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                <title>Radiation Alert - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>Radiation Alert RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>यूरी चेर्निचुक का बड़ा बयान: बोले-संयंत्र की सुविधाओं पर युद्ध के प्रभाव के कारण ज़ापोरोज़े परमाणु ऊर्जा संयंत्र में स्थिति लगातार तनावपूर्ण </title>
                                    <description><![CDATA[यूक्रेनी हमलों के कारण ज़ापोरोज़े परमाणु संयंत्र की मुख्य बिजली लाइन 'नीप्रोव्स्काया' क्षतिग्रस्त हो गई है। संयंत्र निदेशक यूरी चेर्निचुक ने स्थिति को 'अत्यंत तनावपूर्ण' बताया है। वर्तमान में प्लांट केवल एक बैकअप लाइन और डीजल जनरेटर पर निर्भर है। अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के सहयोग से मरम्मत के लिए 'शांति मोड' स्थापित करने के प्रयास जारी हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/yuri-chernichuks-big-statement-said-that-the-situation-at-the/article-149229"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/zaporizhzhya-nuclear-power-plant.png" alt=""></a><br /><p>मास्को। ज़ापोरोज़े परमाणु ऊर्जा संयंत्र के निदेशक यूरी चेर्निचुक ने कहा है कि संयंत्र की सुविधाओं और शहर पर युद्ध के प्रभाव के कारण वहां की स्थिति लगातार तनावपूर्ण बनी हुई है। संयंत्र की प्रवक्ता येवगेनिया याशिना ने शुक्रवार को बताया था कि पिछले दो हफ्तों में ज़ापोरोज़े परमाणु ऊर्जा संयंत्र और एनरगोदर के पास के क्षेत्र में यूक्रेन के सशस्त्र बलों के हमलों की तीव्रता में काफी वृद्धि हुई है। रोसाटॉम के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एलेक्सी लिखाचेव ने रविवार को कहा कि पिछले कुछ दिनों में संयंत्र क्षेत्र पर कोई हमला नहीं हुआ है, लेकिन स्टेशन के अनुषंगी शहर एनरगोदर पर हमले हुए हैं। 'नीप्रोव्स्काया' लाइन के माध्यम से संयंत्र को मिलने वाली विद्युत आपूर्ति एक संवेदनशील स्थान - पानी के ऊपर - से कट गयी है, जिससे मरम्मत के समय का पूर्वानुमान लगाना कठिन हो गया है।</p>
<p>चेर्निचुक ने स्पूतनिक से कहा, “ दुर्भाग्य से, हमने समस्या का समाधान करने के लिये एक ऐसा तरीका निकाला है, जो पूरी तरह से सामान्य नहीं है, लेकिन फिर भी निरंतर तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है। यह स्वाभाविक रूप से युद्ध की तीव्रता, औद्योगिक क्षेत्र में संयंत्र की सुविधाओं, शहर और शहर की सार्वजनिक सेवाओं पर गोलाबारी के कारण है। ” संयंत्र के निदेशक ने बताया कि वर्तमान में अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) के सहयोग से ज़ापोरोज़े परमाणु ऊर्जा संयंत्र की उच्च-वोल्टेज विद्युत लाइनों में से एक की मरम्मत के लिए ‘शांति’ (गोलाबारी रोकने) स्थापित करने का कार्य चल रहा है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि 24 मार्च को यूक्रेन के लड़ाकों के हमलों की वजह से संयंत्र की दो उच्च-वोल्टेज लाइनों में से एक ‘नीप्रोव्स्काया’ लाइन क्षतिग्रस्त होकर निष्क्रिय हो गयी थी, इसलिए वर्तमान में संयंत्र को केवल एक लाइन ‘फेरोस्प्लावनया’ के माध्यम से बिजली मिल रही है।<br />चेर्निचुक ने बताया, “ वर्तमान में बाहरी बिजली का मुख्य स्रोत 'फेरोस्प्लावनया' लाइन है। हमारे पास डीजल जनरेटर के अलावा कोई अन्य विकल्प नहीं है, और हम वर्तमान में अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के साथ छठे ‘शांति मोड’ को स्थापित करने के लिए काम कर रहे हैं, ताकि तकनीशियन लाइन की मरम्मत कर सकें। ” उन्होंने कहा कि संयंत्र में वैकल्पिक डीजल जनरेटर चालू हालत में हैं और आवश्यकता पड़ने पर इसे सुरक्षित रखने के लिए डीजल ईंधन की आपूर्ति पर्याप्त है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 06 Apr 2026 13:39:25 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>आईएईए का दावा: ईरान का हैवी वाटर उत्पादन संयंत्र गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त, 27 मार्च को हुआ था हमला</title>
                                    <description><![CDATA[IAEA ने पुष्टि की है कि ईरान का रणनीतिक खोंदाब हैवी वाटर प्लांट हमले में पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। महानिदेशक राफेल ग्रॉसी ने परमाणु ठिकानों पर सैन्य गतिविधियों पर गहरी चिंता जताई है। हालांकि, बुशहर और अन्य केंद्रों पर विकिरण का कोई खतरा नहीं मिला है, लेकिन प्लूटोनियम उत्पादन क्षमता को बड़ा झटका लगा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/iaea-claims-irans-heavy-water-production-plant-seriously-damaged-in/article-148419"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/iaea1.png" alt=""></a><br /><p>वियना। अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) ने सोमवार को पुष्टि की कि ईरान में खोंदाब स्थित 'हैवी वाटर' उत्पादन संयंत्र गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गया है और अब चालू हालत में नहीं है। उल्लेखनीय है कि हैवी वाटर (ड्यूटेरियम ऑक्साइड) का इस्तेमाल परमाणु संयंत्रों में परमाणु विखंडन प्रक्रिया को नियंत्रित करने के लिए किया जाता है। यह परमाणु रिएक्टर में न्यूट्रॉन को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।</p>
<p>आईएईए ने कहा कि इस संयंत्र में कोई घोषित परमाणु सामग्री मौजूद नहीं है। एजेंसी के अनुसार, "उपग्रह चित्रों के स्वतंत्र विश्लेषण और संयंत्र की जानकारी के आधार पर यह पुष्टि हुई है कि खोंदाब स्थित 'हैवी वाटर' उत्पादन संयंत्र को भारी नुकसान पहुँचा है और यह अब कार्य करने की स्थिति में नहीं है।" ईरान ने 28 मार्च को आईएईए को सूचित किया था कि 27 मार्च को खोंदाब स्थित इस संयंत्र पर हमला हुआ था। चूंकि वहां कोई घोषित परमाणु सामग्री नहीं थी, इसलिए विकिरण का कोई खतरा नहीं देखा गया। खोंदाब संयंत्र मध्य ईरान के मरकजी प्रांत में अराक शहर से 55 किमी उत्तर-पश्चिम में स्थित है और यह अराक परमाणु परिसर (जिसे आईआर-40 सुविधा के रूप में भी जाना जाता है) का हिस्सा है।</p>
<p>ईरान ने यह भी बताया कि खुज़ेस्तान स्टील उत्पादन कारखाने पर भी हमले हुए, जहाँ सीलबंद कोबाल्ट-60 (सीओ 60) और सीज़ियम-137 (सीएस 137) जैसे रेड़ियोधर्मी तत्वों का उपयोग किया जाता है, हालांकि वहां से भी कोई विकिरण नहीं फैला। इसके अलावा, बुशहर परमाणु ऊर्जा संयंत्र के क्षेत्र में भी हमले की सूचना मिली है, जो 10 दिनों में ऐसी तीसरी घटना है। आईएईए के मुताबिक, चालू रिएक्टर को कोई नुकसान नहीं हुआ है और संयंत्र की स्थिति सामान्य है।</p>
<p>आईएईए के महानिदेशक राफेल ग्रॉसी ने परमाणु ऊर्जा संयंत्र के आसपास सैन्य गतिविधियों पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि यदि रिएक्टर क्षतिग्रस्त होता है, तो यह एक बड़ी रेड़ियोधर्मी घटना का कारण बन सकता है। उन्होंने परमाणु दुर्घटना के जोखिम से बचने के लिए सैन्य संयम बरतने का आह्वान किया है। खोंदाब संयंत्र को ईरान की सबसे रणनीतिक परमाणु सुविधाओं में से एक माना जाता था क्योंकि यह परमाणु हथियार के लिए संभावित 'प्लूटोनियम' प्रदान करता था। इसका हैवी वाटर अनुसंधान रिएक्टर (आईआर-40) मूल रूप से प्राकृतिक यूरेनियम को ईंधन के रूप में उपयोग करने के लिए डिज़ाइन किया गया था, जिससे उप-उत्पाद के रूप में हथियार-ग्रेड का प्लूटोनियम प्राप्त होता है।</p>
<p>इज़राइल ने इस स्थल को 'प्रमुख बुनियादी ढांचा' बताया है। सैन्य क्षमता के अलावा, यह संयंत्र आर्थिक रूप से भी महत्वपूर्ण था, क्योंकि इससे ईरान के परमाणु ऊर्जा संगठन को सालाना करोड़ों डॉलर की आय होती थी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 30 Mar 2026 14:25:23 +0530</pubDate>
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