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                <title>business - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>इजरायल, अमेरिका और ईरान का संघर्ष : शादियों व होटल-रेस्टोरेंट पर दिखने लगा युद्ध का असर, बुकिंग को लेकर नियमों में बदलाव</title>
                                    <description><![CDATA[ कई जगहों पर आयोजकों को पहले से ज्यादा कीमत पर सिलेंडर मंगवाने पड़ रहे हैं, जिससे खर्च भी बढ़ गया है।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/conflict-between-israel--the-us--and-iran--the-impact-of-the-war-is-being-felt-on-weddings-and-hotels-and-restaurants/article-146099"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/1200-x-60-px)2.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। मध्य-पूर्व में चल रहे तनाव और युद्ध का असर अब स्थानीय स्तर पर भी दिखने लगा है। इजरायल, अमेरिका और ईरान के बीच बढ़े सैन्य तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में ऊर्जा आपूर्ति और परिवहन व्यवस्था प्रभावित हो रही है। इसका असर देश के कई हिस्सों की तरह कोटा में भी दिखाई देने लगा है, जहां एलपीजी गैस की किल्लत होने लगी है। शहर में गैस सिलेंडरों की सप्लाई प्रभावित होने से होटल, रेस्टोरेंट और शादी समारोह आयोजित करने वालों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई होटल संचालकों का कहना है कि गैस सिलेंडरों की आपूर्ति समय पर नहीं हो रही है, जिससे रसोई संचालन में दिक्कतें आ रही हैं।</p>
<p><strong>अतिरिक्त सिलेंडर की व्यवस्था करने में मशक्कत</strong><br />शादी-विवाह का सीजन होने के कारण मांग पहले से ही अधिक है। ऐसे में कैटरिंग व्यवसाय से जुड़े लोगों को अतिरिक्त सिलेंडर की व्यवस्था करने में काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। कई जगहों पर आयोजकों को पहले से ज्यादा कीमत पर सिलेंडर मंगवाने पड़ रहे हैं, जिससे खर्च भी बढ़ गया है। होटल और रेस्टोरेंट संचालकों का कहना है कि यदि गैस की आपूर्ति जल्द सामान्य नहीं हुई तो भोजन व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। कुछ छोटे रेस्टोरेंट संचालकों ने वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में इलेक्ट्रिक उपकरणों या अन्य ईंधन का सहारा लेना शुरू कर दिया है, लेकिन इससे लागत बढ़ रही है।</p>
<p><strong>आगे कारोबार पर और दिखेगा असर</strong><br />मार्च और अप्रैल का महीना शादियों चलते होटल और रेस्टोरेंट कारोबारी के लिए काफी व्यस्त रहता है. लेकिन कमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई रुकने से हलवाई और कैटर्स की भी मुश्किलें बढ़ती हुई दिखाई दे रही है। अगर होटल और रेस्टोरेंट में कमर्शियल गैस सिलेंडर की बिना रुकावट के सप्लाई नहीं होती है तो इसका सीधा-सीधा असर खाने की कीमतों पर भी देखा जा सकता है, वहीं औद्योगिक इकाइयां जैसे कपड़ा कांच जैसे उद्योगों में गैस की खपत ज्यादा होती है उन पर भी इसका असर देखने को मिल सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय हालात लंबे समय तक ऐसे ही बने रहते हैं तो ऊर्जा संसाधनों की आपूर्ति और कीमतों पर इसका व्यापक असर पड़ सकता है।</p>
<p><strong>बुकिंग को लेकर नियमों में बदलाव</strong><br />कंपनियों ने कमर्शियल गैस सिलेंडर ही नहीं बल्कि घरेलू उपभोक्ताओं पर बुकिंग को लेकर कई नियमों में बदलाव किया है। पहले उपभोक्ता को दो या तीन दिन में घरेलू गैस की सप्लाई होती थी लेकिन अब यह सप्लाई 7 से 10 दिनों तक की जाएगी यानी कुल मिलाकर घरेलू गैस की किल्लत का असर आम व्यक्ति की रसोई पर भी देखने को मिलेगा। कॉमर्शियल गैस सिलेंडर का लोग स्टॉक कर रह हैं। इस वजह से तेल कंपनियों ने गैस आपूर्ति की सप्लाई को पूरी तरीके से बाधित कर दिया है। तेल कंपनियों ने कमर्शियल गैस सिलेंडर की डिलीवरी पर रोक लगाने का ऐलान किया है।</p>
<p>कामर्शियल सिलेंडरों की सप्लाई रोक दिए जाने से कोटा शहर में चल रहे होटल, रेस्टोरेंट- ढाबे,कचौरी नमकीन की दुकानों ,खोमचे वालों एवं शादियों के सीजन को देखते हुए हलवाई कैटरिंग व्यवसाइयों के सामने गहरा संकट खड़ा हो गया है। हमने जब सभी गैस एजेंसियों के संचालकों से कमर्शियल सिलेंडर सप्लाई की बात कही तो सभी ने हाथ खड़े कर दिए। इससे इन व्यवसाइयों से जुड़े लोगों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है क्योंकि एक-दो दिन में सप्लाई नहीं आई तो कोटा में संचालित व सभी व्यवसाइयो को अपना व्यवसाय बंद करना पड़ेगा। सरकार को चाहिए कि कमर्शियल सिलेंडर की आपूर्ति को यथावत रखा जाए।<br /><strong>-अशोक माहेश्वरी, अध्यक्ष व संदीप पाडिया, महासचिव, होटल फेडरेशन आॅफ राजस्थान कोटा डिवीजन</strong></p>
<p>केंद्र सरकार द्वारा कमर्शियल गैस सिलेंडरों की सप्लाई पर रोक लगाए जाने से हाड़ौती क्षेत्र में चल रहे शादी-विवाह के सीजन के बीच कैटरिंग व्यवसाय बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। गैस की कमी के कारण हलवाइयों और कैटरर्स के सामने भोजन तैयार करने को लेकर गंभीर संकट खड़ा हो गया है, जिससे विवाह समारोहों की व्यवस्थाएं भी प्रभावित होने लगी हैं। अचानक सप्लाई बंद होने से कैटरिंग व्यवसाय से जुड़े लोगों के सामने भोजन व्यवस्था को लेकर बड़ी परेशानी खड़ी हो गई है।<br /><strong>- सचिन माहेश्वरी,अध्यक्ष, हाड़ौती हलवाई-कैटरर्स एसोसिएशन</strong></p>
<p>कोटा में घरेलू गैस सिलेंडरों की नियमित रूप से आपूर्ति हो रही है। केवल कमर्शियल गैस सिलेंडरों की सप्लाई पर रोक लगाई गई है। वहीं अब ई-केवाईसी भी अनिवार्य कर दी गई है। इसके अलावा एलपीजी गैस सिलेंडर की दोबारा बुकिंग अब पिछली डिलीवरी के 25 दिन बाद ही हो सकेगी।<br /><strong>-अरविंद गुप्ता, अध्यक्ष, हाड़ौती कोटा एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स एसोसिएशन</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 11 Mar 2026 15:50:59 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>शादी सीजन- 2025 में देशभर में 46 लाख शादियों से 6.5 लाख करोड़ का व्यापार, राजस्थान में लक्जरी व डेस्टिनेशन वेडिंग्स का बोलबाला</title>
                                    <description><![CDATA[कैट रिसर्च एंड ट्रेड डेवलपमेंट सोसाइटी (सीआरटीडीएस) के अध्ययन के अनुसार, 1 नवंबर से 14 दिसंबर 2025 के बीच देशभर में लगभग 46 लाख शादियां होंगी, जिनसे 6.50 लाख करोड़ रुपए का व्यापार होगा। राजस्थान में 3.5 लाख और दिल्ली में 4.8 लाख शादियां होंगी। ‘वोकल फॉर लोकल’ से स्थानीय कारीगरों व उत्पादों की मांग में 25-30% वृद्धि दर्ज हुई है।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/wedding-season-business-worth-rs-65-lakh-crore-from/article-131039"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-10/_4500-px)-(10)1.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) की अनुसंधान शाखा कैट रिसर्च एंड ट्रेड डेवलपमेंट सोसाइटी (सीआरटीडीएस) ने अनुमान लगाया है कि आगामी शादी सीजन एक नवंबर से 14 दिसंबर 2025 के दौरान देशभर में लगभग 46 लाख शादियां होंगी, जिनसे कुल 6.50 लाख करोड़ का व्यापार होगा।</p>
<p>कैट के राष्ट्रीय महामंत्री एवं सांसद प्रवीन खंडेलवाल ने बताया कि यह अध्ययन 15 से 25 अक्टूबर 2025 के बीच देश के 75 प्रमुख शहरों में किया गया। इसमें राजस्थान की बाजार भागीदारी को प्रमुखता से रेखांकित किया गया है, जहां लक्जरी और डेस्टिनेशन वेडिंग्स का चलन तेजी से बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘वोकल फॉर लोकल’ विजन के अनुरूप, राजस्थानी हस्तकला, परंपरागत आभूषण, बंदेज साड़ियां और लोकल कारीगरों की सेवाएं शादी बाजार में अग्रणी भूमिका निभा रही हैं।</p>
<p><strong>कैट अध्ययन के प्रमुख निष्कर्ष :</strong></p>
<ul>
<li>कुल शादियां 46 लाख</li>
<li>अनुमानित व्यापार 6.50 लाख करोड़</li>
<li>राजस्थान में शादियां 3.5 लाख</li>
<li>दिल्ली में शादियां 4.8 लाख</li>
<li>दिल्ली का योगदान 1.8 लाख करोड़</li>
</ul>
<p>इस वर्ष शादियों की संख्या पिछले वर्ष के करीब है, लेकिन प्रति शादी खर्च में वृद्धि हुई है। बढ़ती आय, कीमती धातुओं की कीमतें और उपभोक्ता विश्वास के कारण। राजस्थान में यह वृद्धि विशेष रूप से उल्लेखनीय है, जहां डेस्टिनेशन वेडिंग्स उदयपुर, जयपुर और जोधपुर जैसे शहरों में पंचतारा रिसॉर्ट्स व पैलेस वेन्यूज पर केंद्रित हैं। अध्ययन में पाया गया कि 70% से अधिक शादी सामान भारतीय निर्मित हैं।</p>
<p><strong>राजस्थान में ‘वोकल फॉर लोकल वेडिंग्स’ अभियान :</strong></p>
<p>राजस्थान में बाजार भागीदारी को प्रमुखता देते हुए कैट राजस्थान के चेयरमैन सुरेश पाटोदिया ने बताया कि स्थानीय कारीगरों को बंदेज, लहरिया, गोटा-पत्ती कार्य, मीनाकारी आभूषण और हस्तनिर्मित सजावट सामग्री के लिए भारी ऑर्डर मिल रहे हैं। ‘वोकल फॉर लोकल वेडिंग्स’ अभियान ने चीनी आयातों को कम कर राजस्थानी उत्पादों को बढ़ावा दिया है, जिससे जयपुर के ज्वैलर्स, उदयपुर के डेकोरेटर्स और जोधपुर के वस्त्र उत्पादकों की बाजार हिस्सेदारी में 25-30% की वृद्धि दर्ज की गई है।</p>
<p><strong>राजस्थान में करीब 40 हजार शादियां होगी :</strong></p>
<p>देवउठनी एकादशी एक और दो नवम्बर को राज्य में 35 से 40 हजार शादियां हो सकती है। शहर के बजाय गांवों में अधिक शादियां होगी। सभी मैरिज गार्डन बुक है। 14 दिसम्बर के बाद मलमास शुरू होगा। <br /><strong>-रास बिहारी शर्मा, प्रदेशाध्यक्ष, राजस्थान टैंट डीलर किराया व्यवसायी समिति, जयपुर</strong></p>
<p><strong>उत्पाद और सेवाओं के खर्च का प्रतिशत :</strong></p>
<ul>
<li>वस्त्र एवं साड़ियां 10%</li>
<li>आभूषण 15% </li>
<li>इलेक्ट्रॉनिक्स 5% </li>
<li>सूखे मेवे व मिठाई 5%</li>
<li>किराना 5% गिफ्ट 4%</li>
<li>अन्य सामान 6% हिस्सा लेंगे।</li>
<li>सेवाओं में इवेंट मैनेजमेंट 5% </li>
<li>कैटरिंग 10% फोटोग्राफी 2%</li>
<li>यात्रा 3% </li>
<li>पुष्प सजावट 4% </li>
<li>म्यूजिकल ग्रुप्स 3% </li>
<li>लाइट एंड साउंड 3% </li>
<li>एडवाइज 3% योगदान देंगी।</li>
<li>मेनेजमेंट 3% योगदान देंगी। </li>
</ul>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 31 Oct 2025 11:46:02 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur KD]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दिवाली दे गई शहर को 3 हजार करोड़ का बूस्टर डोज, सोना-चांदी के दाम में बढ़ोतरी होने के बावजूद हुई जमकर खरीदारी</title>
                                    <description><![CDATA[इस बार शहरवासियों को जीएसटी कम होने का भरपूर फायदा हुआ ।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/diwali-gave-the-city-a-boost-of-3000-crore-rupees--despite-the-rise-in-gold-and-silver-prices--there-was-extensive-shopping/article-130435"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-10/11131.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। शहर में दीपोत्सव पर्व पर सुबह से लेकर शाम तक मार्केट में अच्छी पहल होने व खरीदारी के चलते शहर में अच्छा -खासा  करोबार हुआ। जिसके दुकानदारों ने बताया कि इस बार अच्छी बारिश होने के चलते पिछले साल की अपेक्षा कारोबार में अच्छी बढ़ोतरी हुई। दीपोत्सव पर्व पर करीब शहर में अनुमानित तीन हजार करोड़ का कारोबार हुआ। जिसके चलते दुकानदारों के चेहरों खुशी लौटी। व्यपार के महासचिव अशोक माहेश्वरी ने बताया कि इस बार अच्छी फसले होने से करीब 3000 हजार का कारोबार हुआ। वहीं दीपावली से पहले मंदी की मार झेल रहे मार्केट में दीपावली से बूस्टर डोज मिला। </p>
<p><strong>90 से 100 का करोबार धन बरसा  सर्राफा बाजार में </strong><br />स्वर्ण रजत बड़ा सर्राफा बाजार अध्यक्ष रमेश कुमार सोनी ने बताया कि इस बार सोना-चांदी के दाम में बढ़ोतरी होने के बावजूद शहरवासियों समेत आसपास के ग्रामीणों ने जमकर खरीदारी की। जिसमें इस बार शहर के सरार्फा बाजार, रामपुरा बाजार, चौथमाता सर्राफा बाजार में लोगों ने  सोने-चांदी के सिक्के, चांदी की मूर्तियां, चांदी की हनुमान चालीसा रिद्धि-सिद्धि के साथ गणेश जी, इसके अलावा चांदी के गिलास, कटोरी और अन्य आयटम की डिमांड रही। ज्वैलर व केडेबरी सोने समेत अन्य सोने चांदी के सामानों की जमकर खरीदारी की। जिसके चलते बाजार में धनतेरस से भाईदूज तक करीब 100 करोड का कारोबार हुआ। </p>
<p><strong>फर्नीचर मार्केट में 45 करोड़ का कारोबार</strong><br />फर्नीचर मार्केट के अध्यक्ष इलियास अंसारी ने बताया कि धनतेरस से शुरू हुआ दीपोत्सव पर्व पर फर्नीचर मार्केट में करीब 45 करोड़ का कारोबार हुआ। वहीं इसके बाद अब नवंबर में शादियों का सीजन आने के कारण अभी और इसमे  बढ़ोतरी होने की उम्मीद है। </p>
<p><strong>वाहन बाजार में बरसा एक हजार करोड़ का धन</strong><br />दीपोत्सव पर नई गाड़ी की खरीदारी करना शुभ माना जाता है। वहीं इस बार वाहनों पर जीएसटी 28 से 18 प्रतिशत होने पर वाहनों के भावों में गिरावट आई है। शहर के सभी आॅटोमोबाइल शोरूम दीपोत्सप पर्व पर ग्राहकों की दिनभर भीड़ रही। वहीं इस बार दीपोत्सव पर्व पर जीएसटी कम होने के चलते शहरवासियों ने वाहनों की जमकर खरीदारी की। वहीं टू व्हीलर व फोर वहीलर की कई कंपनियों ने दीपोत्सव पर्व पर ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए विभिन्न प्रकार की स्कीम्स ग्राहकों को दी। शोरूम संचालकों ने बताया कि इस जीएसटी कम होने से करीब 500 करोड़ से अधिक का कारोबार सिर्फ आॅटोमोबाइल सेक्टर में हुआ। टू व्हीलर कंपनी के मैनेजर विक्रमसिंह ने बतया कि इस बार हमारे शोरूम पर पिछले साल की हमारे शोरूम पर करीब 430 गड़ियों की डिलेवरी हुई थी। वहीं इस बार करीब 600-630 गड़ियों की डिलेवरी हुई। वहीं ईवी स्कूटर कंपनी के मैनेजर नीरज कुमार ने बताया कि इस बार शहरवासियों ने जीएसटी कम होने का भरपूर फायदा हुआ और दीपोत्सव पर करीब शोरूम 150 से अधिक ईवी वाहन बिके। फोर व्हीलर कंपनी के मैनेजर प्रदीप कुमार ने बताया कि इस बार धनतेरस से पहले मंगल पुष्य नक्षत्र होने व भाईदूज पर आयुष्मान योग होने के चलते शोरूम पर दीपोत्सप पर्व पर करीब 150-250 गाड़ियों की ब्रिकी हुई। वहीं हमारे फोर व्हीलर ईवी शोरूम पर करीब 250-300 गड़ियों की डिलेवरी हुई। वहीं इस बार करीब आॅटोमोबाइल्स मार्केट में करीब 1000 हजार करोड़ का कारोबार हुआ होगा। </p>
<p><strong>रेडिमेड गारमेंट्स व कपड़ा बाजार में 70 करोड़ का कारोबार</strong><br />शहर में विभिन्न जगहों पर लगी दो सौ से अधिक कपड़े की दुकानों पर दीपावली पर करीब 80 करोड़ का कारोबार हुआ। महावीर नगर प्रथम में कपड़े की दुकान लगाने वाले लविश कुमार ने बताया कि हमारी दुकान पर पिछले करीब दीपावली पर अच्छी खासी ग्राहकी हुई थी। वहीं इस बार दुकान पर धनतेरस से ही ग्राहकों की आवाजाही बनी रही। रामपुरा में कपडेÞ की दुकान चलाने वाले दीपक कुमार ने बताया कि इस बार पिछले साल की अपेक्षा अच्छी फसल होने के चलते दुकानों पर दिनभर कपड़े खरीदने वालों की भीड़ रही। वहीं गुरूवार को भाईदूज होने के चलते भी कुछ लोग कपड़े खरीदने पहुंचे। </p>
<p><strong>किराना बाजार में जमकर हुई खरीदारी</strong><br />शहर के अग्रसेन बाजार व पुरानी सब्जीमंडी सहित अन्य किराना बाजार में दीपोत्सव पर्व पर शहरवासियों ने जमकर किराना सामानों की खरीदारी की। किराना बाजार सचिव पवन दुआ ने बताया कि इस बार शहर में करीब 600-700 करोड़ का कारोबार हुआ। </p>
<p><strong>अन्य बाजारों में 200 करोड़ का बरसा धन </strong><br />शहर के अन्य बाजारों में करीब 200 करोड़ का करोबार हुआ। जिसमें श्रृंगार प्रसाधन, ब्लॉथ मार्केट, जूते व सजावट के समान, मेकअप, पूजन सामाग्री और मिठाई, कार सजावट बाजार सहित अन्य मार्केट सम्मलित है। </p>
<p><strong>इलेक्ट्रॉनिक्स बाजार में 80 करोड़ का मिला बूस्टर डोज</strong><br />धनतेरस से शुरू हुआ दीपोत्सव पर्व की पर शहरवासियों ने इस बार  इलेक्ट्रॉनिक्स सामानों की जमकर खरीदारी की। इलेक्ट्रॉनिक्स व्यवसायी मनोज कुमार व जयपाल ने बताया कि इस बार दिवाली पर घरेलू चक्की, डबल डोर फ्रीज, वाशिंग मशीन, एलईडी सहित अन्य सामानों की उम्मीद से अधिक बिक्री हुई। जिसे करीब दीपोत्सव पर्व पर करीब 80-90 करोड़ का कारोबार हुआ। </p>
<p><strong>आतिशबाजी बाजार में करीब 800 करोड़ का कारोबार </strong><br />शहर में विभिन्न जगहों पर करीब बारह सौ से अधिक लगाने वाली दुकानों पर शहरवासियों ने जमकर आतिशबाजी खरीदारी की। आतिशबाजी की दुकान लगाने वाले दीपक कुमार नेबताया कि पिछले साल की अपेक्षा आतिशबाजी की रेट में कुछ इजाफा हुआ पर इस का कोई असर मार्केट में नहीं दिख रहा। वहीं इस बार पिछले साल की अपेक्षा हमारी दुकान पर करीब दो से तीन लाख तक की आतिशबाजी की ब्रिकी हुई।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 24 Oct 2025 15:30:16 +0530</pubDate>
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                <title>नवरात्र के पहले ही दिन बाजार में बरसे दो सौ करोड : खूब बिके ईवी वाहन, जीएसटी दर में कटौती से शोरूम पर रहा ग्राहकों का तांता</title>
                                    <description><![CDATA[ सीएनएजी व ईवी वाहनों पर अभी से ही ग्राहकों ने दशहरा व दिपावली तक की बुकिंग कर रखी है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/on-the-first-day-of-navratri--the-market-saw-a-surge-of-200-crore-rupees--with-ev-vehicles-selling-heavily/article-127684"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-09/111-(3)1.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। नवरात्र स्थापना पर सोमवार को शहर में  पूरे दिन इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोबाइल और सोने-चांदी के आभूषणों को ग्राहकों ने  खरीदारी की। निजी कंपनी में कार्यरत मैनेजर महक सूद ने बताया कि सरकार द्वारा जीएसटी की दर में कटौती करने के बाद सुबह से शाम तक फोर व्हीलर वाहन लेने व बुक करने के लिए ग्राहक शोरूम पर आते रहे। वहीं जानकारी के अनुसार ऑटोमोबाइल सेक्टर में डीलरों ने आकर्षक स्कीम्स और ऑफर्स के जरिए ग्राहकों को लुभाया। नवरात्रा स्थापना पर शहर में करीब 200 करोड़ का कारोबार हुआ। नवरात्रा के पहले दिन वाहन खरीददरों ने सीएनजी तथा ईवी की गाड़ियों में ज्यादा दिलचस्पी दिखाई। चाहे वो कार हो या बाइक... सभी ने इन गाड़ियों को लेकर काफी आकर्षित हुए।</p>
<p><strong>खूब बिके ईवी वाहन </strong><br />शोरूम के संचालक विक्रमसिंह राजावत ने बताया कि इस शोरूम में ग्राहकों की जबरदस्त भीड़ रही। वहीं सरकार द्वारा जीएसटी की दर में कटौती करने से ग्राहकों ने नवरात्रा स्थापना के पहले दिन ही शहर के विभिन्न जगहों पर स्थापित शोरूम में करीब 109 गाड़ियों की बुक हुई वहीं कुछ ग्राहकों को गाड़ियां भी डिलेवरी की गई।  विशेष दिन होने से सुबह से करीब 45 गाड़ी पेट्रोल व 20 ईवी गाड़ियों की बिक्री हुई है। इस दिन करीब 35 लाख से भी अधिक का कारोबार हुआ। यह सीजन ऑटोमोबाइल क्षेत्र के काफी अच्छा है।  शोरूम के नितेश जांगिड़ ने बताया कि शोरूम से करीब 17 गाड़ियों की डिलेवरी हुई व 14 की बुकिंग हुई, मैनेजर विशाल कुमार ने बताया कि हमारे पास अभी तक करीब 25 ईवी वाहनों की बुकिंग हुई है। </p>
<p><strong>जीएसीटी की दर कटौती से सीएनजी व ईवी वाहनों पर बढ़ा रुझान</strong><br />पेट्रोल-डीजल की कीमत में वृद्धि के बाद अब ग्राहकों का सीएनजी व ईवी मॉडल की गाड़ियों की तरफ रुझान बढ़ा हैं। सीएनएजी व ईवी वाहनों पर अभी से ही ग्राहकों ने दशहरा व दिपावली तक की बुकिंग कर रखी है। वहीं अभी सरकार द्वारा जीएसटी दर में कटौती करने से लोगों ने अभी से ही वाहन बुक करना प्रारंभ कर दिया है। शोरूम मैनेजर विक्रमसिंह राजावत ने कहा कि अभी ईवी व सीएनजी का कारोबार में काफी वृद्धि हुई है। इस कारण लोगों में रूझान बढ़ा है। </p>
<p><strong>नवरात्रा का काफी दिनों से था इंतजार </strong><br />शोरूम पर बाइक लेने आए ग्राहक देशराज ने बताया कि घर पर काफी दिनों से बाइक लेने की चर्चा चल रही। पर शुभ मुहूर्त का इंतजार कर रहे थे जिसके चलते नवरात्रा स्थापना के दिन बाइक लेने के लिए आया हूं। परिवार इस दिन वाहन खरीदने पर बहुत खुश है।</p>
<p>वाहनों पर जीएसटी दर में कटौती करने से अभी से लोगों ने वाहन बुक करना व मुहूर्त देखकर डिलेवरी की तारीख तय कर रहे अभी तक हमारे पास करीब 20-22 वाहनों की बुकिंग हुई है। <br /><strong>- महक सूद, मैनेजर </strong></p>
<p>शहर में नवरात्रा स्थापना पर दिनभर शहर के विभिन्न बाजारों में खरीददारों की भीड़ रही। वहीं शहर में सरार्फा बाजार, हेलेक्ट्रॉनिक्स बाजार तथा आॅटोसोबाइल क्षेत्र में जबरदस्त कारोबार हुआ है। बाजारों में ग्राहकों का उत्साह को देखकर दशहरा व दीपावली पर बाजार में बूम आने की तैयारी है। <br /><strong>- अशोक माहेश्वरी, महासचिव, व्यापार संघ</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 23 Sep 2025 15:41:47 +0530</pubDate>
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                <title>पितृपक्ष की परंपरा से कारोबार को मिली संजीवनी</title>
                                    <description><![CDATA[श्राद्ध पक्ष में पितरों को देवता तुल्य माना जाता है। इसलिए इन दिनों पूजन सामग्री की भी खरीदारी बढ़ी है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/the-tradition-of-pitru-paksha-has-given-a-new-lease-of-life-to-the-business/article-126546"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-09/11-(2)7.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। पितृ पक्ष में भी कोटा के बाजारों में रौनक बनी हुई है। परंपरागत रीति-रिवाजों के निर्वाह के लिए लोग बड़ी मात्रा में मिठाई, सूखे मेवे और पूजन सामग्री की खरीदारी कर रहे हैं। इसका सीधा असर कारोबार पर पड़ रहा है। व्यापारियों का कहना है कि इस बार पिछले साल की तुलना में बिक्री में 20 से 30 प्रतिशत तक बढ़ोतरी होने का अनुमान है। कोटा के घंटाघर, छावनी, गुमानपुरा, तलवंडी सहित अन्य बाजारों में मिठाई की दुकानों पर पितृ पक्ष के दौरान अच्छी बिक्री हो रही है। लड्डू, पेड़ा, बूंदी और बेसन की मिठाइयों की सबसे अधिक मांग है। श्राद्ध के दौरान ब्राह्मणों को भोजन करवाया जाता है। ऐसे में भोजन में मिष्ठान सामग्री को भी परोसा जाता है। ऐसे में श्राद्ध पक्ष में भी मिठाई कारोबार रफ्तार पकड़ रहा है। अधिकांश ग्राहक लड्डू और पेड़े की अधिक खरीदारी कर रहे हैं।</p>
<p><strong>पूजन सामग्री की खरीदारी में भी उछाल</strong><br />किराना व्यापारी योगेश भारद्वाज ने बताया कि श्राद्ध पक्ष में तिल, चावल, आटा, घी, गुड़, तेल, काला कपड़ा, लौंग, सुपारी, अगरबत्ती, दीपक और पीतल-तांबे के बर्तन की बिक्री में भी जबरदस्त उछाल देखा जा रहा है।  श्राद्ध पक्ष के दौरान ही इस साल 30 लाख रुपए का कारोबार सिर्फ पूजन सामग्री से होने का अनुमान है। किराना व्यापारियों का कहना है कि श्राद्ध पक्ष के दौरान दान देने की परम्परा है। इसके चलते पीतल और तांबें के बर्तनों की भी खरीदारी हो रही है। श्राद्ध पक्ष में पितरों को देवता तुल्य माना जाता है। इसलिए इन दिनों पूजन सामग्री की भी खरीदारी बढ़ी है। </p>
<p><strong>खीर के लिए सूखे मेवों की डिमांड</strong><br />श्राद्ध पक्ष में तर्पण और भोजन सामग्री में सूखे मेवों का विशेष महत्व है। कोटा के प्रमुख बाजार में काजू, किशमिश, बादाम व पिस्ता की खरीदारी जोरों पर है। व्यापारियों का कहना है कि श्राद्ध पक्ष के दौरान पितरों के लिए अधिकांश घरों में खीर बनाई जाती है। खीर में सूखे मेवों का भी इस्तेमाल किया जाता है। इसके चलते अन्य दिनों की तुलना में अभी सूखे मेवे की बिक्री अधिक हो रही है। वर्तमान में काजू और किशमिश की मांग सबसे आगे है। क्योंकि  खीर को स्वादिष्ट बनाने के लिए इनका इस्तेमाल किया जाता है। अभी त्यौहारी सीजन नहीं होने से भावों में ज्यादा तेजी नहीं हो रही है। इस कारण भी सूखे मेवों की बिक्री में इजाफा हो रहा है। </p>
<p><strong>इनका कहना</strong><br />पितृ पक्ष हमारे पूर्वजों की स्मृति में किया जाने वाला विशेष कर्म है, इसमें शुद्ध सामग्री से व्यंजन बनाकर पितरों को अर्पण किया जाता है। इसलिए बाजार से कई तरह की चीजें लेनी ही पड़ती हैं। <br /><strong>-मनोज कुमार, निवासी रायपुरा</strong></p>
<p>श्राद्ध पक्ष के पहले सप्ताह में ही मिठाई की बिक्री करीब 10 लाख रुपए तक पहुंच चुकी है। अगर यही रफ्तार रही तो पूरे पखवाड़े में अच्छा कारोबार होने की उम्मीद है।<br /><strong>-महावीर अग्रवाल, मिठाई व्यवसायी</strong></p>
<p>हर साल श्राद्ध पक्ष पर मिठाई और पूजन सामग्री की खरीदारी करते हैं। साल में एक बार ही पितरों को तृप्त करने का अवसर मिलता है। ऐसे में उनकी पसंद ख्याल करते हुए व्यंजन बनाते हैं।<br /><strong>-मंजू देवी, निवासी बंगाली कॉलोनी</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 11 Sep 2025 16:23:00 +0530</pubDate>
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                <title>गणेश चतुर्थी पर कोटा जिले में 250 करोड़ का कारोबार!</title>
                                    <description><![CDATA[ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स और ज्वैलरी में बंपर खरीदारी]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/250-crore-business-in-kota-district-on-ganesh-chaturthi/article-125041"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-08/1ne14ws-(630-x-400-px)-(3).png" alt=""></a><br /><p>कोटा। गणेश चतुर्थी ने इस बार कोटा के बाजारों में सुबह से लेकर देर रात रौनक तक ग्राहकों में उत्साह देखा गया। कई वर्षों बाद बुधवार को आई गणेश चतुर्थी ने कारोबार के नए रिकॉर्ड बनाए। पूरे दिन भर इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोबाइल और सोने-चांदी के आभूषणों की ग्राहकों ने जमकर खरीदारी की।जानकारी के अनुसार सबसे ज्यादा उछाल ऑटोमोबाइल सेक्टर में देखने को मिला, जहां डीलरों ने आकर्षक स्कीम्स और ऑफर्स के जरिए ग्राहकों को लुभाया। गणेश चतुर्थी के दिन इस बार कारोबार में करीब 250 करोड़ से भी अधिक का कारोबार हुआ है। इस विशेष दिन पर ऑटोमोबाइल बाजार में जबरदस्त बूम देखने को मिला। डीलरों ने ग्राहकों के लिए स्कीम देकर भी आकर्षित किया है। गणेश चतुर्थी के दिन सभी वाहन खरीददरों को गणेश मंदिर में पूजा-अर्चना करवाई। इस बार ग्राहकों को सीएनजी तथा ईवी की गाड़ियों में ज्यादा दिलचस्पी दिखाई। चाहे वो कार हो या बाइक... सभी ने इन गाड़ियों को लेकर काफी आकर्षित हुए।</p>
<p><strong>गणेश चतुर्थी परमार्केट अच्छा रहा</strong><br />गणेश चतुर्थी को लेकर इस बार बाजारों में जबरदस्त ग्राहकी देखी गई। इस दौरान ग्राहकों के लिए लुभावने अवसर व स्कीम के तहत छूट भी दी गई। वहीं गणेश चतुर्थी इस बार बुधवार के दिन आने के कारण लोगों मों काफी उत्साह रहा। शोरूम के नितेश जांगिड़, सीएस जाड़ावत व पुष्पेन्द्र मीणा ने अच्छी कारोबार होने की उम्मीद जताई है।</p>
<p><strong>खूब बिकी बजाज की गाड़ियां</strong><br />शोरूम के संचालक विक्रमसिंह राजावत ने बताया कि इस बार बाजार में जबरदस्त बूम है। सुबह से लेकर शाम तक शोरूम में ग्राहकों की जबरदस्त भीड़ रही। गणेश चतुर्थी के विशेष दिन पर 35 गाड़ी पेट्रोल व 11 ईवी गाड़ियों की बिक्री हुई है। इस दिन करीब 50 लाख से भी अधिक का कारोबार हुआ। यह सीजन ऑटोमोबाइल क्षेत्र के काफी अच्छा है। आगे दशहरा-दीपावली पर ग्राहकी बढ़ने के आसार है।</p>
<p><strong>चतुर्थी पर बाइक लेना शुभ</strong><br /> शोरूम पर बाइक लेने आए महेश कुमार ने बताया कि बहुत सालों बाद गणेश चतुर्थी बुधवार के दिन आई है। इस कारण मैंने गाड़ी इस विशेष दिन पर ही लेना उचित समझा। यहां पर स्कीम में भी अच्छी मिल रही है। मेरा परिवार इस दिन वाहन खरीदने पर बहुत खुश है।</p>
<p><strong>सीएनजी व ईवी वाहनों पर ग्राहकों का रहा रूझान</strong><br />पेट्रोल-डीजल की कीमत में भारी वृद्धि के बाद अब ग्राहकों का सीएनजी व ईवी मॉडल की गाड़ियों की तरफ रुझान बढ़ा हैं। सीएनएजी व ईवी वाहनों पर एडवांस बुकिंग चल रही है। शोरूम मैनेजर विक्रमसिंह राजावत ने कहा कि अभी ईवी व सीएनजी का कारोबार में काफी वृद्धि हुई है। इस कारण लोगों में रूझान बढ़ा है। आगे से गाड़ियों की शॉर्टेज के चलते एडवांस बुकिंग चल रही है। ईवी व सीएनजी की गाड़ी आते ही तुरंत बिक जाती है।</p>
<p><strong>ऑटोमोबाइल में बूम: एक नजर</strong><br />-1000 वाहनों से भी अधिक की ब्रिकी<br />-200 से ज्यादा कारें व 300 बाइक की बिक्री हुई।<br />-80 करोड़ का कारोबार स्वर्ण व चांदी क्षेत्र में हुआ <br />-500 से ज्यादा लोगों को बुकिंग के बावजूद वाहनों की डिलीवरी नहीं मिल पाई।</p>
<p><strong>गणेश चतुर्थी पर हुआ 4 करोड़ का कारोबार </strong><br />इस विशेष दिन पर चालीस गाड़ियों की डिलीवरी हुई। लोगों ने इसके लिए 15 दिन पहले से ही बुकिंग करवा रखी है। देर रात तक ग्राहक हमारे पास आते रहे। इस बार बाजार काफी अच्छा है। दशहर-दीपावली को भी काफी बूम आने का आसार है।<br /><strong>- लोकेश जांगीड़, मैनेजर,  टाटा शोरूम</strong></p>
<p>गणेश चतुर्थी को लेकर कारोबार में काफी तेजी आई है। इस बार कई सालों बाद गणेश चतुर्थी बुधवार के दिन आई है। इसको लेकर व्यापारियों में भी उत्साह का माहोल है। सर्राफा बाजार, इेलेक्ट्रोनिक्स बाजार तथा आॅटोमोबाइल क्षेत्र में जबरदस्त कारोबार हुआ है। बाजारों में ग्राहकों के जबरदस्त उत्साह को देखकर आगामी त्योहारों पर भी बूम आने की उम्मीद है।<br /><strong>- अशोक माहेश्वरी,महासचिव, व्यापार संघ</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 28 Aug 2025 15:02:21 +0530</pubDate>
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                <title>मंडी व्यापारियों का विरोध जारी : 'यूजर चार्ज' के खिलाफ 9 दिनों से व्यापार बंद</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान सरकार द्वारा लगाए गए 50 पैसे प्रति सैकड़ा 'यूजर चार्ज' के विरोध में राज्य की 247 मंडियों में व्यापार आज नौवें दिन भी बंद रहा]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/business-closed-for-9-days-against-user-charge-continued-protest/article-124438"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-08/1ne1ws-(9)11.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान सरकार द्वारा लगाए गए 50 पैसे प्रति सैकड़ा 'यूजर चार्ज' के विरोध में राज्य की 247 मंडियों में व्यापार आज नौवें दिन भी बंद रहा। राजस्थान खाद्य पदार्थ व्यापार संघ के आह्वान पर मंडियों ने 21 अगस्त से अनिश्चितकाल के लिए अपना कारोबार बंद रखने का फैसला लिया था। व्यापारियों का कहना है कि जब तक सरकार इस शुल्क को वापस नहीं लेती, उनका आंदोलन जारी रहेगा।</p>
<p><strong>क्यों हो रहा है विरोध?</strong><br />राज्य सरकार ने आटा, मैदा, दाल, खाद्य तेल, मसाले और पशु आहार जैसी वस्तुओं की खरीद-बिक्री पर यह नया शुल्क लगाया है। व्यापारियों का तर्क है कि यह शुल्क केवल मंडी के भीतर होने वाले व्यापार पर लागू है, जबकि बाहर होने वाले कारोबार को इससे छूट दी गई है। इससे मंडी में बिकने वाले सामान महंगे हो जाएंगे और ग्राहक मंडी के बाहर से खरीदारी करने लगेंगे। व्यापारियों का मानना है कि इस नीति से धीरे-धीरे मंडियां खत्म हो जाएंगी, और व्यापारी, मुनीम, गुमाश्ता और मजदूर जैसे हजारों लोग बेरोजगार हो जाएंगे। इसी कारण, व्यापारी सरकार के इस फैसले का कड़ा विरोध कर रहे हैं।</p>
<p><strong>विरोध की लहर पूरे राज्य में</strong><br />यह विरोध केवल राजधानी तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे राजस्थान में फैल चुका है। गंगापुरसिटी, अलवर, श्रीमाधोपुर, बीकानेर, नागौर, जोधपुर, भीलवाड़ा, अजमेर, हनुमानगढ़, श्रीगंगानगर, सीकर, दौसा, उदयपुर, भरतपुर, धौलपुर, पाली, और सुमेरपुर जैसी प्रमुख मंडियों से भी व्यापार बंद रहने और धरने-प्रदर्शन की खबरें मिली हैं। व्यापारियों ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन भी विधायकों को सौंपकर इस शुल्क को हटाने की मांग की है।</p>
<p>राजस्थान खाद्य पदार्थ व्यापार संघ के चेयरमैन बाबूलाल गुप्ता ने सरकार से जल्द से जल्द बातचीत करने और इस समस्या का समाधान निकालने की अपील की है, ताकि मंडियों में सामान्य कामकाज बहाल हो सके और किसानों व उपभोक्ताओं को हो रही परेशानी दूर हो।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 22 Aug 2025 18:55:09 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>राखी पर बरसा धन : 50 करोड़ तक पहुंचा कारोबार</title>
                                    <description><![CDATA[स्वदेशी राखियों की बढ़ती मांग और लंबे समय बाद आई आर्थिक सुगमता ने बाजार को मजबूती दी। 
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/money-rained-on-rakhi--business-reached-50-crores/article-123240"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-08/1ne1ws-(2)22.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। भाई-बहन के पवित्र रिश्ते के पर्व रक्षाबंधन ने इस बार कोटा के बाजारों में जमकर रौनक बिखेरी। पिछले साल के मुकाबले इस बार खरीदारी में लगभग 30 से 40 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखी गई। व्यापारिक संगठनों का कहना है कि पर्व के दौरान शहर में करीब 45 से 50 करोड़ रुपए का कारोबार हुआ। मौसम का साथ, चाइना की जगह स्वदेशी राखियों की बढ़ती मांग और लंबे समय बाद आई आर्थिक सुगमता ने बाजार को मजबूती दी। त्यौहार के कारण न केवल खुदरा बाजार बल्कि थोक व्यापारियों को भी फायदा हुआ। राखी, मिठाई, कपड़े और गिफ्ट आइटम का स्टॉक समय से पहले ही खत्म हो गया। व्यापारियों का मानना है कि रक्षाबंधन के बाद यह रौनक गणेश चतुर्थी, नवरात्र और दीपावली तक बनी रहेगी, जिससे इस साल का कुल कारोबार पिछले साल की तुलना में काफी अधिक रहेगा। </p>
<p><strong>मिठाइयों की दुकानों पर लगा तांता: </strong>रक्षाबंधन पर्व को लेकर एक दिन पहले से ही घण्टाघर, स्टेशन रोड, तलवंडी, गुमानपुरा, महावीर नगर, सहित शहर के अन्य प्रमुख बाजारों में सुबह से देर रात तक ग्राहकों का तांता लगा रहा। दुकानों के बाहर पार्किंग स्थल भरे रहे और पैदल चलना तक मुश्किल हो गया। महिलाएं भाइयों के लिए राखी चुनने में खासा समय बिता रही थीं, जबकि बच्चे कार्टून और लाइट वाली राखियों को देखकर उत्साहित नजर आए। मिठाई की दुकानों पर देसी घी के लड्डू, मावा कचौरी, बरफी और चॉकलेट गिफ्ट पैक की मांग सबसे अधिक रही। कपड़ों के शोरूम में महिलाओं ने त्यौहारी परिधान, साड़ी और कुर्ता-सेट की जमकर खरीदारी की।</p>
<p>- रक्षाबंधन पर नजर आया उत्साह<br />- नई डिजाइन की राखियों ने लुभाया<br />- बेहतर कारोबार से खिले व्यापारियों के चेहरे</p>
<p><strong>बाजारों में ऐसा रहा खरीदारी का माहौल</strong><br />- सुबह से ही खरीदारी का सिलसिला शुरू हो गया था जो रात तक जारी रहा।<br />- गिफ्ट शॉप्स पर भाइयों के लिए पर्स, घड़ी, परफ्यूम और इलेक्ट्रॉनिक आइटम्स की खरीदारी खूब हुई।<br />- सर्राफा बाजार में चांदी के सिक्के, लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियां और राखी उपहार पैक की बिक्री तेज रही।<br />- मिठाई की दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ को देखते अतिरिक्त काउंटर लगाए गए।<br />- ट्रैफिक पुलिस को भीड़ नियंत्रण के लिए विशेष इंतजाम करने पड़े और कई बाजारों में वन-वे ट्रैफिक लागू किया गया।</p>
<p><strong>किस-किस में कितना अनुमानित कारोबार</strong><br />राखी व पूजन सामग्री : 8-10 करोड़<br />कपड़े व अन्य परिधान :12-14 करोड़<br />मिठाई व नमकीन : 10-12 करोड़<br />गिफ्ट आइटम व सजावटी सामग्री : 6-8 करोड़<br />सूखा मेवा व खाद्य सामग्री : 5-6 करोड़</p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />लोगों ने इस बार सिर्फ जरूरी चीजें नहीं, बल्कि त्यौहार को यादगार बनाने के लिए अतिरिक्त खरीदारी भी की। बच्चों के लिए डिजाइनर राखियों और कपड़ों की बिक्री उम्मीद से ज्यादा रही।<br /><strong>- योगेन्द्र सुमन, प्रमुख व्यापारी, घण्टाघर बाजार </strong></p>
<p>राखी से तीन दिन पहले से ही मिठाइयों की बिक्री शुरू हो गई थी। इस बार विभिन्न तरह की मिठाइयों तैयार की गई थी। दिनभर खरीदारी का सिलसिला चलता रहा है। भीड़ के चलते अतिरिक्त काउंटर लगाना पड़ा।<br /><strong>- राजेश अग्रवाल, मिठाई विक्रेता, छावनी </strong></p>
<p>इस बार बाजारों में इतनी भीड़ थी कि हर दुकान पर इंतजार करना पड़ा, लेकिन खरीदारी का मजा भी इसी में है। राखी का त्यौहार साल में एक बार आता है इसलिए उत्साह से खरीदारी की।<br /><strong>- रोशनी देवी, निवासी तलवंडी </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 11 Aug 2025 16:23:46 +0530</pubDate>
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                <title>रक्षाबंधन पर होगा तीस करोड़ का कारोबार </title>
                                    <description><![CDATA[दुकानों पर दिनभर साड़ी खरीदन के लिए ग्राहक आ रहे हैं। 
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/thirty-crore-business-will-be-done-on-rakshabandhan/article-122622"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-08/oer-(6).png" alt=""></a><br /><p>कोटा। शहर में रक्षाबंधन का त्यौहार इस वर्ष 9 अगस्त को मनाया जाएगा जिसकी तैयारियां दुकानदारों ने अभी से ही कर ली। जिसके चलते शहर की तलवंडी चौराहे, दादाबाड़ी चौराहे, रामपुरा बाजार, गुमानपुरा, इंदिरा बाजार, नेहरू बाजार, खाई रोड, विज्ञान नगर सहित करीब पांच दर्जन से अधिक जगहों पर राखी की दुकानें सजी हैं। जिससे बहिनें अपनी पसंद की राखी पसंद कर खरीद रही हैं। राखी विक्रेता वैभव मित्तल, दीपक कुमार व अंकित ने बताया कि अभी से ही रक्षाबंधन की खरीदारी करने के लिए ग्राहक दुकान पर आ रहे हैं। रक्षाबंधन को लेकर भाईयों ने बहनों को गिफ्ट देने के लिए मोबाईल,कपड़े, घड़ियां सहित विभिन्न महंगे आइटम की खरीदारी <br />कर हैं। व्यापारियों का कहना है कि इस बार शहर में रक्षाबंधन पर करीब बाजार में तीस करोड़ का कारोबार होने की उम्मीद हैं।    </p>
<p><strong>राखियों के साथ चॉकलेट की पैकिंग लुभा रही</strong><br />दुकानदार पुनीत व अमित ने बताया बाजार में इस बार राखी के साथ चॉकलेट व पूजा में काम आने वाले जिनमें कुमकुम, अक्षत, दीपक व नारियल और साथ में आरती की थाली भी दी जा रह रही हैं जो आकर्षक का केंद्र बनी हुई।  </p>
<p><strong>साड़ियों की दुकान पर खरीदारों की भीड़ </strong><br />साड़ी विक्रेता पंकज कुमार ने बताया कि रक्षाबंधन त्यौहार को खास बनाने के लिए भाई भी कोई कमी नहीं छोड़ रहे हैं। भाई भी परिवार जनों के साथ साड़ी की दुकानों पर आकर साड़ी पसंद कर रहे। दुकानों पर दिनभर साड़ी खरीदन के लिए ग्राहक आ रहे हैं। </p>
<p><strong>मोबाइल और घड़िÞयों की दुकान पर भीड़</strong><br />रक्षाबंधन 9 अगस्त को पर अभी से ही भाई व बहिनें गिफ्ट देने के लिए शहर में रामपुरा, गुमानपुरा, तलवंडी, छावनी सहित अन्य विभिन्न स्थानों पर मोबाइल, घड़ी, लेपटॉप, ब्रेसलेट सहित अन्य विभिन्न गिफ्ट पसंद कर रही हैं। बाजार में भाई बहनों के लिए यूनिक आइटम की तलाश में रहते हैं। मोबाइल विक्रेता सुनील खत्री ने बताया कि रक्षाबंधन के लिए अभी से दुकान पर मोबाइल, घड़ी सहित अन्य आइटम रक्षाबंधन के लिए उपलब्ध हैं। </p>
<p><strong>नारियल की ब्रिकी में बढ़ोतरी </strong><br />नारियल विक्रेता जितेंद्र कुमार ने बताया कि रक्षाबंधन पर राखी की थाली में यदि नारियल नहीं हो तो पर्व ही अधूरा माना जाता हैं। इसी के चलते इस बार रक्षाबंधन तक नारियल का स्टॉक कर रखा हैं। ऐनवक्त पर नारियल नहीं मिलने से हमें परेशानी का सामना करना पड़ता हैं। </p>
<p><strong>आगरा के पेठे भी इस बार राखी की थाली की शोभा बढ़ाएंगे </strong><br />पेठा विक्रेता दीपक मित्तल ने बताया कि पेठे करीब एक महीने तक खराब नहीं होते हैं। जिसके चलते शहर के बाहर जाने वाली बहिने अभी से ही पेठे खरीद रही हैं। शहर में रहने वाले परिवार आॅर्डर देकर पेठे बुक कर रहे हैं। </p>
<p><strong>शहर में होगा करीब तीस करोड़ का कारोबार </strong><br />शहर में करीब तीन से चार लाख परिवार निवास करते हंै यदि ये परिवार रक्षाबंधन पर बाजार से कम से कम एक या दो हजार की खरीदारी करते है। तो बाजार में करीब तीस करोड़ का कारोबार होने की उम्मीद हैं। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 04 Aug 2025 16:11:48 +0530</pubDate>
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                <title>बारिश में भीगा कारोबार, अब त्यौहारों में सवरेंगे बाजार</title>
                                    <description><![CDATA[अब अगस्त में व्यापारियों को संजीवनी की उम्मीद।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/business-got-wet-in-the-rain--now-markets-will-be-decorated-during-festivals/article-122619"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-08/oer-(4).png" alt=""></a><br /><p>कोटा। जुलाई माह की भारी बारिश ने कोटा के व्यापार को करारा झटका दिया है। खुदरा से लेकर थोक बाजार तक में ग्राहकी बुरी तरह प्रभावित हुई। लगातार  बारिश के कारण बाजारों में ग्राहकों की आवाजाही कम रही, जिससे अधिकांश दुकानों में बिक्री में 40 से 50 प्रतिशत तक की गिरावट आई। खासकर कपड़ा व्यापार, जूतों-चप्पलों, स्टेशनरी, मिठाई और होलसेल मार्केट में ग्राहकी में भारी गिरावट दर्ज की गई। व्यापारियों का कहना है कि जुलाई महीने में हुई बारिश के कारण ग्राहकों की बाजारों में आवाजाही कम रही, जिससे बिक्री पर सीधा असर पड़ा। हालांकि अब अगस्त में रक्षाबंधन, जन्माष्टमी, स्वतंत्रता दिवस और गणेश चतुर्थी जैसे त्यौहारों की तैयारी शुरू हो गई है। व्यापारियों को उम्मीद है कि अगस्त में बाजार फिर से रफ्तार पकड़ेगा।</p>
<p><strong>अब राखी व अन्य त्यौहारों से बढ़ी उम्मीदें</strong><br />अब अगस्त का महीना शुरू होते ही व्यापारियों के चेहरे पर उम्मीद की चमक लौट आई है। राखी, स्वतंत्रता दिवस, कृष्ण जन्माष्टमी और गणेश चतुर्थी जैसे त्यौहारों के चलते बाजारों में रौनक लौटने लगी है। राखी के लिए खास डिजाइन और थीम वाली राखियां राजस्थान के अलावा दिल्ली, लखनऊ और गुजरात से मंगाई गई हैं। महिला ग्राहकों के लिए ब्यूटी पार्लर, कॉस्मेटिक्स, गहने और पारंपरिक परिधान बेचने वाले दुकानदारों ने भी तैयारियां शुरू कर दी हैं। मिठाई दुकानों पर स्पेशल आॅर्डर बुकिंग शुरू हो गई है और राखी गिफ्ट पैकिंग का काम भी जोरों पर है।</p>
<p><strong>व्यापारियों ने यूं बताई अपनी पीड़ा</strong><br />महावीर नगर सेक्टर-1 में कपड़े की दुकान चलाने वाले अमित वर्मा ने बताया कि पूरे महीने में मुश्किल से आधा व्यापार ही हो पाया। बारिश की वजह से ग्राहक बाहर नहीं निकले। घंटाघर बाजार में चप्पल विक्रेता मोहित जैन कहते हैं कि बारिश के कारण सड़कों पर भीड़ कम हो गई। बच्चों के स्कूल खुलने के बाद भी फुटवियर की मांग नहीं आई। घंटाघर में बर्तन और गिफ्ट आइटम्स की दुकान चलाने वाले राजेश बंसल पिछले 15 साल से राखी सीजन में बिक्री के लिए हर बार नया स्टॉक मंगवाते हैं। इस बार उन्होंने भी 60 हजार का नया माल स्टॉक किया, लेकिन जुलाई के अंतिम दिनों तक काउंटर तक कोई ग्राहक नहीं आया।</p>
<p><strong>अगस्त में प्रमुख त्यौहारों के दौरान कारोबार की संभावित वृद्धि (प्रतिशत में)</strong><br />व्यापार क्षेत्र                            जुलाई में गिरावट          अगस्त में अपेक्षित कारोबार          संभावित वृद्धि (%)<br />कपड़ा और रेडीमेड गारमेंट                40%                            85.90% तक                       30% से 35%<br />राखी व गिफ्ट आइटम                     50%                            90 से 95% तक                   40% से 45%<br />मिठाई, नमकीन व खाद्य सामग्री       30%                            100% या अधिक                  35% से 40%<br />कॉस्मेटिक्स व चूड़ी बाजार               40%                            95 से 100% तक                  40% से 50%<br />इलेक्ट्रॉनिक्स व मोबाइल                33%                             90 से 100% तक                 30% से 35%</p>
<p><strong>बारिश से बाजारों में छाया रहा सन्नाटा</strong><br />शहर में पिछले कुछ हफ्तों से लगातार हो रही बारिश ने जहां आमजन को गर्मी से राहत दी, वहीं बाजारों में कारोबार की रफ्तार मंद कर दिया। जुलाई माह में लगातार भीगते मौसम के चलते लोग घरों में सिमट गए। कई छोटे दुकानदारों ने तो दुकानें समय से पहले ही बंद कर दीं। जुलाई के अधिकांश दिनों में बारिश होने से शहर के प्रमुख बाजारों महावीर नगर, गुमानपुरा, घंटाघर, तलवंडी, किशोरपुरा और अनंतपुरा में कारोबार धीमा रहा।  स्थानीय दुकानदार विनय अग्रवाल ने बताया कि बारिश में ग्राहक आने में हिचकते हैं। खासकर फैशन और गिफ्ट आइटम्स की बिक्री लगभग ठप रही। वहीं इलेक्ट्रॉनिक सामान और फर्नीचर के व्यापारियों का भी यही हाल रहा। ग्राहक कम निकलने से कई दुकानदारों ने तय समय से पहले दुकानें बंद करनी शुरू कर दीं थी।</p>
<p>हमने तो लगभग उम्मीद छोड़ दी थी, लेकिन अब अगस्त में त्यौहारों के चलते फिर से ग्राहकों की भीड़ आने की संभावना बन रही है। त्यौहारों का मौसम ही दुकानदारों के लिए संजीवनी होता है।<br /><strong>- शबनम बेगम, चूड़ी विक्रेता</strong></p>
<p>बारिश के मौसम में तो इलेक्ट्रॉनिक्स दुकानों पर ग्राहकों के दीदार को ही तरस गए। पूरे मार्केट में ग्राहकी काफी कम हुई। अब राखी का त्यौहार नजदीक आ गया, ऐसे में अब राखी गिफ्ट्स में स्मार्ट गैजेट्स की नई रेंज उतारी है।<br /><strong> -अभिषेक शर्मा, इलेक्ट्रॉनिक्स विक्रेता </strong></p>
<p>बारिश के मौसम में मिठाई का कारोबार भी प्रभावित हुआ है। अब राखी त्यौहार के चलते मिठाई की एडवांस बुकिंग शुरू हो गई है। इस बार गिफ्ट बॉक्स के कस्टम पैकेज ज्यादा पसंद किए जा रहे हैं।<br /><strong>- प्रमोद गुप्ता, स्वीट्स संचालक </strong></p>
<p><strong>इस साल लगातार बारिश के कारण </strong><br />जुलाई में बारिश के कारण कोटा में व्यापार काफी प्रभावित हुआ है। इस मौसम में कारोबार में 40 से 50 फीसदी तक की गिरावट आई है। पर्यटकों की भी आवाजाही कम रही। अब अगस्त के त्यौहारों से बाजारों में फिर से जान आने की उम्मीद है। <br /><strong>- अशोक माहेश्वरी, महासचिव, कोटा व्यापार महासंघ</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 04 Aug 2025 16:08:15 +0530</pubDate>
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                <title>सावन में हो रहा हर दिन 30 लाख का कारोबार</title>
                                    <description><![CDATA[पूजा सामग्री से लेकर फलाहारी वस्तुओं की बढ़ी बिक्री । 
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/every-day--30-lakhs-of-business-is-happening-in-sawan/article-121193"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-07/news-(3)26.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। श्रावण मास में कोटा के बाजारों में भक्ति और व्यापार का संगम देखने को मिल रहा है। अच्छी खरीदारी से इन दिनों धार्मिकता की बयार के साथ बाजार में भी हरियाली ला दी है। श्रद्धालु भक्ति भाव से शिव पूजन में लीन हैं और बाजार व्यापारिक उम्मीदों से खिल उठे हैं। यह संगम न सिर्फ संस्कृति को समृद्ध कर रहा है, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी सशक्त बना रहा है मंदिरों में शिवभक्तों की भीड़ के साथ ही बाजारों में पूजा सामग्री, फूलों, फलाहारी वस्तुओं, मेहंदी, चूड़ियां, वस्त्र और श्रृंगार सामग्री की बिक्री में भारी इजाफा देखा जा रहा है। स्थानीय व्यापारियों के अनुसार इस बार खरीदारी में 40-50% तक की वृद्धि देखी गई है। बाजारों में रोजाना 25 से 30 लाख रुपए का कारोबार होने से व्यापारियों के चेहरे चमक रहे हैं। </p>
<p><strong>फूलों की दुकानों पर बढ़ी रौनक:</strong> शिवलिंग पर पुष्प अर्पित करने की परंपरा के चलते गेंदे, कनेर, गुलाब, बेला जैसे फूलों की मांग चरम पर है। कोटा के प्रमुख फूल बाजारों थोक मंडी, घंटाघर, महावीर नगर और स्टेशन क्षेत्र में फूलों के थोक व्यापारियों का कहना है कि इस बार की बिक्री बीते वर्षों की तुलना में काफी बेहतर है। सावन माह के दौरान फूलों की बिक्री में काफी इजाफा हो गया है। थोक फूल मंडी के विक्रेताओं के अनुसार इन दिनों गेंदे और गुलाब के फूलों की डिमांड अधिक है। यहां कोटा के ग्रामीण क्षेत्रों में फूल बिकने के लिए जाते हैं। ऐसे में खरीदारी जोरों पर हो रही है। </p>
<p><strong>फलाहारी सामानों की डिमांड में उछाल</strong><br />श्रावण के व्रत-उपवास में उपयोग होने वाली वस्तुओं जैसे कि साबूदाना, सेंधा नमक, फल, मूंगफली, आलू के चिप्स, सिंघाड़ा आटा आदि की खपत में तेजी आई है। दुकानें खास फलाहारी काउंटर सज रही हैं। किराना व्यापारी गौरव अग्रवाल के अनुसार सावन माह में कई व्रत और त्यौहार आ रहे हैं। इस कारण फलाहारी सामग्री की खरीदारी अच्छी हो रही है। ग्राहकों की डिमांड को देखते हुए फलाहारी सामग्री के विशेष किट तैयार किए गए हैं, जो ग्राहकों को खूब पंसद आ रहे हैं। पिछले साल की तुलना में इस बार सावन माह किराना व्यापारियों के अच्छा साबित हो रहा है। आगामी दिनों में बिक्री में और इजाफा होने की उम्मीद है।</p>
<p><strong>हरियाली तीज की खरीदारी में तेजी</strong><br />श्रावण में आने वाली हरियाली अमावस्या और तीज को लेकर बाजार में चूड़ियों, साड़ियों, मेहंदी, बिंदी, लहरिया व अन्य श्रृंगार सामग्रियों की दुकानों में महिलाओं की भीड़ देखी जा रही है। कोटा के घंटाघर, इंद्रा मार्केट, तलवंडी, मालरोड जैसे क्षेत्रों में विशेष स्टॉल लगाए गए हैं। आगामी दिनों में हरियाली तीज का त्यौहार आने वाला है। ऐसे में महिलाओं ने अभी से खरीदारी शुरू कर दी है। इन दिनों लहरिया की बिक्री अधिक हो रही है। इस साल विभिन्न डिजाइन के लहरिया महिलाओं को काफी लुभा रहे हैं। कोटा के प्रमुख शिवालयों जैसे चम्बल गार्डन शिव मंदिर, ब्रह्मपुरी महादेव, तलवंडी महादेव और रामपुरा महादेव मंदिर में प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। इससे आसपास की दुकानों जैसे कि प्रसाद, धूप-बत्ती, बेलपत्र, जल पात्र, माला आदि की बिक्री को बड़ा सहारा मिला है।</p>
<p>10  लाख का कारोबार पूजन सामग्री का<br />10  लाख का कारोबार फलहारी सामग्री का<br />05  लाख का कारोबार हो रहा फूलों का<br />02  लाख का कारोबार श्रंगार सामग्री का</p>
<p>श्रावण में सुबह 4 बजे से ही खरीदारों की लाइन लग जाती है। गेंदे और गुलाब के फूलों की सबसे ज्यादा मांग है। हम रोजाना करीब 100 से अधिक फूलों के पैकेट बेच रहे हैं।<br /><strong>- राजेन्द्र सुमन, फूल विक्रेता </strong></p>
<p>हमने खास व्रत किट तैयार की है, जिसमें उपवास से जुड़ी सारी सामग्री शामिल है। ग्राहकों को सुविधाजनक पैकिंग में सब कुछ मिल रहा है।<br /><strong>- अजीत गोयल, किराना दुकानदार </strong></p>
<p>तीज का त्यौहार हमारे लिए बहुत खास है। इस बार नए डिजाइन की चूड़ियां और लहरिया साड़ी बाजार में खूब पसंद की जा रही है।<br /><strong>- सीमा कुमारी, गृहिणी </strong></p>
<p>श्रावण के चलते व्यापार में अप्रत्याशित तेजी आई है। फूल, पूजा सामग्री, फल, श्रृंगार, मिठाई  सभी क्षेत्रों में बिक्री में उछाल है। यह व्यापार के लिए बेहद सकारात्मक संकेत है।<br /><strong>- महेश मित्तल, प्रमुख किराना व्यापारी</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 21 Jul 2025 15:05:16 +0530</pubDate>
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                <title>ऑनलाइन व बिग रिटेल फॉर्मेट से संकट में खुदरा कारोबार : देशभर में बंद हुई 2 लाख से अधिक खुदरा दुकानें, प्रतिदिन बंद हो रही हैं 1000 से अधिक दुकानें</title>
                                    <description><![CDATA[देश में ऑनलाइन खरीदारी और बड़े व्यापारिक घरानों के रिटेल फॉर्मेट के बढ़ते प्रभाव के कारण पारंपरिक खुदरा दुकानों पर गंभीर संकट गहराता जा रहा है]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/online-and-big-retail-formats-retail-business-in-crisis-more/article-115438"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-05/1.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। देश में ऑनलाइन खरीदारी और बड़े व्यापारिक घरानों के रिटेल फॉर्मेट के बढ़ते प्रभाव के कारण पारंपरिक खुदरा दुकानों पर गंभीर संकट गहराता जा रहा है। हालात इतने गंभीर हैं कि अब तक दो लाख से अधिक खुदरा दुकानें बंद हो चुकी हैं, और प्रतिदिन एक हजार से अधिक दुकानें शटर डाउन कर रही हैं। इस गंभीर स्थिति पर चिंतन करते हुए टीम आरतिया ने एक बैठक आयोजित की और भारत सरकार के वाणिज्य मंत्रालय के अधीन उद्योग संवर्धन एवं आंतरिक व्यापार विभाग को नेशनल रिटेल ट्रेड पॉलिसी हेतु सुझाव प्रेषित किए हैं।</p>
<p><strong>सवा करोड़ से अधिक खुदरा दुकानों में 80% पारिवारिक व्यवसाय</strong><br />टीम के सदस्यों विष्णु भूत, कमल कंदोई और आशीष सर्राफ ने बताया कि देश में वर्तमान में सवा करोड़ से अधिक खुदरा दुकानें कार्यरत हैं, जिनमें से 80% दुकानें पारिवारिक स्वरूप में संचालित होती हैं, जहां तीन पीढ़ियां एक साथ व्यवसाय संभालती हैं। यह क्षेत्र देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है, लेकिन आज यह गहरे संकट से गुजर रहा है।</p>
<p><strong>ई-कॉमर्स की ओर खिसक रहा उपभोक्ता, इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर सबसे अधिक प्रभावित</strong><br />ऑनलाइन क्विक कॉमर्स के आक्रामक प्रचार ने उपभोक्ताओं को भ्रमित किया है, जिससे वे पारंपरिक 1.58 लाख इलेक्ट्रॉनिक्स और मोबाइल दुकानों की बजाय ई-कॉमर्स पोर्टल्स और बड़े ब्रांडेड चेन स्टोर्स की ओर उन्मुख हो रहे हैं।</p>
<p><strong>क्विक कॉमर्स का तेजी से बढ़ता प्रभुत्व</strong><br />प्रेम बियाणी, ओ.पी. राजपुरोहित और कैलाश शर्मा ने चिंता जताई कि क्विक कॉमर्स का प्रभाव अब दैनिक उपभोग की वस्तुओं की खरीद पर भी स्पष्ट रूप से दिख रहा है। 2024 में इस क्षेत्र में 74% की वृद्धि दर्ज की गई है, और अब देश के 82% से अधिक उपभोक्ता अपनी 25% या अधिक दैनिक जरूरतें इसी माध्यम से पूरी कर रहे हैं।</p>
<p><strong>बिग फॉर्मेट की अस्वस्थ प्रतिस्पर्धा से खुदरा व्यवसाय जर्जर</strong><br />तरुण शारदा, नरेश चौपड़ा, विक्रम सराफ और दिनेश गुप्ता ने बताया कि बड़े औद्योगिक घरानों के रिटेल फॉर्मेट भारी पूंजी निवेश के साथ आते हैं और बाजार में अस्वस्थ प्रतिस्पर्धा फैलाते हैं। खुदरा दुकानदार जो दैनिक आय पर निर्भर रहता है, वह इस दबाव को एक वर्ष से अधिक नहीं झेल पाता। उन्होंने कहा कि सरकार के अधिकारी इस संकट से वाकिफ होने के बावजूद बड़ी लॉबी के दबाव में खुदरा क्षेत्र की अनदेखी करते रहे हैं, क्योंकि यह क्षेत्र असंगठित है और इसकी आवाज कमजोर पड़ जाती है। टीम आरतिया के सुझाव: नीति निर्माण में खुदरा व्यापारियों को मिले भागीदारी</p>
<p><strong>टीम आरतिया ने सुझाव दिया कि -</strong></p>
<ul>
<li>खुदरा दुकानदारों के लिए कर की दरों को न्यूनतम और व्यवहारिक बनाया जाए।</li>
<li>जैसे किसानों के लिए सरकार योजनाएं बनाती है, वैसे ही खुदरा दुकानदारों की भी रक्षा की जाए।</li>
<li>अनुचित व्यापार व्यवहार आयोग के नियमों को खुदरा क्षेत्र में सख्ती से लागू किया जाए।</li>
<li>खुदरा व्यापारियों के लिए प्रभावी नियम-कायदे तत्काल लागू किए जाएं।</li>
<li>सहकारी फॉर्मेट को बढ़ावा देकर व्यवसाय को सशक्त किया जाए।</li>
<li>नीति के मसौदे को अंतिम रूप देने से पूर्व ग्राउंड लेवल से खुदरा व्यापारियों के सुझाव आमंत्रित किए जाए</li>
</ul>
<p><strong>ये है मांग</strong><br />देश की खुदरा व्यवस्था को संरक्षित रखने के लिए तुरंत कदम उठाने की आवश्यकता है। यदि यह प्रवृत्ति यूं ही जारी रही तो देश की करोड़ों खुदरा दुकानें और उनसे जुड़े लाखों परिवार आजीविका संकट में घिर सकते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 26 May 2025 18:01:01 +0530</pubDate>
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