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                <title>निर्माण कार्यों के पैकेज बनाने की लेनी होगी अनुमति, पीडब्ल्यूडी ने दिए सतर्कता बरतने के निर्देश</title>
                                    <description><![CDATA[ सार्वजनिक निर्माण विभाग ने निर्माण कार्यों को लेकर महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/permission-will-have-to-be-allowed-to-make-package-of/article-121028"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-07/pwd.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। सार्वजनिक निर्माण विभाग ने निर्माण कार्यों को लेकर महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। विभाग के मुख्य अभियंता की ओर  से जारी आदेश में अधिकारियों को निर्माण कार्यों की पैकेजिंग के दौरान सतर्कता बरतने और नियमों की सख्ती से पालना करने के निर्देश दिए गए हैं।</p>
<p>आदेश में कहा गया है कि स्वीकृत कार्यों की निविदाओं के पैकेज नहीं बनाए जाएं। यदि किसी परिस्थिति में पैकेज बनाना आवश्यक हो तो इसके लिए मुख्य अभियंता कार्यालय की पूर्वानुमति लेना अनिवार्य होगा। इसके तहत एक उपखण्ड के कार्य क्षेत्र में ही कार्यों का पैकेज बनाना सुनिश्चित किया जाए।</p>
<p>यह निर्देश हाल ही में देखी गई अनियमितताओं और संसाधनों के असमान वितरण को ध्यान में रखते हुए जारी किए गए हैं। इससे निर्माण कार्यों की पारदर्शिता बनी रहेगी और कार्यों में तेजी के साथ-साथ गुणवत्ता भी सुनिश्चित की जा सकेगी। सभी सम्बंधित अधिकारियों को निर्देशों की पालना सुनिश्चित करने को कहा गया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 19 Jul 2025 14:01:07 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>एकल पट्टा प्रकरण में तत्कालीन आईएएस अधिकारी को लेकर पूर्व में पेश रिवीजन याचिका को वापस लेने की दी अनुमति</title>
                                    <description><![CDATA[ राजस्थान हाईकोर्ट ने एकल पट्टा प्रकरण में तत्कालीन आईएएस अधिकारी जीएस संधू और 2 अन्य निष्काम दिवाकर व ओंकारमल सैनी को लेकर राज्य सरकार की ओर से पूर्व में पेश रिवीजन याचिका को वापस लेने की अनुमति दे दी है]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/permission-to-withdraw-revision-petition-submitted-earlier-on-the-then/article-113894"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-05/441.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने एकल पट्टा प्रकरण में तत्कालीन आईएएस अधिकारी जीएस संधू और 2 अन्य निष्काम दिवाकर व ओंकारमल सैनी को लेकर राज्य सरकार की ओर से पूर्व में पेश रिवीजन याचिका को वापस लेने की अनुमति दे दी है। ऐसे में अब प्रकरण में तीनों अधिकारियों के खिलाफ एसीबी कोर्ट में सुनवाई चलेगी।</p>
<p>दूसरी ओर अदालत ने मामले में सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी करने वाले आरटीआई कार्यकर्ता अशोक पाठक को इंटर विनर बना लिया है। सीजे एमएम श्रीवास्तव की एकलपीठ ने यह आदेश राज्य सरकार और अशोक पाठक के प्रार्थना पत्रों पर सुनवाई करते हुए। अदालत ने दोनों प्रार्थना पत्रों पर गत दिनों सुनवाई पूरी कर फैसला सुरक्षित रख लिया था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 12 May 2025 18:40:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सीजेडए की अनुमति के बावजूद अभी तक स्नेक  पार्क में नहीं आए सर्प </title>
                                    <description><![CDATA[इस स्नेक पार्क को बनाने का मकसद यहां देशी विदेशी प्रजाति के सर्प लाना है। 
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/despite-the-permission-of-cza--snakes-have-not-come-to-the-snake-park-yet/article-92655"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-10/4427rtrer-(4)6.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। राज्य का पहला स्नेक पार्क कोटा में बनकर तैयार हो चुका है और केन्द्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण(सीजेडए) द्वारा इसे शुरू करने की अनुमति भी दे दी है। करीब दस माह पहले मिली अनुमति के बावजूद अभी तक स्नेक पार्क में सर्प नहीं आ सके है। नगर विकास न्यास की ओर से बूंदी रोड पर हर्बल पार्क के पास स्नेक पार्क का निर्माण किया गया है। यह रा’य का पहला स् नेक पार्क है। जिस तैयार हुए तो करीब दो साल से अधिक हो गए है। लेकिन यहां अभी तक भी विभिन्न प्रजातियों के सर्प नहीं आ सके है। </p>
<p><strong>मेडिकल, रेप्टाइल साइंस व शोधार्थियों को लाभ</strong><br />सर्प विशेषज्ञ डॉ विनीत महबिया ने बताया कि इस स्नेक पार्क को बनाने का मकसद यहां देशी विदेशी प्रजाति के सर्प लाना है। जिससे  मेडिकल, रेप्टाइल साइंस व शोधार्थियों को लाभ मिलेगा। उन्हें यहां अलग-अलग प्रजाति के सर्प के बारे में जानने व रिसर्च करने का मौका मिलेगा। इसके लिए यहां लैब व सांपों को रखने का वातावरण भी तैयार किया गया है। </p>
<p><strong>7.42 करोड़ की लागत से तैयार</strong><br />बरसों से कोटा में स्नेक पार्क बनाए जाने की मांग की जा रही थी। जिसके लिए रा’य सरकार ने 10 करोड़ रुपए का बजट स्वीकृत किया था। उसमें से 7.42 करोड़ रुपए की लागत से इस पार्क का निर्माण कराया गया। करीब 9290 वर्ग फीट में दो मंजिला इस पार्क में देशी विदेशी प्रजापति के सर्प लाने है।  शुरुआत में तो केन्द्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण से पार्क शुरू करने की अनुमति नहीं मिलने से इसे शुरू नहीं किया जा सका था। लेकिन विधानसभा चुनाव खत्म होने के बाद दिसम्बर 2023 में सीजेडए से इसे शुरू करने की अनुमति भी मिल गई थी। उसके बाद न्यास अधिकारियों का कहना था कि नए साल में इस पार्क के शुरू होने से शहर वासियों को सौगात मिल जाएगी। लेकिन हालत यह है कि साल बीतने को है अभी तक तो यहां एक भी सांप नहीं आया है। </p>
<p><strong>33 प्रजातियों के आने हैं सर्प</strong><br />महोबिया ने बताया कि इस स् नेक पार्क में 33 प्रजातियों के सांप आने है। जिनमें से 29 देसी व 4 विदेशी प्रजाति के सर्प शामिल है। उन सर्प को देशभर के विभिन्न बायोलोजिकल व स् नेक पार्क से यहां लाया जाएगा। इसके लिए सीजेडए से अनुमति भी मिल गई है। लेकिन फिलहाल यह शुरू नहीं हो सका है। </p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />बूंदी रोड पर हर्बल पार्क के पास स् नेक पार्क बनकर तैयार हो गया है। दिसम्बर 2023 में इसे सीजेडए की अनुमति भी मिल गई है। इसे शुरू करने के लिए यहां विभिन्न प्रजातियों के सर्प लाए जाने है। उसकी प्रक्रिया सक्षम स्तर पर चल रही है। जैसे ही वह प्रक्रिया पूरी होगी वैसे ही इसे शुरू कर दिया जाएगा। <br /><strong>- अंकित अग्रवाल, एक्सईएन कोटा विकास प्राधिकरण</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 09 Oct 2024 16:39:08 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कोयला संकट पर बोले भाटी: छत्तीसगढ़ सरकार से अभी नहीं मिली इजाजत</title>
                                    <description><![CDATA[जयपुर। पीसीसी मंत्री दरबार में पहुंचे ऊर्जा मंत्री भंवर सिंह भाटी  बिजली संकट पर कहां की अभी कोयले से संबंधित दिक्कतें हैं। केंद्र सरकार से हमें छत्तीसगढ़ में 2 कोल ब्लॉक आवंटित हुए हैं लेकिन छत्तीसगढ़ सरकार से अनुमति नहीं मिलने के कारण हम उन्हें अभी शुरू नहीं कर पाए। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/bhati--said--coal-crisis--permission--not--yet--received--from--chhattisgarh--government/article-13597"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-07/bhanwar.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। पीसीसी मंत्री दरबार में पहुंचे ऊर्जा मंत्री भंवर सिंह भाटी  बिजली संकट पर कहा की अभी कोयले से संबंधित दिक्कतें हैं। केंद्र सरकार से हमें छत्तीसगढ़ में 2 कोल ब्लॉक आवंटित हुए हैं लेकिन छत्तीसगढ़ सरकार से अनुमति नहीं मिलने के कारण हम उन्हें अभी शुरू नहीं कर पाए। हम छत्तीसगढ़ सरकार से बात कर रहे है। हमारे अधिकारी 3 दिन के लिए छत्तीसगढ़ गए थे। छत्तीसगढ़ कोयला खदान के आसपास स्थानीय आदिवासियों का जन विरोध जारी है इस वजह से छत्तीसगढ़ सरकार भी अभी अनुमति देने में असमर्थता जता रही है। हम कोशिश कर रहे हैं राजस्थान को आवंटित कोल ब्लॉक को काम करने की इजाजत मिले। हमने कोल इंडिया लिमिटेड से भी अतिरिक्त कोयले की मांग की है। भारत सरकार से हमे सहयोग नही मिला है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 04 Jul 2022 16:53:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हाईकोर्ट ने दुष्कर्म पीड़िता को दी गर्भपात की अनुमति</title>
                                    <description><![CDATA[हाईकोर्ट ने दुष्कर्म के चलते गर्भवती हुई नाबालिग लड़की को भ्रूण के गर्भपात की अनुमति दी है। भ्रूण को डीएनए जांच के लिए सुरक्षित रखने को कहा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur-high-court-give-permission-of-girl/article-11160"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/46546465465.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। हाईकोर्ट ने दुष्कर्म के चलते गर्भवती हुई नाबालिग लड़की को भ्रूण के गर्भपात की अनुमति दी है। भ्रूण को डीएनए जांच के लिए सुरक्षित रखने को कहा है। कोर्ट ने यह आदेश पीड़िता की याचिका पर दिए। याचिका में कहा कि याचिकाकर्ता के पड़ोस में रहने वाले आरोपी ने उसे घर में अकेला देखकर दुष्कर्म किया। उसने थाने में रिपोर्ट भी दी थी।</p>
<p>दुष्कर्म के चलते वह गर्भवती हो गई। यदि बच्चा हुआ, तो उसे सामाजिक और मानसिक प्रताड़ना झेलनी पड़ेगी। इसके अलावा संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत होने वाले बच्चे से ज्यादा अधिकार पीड़िता का हैं। ऐसे में उसे गर्भपात की अनुमति दी जाए। इस पर सुनवाई करते हुए एकलपीठ ने याचिकाकर्ता को गर्भपात की अनुमति दी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur-high-court-give-permission-of-girl/article-11160</link>
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                <pubDate>Fri, 03 Jun 2022 12:05:12 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भ्रष्टाचार मामलों में उच्च अधिकारी की अनुमति के बाद ही लोकसेवक से पूछताछ कर सकेगी एसीबी</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान में भ्रष्टाचार के मामलों में किसी अफसर या कार्मिक से पूछताछ करने से पहले एसीबी को अब संबंधित प्रशासनिक अधिकारी से अनुमति लेनी होगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur-acb-will-have-take-permission-from-officer-before-inquiry/article-10632"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/news-copy.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान में भ्रष्टाचार के मामलों में किसी अफसर या कार्मिक से पूछताछ करने से पहले एसीबी को अब संबंधित प्रशासनिक अधिकारी से अनुमति लेनी होगी। गृह विभाग ने भ्रष्टाचार निवारण(संशोधन) अधिनियम में केन्द्र की एसओपी को राज्य में लागू करने के दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। एसओपी में एसीबी और लोक सेवकों के स्तरों का निर्धारण कर दिया है। मध्यप्रदेश, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, मिजोरम, पंजाब सहित अन्य राज्य केन्द्र की एसओपी को पहले ही लागू कर चुके हैं। जारी एसओपी अनुसार किसी मंत्री, विधायक, जनप्रतिनिधि, अधिकारी या कर्मचारी के सरकारी कार्यों के दौरान भ्रष्टाचार की शिकायतें एसीबी को मिलती है, तो पूछताछ और जांच के लिए पहले निर्धारित फॉर्मेट में संबंधित प्रशासनिक विभाग के सक्षम अधिकारी से अनुमति लेनी होगी। मंजूरी के बाद ही एसीबी जांच कर सकेगी। शिकायतों पर पूछताछ और जांच के लिए लोकसेवकों के लेवल भी निर्धारित कर दिए गए हैं। यह एसओपी ट्रेप के प्रकरणों में लागू नहीं होगी।</p>
<p><strong>इनसे लेनी होगी अनुमति</strong><br />मंत्री, विधायक, सातवें वेतन आयोग के तहत पे लेवल 15 और इससे ऊपर के लोक सेवक, विभिन्न बोर्ड, आयोग, निगम तथा राजनीतिक इकाइयों के चेयरमैन तथा सदस्यों से एसीबी में कार्यरत पुलिस महानिदेशक या इसके समकक्ष स्तर के अधिकारी ही सक्षम प्राधिकारी के स्तर से अनुमति प्राप्त करने के बाद पूछताछ और जांच कर सकेंगे। इसी प्रकार पे लेवल 21 से 24 तक के लोक सेवकों से पूछताछ के लिए एसीबी के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक या इसके समकक्ष अधिकारी ही सक्षम स्तर से अनुमति प्राप्त कर पूछताछ और जांच कर सकेंगे। राज्य सेवा के अधिकारियों के पे लेवल 12 से 20 तक के लोक सेवकों से पूछताछ तथा जांच के लिए पुलिस महानिरीक्षक या पुलिस उप महानिरीक्षक या समकक्ष स्तर के अधिकारी तथा अधीनस्थ, मंत्रालयिक और चतुर्थ श्रेणी के लोक सेवकों से पूछताछ एवं जांच के लिए पुलिस अधीक्षक, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक या उप पुलिस अधीक्षक स्तर के अधिकारी को संबंधित प्रशासनिक विभाग के सक्षम प्राधिकारी के स्तर से अनुमति प्राप्त करनी होगी। <br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 28 May 2022 11:49:29 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> ज्ञानवापी मस्जिद में पूजा अनुमति की याचिका जिला जज को स्थानांतरित करने के पीछे की कहानी</title>
                                    <description><![CDATA[उच्चतम न्यायालय ने विवादित ज्ञानवापी मस्जिद के अंदर 'श्रृंगार गौरी' की पूजा की अनुमति संबंधी याचिकाओं को वाराणसी के सिविल न्यायालय (सीनियर डिवीजन) से जिला न्यायाधीश के पास शुक्रवार को स्थानांतरित करने का आदेश दिया। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/-story-behind-transferring-the-petition-for-permission-to-worship-at-gyanvapi-masjid-to-the-district-judge/article-10130"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/sc1.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने विवादित ज्ञानवापी मस्जिद के अंदर 'श्रृंगार गौरी' की पूजा की अनुमति संबंधी याचिकाओं को वाराणसी के सिविल न्यायालय (सीनियर डिवीजन) से जिला न्यायाधीश के पास शुक्रवार को स्थानांतरित करने का आदेश दिया। न्यायालय ने स्थानांतरण आदेश के साथ-साथ इस मामले में प्राथमिकता के आधार पर फैसला लेने को कहा है।न्यायमूर्ति डी. वाई. चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ संबंधित पक्षों की दलीलें सुनने के बाद याचिकाओं को स्थानांतरित करने के साथ-साथ विवादित स्थल की सुरक्षा संबंधी अपने पूर्व के अंतरिम आदेश को बरकरार रखने का  आदेश दिया।<br /><br />शीर्ष अदालत ने विवादित स्थल पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम के साथ-साथ नमाज पढऩे वालों के लिए समुचित इंतजाम करने का जिला अधिकारी को निर्देश दिया। अदालत ने संबंधित पक्षों से विचार विमर्श कर नमाजियों के लिए व्यवस्था करने का निर्देश दिया। पीठ ने गत मंगलवार को जारी अपने अंतरिम आदेश में वाराणसी के काशी विश्वनाथ मंदिर परिसर से सटे ज्ञानवापी मस्जिद परिसर में उस क्षेत्र की रक्षा करने का राज्य सरकार को निर्देश दिया था, जहां हिंदू पक्ष के अनुसार एक 'शिवलिंग' पाया गया था।शीर्ष अदालत ने यह भी कहा था कि किसी भी मुसलमान को ज्ञानवापी मस्जिद में 'नमाज' अता करने से न तो रोका जाएगा और न ही कोई बाधा उत्पन्न की जाएगी।<br /><br />मस्जिद पक्ष के वकील एच. अहमदी ने निचली अदालत में पेश की गई सर्वेक्षण रिपोर्ट के सार्वजनिक होने पर आपत्ति जताई। उन्होंने सर्वे के बाद इलाके को सील करने के कारण नमाज पढऩे में आ रही मुश्किलों का जिक्र करते हुए मस्जिद में 500 वर्षों से चली आ रही स्थिति बरकरार रखने का अनुरोध सर्वोच्च अदालत से किया। अदालत ने उनकी दलीलें सुनने के बाद जिला अधिकारी को  आदेश दिया संबंधित पक्षों से विचार-विमर्श के बाद नमाज करने वालों के लिए समुचित व्यवस्था करें।याचिकाकर्ता राखी सिंह के नेतृत्व में पांच महिलाओं ने ज्ञानवापी मस्जिद के अंदर पूजा करने की अनुमति के लिए निचली अदालत में याचिका दायर की थी। इन महिलाओं ने वाराणसी में  ज्ञानवापी मस्जिद परिसर में श्रृंगार गौरी मंदिर होने की मान्यता का हवाला देते हुए वहां  पूजा की अनुमति के लिए अदालत से गुहार लगाई थी।शीर्ष अदालत इस मामले पर अगली सुनवाई गर्मी की छुट्टियों के बाद करेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/-story-behind-transferring-the-petition-for-permission-to-worship-at-gyanvapi-masjid-to-the-district-judge/article-10130</link>
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                <pubDate>Fri, 20 May 2022 19:02:24 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>खनिज विभाग व पंचायत की अनुमति के बिना बेच दी चारागाह भूमि</title>
                                    <description><![CDATA[रामगंजमंडी की ग्राम पंचायत खैराबाद के सरपंच द्वारा खैराबादकी चारागाह भूमि पर अवैध रूप से खनन कर हजारों टन मिट्टी खोदकर रेलवे ठेकेदार को रेलवे ट्रेक बनाने के लिए बेचने तथा सरकार को करोड़ों रुपए के राजस्व का नुकसान पहुंचाने का मामला सामने आया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/pasture-land-sold-without-permission-of-mineral-department-and-panchayat/article-9692"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/khanij-vibhag-charagaah-bhumi.jpg" alt=""></a><br /><p> रामगंजमंडी। रामगंजमंडी की ग्राम पंचायत खैराबाद के सरपंच द्वारा खैराबादकी चारागाह भूमि पर अवैध रूप से खनन कर हजारों टन मिट्टी खोदकर रेलवे ठेकेदार को रेलवे ट्रेक बनाने के लिए बेचने तथा सरकार को करोड़ों रुपए के राजस्व का नुकसान पहुंचाने का मामला सामने आया है।<br /><br />मामले में खैराबाद के जागरूक ग्रामीणों ने उपखण्ड अधिकारी विनोद मीणा को ज्ञापन देकर चारागाह भूमि को खोदकर बर्बाद करने वाले दोषी लोगों के खिलाफ कार्यवाही करने की मांग की है। ज्ञापन में बताया कि खसरा नं. 552 जो कि ग्राम पंचायत रिकॉर्ड में चारागाह के नाम पर दर्ज है, उस भूमि से मिट्टी खोदकर ग्राम पंचायत ने बेच दी। जिससे चारागाह भूमि का स्वरूप बिगड़ गया। पंचायत ने अवैध खनन कर करोड़ों के राजस्व का चूना लगाया है। समूचे प्रकरण की जांच की मांग की है। जानकारी के अनुसार गुजरात की रोबोट कंस्ट्रक्शन कम्पनी ने मिट्टी खरीदकर रेलवे को बेच दी है। उससे रामगंजमंडी सुभाष कॉलोनी से मोड़क के पास तक का रेलवे ट्रेक तैयार किया जा रहा है। हजारों टन मिट्टी सप्लाई की जा चुकी है।<br /><br /><strong>नहीं ली ग्राम पंचायत व खनिज विभाग की स्वीकृति</strong><br />ग्राम पंचायत खैराबाद द्वारा जो खनन कार्य मिट्टी खोदकर किया है, वह गैर कानूनी श्रेणी में आता है। इसमें न तो ग्राम पंचायत की स्वीकृति ली गई है और न ही खनिज विभाग की एसटीपी ली।<br /><br /><strong>आए दिन अवैध खनन के आ रहे मामले</strong><br />रामगंजमंडी में खनिज अभियन्ता कार्यालय है। खनिज अभियन्ता बैठते हैं। दो फोरमेन भी हैं। फिर भी यहां आए दिन अवैध खनन के मामले सामने आ रहे हैं। <br /><br /><strong>खनिज विभाग की अनुमति अनिवार्य</strong><br />खैराबाद में खोदा गया गड्डा 30 फिट गहरा है। इतने गहरे खनन की इजाजत खनिज विभाग से लेना अनिवार्य है। उन्होंने हजारों टन मिट्टी खुदाई के मामले में अपना पक्ष भी नहीं रखा। बात करने पर मीटिंग में होने का हवाला दिया। <br /><br /><strong>ज्ञापन देने वालों में यह रहे शामिल</strong><br />ज्ञापन देने वालों में सरफराज, शाहिद भाई, शाकिर, सद्दाम, इरशाद, अनवर, आबिद सहित कई ग्रामवासी शामिल रहे। <br /><br />मिट्टी खुदाई की इजाजत ग्राम पंचायत द्वारा नहीं दी गई है। ग्राम पंचायत सरपंच द्वारा ही स्वीकृति जारी की गई है। इस स्वीकृति में मेरे हस्ताक्षर नहीं हैं।<strong>-छोटूलाल, सचिव, पंचायत समिति, खैराबाद</strong><br /><br />उक्त मामले की जांच पूर्व में भी कर चुकी हूं। खसरा नं. 552 चारागाह की भूमि है। इसमें न तो खनिज विभाग की एसटीपी है और न ग्राम पंचायत का अनापत्ति प्रमाण पत्र। सरपंच ने स्वंय एनओसी दी है। तहसीलदार के निर्देश पर पुन: जांच कर रही हूं। <strong>-प्रियंका, पटवारी, खैराबाद</strong><br /><br />उपखण्ड अधिकारी को चारागाह भूमि पर किए मिट्टी खुदाई कार्य की जांच हल्का पटवार खैराबाद को दे दी गई है। कितने टन मिट्टी खुदाई हुई है सारी जांच की जाएगी। <strong>-भारत सिंह, तहसीलदार, रामगंजमंडी</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 13 May 2022 15:44:17 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एसीबी को विधायक-एमपी पर कार्रवाई की छूट दें सरकार: गुलाबचंद कटारिया</title>
                                    <description><![CDATA[सीएम गहलोत का जाना तय: कटारिया]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur-news--government-should-give-permission-to-acb-to-act-on-mla-mp--gulabchand-kataria/article-8582"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-04/gulab-ji.jpg" alt=""></a><br /><p><br /> जयपुर। नेता प्रतिपक्ष गुलाब चंद कटारिया ने अलवर कलक्टर रहे आईएएस नन्नूमल पहाड़िया पर एसीबी की कार्रवाई के बाद एक बयान जारी कर कहा है कि अधिकारी रिश्वत लेते पकड़े जा रहे हैं। विधायक-सांसद को लूट देने के लिए छोड़ रखा है। जितने भी जनप्रतिनिधि, विधायक, सांसद हैं उन पर भी कार्रवाई की छूट एससीबी को दें। उन्हें भी एसीबी ट्रैप करें। इसके अलावा उन्होंने सीएम के खुद का इस्तीफा सोनिया गांधी के पास होने के बयान पर कहा है कि बहुत पहले ही सोनिया गांधी को अपना त्यागपत्र दे दिया था। इतने दिनों बाद इस बात को उजागर कर रहे हैं। इसका मतलब है कि उनका जाना तय है। वे अब अपनी झेंप मिटाने के लिए ऐसा कह रहे हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 25 Apr 2022 16:04:46 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>प्रदेश में अब बिना अनुमति के नहीं किए जा सकेंगे धार्मिक आयोजन</title>
                                    <description><![CDATA[ प्रदेश में अब बिना अनुमति के किसी भी प्रकार के धार्मिक आयोजन नहीं किए जा सकेंगे। माना जा रहा है कि राज्य सरकार ने करौली के हादसे के बाद यह बड़ा फैसला लिया है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/religious-event-will-no-longer-be-in-state-without-permission/article-7648"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-04/465654645.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। प्रदेश में अब बिना अनुमति के किसी भी प्रकार के धार्मिक आयोजन नहीं किए जा सकेंगे। माना जा रहा है कि राज्य सरकार ने करौली के हादसे के बाद यह बड़ा फैसला लिया है। गृह विभाग ने दिशा-निर्देश जारी किए है। इसके अनुसार राजस्थान में अब धार्मिक, त्योहार, जयंती, शोभा यात्रा, प्रदर्शन, सार्वजनिक कार्यक्रम और जुलूस बिना अनुमति के नहीं निकाले जा सकेंगे। सार्वजनिक कार्यक्रम, शोभायात्रा, प्रदर्शन के सम्बन्ध में आयोजकों को उपखंड अधिकारी, अतिरिक्त जिला कलक्टर और प्राधिकृत अधिकारी से मंजूरी लेनी होगी। मंजूरी के लिए निर्धारित प्रारूप में संबंधित अधिकारी को प्रार्थना-पत्र व शपथ-पत्र पेश करना होगा। अधिकारी प्रार्थना-पत्र के तथ्यों का सम्बन्धित थानाधिकारी से सत्यापन करवाएंगे। प्रार्थना-पत्र को निस्तारित करते समय पुलिस महानिदेशक की ओर से जारी निर्देशों में वर्णित बिन्दुओं एवं समय-समय पर इस विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों को ध्यान में रखेंगे। सक्षम अधिकारी ऐसे सार्वजनिक कार्यक्रम के प्रार्थना-पत्र को निस्तारित करते समय राजस्थान ध्वनि नियंत्रण नियम 1964 के प्रावधानों को भी ध्यान में रखेंगे। कार्यक्रम की स्वीकृति निर्धारित प्रारूप में देंगे। अधिकारी सार्वजनिक कार्यक्रम के लिए प्राप्त प्रार्थना-पत्र की निस्तारण की सूचना सम्बन्धित जिला कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक, उपायुक्त को देंगे। दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करने पर आईपीसी 1860 की धारा 188 के तहत कार्रवाई की जाएगी।</p>
<p><strong>नहीं बदला जाएगा मार्ग</strong><br />जिस मार्ग पर आयोजन के गुजरने की अनुमति प्राप्त हुई है, उस मार्ग का ही प्रयोग किया जाएगा। प्रदर्शन को नियंत्रित करने के लिए प्रत्येक जंक्शन पर स्वयं सेवक कार्यकर्ता तैनात किए जाएंगे। आयोजन में कोई उत्तेजनात्मक या किसी की धार्मिक या अन्य भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले कृत्य नहीं किए जाएंगे। आयोजन से राज्य सरकार या किसी व्यक्ति को कोई वित्तीय, मानसिक और शारीरिक क्षति होती है, तो उसके लिए पूर्ण रूप से जिम्मेदारी ली जाएगी।</p>
<p><strong>दो महीने में ये होंगे आयोजन</strong><br />राज्य के विभिन्न जिलों में 2 माह में विभिन्न मेले, त्योहार, पर्व एवं जयंतियों, रामनवमी, नवरात्रा, हनुमान, महावीर जयन्ती आदि के दौरान विभिन्न स्थानों पर कई कार्यक्रम, जुलूस और शोभा यात्राओं का आयोजन किया जाता है।</p>
<p><strong>देना होगा पूरा विवरण</strong><br />आयोजन के प्रकार, व्यक्तियों की संख्या बतानी होगी। गृह विभाग की ओर से जारी प्रोफार्मा के अनुसार आयोजक को अपने नाम, पता, मोबाइल नंबर, आधार कार्ड के साथ संस्था के नाम रजिस्ट्रीकरण की जानकारी देनी होगी। कार्यक्रम के आयोजन प्रकार जैसे धार्मिक सामाजिक उत्सव जुलूस राजनीतिक प्रदर्शन अन्य सार्वजनिक कार्यक्रमों की जानकारी देनी होगी। आयोजन शुरू होने से लेकर खत्म होने की तारीख व समय तथा कार्यक्रम में शामिल होने वालों की संख्या बतानी होगी। पांच दिन में आने वाले वीवीआईपी व्यक्तियों के नाम पद के साथ रैली जुलूस के गुजरने का मार्ग विवरण बताना होगा।<br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 09 Apr 2022 10:27:30 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
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                <title> CM के प्रयास रंग लाए: पारसा ईस्ट-कांटा बासन कोल ब्लॉक के द्वितीय चरण में उत्खनन की अनुमति मिली</title>
                                    <description><![CDATA[प्रदेश की थर्मल इकाइयों को कोयले की सुचारू आपूर्ति हो सकेगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/-chief-minister-ashok-gehlot-s-efforts-paid-off--permission-for-excavation-in-the-second-phase-of-parsa-east-kanta-basan-coal-block/article-6790"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/cm1.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राज्य की थर्मल इकाइयों को कोयला आपूर्ति को लेकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के प्रयास रंग लाए हैं। छत्तीसगढ़ सरकार ने राजस्थान राज्य विद्युत उत्पादन निगम को पारसा ईस्ट-कांटा बासन कोल ब्लॉक के द्वितीय चरण के तहत 1136 हेक्टेयर क्षेत्र में कोयला उत्खनन के लिए वन भूमि व्यपवर्तन की अनुमति दे दी है। अब प्रदेश की थर्मल इकाइयों को कोयले की सुचारू आपूर्ति हो सकेगी।<br /><br />मुख्यमंत्री गहलोत ने शुक्रवार को रायपुर जाकर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से मुलाकात की थी और राजस्थान को कोयले की सुचारू आपूर्ति के लिए राजस्थान राज्य विद्युत उत्पादन निगम को आवंटित कोल ब्लॉक में माइनिंग करने की स्वीकृति शीघ्र जारी करने का अनुरोध किया था। मुख्यमंत्री की  बघेल के साथ  बैठक के बाद छत्तीसगढ़ सरकार के वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग ने तत्काल प्रभाव से निर्णय लेते हुए पारसा ईस्ट-कांटा बासन कोल ब्लॉक के द्वितीय चरण में कोयला उत्खनन के लिए वन भूमि व्यपवर्तन की अनुमति प्रदान कर दी है। इस संबंध में छत्तीसगढ़ सरकार के वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अवर सचिव ने प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख, छत्तीसगढ़ को समुचित कार्यवाही करने के लिए पत्र लिखा है।<br /><br /><br />गौरतलब है कि भारत सरकार ने राजस्थान को वर्ष 2015 में छत्तीसगढ़ के पारसा ईस्ट-कांटा बासन (पीईकेबी) में 15 एमटीपीए तथा पारसा में 5 एमटीपीए क्षमता के कोल ब्लॉक आवंटित किए थे। पारसा ईस्ट-कांटा बासन कोल ब्लॉक के प्रथम चरण में खनन इस माह में पूरा हो चुका है। ऐसे में राजस्थान की विद्युत उत्पादन इकाइयों के लिए यहां से कोयले की आपूर्ति नहीं होने से राज्य में विद्युत संकट उत्पन्न होने की स्थिति बन गई थी।  गहलोत ने पर्यावरण संरक्षण और राजस्थान की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ़ सरकार से इस विषय पर जल्द समुचित सकारात्मक निर्णय लेने का आग्रह किया था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 26 Mar 2022 18:56:54 +0530</pubDate>
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                <title>ऐतिहासिक फैसला</title>
                                    <description><![CDATA[हिजाब न तो इस्लाम धर्म का अनिवार्य अंग है और न ही इसके न पहनने से किसी प्रकार के धार्मिक अधिकार का हनन होता है: HC]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/opinion/sectarian--historic-verdict--karnataka-high-court--while-dismissing-five-petitions-seeking-permission-to-wear-the-hijab-in-the-classroom--has-ruled-that-the-hijab-is-neither-a-mandatory-part-of-islam-nor-does-its-non-wearing-violate-any-religious-right/article-6303"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/hijab.jpg" alt=""></a><br /><p>कर्नाटक हाई कोर्ट ने कक्षा में हिजाब पहनने की अनुमति देने की अपील करने वाली पांच याचिकाओं को खारिज करते हुए फैसला दिया है कि हिजाब न तो इस्लाम धर्म का अनिवार्य अंग है और न ही इसके न पहनने से किसी प्रकार के धार्मिक अधिकार का हनन होता है। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि हिजाब न पहनने से निजता व शिक्षा के मूल अधिकार का हनन नहीं होता है। तीन न्यायाधीशों की पीठ ने कहा कि स्कूल वर्दी का नियम एक उचित पाबंदी है और संवैधानिक रूप से मान्य है। वर्दी के मामले में छात्राओं की आपत्ति उचित नहीं है। वास्तव में यह ऐसा रूढिवादीता फैसला है, जिसका मुस्लिम समाज के प्रगतिशील तबके को स्वागत करना चाहिए। यह एक ऐसा फैसला भी है, जिसके बाद हिजाब विवाद यहीं समाप्त हो जाना चाहिए, लेकिन लगता है ऐसा नहीं होगा क्योंकि याचिका दायर करने वाली छात्राओं के वकील ने कहा है कि मामले को सुप्रीम कोर्ट लेकर जाएंगे। दरअसल, कर्नाटक स्थित उड्डी के दो सरकारी प्री-यूनिवर्सिटी कॉलेजों की कुछ छात्राओं ने कॉलेज प्रबंधन द्वारा कक्षाओं में हिजाब पहनने पर रोक लगाने के खिलाफ अदालत में याचिका दायर की थी। इससे पहले फरवरी के मध्य में हिजाब विवाद को लेकर कर्नाटक में फिर पूरे देश में विवाद खड़ा हो गया। जब इस मामले का विरोध हुआ तो कुछ छात्र भगवा शॉल डालकर प्रदर्शन करने लगे। इस दौरान पांच राज्यों में हो रहे विधानसभा चुनावों में भी इस मुद्दे को लेकर राजनीति गर्म रही। तब इस विवाद के मूल में राजनीतिक निहितार्थ की बात कही गई। इसे लेकर मामले की सुनवाई कर रही पीठ ने भी कहा कि अकादमिक सत्र के बीच में अचानक यह मुद्दा क्यों उठा? लगता है कि इसके पीछे किसी का हाथ है। निस्संदेह, अशांति पैदा करने व सद्भाव को प्रभावित करने के लिए ऐसा किया गया। इस विवाद को लेकर आंदोलन में जगह-जगह पथराव, तोड़फोड़ की घटनाएं शुरू हो गईं। स्कूल-कॉलेज बंद तक करने की नौबत आ गई। धार्मिक स्वतंत्रता व निजता के अधिकार को लेकर बहस शुरू हो गई। लेकिन अंतत: अदालत ने इस सबसे इनकार कर दिया। लेकिन हिजाब की रस्म को जिस तरह मजहबी-चोला पहनाकर इस्लाम के मुल्ला व फतवा जारी करने वालों ने मुस्लिम महिलाओं के साथ न्याय नहीं किया। जबकि आज महिलाओं को सशक्त बनाने की जरूरत है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ओपिनियन</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 17 Mar 2022 13:03:58 +0530</pubDate>
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