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                <title>garden - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>सात बीघा चारागाह भूमि से अतिक्रमण हटाकर लगाया बगीचा, फलदार पौधो से ग्राम पंचायत बढ़ेगी आय</title>
                                    <description><![CDATA[सरपंच ने बताया कि ग्राम पंचायत के विकास के लिए सभी का सहयोग आवश्यक होता है।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/garden-was-planted-by-removing-encroachment-from-seven-bigha-pasture-land/article-107716"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-03/257rtrer69.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। गांव के विकास की चाह हो तो हर असंभव कार्य भी संभव हो जाता है। ऐसा कार्य रंगपुर की महिला सरपंच ने कर दिखाया। पहले गांव की चारागाह भूमि से ग्रामीणों के सहयोग से अतिक्रमण हटाया फिर चारागाह भूमि को जन उपयोगी बनाने के लिए प्रयास किए और एम साल की मेहनत रंग लाई आज चारागाह भूमि पर फलदार पौधो का बगीचा फल फूल रहा है। आज गांव की तस्वीर बदल गई है। </p>
<p><strong>नरेगा कार्य से विकसित किया बगीचा</strong><br />ग्राम पंचायत रंगपुर में ग्रामीणों ने सरपंच के प्रयासों को साथ दिया तो अतिक्रमण का शिकार बने चारागाह क्षेत्र का परिदृश्य ही बदल गया। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारन्टी योजना में वर्ष 2024-2025 में 14 जुलाई 2024 को 3.03 लाख की वित्तीय स्वीकृति जारी की गयी। उसके बाद चारागाह भूमि को समतल किया गया। उसके बाद उसमें पौधे लगाने का कार्य शुरू किया। लेकिन पौधो को मवेशियों से बचाने के लिए भूमि के चहुंओर तारबंधी कर उसको सुरक्षित किया उसके बाद पौधों को जीवत रखने के लिए वहां पानी की व्यवस्था की गई। </p>
<p><strong>छायादार पौधो के साथ लगाए फलदार पौधे</strong><br />सरपंच गायत्री मालव ने बताया कि यह क्षेत्र अतिक्रमण का शिकार था। यह क्षेत्र 30 बीघा का है। वर्तमान में प्रशासन के सहयोग से 7 बीघा के क्षेत्र को अतिक्रमण से मुक्त करवाया गया है। इसके बाद पौधारोपण की स्वीकृति करवाई गई। वर्तमान में चारागाह में फलदार, छायादार एवं फूलदार पौधे लगाए गए जिसमें जामुन, अमरूद, आंवला, शहतूत व नीम शामिल है। यह पौधे उचित देखभाल व ग्राम पंचायत की और से बोरिंग की व्यवस्था के चलते 3 से 5 फीट की ऊंचाई ले चुके हैं। अब यहां नरेगा योजना पानी पिलाने का कार्य एवं देखभाल की जा रही है। पूर्व में यह क्षेत्र अतिक्रमण का शिकार था, तो कहीं पर झाड़-झंकार थे, जिसे मिशन मोड़ पर कार्य करते हुए एक सुंदर स्थान बनाने का प्रयास किया गया है। बगीचा विकसित हुआ तो लोगों भी इस कार्य में सहयोग करने लगे।</p>
<p><strong>फलदार पौधो से ग्राम पंचायत बढ़ेगी आय</strong><br />सरपंच गायत्री मालव ने बताया कि ग्राम पंचायत के विकास के लिए  सभी का सहयोग आवश्यक होता है। लोगों ने सहयोग किया तो यह कार्य संभव हो सका है। प्रशासन बाकी बची चारागाह भूमि को अतिक्रमण मुक्त करा देगी तो यहां विशाल बगीचा तैयार होगा जिससे आने वाले समय ग्राम पंचायत को आय भी होगी। आंवला, अमरुद, व फूल वाले पौधो से आय होगी। </p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />ग्राम पंचायत रंगपुर में चारागाह भूमि से अतिक्रमण हटाकर पिछले साल नरेगा के तहत बजट स्वीकृत कर इस को मिशन मोड लेकर इसका विकास कराया गया। वर्तमान में यहां फलदार, छायादार पौधे चार से पांच फीट के हो गए है। <br /><strong>- राजपालसिंह, जिला परिषद सीईओ कोटा</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 17 Mar 2025 15:48:01 +0530</pubDate>
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                <title>उद्यान के झूलों में झूल रहा खतरा</title>
                                    <description><![CDATA[गार्डन घूमने आ रहे परिवारों को हो रही निराशा 
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/swinging-in-the-garden-swings-is-dangerous/article-96660"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-12/257rtrer8.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। नगर निगम द्वारा एक तरफ तो विकास व निर्माण कार्यों पर करोड़ों रुपए खर्च किए जा रहे है। वहीं दूसरी तरफ शहर के प्रमुख गार्डनों की ही दुर्दशा हो रही है। गांधी उद्यान व हाड़ौती  उद्यान जैसे दो प्रमुख गार्डनों के अधिकतर झूले टूटे हुए है। जिससे वहां घूमने आने वाले परिवारों को निराश होना पड़ रहा है।  नगर निगम कोटा दक्षिण क्षेत्र में चम्बल गार्डन के पास स्थित हैं गांधी उद्यान व हाड़ौती उद्यान। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के नाम पर बनाए गए इस गांधी उद्यान में उद्यान समिति का कार्यालय बना हुआ है। समिति के अध्यक्ष यहां बैठते है। उस गांधी उद्यान में निगम की नर्सरी बनी हुई है। नए कोटा क्षेत्र  में होने से यहां बड़ी संख्या में लोग सैर के लिए आते है। उस उद्यान की हालत यह है यहां के झूले तक टूटे हुए हैं।  परिवारों के साथ आने वाले अधिकतर बच्चे गार्डन में झूला झृूलने हीआते है। लेकिन वहां जाकर उन्हें निराश ही होना पड़ रहा है। इसका कारण उद्यान में अधिकतर झूले टूटे हुए है। फिसल पट्टी हो या रिपसनी। सभी कोई ऊपर से तो कोई नीचे से। कोई बीच से टूटे हुए हैं। जिससे छोटे बच्चे उन पर झूल ही नहीं पा रहे।यदि  किसी बच्चे को जिद करने पर परिजन झूलने भी देते हैं तो उनके चोट लगने का खतरा बना हुआ है। </p>
<p><strong>दो उद्यानों को जोड़ता है गांधी उद्यान</strong><br />गांधी उद्यान दो उद्यानों को जोड़ने का काम करता है। चम्बल गार्डन और हाड़ौती उद्यान के बीच में स्थित है गांधी उद्यान। चम्बल गार्डन में सैर करने वाले अधिकतर लोग वहां से गांधी उद्यान जाते है। वहां लोहे का पुल चढ़कर हाड़ौती उद्यान तक घूमकर आते है। ऐसे में गांधी उद्यान में झूले टूटे होने के बाद लोग हाड़ौती उद्यान में बच्चों को झूले झुलाने के लिए लेकर जाते हैं। लेकिन वहां भी यही स्थिति है। </p>
<p><strong>हाड़ौती उद्यान की हालत तो और भी बदतर</strong><br />कोटा दक्षिण निगम क्षेत्र में केवल गांधी उद्यान के ही झूले टूटे हुए नहीं है। उसके पास ही उससे भी बड़ा हाड़ौती उद्यान है। उस उद्यान में झूले तो बहुत सारे लगे हुए हैं। लेकिन उनमें से शायद ही कोई झूला ऐसा हो जिस पर बच्चे झूल सकते हो। यहां भी अधिकतर झूले अपनी दशा पर आंसु बहा रहे हैं।  यहां तो गांधी उद्यान से भी बदतर हालत है। यहां भी अधिकतर झूले टूटे हुए है। छोटे से लेकर बड़ा झूला तक सभी टूटे हुए हैं। यहां तक कि बच्चों के मनोरंजन के लिए बनाए गए हाथी का पिछला हिस्सा तक लोगों ने तोड़ दिया है। </p>
<p><strong>जिम्मेदार नहीं दे रहे ध्यान</strong><br />गार्डन घूमने आ रहे लोगों का कहना है कि नगर निगम के जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा ध्यान नहीं देने के कारण गार्डनों की दुर्दशा हो रही है।  शास्त्री नगर दादाबाड़ी निवासी महेश सुमन ने बताया कि वह बच्चों को  घुमाने केलिए गार्डन लाए थे। यहां आकर देखा तो ’यादातर झुले टूटे हुए हैं। गार्डन में प्रवेश का टिकट भी निगम द्वारा वसूल किया जा रहा है। गार्डन में सिर्फ घास पर घूमने ही नहीं आते।बच्चों को तो झृले झूलने होते है। लेकिन गार्डन में एक भी झूला झृलने लायक नहीं है। जब प्रमुख गार्डनों के झूलों की हालत यह है तो फिर वार्डों के पार्को कीहालत का अंदाजा लगाया जा सकता है।  किशोरपुरा निवासी मोहम्मद शाहिद ने बताया कि गांधी उद्यान व हाड़ौती उद्यान जैसे प्रमुख गार्डनों के झूले ही टूटे हुए हैं। जबकि इस क्षेत्र में लोकसभा अध्यक्ष व कोटा दक्षिण के विधायक, महापौर सभी आते हैं। उसके बाद भी अधिकारियों की अनदेखी का खामियाजा आमजन को भुगतना पड़ रहा है। </p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />चम्बल गार्डन,भीतरिया कुंड व हाड़ौती उद्यान में बड़े स्तर पर काम करवाए जाएंगे।इसके लिए पहले डिजाइन तैयार करवाई जा रही है। उसके बाद उसका एस्टीमेट तैयार होगा। डीपीआर बनाई जाएगी । उसके बाद इन तीनों गार्डनों की दशा सुधारीजाएगी।लेकिन उससे पहले दोनों  गार्डन गांधीउद्यान व हाड़ौती उद्यान के  झूलों को सही करवाने का कार्य करवा दिया जाएगा।  <br /><strong>- ए.क्यृू कुरैशी, एक्सईएन नगर निगम कोटा दक्षिण</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 04 Dec 2024 15:36:06 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>दिया तले अंधेरा, अध्यक्ष क्या बनाया, पूरा उद्यान ही कर दिया बर्बाद</title>
                                    <description><![CDATA[न पैदल चलने का ट्रेक सही है न लोगों के बैठने की बैंचें। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/there-was-darkness-under-the-lamp--what-did-the-president-do--he-ruined-the-entire-garden/article-69876"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-02/diya-tale-andhera,-adhyaksh-kya-bnaya,-pura-udhyan-hi-kr-diya-barbaad...kota-news-12-02-2024.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। नगर निगम कोटा दक्षिण वार्ड 76 से कांग्रेस पार्षद व उद्यान समिति के अध्यक्ष कुलदीप गौतम का आॅफिस जिस उद्यान में है उसी उद्यान की दुर्दशा हो रही है। अच्छे बने उद्यान के हालात आज बर्बादी के कगार पर पहुंच गए हैं। ना लोगों के पैदल चलने का ट्रेक बचा ना लोगों के बैठने की बैंचे। लोग उद्यान का सामान घरों में ले गए। हालात यह हैं कि  समिति अध्यक्ष बनने के बाद से वे अब तक समिति की दो बैठकें तक नहीं करवा सके हैं।  राज्य की पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने नगर निगम कोटा दक्षिण में 22 समितियों का गठन किया था। जुलाई 2022 में गठित उन समितियों में  कांग्रेस पार्षदों को लिया था। हर समिति में एक पार्षद को उसका अध्यक्ष बनाया और 9 अन्य पार्षदों को सदस्य। उसी के तहत वार्ड 76 से पार्षद कुलदीप गौतम को  उद्यान प्रबंध समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया था। निगम की 22 में से जहां अधिकतर समिति अध्यक्षों को बैठने के लिए आॅफिस तक नहीं मिला। वहीं कुलदीप गौतम को चम्बल गार्डन के पास गांधी उद्यान में आॅफिस दिया गया। वहां आॅफिस संबंधी सभी सुविधाएं दी गई। जिससे वे उद्यान में बने आॅफिस से निगम के उद्यानों की दशा सुधारने पर ध्यान दे सकें । लेकिन हालत यह है कि जिस गांधी उद्यान में गौतम का आॅफिस है उसी उद्यान की दुर्दशा हो रही है। </p>
<p><strong>औषधीय पौधे सूखे, ग्रीन हाउस पर लाखों खर्च</strong><br />नगर निगम की तत्कालीन आयुक्त ने गांधी उद्यान में औषधीय पौधे लगाए थे। निगम अधिकारियों के साथ ही उद्यान प्रबंध समिति के अध्यक्ष की भी जिम्मेदारी थी कि वह उनकी देखभाल कर उन्हें पनपने में मदद करते। लेकिन उन्होंने उद्यान की सार संभाल पर ध्यान नहीं दिया। जिससे वे पौधे तो सूखकर नष्ट हो गए। जबकि गांधी उद्यान में ही बदहाल हो चुके ग्रीन हाउस को सुधारने पर लाखों रुपए खर्च किए जा रहे हैं। </p>
<p><strong>बैठने की बैंच व लाइटें टूटी हुई</strong><br />गार्डन में घूमने आने वाले लोग जब थक हार कर वहां कुछ समय बैठकर आराम करना चाहते हैं तो उन्हें वहां भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हालत यह है कि अधिकतर बैंचे टूटी हुई है। जिससे लोगों को बैठने की पर्याप्त जगह तक नहीं मिल पा रही है।  इतना ही नहीं गार्डन में लगी अधिकतर लाइटें भी खराब व टूटी हुई हैं। जिससे रात के समय वहां अंधेरा रहता है। अंधेरे में महिलाओं व युवतियों के साथ किसी भी तरह की अनहोनी  का खतरा बना रहता है।  इतना ही नहीं डस्टबीन तक टूटे हुए हैं। जिससे लोग कचरा तक उसमें नहीं डाल पा रहे। कचरा गार्डन में डालने से चारों तरफ गंदगी फेल रही है। उद्यान प्रबंध समिति के अध्यक्ष कुलदीप गौतम समिति गठित होने के डेढ़ साल में समिति की दो बैठकें भी नहीं करवा सके। यहां तक की गार्डन की लेबर का पेमेंट तक काफी समय से नहीं हो रहा। उसके लिए भी न तो संवेदक पर और न ही निगम अधिकािरयों पर दबाव बना पा रहे हैं। जिससे सभी को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। </p>
<p><strong>खुद की गाड़ी अंदर तक, आमजन की बाहर रूकवाई</strong><br />गार्डन घूृमने आने वालों का कहना है कि पहले गांधी उद्यान में आने वाले लोगों के वाहन अंदर तक जाते थे। लेकिन  कुछ दिन से आमजन के वाहनों को तो मुख्य द्वार के बाहर ही खड़ा करवाया जा रहा है। जबकि उद्यान प्रबंध समिति के अध्यक्ष की गाड़ी अंदर उनके कक्ष तक जा रही है। मुख्य द्वार पर तैनात सुरक्षा गार्ड का कहना है कि समिति अध्यक्ष के आदेश से ऐसा किया जा रहा है। लोगों का कहना है कि बाहर से यदि गाड़ी चोरी हो गई तो उसकी जिम्मेदारी किसकी होगी। नहीं किया फोन रिसीव: गांधी उद्यान समेत अन्य गार्डनों की दुर्दशा के संबंध में जानने के लिए उद्यान प्रबंध समिति के अध्यक्ष कुलदीप गौतम को कई बार फोन किए। आॅफिस में भी सम्पर्क की कोािशश की लेकिन उन्होंने न तो फोन रिसीव किया और न ही कोई जवाब आया। </p>
<p><strong>फिलहाल कोई काम नहीं हो रहा</strong><br />मुझे निगम में आए और उद्यान प्रभारी की जिम्मेदारी मिले 4 महीने का समय हुआ है। उसके बाद से ही पहले विधानसभा चुनाव की आचार संहिता लगने से कोई काम नहीं। उसके बाद सरकार द्वारा निर्माण कार्य पर रोक लगाने से कोई काम नहीं हो सके थे। अब सरकार ने निर्माण कार्यों में शिथिलता दी है। उसके बाद प्रयास करेंगे कि उद्यान में निर्माण व मरम्मत के काम करवाए जा सकेें। <br /><strong>- अंकित सारस्वत, प्रभारी उद्यान </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 12 Feb 2024 17:30:58 +0530</pubDate>
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                <title>ना औषधीय पौधे पनपे न कम्पोस्ट खाद की हो रही बिक्री</title>
                                    <description><![CDATA[निगम कर्मचारियों का कहना है कि खाद तैयार तो हो रही है लेकिन उतनी मात्रा में नहीं हो रही।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/neither-medicinal-plants-grow-nor-compost-is-being-sold/article-68860"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-02/photo2.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। नगर निगम कोटा दक्षिण की ओर से नवाचार के नाम पर लाखों रुपए खर्च तो कर दिए। लेकिन वे नवाचार कामयाब नहीं हो सके। जिससे लाखों रुपए खर्च करने के बाद भी उनका लाभ नहीं मिल पाया। नगर निगम कोटा दक्षिण की तत्कालीन आयुक्त कीर्ति राठौड़ के समय में प्रयास कर गांधी उद्यान में औषधीय पौधे लगाए गए थे। इसके लिए उद्यान के एक कॉर्नर में पूरी बगिया सी तैयार की गई थी। जिसके चारों तरफ सुरक्षा के लिए जाली लगाई गई। क्यारियां बनाई गई। जहां दर्जनों तरह के औषधीय पौधे लगाए गए थे। उनकी देखभाल की जिम्मेदारी उद्यान प्रभारी व कर्मचारियों को दी गई। पौधों के नाम लिखे गए। लेकिन हालत यह है कि कुछ समय तक तो ये पौधे चले लेकिन उसके बाद तत्कालीन आयुक्त का स्थानांतरण हो गया। उनके बाद किसी ने इस पर ध्यान नहीं दिया। नतीजा वे पौधे धीरे-धीरे सूखकर पूरी तरह से नष्ट हो गए। वर्तमान में वहां फिर से खाली जमीन रह गई है। सभी क्यारियां उजड़ी पड़ी हैं। </p>
<p><strong>पौधे बड़े होने पर लोगों को देने की थी योजना</strong><br />यहां लगाए गए पौधे बड़े होने पर लोगों को देने की योजना थी। उद्यान में लगाए गए औषधीय पौधों के बारे में यहां घूमने आने वालों को उनकी जानकारी और उनसे होने वाले लाभ के बारे में बताना था। साथ ही उन पौधों के बड़े होने पर लोगों को देनी की योजना थी। जिससे वे उन्हें अपने घरों पर लगा सके।</p>
<p><strong>निगम की दुकान में बेचा था खाद</strong><br />तत्कालीन आयुक्त ने निगम कार्यालय के बाहर बनी दुकान का उपयोग करते हुए उसमें कम्पोड  खाद बेचना शुरू किया था। वहां कर्मचारी भी लगाया। खाद को सस्ते दर पर बेचा जा रहा था। कुछ समय तक तो ऐसा हुआ लेकिन उसके बाद जब खाद बिकना कम हुई तो वह दुकान भी बनद कर दी गई। इतनाा ही नहीं उस दुकान में इंदिरा रसोई खोल दी गई थी। </p>
<p><strong>दीपावली पर गोबर के दीपक भी बेचे</strong><br />निगम की ओर से गोबर के दीपक भी तैयार करवाए गए थे। जिन्हें दीपावली से पहले दुकान और संस्थाओं के माध्यम से बेचा गया था। ये दीपक निगम की बंधा धर्मपुरा गौशाला में तैयार किए गए थे। लेकिन यह भी तत्कालीन आयुक्त के जाने के साथ ही बंद हो गई। </p>
<p><strong>क्लाईमेट नहीं कर रहा सूट</strong><br />नगर निगम कोटा दक्षिण के उद्यान अधीक्षक रामलाल ने बताया कि गांधी उद्यान में औषधीय पौधे लगाए गए थे। वे कुछ समय तक तो चले। लेकिन अधिकतर पौधे ठंडे प्रदेश वाले थे। जिससे यहां उन्हें क्लाईमेट सूट नहीं करा और सभी पौधे सूख गए। अब दोबारा से वे पौधे नहीं लग सकते। </p>
<p><strong>गोबर व पत्तों से तैयार की जा रही कम्पोस्ट खाद</strong><br />तत्कालीन आयुक्त कीर्ति राठौड़ ने ही नवाचार करते हुए नगर निगम द्वारा गोबर व पत्तों से कम्पोड खाद तैयार करने की योजना बनाई थी। जिसके लिए उन्होंने चम्बल गार्डन में पुराने कैंटीन हॉल के पास खाली जगह पर बड़ा हॉल व टीनशेड तैयार करवाए।  हॉल में गोबर व केचुए से खाद बनाने के लिए बड़े-बड़े 16 पिट बनवाए। उनमें निगम की गौशाला व कायन हाउस में निकलने वाले गोबर को लाकर उनसे खाद बनाई जा रही थी। हॉल के पास ही टीनशेड में बड़े-बड़े 14 पिट बनवाए थे। जिनमें पत्तों से खाद बनाई जा रही थी। ये पत्ते भी निगम के उद्यानों से लाए जा रहे थे। इसके लिए वहां अलग से लेबर लगाई गई।  हालांकि अभी भी वह खाद तैयार तो हो रही है लेकिन नाम मात्र की। </p>
<p><strong>निगम के गार्डन में ही उपयोग</strong><br />सूत्रों के अनुसार गोबर व पत्तों से हर तीन महीने में करेीब एक ट्रक गोबर की खाद तैयार हो रही थी। जिसे पहले बाजार में भी बेचा जा रहा था। लेकिन जब से यह बिकना बंद हुई। तब से इस खाद का उपयोग नगर निगम के गार्डनों में पौधों में किया जा रहा है। साथ ही अधिकारियों के बंगलों की क्यारियों में काम लिया जा रहा है। खाद बनकर तैयार भी हो रही है जिससे उसके ढेर लगे हुए हैं। निगम कर्मचारियों का कहना है कि खाद तैयार तो हो रही है लेकिन उतनी मात्रा में नहीं हो रही। यह बाजार में बिक भी नहीं रही है। खाद का उपयोग निगम के गार्डन में ही हो रहा है।  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 01 Feb 2024 18:04:44 +0530</pubDate>
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                <title>झूलों से ज्यादा पार्कों में बढ़ा ओपन जिम का क्रेज</title>
                                    <description><![CDATA[प्राइवेट जिम में फीस अधिक लगती है, जबकि पार्कों में ही ओपन जिम की मशीनें लग चुकी हैं, जहां बच्चे और बड़े सभी नि:शुल्क व्यायाम कर सकते हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/open-gym-craze-increased-in-more-parks-than-swings/article-49013"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-06/jhulo-s-zyada-parko-me-bdha-open-gym-ka-craze...kota-news-16-06-2023.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। शहर के पार्कों में पहले जहां झूले अधिक लगते थे। वहीं अब झूलों के साथ ही ओपन जिम भी लगने लगी है। पार्कों में ओपन जिम का क्रेज इतना अधिक बढ़ गया है कि अब अधिकतर पार्कों में जिम नजर आने लगी है। जिससे बच्चे और युवा सेहत सुधार में लगे हैं। हालाकि कई पार्कों में देखरेख के अभाव में इनकी दुर्दशा भी होने लगी है।  शहर में पहले जहां पार्क छोटे होते थे। वहां अधिकतर घास और फव्वारों के साथ ही लाइटिंग व कुछ झूले लगाकर उनका आकर्षण बढ़ाया जाता था। पार्कों में सुबह-शाम सैर करने वाले और गर्मियों की छुट्टियों में बाहर से आने वाले लोग व बच्चे पिकनिक मनाने जाते थे। जहां झूले झूलने का आनंद बच्चों के साथ महिलाएं भी लेती थी। वहीं अब पार्क बड़े-बड़े बनने लगे हैं। जिससे उनमें झूलों के साथ ही ओपन जिम भी लगने लगी है। पहले ओपन जिम बड़े पार्कों में ही लग रही थी। अब यह सभी पार्कों में लगने लगी है।  नयापुरा स्थित सीबी गार्डन हो या छावनी का पार्क। न्यास का आॅक्सीजोन पार्क हो या कुन्हाड़ी का अम्बेडकर पार्क। सभी में ओपन जिम देखी जा सकती है। कांग्रेस पार्षद अनिल सुवालका का कहना है कि नदी पार कुन्हाड़ी क्षेत्र में पहले पार्कों में ओपन जिम कम भी। लेकिन अब अधिकतर पार्कों में ये लग चुकी हैं। उनके वार्ड के चारों पार्क में ओपन जिम है। जहां सुबह-शाम लोग उनका आनंद लेग रहे हैं। </p>
<p><strong>निजी में फीस अधिक, पार्क में नि:शुल्क</strong><br />डीसीएम निवासी शंकरलाल बैरवा का कहना है कि  स्कूलों में गर्मी की छुट्टियां चल रही हैं। ऐेस में बच्चे जिम जाने की जिद करते हैं। प्राइवेट जिम में फीस अधिक लगती है। जबकि पार्कों में ही ओपन जिम की मशीनें लग चुकी हैं। जहां बच्चे और बड़े सभी  नि:शुल्क व्यायाम कर सकते हैं।  नयापुरा निवासी गणेश शर्मा का कहना है कि पार्कों में ओपन जिम लगना अच्छा है। इससे उस क्षेत्र के लोगों को व्यायाम की सुविधा मिल रही है। इनकी संख्या बढ़नी चाहिए। कंसुआ निवासी सत्येन्द्र गौतम का कहना है कि ओपन जिम लोगों की सुविधा के लिए लगाई जा रही है। लेकिन उन्हें लगाने के बाद उनकी देखभाल की जिम्मेदारी लोगों की व गार्डन की देखभाल करने वालों की होनी चाहिए। जिससे जरा सी टूटफूट होने पर ही उन्हें सुधार जा सके। वरना देखभाल क अभाव में कई जगह पर ये दुर्दशा के शिकार हो रही हैं। </p>
<p><strong>निगम, न्यास व विधायक कोष से लग रही जिम</strong><br />शहर के पार्कों में ओपन जिम लगाने का चलन कुछ समय पहले ही शुरू हुआ है। शुरुआत में इनकी संख्या काफी कम थी। लेकिन वर्तमान में यह तेजी से बढ़ रही है। अब शहर के अधिकतर पार्कों में ओपन जिम देखी जा सकती है। पार्कों में नगर निगम, नगर विकास न्यास व विधायक कोष से ये जिम लगाई जा रही है। </p>
<p><strong>एक से तीन लाख तक का खर्चा</strong><br />पार्क में ओपन जिम लगाने का एकसे तीन लाख रुपए तक का खर्चा हो रहा है। छोटे पार्कों में कम उपकरण और बड़े पार्कों में 8 से 10 उपकरण(मशीनें ) तक लगाई जा रही है। जिनमें छोटे बच्चों से लेकर युवा और बड़े सभी आयु वर्ग के लोग व्यायाम कर अपनी सेहत बना सकते हैं। शहर के अधिकतर पार्कों जिनमें मौहल्ला पार्क तक शामिल हैं। वहां दिनभर जिम करने वालों की भीड़ लगी रहती है। फिलहाल गर्मी अधिक होने से दिन के समय पार्क जरूर सूने दिख रहे हैं। लेकिन शाम होते ही जिम की सभी मशीनों पर लोगों को व्यायाम करने की जगह तक नहीं मिल पा रही।</p>
<p><strong>इनका कहना</strong><br />नगर निगम कोटा दक्षिण में 285 पार्क हैं। हालांकि अभी तक यहां करीब 10 फीसदी पार्कों में ही ओपन जिम हैं। लेकिन धीरे-धीरे इनकी संख्या बढ़ रही है। विधायक कोष से यहां कई पार्कों में ओपन जिम लगाई जा रही है। छोटे पार्कों  में 8 व बड़े में 10 मशीनों वाली जिम लगाई जा रही है। जिससे उन पर दो से तीन लाख का खर्चा हो रहा है। यह क्षेत्र के लोगों के लिए सुविधाजनक है। <br /><strong>-ए. क्यूृ कुरैशी, उद्यान अधीक्षक, नगर निगम कोटा दक्षिण </strong></p>
<p>कोटा उत्तर क्षेत्र में करीब दो दर्जन पार्क हैं। उनमें से कई में तो ओपन जिम लग चुकी है। स्थानीय लोगों व पार्षदों की डिमांड के अनुसार ओपन जिम लगाई जा रही है। ओपन जिम नगर निगम व नगर विकास न्यास सभी के द्वारा लगाई जा रही है। ओमन जिम लगने का कारण सेहत के प्रति लोगों की बढ़ी जागरूकता है। <br /><strong>-पी.पी. गर्ग, एक्सईन, नगर निगम कोटा उत्तर </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 16 Jun 2023 14:37:42 +0530</pubDate>
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                <title>अनियंत्रित ट्रेलर ने बारातियों को कुचला, चार की मौत </title>
                                    <description><![CDATA[

अमरूद तोड़ना दो बच्चों को पड़ा महंगा बगीचे की तारबंदी में छोड़े करंट से मौत]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/%E0%A4%85%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%82%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%BF%E0%A4%A4-%E0%A4%9F%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%87%E0%A4%B2%E0%A4%B0-%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%AC%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%A4%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%95%E0%A5%81%E0%A4%9A%E0%A4%B2%E0%A4%BE--%E0%A4%9A%E0%A4%BE%E0%A4%B0-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%AE%E0%A5%8C%E0%A4%A4/article-2385"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-11/accident1.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>जहाजपुर</strong>।  देवली रोड पर कुराड़िया टोल नाके के समीप तेज गति से आए अनियंत्रित टेÑलर ने रविवार शाम कहर ढाह दिया। ट्रेलर ने पहले एक कार को टक्कर मारी जिससे कार सड़क से नीचे उतरकर क्षतिग्रस्त हो गई। उसमें जहाजपुर निवासी सवारियां फंस गई। दुर्घटना के बाद ट्रेलर को भगाने के चक्कर में चालक ने सड़क किनारे विवाह समारोह में नाच रहे बारातियों को रौंद दिया। हादसे में चार की मौत हो गई जबकि चार अन्य घायल हो गए।  पुलिस उपाधीक्षक महावीर प्रसाद शर्मा ने बताया कि कुराड़िया निवासी शंकर मीणा की दो बेटियों की रविवार को शादी थी। मनोहरगढ़ से आए बाराती सड़क किनारे खड़े थे। इस दौरान तेज गति से आए टेÑलर ने बारातियों को रौंद दिया। मामले में ट्रेलर चालक राजू पुत्र दयाराम जाट (25) निवासी नया गांव देवली को पुलिस ने मौके से ही हिरासत में ले लिया।'<br /><br /><strong><br />इनकी हुई मौत</strong><br />दुर्घटना में नीरज (16)  निवासी मनोहरगढ़,  कुलदीप (14) निवासी मनोहरगढ़, मनोज मीणा (18) निवासी उमर, राजेंद्र  मीणा (18) निवासी लुहारी खुर्द की मौत हो गई। विनोद मीणा, राहुल मीणा, प्रकाश मीणा गंभीर घायल हो गए।  जिनको देवली के राजकीय चिकित्सालय में भर्ती कराया गया।<br /><br /><strong>खुशियां शोक में बदलीं </strong><br />विवाह समारोह वाले परिवार में हादसे से पहले खुशियों का माहौल था। जैसे ही हादसा हुआ चीख चीत्कार मच गई। बाराती अपनों को खोकर सुध बुध खो बैठे। कई लोग घायलों के साथ अस्पताल पहुंचे और घायलों की देख रेख में जुट गए। मृतक किशोर व युवा होने से सबकी आंखें नम थीं। <br /><br /><strong>अमरूद तोड़ना दो बच्चों को पड़ा महंगा बगीचे की तारबंदी में छोड़े करंट से मौत</strong><br />गंगापुर सिटी। बाटोदा थाने के फुलवाड़ा गांव में विद्युत करंट की चपेट में आने से दो बच्चों की मौत हो गई। दोनों बच्चे अमरूद खाने के लिए बगीचे में घुसने की कोशिश कर रहे थे। बगीचे के मालिक ने तारबंदी कर करंट छोड़ रखा था। मामला शनिवार शाम का है। पुलिस ने रविवार सुबह दोनों बच्चों का पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है। थाना अधिकारी विवेक हरसाना ने बताया कि बाटोदा गांव निवासी हेमराज मीणा के बेटे और भांजे की करंट की चपेट में आने से मौत हो गई है। बेटे विष्णु की उम्र 10 साल और भांजे अंशु की उम्र 11 साल थी। दोनों चौथी कक्षा के छात्र थे। शाम करीब 5 बजे दोनों बच्चे घर से निकले थे।  इस दौरान फुलवाड़ा गांव में अमरूद के एक बगीचे तक जा पहुंचे। बगीचे में चारों ओर तारबंदी से निकलकर अंदर घुसने की कोशिश करने लगे। इसी बीच तारों में प्रवाहित करंट की चपेट में आ गए। दोनों बच्चों को बेहोशी की हालत में बरनाला सीएचसी में लाया गया। जहां चिकित्सकों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया गया। घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों में बगीचे मालिक जीतराम मीणा के प्रति रोष व्याप्त हो गया। हालांकि परिजनों की ओर से बगीचा मालिक के खिलाफ किसी प्रकार की कोई शिकायत नहीं दी है।</p>]]></content:encoded>
                
                

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                <pubDate>Mon, 15 Nov 2021 11:52:19 +0530</pubDate>
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                <title>स्पेशल बच्चो के साथ दिवाली</title>
                                    <description><![CDATA[ट्रांस वेलफेयर सोसाइटी की और से मुख बधिर स्पेशल बच्चो के साथ दिवाली मनाने का कार्यक्रम वैशाली नगर स्थित गौरव गार्डन में आयोजित]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%AA%E0%A5%87%E0%A4%B6%E0%A4%B2-%E0%A4%AC%E0%A4%9A%E0%A5%8D%E0%A4%9A%E0%A5%8B-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%A5-%E0%A4%A6%E0%A4%BF%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%B2%E0%A5%80/article-1964"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-10/whatsapp-image-2021-10-28-at-12.46.58.jpeg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। ट्रांस वेलफेयर सोसाइटी की और से मुख बधिर स्पेशल बच्चो के साथ दिवाली मनाने का कार्यक्रम वैशाली नगर स्थित गौरव गार्डन में आयोजित किया गया। सोसाइटी की मुख्य संरक्षक निर्मला सेवानी एवं संरक्षक डॉ पूजा अग्रवाल ने दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम की शुरुआत की। इसके बाद सभी बच्चो को गिफ्ट्स दिए और सभी अतिथियों को ग्रीन वर्ल्ड को बढ़ावा देने के लिए प्लांट से सम्मानित किया।सोसाइटी की अध्यक्ष कोमल चौहान ने बताया की 8 साल से लगातार संस्था सभी के साथ मिल कर बच्चो के लिए कार्यक्रम करते है।</p>
<p> </p>
<p>कार्यक्रम में बच्चो को बहुत से गिफ्ट्स, दीपक, चॉक्लेट्स, बुक्स, कॉपी, एवं जरुरत की चीज़े दी गई। कार्यक्रम में बच्चो ने रेम्प पर वाक की साथ ही खूब सारी मस्ती की।कार्यक्रम में जे. ड्डी. माहेशवरी, नीतिका गोधा, ललिता कुच्छल, प्रियंका राठौर, लवीना केसवानी, मधुलिका शेखावत, रानू श्रीवास्तव, संजय सरदाना, पूनम खंगारोत, गीतांजलि चौहान, मीना राजपूत, मरुधर राठौर, रूचि, सुनीता, निकिता, शिखा, रुचिका शर्मा, शशि, अजय तंवर आदि अतिथिगण मौजूद रहे, मंच सञ्चालन एंकर वीर द्वारा किया गया, कार्यक्रम में अतिथियों के द्वारा केक कंट्री द्वारा बनाया गया केक बच्चो एवं अतिथियों ने काटा और दीपक जलाकर दिवाली मनाई, कार्यक्रम में जसराज ग्रुप के द्वारा लाइव बेंड की अद्बुध प्रस्तुति भी दी गयी कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए अध्यक्ष कोमल चौहान ने सभी का आभार व्यक्त किया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
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                <pubDate>Thu, 28 Oct 2021 14:37:44 +0530</pubDate>
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