लिया। इसका कारण यही था कि ब्रिटिश राज ओलंपिक में एक मातहत देश की टीम से हारने के लिए तैयार नहीं था। और फिर अंग्रेजों ने भारत की आजादी तक हॉकी में हिस्सा ही नहीं लिया।</p>
<p><strong>ऐसे बने ध्यान सिंह से ध्यानचंद और हॉकी के जादूगर</strong><br />एम्सटर्डम ओलंपिक हॉकी में 9 देशों ने हिस्सा लिया। भारत ने शुरुआती ग्रुप मैच में आॅस्ट्रिया को 6-0 से हराया। फिर बेल्जियम को 9-0, डेनमार्क को 5-0 और स्विटजरलैंड को 6-0 से हरा फाइनल में कदम रखा और मेजबान हालैंड को 3-0 से हरा पहली बार स्वर्ण पदक अपने नाम किया। भारत ने इस दौरान कुल 29 गोल किए, जिसमें 14 गोल ध्यानचंद की स्टिक से निकले। अशोक कुमार ने बताया कि तब अखबारों में लिखा गया कि एक सांवला लड़का भारत से आया है, जिसकी स्टिक से गेंद ऐसे चिपक कर चलती है, जैसे वह कोई जादूगर हो। और यहीं से ध्यानचंद को मिला हॉकी के जादूगर नाम। उन्होंने कहा कि उस दौर में खेल में उनकी चमक ने ही उन्हें ध्यान सिंह वैंस से ध्यानचंद बना दिया था। </p>
<p><strong>आज तक क्यों नहीं मिला देश को दूसरा ध्यानचंद</strong><br />इस सवाल पर खुद हॉकी के बड़े खिलाड़ी रहे अशोक कुमार ने कहा कि इसे न हम कभी समझ पाए और न खुद दद्दा यह बता सके कि उनमें ऐसी क्या खूबी थी। वे भी बस यही कहते थे कि मैं बता नहीं सकता, आप मुझे खेलते देखकर खुद तय करो। अशोक कुमार ने कहा कि उन्हें खेलते देख लगता था जैसे उनका शरीर और उनका दिमाग हॉकी के लिए ही बना हो। खेल के दौरान उनका इमेजनी पावर, गेंद पर उनका कंट्रोल और इस खेल के लिए उनके माइंडसेट ने ही उन्हें इस खेल का ऐसा विलक्षण खिलाड़ी बना दिया कि सेना में एक सिपाही के रूप में भर्ती ध्यानचंद जब रिटायर हुए तो पंजाब बटालियन से मेजर ध्यानचंद बनकर निकले। </p>
<p><strong>अधूरी रह गई इंग्लैंड के सामने खेलने की हसरत</strong><br />अशोक कुमार कहते हैं कि अपने आखिरी दौर में भी बाबूजी की जुबां पर हॉकी की चर्चा ही थी। वो देश में हॉकी में गिरावट का दौर था और बिस्तर पर लेटे बाबूजी आने वाले हर किसी शख्स से यही सवाल करते कि देश में इतने अच्छे खिलाड़ी हैं, फिर वे हॉकी का स्तर क्यों नहीं ऊपर ला पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि बाबूजी की दो हसरतें थीं, जो अधूरी रह गईं। एक तो वे कभी ओलंपिक हॉकी में इंग्लैंड के सामने नहीं खेल सके और दूसरा उनके जीतेजी देश की हॉकी फिर उस मुकाम तक नहीं पहुंच सकी, जहां वे उसे फिर से देखना चाहते थे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>खेल</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 29 Aug 2024 12:35:07 +0530</pubDate>
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