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                <title>bhagat - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>गुजरात और राजस्थान के लोग चले गए, तो महाराष्ट्र में नहीं बचेगा पैसा : कोश्यारी</title>
                                    <description><![CDATA[राज्यपाल ने एक कार्यक्रम में मारवाड़ी और गुजराती समुदायों को लेकर कहा कि वह जहां भी जाते है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/if-the-people-of-gujarat-leave-there-will-be-not--says-bhagat/article-17029"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-07/465465465176.jpg" alt=""></a><br /><p>मुंबई। महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने कहा कि यदि गुजरात और राजस्थान के लोग मुंबई और ठाणे से बाहर चले गए, तो महाराष्ट्र में पैसा नहीं बचेगा और मुंबई देश की आर्थिक राजधानी नहीं रहेगी। राज्यपाल ने एक कार्यक्रम में मारवाड़ी और गुजराती समुदायों को लेकर कहा कि वह जहां भी जाते है। वहां के विकास के लिए अस्पतालों और स्कूलों की स्थापना करते है। यदि मुंबई और ठाणे से गुजरातियों और राजस्थानियों को निकाल दिया जाए, तो महाराष्ट्र में पैसा नहीं बचेगा और ना ही मुंबई आर्थिक राजधानी होगी।</p>
<p>राज्यपाल ने महाराष्ट्र में आनंद लिया है। कोश्यारी ने मराठियों का अपमान किया है। <br /><strong>- उद्धव ठाकरे, पूर्व मुख्यमंत्री</strong></p>
<p>मुंबई ने प्रगति की है और मराठियों की मेहनत के कारण वित्तीय राजधानी के रूप में प्रसिद्धि प्राप्त की है। राज्यपाल को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि महाराष्ट्र के लोगों की छवि उनके बयानों से आहत न हो।<br /><strong>- एकनाथ शिंदे, मुख्यमंत्री महाराष्ट्र</strong></p>
<p>हम राज्यपाल के विचारों का समर्थन नहीं करते हैं। मराठियों को सभी क्षेत्रों में उनकी उपलब्धियों के लिए दुनिया में जाना जाता है। मुंबई और महाराष्ट्र की प्रगति में उनका योगदान महत्वपूर्ण है।<br /><strong>- देवेंद्र फडनवीस, उपमुख्यमंत्री</strong><br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 31 Jul 2022 10:57:16 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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                <title>कंगना ने गांधीजी को बताया सत्ता का भूखा,  लिखा: वह चाहते थे भगत सिंह को फांसी हो</title>
                                    <description><![CDATA[अभिनेत्री के फिर बिगड़े बोल : इंस्टाग्राम पर किए मैसेज पोस्ट, राष्ट्रपिता पर साधा निशाना]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/%E0%A4%95%E0%A4%82%E0%A4%97%E0%A4%A8%E0%A4%BE-%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%97%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%A7%E0%A5%80%E0%A4%9C%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%AC%E0%A4%A4%E0%A4%BE%E0%A4%AF%E0%A4%BE-%E0%A4%B8%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%A4%E0%A4%BE-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%AD%E0%A5%82%E0%A4%96%E0%A4%BE---%E0%A4%B2%E0%A4%BF%E0%A4%96%E0%A4%BE--%E0%A4%B5%E0%A4%B9-%E0%A4%9A%E0%A4%BE%E0%A4%B9%E0%A4%A4%E0%A5%87-%E0%A4%A5%E0%A5%87-%E0%A4%AD%E0%A4%97%E0%A4%A4-%E0%A4%B8%E0%A4%BF%E0%A4%82%E0%A4%B9-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%AB%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%B8%E0%A5%80-%E0%A4%B9%E0%A5%8B/article-2458"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-11/kangana_ranaut_ians_41.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई</strong>। कंगना रनौत ने एक बार फिर से महात्मा गांधी के खिलाफ विवादित बयान दिया है। उन्होंने इंस्टाग्राम स्टोरीज पर लंबे मैसेज पोस्ट किए हैं। पोस्ट में महात्मा गांधी पर निशाना साधा है। पहले मैसेज में कंगना ने उन्हें सत्ता का भूखा और चालाक बताया है वहीं दूसरे पोस्ट में लिखा है कि गांधी जी चाहते थे कि भगत सिंह को फांसी हो जाए। कंगना ने लोगों को सलाह दी है कि वह अपने हीरो समझदारी से चुनें। उन्होंने यह भी लिखा है कि झापड़ मारने वाले के सामने दूसरा गाल आगे करने से आजादी नहीं मिलती<strong>।<br /> <br /> जो लोग स्वतंत्रता के लिए लड़े उन्हें उन लोगों ने अपने मालिकों को सौंप दिया</strong><br /> कंगना रनौत के पिछले बयान पर बवाल अभी थमा नहीं इस बीच उन्होंने कुछ और आपत्तिजनक पोस्ट कर दिए हैं। कंगना ने लिखा है, जो लोग स्वतंत्रता के लिए लड़े उन्हें उन लोगों ने अपने मालिकों को सौंप दिया जिनमें हिम्मत नहीं थी, न ही खून में उबाल। वे सत्ता के भूखे और चालाक थे..., ये वही थे जिन्होंने हमें सिखाया अगर कोई तुम्हें थप्पड़ मारे तो उसके आगे एक और झापड़ के लिए दूसरा गाल कर दो और इस तरह तुमको आजादी मिल जाएगी..., ऐसे किसी को आजादी नहीं मिलती सिर्फ भीख मिलती है। अपने हीरो समझदारी से चुनें। <br /> <br /> <strong>लोगों को पता होना चाहिए इतिहास</strong><br /> कंगना ने दूसरे पोस्ट में लिखा है, गांधी ने कभी भगत सिंह और नेताजी को सपोर्ट नहीं किया। कई सबूत हैं जो इशारा करते हैं कि गांधीजी चाहते थे कि भगत सिंह को फांसी हो जाए। इसलिए आपको चुनना है कि आप किसे सपोर्ट करते हैं। क्योंकि उन सबको अपनी याद के एक ही बॉक्स में रख लेना और उनकी जयंती पर याद कर लेना काफी नहीं सच कहें तो मूर्खता नहीं बल्कि गैरजिम्मेदाराना और सतही है। लोगों को अपना इतिहास और अपने हीरो पता होने चाहिए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 17 Nov 2021 12:09:37 +0530</pubDate>
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                <title>प्रदेश की अवनि और नागर सहित 11 को खेल रत्न</title>
                                    <description><![CDATA[35 खिलाड़ियों को अर्जुन पुरस्कार]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/khel/%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%A6%E0%A5%87%E0%A4%B6-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%85%E0%A4%B5%E0%A4%A8%E0%A4%BF-%E0%A4%94%E0%A4%B0-%E0%A4%A8%E0%A4%BE%E0%A4%97%E0%A4%B0-%E0%A4%B8%E0%A4%B9%E0%A4%BF%E0%A4%A4-11-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%96%E0%A5%87%E0%A4%B2-%E0%A4%B0%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%A8/article-1950"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-10/sports.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। राजस्थान की पैरालंपिक स्वर्ण पदक विजेता अवनि लेखरा, बैडमिंटन एकल के गोल्ड मेडलिस्ट कृष्णा नागर और टोक्यो ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास बनाने वाले भाला फेंक एथलीट नीरज चोपड़ा और रजत जीतने वाले पहलवान रवि दहिया सहित 11 खिलाड़ियों को देश के शीर्ष खेल सम्मान मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार के लिए चुना गया है जबकि क्रिकेटर शिखर धवन सहित 35 खिलाड़ियों को अर्जुन पुरस्कार के लिए चुना गया है।</p>
<p>राष्ट्रीय खेल पुरस्कार हर वर्ष 29 अगस्त को मेजर ध्यानचंद के जन्मदिन पर राष्ट्रपति द्वारा प्रदान किये जाते हैं लेकिन इस बार उसी समय के आसपास टोक्यो ओलम्पिक और पैरालम्पिक होने के कारण पुरस्कारों को दिए जाने में देरी हो गई।<br /> खेल रत्न के लिए चुने गए खिलाडिय़ों में नीरज चोपड़ा, रवि दहिया, हॉकी गोलकीपर पीआर श्रीजेश, फुटबाल कप्तान सुनील छेत्री, महिला क्रिकेटर मिताली राज, महिला मुक्केबाज लवलीना बोर्गोहैन, पैरा बैडमिंटन खिलाड़ी प्रमोद भगत, सुमित अंतिल, अवनि लेखड़ा, कृष्णा नागर और मनीष नरवाल शामिल हैं। <br /> <br /> <strong><span style="background-color:#ffff99;"><span style="color:#ff0000;"><span style="font-size:larger;">भारतीय पुरुष हॉकी टीम के सभी सदस्यों को अर्जुन अवार्ड</span></span></span></strong><br /> अर्जुन पुरस्कार के लिए चुने गए 35 खिलाड़ियों में टोक्यो ओलम्पिक में 41 वर्षों के बाद ऐतिहासिक कांस्य पदक जीतने वाली भारतीय पुरुष हॉकी टीम के सभी सदस्य जिन्होंने इससे पहले यह पुरस्कार नहीं जीता और सभी पैरालम्पिक पदक विजेता शामिल हैं। राष्ट्रीय खेल पुरस्कार समिति ने इन 35 खिलाड़ियों के नामों की सिफारिश सरकार को की है।<br /> <br /> खेल रत्न पुरस्कार को पहले राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार के नाम से जाना जाता था लेकिन सरकार ने इस साल इसमें संशोधन कर पुरस्कार का नाम खेल रत्न कर दिया। इस पुरस्कार में 25 लाख रुपये की पुरस्कार राशि दी जाती है।पिछले वर्ष पांच खिलाडिय़ों को खेल रत्न पुरस्कार दिया गया था लेकिन टोक्यो ओलम्पिक और पैरालम्पिक में भारतीय खिलाडिय़ों के ऐतिहासिक प्रदर्शन की बदौलत यह संख्या इस बार 11 पहुंच गयी है। <br /> <br />  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 28 Oct 2021 10:53:34 +0530</pubDate>
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