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                <title>ट्रांसपोर्ट कारोबार पर मंडराया संकट: गुरुग्राम समेत दिल्ली-एनसीआर में ट्रांसपोर्टरों की तीन दिवसीय हड़ताल शुरू,  जानिए क्या खुला और क्या बंद?</title>
                                    <description><![CDATA[ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस के आह्वान पर दिल्ली-एनसीआर में तीन दिवसीय हड़ताल शुरू हो गई है। ग्रीन टैक्स और नए प्रतिबंधों के विरोध में 21 से 23 मई तक माल ढुलाई पूरी तरह बंद रहेगी। गुरुग्राम के औद्योगिक हब में इसके चलते करोड़ों का कारोबार और आपूर्ति शृंखला बुरी तरह प्रभावित हुई है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/crisis-looms-on-transport-business-three-day-strike-of-transporters-begins/article-154575"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/strike.png" alt=""></a><br /><p>गुरुग्राम। हरियाणा के गुरुग्राम समेत पूरे दिल्ली-एनसीआर में ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस के आह्वान पर गुरुवार से तीन दिवसीय हड़ताल शुरू हुई। हड़ताल का सीधा असर गुरुग्राम में देखने को मिल रहा है। पहले ही दिन गुरुग्राम से दिल्ली जाने वाले ट्रकों और कॉमर्शियल वाहनों की संख्या में भारी कमी दर्ज की गयी, जिससे औद्योगिक गतिविधियां प्रभावित हो गयी हैं। ट्रांसपोर्ट संघों ने स्पष्ट किया है कि 21 मई की सुबह से 23 मई की रात तक माल ढुलाई से जुड़ी कोई भी छोटी या बड़ी गाड़ी दिल्ली की सीमा में प्रवेश नहीं करेगी। ट्रांसपोर्ट कांग्रेस के पदाधिकारियों का आरोप है कि दिल्ली सरकार लगातार कमर्शियल वाहनों पर नये प्रतिबंध लागू कर रही है और ग्रीन टैक्स के नाम पर भारी शुल्क वसूला जा रहा है। इससे ट्रांसपोर्ट कारोबार संकट में पहुंच गया है।</p>
<p>ट्रांसपोर्टरों का कहना है कि कई बार प्रशासनिक अधिकारियों से बातचीत और समस्याओं के समाधान की मांग की गयी, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। इसी के विरोध में उन्हें सांकेतिक हड़ताल का रास्ता अपनाना पड़ा। गुरुग्राम को देश के प्रमुख औद्योगिक और लॉजिस्टिक्स हब में गिना जाता है। यहां ऑटोमोबाइल और मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र की कई बड़ी कंपनियां संचालित हैं, जिनकी आपूर्ति शृंखला पूरी तरह ट्रांसपोर्ट नेटवर्क पर निर्भर है। हड़ताल के चलते उद्योग जगत में चिंता बढ़ गयी है। व्यापारिक विशेषज्ञों के अनुसार, गुरुग्राम और आसपास के क्षेत्रों में प्रतिदिन करोड़ों रुपये का कारोबार प्रभावित हो सकता है। यदि हड़ताल आगे बढ़ती है, तो दिल्ली-एनसीआर में फल, सब्जियां, दूध और दवाओं जैसी आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति भी प्रभावित हो सकती है, जिससे आम लोगों की परेशानियां बढ़ने की आशंका है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 21 May 2026 18:32:21 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>नार्वे और भारत के बीच सहयोग की अपार संभावना,नार्वे की कंपनियों के लिए खुले हैं दरवाजे: पीएम मोदी</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ओस्लो में भारत-नॉर्वे व्यापार शिखर सम्मेलन को संबोधित किया। उन्होंने नॉर्वे की कंपनियों को स्वच्छ ऊर्जा, जहाज निर्माण और समुद्री उद्योगों में निवेश के लिए आमंत्रित किया। पीएम मोदी ने TEPA समझौते के तहत $100 अरब के निवेश और भारत में 10 लाख रोजगार सृजन का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/there-is-immense-potential-for-cooperation-between-norway-and-india/article-154317"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/modi8.png" alt=""></a><br /><p>ओस्लो। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारत और नार्वे के बीच विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग की अपार संभावनाओं का उल्लेख करते हुए कहा है कि नॉर्वे की कंपनियों के लिए भारत के दरवाजे खुले हैं और उन्हें स्वच्छ ऊर्जा, जहाज निर्माण, समुद्री उद्योगों और स्वास्थ्य प्रौद्योगिकी में निवेश के लिए आगे आना चाहिए। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के पास खाद्य सुरक्षा, उर्वरक, मत्स्य पालन और ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में सहयोग के उत्कृष्ट अवसर हैं। नार्वे की दो दिन की यात्रा पर गये पीएम मोदी ने सोमवार रात भारत-नॉर्वे व्यापार और अनुसंधान शिखर सम्मेलन को संबोधित किया। पीएम मोदी ने बाद में सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि व्यापार क्षेत्र और अनुसंधान जगत से जुड़े हितधारकों के साथ संवाद करना एक सुखद अवसर था।</p>
<p>उन्होंने कहा, "ओस्लो सिटी हॉल में प्रधानमंत्री जोनास गाहर स्टोरे और मैंने एक व्यापार एवं अनुसंधान शिखर सम्मेलन में भाग लिया। व्यापार क्षेत्र और अनुसंधान जगत से जुड़े हितधारकों के साथ संवाद करना एक सुखद अवसर था। हमारे देशों के पास खाद्य सुरक्षा, उर्वरक, मत्स्य पालन और ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में सहयोग के उत्कृष्ट अवसर हैं। मैंने नॉर्वे को भारत की स्वच्छ ऊर्जा पहलों में निवेश के लिए आमंत्रित किया। मैंने भारत के सुधार एजेंडा के समर्थन में भी अपने विचार रखे। जहाज निर्माण एक ऐसा क्षेत्र है जो व्यापक और असीम संभावनाएं प्रदान करता है।"</p>
<p>पीएम मोदी ने भारत और नॉर्वे के बीच मजबूत आर्थिक सहयोग का आह्वान करते हुए नॉर्वे की कंपनियों को स्वच्छ ऊर्जा, जहाज निर्माण, समुद्री उद्योगों और स्वास्थ्य प्रौद्योगिकी में निवेश बढ़ाने के लिए कहा। शिखर सम्मेलन में नॉर्वे के क्राउन प्रिंस हाकोन के अलावा 50 से अधिक कंपनियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों के साथ-साथ दोनों देशों के व्यापार और अनुसंधान क्षेत्रों के 250 से अधिक प्रतिनिधि शामिल हुए। यह आयोजन भारत-ईएफटीए व्यापार और आर्थिक साझेदारी समझौते (टीईपीए) के लागू होने के बाद भारत-नॉर्वे संबंधों में बढ़ती गति को दर्शाता है।</p>
<p>पीएम मोदी ने भारत की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था पर प्रकाश डाला और दोनों देशों के हितधारकों से व्यापार समझौते के तहत निर्धारित महत्वाकांक्षी लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में कार्य करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, "दोनों पक्षों के हितधारकों को टीईपीए के तहत 100 अरब डॉलर के निवेश लक्ष्य तथा भारत में 10 लाख रोजगार सृजन के उद्देश्य को प्राप्त करने के लिए प्रयास करने चाहिए।" प्रधानमंत्री ने भारत की मजबूत आर्थिक वृद्धि, अनुकूल जनसांख्यिकी और निवेशक-अनुकूल नीतियों पर जोर देते हुए देश को वैश्विक निवेश के लिए एक आकर्षक गंतव्य बताया। उन्होंने नॉर्वे को समुद्री अर्थव्यवस्था, नवीकरणीय ऊर्जा, हरित परिवर्तन, महत्वपूर्ण खनिज, नवप्रवर्तन उद्यमों और जहाज निर्माण जैसे क्षेत्रों में अधिक भागीदारी के लिए आमंत्रित किया, साथ ही सतत विकास और जलवायु कार्रवाई के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दोहराया।</p>
<p>पीएम मोदी ने कहा, "भारत का विशाल आकार, बढ़ती ऊर्जा आवश्यकताएं और जलवायु प्रतिबद्धताएं नवीकरणीय ऊर्जा, हरित हाइड्रोजन और स्वच्छ ऊर्जा अवसंरचना के तीव्र विस्तार को बढ़ावा दे रही हैं।" उन्होंने समुद्री क्षेत्र के कार्बन उत्सर्जन में कमी, महासागर स्थिरता और जलवायु वित्त में नॉर्वे की विशेषज्ञता की भी सराहना की। प्रधानमंत्री ने दोनों देशों के व्यवसायों को नई साझेदारी बनाने और आर्थिक संबंधों को गहरा करने के लिए उभरते अवसरों का लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित किया। शिखर सम्मेलन के दौरान भारतीय और नार्वे की कंपनियों तथा संस्थानों के बीच कई समझौतों पर हस्ताक्षर भी किए गए। इससे पहले दिन में, ओस्लो में चार गोलमेज चर्चाएंआयोजित की गईं, जिनमें स्वास्थ्य सेवा नवाचार, समुद्री सहयोग, बैटरी और ऊर्जा भंडारण प्रणाली, डिजिटलीकरण और विद्युतीकरण तथा पवन ऊर्जा पर ध्यान केंद्रित किया गया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 19 May 2026 12:35:34 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>चीन ने निजी स्कूलों और ट्यूशन इंडस्ट्री पर कसा शिकंजा, 100 अरब डॉलर का कारोबार प्रभावित</title>
                                    <description><![CDATA[चीन ने शिक्षा का व्यवसायीकरण रोकने के लिए कक्षा 1 से 9 तक के निजी स्कूलों और मुनाफे वाली कोचिंग पर पाबंदी लगा दी है। बच्चों का मानसिक दबाव कम करने हेतु अब ट्यूशन कंपनियां विदेशी निवेश या शेयर बाजार से फंड नहीं जुटा सकेंगी। इस ऐतिहासिक फैसले से $100 अरब की ट्यूशन इंडस्ट्री में बड़ा बदलाव आएगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/china-tightens-screws-on-private-schools-and-tuition-industry-business/article-153583"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/china2.png" alt=""></a><br /><p>बीजिंग। चीन ने अपनी शिक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव करते हुए 6 से 15 वर्ष तक के बच्चों के लिए संचालित लाभ कमाने वाले निजी स्कूलों और कोचिंग संस्थानों पर सख्त प्रतिबंध लगा दिया है। यह फैसला प्राथमिक और जूनियर सेकेंडरी शिक्षा यानी कक्षा 1 से 9 तक लागू किया गया है। नई नीति के तहत अब स्कूल विषयों की पढ़ाई कराने वाली कंपनियां मुनाफा नहीं कमा सकेंगी, विदेशी निवेश नहीं ले सकेंगी और शेयर बाजार से पूंजी जुटाने पर भी रोक रहेगी। कई कंपनियों को गैर-लाभकारी संस्था में बदलने या संचालन बंद करने के निर्देश दिए गए हैं।</p>
<p>इस फैसले से चीन की करीब 100 अरब डॉलर की निजी ट्यूशन इंडस्ट्री को बड़ा झटका लगा है। कई बड़ीं शिक्षा कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट दर्ज की गई। सरकार ने सप्ताहांत और छुट्टियों में ट्यूशन, विदेशी पाठ्यक्रम और बच्चों पर अधिक होमवर्क जैसे मामलों पर भी रोक लगाई है।</p>
<p>चीन का कहना है कि बढ़ते शैक्षणिक दबाव और महंगी शिक्षा बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य और परिवारों पर असर डाल रही थी। हालांकि प्रतिबंधों के बावजूद देश में निजी ट्यूशन की मांग अब भी बनी हुई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>शिक्षा जगत</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 12 May 2026 14:05:56 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जयपुर के सर्राफा बाजार में पहले दिन खरीदारी सुस्त, ज्वैलरी कंपनियों के शेयरों में गिरावट</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री की सोना न खरीदने की अपील के बाद जयपुर के बाजारों में ग्राहकों की आवाजाही कम हो गई है। सर्राफा व्यापारियों का मानना है कि इससे विदेशी मुद्रा भंडार तो मजबूत होगा, लेकिन कारीगरों के रोजगार पर संकट आ सकता है। आयात पहले से ही लगभग बंद होने से ज्वैलरी कारोबार में गिरावट की चिंता बढ़ गई है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/buying-slow-in-jaipurs-bullion-market-on-the-first-day/article-153460"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/11-(630-x-400-px).png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। जयपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देशवासियों से एक वर्ष तक सोना नहीं खरीदने की अपील का असर सर्राफा बाजार में दिखाई देने लगा है। हालांकि पहले दिन कारोबार में कोई बड़ा बदलाव देखने को नहीं मिला, लेकिन बाजार में खरीदारी का माहौल कमजोर रहा और ज्वैलरी कंपनियों के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। जयपुर के किशनपोल बाजार, एमआई रोड और वैशाली नगर स्थित प्रमुख ज्वैलरी शोरूमों पर फिलहाल ग्राहकों की आवाजाही सामान्य से कम रही। सर्राफा ट्रेडर्स कमेटी जयपुर के अध्यक्ष कैलाश मित्तल ने प्रधानमंत्री की अपील का स्वागत करते हुए कहा कि देश के विदेशी मुद्रा भंडार को मजबूत करने के लिए अन्य प्रभावी उपाय भी आवश्यक हैं।</p>
<p>उन्होंने कहा कि इस निर्णय का सबसे अधिक असर कारीगरों और बड़े मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स पर पड़ेगा, जिससे रोजगार प्रभावित हो सकता है। फिलहाल बाजार पहले से ही ठंडा चल रहा है। मार्केट एक्सपर्ट्स के अनुसार पिछले एक माह से सोने का आयात अघोषित रूप से लगभग बंद जैसी स्थिति में है। भारत में सामान्य तौर पर हर महीने करीब 60 टन सोने का आयात होता है, ऐसे में मांग घटने का असर पूरे व्यापारिक तंत्र पर पड़ सकता है। ज्वैलरी एक्सपोर्टर नीरज लुणावत ने कहा कि प्रधानमंत्री की इस अपील का आने वाले समय में ज्वैलर्स पर बड़ा प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने बताया कि ज्वैलरी कारोबार पहले से ही कमजोर ग्राहक मांग और धीमी बिक्री की चुनौती से जूझ रहा है। ऐसे में इस अपील से बाजार पर और दबाव बढ़ सकता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बिजनेस</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 11 May 2026 18:15:27 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>राजस्थान रॉयल्स का मालिक फिर बदला : IPL 2026 के बीच 15,660 करोड़ में बिकी टीम, जानें कौन है नए मालिक ?</title>
                                    <description><![CDATA[दिग्गज उद्योगपति लक्ष्मी मित्तल और अदार पूनावाला ने राजस्थान रॉयल्स में नियंत्रण हिस्सेदारी खरीदने का ऐतिहासिक समझौता किया है। $1.65 अरब के इस सौदे से टीम की वैश्विक पहचान और मजबूत होगी। 2026 तक पूरी होने वाली इस डील के बाद मित्तल परिवार के पास 75% हिस्सेदारी होगी, जो टीम के लिए नए युग की शुरुआत है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/khel/owner-of-rajasthan-royals-changed-again-team-sold-for-rs/article-152542"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/ipl.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। आईपीएल की प्रसिद्ध टीम राजस्थान रॉयल्स के स्वामित्व में बड़ा बदलाव तय हो गया है। देश के दिग्गज उद्योगपति लक्ष्मी मित्तल के परिवार ने उद्योगपति अदार पूनावाला के साथ मिलकर टीम में नियंत्रण हिस्सेदारी खरीदने का समझौता किया है। इस सौदे की कुल कीमत करीब 1.65 अरब डॉलर यानी लगभग 15,660 करोड़ रुपये आंकी गई है। यह टीम अब तक मनोज बडाले और उनके सहयोगियों के पास थी, जिनसे इसे खरीदा जा रहा है। इस समझौते में केवल राजस्थान रॉयल्स ही नहीं, बल्कि दक्षिण अफ्रीका और कैरेबियाई क्षेत्र में इसकी सहयोगी टीमों को भी शामिल किया गया है, जिससे यह एक बहु-देशीय खेल पहचान के रूप में और मजबूत होगी।</p>
<p>सौदा पूरा होने के बाद मित्तल परिवार के पास करीब 75 प्रतिशत हिस्सेदारी होगी, जबकि अदार पूनावाला के पास लगभग 18 प्रतिशत हिस्सेदारी रहेगी। बाकी 7 प्रतिशत हिस्सा पहले से जुड़े निवेशकों के पास रहेगा। यह प्रक्रिया वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही तक पूरी होने की संभावना है, हालांकि इसके लिए भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड, भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग और आईपीएल संचालन परिषद से मंजूरी आवश्यक होगी।</p>
<p>नई संरचना में लक्ष्मी मित्तल, अदार पूनावाला और मनोज बडाले निदेशक मंडल में शामिल होंगे। राजस्थान रॉयल्स, जिसने Indian Premier League 2008 का पहला खिताब जीता था, उभरते खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने के लिए जानी जाती है। लक्ष्मी मित्तल ने इस निवेश को अपने राजस्थान से जुड़े पारिवारिक रिश्तों से भी जोड़ा है, जबकि अदार पूनावाला ने इसे टीम के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 03 May 2026 15:44:47 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>इजरायल, अमेरिका और ईरान का संघर्ष : शादियों व होटल-रेस्टोरेंट पर दिखने लगा युद्ध का असर, बुकिंग को लेकर नियमों में बदलाव</title>
                                    <description><![CDATA[ कई जगहों पर आयोजकों को पहले से ज्यादा कीमत पर सिलेंडर मंगवाने पड़ रहे हैं, जिससे खर्च भी बढ़ गया है।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/conflict-between-israel--the-us--and-iran--the-impact-of-the-war-is-being-felt-on-weddings-and-hotels-and-restaurants/article-146099"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/1200-x-60-px)2.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। मध्य-पूर्व में चल रहे तनाव और युद्ध का असर अब स्थानीय स्तर पर भी दिखने लगा है। इजरायल, अमेरिका और ईरान के बीच बढ़े सैन्य तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में ऊर्जा आपूर्ति और परिवहन व्यवस्था प्रभावित हो रही है। इसका असर देश के कई हिस्सों की तरह कोटा में भी दिखाई देने लगा है, जहां एलपीजी गैस की किल्लत होने लगी है। शहर में गैस सिलेंडरों की सप्लाई प्रभावित होने से होटल, रेस्टोरेंट और शादी समारोह आयोजित करने वालों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई होटल संचालकों का कहना है कि गैस सिलेंडरों की आपूर्ति समय पर नहीं हो रही है, जिससे रसोई संचालन में दिक्कतें आ रही हैं।</p>
<p><strong>अतिरिक्त सिलेंडर की व्यवस्था करने में मशक्कत</strong><br />शादी-विवाह का सीजन होने के कारण मांग पहले से ही अधिक है। ऐसे में कैटरिंग व्यवसाय से जुड़े लोगों को अतिरिक्त सिलेंडर की व्यवस्था करने में काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। कई जगहों पर आयोजकों को पहले से ज्यादा कीमत पर सिलेंडर मंगवाने पड़ रहे हैं, जिससे खर्च भी बढ़ गया है। होटल और रेस्टोरेंट संचालकों का कहना है कि यदि गैस की आपूर्ति जल्द सामान्य नहीं हुई तो भोजन व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। कुछ छोटे रेस्टोरेंट संचालकों ने वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में इलेक्ट्रिक उपकरणों या अन्य ईंधन का सहारा लेना शुरू कर दिया है, लेकिन इससे लागत बढ़ रही है।</p>
<p><strong>आगे कारोबार पर और दिखेगा असर</strong><br />मार्च और अप्रैल का महीना शादियों चलते होटल और रेस्टोरेंट कारोबारी के लिए काफी व्यस्त रहता है. लेकिन कमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई रुकने से हलवाई और कैटर्स की भी मुश्किलें बढ़ती हुई दिखाई दे रही है। अगर होटल और रेस्टोरेंट में कमर्शियल गैस सिलेंडर की बिना रुकावट के सप्लाई नहीं होती है तो इसका सीधा-सीधा असर खाने की कीमतों पर भी देखा जा सकता है, वहीं औद्योगिक इकाइयां जैसे कपड़ा कांच जैसे उद्योगों में गैस की खपत ज्यादा होती है उन पर भी इसका असर देखने को मिल सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय हालात लंबे समय तक ऐसे ही बने रहते हैं तो ऊर्जा संसाधनों की आपूर्ति और कीमतों पर इसका व्यापक असर पड़ सकता है।</p>
<p><strong>बुकिंग को लेकर नियमों में बदलाव</strong><br />कंपनियों ने कमर्शियल गैस सिलेंडर ही नहीं बल्कि घरेलू उपभोक्ताओं पर बुकिंग को लेकर कई नियमों में बदलाव किया है। पहले उपभोक्ता को दो या तीन दिन में घरेलू गैस की सप्लाई होती थी लेकिन अब यह सप्लाई 7 से 10 दिनों तक की जाएगी यानी कुल मिलाकर घरेलू गैस की किल्लत का असर आम व्यक्ति की रसोई पर भी देखने को मिलेगा। कॉमर्शियल गैस सिलेंडर का लोग स्टॉक कर रह हैं। इस वजह से तेल कंपनियों ने गैस आपूर्ति की सप्लाई को पूरी तरीके से बाधित कर दिया है। तेल कंपनियों ने कमर्शियल गैस सिलेंडर की डिलीवरी पर रोक लगाने का ऐलान किया है।</p>
<p>कामर्शियल सिलेंडरों की सप्लाई रोक दिए जाने से कोटा शहर में चल रहे होटल, रेस्टोरेंट- ढाबे,कचौरी नमकीन की दुकानों ,खोमचे वालों एवं शादियों के सीजन को देखते हुए हलवाई कैटरिंग व्यवसाइयों के सामने गहरा संकट खड़ा हो गया है। हमने जब सभी गैस एजेंसियों के संचालकों से कमर्शियल सिलेंडर सप्लाई की बात कही तो सभी ने हाथ खड़े कर दिए। इससे इन व्यवसाइयों से जुड़े लोगों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है क्योंकि एक-दो दिन में सप्लाई नहीं आई तो कोटा में संचालित व सभी व्यवसाइयो को अपना व्यवसाय बंद करना पड़ेगा। सरकार को चाहिए कि कमर्शियल सिलेंडर की आपूर्ति को यथावत रखा जाए।<br /><strong>-अशोक माहेश्वरी, अध्यक्ष व संदीप पाडिया, महासचिव, होटल फेडरेशन आॅफ राजस्थान कोटा डिवीजन</strong></p>
<p>केंद्र सरकार द्वारा कमर्शियल गैस सिलेंडरों की सप्लाई पर रोक लगाए जाने से हाड़ौती क्षेत्र में चल रहे शादी-विवाह के सीजन के बीच कैटरिंग व्यवसाय बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। गैस की कमी के कारण हलवाइयों और कैटरर्स के सामने भोजन तैयार करने को लेकर गंभीर संकट खड़ा हो गया है, जिससे विवाह समारोहों की व्यवस्थाएं भी प्रभावित होने लगी हैं। अचानक सप्लाई बंद होने से कैटरिंग व्यवसाय से जुड़े लोगों के सामने भोजन व्यवस्था को लेकर बड़ी परेशानी खड़ी हो गई है।<br /><strong>- सचिन माहेश्वरी,अध्यक्ष, हाड़ौती हलवाई-कैटरर्स एसोसिएशन</strong></p>
<p>कोटा में घरेलू गैस सिलेंडरों की नियमित रूप से आपूर्ति हो रही है। केवल कमर्शियल गैस सिलेंडरों की सप्लाई पर रोक लगाई गई है। वहीं अब ई-केवाईसी भी अनिवार्य कर दी गई है। इसके अलावा एलपीजी गैस सिलेंडर की दोबारा बुकिंग अब पिछली डिलीवरी के 25 दिन बाद ही हो सकेगी।<br /><strong>-अरविंद गुप्ता, अध्यक्ष, हाड़ौती कोटा एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स एसोसिएशन</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 11 Mar 2026 15:50:59 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>शादी सीजन- 2025 में देशभर में 46 लाख शादियों से 6.5 लाख करोड़ का व्यापार, राजस्थान में लक्जरी व डेस्टिनेशन वेडिंग्स का बोलबाला</title>
                                    <description><![CDATA[कैट रिसर्च एंड ट्रेड डेवलपमेंट सोसाइटी (सीआरटीडीएस) के अध्ययन के अनुसार, 1 नवंबर से 14 दिसंबर 2025 के बीच देशभर में लगभग 46 लाख शादियां होंगी, जिनसे 6.50 लाख करोड़ रुपए का व्यापार होगा। राजस्थान में 3.5 लाख और दिल्ली में 4.8 लाख शादियां होंगी। ‘वोकल फॉर लोकल’ से स्थानीय कारीगरों व उत्पादों की मांग में 25-30% वृद्धि दर्ज हुई है।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/wedding-season-business-worth-rs-65-lakh-crore-from/article-131039"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-10/_4500-px)-(10)1.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) की अनुसंधान शाखा कैट रिसर्च एंड ट्रेड डेवलपमेंट सोसाइटी (सीआरटीडीएस) ने अनुमान लगाया है कि आगामी शादी सीजन एक नवंबर से 14 दिसंबर 2025 के दौरान देशभर में लगभग 46 लाख शादियां होंगी, जिनसे कुल 6.50 लाख करोड़ का व्यापार होगा।</p>
<p>कैट के राष्ट्रीय महामंत्री एवं सांसद प्रवीन खंडेलवाल ने बताया कि यह अध्ययन 15 से 25 अक्टूबर 2025 के बीच देश के 75 प्रमुख शहरों में किया गया। इसमें राजस्थान की बाजार भागीदारी को प्रमुखता से रेखांकित किया गया है, जहां लक्जरी और डेस्टिनेशन वेडिंग्स का चलन तेजी से बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘वोकल फॉर लोकल’ विजन के अनुरूप, राजस्थानी हस्तकला, परंपरागत आभूषण, बंदेज साड़ियां और लोकल कारीगरों की सेवाएं शादी बाजार में अग्रणी भूमिका निभा रही हैं।</p>
<p><strong>कैट अध्ययन के प्रमुख निष्कर्ष :</strong></p>
<ul>
<li>कुल शादियां 46 लाख</li>
<li>अनुमानित व्यापार 6.50 लाख करोड़</li>
<li>राजस्थान में शादियां 3.5 लाख</li>
<li>दिल्ली में शादियां 4.8 लाख</li>
<li>दिल्ली का योगदान 1.8 लाख करोड़</li>
</ul>
<p>इस वर्ष शादियों की संख्या पिछले वर्ष के करीब है, लेकिन प्रति शादी खर्च में वृद्धि हुई है। बढ़ती आय, कीमती धातुओं की कीमतें और उपभोक्ता विश्वास के कारण। राजस्थान में यह वृद्धि विशेष रूप से उल्लेखनीय है, जहां डेस्टिनेशन वेडिंग्स उदयपुर, जयपुर और जोधपुर जैसे शहरों में पंचतारा रिसॉर्ट्स व पैलेस वेन्यूज पर केंद्रित हैं। अध्ययन में पाया गया कि 70% से अधिक शादी सामान भारतीय निर्मित हैं।</p>
<p><strong>राजस्थान में ‘वोकल फॉर लोकल वेडिंग्स’ अभियान :</strong></p>
<p>राजस्थान में बाजार भागीदारी को प्रमुखता देते हुए कैट राजस्थान के चेयरमैन सुरेश पाटोदिया ने बताया कि स्थानीय कारीगरों को बंदेज, लहरिया, गोटा-पत्ती कार्य, मीनाकारी आभूषण और हस्तनिर्मित सजावट सामग्री के लिए भारी ऑर्डर मिल रहे हैं। ‘वोकल फॉर लोकल वेडिंग्स’ अभियान ने चीनी आयातों को कम कर राजस्थानी उत्पादों को बढ़ावा दिया है, जिससे जयपुर के ज्वैलर्स, उदयपुर के डेकोरेटर्स और जोधपुर के वस्त्र उत्पादकों की बाजार हिस्सेदारी में 25-30% की वृद्धि दर्ज की गई है।</p>
<p><strong>राजस्थान में करीब 40 हजार शादियां होगी :</strong></p>
<p>देवउठनी एकादशी एक और दो नवम्बर को राज्य में 35 से 40 हजार शादियां हो सकती है। शहर के बजाय गांवों में अधिक शादियां होगी। सभी मैरिज गार्डन बुक है। 14 दिसम्बर के बाद मलमास शुरू होगा। <br /><strong>-रास बिहारी शर्मा, प्रदेशाध्यक्ष, राजस्थान टैंट डीलर किराया व्यवसायी समिति, जयपुर</strong></p>
<p><strong>उत्पाद और सेवाओं के खर्च का प्रतिशत :</strong></p>
<ul>
<li>वस्त्र एवं साड़ियां 10%</li>
<li>आभूषण 15% </li>
<li>इलेक्ट्रॉनिक्स 5% </li>
<li>सूखे मेवे व मिठाई 5%</li>
<li>किराना 5% गिफ्ट 4%</li>
<li>अन्य सामान 6% हिस्सा लेंगे।</li>
<li>सेवाओं में इवेंट मैनेजमेंट 5% </li>
<li>कैटरिंग 10% फोटोग्राफी 2%</li>
<li>यात्रा 3% </li>
<li>पुष्प सजावट 4% </li>
<li>म्यूजिकल ग्रुप्स 3% </li>
<li>लाइट एंड साउंड 3% </li>
<li>एडवाइज 3% योगदान देंगी।</li>
<li>मेनेजमेंट 3% योगदान देंगी। </li>
</ul>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 31 Oct 2025 11:46:02 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur KD]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दिवाली दे गई शहर को 3 हजार करोड़ का बूस्टर डोज, सोना-चांदी के दाम में बढ़ोतरी होने के बावजूद हुई जमकर खरीदारी</title>
                                    <description><![CDATA[इस बार शहरवासियों को जीएसटी कम होने का भरपूर फायदा हुआ ।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/diwali-gave-the-city-a-boost-of-3000-crore-rupees--despite-the-rise-in-gold-and-silver-prices--there-was-extensive-shopping/article-130435"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-10/11131.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। शहर में दीपोत्सव पर्व पर सुबह से लेकर शाम तक मार्केट में अच्छी पहल होने व खरीदारी के चलते शहर में अच्छा -खासा  करोबार हुआ। जिसके दुकानदारों ने बताया कि इस बार अच्छी बारिश होने के चलते पिछले साल की अपेक्षा कारोबार में अच्छी बढ़ोतरी हुई। दीपोत्सव पर्व पर करीब शहर में अनुमानित तीन हजार करोड़ का कारोबार हुआ। जिसके चलते दुकानदारों के चेहरों खुशी लौटी। व्यपार के महासचिव अशोक माहेश्वरी ने बताया कि इस बार अच्छी फसले होने से करीब 3000 हजार का कारोबार हुआ। वहीं दीपावली से पहले मंदी की मार झेल रहे मार्केट में दीपावली से बूस्टर डोज मिला। </p>
<p><strong>90 से 100 का करोबार धन बरसा  सर्राफा बाजार में </strong><br />स्वर्ण रजत बड़ा सर्राफा बाजार अध्यक्ष रमेश कुमार सोनी ने बताया कि इस बार सोना-चांदी के दाम में बढ़ोतरी होने के बावजूद शहरवासियों समेत आसपास के ग्रामीणों ने जमकर खरीदारी की। जिसमें इस बार शहर के सरार्फा बाजार, रामपुरा बाजार, चौथमाता सर्राफा बाजार में लोगों ने  सोने-चांदी के सिक्के, चांदी की मूर्तियां, चांदी की हनुमान चालीसा रिद्धि-सिद्धि के साथ गणेश जी, इसके अलावा चांदी के गिलास, कटोरी और अन्य आयटम की डिमांड रही। ज्वैलर व केडेबरी सोने समेत अन्य सोने चांदी के सामानों की जमकर खरीदारी की। जिसके चलते बाजार में धनतेरस से भाईदूज तक करीब 100 करोड का कारोबार हुआ। </p>
<p><strong>फर्नीचर मार्केट में 45 करोड़ का कारोबार</strong><br />फर्नीचर मार्केट के अध्यक्ष इलियास अंसारी ने बताया कि धनतेरस से शुरू हुआ दीपोत्सव पर्व पर फर्नीचर मार्केट में करीब 45 करोड़ का कारोबार हुआ। वहीं इसके बाद अब नवंबर में शादियों का सीजन आने के कारण अभी और इसमे  बढ़ोतरी होने की उम्मीद है। </p>
<p><strong>वाहन बाजार में बरसा एक हजार करोड़ का धन</strong><br />दीपोत्सव पर नई गाड़ी की खरीदारी करना शुभ माना जाता है। वहीं इस बार वाहनों पर जीएसटी 28 से 18 प्रतिशत होने पर वाहनों के भावों में गिरावट आई है। शहर के सभी आॅटोमोबाइल शोरूम दीपोत्सप पर्व पर ग्राहकों की दिनभर भीड़ रही। वहीं इस बार दीपोत्सव पर्व पर जीएसटी कम होने के चलते शहरवासियों ने वाहनों की जमकर खरीदारी की। वहीं टू व्हीलर व फोर वहीलर की कई कंपनियों ने दीपोत्सव पर्व पर ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए विभिन्न प्रकार की स्कीम्स ग्राहकों को दी। शोरूम संचालकों ने बताया कि इस जीएसटी कम होने से करीब 500 करोड़ से अधिक का कारोबार सिर्फ आॅटोमोबाइल सेक्टर में हुआ। टू व्हीलर कंपनी के मैनेजर विक्रमसिंह ने बतया कि इस बार हमारे शोरूम पर पिछले साल की हमारे शोरूम पर करीब 430 गड़ियों की डिलेवरी हुई थी। वहीं इस बार करीब 600-630 गड़ियों की डिलेवरी हुई। वहीं ईवी स्कूटर कंपनी के मैनेजर नीरज कुमार ने बताया कि इस बार शहरवासियों ने जीएसटी कम होने का भरपूर फायदा हुआ और दीपोत्सव पर करीब शोरूम 150 से अधिक ईवी वाहन बिके। फोर व्हीलर कंपनी के मैनेजर प्रदीप कुमार ने बताया कि इस बार धनतेरस से पहले मंगल पुष्य नक्षत्र होने व भाईदूज पर आयुष्मान योग होने के चलते शोरूम पर दीपोत्सप पर्व पर करीब 150-250 गाड़ियों की ब्रिकी हुई। वहीं हमारे फोर व्हीलर ईवी शोरूम पर करीब 250-300 गड़ियों की डिलेवरी हुई। वहीं इस बार करीब आॅटोमोबाइल्स मार्केट में करीब 1000 हजार करोड़ का कारोबार हुआ होगा। </p>
<p><strong>रेडिमेड गारमेंट्स व कपड़ा बाजार में 70 करोड़ का कारोबार</strong><br />शहर में विभिन्न जगहों पर लगी दो सौ से अधिक कपड़े की दुकानों पर दीपावली पर करीब 80 करोड़ का कारोबार हुआ। महावीर नगर प्रथम में कपड़े की दुकान लगाने वाले लविश कुमार ने बताया कि हमारी दुकान पर पिछले करीब दीपावली पर अच्छी खासी ग्राहकी हुई थी। वहीं इस बार दुकान पर धनतेरस से ही ग्राहकों की आवाजाही बनी रही। रामपुरा में कपडेÞ की दुकान चलाने वाले दीपक कुमार ने बताया कि इस बार पिछले साल की अपेक्षा अच्छी फसल होने के चलते दुकानों पर दिनभर कपड़े खरीदने वालों की भीड़ रही। वहीं गुरूवार को भाईदूज होने के चलते भी कुछ लोग कपड़े खरीदने पहुंचे। </p>
<p><strong>किराना बाजार में जमकर हुई खरीदारी</strong><br />शहर के अग्रसेन बाजार व पुरानी सब्जीमंडी सहित अन्य किराना बाजार में दीपोत्सव पर्व पर शहरवासियों ने जमकर किराना सामानों की खरीदारी की। किराना बाजार सचिव पवन दुआ ने बताया कि इस बार शहर में करीब 600-700 करोड़ का कारोबार हुआ। </p>
<p><strong>अन्य बाजारों में 200 करोड़ का बरसा धन </strong><br />शहर के अन्य बाजारों में करीब 200 करोड़ का करोबार हुआ। जिसमें श्रृंगार प्रसाधन, ब्लॉथ मार्केट, जूते व सजावट के समान, मेकअप, पूजन सामाग्री और मिठाई, कार सजावट बाजार सहित अन्य मार्केट सम्मलित है। </p>
<p><strong>इलेक्ट्रॉनिक्स बाजार में 80 करोड़ का मिला बूस्टर डोज</strong><br />धनतेरस से शुरू हुआ दीपोत्सव पर्व की पर शहरवासियों ने इस बार  इलेक्ट्रॉनिक्स सामानों की जमकर खरीदारी की। इलेक्ट्रॉनिक्स व्यवसायी मनोज कुमार व जयपाल ने बताया कि इस बार दिवाली पर घरेलू चक्की, डबल डोर फ्रीज, वाशिंग मशीन, एलईडी सहित अन्य सामानों की उम्मीद से अधिक बिक्री हुई। जिसे करीब दीपोत्सव पर्व पर करीब 80-90 करोड़ का कारोबार हुआ। </p>
<p><strong>आतिशबाजी बाजार में करीब 800 करोड़ का कारोबार </strong><br />शहर में विभिन्न जगहों पर करीब बारह सौ से अधिक लगाने वाली दुकानों पर शहरवासियों ने जमकर आतिशबाजी खरीदारी की। आतिशबाजी की दुकान लगाने वाले दीपक कुमार नेबताया कि पिछले साल की अपेक्षा आतिशबाजी की रेट में कुछ इजाफा हुआ पर इस का कोई असर मार्केट में नहीं दिख रहा। वहीं इस बार पिछले साल की अपेक्षा हमारी दुकान पर करीब दो से तीन लाख तक की आतिशबाजी की ब्रिकी हुई।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 24 Oct 2025 15:30:16 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>नवरात्र के पहले ही दिन बाजार में बरसे दो सौ करोड : खूब बिके ईवी वाहन, जीएसटी दर में कटौती से शोरूम पर रहा ग्राहकों का तांता</title>
                                    <description><![CDATA[ सीएनएजी व ईवी वाहनों पर अभी से ही ग्राहकों ने दशहरा व दिपावली तक की बुकिंग कर रखी है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/on-the-first-day-of-navratri--the-market-saw-a-surge-of-200-crore-rupees--with-ev-vehicles-selling-heavily/article-127684"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-09/111-(3)1.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। नवरात्र स्थापना पर सोमवार को शहर में  पूरे दिन इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोबाइल और सोने-चांदी के आभूषणों को ग्राहकों ने  खरीदारी की। निजी कंपनी में कार्यरत मैनेजर महक सूद ने बताया कि सरकार द्वारा जीएसटी की दर में कटौती करने के बाद सुबह से शाम तक फोर व्हीलर वाहन लेने व बुक करने के लिए ग्राहक शोरूम पर आते रहे। वहीं जानकारी के अनुसार ऑटोमोबाइल सेक्टर में डीलरों ने आकर्षक स्कीम्स और ऑफर्स के जरिए ग्राहकों को लुभाया। नवरात्रा स्थापना पर शहर में करीब 200 करोड़ का कारोबार हुआ। नवरात्रा के पहले दिन वाहन खरीददरों ने सीएनजी तथा ईवी की गाड़ियों में ज्यादा दिलचस्पी दिखाई। चाहे वो कार हो या बाइक... सभी ने इन गाड़ियों को लेकर काफी आकर्षित हुए।</p>
<p><strong>खूब बिके ईवी वाहन </strong><br />शोरूम के संचालक विक्रमसिंह राजावत ने बताया कि इस शोरूम में ग्राहकों की जबरदस्त भीड़ रही। वहीं सरकार द्वारा जीएसटी की दर में कटौती करने से ग्राहकों ने नवरात्रा स्थापना के पहले दिन ही शहर के विभिन्न जगहों पर स्थापित शोरूम में करीब 109 गाड़ियों की बुक हुई वहीं कुछ ग्राहकों को गाड़ियां भी डिलेवरी की गई।  विशेष दिन होने से सुबह से करीब 45 गाड़ी पेट्रोल व 20 ईवी गाड़ियों की बिक्री हुई है। इस दिन करीब 35 लाख से भी अधिक का कारोबार हुआ। यह सीजन ऑटोमोबाइल क्षेत्र के काफी अच्छा है।  शोरूम के नितेश जांगिड़ ने बताया कि शोरूम से करीब 17 गाड़ियों की डिलेवरी हुई व 14 की बुकिंग हुई, मैनेजर विशाल कुमार ने बताया कि हमारे पास अभी तक करीब 25 ईवी वाहनों की बुकिंग हुई है। </p>
<p><strong>जीएसीटी की दर कटौती से सीएनजी व ईवी वाहनों पर बढ़ा रुझान</strong><br />पेट्रोल-डीजल की कीमत में वृद्धि के बाद अब ग्राहकों का सीएनजी व ईवी मॉडल की गाड़ियों की तरफ रुझान बढ़ा हैं। सीएनएजी व ईवी वाहनों पर अभी से ही ग्राहकों ने दशहरा व दिपावली तक की बुकिंग कर रखी है। वहीं अभी सरकार द्वारा जीएसटी दर में कटौती करने से लोगों ने अभी से ही वाहन बुक करना प्रारंभ कर दिया है। शोरूम मैनेजर विक्रमसिंह राजावत ने कहा कि अभी ईवी व सीएनजी का कारोबार में काफी वृद्धि हुई है। इस कारण लोगों में रूझान बढ़ा है। </p>
<p><strong>नवरात्रा का काफी दिनों से था इंतजार </strong><br />शोरूम पर बाइक लेने आए ग्राहक देशराज ने बताया कि घर पर काफी दिनों से बाइक लेने की चर्चा चल रही। पर शुभ मुहूर्त का इंतजार कर रहे थे जिसके चलते नवरात्रा स्थापना के दिन बाइक लेने के लिए आया हूं। परिवार इस दिन वाहन खरीदने पर बहुत खुश है।</p>
<p>वाहनों पर जीएसटी दर में कटौती करने से अभी से लोगों ने वाहन बुक करना व मुहूर्त देखकर डिलेवरी की तारीख तय कर रहे अभी तक हमारे पास करीब 20-22 वाहनों की बुकिंग हुई है। <br /><strong>- महक सूद, मैनेजर </strong></p>
<p>शहर में नवरात्रा स्थापना पर दिनभर शहर के विभिन्न बाजारों में खरीददारों की भीड़ रही। वहीं शहर में सरार्फा बाजार, हेलेक्ट्रॉनिक्स बाजार तथा आॅटोसोबाइल क्षेत्र में जबरदस्त कारोबार हुआ है। बाजारों में ग्राहकों का उत्साह को देखकर दशहरा व दीपावली पर बाजार में बूम आने की तैयारी है। <br /><strong>- अशोक माहेश्वरी, महासचिव, व्यापार संघ</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 23 Sep 2025 15:41:47 +0530</pubDate>
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                <title>पितृपक्ष की परंपरा से कारोबार को मिली संजीवनी</title>
                                    <description><![CDATA[श्राद्ध पक्ष में पितरों को देवता तुल्य माना जाता है। इसलिए इन दिनों पूजन सामग्री की भी खरीदारी बढ़ी है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/the-tradition-of-pitru-paksha-has-given-a-new-lease-of-life-to-the-business/article-126546"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-09/11-(2)7.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। पितृ पक्ष में भी कोटा के बाजारों में रौनक बनी हुई है। परंपरागत रीति-रिवाजों के निर्वाह के लिए लोग बड़ी मात्रा में मिठाई, सूखे मेवे और पूजन सामग्री की खरीदारी कर रहे हैं। इसका सीधा असर कारोबार पर पड़ रहा है। व्यापारियों का कहना है कि इस बार पिछले साल की तुलना में बिक्री में 20 से 30 प्रतिशत तक बढ़ोतरी होने का अनुमान है। कोटा के घंटाघर, छावनी, गुमानपुरा, तलवंडी सहित अन्य बाजारों में मिठाई की दुकानों पर पितृ पक्ष के दौरान अच्छी बिक्री हो रही है। लड्डू, पेड़ा, बूंदी और बेसन की मिठाइयों की सबसे अधिक मांग है। श्राद्ध के दौरान ब्राह्मणों को भोजन करवाया जाता है। ऐसे में भोजन में मिष्ठान सामग्री को भी परोसा जाता है। ऐसे में श्राद्ध पक्ष में भी मिठाई कारोबार रफ्तार पकड़ रहा है। अधिकांश ग्राहक लड्डू और पेड़े की अधिक खरीदारी कर रहे हैं।</p>
<p><strong>पूजन सामग्री की खरीदारी में भी उछाल</strong><br />किराना व्यापारी योगेश भारद्वाज ने बताया कि श्राद्ध पक्ष में तिल, चावल, आटा, घी, गुड़, तेल, काला कपड़ा, लौंग, सुपारी, अगरबत्ती, दीपक और पीतल-तांबे के बर्तन की बिक्री में भी जबरदस्त उछाल देखा जा रहा है।  श्राद्ध पक्ष के दौरान ही इस साल 30 लाख रुपए का कारोबार सिर्फ पूजन सामग्री से होने का अनुमान है। किराना व्यापारियों का कहना है कि श्राद्ध पक्ष के दौरान दान देने की परम्परा है। इसके चलते पीतल और तांबें के बर्तनों की भी खरीदारी हो रही है। श्राद्ध पक्ष में पितरों को देवता तुल्य माना जाता है। इसलिए इन दिनों पूजन सामग्री की भी खरीदारी बढ़ी है। </p>
<p><strong>खीर के लिए सूखे मेवों की डिमांड</strong><br />श्राद्ध पक्ष में तर्पण और भोजन सामग्री में सूखे मेवों का विशेष महत्व है। कोटा के प्रमुख बाजार में काजू, किशमिश, बादाम व पिस्ता की खरीदारी जोरों पर है। व्यापारियों का कहना है कि श्राद्ध पक्ष के दौरान पितरों के लिए अधिकांश घरों में खीर बनाई जाती है। खीर में सूखे मेवों का भी इस्तेमाल किया जाता है। इसके चलते अन्य दिनों की तुलना में अभी सूखे मेवे की बिक्री अधिक हो रही है। वर्तमान में काजू और किशमिश की मांग सबसे आगे है। क्योंकि  खीर को स्वादिष्ट बनाने के लिए इनका इस्तेमाल किया जाता है। अभी त्यौहारी सीजन नहीं होने से भावों में ज्यादा तेजी नहीं हो रही है। इस कारण भी सूखे मेवों की बिक्री में इजाफा हो रहा है। </p>
<p><strong>इनका कहना</strong><br />पितृ पक्ष हमारे पूर्वजों की स्मृति में किया जाने वाला विशेष कर्म है, इसमें शुद्ध सामग्री से व्यंजन बनाकर पितरों को अर्पण किया जाता है। इसलिए बाजार से कई तरह की चीजें लेनी ही पड़ती हैं। <br /><strong>-मनोज कुमार, निवासी रायपुरा</strong></p>
<p>श्राद्ध पक्ष के पहले सप्ताह में ही मिठाई की बिक्री करीब 10 लाख रुपए तक पहुंच चुकी है। अगर यही रफ्तार रही तो पूरे पखवाड़े में अच्छा कारोबार होने की उम्मीद है।<br /><strong>-महावीर अग्रवाल, मिठाई व्यवसायी</strong></p>
<p>हर साल श्राद्ध पक्ष पर मिठाई और पूजन सामग्री की खरीदारी करते हैं। साल में एक बार ही पितरों को तृप्त करने का अवसर मिलता है। ऐसे में उनकी पसंद ख्याल करते हुए व्यंजन बनाते हैं।<br /><strong>-मंजू देवी, निवासी बंगाली कॉलोनी</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 11 Sep 2025 16:23:00 +0530</pubDate>
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                <title>गणेश चतुर्थी पर कोटा जिले में 250 करोड़ का कारोबार!</title>
                                    <description><![CDATA[ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स और ज्वैलरी में बंपर खरीदारी]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/250-crore-business-in-kota-district-on-ganesh-chaturthi/article-125041"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-08/1ne14ws-(630-x-400-px)-(3).png" alt=""></a><br /><p>कोटा। गणेश चतुर्थी ने इस बार कोटा के बाजारों में सुबह से लेकर देर रात रौनक तक ग्राहकों में उत्साह देखा गया। कई वर्षों बाद बुधवार को आई गणेश चतुर्थी ने कारोबार के नए रिकॉर्ड बनाए। पूरे दिन भर इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोबाइल और सोने-चांदी के आभूषणों की ग्राहकों ने जमकर खरीदारी की।जानकारी के अनुसार सबसे ज्यादा उछाल ऑटोमोबाइल सेक्टर में देखने को मिला, जहां डीलरों ने आकर्षक स्कीम्स और ऑफर्स के जरिए ग्राहकों को लुभाया। गणेश चतुर्थी के दिन इस बार कारोबार में करीब 250 करोड़ से भी अधिक का कारोबार हुआ है। इस विशेष दिन पर ऑटोमोबाइल बाजार में जबरदस्त बूम देखने को मिला। डीलरों ने ग्राहकों के लिए स्कीम देकर भी आकर्षित किया है। गणेश चतुर्थी के दिन सभी वाहन खरीददरों को गणेश मंदिर में पूजा-अर्चना करवाई। इस बार ग्राहकों को सीएनजी तथा ईवी की गाड़ियों में ज्यादा दिलचस्पी दिखाई। चाहे वो कार हो या बाइक... सभी ने इन गाड़ियों को लेकर काफी आकर्षित हुए।</p>
<p><strong>गणेश चतुर्थी परमार्केट अच्छा रहा</strong><br />गणेश चतुर्थी को लेकर इस बार बाजारों में जबरदस्त ग्राहकी देखी गई। इस दौरान ग्राहकों के लिए लुभावने अवसर व स्कीम के तहत छूट भी दी गई। वहीं गणेश चतुर्थी इस बार बुधवार के दिन आने के कारण लोगों मों काफी उत्साह रहा। शोरूम के नितेश जांगिड़, सीएस जाड़ावत व पुष्पेन्द्र मीणा ने अच्छी कारोबार होने की उम्मीद जताई है।</p>
<p><strong>खूब बिकी बजाज की गाड़ियां</strong><br />शोरूम के संचालक विक्रमसिंह राजावत ने बताया कि इस बार बाजार में जबरदस्त बूम है। सुबह से लेकर शाम तक शोरूम में ग्राहकों की जबरदस्त भीड़ रही। गणेश चतुर्थी के विशेष दिन पर 35 गाड़ी पेट्रोल व 11 ईवी गाड़ियों की बिक्री हुई है। इस दिन करीब 50 लाख से भी अधिक का कारोबार हुआ। यह सीजन ऑटोमोबाइल क्षेत्र के काफी अच्छा है। आगे दशहरा-दीपावली पर ग्राहकी बढ़ने के आसार है।</p>
<p><strong>चतुर्थी पर बाइक लेना शुभ</strong><br /> शोरूम पर बाइक लेने आए महेश कुमार ने बताया कि बहुत सालों बाद गणेश चतुर्थी बुधवार के दिन आई है। इस कारण मैंने गाड़ी इस विशेष दिन पर ही लेना उचित समझा। यहां पर स्कीम में भी अच्छी मिल रही है। मेरा परिवार इस दिन वाहन खरीदने पर बहुत खुश है।</p>
<p><strong>सीएनजी व ईवी वाहनों पर ग्राहकों का रहा रूझान</strong><br />पेट्रोल-डीजल की कीमत में भारी वृद्धि के बाद अब ग्राहकों का सीएनजी व ईवी मॉडल की गाड़ियों की तरफ रुझान बढ़ा हैं। सीएनएजी व ईवी वाहनों पर एडवांस बुकिंग चल रही है। शोरूम मैनेजर विक्रमसिंह राजावत ने कहा कि अभी ईवी व सीएनजी का कारोबार में काफी वृद्धि हुई है। इस कारण लोगों में रूझान बढ़ा है। आगे से गाड़ियों की शॉर्टेज के चलते एडवांस बुकिंग चल रही है। ईवी व सीएनजी की गाड़ी आते ही तुरंत बिक जाती है।</p>
<p><strong>ऑटोमोबाइल में बूम: एक नजर</strong><br />-1000 वाहनों से भी अधिक की ब्रिकी<br />-200 से ज्यादा कारें व 300 बाइक की बिक्री हुई।<br />-80 करोड़ का कारोबार स्वर्ण व चांदी क्षेत्र में हुआ <br />-500 से ज्यादा लोगों को बुकिंग के बावजूद वाहनों की डिलीवरी नहीं मिल पाई।</p>
<p><strong>गणेश चतुर्थी पर हुआ 4 करोड़ का कारोबार </strong><br />इस विशेष दिन पर चालीस गाड़ियों की डिलीवरी हुई। लोगों ने इसके लिए 15 दिन पहले से ही बुकिंग करवा रखी है। देर रात तक ग्राहक हमारे पास आते रहे। इस बार बाजार काफी अच्छा है। दशहर-दीपावली को भी काफी बूम आने का आसार है।<br /><strong>- लोकेश जांगीड़, मैनेजर,  टाटा शोरूम</strong></p>
<p>गणेश चतुर्थी को लेकर कारोबार में काफी तेजी आई है। इस बार कई सालों बाद गणेश चतुर्थी बुधवार के दिन आई है। इसको लेकर व्यापारियों में भी उत्साह का माहोल है। सर्राफा बाजार, इेलेक्ट्रोनिक्स बाजार तथा आॅटोमोबाइल क्षेत्र में जबरदस्त कारोबार हुआ है। बाजारों में ग्राहकों के जबरदस्त उत्साह को देखकर आगामी त्योहारों पर भी बूम आने की उम्मीद है।<br /><strong>- अशोक माहेश्वरी,महासचिव, व्यापार संघ</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 28 Aug 2025 15:02:21 +0530</pubDate>
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                <title>मंडी व्यापारियों का विरोध जारी : 'यूजर चार्ज' के खिलाफ 9 दिनों से व्यापार बंद</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान सरकार द्वारा लगाए गए 50 पैसे प्रति सैकड़ा 'यूजर चार्ज' के विरोध में राज्य की 247 मंडियों में व्यापार आज नौवें दिन भी बंद रहा]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/business-closed-for-9-days-against-user-charge-continued-protest/article-124438"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-08/1ne1ws-(9)11.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान सरकार द्वारा लगाए गए 50 पैसे प्रति सैकड़ा 'यूजर चार्ज' के विरोध में राज्य की 247 मंडियों में व्यापार आज नौवें दिन भी बंद रहा। राजस्थान खाद्य पदार्थ व्यापार संघ के आह्वान पर मंडियों ने 21 अगस्त से अनिश्चितकाल के लिए अपना कारोबार बंद रखने का फैसला लिया था। व्यापारियों का कहना है कि जब तक सरकार इस शुल्क को वापस नहीं लेती, उनका आंदोलन जारी रहेगा।</p>
<p><strong>क्यों हो रहा है विरोध?</strong><br />राज्य सरकार ने आटा, मैदा, दाल, खाद्य तेल, मसाले और पशु आहार जैसी वस्तुओं की खरीद-बिक्री पर यह नया शुल्क लगाया है। व्यापारियों का तर्क है कि यह शुल्क केवल मंडी के भीतर होने वाले व्यापार पर लागू है, जबकि बाहर होने वाले कारोबार को इससे छूट दी गई है। इससे मंडी में बिकने वाले सामान महंगे हो जाएंगे और ग्राहक मंडी के बाहर से खरीदारी करने लगेंगे। व्यापारियों का मानना है कि इस नीति से धीरे-धीरे मंडियां खत्म हो जाएंगी, और व्यापारी, मुनीम, गुमाश्ता और मजदूर जैसे हजारों लोग बेरोजगार हो जाएंगे। इसी कारण, व्यापारी सरकार के इस फैसले का कड़ा विरोध कर रहे हैं।</p>
<p><strong>विरोध की लहर पूरे राज्य में</strong><br />यह विरोध केवल राजधानी तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे राजस्थान में फैल चुका है। गंगापुरसिटी, अलवर, श्रीमाधोपुर, बीकानेर, नागौर, जोधपुर, भीलवाड़ा, अजमेर, हनुमानगढ़, श्रीगंगानगर, सीकर, दौसा, उदयपुर, भरतपुर, धौलपुर, पाली, और सुमेरपुर जैसी प्रमुख मंडियों से भी व्यापार बंद रहने और धरने-प्रदर्शन की खबरें मिली हैं। व्यापारियों ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन भी विधायकों को सौंपकर इस शुल्क को हटाने की मांग की है।</p>
<p>राजस्थान खाद्य पदार्थ व्यापार संघ के चेयरमैन बाबूलाल गुप्ता ने सरकार से जल्द से जल्द बातचीत करने और इस समस्या का समाधान निकालने की अपील की है, ताकि मंडियों में सामान्य कामकाज बहाल हो सके और किसानों व उपभोक्ताओं को हो रही परेशानी दूर हो।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 22 Aug 2025 18:55:09 +0530</pubDate>
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