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                <title>पश्चिम एशिया संकट के बीच राजनाथ ​सिंह का बड़ा बयान: बोले-ड्रोन मैन्युफैक्चरिंग में आत्मनिर्भरता जरूरी, विकसित भारत के लक्ष्य को पाने के लिए नई प्रौद्योगिकियों को अपनाना आवश्यक</title>
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                        <![CDATA[रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 'राष्ट्रीय रक्षा उद्योग सम्मेलन' में भारत को स्वदेशी ड्रोन निर्माण का वैश्विक केंद्र बनाने का आह्वान किया। उन्होंने रणनीतिक स्वायत्तता के लिए MSMEs और स्टार्टअप्स को AI व रोबोटिक्स जैसी उन्नत तकनीक अपनाने पर जोर दिया। इस अवसर पर 'अदिति' और 'iDEX' चुनौतियों के नए संस्करण भी लॉन्च किए गए।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/amidst-the-west-asia-crisis-rajnath-singhs-big-statement-said/article-147099"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/rajnath-singh.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि भारत को मौजूदा भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं को देखते हुए रणनीतिक स्वायत्तता सुनिश्चित करने, रक्षा तैयारी को सुदृढ़ करने तथा देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए स्वदेशी ड्रोन निर्माण का वैश्विक केंद्र बनने के मिशन मोड में कार्य करना चाहिए। उन्होंने कहा कि सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम आर्थिक विकास को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। साथ ही विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए नई प्रौद्योगिकियों को अपनाना आवश्यक है। </p>
<p>राजनाथ सिंह ने रक्षा उत्पादन विभाग द्वारा आयोजित दो दिन के राष्ट्रीय रक्षा उद्योग सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में गुरुवार को 'उन्नत विनिर्माण प्रौद्योगिकियां' विषय पर सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों, नव-उद्यमों, रक्षा उत्कृष्टता के लिए नवाचार विजेताओं, रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रमों, निजी रक्षा कंपनियों, नवोन्मेषकों, नीति निर्माताओं और शिक्षाविदों को संबोधित किया। उन्होंने वर्तमान भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं को देखते हुए रणनीतिक स्वायत्तता सुनिश्चित करने, रक्षा तैयारी को सुदृढ़ करने तथा देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए ड्रोन उत्पादन पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करने की तत्काल आवश्यकता पर बल दिया।</p>
<p>रक्षा मंत्री ने कहा कि रूस-यूक्रेन युद्ध से लेकर ईरान और इजराइल के बीच तनाव तक चल रहे संघर्ष इस बात के प्रमाण हैं कि भविष्य के युद्धों में ड्रोन और प्रतिरोधी ड्रोन प्रौद्योगिकियां महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी और ड्रोन निर्माण में आत्मनिर्भरता केवल उत्पाद स्तर पर ही नहीं बल्कि कलपुर्जे के स्तर पर भी आवश्यक है। उन्होंने कहा, ड्रोन के ढांचों से लेकर उसके सॉफ्टवेयर, इंजन और बैटरियों तक, सब कुछ भारत में ही निर्मित होना चाहिए। यह कोई आसान कार्य नहीं है। अधिकांश देशों में जहां ड्रोन बनाए जाते हैं, वहां अनेक महत्वपूर्ण कलपुर्जे वर्तमान में चीन से आयात किए जाते हैं।</p>
<p>रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि किसी भी देश के रक्षा औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण बड़े उद्योगों, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों, नव-उद्यमों और नवोन्मेषकों के योगदान पर निर्भर करता है, साथ ही सरकार की स्पष्ट नीतिगत दिशा भी उतनी ही महत्वपूर्ण होती है, जो देश की विशिष्ट रक्षा आवश्यकताओं के अनुरूप हो। उन्होंने निजी क्षेत्र से सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया और सरकार के पूर्ण समर्थन का आश्वासन दिया ताकि भारत को स्वदेशी ड्रोन निर्माण का वैश्विक केंद्र बनाया जा सके।</p>
<p>रक्षा मंत्री ने रक्षा भारत नव-उद्यम चुनौती के 14वें संस्करण और आईडेक्स ढांचे के अंतर्गत 'अदिति चुनौतियों' के चौथे संस्करण का शुभारंभ किया। रक्षा बलों, भारतीय तटरक्षक बल और रक्षा अंतरिक्ष एजेंसी से प्राप्त कुल 107 समस्या विवरण जारी किए गए, जिनमें 82 रक्षा भारत नव-उद्यम चुनौती के अंतर्गत और 25 अदिति चुनौतियों के अंतर्गत शामिल हैं, ताकि विभिन्न क्षेत्रों में क्रांतिकारी नवाचार को बढ़ावा दिया जा सके।</p>
<p>रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रमों से संबंधित 101 नवाचार चुनौतियों की एक नई पहल भी शुरू की गई, जिसका उद्देश्य सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों तथा नव-उद्यमों द्वारा डिजाइन-आधारित नवाचार को प्रोत्साहित करना है। इन चुनौतियों को रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रमों द्वारा वित्तपोषित किया जाएगा और विजेता नव-उद्यमों को मार्गदर्शन, परीक्षण सुविधाएँ तथा उनकी आपूर्ति श्रृंखला में संभावित एकीकरण के अवसर प्रदान किए जाएँगे।</p>
<p>राजनाथ सिंह ने आईडेक्स और अदिति को परिवर्तनकारी पहल बताते हुए कहा कि इनके माध्यम से नव-उद्यमों, नवोन्मेषकों और सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों को रक्षा बलों की विशिष्ट आवश्यकताओं के अनुरूप नवीन समाधान विकसित करने का अवसर मिलता है। उन्होंने कहा कि फरवरी 2026 तक लगभग 676 नव-उद्यम, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम तथा व्यक्तिगत नवोन्मेषक रक्षा नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र से जुड़ चुके हैं। अब तक 548 अनुबंध किए जा चुके हैं और 566 चुनौतियाँ शुरू की गई हैं। इनमें से 58 प्रतिरूपों को लगभग 3853 करोड़ रुपये के मूल्य पर खरीद के लिए स्वीकृति मिल चुकी है। इसके अतिरिक्त लगभग 2326 करोड़ रुपये के 45 खरीद अनुबंध पहले ही किए जा चुके हैं। ये आँकड़े दर्शाते हैं कि नवाचार धीरे-धीरे ठोस उत्पादों और प्रौद्योगिकियों में परिवर्तित हो रहा है।</p>
<p>राजनाथ सिंह ने कहा कि आज सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम कृत्रिम बुद्धिमत्ता, रोबोटिकी, स्वचालन और उन्नत विनिर्माण जैसे क्षेत्रों में सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं, जो एक बड़ा सकारात्मक परिवर्तन है। उन्होंने इन उद्यमों और नव-उद्यमों से इन प्रौद्योगिकियों को अपनाने और समेकित करने का आह्वान किया ताकि संसाधनों और क्षमताओं का सर्वोत्तम उपयोग हो सके। उन्होंने कहा कि स्वचालन, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, रोबोटिकी और संयोगात्मक विनिर्माण जैसी प्रौद्योगिकियां वैश्विक विनिर्माण क्षेत्र को नया रूप दे रही हैं, जबकि डिजिटल ट्विजन और उन्नत अनुकरण उपकरण नई संभावनाओं को खोल रहे हैं। डिजिटल ट्विजन का अर्थ वास्तविक प्रणाली का आभासी मॉडल तैयार करना है, जिससे जटिल प्रणालियों को बेहतर ढंग से समझा जा सकता है और अधिक सटीक निर्णय लिए जा सकते हैं।</p>
<p>रक्षा मंत्री ने कहा कि सरकार ने सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों को सुदृढ़ करने के लिए कई पहलें की हैं। इस वर्ष के केंद्रीय बजट में इन्हें इक्विटी, तरलता और व्यावसायिक समर्थन प्रदान करने के लिए तीन स्तरीय दृष्टिकोण अपनाया गया है, जिससे ये अग्रणी उद्यम बन सकें। इसका उद्देश्य इनके विकास को तेज करना और घरेलू तथा अंतरराष्ट्रीय बाजारों में प्रतिस्पर्धा बढ़ाना है।</p>
<p>उन्होंने बताया कि वर्ष 2014 से सरकार इस महत्वपूर्ण क्षेत्र के विस्तार पर विशेष ध्यान दे रही है। पंजीकरण और पहचान को सरल बनाने के लिए उद्यम पोर्टल और उद्यम सहायक पोर्टल जैसे डिजिटल मंच शुरू किए गए हैं, ताकि छोटे उद्योगों को औपचारिक अर्थव्यवस्था में शामिल किया जा सके और उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि देश में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों की संख्या 2012-13 में लगभग 4.67 करोड़ थी, जो अब बढ़कर लगभग 8 करोड़ हो गई है। यह वृद्धि उद्यमिता की बढ़ती भावना को दर्शाती है।</p>
<p>रक्षा मंत्री ने कहा कि नव-उद्यम अपने अनूठे विचारों के माध्यम से सामाजिक परिवर्तन के उत्प्रेरक बन रहे हैं और कई अल्प समय में ही यूनिकॉर्न का दर्जा प्राप्त कर रहे हैं। निकट भविष्य में और भी ऐसे उद्यम सामने आएँगे। इसके लिए निरंतर प्रयास, धैर्य और समर्पण आवश्यक है। उन्होंने सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों तथा नव-उद्यमों से नवाचार करने, नई प्रौद्योगिकियों को अपनाने और आत्मनिर्भर भारत तथा विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने का आह्वान किया।</p>
<p>रक्षा उत्पादन सचिव संजीव कुमार ने कहा कि सम्मेलन का उद्देश्य उन्नत विनिर्माण प्रौद्योगिकियों को बढ़ावा देना तथा डिजाइन, विकास और निर्माण से लेकर संपूर्ण मूल्य श्रृंखला में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों के एकीकरण को प्रोत्साहित करना है। उन्होंने कहा कि 200 समस्या विवरण इन उद्यमों, उद्योगों, नव-उद्यमों और युवा नवोन्मेषकों को आधुनिक उत्पाद विकसित करने और अपने कौशल को बढ़ाने का अवसर देंगे।</p>
<p>उन्होंने बताया कि वर्ष 2025 को सुधार वर्ष के रूप में मनाते हुए मंत्रालय ने कई कदम उठाए हैं, जिनमें अनुमतियों की प्रक्रिया को सरल बनाना, गुणवत्ता प्रक्रियाओं को सुदृढ़ करना तथा परीक्षण प्रयोगशालाओं को सशक्त बनाना शामिल है। रक्षा क्षेत्र में कार्यरत उद्योगों का एक डिजिटल डाटाबेस 'सृजन दीप' भी बनाया गया है, जिसमें 40,000 से अधिक उद्योग सूचीबद्ध हैं, ताकि अनुसंधान और विकास को बढ़ावा मिल सके।</p>
<p>कार्यक्रम के दौरान रक्षा मंत्री ने रक्षा उत्पादन विभाग के पाँच प्रकाशनों का विमोचन भी किया, जिनका उद्देश्य नीतिगत पहलों के प्रति जागरूकता बढ़ाना, रक्षा निर्यात को प्रोत्साहित करना और उद्योग हितधारकों के लिए व्यापार सुगमता सुनिश्चित करना है। इसके अतिरिक्त रक्षा मंत्री ने एक प्रदर्शनी का उद्घाटन भी किया, जिसमें 20 बड़ी रक्षा कंपनियों ने सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों को भागीदार, आपूर्तिकर्ता और नवोन्मेषक के रूप में शामिल करने के लिए अपने कार्यक्रमों का प्रदर्शन किया। इसके साथ ही 24 भारतीय और विदेशी कंपनियां उन्नत विनिर्माण प्रौद्योगिकियों जैसे स्वचालन, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, रोबोटिकी, संयोगात्मक विनिर्माण और स्मार्ट सामग्री का प्रदर्शन कर रही हैं।</p>
<p>इस अवसर पर प्रमुख रक्षा अध्यक्ष जनरल अनिल चौहान, नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी, सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी, रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह, रक्षा अनुसंधान एवं विकास विभाग के सचिव तथा अध्यक्ष डॉक्टर समीर वी कामत सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।</p>]]>
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                                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Thu, 19 Mar 2026 18:37:54 +0530</pubDate>
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                <title>कर्नाटक सीएम सिद्दारमैया ने की अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर से मुलाकात की, द्विपक्षीय संबंधों पर हुई चर्चा</title>
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                        <![CDATA[कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्दारमैया ने अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर के साथ व्यापार, प्रौद्योगिकी और निवेश पर चर्चा की। दोनों नेताओं ने कावेरी निवास पर द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने पर जोर दिया।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/karnataka-cm-siddaramaiah-met-us-ambassador-sergio-gore-and-discussed/article-143533"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/karnataka-cm.png" alt=""></a><br /><p>बेंगलुरु। कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्दारमैया ने बेंगलुरु दौर पर आए भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर के साथ चर्चा की है। यह बैठक मुख्यमंत्री के आधिकारिक निवास कावेरी में आयोजित की गई, जहाँ दोनों नेताओं ने अंतरराष्ट्रीय सहयोग और द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने सहित आपसी हित के मामलों पर विचारों का आदान-प्रदान किया।</p>
<p>बातचीत के दौरान, मंत्री एम सी सुधाकर, मुख्य सचिव शालिनी रजनीश और मुख्यमंत्री कार्यालय के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। यह बातचीत भारत-अमेरिका के बीच बढ़ते जुड़ाव की पृष्ठभूमि में हुई है, जिसमें आर्थिक, तकनीकी और रणनीतिक साझेदारी पर ध्यान केंद्रित किया गया है। </p>
<p>मुख्यमंत्री कार्यालय ने वैश्विक साझेदारी और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देने के लिए कर्नाटक की प्रतिबद्धता पर जोर दिया है। इससे पहले  भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद तेजस्वी सूर्या ने राजदूत का बेंगलुरु में स्वागत किया जहाँ दोनों के बीच अनौपचारिक बातचीत के दौरान व्यापार, प्रौद्योगिकी और नवाचार पर  चर्चा हुईं।</p>
<p> </p>]]>
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                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 17 Feb 2026 15:36:05 +0530</pubDate>
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                <title>फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ मुंबई दौरे पर होंगे पीएम मोदी, भारत-फ्रांस नवाचार 2026 का करेंगे उद्घाटन</title>
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                        <![CDATA[प्रधानमंत्री मोदी मंगलवार को मुंबई में फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से मुलाकात करेंगे। दोनों नेता रणनीतिक साझेदारी की समीक्षा करेंगे और 'भारत-फ्रांस नवाचार 2026' का उद्घाटन कर स्टार्टअप्स को संबोधित करेंगे।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/pm-modi-will-be-on-mumbai-tour-with-french-president/article-143338"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/1200-x-600-px)-(7)2.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी मंगलवार को मुंबई में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से मुलाकात करेंगे। पीएम मोदी और इमैनुएल मैक्रो इस दौरान भारत-फ्रांस के बीच रणनीतिक साझेदारी में हुई प्रगति की समीक्षा भी करेंगे और क्षेत्रीय तथा वैश्विक महत्व के मुद्दों पर विचार साझा करेंगे। दोनों नेता इस दौरान भारत-फ्रांस नवाचार 2026 का उद्घाटन करेंगे।</p>
<p>राष्ट्रपति मैक्रों पीएम मोदी के निमंत्रण पर 17 से 19 फरवरी तक भारत के औपचारिक दौरे पर रहेंगे। वह भारत में हो रहे एआई इम्पैक्ट शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे और मुंबई में प्रधानमंत्री के साथ एक द्विपक्षीय शिखर सम्मेलन में भी शामिल होंगे। यह राष्ट्रपति मैक्रों का भारत का चौथा और मुंबई का पहला दौरा होगा। पीएम मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों 17 फरवरी को अपराह्न सवा तीन बजे मुंबई के लोक भवन में द्विपक्षीय बैठकों में भाग लेंगे और दोनों देशों के बीच चल रही रणनीतिक साझेदारी में हुई प्रगति की समीक्षा करेंगे।</p>
<p>उनकी चर्चा रणनीतिक साझेदारी को मजबूत बनाने और इसे नये तथा उभरते क्षेत्रों में और विस्तारित करने पर केंद्रित होगी। पीएम मोदी और श्री मैक्रों क्षेत्रीय और वैश्विक महत्व के मुद्दों पर भी विचार साझा करेंगे। आधिकारिक सूचना के अनुसार दोनों नेता मंगलवार शाम 5.15 बजे भारत-फ्रांस नवाचार 2026 का उद्घाटन करेंगे और दोनों देशों के व्यावसायिक नेताओं, स्टार्ट-अप, शोधकर्ताओं और अन्य नवोन्मेषकों के एक सम्मेलन को संबोधित करेंगे।</p>]]>
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                                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Mon, 16 Feb 2026 12:20:35 +0530</pubDate>
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                <title>केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह करेंगे सीबीआई की साइबर अपराध डैशबोर्ड का शुभारंभ, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डेटा एनालिटिक्स के उपयोग पर होगी चर्चा</title>
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                        <![CDATA[गृह मंत्री अमित शाह ने सीबीआई की नई साइबर अपराध शाखा और राष्ट्रीय साइबर डैशबोर्ड लॉन्च किया, साइबर धोखाधड़ी से निपटने की क्षमता मजबूत करने पर जोर दिया।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/union-home-minister-amit-shah-will-launch-cbis-cyber-crime/article-142618"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-04/amit-shah.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मंगलवार को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की एक नई साइबर अपराध शाखा का उद्घाटन और एक प्रमुख राष्ट्रीय साइबर अपराध डैशबोर्ड का शुभारंभ करने वाले हैं। गृह मंत्री भारत मंडपम में साइबर-सक्षम धोखाधड़ी से निपटना और इकोसिस्टम को खत्म करना विषय पर आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में मुख्य भाषण देंगे। यहाँ वह सीबीआई अधिकारियों के लिए एक अलंकरण समारोह की अध्यक्षता करेंगे और नई सीबीआई साइबर अपराध शाखा का उद्घाटन करेंगे तथा भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (आई4सी) का एस4सी डैशबोर्ड का भी शुभारंभ करेंगे।</p>
<p>इस कार्यक्रम से पहले, गृह मंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा, साइबर अपराध आज दुनिया के लिए एक बड़ा खतरा है। हमारी सरकार नागरिकों को इससे सुरक्षित रखने के लिए संकल्पित है। आज, भारत की साइबर अपराध से लडऩे की क्षमता को मजबूत करने के लिए सीबीआई द्वारा आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित करूँगा।</p>
<p>गृह मंत्रालय के तहत आई सी के सहयोग से सीबीआई द्वारा आयोजित यह दो दिवसीय सम्मेलन ऐसे समय में हो रहा है जब भारत में तेजी से बढ़ते डिजिटल उपयोग के साथ-साथ नये जोखिम भी पैदा हुए हैं, जिनका अपराधी फायदा उठा रहे हैं। इसका उद्देश्य रोकथाम, जांच और समन्वय को मजबूत करके एक एकीकृत राष्ट्रीय रणनीति बनाना है।</p>
<p>इस कार्यक्रम में केंद्र और राज्य की एजेंसियों के वरिष्ठ कानून प्रवर्तन अधिकारी, दूरसंचार और वित्तीय क्षेत्रों के नियामक, सार्वजनिक और निजी बैंक, फिनटेक कंपनियां, दूरसंचार सेवा प्रदाता और साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों सहित विभिन्न हितधारक भाग लेंगे। इसके प्राथमिक उद्देश्यों में साइबर धोखाधड़ी के प्रति एक साझा समझ बनाना, धोखाधड़ी इकोसिस्टम के महत्वपूर्ण स्तंभों (वित्तीय,दूरसंचार और मानव संसाधन) की जांच करना और अंतर-एजेंसी सहयोग को मजबूत करना शामिल है। सम्मेलन में जांच और पीड़ित सुरक्षा तंत्र को बढ़ाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डेटा एनालिटिक्स के उपयोग पर भी चर्चा की जाएगी।</p>]]>
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                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 10 Feb 2026 16:25:40 +0530</pubDate>
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                <title>साल भर की पढ़ाई ही दिलाएगी सफलता, घबराएं नहीं</title>
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                        <![CDATA[एग्जाम टिप्स: टीचर बोले पढ़ाई के दौरान आधुनिक तकनीक एआई का भी लिया जाता सहारा ।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/only-year-long-study-will-lead-to-success--don-t-panic/article-142588"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/(12200-x-600-px)-(9).png" alt=""></a><br /><p>कोटा। बोर्ड परीक्षाओं की पदचाप के बीच विद्यार्थियों में बढ़ते तनाव को देखते हुए शिक्षा विशेषज्ञों ने सफलता के मूल मंत्र साझा किए हैं।वहीं दैनिक नवज्योति की खास रिपोर्ट में पढ़िए शिक्षकों ने कहा कि बोर्ड परीक्षा कोई हौवा नहीं है; इसमें वहीं सवाल पूछे जाते हैं। जो छात्रों ने वर्षभर अपनी कक्षाओं में शिक्षकों से पढ़े हैं। उन्होंने जोर दिया कि नई अध्ययन सामग्री के पीछे भागने के बजाय छात्र अपने शिक्षकों द्वारा पढ़ाए गए पाठ्यक्रम और विषयवस्तु पर ही पूरा भरोसा रखें और उसी का गहन अभ्यास करें। समय प्रबंधन और छोटे लक्ष्यों से हासिल होगी जीत परीक्षा के दौरान समय का सही नियोजन ही सफलता की कुंजी है। वहीं टीचरों ने बताया कि समय-समय पर डिजिटल क्लास रूम में बच्चों को बैठकर आधुनिक तकनीकी से रूबरू करवाया जाता व पढ़ाई करवाई जाती।</p>
<p><strong>लिखकर याद करने का फॉमूर्ला </strong><br />अक्सर छात्र कठिन विषयों को देखकर तनाव में आ जाते हैं। इसके समाधान के लिए कठिन विषय वस्तुओं का बार-बार दोहरान करना आवश्यक है। जो हिस्से याद करने में कठिन लगें, उन्हें छोटे-छोटे नोट्स के रूप में हाथ से लिखकर याद करें। हाथ से लिखे नोट्स मस्तिष्क में लंबे समय तक स्थायी रहते हैं।</p>
<p><strong>संवाद और आत्मविश्वास है जरूरी </strong><br />पढ़ाई के पाठ्यक्रम को छोटे-छोटे हिस्सों में बांटें और कठिन विषयों को पहले निपटाएं। पढ़ाई के बीच 5-10 मिनट का ब्रेक लें। पौष्टिक भोजन करें, पर्याप्त पानी पीएं। परीक्षा की रात अच्छी नींद लें, क्योंकि यह एकाग्रता और सोचने की क्षमता को बेहतर बनाती है। खुद पर विश्वास रखें और अपनी तैयारी पर ध्यान केंद्रित करें। परिणाम के बारे में चिंता न करें। यदि तनाव हावी हो रहा है,तो दोस्तों,परिवार या शिक्षकों से बात करें। वहीं पढ़ाई के दौरान आधुनिक तकनीकों का भी सहारा लिया जाता हैं।<br /><strong>-सुनीता मेहरा, प्रिंसिपल महा. गांधी गवर्नमेंट स्कूल, महावीर नगर फर्स्ट कोटा </strong></p>
<p><strong> वर्षभर जो पढ़ा उसमें से ही प्रश्न पूछे जाते</strong><br />बोर्ड परीक्षा की तैयारी करने के दौरान ये याद रखें कि जो आपने वर्षभर पढ़ा उस में से ही प्रश्न आते। अत: जो शिक्षकों ने पढ़ाया है उन्ही विषयवस्तुओं को आप अच्छे से पढ़ें। परीक्षा में कोई भी प्रश्न अनुत्तरित ना छोड़े। परीक्षा के दौरान समय प्रबंधन अतिमहत्वपूर्ण है। प्रतिदिन विषयवार छोटे-छोटे उद्देश्य बनायें, उनको प्राप्त करें। जिससे आपका विषय पूर्ण रूप से तैयार हो जाएगा।कठिन विषयवस्तुओं का दोहरान करें। जो याद नहीं हो पा रहा उसे छोटे छोटे नोट्स के रूप में हाथ से लिखें। मोबाइल और सोशल मीडिया से दूरी बनाकर रखें।वहीं समय-समय पर आधुनिक तकनीक जिसमे एआई समेत अन्य तकनीकों का सहारा लिया जाता।<br /><strong>- रूपेश गुप्ता, विज्ञान विषय, महा. गांधी राज. विद्या.,मल्टीपर्पज, गुमानपुरा</strong></p>
<p><strong> संस्कृत व्याकरण का जुलाई से ही शुरू हो जाता है अभ्यास </strong><br />बोर्ड परीक्षा के नाम से छात्र-छात्राओं में भय व्याप्त हो जाता है। हम छात्रों को सत्र के प्रारंभ से ही बोर्ड पाठ्यक्रम के अनुसार अध्यापन और प्रश्नोत्तर की तैयारी करवाते हैं। तीनों परख व प्री बोर्ड के प्रश्नों की संभावित बोर्ड प्रश्नों को आधार बनाकर प्रश्न पत्र तैयार करते हैं। संस्कृत विषय में व्याकरण महत्वपूर्ण है।जुलाई माह से ही पिछली कक्षाओं के व्याकरण को दोहराते हुए बोर्ड के निर्धारित पाठ्यक्रम पर ध्यान केंद्रित कर अधिक से अधिक बार पाठ्यक्रम को दोहराने का प्रयास करवाया जाता हैं। जिससे विद्यार्थी आत्मविश्वास से पूर्ण, विद्यार्थी तनाव मुक्त होकर परीक्षा देते हैं।<br /><strong>- नरेन्द्र कन्सूरिया, व्याख्याता संस्कृत, राउमावि, शिवपुरा</strong></p>
<p><strong>चार्ट और क्लास टेस्ट से होती है तैयारी </strong><br />कृषि विज्ञान में बोर्ड परीक्षा में उच्च अंक प्राप्त करने के लिए विषयों का विस्तृत अध्ययन करे। उसके बाद घर में पुन: पढ़कर नोट्स बनाने को कहा जाता हैं। साथ ही समय-समय पर बच्चों के क्लास टेस्ट लिए जाते हैं। कृषि विज्ञान में विभिन्न फसलों जैसे खाद्यान्न फसलों दलहनी फसलों तिलहनी फसलों तथा विभिन्न सब्जियों की खेती की संपूर्ण जानकारी विद्यार्थियों को पढ़ाई के दौरान दी जाती हैं। ताकि विद्यार्थी आसानी से याद कर सकें। वैसे विद्यार्थियों को कृषि विज्ञान विषय दैनिक जीवन की जरूरतों से जोड़कर पढ़ाया व समझाया जाता हैं। समय-समय पर विद्यार्थियों को चार्टस बनाकर विभिन्न जानकारी दी जाती हैं।<br /><strong>- तृप्ति पालीवाल व्याख्याता, कृषि विज्ञान रा.उ.मा.बि, दादाबाड़ी</strong></p>
<p><strong>स्व-चिंतन' से सुधारें अपनी गलतियां</strong><br />विज्ञान वर्ग की में अध्यापिका होने के चलते में ये ही कहूंगी की परीक्षा में बैठने वाले विद्यार्थियों को परीक्षा में अच्छे मार्क्स स्कोर करने के लिये आत्मविश्वास सर्वोपरि है। पूर्व बोर्ड परीक्षा के सॉल्व प्रश्नों को हल करके स्व-चिंतन करते हुए गलतियों को सुधार करने का प्रयास करें। मुख्य विषय वस्तु के शॉर्ट नोट्स का दोहरान मन मे करते रहे। तनाव रहित रहे, पर्याप्त नींद लें। रात को पढ़े गए का सुबह उठ कर दोहरान करे।<br /><strong>-नेहा गुप्ता विज्ञान अध्यापक, कोटा शहर</strong></p>
<p><strong>पूर्व परीक्षा के प्रश्नों को हल करे</strong><br /> स्टूडेंट को ्रपूरे साल ही सिलेबस को छोटे-छोटे हिस्सों में बांटकर पढ़ने की सलाह देते है। परीक्षा नजदीक आने के दौरान ज्यादा से ज्यादा रिवीजन करे। दिमाग को शांत रखे एवं आसपास का माहौल व्यवस्थित रखने की कोशिश करे। पढ़ाई के साथ साथ अपने स्वास्थ्य का भी ध्यान रखें क्योंकि स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क का निवास होता है।<br />पूर्व वर्ष के परीक्षा प्रश्न पत्र हल करे जिससे परीक्षा से पहले स्वयं के आत्मविश्वास में वृद्धि होगी।<br /><strong>- दीपिका चाँदसिन्हा,वरिष्ठ अध्यापक हिन्दी,राजकीय उच्च मा.वि. सकतपुरा</strong></p>
<p><strong>एकाग्रता और स्वयं के नोट्स से मिलेगी सफलता </strong><br />परीक्षा माध्यम से ही विद्यार्थी वर्षभर की मेहनत का फल प्राप्त करना है। सतर्क रहते हुए विषयवस्तु का अध्ययन करना इस समय विद्यार्थियों को सिर्फ अपने अध्ययन पर ही ध्यान केन्द्रित करना है। नियमित निंद्रा लें, और समय का ध्यान रखें।इस समय एकान्त में एवं एकाग्रचित्त होकर अध्ययन करें। स्वयं के बनाये नोट्स पढ़ें। बड़े उत्तरों को याद करने के लिए मुख्य-मुख्य बिन्दु याद रखें। साथ ही परीक्षा के हॉल में समय का भी ध्यान रखें।<br /><strong>- महेश सुमन,वरिष्ठ अध्यापक संस्कृत</strong></p>
<p> </p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>शिक्षा जगत</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 10 Feb 2026 14:55:49 +0530</pubDate>
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                <title>स्वामी बालमुकुंदाचार्य ने कहा-संस्कृत केवल भाषा ही नहीं बल्कि भारत की जीवन दृष्टि भी है, जगद्गुरु रामानंदाचार्य राजस्थान संस्कृत विश्वविद्यालय के स्थापना दिवस समारोह को किया संबोधित</title>
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                        <![CDATA[हवामहल विधायक स्वामी बालमुकुंदाचार्य ने कहा कि संस्कृत भारतीय जीवन-दृष्टि और सांस्कृतिक चेतना का आधार है, जिसे संरक्षित कर शोध, तकनीक और आधुनिक शिक्षा से जोड़ना आवश्यक है।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/swami-balmukundacharya-said-sanskrit-is-not-only-a-language/article-142317"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/11-(700-x-400-px)-(630-x-400-px)-(10)5.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। हवामहल विधानसभा क्षेत्र के विधायक स्वामी बालमुकुंदाचार्य ने कहा है कि संस्कृत केवल एक भाषा नहीं, बल्कि भारत की जीवन-दृष्टि, ज्ञान-परंपरा और सांस्कृतिक चेतना का मूल स्रोत है। सनातन संस्कृति की आधारशिला संस्कृत भाषा है बालमुकुंदाचार्य शनिवार को  जगद्गुरु रामानंदाचार्य राजस्थान संस्कृत विश्वविद्यालय के स्थापना दिवस समारोह को संबोधित कर रहे थे। </p>
<p>उन्होंने कहा कि संस्कृत भाषा को संरक्षित करना और भावी पीढ़ी तक पहुंचाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने त्रिवेणी महाराज के संकल्प के अनुरूप वैदिक परंपरा को आगे बढ़ाना, प्राचीन नक्षत्र व्यवस्था, अश्वमेघ यज्ञ परंपरा तथा प्राचीन ग्रंथों और लेखों के संरक्षण एवं प्रचार का कार्य आज के समय में अत्यंत आवश्यक है। </p>
<p>मुख्य अतिथि के रूप में हरिद्वार स्थित उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. रमाकांत पांडेय ने कहा कि संस्कृत विश्वविद्यालय भारतीय ज्ञान परंपरा के संवाहक हैं। आवश्यकता है कि संस्कृत को शोध, तकनीक और आधुनिक विषयों से जोड़ते हुए वैश्विक मंच पर स्थापित किया जाए, ताकि इसकी सार्वकालिक उपयोगिता सिद्ध हो सके। कुलपति प्रो.मदनमोहन झा ने कहा कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य केवल शास्त्रों का अध्ययन नहीं, बल्कि संस्कृत ज्ञान को समकालीन संदर्भों से जोड़कर समाजोपयोगी बनाना है। संस्कृत शिक्षा के माध्यम से नैतिकता, अनुशासन और समन्वय की भावना विकसित होती है, जो राष्टÑ निर्माण में सहायक है। </p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 08 Feb 2026 12:30:08 +0530</pubDate>
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                <title>गुम हुए मोबाइल फिर से मिले तो खिले चेहरे, पुलिस ने 83 फोन असली मालिकों को सौंपे</title>
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                        <![CDATA[जयपुर में जवाहर नगर थाना पुलिस ने सीईआईआर पोर्टल से दो माह में 83 गुम मोबाइल तलाशकर मालिकों को सौंपे। करीब 15 लाख रुपये मूल्य के मोबाइल रिकवर किए गए।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/faces-lit-up-when-lost-mobiles-were-found-again-police/article-141753"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/(1200-x-600-px)-(6).png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। जवाहर नगर थाना पुलिस ने गुम हुए मोबाइलों को तलाशकर जब उनके मालिकों को सौंपे तो उनके चेहरे खुशी से खिल उठे। पुलिस ने सईआईआर पोर्टल की मदद से दो माह में 83 मोबाइलों को तलाशा, जिनकी कीमत करीब 15 लाख रुपए है। </p>
<p>एसीपी आदर्श नगर लक्ष्मी सुथार ने बताया कि थानाधिकारी जवाहर नगर महेश चन्द्र गुर्जर के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया गया।  सीईआईआर पोर्टल पर हर दिन अपडेशन चैक कर उपयोगकर्ताओं को समझाइश कर दो माह में 83 मोबाइल रिकवर किए गए हैं। रिकवर किए गए मोबाइल वर्ष 2024 के 14 और 2025 के 66 मोबाइल है। वहीं वर्ष 2026 के तीन मोबाइल हैं। </p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 03 Feb 2026 11:22:34 +0530</pubDate>
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                <title>अरब देशों के साथ व्यापार, ऊर्जा और प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में सहयोग प्रगाढ बनाने को प्रतिबद्ध है भारत : पीएम मोदी</title>
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                        <![CDATA[प्रधानमंत्री मोदी ने अरब देशों के साथ व्यापार, निवेश, ऊर्जा, तकनीक और स्वास्थ्य सहयोग मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई तथा क्षेत्रीय शांति प्रयासों में अरब लीग की भूमिका सराही।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/india-is-committed-to-deepening-cooperation-with-arab-countries-in/article-141493"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/modi.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अरब देशों के साथ व्यापार और निवेश, ऊर्जा, प्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य सेवा तथा अन्य क्षेत्रों में सहयोग को और प्रगाढ बनाने की भारत की प्रतिबद्धता को दोहराया है। पीएम मोदी ने शनिवार को यहां अरब देशों के विदेश मंत्रियों, अरब लीग के महासचिव तथा अरब देशों के प्रतिनिधिमंडलों के प्रमुखों से मुलाकात की। ये सभी प्रतिनिधि भारत-अरब विदेश मंत्रियों की द्वितीय बैठक में भाग लेने के लिए भारत यात्रा पर हैं। </p>
<p>इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने भारत और अरब जगत के लोगों के बीच गहरे और ऐतिहासिक संबंधों को रेखांकित किया। इससे वर्षों से परस्पर रिश्तों और सुदृढ़ हुए हैं। प्रधानमंत्री ने आने वाले वर्षों के लिए भारत-अरब साझेदारी के बारे में अपना दृष्टिकोण साझा किया और व्यापार एवं निवेश, ऊर्जा, प्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य सेवा तथा अन्य प्राथमिक क्षेत्रों में सहयोग को और अधिक मजबूत करने की भारत की प्रतिबद्धता दोहरायी ताकि दोनों पक्षों के लोगों को परस्पर लाभ मिल सके।</p>
<p>पीएम मोदी ने फिलिस्तीन के लोगों के प्रति भारत के निरंतर समर्थन को दोहराया और ग़ाजा शांति योजना सहित शांति प्रयासों का स्वागत किया। उन्होंने क्षेत्रीय शांति, स्थिरता और संवाद को बढ़ावा देने में अरब लीग की महत्वपूर्ण भूमिका की सराहना भी की।</p>]]>
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                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 31 Jan 2026 18:38:33 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Jaipur NM]]>
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                <title>जर्मनी, इजरायल ने 'साइबरडोम' बनाने के लिए किया समझौता, साइबर और ड्रोन हमलों का लगाएगा पता</title>
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                        <![CDATA[जर्मनी और इजरायल ने संयुक्त सुरक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किए। साइबर व ड्रोन हमलों से निपटने के लिए जर्मन ‘डोम’ सिस्टम विकसित किया जाएगा।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/germany-and-israel-sign-agreement-to-build-cyberdome-to-detect/article-139274"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/israel,-germany-sign.png" alt=""></a><br /><p>बर्लिन। जर्मनी और इजरायल ने संयुक्त सुरक्षा कार्य को लेकर एक समझौता किया है, जिसमें साइबर हमलों को रोकने के लिए एक जर्मन 'डोम' का निर्माण भी शामिल है। </p>
<p>जर्मनी के द हैंडेल्सब्लाट अखबार ने की रिपोर्ट के अनुसार इस समझौते पर जर्मनी गृहमंत्री मंत्री अलेक्जेंडर डोबिडट और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ने हस्ताक्षर किया। अखबार की रिपोर्ट के अनुसार ने स्पष्ट किया कि यह समझौता जर्मनी गृहमंत्री मंत्री अलेक्जेंडर डोबिडट के इजराइल के दो दिवसीय दौरे के दौरान हुआ। </p>
<p>अखबार ने बताया है कि यह सिस्टम स्वचालित रूप से साइबर हमलों और ड्रोन हमलों का पता लगाएगा और उन्हें रोकेगा। यह समझौता जर्मनी और इजरायल के साइबर सुरक्षा क्षमताओं के घनिष्ठ एकीकरण का प्रावधान करता है।</p>]]>
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                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/germany-and-israel-sign-agreement-to-build-cyberdome-to-detect/article-139274</link>
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                <pubDate>Mon, 12 Jan 2026 14:05:36 +0530</pubDate>
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                <title>2026 में नौकरी देने में सबसे आगे रहेंगे उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और कर्नाटक, रोजगार क्षमता  में होगी बढोतरी</title>
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                        <![CDATA[भारत में रोजगार के अवसर तेजी से बढ़ रहे हैं। इंडिया स्किल रिपोर्ट 2026 के अनुसार, देश की रोजगार क्षमता 56.35% तक पहुंचने की उम्मीद है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्लाउड कंप्यूटिंग, साइबर सिक्योरिटी और डिजिटल स्किल्स वाले युवाओं की मांग तेजी से बढ़ी है। बैंकिंग, फाइनेंस और तकनीकी क्षेत्रों में नौकरियों में सबसे अधिक वृद्धि संभावित है।
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/uttar-pradesh-maharashtra-and-karnataka-will-be-at-the-forefront/article-132128"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-11/111-(17).png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। भारत में रोजगार के मौके तेजी से बढ़ रहे हैं। टेक्नोलॉजी स्किल्स से लैस युवाओं के लिए रोजगार के नए रास्ते खुले हैं। जॉब मार्केट में जनरेटिव आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), क्लाउड कंप्यूटिंग, साइबर सिक्योरिटी और दूसरे एडवांस्ड डिजिटल फील्ड में स्किल्स युवाओं की डिमांड बढ़ रही है। यह जानकारी इंडिया स्किल रिपोर्ट 2026 में सामने आई है। दरअसल, ग्लोबल एजुकेशन एंड टेलेंट सॉल्यूशन ऑर्गेनाइजेशन, ईटीएस ने कॉन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री, एआईसीटीई, एआईयू और टैग्ड के साथ मिलकर 2026 की इंडिया स्किल रिपोर्ट जारी की है। रिपोर्ट में स्किल्स, स्टेट और सेक्टर वाइज रोजगार के नए मौके और भविष्य की मांग के बारे में बताती है।</p>
<p><strong>एआई नौकरी छीनेगा नहीं, नए मौके देगा</strong></p>
<p>रिपोर्ट से पता चलता है कि भारत की रोजगार क्षमता 2025 में 54.81% से बढ़कर 2026 में 56.35% हो जाएगी, खासकर उन कंपनियों में जो आर्टिफिशियल इंटेजिलेंस (एआई), डिजिटलाइजेशन और ग्लोबल मोबिलिटी को अपना रही हैं। भारत में डिजिटल बदलाव और टेक्निकल स्किल भर्ती की मांग सबसे ज्यादा बढ़ी है। देश का एआई प्रतिभा पूल 23.5 लाख प्रोफेशनल्स तक पहुंच गया है, जो साल-दर-साल 55 प्रतिशत की दर से ग्रो हो रहा है। नौकरी देने वाले जनरेटिव एआई, क्लाउड कंप्यूटिंग, साइबर सुरक्षा और एडवांस्ड डिजिटल फील्ड्स के लिए स्किल्ड युवाओं की तलाश कर रहे हैं। लगभग 10 में से 4 हायरिंग नए पदों के लिए होने की उम्मीद है, जबकि पिछले साल यह संख्या 10 में से केवल 2 थी, जो मजबूत बिजनेस कॉन्फिडेंस और बड़े प्रोजेक्ट्स की ओर इशारा करती हैं। दूसरी ओर नौकरी छोड़ने की दर पहले के मुकाबले कम हो हुई है।</p>
<p><strong>इन क्षेत्रों में तेजी से बढ़ेंगी नौकरियां</strong></p>
<p>मांग में सबसे ऊपर डिजिटल और डेटा एक्सपर्ट, एआई/एमएल इंजीनियर, समाधान आर्किटेक्ट और सस्टेनेबिलिटी एक्सपर्ट शामिल हैं। रिपोर्ट के अनुसार, भारत का जॉब मार्केट 2026 में एक बड़े उछाल के लिए तैयार है, जहां हायरिंग 2025 के 9.75 प्रतिशत से बढ़कर 11 प्रतिशत पर डबल डिजिट में पहुंच रही है। बैंकिंग, फाइनेंशियल सर्विस और इंश्योरेंस सेक्टर में रोजगार के मौके 20 प्रतिशत बढ़ सकते हैं। इसके बाद मेटल एंड माइनिंग, बिजली, यूटिलिटीज, स्टील और सीमेंट कंपनियों में 12 प्रतिशत नौकरियां बढ़ने का अनुमान है।</p>
<p> </p>]]>
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                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 12 Nov 2025 11:39:56 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>तकनीक से तरक्की की ओर राजस्थान : मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में सूचना प्रौद्योगिकी में नए कीर्तिमान</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के कुशल नेतृत्व में राज्य सरकार सूचना प्रौद्योगिकी और संचार के क्षेत्र में नित नए आयाम गढ़ रही है]]>
                    </description>
                
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/new-record-in-information-technology-under-the-leadership-of-rajasthan/article-122322"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-06/bhajanlal-sharma-(3)2.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के कुशल नेतृत्व में राज्य सरकार सूचना प्रौद्योगिकी और संचार के क्षेत्र में नित नए आयाम गढ़ रही है। सरकार की प्रगतिशील नीतियों और नवाचारों को प्रोत्साहन देने की प्रतिबद्धता ने राज्य को तकनीकी प्रगति के मानचित्र पर ऊंचा स्थान दिलाया है।</p>
<p><strong>जवाबदेह, नैतिक और समावेशी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की दिशा में ऐतिहासिक पहल</strong><br />मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में राज्य सरकार जल्द ही ‘राजस्थान एआई पॉलिसी 2025’ को लागू करने जा रही है। इस नीति के तीन प्रमुख स्तंभ हैं- पहला, नैतिक और जिम्मेदार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को अपनाने के लिए सरकारी स्तर पर विशेष प्रयास किए जाएंगे। दूसरा, राज्य में कौशल विकास और अनुसंधान को बढ़ावा दिया जाएगा। तीसरा, मजबूत और व्यापक डिजिटल बुनियादी ढांचे का निर्माण किया जाएगा।</p>
<p>इसके क्रियान्वयन के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर एआई (सीओई-एआई) की स्थापना की जाएगी, जो स्टार्टअप्स, शैक्षणिक संस्थानों और निजी क्षेत्र के साथ मिलकर नवाचार को गति देगा। यह नीति नेशनल इंडिया एआई मिशन के साथ संरेखित है और  वैश्विक सर्वाेत्तम प्रथाओं को अपनाने का प्रयास है।</p>
<ul>
<li>एवीजीसी-एक्सआर पॉलिसी-रचनात्मक अर्थव्यवस्था का नया केंद्र बनेगा राजस्थान</li>
<li>एनिमेशन से एक्सटेंडेड रियलिटी तक, रोजगार और निवेश के नए अवसर</li>
<li>1000 करोड़ की लागत से बनेंगे अटल इनोवेशन स्टूडियो एंड एक्सेलेरेटर्स</li>
</ul>
<p>राज्य सरकार की ओर से जारी एवीजीसी-एक्सआर पॉलिसी ने राज्य को एनिमेशन, गेमिंग और विजुअल इफेक्ट्स जैसे रचनात्मक क्षेत्रों में अग्रणी बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए हैं। साथ ही, राज्य सरकार ने 1000 करोड़ रुपये की लागत से चार अटल इनोवेशन स्टूडियो एंड एक्सेलेरेटर्स की स्थापना का प्रस्ताव रखा है। इसके साथ एग्रीकल्चर एक्सेलेरेटर मिशन की शुरुआत की गई है, जिससे तकनीक और कृषि का समावेश होगा।</p>
<p><strong>डेटा सेंटर पॉलिसी-2025 से विकसित होगा विश्व स्तरीय डेटा सेंटर इकोसिस्टम</strong><br />सूचना प्रौद्योगिकी एवं तकनीकी के बढ़ते प्रभाव को ध्यान में रखते हुए राजस्थान में निजी क्षेत्र में डेटा सेंटर्स की स्थापना को प्रोत्साहित करने के लिए राजस्थान डेटा सेंटर पॉलिसी-2025 जारी की गई है। इस पॉलिसी का उद्देश्य राज्य में एक विश्व स्तरीय डेटा सेंटर इकोसिस्टम विकसित करना है एवं राजस्थान को डेटा सेंटर क्षेत्र में प्रमुख गंतव्य बनाना है। यह नीति राज्य में स्थापित होने वाले डेटा सेंटर्स की गतिविधियों की दक्षता, सुरक्षा और विश्वसनीयता को प्रभावी बनाएगी।</p>
<p><strong>उद्यमियों के साथ एमओयू</strong><br />राज्य सरकार का लक्ष्य है कि सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र हजारों युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करे और राजस्थान को क्रिएटिव टेक्नोलॉजी का हब बनाया जा सके। साथ ही, इस क्षेत्र में निवेश को आकर्षित करने के लिए प्रमुख उद्यमियों के साथ एमओयू के माध्यम से सहयोग को भी बढ़ावा दिया जाएगा।</p>
<p>भामाशाह स्टेट डेटा सेंटर-डिजिटल राजस्थान की रीढ़, देश का सबसे बड़ा सरकारी डेटा सेंटर, 99.995 प्रतिशत अपटाइम की गारंटी<br />राजस्थान स्टेट डेटा सेंटर (आरएसडीसी) देश का सबसे बड़ा सरकारी स्वामित्व वाला डेटा सेंटर है। मुख्यमंत्री के विजन के अनुरूप यह सेंटर अत्याधुनिक तकनीकों से लैस है। इसमें जयपुर में चार और जोधपुर में एक डीआर साइट सम्मिलित हैं। इसकी कुल क्षमता 800 रैक है, जिनमें आरएसडीसी-पी4 में 600 रैक के साथ टियर-4 डिजाइन उपलब्ध है, जो 99.995 प्रतिशत अपटाइम की गारंटी देता है। यह सेंटर जी2जी, जी2सी और जी2बी सेवाओं की प्रभावी उपलब्धता सुनिश्चित करता है, जिससे डिजिटल राजस्थान का सपना साकार हो रहा है। इसके माध्यम से डेटा प्रबंधन, केंद्रीय संग्रहण और आईटी संचालन की लागत में उल्लेखनीय कमी आई है।</p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/new-record-in-information-technology-under-the-leadership-of-rajasthan/article-122322</link>
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                <pubDate>Fri, 01 Aug 2025 18:47:59 +0530</pubDate>
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                <title>राजस्थान कार्डियोलॉजी समिट-2025 : नई तकनीक, अब बिना स्टेंट के भी खुलेगा हार्ट ब्लॉकेज</title>
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                        <![CDATA[ अब हर हार्ट ब्लॉकेज में स्टेंट डालना जरूरी नहीं रहा। कुछ मामलों में ड्रग कोटेड बैलून तकनीक से ही ब्लॉकेज को खोला जा सकता है]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/rajasthan-cardiology-summit-2025-new-technology-will-now-open-heart-blockage/article-121094"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-07/news-(2)29.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। अब हर हार्ट ब्लॉकेज में स्टेंट डालना जरूरी नहीं रहा। कुछ मामलों में ड्रग कोटेड बैलून तकनीक से ही ब्लॉकेज को खोला जा सकता है, जिससे मरीज को स्टेंट से जुड़ी जटिलताओं और दवाओं से भी राहत मिलती है। शनिवार से जयपुर में शुरू हुई दो दिवसीय नेशनल कॉन्फ्रेंस राजस्थान कार्डियोलॉजी समिट-2025 में विशेषज्ञों ने एंजियोप्लास्टी की नवीनतम तकनीकों के बारे में जानकारी साझा की। आॅर्गेनाइजिंग सेक्रेट्री डॉ. संजीब रॉय ने बताया कि पहले दिन डॉ. विवेक चतुर्वेदी ने सुप्रावेंट्रीकुलर एरिद्मिया, यूएसए से डॉ. गैरी मिंट्ज और डॉ. रमेश डग्गुबाती आॅनलाइन शामिल हुए। डॉ. पार्थ ने वाइड क्यूआरएस टैकीकार्डिया, डॉ. राजीव शर्मा ने साइनस नोड और एवी नोड ब्लॉक्स, डॉ. हेमंत चतुर्वेदी ने एओर्टिक वाल्व डिजीज पर अपनी रिसर्च प्रस्तुत की। </p>
<p>जहां स्टेंट की जरूरत नहीं <br />दिल्ली के डॉ. राकेश गुप्ता ने बताया कि कई बार ऐसी स्थिति बन जाती है, जिसमें हार्ट ब्लॉकेज को ठीक करने के लिए स्टेंट डालने की आश्यकता नहीं पड़ती। इसके लिए ड्रग कोटेड बैलून से भी एंजियोप्लास्टी की जा रही है। इसमें ब्लॉकेज वाली जगह पहुंच कर ड्रग कोटेड बैलून फुलाया जाता है और वह ब्लॉकेज को खोल देता है। मरीज को स्टेंट नहीं लगता तो खून पतला करने जैसी दवाएं लेने की भी जरूरत नहीं पड़ती। उदयपुर से आए डॉ. कपिल भार्गव ने बताया कि चावल, मैदा, गेहूं या चीनी जैसे खाद्य पदार्थ इंसुलिन ज्यादा बनाते हैं, जिससे डायबिटीज बढ़ती है और सबसे ज्यादा हार्ट डिजीज होती है।</p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
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                <pubDate>Sun, 20 Jul 2025 13:10:36 +0530</pubDate>
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