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                <title>seminar - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष में योग संवाद सेमिनार, योग के महत्व और प्रभावों पर विचार किए साझा </title>
                                    <description><![CDATA[अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस – 2025 की तैयारियों के तहत योग संवाद पर एक काउंटडाउन सेमिनार का आयोजन  राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर, झालाना में आयोजित हुआ। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/yoga-dialogue-seminar-shared-on-the-importance-and-effects-of/article-115739"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-05/4.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। केंद्रीय संचार ब्यूरो एवं पत्र सूचना कार्यालय द्वारा अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस – 2025 की तैयारियों के तहत योग संवाद पर एक काउंटडाउन सेमिनार का आयोजन  राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर, झालाना में आयोजित हुआ। इस सेमिनार का विषय "योगा फॉर वन अर्थ, वन हेल्थ" निर्धारित किया।</p>
<p>कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं प्रमुख वक्ता प्रसिद्ध योगाचार्य ढाकाराम ने योग के वैश्विक महत्व और इसके प्रभावों पर विचार साझा किए। उनके साथ ही राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान, जयपुर के सहायक प्रोफेसर डॉ. पुनीत चतुर्वेदी तथा ‘बेजिक फूड’ की सह-संस्थापक सुश्री तनुश्री सिंह भी योग के स्वास्थ्य व पर्यावरण पर प्रभाव को लेकर अपने विचार प्रकट किए।</p>
<p>इस अवसर पर कार्यक्रम की अध्यक्षता पत्र सूचना कार्यालय की अपर महानिदेशक  ऋतु शुक्ला ने कहा कि योग ने पूरी दुनिया में बदलाव लाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने योग को वैश्विक पहचान दिलाई है और आज पूरा विश्व योग की ओर आकर्षित हो रहा है। आयोजन योग के माध्यम से स्वस्थ जीवन शैली, मानसिक शांति और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में जन जागरूकता फैलाने का प्रयास है। सेमिनार में छात्र, शोधकर्ता, आयुष विशेषज्ञ एवं आम नागरिक भाग ले रहे है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 29 May 2025 15:47:41 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur PS]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>रेयर डिजीज इंडिया फाउंडेशन की ओर से आयोजित सेमिनार में एक्सपर्ट्स ने दी जानकारी, देश की चार प्रतिशत आबादी किसी न किसी दुर्लभ बीमारी से ग्रसित</title>
                                    <description><![CDATA[इस समय दुनिया में हर साल चार लाख बच्चे नए म्यूटेशन के साथ पैदा हो रहे हैं। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/experts-gave-information-in-a-seminar-organized-by-rare-disease/article-105938"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-03/pze-(11).png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। इस समय दुनिया में हर साल चार लाख बच्चे नए म्यूटेशन के साथ पैदा हो रहे हैं। जागरूकता के अभाव के कारण हर साल जन्मजात विकार के साथ पैदा होने वाले 79 लाख बच्चों में से 50 प्रतिशत में विकार का सही कारण पता नहीं लग पाता। ऐसे में बच्चों में हमेशा के लिए अपंगता का खतरा कहीं अधिक बढ़ जाता है। </p>
<p>सिर्फ भारत देश की बात करें तो हमारी चार प्रतिशत आबादी किसी न किसी दुर्लभ बीमारी से ग्रसित है। रेयर डिजीज इंडिया फाउंडेशन की ओर से रेयर डिजीज डे के मौके पर जागरुकता बढ़ाने के लिए एक सेमिनार आयोजित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं जेके लोन हॉस्पिटल के अधीक्षक डॉ. कैलाश मीणा ने कहा कि दुर्लभ बीमारियों के इलाज को और बेहतर बनाने के लिए सरकार की ओर से पूरी सहायता दी जा रही है। राज्य सरकार ने सेंटर ऑफ  एक्सीलेंस की स्थापना के लिए 22 करोड़ रुपए और बाल संबल योजना के तहत 50 करोड़ रुपए का बजट स्वीकृत किया है। इससे दुर्लभ बीमारियों से पीड़ित बच्चों को उचित उपचार मिल सकेगा। नोडल सेंटर फॉर रेयर डिजीज जेके लोन हॉस्पिटल के इंचार्ज डॉ. प्रियांशु माथुर ने बताया कि देश में जन्मजात विकार नवजात बच्चों की मृत्यु का पांचवां सबसे बड़ा कारण है। इसकी सही पहचान के लिए हाई रिस्क स्क्रीनिंग, कोर फंक्शनल एनबीएस, हियरिंग स्क्रीनिंग, सीसीएचडी जैसे टेस्ट करवाने चाहिए। अस्पताल में हर गुरुवार को रेयर डिजीज क्लिनिक लगाया जाता हैए जहां दुर्लभ बीमारियों से ग्रसित बच्चों को समुचित उपचार दिया जाता है। रेयर डिजीज इंडिया फाउंडेशन के निदेशक डॉ. सौरभ सिंह ने बताया कि इसी कड़ी में वाक फॉर रेयर का भी आयोजन किया गया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 01 Mar 2025 11:48:39 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>संगोष्ठी में न्याय की अवधारणाओं पर व्यक्त किए विचार </title>
                                    <description><![CDATA[विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. अल्पना कटेजा ने प्राचीन भारतीय विचारकों बृहस्पति, कात्यायन, शुक्र, कामंदक आदि के उद्धरणों से भारतीय न्याय व्यवस्था तथा दण्ड प्रणाली के प्राचीन रूप पर व्याख्यान दिया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/discussion-expressed-on-concepts-of-justice-in-the-seminar%C2%A0/article-95137"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-11/6633-copy106.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान विश्वविद्यालय में संस्कृत विभाग तथा पंचवर्षीय विधि महाविद्यालय द्वारा भारतीय ज्ञान परम्परा में विधि एवं न्याय की अवधारणा विषय पर अन्तरराष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें वर्तमान विधिक विकास तथा भारतीय न्याय संहिता 2023 के अलोक में विधि एवं न्याय की अवधारणाओं पर भारतीय दृष्टिकोण से विचार व्यक्त किया जा रहे हैं। </p>
<p>संगोष्ठी में संयुक्त राज्य अमरीका, नेपाल समेत भारत भर के 22 राज्यों के 150 तथा राजस्थान राज्य के 500 से अधिक विद्वान एकत्र हुए हैं। इस मौके पर गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. सुरेन्द्र कुमार नेमनुस्मृतिके मूल उद्धरणों से भारत की प्राचीन न्याय तथा दण्ड व्यवस्था पर प्रकाश डालते हुए मनुस्मृति तथा जाति व्यवस्था सम्बंधित भ्रांतियों को दूर किया। कार्यक्रम में उत्तर बंगाल विश्वविद्यालय के लब्धप्रतिष्ठ विद्वान प्रो. रघुनाथ घोष ने अपने वक्तव्य के माध्यम से बताया की प्राचीन भारतीय विधि व्यवस्था में विधि का अर्थ वैधानिकता तथा नैतिकता दोनों से था। प्रो. घोष ने मानवीय जीवन को अर्थवान बनाने में विधि की भूमिका पर प्रकाश डाला। </p>
<p>वहीं राजस्थान विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. अल्पना कटेजा ने प्राचीन भारतीय विचारकों बृहस्पति, कात्यायन, शुक्र, कामंदक आदि के उद्धरणों से भारतीय न्याय व्यवस्था तथा दण्ड प्रणाली के प्राचीन रूप पर व्याख्यान दिया। संगोष्ठी के संयोजक संस्कृत विभाग के अध्यक्ष प्रो. राजेश कुमार ने विद्वानों तथा अतिथियों का स्वागत किया। संगोष्ठी के उद्देश्य तथा विचारणीय विषयों का परिचय दर्शनशास्त्र विभाग के शिक्षक डॉ. अनुभव वार्ष्णेय ने दिया। संगोष्ठी के आयोजन सचिव तथा पंचवर्षीय विधि महाविद्यालय के निदेशक डॉ. अखिल कुमार ने धन्यवाद ज्ञापन दिया। संगोष्ठी के पहले दिन, देश विदेश से आये लगभग 100 विद्वानों का सम्मान किया गया। चार सत्रों में विभिन्न विषयों पर लगभग 200 शोध पत्रों का वाचन किया गया।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 16 Nov 2024 14:04:56 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>RPA में ‘'क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन में फॉरेंसिक्स‘' की भूमिका पर होगा सेमिनार </title>
                                    <description><![CDATA[इसमें उत्तरप्रदेश के अतिरिक्त महानिदेशक, पुलिस एवं यूपी स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेंसिक्स के फाऊंडर डायरेक्टर डॉ. जी के गोस्वामी का कीनोट एड्रेस होगा। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/seminar-to-be-held-on-role-of-forensics-in-criminal/article-81296"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-06/yy11rer-(5)3.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर, 12 जून। राजस्थान पुलिस स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में गुरुवार, 13 जून को जयपुर में राजस्थान पुलिस अकादमी (आरपीए) के ऑडिटोरियम में '‘रोल ऑफ फॉरेंसिक्स इन क्रिमिनल इंवेस्टिगेशन‘' पर विशेष सेमिनार का आयोजन किया जाएगा। इसमें उत्तरप्रदेश के अतिरिक्त महानिदेशक, पुलिस एवं यूपी स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेंसिक्स के फाऊंडर डायरेक्टर डॉ. जी के गोस्वामी का कीनोट एड्रेस होगा। </p>
<p>पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) उत्कल रंजन साहू ने बताया कि आरपीए में यह सेमिनार सुबह 10 बजे से साढ़े 11 बजे तक आयोजित होगा, इसमें पुलिस कार्यों में विधि विज्ञान के महत्व पर उपयोगी चर्चा होगी। गुरुवार शाम को आरपीए में सांस्कृतिक संध्या और बड़े भोज का आयोजन रखा गया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 12 Jun 2024 19:20:26 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मोहनलाल सुखाड़िया विवि के इतिहास विभाग की ओर से अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी 11-12 जनवरी को</title>
                                    <description><![CDATA[संगोष्ठी समन्वयक डॉ पीयूष भादविया ने बताया कि दो दिवसीय संगोष्ठी में विशिष्ट व्याख्यान सहित करीब 60 शोधपत्रों की प्रस्तुति होगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/udaipur/international-symposium-on-11-12-january-from-the-history-department-of/article-66233"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-01/mohanlal-sukhadia-university.png" alt=""></a><br /><p>उदयपुर। राजस्थान के उदयपुर में मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय (एमएलएसयू) के इतिहास विभाग द्वारा आगामी 11 जनवरी से 'मिनरल्स, माइनिंग एंड मेटालर्जी इन साउथ एशिया हिस्टोरिकल पर्सपेक्टिव्स' विषय पर अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया जाएगा।</p>
<p>संगोष्ठी समन्वयक डॉ पीयूष भादविया ने बताया कि दो दिवसीय संगोष्ठी में विशिष्ट व्याख्यान सहित करीब 60 शोधपत्रों की प्रस्तुति होगी। संगोष्ठी में देश-विदेश से 60 प्रतिभागी उदयपुर आएंगें। आने वाले विद्वानों में अर्मेनिया, नेपाल और श्रीलंका के प्रोफेसर शामिल हैं। भारत के 14 राज्यों से प्रतिनिधि उदयपुर में होंगे।</p>
<p>उन्होंने बताया कि मुख्य रूप से पद्मश्री प्रो. शारदा श्रीनिवासन, प्रो. चुलानी रामबुकवाला, प्रो. पूनम राणा,  प्रो. योगंबर सिंह, प्रो. भगत सिंह, प्रो. प्रोजीत कुमार पलीत, प्रो. अंबिका ढाका, प्रो. देवप्रकाश शर्मा, प्रो लुईसा रोड्रिग्स, प्रो. वीनस जैन, प्रो. जीवन खरकवाल, डॉ. श्रीकृष्ण जुगनू, डॉ. नाइरा मार्कच्यान आदि संगोष्ठी के विषय पर प्रकाश डालेंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>उदयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 07 Jan 2024 19:16:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ब्लड बैंकिंग प्रोटोकॉल पर सेमिनार का आयोजन</title>
                                    <description><![CDATA[राजीव गांधी सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, दिल्ली की ब्लड बैंक अधिकारी डॉ. छवि गुप्ता ने कहा कि जीवन बचाने और उपचार करने, दर्दनाक चोटों से उबरने में मदद करने के लिए ब्लड की उपलब्धता सबसे अहम है]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/seminar-organized-on-blood-banking-protocol/article-62996"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-11/gan3.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। ब्लड बैंकिंग प्रोटोकॉल विषय पर डीपीएमआई में सेमिनार का आयोजन किया गया। इसमें दुर्घटनाओं और आपदाओं जैसी आपात स्थितियों में ब्लड बैंकों की महत्वपूर्ण भूमिका, गंभीर रोगियों को तत्काल ब्लड मुहैया करने पर महत्वपूर्ण जानकारी पर विशेषज्ञों ने साझा की गई। इस मौके पर राजीव गांधी सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, दिल्ली की ब्लड बैंक अधिकारी डॉ. छवि गुप्ता ने कहा कि जीवन बचाने और उपचार करने, दर्दनाक चोटों से उबरने में मदद करने के लिए ब्लड की उपलब्धता सबसे अहम है। इसलिए युवाओं को इस परोपकारी क्षेत्र में अपना योगदान जरूर देना चाहिए। डीपीएमआई की पूनम बछेती ने कहा कि छात्र- छात्राओं का इस क्षेत्र में जागरुक होना <br />बेहद जरूरी है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 28 Nov 2023 10:22:16 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ऑनलाइन भुगतान प्रणाली विषय पर सेमिनार </title>
                                    <description><![CDATA[आरबीआई टीम ने तेजी से डिजिटल होती दुनिया में ऑनलाइन भुगतान प्रणालियों द्वारा प्रदान की जाने वाली सुविधा पर प्रकाश डाला। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/seminar-on-the-subject-of-online-payment/article-57859"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-09/untitled-1-copy30.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। एसकेआईटी में ऑनलाइन भुगतान प्रणाली और धोखाधड़ी की रोकथाम विषय पर सेमिनार हुई। आईक्यूएसी और ओएफए, बौद्धिक संपदा अधिकार सेल और भारतीय रिजर्व बैंक जयपुर के सहयोग से हुई इस सेमिनार में ऑनलाइन धोखाधड़ी सहित अन्य ऑनलाइन भुगतान के बारे में जानकारी दी गई। </p>
<p>आरबीआई टीम ने तेजी से डिजिटल होती दुनिया में ऑनलाइन भुगतान प्रणालियों द्वारा प्रदान की जाने वाली सुविधा पर प्रकाश डाला। इस मौके पर आईपीआर सेल संयोजक डॉ. सविता चौधरी और डॉ. प्रवीण कुमार जैन सहित अन्य लागों ने विचार व्यक्त किए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 24 Sep 2023 10:26:01 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title> नेशनल एजुकेशन पॉलिसी पर सेमिनार सम्पन्न</title>
                                    <description><![CDATA[सेमिनार में मुख्य अतिथि जगतगुरु रामानंदाचार्य राजस्थान संस्कृत यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ. रामसेवक दुबे ने मातृभाषा पर जोर देते हुए राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर व्याख्यान दिया। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/seminar-end-on-national-education-policy/article-56498"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-09/sir-(3).png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजकीय संस्कृत महाविद्यालय के सभागार में दो दिवसीय अन्तरराष्ट्रीय सेमिनार नेशनल एजुकेशन पॉलिसी इन इंडिया: ट्रांसफॉर्मिंग एजुकेशन फॉर ए सस्टेनेबल फ्यूचर विषय पर सम्पन्न हुई। बीएसएन कॉलेज, सांगानेर एवं स्वामी विवेकानंद महाविद्यालय, रूपनगढ़ व सावित्री बाई फुले एकेडमिक रिसर्च एवं सोशल डवलपमेंट संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में हुई। इस सेमिनार में मुख्य अतिथि जगतगुरु रामानंदाचार्य राजस्थान संस्कृत यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ. रामसेवक दुबे ने मातृभाषा पर बल देते हुए राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर व्याख्यान दिया। </p>
<p>इस मौके पर सेमिनार के संरक्षक डॉ. प्रकाश चन्द्र खुल्वे व डॉ. बीएल देवेन्दा, डॉ. कमल किशोर सैनी, छवि सैनी, डॉ. रेनू, डॉ. प्रेम सोनवाल, डॉ. सरोज जांगिड़, प्रो. विनोद चंद्र सहित अन्य लोगों ने नई शिक्षा के उद्देश्यों, जरूरतों और शोध के बारे में विस्तार से जानकारी दी। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 07 Sep 2023 10:16:33 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कृषि और पशुपालन में परंपरागत तरीकों को साथ लेकर चलने से ही गांवों की समृद्धि : रूपाला</title>
                                    <description><![CDATA[सीएलएफएमए के प्रयासों की तारीफ करते हुए कहा कि इस तरह के मंथन में ऐसी बातें निकलनी चाहिए, जो सरकार को पॉलिसी बनाने में मदद करें।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/areas-can-be-enriched--says-rupala/article-54972"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-08/untitled-1-copy13.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। केंद्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्री परषोत्तम रूपाला ने कहा कि कृषि और पशुपालन में आधुनिक और परंपरागत तरीकों को साथ लेकर चलने की जरूरत है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों को ज्यादा से ज्यादा समृद्ध किया जा सके। केंद्रीय मंत्री आज होटल मेरिडियन, जनपथ में आयोजित सीएलएफएमए ऑफ इंडिया (क्लेफमा) के 64वें राष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने सीएलएफएमए के प्रयासों की तारीफ करते हुए कहा कि इस तरह के मंथन में ऐसी बातें निकलनी चाहिए, जो सरकार को पॉलिसी बनाने में मदद करें। केन्‍द्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री पशुपालकों के हित पर लगातार काम कर रहे हैं। यही वजह है कि मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी को अलग मंत्रालय का दर्जा दिया है और इस वजह से इसमें बदलाव दिख रहा है। उन्‍होंने सीएलएफएमए से अनुरोध किया वे पराली की समस्‍या से निजात दिलाने और इसे पशु चारे के रूप में इस्तेमाल करने की संभावनाएं तलाशें, जिससे पराली की समस्‍या का समाधान हो सके और पशुओं के लिए सस्‍ता चारा भी उपलब्‍ध हो सके। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जैविक खाद की बजाय रासायनिक खादों के उपयोग से जमीनें बंजर हो रही हैं। इसलिए हमें ऐसे प्रयोगों से बचना होगा। </p>
<p>इससे पहले मुख्य अतिथि के रूप में केंद्रीय मंत्री परषोत्तम रूपाला ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस दौरान लाइवस्‍टाक सर्वे रिपोर्ट 2023 का विमोचन भी किया गया। कार्यक्रम के संयोजक और सीएलएफएमए ऑफ इंडिया के डिप्टी चेयरमैन दिव्य कुमार गुलाटी ने अतिथियों का स्वागत किया और सीएलएफएमए के चेयरमैन सुरेश देवड़ा ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएलएफएमए की योजनाओं के बारे में जानकारी दी। <br />इस मौके पर सीएलएफएमए ने गोदरेज इंडस्‍ट्री के चेयरमैन और एमडी नादिर बी गोदरेज और सेवानिवृत्‍त आईएएस अधिकारी तरुन श्रीधर को लाइफ टाइम एचीवमेंट अवॉर्ड से सम्‍मानित किया। समारोह में सीएलएफएमए के सेक्रेटरी अभय साहा और नार्थ जोन के चेयरमैन अनूप कालरा के अलावा देश विदेश से करीब 500 एक्सपर्ट्स शामिल हुए।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/areas-can-be-enriched--says-rupala/article-54972</link>
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                <pubDate>Sat, 19 Aug 2023 17:32:21 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>साइबर सुरक्षा पर सेमिनार में लोगों ने लिया भाग</title>
                                    <description><![CDATA[डीसीपी वंदिता राणा, एसीपी वैशाली नगर आलोक सैनी, चित्रकूट थानाप्रभारी गुंजन सोनी व साइबर एक्सपर्ट दीपक कुमार योगी ने लोगों को साइबर सुरक्षा के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/awareness-seminar-on-the-cyber-security/article-45510"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-05/666-copy29.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। साइबर सुरक्षा पर चित्रकूट इलाके में जागरूकता सेमिनार हुई, जिसमें व्यापारी वर्ग, सुरक्षा सखी, सीएलजी सदस्य और लोगों ने भाग लिया। सेमिनार में डीसीपी वंदिता राणा, एसीपी वैशाली नगर आलोक सैनी, चित्रकूट थानाप्रभारी गुंजन सोनी व साइबर एक्सपर्ट दीपक कुमार योगी ने लोगों को साइबर सुरक्षा के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 14 May 2023 11:11:48 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में जीवों पर भारतीय मानसून के असर की दी जानकारी </title>
                                    <description><![CDATA[ सम्मेलन के संयोजक डॉ. मुकेश कुमार बैरवा ने सम्मेलन की विषय वस्तु की जानकारी दी। सम्मेलन की मुख्य वक्ता डॉ. मार्टिना स्टेबिक ने लुनार झील की वनस्पति व जीवों पर भारतीय मानसून के असर के बारे में बताया। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/information-given-about-the-effect-of-indian-monsoon-in-international-seminar/article-39497"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-03/46546546521.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान विश्वविद्यालय के भूगर्भ शास्त्र विभाग द्वारा दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा हैं। उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राजीव जैन ने की। इसमे डॉ. मार्टिना स्टेबिक व भारतीय वन अधिकारी अरिजीत बैनर्जी मौजूद रहे। सम्मेलन के संयोजक डॉ. मुकेश कुमार बैरवा ने सम्मेलन की विषय वस्तु की जानकारी दी। सम्मेलन की मुख्य वक्ता डॉ. मार्टिना स्टेबिक ने लुनार झील की वनस्पति व जीवों पर भारतीय मानसून के असर के बारे में बताया। इसके साथ ही उन्होंने झील के चारों ओर के वातावरण को समझाते हुए पराग कण का उपयोग वृक्ष की जाति और जीवाश्मों के अध्ययन में बताया। डॉ. धर्मेंद्र खंडल ने सम्मेलन की पृष्ठभूमि को बनाए रखते हुए राजस्थान के रणथंभौर टाइगर रिजर्व से जुड़े समस्त टाइगर कॉरिडोर के बारे में बताया। इसी संदर्भ में आगे निकित सूर्वे ने लिविंग विथ लैपर्ड्स विषय पर संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान के तेंदुओं की जैव विविधता व संरक्षण के बारे में चर्चा की।</p>
<p>साथ ही डॉ श्रुति कांगा ने फारेस्ट फायर की रोकथाम की जानकारी दी। डॉ सूरज सिंह ने हाथियों और मनुष्यों के बीच हो रही मुठभेड़ के बारे में जानकारी दी। इस दो दिवसीय कांफ्रेंस में 100 से अधिक एब्सट्रैक आए है जिनको एक सौवेनिर के रूप में कांफ्रेंस के मुख्य अतिथि डॉ राजीव जैन, कुलपति, राजस्थान विश्वविद्यालय द्वारा विमोचन किया गया। साथ ही होप एंड बियोंड संस्था की ओर से राजस्थान के सांप नाम से पोस्टर का विमोचन किया गया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 10 Mar 2023 17:43:58 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे स्वास्थ्य सेवायें: धनखड़</title>
                                    <description><![CDATA[उन्होंने कहा कि सरकार गरीब और दलित वर्ग पर बोझ को कम करने के लिए भी कई पहल की हैं। इस सरकार के आयुष्मान भारत के विश्व के सबसे बड़े, पारदर्शी और जवाबदेह कार्यक्रम के साथ, यह नागरिकों के कल्याण के साथ-साथ रोजगार और उद्यम पैदा कर रहा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/health-services-reach-the-last-person-dhankhar/article-39486"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-03/dd.png" alt=""></a><br /><p>नयी दिल्ली। उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने अंतिम व्यक्ति तक स्वास्थ्य सेवायें पहुंचाने का आह्वान करते हुए कहा है कि सरकार ने गरीब और दलित वर्ग पर इलाज का बोझ कम करने के लिए कई पहल की हैं। धनखड़ ने शुक्रवार को यहां ''स्वास्थ्य प्रौद्योगिकी आकलन (आईएसएचटीए) 2023'' पर द्वितीय अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी को संबोधित करते हुए कहा कि भारत एक वैश्विक उदाहरण है जहां लोगों को कुशल सेवाएं उपलब्ध कराने  के लिए प्रौद्योगिकी का उपयोग किया है। प्रौद्योगिकी नागरिकों के लिए जेब खर्च कम करती है।  इस अवसर पर केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री मनसुख मांडविया और नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य)  डॉ. वीके पॉल मौजूद थे। संगोष्ठी में लगभग 250 प्रतिभागियों ने भाग लिया।</p>
<p>धनखड़ ने देश के अंतिम छोर तक और सबसे दूरस्थ हिस्से तक स्वास्थ्य सेवायें पहुंचाने का आह्वान करते हुए कहा कि भारत आत्मनिर्भर पहल, स्वच्छ भारत अभियान के माध्यम से व्यवहार परिवर्तन, 9,100 से अधिक जन औषधि केंद्रों के माध्यम से सस्ती दवाएं, चिकित्सा कार्यबल, संस्थानों को मजबूत करने जैसे क्रांतिकारी कदमों के माध्यम से सामथ्र्य, पहुंच और इक्विटी सुनिश्चित करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार गरीब और दलित वर्ग पर बोझ को कम करने के लिए भी कई पहल की हैं। इस सरकार के आयुष्मान भारत के विश्व के सबसे बड़े, पारदर्शी और जवाबदेह कार्यक्रम के साथ, यह नागरिकों के कल्याण के साथ-साथ रोजगार और उद्यम पैदा कर रहा है। </p>
<p>धनखड़ ने प्रौद्योगिकी गुणवत्ता शासन सुनिश्चित करने में एक महत्वपूर्ण मोड़ है। विशेष रूप से हाल ही में खोले गए आयुष्मान भारत हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर्स (एबी-एचडब्ल्यूसी) में स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता आम नागरिकों के लिए 'गेमचेंजर' है। उन्होंने कहा कि भारत ने कोविड महामारी से सफलतापूर्वक निपटने में अपनी ताकत दिखाई है और दवाओं तथा  विशेषज्ञता के माध्यम से देशों का सहयोग किया है। स्वास्थ्य प्रौद्योगिकी मूल्यांकन की रणनीति उस पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने के लिए एक अभिनव दृष्टिकोण की दिशा में एक और कदम है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 10 Mar 2023 15:20:15 +0530</pubDate>
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