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                <title>जर्जर भवनों को मालिक खुद तोड़ दे, वरना निगम करेगा कार्रवाई</title>
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                        <![CDATA[पुराने शहर में सबसे अधिक जर्जर भवन सूरजपोल, मोखापाड़ा, पाटनपोल और रामपुरा क्षेत्र में हैं।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/owners-must-demolish-the-dilapidated-buildings-themselves--or-the-corporation-will-take-action/article-144943"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/200-x-60-px)-(6).png" alt=""></a><br /><p>कोटा। नगर निगम कोटा की ओर से शहर में जर्जर भवन मालिकों को नोटिस जारी किए गए हैं। जिनमें उन्हें खुद तोड को कहा है। उनके ऐसा नहीं करने पर निगम कार्रवाई करेगा।नगर निगम आयुक्त ओम प्रकाश मेहरा ने बताया कि शहर में बड़ी संख्या में भवन पुराने व जर्जर हैं। जिनका नगर निगम की ओर से सर्वे कराया गया है। विशेष रूप से पुराने शहर में अनंत चतुर्दशी मार्ग व हैरिटेज वॉक मार्ग में ऐसे भवन अधिक हैं। उन भवनों पर लाल निशान तो लगाए हुए हैं। साथ ही अब निगम की ओर से सभी को नोटिस जारी किए जा रहे हैं।</p>
<p><strong>इन क्षेत्रों में हैं जर्जर भवन</strong><br />निगम अधिकारियों के अनुसार पुराने शहर में सबसे अधिक जर्जर भवन सूरजपोल, मोखापाड़ा, पाटनपोल और रामपुरा क्षेत्र में हैं। हालांकि बरसात के समय झालावाड़ जिले के पिपलोदी में हुए स्कूल भवन की छत हादसे में बच्चों की मौत के बाद सभी सरकारी व निजी जर्जर भवनों का सर्वे कराया गया था। लेकिन उसके बाद उन पर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई।</p>
<p><strong>..तो निगम वसूलेगा खर्चा</strong><br />आयुक्त ने बताया कि उन नोटिसों में भवन मालिकों से कहा गया है कि वे स्वयं उन्हें अपने स्तर पर हटा लें। यदि निर्धारित समय में वे ऐसा नहीं करते हैं तो निगम उन भवनों को ध्वस्त करेगा। उसका पूरा खर्चा हजार्ना भवन मालिकों से वसूल किया जाएगा।</p>
<p><strong>हादसों की आशंका अधिक</strong><br />आयुक्त ने बताया कि निगम की ओर से हर साल अनंत चतुर्दशी से पहले जर्जर भवनों का सर्वे कर उन पर लाल निशान लगाए जाते हैं। लेकिन उसके बाद भी उन भवनों को अभी तक नहीं तोड़ा गया है। जिससे अनंत चतुर्दशी व अन्य आयोजनों के दौरान भीड़ के उन मकानों पर चढ?े से हादसों की आशंका बनी रहती है।ऐसे में पहले से ही कार्यवाई की जाएगी तो हादसे व अनहोनी को टाला जा सकता है।</p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 28 Feb 2026 16:00:52 +0530</pubDate>
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                <title>बायो मेट्रिक मशीन में चेहरा दिखाने पर ही खुलेगा दरवाजा, बाहर से आने वाले लोगों पर होगा नियंत्रण</title>
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                        <![CDATA[केडीए की नई बिल्डिंग में लागू हुआ विजिटर्स मैनेजमेंट सिस्टम।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/doors-will-only-open-after-showing-their-faces-in-a-biometric-machine/article-143786"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/12200-x-600-px)-(1)9.png" alt=""></a><br /><p>कोटा । कोटा विकास प्राधिकरण की नई विस्तारित बिल्डिंग स्थित कार्यालय में अधिकारियों व कर्मचारियों से मिलने जाने वाले बाहरी लोगों को अब बायो मेट्रिक मशीन में चेहरा दिखाना व अपना नाम पता नोट करवाना आवश्यक होगा। उसके बाद ही प्रवेश द्वार खुलेगा। केडीए की ओर से नई बिल्डिग में बुधवार से विजिटर्स मैनेजमेंट सिस्टम को लागू किया गया है। हालांकि इसका ट्रायल तो पिछले करीब एक सप्ताह से अधिक समय से चल रहा था। उसके सही तरह से काम करने के बाद बुधवार से उसे लागू कर दिया गया।</p>
<p><strong>अंदर जाते व बाहर निकलते समय दिखाने होंगे चेहरे</strong><br />सामान्य तौर पर सरकारी व निजी कार्यालयों में बायो मेट्रिक मशीन का उपयोग वहां काम करने वाले कर्मचारियों व अधिकारियों के लिए किया जाता है। लेकिन केडीए की नई बिल्डिंग में इसे कर्मचारियों व अधिकारियों के साथ ही आमजन के लिए भी लागू किया गया है।बाहरी से आने वाले किसी भी व्यक्ति को यदि अधिकारी व कर्मचारी से मिलना है तो सबसे पहले उन्हें कम्प्यूटराइज बायो मेट्रिक कक्ष में बैठे कर्मचारियों को अपना नाम व मोबाइल नम्बर के साथ ही किससे मिलना है उसकी जानकारी देनी होगी। उसे नोट करने के बाद वहां लगी बायो मेट्रिक मशीन में चेहरा दिखाना होगा। जिससे उस व्यक्ति का पंजीयन होगा।उसके बाद मुख्य प्रवेश द्वार के पास लगी मशीन में भी चेहरा दिखाना होगा। वहां से ओके होने के बाद ही दरवाजा खुलेगा। जिससे अंदर प्रवेश किया जा सकेगा। वहीं कामहोने के बाद वापस बाहर आते समय भी गेट के पास अंदर लगी बायो मेट्रिक मशीन में चेहरा दिखाने पर ही गेट खुलेगा। पहले दिन कार्यालय आए लोग इस सिस्टम को देखकर चौक गए। जबकि अधिकतर ने इसकी सराहना की।</p>
<p><strong>गेट पर आॅटोमैटिक लॉक सिस्टम</strong><br />बिल्डिंग में प्रवेश के लिए एक ही मुख्य प्रवेश द्वार है। उसे बायो मेट्रिक मशीन से जोड़ा गया है। साथ ही उसमें आॅटो मेटिक सिस्टम लगाया गया है। बाय मेट्रिक मशीन में चेहरा दिखाने के बाद ही वह गेट खुलगा। हालांकि वहां दो होमगार्ड को लगाया गया है लेकिन वे केवल व्यवस्था की दृष्टि से हैं।विजिटर्स के लिए प्रवेश की व्यवस्था सुबह 11 से शाम 5 बजे तक ही रहेगी।</p>
<p><strong>कर्मचारियों के लिए बायो मेट्रिक उपस्थिति</strong><br />आम आदमी के लिए जहां विजिटर्स मैनेजमेंट सिस्टम लागू किया गया है। वहीं वहां काम करने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों के लिए भी बायो मेट्रिक उपस्थिति सिस्टम लागू किया गया है। अधिकारी-कर्मचारियों के भी आते-जाते समय बायो मेट्रिक मशीन से ही उपस्थिति दर्ज होगी।</p>
<p><strong>सीसीटीवी से कवर है पूरा सिस्टम</strong><br />केडीए अधिकारियों का कहना है कि यह पूरा सिस्टम सीसीटीवी कैमरे से कवर है। जिससे इसमें किसी तरह की और किसी के भी द्वारा कोई छेड़छाड़ नहीं की जा सके। इसके लिए दो होमगार्ड विशेष रूप से लगाए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि इस पूरे सिस्टम का संचालन केडीए कर्मचारियों के द्वारा ही किया जा रहा है।</p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />कार्यालय की नई बिल्डिग में इस सिस्टम को लागू किया गया है। वहां की व्यवस्थाएं उसके अनुरूप है। इससे अनावश्यक रूप से कार्यालय में आने वाले लोगों पर रोक तो लगेगी ही। साथ ही बाहर से आने वाले लोगों का रिकॉर्ड भी रहेगा। अधिकारियों व कर्मचारियों की बायो मेट्रिक उपस्थिति तो पुरानी बिल्डिंग में भी है। विजिटर्स मैनेजमेंट सिस्टम का ट्रायल कई दिन से चल रहा था। उसे बुधवार से लागू किया गया है। विजिटर्स सुबह 11 से शाम 5 बजे तक ही प्रवेश कर सकेंगे।<br /><strong>- हर्षित वर्मा, उपायुक्त, कोटा विकास प्राधिकरण</strong></p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 19 Feb 2026 15:22:54 +0530</pubDate>
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                <title> मोड़क स्टेशन सीएचसी की जर्जर इमारत का कमरा ढहा, घटना के समय कोई मौजूद नहीं होने से टला बड़ा हादसा </title>
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                        <![CDATA[ छह दशक पुराना अस्पताल भवन जर्जर हो चुका है बारिश के दौरान टूट चुकी हैं पट्टियां  । ]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/a-room-in-the-dilapidated-modak-station-chc-building-collapsed--a-major-tragedy-was-averted-as-no-one-was-present-at-the-time/article-142895"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/(12200-x-600-px)-(4)7.png" alt=""></a><br /><p>मोड़क स्टेशन। क्षेत्र के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मंगलवार को एक बड़ा हादसा होते-होते रह गया। अस्पताल की करीब 60 वर्ष पुरानी जर्जर इमारत का एक कमरा अचानक भरभरा कर गिर गया। राहत की बात यह रही कि घटना के समय वहां कोई मौजूद नहीं था, अन्यथा बड़ी जनहानि हो सकती थी। घटना के बाद अस्पताल भवन की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। हादसे की सूचना मिलते ही पंचायत समिति सदस्य नईमुद्दीन कुरैशी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने अस्पताल की बदहाल स्थिति पर गहरी चिंता जताते हुए मुख्यमंत्री और चिकित्सा मंत्री को पत्र लिखकर तत्काल कार्रवाई की मांग की है। कुरेशी ने पत्र में उल्लेख किया है कि मोड़क स्टेशन का यह अस्पताल लगभग छह दशक पुराना है और अब पूरी तरह जर्जर हो चुका है। भवन की हालत ऐसी है कि यहां आने वाले मरीजों और कार्यरत कर्मचारियों की जान हर समय जोखिम में बनी रहती है।</p>
<p><strong>पूर्व में हुए हादसों से नहीं लिया सबक</strong><br />जानकारी के अनुसार तीन माह पूर्व बारिश के दौरान इस सीएचसी के एक कमरे की पट्टियां टूट गई थीं। इसके अलावा एक अन्य घटना में कमरे की छत पर लगे पंखे के कड़े टूट जाने से पंखा नीचे गिर गया था। इन घटनाओं के बावजूद भवन की मरम्मतं या पुनर्निर्माण की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए गए।</p>
<p><strong>दो करोड़ रुपए की स्वीकृति की मांग</strong><br />पंचायत समिति सदस्य कुरैशी ने सरकार से मांग की है कि पुरानी जर्जर इमारत को तत्काल हटाकर नए भवन का निर्माण कराया जाए। उन्होंने अस्पताल के पुनर्निर्माण के लिए दो करोड़ रुपए का बजट स्वीकृत करने की पुरजोर मांग की है। ताकि क्षेत्रवासियों को सुरक्षित और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।</p>
<p>मोड़क स्टेशन सीएचसी की हालत बेहद चिंताजनक है। रोजाना सैकड़ों मरीज यहां इलाज के लिए आते हैं। लेकिन भवन की जर्जर दीवारें किसी भी समय गिर सकती हैं। स्वास्थ्य केंद्र में सुरक्षा की व्यवस्था मजबूत की जाए और जब तक मरम्मत नहीं होती, तब तक अस्थायी सुरक्षित व्यवस्था की जाए।<br /><strong>- दीपक आहूजा, समाजसेवी</strong></p>
<p>मोडक स्टेशन सीएचसी भवन पूरी तरह जर्जर हो चुका है। दीवारों से प्लास्टर गिर रहा है और कई जगहों पर दीवारें अपने आप ढहने की स्थिति में हैं। यह आमजन और मरीजों की जान के साथ सीधा खिलवाड़ है। प्रशासन से मांग की है कि तत्काल भवन का निरीक्षण कर मरम्मत या नए भवन का निर्माण कराया जाए ताकि किसी बड़ी दुर्घटना से पहले समाधान निकाला जा सके।<br /><strong>- अब्दुल सत्तार, कांग्रेस जिला अल्पसंख्यक उपाध्यक्ष</strong></p>
<p>पंचायत समिति की ओर से इस मुद्दे को गंभीरता से उठाया जाएगा। संबंधित विभाग को ज्ञापन देकर जल्द कार्रवाई की मांग की जाएगी। यदि समय रहते मरम्मत नहीं हुई तो आंदोलन का रास्ता भी अपनाया जाएगा।<br /><strong>- नईमुद्दीन कुरैशी, पंचायत समिति सदस्य</strong></p>
<p>सीएचसी भवन की जर्जर स्थिति से उच्च अधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। विभाग को लिखित सूचना भेजी जा चुकी है और जल्द ही समाधान की उम्मीद है।<br /><strong>- डॉ. पंकज राठौर, वरिष्ठ चिकित्सक, सीएचसी, मोड़क स्टेशन</strong></p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
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                <pubDate>Thu, 12 Feb 2026 14:50:53 +0530</pubDate>
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                <title>चार माह से अटका विद्यालय भवन निर्माण कार्य, विद्यार्थियों की पढ़ाई हो रही प्रभावित </title>
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                        <![CDATA[निर्माण में घटिया सामग्री के आरोप पर सुगम पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज की गई।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/school-building-construction-stalled-for-four-months/article-142260"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/(1200-x-600-px)-(1)18.png" alt=""></a><br /><p>देईखेड़ा। क्षेत्र की खरायता पंचायत के डडवाड़ा गांव स्थित राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय के नए भवन का निर्माण कार्य पिछले चार महीनों से बंद पड़ा है। भवन निर्माण रुकने के कारण विद्यालय को पास ही स्थित सामुदायिक भवन में संचालित करना पड़ रहा है, जिससे विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। विद्यालय के प्रधानाध्यापक रामस्वरूप ने बताया कि पुराना विद्यालय भवन जर्जर अवस्था में होने के कारण उसे ध्वस्त कर दिया गया था। इसके बाद से विद्यालय को सामुदायिक भवन के दो कमरों में संचालित किया जा रहा है। नए भवन निर्माण के लिए समसा योजना के तहत 23 लाख 50 हजार रुपए का बजट स्वीकृत हुआ था। इसमें से लगभग 20 लाख रुपए की लागत से दो कक्ष व बरामदा तथा करीब 3 लाख 50 हजार रुपए की राशि से शौचालय निर्माण प्रस्तावित था।</p>
<p>उन्होंने बताया कि ठेकेदार द्वारा करीब चार महीने पहले निर्माण कार्य प्रारंभ किया गया था, लेकिन निर्माण में घटिया सामग्री उपयोग के आरोप लगने पर आॅनलाइन सुगम पोर्टल पर शिकायत की गई। शिकायत के बाद विभागीय निर्देश पर संवेदक ने निर्माण कार्य रोक दिया और विभाग द्वारा मामले की जांच शुरू की गई। जांच प्रक्रिया के बाद से अब तक निर्माण कार्य पुन: शुरू नहीं हो सका है।ग्रामीण भंवरलाल, रामकिसन, प्रभुलाल सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि भवन के अभाव में बच्चों को सामुदायिक भवन में और कई बार खुले में बैठकर पढ़ाई करनी पड़ रही है। इससे बच्चों का शैक्षणिक वातावरण प्रभावित हो रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि जांच प्रक्रिया शीघ्र पूरी कराकर निर्माण कार्य दोबारा शुरू करवाया जाए, ताकि विद्यार्थियों को स्थायी और सुरक्षित भवन में शिक्षा मिल सके।</p>
<p><strong>इनका कहना है </strong><br />विद्यालय  सामुदायिक भवन में संचालित हो रहा है। चार महीने से कार्य बन्द पड़ा है। परिसर में निर्माण पसरी पड़ी है। कई बार अधिकारी व सवेंदक का कार्य शुरू करने के लिये लिखा जा चुका है। लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। <br /><strong>- रामस्वरूप, प्रधानाध्यापक,राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय,डडवाड़ा । </strong></p>
<p>ग्रामीणो ने बेवजह ही शिकायत की थी विभाग ने जांच होने तक कार्य बन्द करने के निर्देश दिए थे अब कार्य शुरू करने के निर्देश मिल गए है जल्द ही कार्य शुरू कर दिया जाएगा। <br /><strong> - हजारीलाल, सवेंदक। </strong></p>]]>
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                <pubDate>Sat, 07 Feb 2026 16:01:00 +0530</pubDate>
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                <title>ग्रेटर नोएडा हॉस्टल में बीटेक छात्र ने बिल्डिंग से लगाई छलांग : हादसे में मौत, हॉस्टल प्रबंधन ने छात्र के परिजनों को भेजा था शराब के सेवन का वीडियो</title>
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                        <![CDATA[ हॉस्टल प्रबंधन ने छात्र को फटकार लगाई और घटना का वीडियो बनाकर उसके पिता विजय सोनी को भेज दिया। ]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/btech-student-jumped-from-the-building-in-greater-noida-hostel/article-140679"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/6622-copy75.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">ग्रेटर नोएडा। उत्तर प्रदेश में जिला गौतमबुद्धनगर परिक्षेत्र ग्रेटर नोएडा में एक हॉस्टल में रात बीटेक द्वितीय वर्ष के छात्र उदित सोनी ने हॉस्टल की चौथी मंजिल से नीचे छलांग लगा ली, जिससे उसकी मौत हो गई। पुलिस द्वारा शनिवार सुबह घटना के बारे में जानकारी दी गई, उन्होंने के कहा कि मध्य रात्रि में छात्र उदित सोनी अपने मित्र चेतन और कुलदीप के साथ शराब का सेवन कर हॉस्टल लौटा था। इस पर हॉस्टल प्रबंधन ने छात्र को फटकार लगाई और घटना का वीडियो बनाकर उसके पिता विजय सोनी को भेज दिया। वीडियो देखने के बाद पिता ने फोन पर उदित को डांटते हुए नाम कटवाकर घर बुलाने की बात कही।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">बताया जा रहा है कि इसी घटनाक्रम से मानसिक रूप से क्षुब्ध होकर उदित ने हॉस्टल के चौथे तल से छलांग लगा ली। सूचना मिलते ही उसे तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। मामले में कुछ लोगों से पूछताछ की जा रही है। उच्च अधिकारियों द्वारा मौके पर पहुंचकर छात्रों से बातचीत की गई है। पुलिस का कहना है कि परिजनों से तहरीर प्राप्त कर मुकदमा पंजीकृत किया जा रहा है। वर्तमान में हॉस्टल परिसर में शांति व्यवस्था कायम है। पुलिस पूरे प्रकरण की गहनता से जांच कर रही है।</span></p>]]>
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                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 24 Jan 2026 13:27:12 +0530</pubDate>
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                <title>निगम बोला-हमारी रिपोर्ट में भवन निर्माण अवैध,  कांग्रेस नेता त्यागी ने  किया जवाब पेश</title>
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                        <![CDATA[निर्माण को अवैध मानते हुए नोटिस जारी किया था। ]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/the-corporation-stated--%22our-report-shows-the-building-construction-is-illegal-%22-while-congress-leader-tyagi-submitted-his-response/article-137422"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/1200-x-600-px)-(1200-x-600-px)-(6)4.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। कांग्रेस नेता पूर्व यूआईटी चैयरमैन रविन्द्र त्यागी की पत्नी के नाम तलवंडी स्थित प्लॉट पर बिना सेटबैक छोड़े बनाए जा रहे बहुमंजिला भवन का मामले में अब नया मोड आया है। एक तरफ नगर निगम ने बहुमंजिला भवन निर्माण को नियम विपरीत बताते हुए अवैध करार दिया। वहीं, दूसरी ओर कांग्रेस नेता त्यागी का कहना है कि काम नियमानुसार है, लैंड यूज चैंज करने से लेकर भवन निर्माण तक की स्वीकृति ली है। आगे की ओर व साइड की तरफ भी अधिकतम सेटबैक छोड़ा है। जिसकी जानकारी मय दस्तावेज दी है। यह इंटेनशली परेशान किए जाने की बात है। इधर, मामले को लेकर नवज्योति ने निगम अधिकारियों से बात की तो वह जवाब देने से कतराते रहे। हालांकि, मामले में दोनों ओर से बचाव व गोलमोल प्रतिक्रिया जैसी स्थिति रही।</p>
<p><strong>आगे 20 फीट और साइड में अधिकतम सेटबैक छोड़ा</strong><br />तत्कालीन यूआईटी चेयरमैन रविंद्र त्यागी का कहना है कि तलवंडी की नर्सरी योजना का प्लॉट पत्नी बीना त्यागी के नाम है। मैंने भवन के आगे 20 फीट और साइड की ओर अधिकतम सेटबैक छोड़ा है। जिसके सबूत दस्तावेजों के साथ निगम में पेश कर दिया है। इसके बावजूद नोटिस देना समझ से परे है। जबकि, शहरभर में कई मकान 0% सेटबैक के बने हैं, उस पर तो कार्रवाई नहीं की जा रही।</p>
<p><strong>पहले नोटिस न मिलने की बात, अब जवाब पेश किया</strong><br />तत्कालीन यूआईटी चेयरमैन रविंद्र त्यागी ने गुरुवार को निगम द्वारा भेजे नोटिस नहीं मिलने की बात कहीं थी लेकिन शुक्रवार को उन्होंने उक्त नोटिस का दस्तावेजों के साथ जवाब दिए जाने की बात कही।</p>
<p><strong>निगम ने नोटिस में बताया था अवैध निर्माण</strong><br />मामला सामने आने पर नगर निगम ने जेईएन को मौके पर भेजकर मौका रिपोर्ट बनवाई थी, जिसमें निर्माण को अवैध मानते हुए गत 8 दिसंबर को बीना त्यागी के नाम नोटिस जारी किया था। जिसमें लिखा है कि नगर निगम से जारी भवन निर्माण स्वीकृति व स्वीकृत मानचित्र के विपरीत साइड-सेटबैक कवर कर निर्माण किया जा रहा है, निगम से जारी स्वीकृति व स्वीकृत मानचित्र के विपरीत अवैध निर्माण तुरंत बंद करें और जो अवैध निर्माण हो चुका उसे हटाकर स्वीकृति संबंधी एवं स्वामित्व संबंधी दस्तावेज की प्रमाणित प्रति प्रस्तुत करें।</p>
<p>ऐसी शिकायत आई थी कि मकान निर्माण के दौरान सेटबैक नहीं छोड़ा गया। जेईएन की रिपोर्ट में वॉइयोलेशन होना आया था। जिस पर नोटिस जारी किया था। अब उनका जवाब आया है, जिसे दिखवा रहे हैं।<br /><strong>-भावना सिंह, डिप्टी आयुक्त नगर निगम</strong></p>
<p>यदि, किसी को नोटिस भेजते हैं तो रिसिप्ट भी लेते हैं। हमारी ओर से भेजा गया है। वहीं, नोटिस कब गया, क्या भेजा, रिसीव हुआ या नहीं, यह रिकॉर्ड देखकर चैक कर लेंगे। रही बात, मामले में क्या और किस तरह की कार्रवाई की जाएगी, इस संबंध में डिप्टी कमिशनर से बात की जा सकती है।<br /><strong>-ओम प्रकाश मेहरा, आयुक्त नगर निगम</strong></p>
<p>निगम ने जो नोटिस भेजा था, उसका दस्तावेजों के साथ जवाब पेश कर दिया है। मैंने नियमानुसार ही भवन निर्माण कार्य करवाया है। आगे 20 फीट सेटबैक छोड़ा है। प्लॉट के साइड का हिस्सा थोड़ा टेड़ा होने के चलते थोड़ी कमी हो सकती है लेकिन अधिकतम सेटबैक छोड़ा हुआ है।<br /><strong>-रविंद्र त्यागी,कांग्रेस नेता</strong></p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 27 Dec 2025 14:41:25 +0530</pubDate>
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                <title>पशु चिकित्सालय बदहाली का शिकार, एक कर्मी के भरोसे चल रहा अस्पताल, सुविधाओं का अभाव</title>
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                        <![CDATA[पशु चिकित्सालय मर्ज हो चुके  विद्यालय के भवन में अस्थायी रूप से संचालित किया जा रहा है।
]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/veterinary-hospital-in-a-dilapidated-state--running-on-the-strength-of-a-single-employee--lacking-facilities/article-137297"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/500-px)-(1)3.png" alt=""></a><br /><p>देईखेड़ा। क्षेत्र के देईखेड़ा कस्बे में स्थित राजकीय पशु चिकित्सालय इन दिनों गंभीर अव्यवस्थाओं से जूझ रहा है। स्थापना के करीब डेढ़ दशक बाद भी चिकित्सालय को न तो स्थायी भवन मिल पाया है और न ही पर्याप्त स्टाफ व संसाधन उपलब्ध कराए जा सके हैं। स्थिति यह है कि पूरा अस्पताल वर्तमान में केवल एक पशुधन निरीक्षक (कंपाउंडर) के भरोसे संचालित हो रहा है, जबकि इस चिकित्सालय से एक दर्जन से अधिक गांवों के पशुपालक जुड़े हुए हैं। सूत्रों के अनुसार पशु चिकित्सालय पूर्व में मर्ज हो चुके राजकीय प्राथमिक विद्यालय के भवन में अस्थायी रूप से संचालित किया जा रहा है। अब पंचायत प्रशासन द्वारा नए भवन में शिफ्ट होने के बाद खाली पड़े राजकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के पुराने भवन में अस्पताल को स्थानांतरित करने की तैयारी की जा रही है। यह भवन लगभग तीन दशक पुराना और जर्जर अवस्था में बताया जा रहा है।</p>
<p>विभागीय सूत्रों का कहना है कि नए पशु चिकित्सालय भवन के निर्माण के लिए न्यूनतम 100*100 फीट भूमि का पट्टा आवश्यक है, लेकिन स्थानीय पंचायत द्वारा भूमि पट्टा जारी करने में टालमटोल की जा रही है। इसके स्थान पर जर्जर भवन में शिफ्ट करने के निर्देश दिए जा रहे हैं। गौरतलब है कि चिकित्सालय में एक पशु चिकित्सक, एक पशुधन निरीक्षक और एक पशु परिचर के पद स्वीकृत हैं, किंतु वर्तमान में केवल एक कर्मी तैनात है। स्थानीय पशुपालकों का कहना है कि स्थायी भवन और संसाधनों के अभाव में पशुओं के इलाज, सर्जरी एवं गंभीर बीमारियों में भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। ग्रामीणों ने पंचायत प्रशासन और पशुपालन विभाग से शीघ्र भूमि पट्टा जारी कर भवन निर्माण तथा रिक्त पदों पर नियुक्ति की मांग की है, ताकि क्षेत्र के पशुपालकों को समुचित चिकित्सा सुविधाएं मिल सकें।<br /> <br />अस्पताल में उपलब्ध संसाधनों  के साथ बीमार मवेशियों का हर सम्भव  उपचार किया जा रहा है  भूमि आवंटन के लिये पँचायत को लिखा जा चुका है पँचायत द्वारा भवन के स्थानांतरित करने के लिये मौखिक तोर बोला गया  है समस्त स्थिति से उच्चाधिकारियों को अवगत करवा दिया है <br /><strong>-ओमप्रकाश नागर पशुधन निरीक्षक देईखेड़ा</strong></p>
<p>पशु चिकित्सालय के अहाते में ही संचालित राजकीय महात्मा गांधी विद्यालय में कमरों की कमी के कारण उसकी कुछ कक्षाओं को वँहा संचालित करने के लिये व्य्वस्था की निर्देश दिए गए है राजकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के नए भवन में शिफ्ट होने से पुराना  भवन खाली है पशु चिकित्सालय को वँहा संचालित करने के लिये लिखा है जल्द ही भूमि आवंटन कर दिया जाएगा <br /><strong>- राहुल पारीक ग्राम विकास अधिकारी देईखेड़ा</strong></p>]]>
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                <pubDate>Fri, 26 Dec 2025 16:01:37 +0530</pubDate>
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                <title>नवीन आयुर्वेद चिकित्सालय निर्माण की 32 करोड़ की योजना फाइलों में उलझी</title>
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                        <![CDATA[एनसीआइएसएम की तलवार लटकी तो जागा प्रशासन।
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/a-32-crore-plan-to-build-a-new-ayurvedic-hospital-is-stuck-in-files/article-135159"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/1200-x-600-px)-(6)6.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। प्रदेश में आयुर्वेद चिकित्सा को बढ़ावा देने के सरकारी दावों के बीच कोटा का राजकीय आयुर्वेद महाविद्यालय अपने अस्तित्व और विस्तार की लड़ाई लड़ रहा है। स्थिति यह है कि 'नवीन आयुर्वेद, योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा एकीकृत महाविद्यालय' के निर्माण के लिए स्वीकृत 40 करोड़ की राशि में से 22 करोड़ खर्च कर कॉलेज की इमारत बनाई गई, जिसका उद्घाटन लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने 6 नवंबर को किया था। दूसरी ओर करीब 32 करोड़ रुपए की लागत से प्रस्तावित नए चिकित्सालय भवन निर्माण का नक्शा दिल्ली से अनुमोदित होने के बावजूद एक बार फिर कागजी कार्यवाही में अटक गई है। हाल ही में आयुर्वेद चिकित्सालय भवन का पीडब्ल्यूडी द्वारा भौतिक परीक्षण किया गया, लेकिन अभी रिपोर्ट अटकी हुई है। वहीं दूसरी और प्राचार्य डॉ. नित्यानंद शर्मा की ओर से अजमेर स्थित निदेशालय से लगातार पत्राचार करने के बावजूद भी रूचि नहीं दिखा रहा है। </p>
<p>अब, नेशनल कमीशन फॉर इंडियन सिस्टम आॅफ मेडिसिन (एनसीआइएसएम) के कड़े मानकों की तलवार लटकी तो महाविद्यालय प्रशासन हरकत में आया है। प्राचार्य डॉ. नित्यानंद शर्मा ने आयुर्वेद विभाग के निदेशक (अजमेर) को लगातार पत्र लिखकर तलवंडी स्थित जर्जर चिकित्सालय की दशा सुधारने और नवीन निर्माण के लिए बजट जारी करने की गुहार लगाई है। साथ ही, सत्र 2025-26 और 2026-27 के लिए बजट फाइनलाइजेशन कमेटी (बीएफसी) को एक विस्तृत प्रस्ताव भेजकर 32 करोड़ रुपए के बजट की मांग की है ताकि संस्थान की सूरत बदली जा सके। बता दें कि आयुर्वेद चिकित्सालय का भवन करीब 1998 में यह बिल्डिंग बनी हुई है जो अब जर्जर अवस्था में है।</p>
<p><strong>ये है प्राथमिकता</strong><br />-प्रस्ताव में 100 बेड की क्षमता वाले नवीन चिकित्सालय भवन निर्माण के लिए पूर्व में स्वीकृत, लेकिन अब तक अटकी हुई 32 करोड़ रुपए की राशि को स्वीकृत करने का प्रस्ताव प्रमुखता से रखा गया है।<br />- बाहर से आने वाले छात्र-छात्राओं के लिए नवीन महाविद्यालय परिसर में ही 15 करोड़ रुपए की लागत से हॉस्टल निर्माण की मांग की गई है, जिससे छात्रों को सुरक्षित और सुगम आवास मिल सके।<br />-कॉलेज में 10.5 करोड़ रुपए की लागत से एक आधुनिक फामेर्सी के निर्माण का प्रस्ताव है, जहां आयुर्वेदिक औषधियों का निर्माण और वितरण सुचारू रूप से हो सकेगा।<br />-5 करोड़ रुपए की लागत से अत्याधुनिक पैथोलॉजी लैब स्थापित करने की योजना है, जिससे मरीजों को जांच के लिए इधर-उधर नहीं भटकना पड़ेगा।<br />-इसके अतिरिक्त, छात्रों और स्टाफ के लिए 1.5 करोड़ रुपए से कैंटीन निर्माण की योजना भी शामिल है।</p>
<p><strong>हर्बल गार्डन और म्यूजियम पर रहेगा फोकस</strong><br />एनसीआइएसएम के मानकों के अनुसार, छात्रों को जड़ी-बूटियों का व्यावहारिक ज्ञान होना अनिवार्य है। इसके लिए रसशास्त्र और द्रव्यगुण विभाग में 50 लाख रुपए की लागत से एक म्यूजियम तैयार किया जाएगा, जहां दुर्लभ औषधियों और खनिजों के नमूने रखे जाएंगे। वहीं परिसर में 20 लाख रुपए की लागत से हर्बल गार्डन विकसित करने की मांग की गई है, ताकि छात्र औषधीय पौधों को करीब से जान सकें।</p>
<p><strong>नवीन विस्तार योजना को सरकार के समक्ष प्रस्तुत करेंगे</strong><br />नवीन आयुर्वेद कॉलेज का भवन पूर्ण रूप से तैयार हो चुका है। निर्माण मद में प्राप्त 21 करोड़ रुपए में से लगभग 1.5 करोड़ रुपए शेष बचे हैं, जिनका उपयोग कॉलेज में सड़क निर्माण में किया जाएगा। कॉलेज व हॉस्पिटल पहले से आपस में अटैच हैं, जिससे छात्रों और मरीजों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो रही हैं। आयुर्वेद चिकित्सालय के विस्तार से संबंधित कोई नई योजना बनेगी तो उसे प्राथमिकता से सरकार के समक्ष प्रस्तुत करेंगे।<br /><strong>-डॉ. आनंद शर्मा, निदेशक, आयुर्वेद, अजमेर</strong></p>
<p><strong>रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज दी</strong><br />हमने तलवंडी स्थित आयुर्वेद चिकित्सालय का निरीक्षण किया है। जहां भवन की भौतिक स्थिति से लेकर विभिन्न पहलुओं का बारीकी से आकलन किया है। निरीक्षण में सामने आए महत्वपूर्ण बिंदुओं को संकलित कर विस्तृत रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज दी गई है। अब आगे की कार्रवाई और आवश्यक टेस्ट संबंधी निर्णय वही लेंगे।<br /><strong>-प्रज्ञा शर्मा, एईन, पीडब्ल्यूडी, कोटा</strong><br /><strong> </strong><br /><strong>पत्र व्यवहार के बावजूद जांच अटकी</strong><br />तलवंडी स्थित आयुर्वेद अस्पताल के नए भवन निर्माण की प्रक्रिया एक बार फिर कागजी कार्यवाही में अटक गई है। करीब 32 करोड़ रुपए की लागत से प्रस्तावित नए भवन का नक्शा दिल्ली से अनुमोदित कराकर लाया गया था। इसके आधार परआरएसआरडीसी ने तकमीना तैयार किया और नया प्लान बनाकर विभाग को सौंप दिया। इसके बाद संपूर्ण प्रकरण डीएफसी को भेजा गया, लेकिन वहीं से यह आपत्ति आई कि पहले से बना अस्पताल भवन नए निर्माण के योग्य है या नहीं, इसकी पीडब्ल्यूडी विभाग की रिपोर्ट संलग्न करना जरूरी है। इस पर 18 नवंबर को विभाग ने पीडब्ल्यूडी को पत्र भेजकर भवन की तकनीकी जांच कराने का अनुरोध किया, उसी को लेकर दो दिन पूर्व एईएन प्रज्ञा शर्मा स्थल निरीक्षण कर रिपोर्ट लेकर लौट चुकी हैं। वहीं अधीक्षण अभियंता जेपी गुप्ता से फोन पर बात की गई तो उन्होंने बताया कि अंतिम रिपोर्ट पर एक्सईएन लाखनसिंह के हस्ताक्षर होने हैं, लेकिन लाखनसिंह से संपर्क करने के प्रयासों के बावजूद कोई जवाब नहीं मिल पाया।<br /><strong>-डॉ. नित्यानंद शर्मा, प्राचार्य,राज. आयु. योग एवं प्राकृ.चिकि. एकीकृत महाविद्यालय एवं संबंद्ध चिकित्सालय, कोटा</strong></p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 08 Dec 2025 14:30:53 +0530</pubDate>
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                <title>निर्माण कार्य के दौरान बिल्डिंग के झुकने का मामला : जल्द गिराई जाएगी बिल्डिंग, प्रशासन सतर्क</title>
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                        <![CDATA[एसीपी मालवीय नगर विनोद शर्मा ने बताया कि सुरक्षा कारणों के चलते पेट्रोल पम्प को भी बंद करा दिया गया है। ]]>
                    </description>
                
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/building-administration-alert-on-case-of-leaning-of-building-during/article-135010"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/6622-copy8.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। जवाहर सर्किल थाना इलाके के गिरधर मार्ग पर निर्माण कार्य के दौरान 5 मंजिला बिल्डिंग के झुकने के मामले में प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। जल्द ही तकनीकी खामी को जानकारी भवन को गिरा दिया जाएगा। एसीपी मालवीय नगर विनोद शर्मा ने बताया कि सुरक्षा कारणों के चलते पेट्रोल पम्प को भी बंद करा दिया गया है। </p>
<p>तकनीकी टीमों से जानकारी जुटाई जा रही है। इस बिल्डिंग में एक बेसमेंट, ग्राउंड फ्लोर समेत पांच मंजिल बन रही हैं। हाल में सुरक्षा के चलते दो हाइड्रोलिक क्रेनों की सहायता से भवन को गिरने से रोका गया है। </p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 07 Dec 2025 09:34:09 +0530</pubDate>
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                <title>असर खबर का - कब्जे वाले पुराने विद्यालय भवन की हुई जांच ,आमली गांव पहुंचे शिक्षा विभाग के अधिकारी</title>
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                        <![CDATA[उच्चाधिकारियों को भेजी रिपोर्ट।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/impact-of-the-news--investigation-of-the-occupied-old-school-building/article-128724"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-10/111-(2)8.png" alt=""></a><br /><p>कुंदनपुर। ग्राम पंचायत मंडाप के अंतर्गत आमली गांव स्थित पुराने सरकारी विद्यालय भवन पर प्रभावशाली लोगों द्वारा कब्जे की शिकायत पर शिक्षा विभाग हरकत में आ गया। मंगलवार को विभागीय टीम गांव पहुंची और मौके का निरीक्षण कर ग्रामीणों व प्रधानाध्यापक से जानकारी ली। गौरतलब है कि 03 अक्टूबर को दैनिक नवज्योति मे आमली में पुराने विद्यालय भवन पर लोगों का कब्जा शीर्षक से खबर प्रकाशित हुई थी। इसके बाद विभाग ने तुरंत जांच शुरू की। उल्लेखनीय है कि बुधवार को आमली में आयोजित ग्रामीण चौपाल व जन संवाद के दौरान ग्रामीणों ने ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर को ज्ञापन सौंपकर 40 साल से चले आ रहे अतिक्रमण को हटाने की मांग की थी। मंत्री ने ग्रामीणों को भवन को कब्जामुक्त कराने का आश्वासन भी दिया था।</p>
<p>विद्यालय के सामने की भूमि आबादी क्षेत्र में आती है। खसरा नंबर 164, रकबा 1.24 हेक्टेयर राजस्व रिकॉर्ड में ग्राम पंचायत मंडाप के नाम दर्ज है। यदि विवाद होता है तो उसकी कार्रवाई ग्राम पंचायत स्तर पर की जाएगी।<br /><strong>-महेन्द्र सैनी, पटवारी</strong></p>
<p><strong>जांच दल की कार्रवाई</strong><br />सांगोद एसीबीईओ पुरुषोत्तम मेघवाल के निर्देश पर उप प्राचार्य महावीर मीणा, वरिष्ठ अध्यापक जमनालाल और कनिष्ठ सहायक सुनीता देवी की टीम आमली पहुंची। टीम ने भवन का अवलोकन कर प्रधानाध्यापक से चर्चा की और ग्रामीणों के बयान भी दर्ज किए। इसके बाद पूरी रिपोर्ट तैयार कर उच्चाधिकारियों को भेज दी गई है। अधिकारियों ने कहा कि जो भी निर्देश मिलेंगे, उनकी पालना की जाएगी।</p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 04 Oct 2025 15:50:55 +0530</pubDate>
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                <title>पुलिस चौकी : कही प्लास्टर उखड़ा तो कही गिरेगा छज्जा</title>
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                        <![CDATA[पुलिस चौकी से आसपास सटे हुए मकानों में रहने वाले कस्बेवासियों को हादसे का भय बना रहता है। ]]>
                    </description>
                
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jhalawar/police-post--plaster-is-peeling-off-somewhere-and-balcony-will-fall-somewhere/article-122200"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-07/1ne1ws-(7)1.png" alt=""></a><br /><p>खानपुर। खानपुर कस्बे के अंदर पुराने भवन में स्थित पुलिस चौकी जर्जर हालत में है। यह अभी इतनी जर्जर अवस्था में है कि कभी गिर सकती है। यहां पर आसपास कस्बेवासी व छोटे बच्चे पुलिस चौकी के सामने से निकलते है और कभी कभी सड़क पर साइकिल चलाते है और खेलते है । इन बच्चों के साथ कभी भी दुर्घटना हो सकती है। यह जर्जर इमारत कभी भी गिर सकती है। बिल्डिंग के ऊपर की मंजिल का छज्जा तो बिल्कुल झुक गया है जो आज और कल में कभी भी गिर सकता है, जब से यह पुलिस चौकी बनी है तब से इसकी कोई मरम्मत नहीं हुई है। पुलिस चौकी के अंदर एक छोटा सा गणेश मंदिर भी है जिसमें कभी-कभी कोई पूजा करने आते हैं तो उनके साथ भी दुर्घटना हो सकती है। पुलिस चौकी से आसपास सटे हुए मकानों में रहने वाले कस्बेवासियों को हादसे का भय सताता रहता है। अभी झालावाड़ जिले में खानपुर क्षेत्र में लगातार मूसलाधार बारिश के कारण बड़े-बड़े पक्के मकान गिर गए तो यह पुरानी पुलिस चौकी क्या है, यह जर्जर इमारत कभी भी गिर सकती है और बड़ा हादसा हो सकता है। इस हादसे से बचने के कस्बेवासियों ने मांग की है कि जल्द से जल्द इस जर्जर पुलिस चौकी इमारत की मरम्मत करवाई जाए। </p>
<p> यह पुलिस चौकी काफी सालों पुरानी है। यह इतनी जर्जर अवस्था में पहुंच चुकी है कि इस मूसलाधार बारिश में कभी भी गिरने का खतरा बना हुआ है, अत: कृपया इस पर ध्यान दे। <br /><strong> -बंटी गौतम, कस्बेवासी </strong></p>
<p>इस पुलिस चौकी को बने हुए तो काफी समय हो गया है। इसकी कोई पुताई होती है ना ही कोई मरम्मत । जिस कारण कस्बेवासियों में भय का माहौल है। यह बिल्डिंग कभी गिर सकती है । <br /><strong>-हेमेंद्र बना, कस्बेवासी</strong></p>
<p>पुरानी पुलिस चौकी वास्तव में काफी जर्जर हालत में है। अभी बारिश के मौसम में जर्जर इमारतों में हादसों को भय बना रहता है। <br /><strong>- मुकेश मालव, कस्बेवासी</strong></p>
<p>पुलिस चौकी के सामने से कस्बेवासी निकलते है तो जर्जर इमरात गिरने का भय बना रहता हैजल्द जल्द समस्या का समाधान करें <br /><strong>- राधे, कस्बेवासी</strong></p>
<p>मेरा मकान भी पुलिस चौकी के नजदीक है और मेरे एक छोटी सी किराने की दुकान है, यहां पर ग्राहक सामान लेने आते हैं वह जाते हैं कभी कबार उनको परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। ग्राहकों को भी दुर्घटना का भय बना रहता है। इस जर्जर इमारत की मरम्मत की जाए।<br /><strong>-गिरधर लक्षकार, कस्बेवासी </strong></p>
<p>आसपास के मोहल्ले वासियों में डर बना हुआ है कि यह जर्जर पुलिस चौकी इमारत से कोई हादसा न हो जाए। इसकी मरम्मत करवाई जाए। <br /><strong>-केशव लक्षकार, कस्बेवासी  </strong></p>
<p>इस इमारत को लेकर अभी बजट पास नहीं हुआ है जैसे ही बजट पास होगा, तुरंत कार्य करवा दिया जाएगा। <br /><strong>- रजत विजयवर्गीय, उपखंड अधिकारी खानपुर</strong></p>
<p>पुलिस चौकी की जर्जर हालत को देखते हुए कार्यवाही की जाएगी और इसकी मरम्मत की जाएगी। <br /><strong>-पुखराज मीणा नगर पालिका आयुक्त खानपुर</strong></p>
<p>पुलिस चौकी पर हमने कस्बे की कानून व्यवस्था के लिए ड्यूटी तैनात कर रखी है अभी इसी में काम चल रहा है, जैसे ही नई बनेगी, वहां पर स्टाफ बढ़ा दिया जाएगा। <br /><strong>-रविंद्र सिंह थाना अधिकारी खानपुर</strong></p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>झालावाड़</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 31 Jul 2025 17:47:01 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>असर खबर का - सब्जीमंडी फायर स्टेशन की होगी मरम्मत </title>
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                        <![CDATA[बरसात होने पर छत में पानी भरने से फायरमेन व गोताखोर के रेस्ट रूम में पानी भी टपक रहा है।]]>
                    </description>
                
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/effect-of-the-news---sabzimandi-fire-station-will-be-repaired/article-121942"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-07/fjff.png" alt=""></a><br /><p>कोटा । नगर निगम कोटा उत्तर के जर्जर सब्जीमंडी फायर स्टेशन की मरम्मत होगी। इसके लिए निगम के निर्माण अनुभाग ने काम भी शुरु कर दिया है।  निगम के फायर स्टेशन का भवन करीब 35 से 40 साल पुराना है। जिससे इस भवन का अधिकतर हिस्सा जर्जर हो चुका है। कुछ समय पहले इसके ऊपरी हिस्से में प्लास्टर भी गिर गया था। वहीं बरसात होने पर छत में पानी भरने से फायरमेन व गोताखोर के रेस्ट रूम में पानी भी टपक रहा है। ऐसे में नगर निगम कोटा उत्तर के निर्माण अनुभाग द्वारा फायर स्टेशन की मरम्मत करवाई जाएगी।  बरसात के कारण गत दिनों झालावाड़ के सरकारी स्कूल की छत ढहने से 7 बच्चों की मौत हो गई थी। उसके बाद से प्रशासन व सरकार जर्जर भवनों के प्रति अधिक हरकत में आई है।</p><p><strong>नवज्योति ने किया था मामला प्रकाशित</strong><br />शहर के सरकारी भवनों की जर्जर हालत का मामला दैनिक नवज्योति ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था। समाचार पत्र में 27 जुलाई को पेज दो पर प्रकाशित समाचार सिर पर मंडरा रहा हादसे का खतरा शीर्षक से प्रकाशित किया था। जिसमें सब्जीमंडी फायर स्टेशन की जर्जर हालत को भी बताया गया था।  समाचार प्रकाशित होने के बाद ही निगम प्रशासन हरकत में आया। निगम अधिकारियों ने तुरंत ही भवन की मरम्मत के लिए निर्माण सामग्री व श्रमिकों को मौके पर भेजकर काम भी शुरु करवा दिया है।  नगर निगम कोटा उत्तर के सीएफओ राकेश व्यास ने बताया कि फायर स्टेशन की समय-समय पर मरम्मत करवाई जाती रही है। लेकिन बरसात में पानी टपकने व प्लास्टर की जगह पर मरम्मत के लिए निगम ने मेटेरियल व श्रमिक भेज दिए थे। लेकिन बरसात होने से काम नहीं हो सका है। मरम्मत का काम जल्दी पूरा कर लिया जाएगा। </p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 29 Jul 2025 16:41:34 +0530</pubDate>
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