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                <title>बिहार में खरीफ महाभियान-2026 का आगाज: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने दिखाई किसान जागरूकता वाहनों को हरी झंडी; योजनाओं, तकनीक और अनुदान की जानकारी गांव-गांव पहुंचेगी</title>
                                    <description><![CDATA[बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पटना में शारदीय (खरीफ) महाभियान-2026 का शुभारंभ किया। उन्होंने किसान जागरूकता और कृषि ज्ञान वाहनों को हरी झंडी दिखाई। यह वाहन किसानों को डिजिटल क्रॉप सर्वे, अनुदानित योजनाओं, उन्नत तकनीकों और फसल अवशेष प्रबंधन के प्रति जागरूक कर उनकी आय बढ़ाएंगे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/kharif-maha-abhiyan-2026-started-in-bihar-chief-minister-samrat-choudhary/article-156965"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/samrat1.png" alt=""></a><br /><p>पटना। बिहार मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने रविवार को 01 अणे मार्ग से किसान जागरूकता वाहनों को हरी झंडी दिखाकर शारदीय (खरीफ) महाभियान-2026 का शुभारंभ किया।श्री चौधरी ने इस दौरान शारदीय (खरीफ) महाभियान-2026 से संबंधित दो कृषि ज्ञान वाहन सहित सभी जिलों के लिए किसान जागरूकता वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। सीएम चौधरी ने बताया कि किसान जागरूकता वाहन द्वारा किसानों को खरीफ मौसम से संबंधित सभी योजनाओं की जानकारी देते हुए उन्हें जागरूक किया जाएगा। किसानों को खरीफ फसलों की तकनीकी जानकारी दी जायेगी। उन्होंने कहा कि शारदीय (खरीफ) मौसम में कृषि विभाग द्वारा संचालित योजनाओं तथा खरीफ में अनुदानित दर पर उपादान वितरण की जानकारी दी जायेगी। उन्होंने कहा कि किसानों का आय बढ़ाने, डिजिटल क्रॉप सर्वे / फार्मर रजिस्ट्री के बारे में अवगत कराने के साथ-साथ कृषि उपकरण की भी जानकारी दी जायेगी।</p>
<p>सीएम चौधरी ने बताया कि अभियान के दौरान प्रशिक्षण एवं विस्तार सेवाओं के बारे में किसानों को अवगत कराया जायेगा। साथ ही खेत बचाओ अभियान, प्रकृति तथा संतुलित उर्वरक की जानकारी एवं फसल अवशेष प्रबंधन के प्रति किसानों को जागरुक किया जायेगा। कार्यक्रम में कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, कृषि विभाग के प्रधान सचिव नर्मदेश्वर लाल, मुख्यमंत्री के सचिव लोकेश कुमार सिंह, कृषि विभाग के विशेष सचिव डॉ.वीरेन्द्र प्रसाद यादव, पटना प्रक्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक जितेन्द्र राणा, कृषि विभाग के निदेशक सौरभ सुमन यादव, निदेशक, उद्यान अभिषेक कुमार सहित अन्य वरीय अधिकारी उपस्थित थे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 14 Jun 2026 18:47:07 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>मसूद पेज़ेशकियन का ईरान के रक्षा ढांचे को आधुनिक बनाने का आग्रह, चेतावनी देते हुए कहा- शत्रु ने हासिल की नई तकनीकें और उपकरण</title>
                                    <description><![CDATA[ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने सैन्य कमांडरों से रक्षा ढांचे को आधुनिक बनाने और तकनीकी बढ़त हासिल करने का आह्वान किया। उन्होंने चेतावनी दी कि खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी मौजूदगी सुरक्षा सुनिश्चित करने में विफल रही है। पेज़ेशकियन ने सेना को राजनीति से दूर रहकर राष्ट्रीय हितों के प्रति प्रतिबद्ध रहने के लिए सराहा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/masoud-pezeshkian-urges-to-modernize-irans-defense-structure-warns-that/article-155064"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/masood.png" alt=""></a><br /><p>तेहरान। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने देश के रक्षा ढांचे को आधुनिक बनाने का आह्वान किया है और यह चेतावनी भी दी कि शत्रु ने नई तकनीकें और उपकरण हासिल कर लिए हैं। उन्होंने सैन्य कमांडरों को संबोधित करते हुए कहा कि इस क्षेत्र के देशों ने यह निष्कर्ष निकाल लिया है कि खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी सेना की मौजूदगी 'उनकी स्थायी सुरक्षा सुनिश्चित करने में विफल रही है और सुरक्षा के लिए अमेरिका पर भरोसा करना एक अवास्तविक और अप्रभावी विचार रहा है'।</p>
<p>ईरान के राष्ट्रपति कार्यालय की ओर से जारी एक बयान के अनुसार, पेज़ेशकियन ने ईरान के रक्षा ढांचे को आधुनिक बनाने का भी आह्वान किया और चेतावनी दी कि शत्रु ने नई तकनीकें और उपकरण हासिल कर लिए हैं। बयान में कहा गया कि सशस्त्र बलों को विश्वविद्यालयों, वैज्ञानिक केंद्रों और ज्ञान-आधारित कंपनियों के अधिक उपयोग के माध्यम से 'तकनीकी बढ़त हासिल करने और रक्षा क्षमताओं को बढ़ाने' का प्रयास करना चाहिए।</p>
<p>पेज़ेशकियन ने 'पेशेवर कर्तव्यों के प्रति प्रतिबद्धता और राजनीतिक एवं दलीय मुद्दों से दूर रहने' के लिए सेना का आभार भी व्यक्त किया। उन्होंने कहा, "राष्ट्रीय हितों पर आधारित यह पेशेवर और जिम्मेदारी भरा दृष्टिकोण देश और व्यवस्था के लिए एक मूल्यवान संपत्ति है।"</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 26 May 2026 18:38:39 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>राजस्थान में दुर्लभ खनिजों का महाभंडार: सिवाना रिंग कॉम्प्लेक्स बनेगा देश की सामरिक सुरक्षा का नया केंद्र</title>
                                    <description><![CDATA[पश्चिमी राजस्थान के बालोतरा स्थित सिवाना रिंग कॉम्प्लेक्स में रेयर अर्थ एलिमेंट्स और क्रिटिकल रेयर मेटल्स के विशाल भंडार की पुष्टि हुई है। 750 वर्ग किलोमीटर में फैले इस क्षेत्र से रक्षा, परमाणु ऊर्जा और इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए कच्चा माल मिलेगा। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने परियोजना के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त करने के निर्देश दिए हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/balotras-sivana-ring-complex-will-become-the-new-center-of/article-154867"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/1111200-x-600-px)-(2)71.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। पश्चिमी राजस्थान का बालोतरा स्थित सिवाना रिंग कॉम्प्लेक्स देश की सामरिक, औद्योगिक और ऊर्जा सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण केंद्र बनने जा रहा है। यहां रेयर अर्थ एलिमेंट्स, हैवी रेयर अर्थ एलिमेंट्स और क्रिटिकल रेयर मेटल्स के विशाल भंडार मिलने से भारत को रक्षा, परमाणु ऊर्जा, इलेक्ट्रिक वाहन और हाईटेक उद्योगों के लिए जरूरी कच्चा माल उपलब्ध हो सकेगा।</p>
<p>केन्द्रीय खान मंत्रालय की टेक्निकल कम कॉस्ट कमेटियों की संयुक्त बैठक में सिवाना रिंग कॉम्प्लेक्स के तीन ब्लॉक्स में दुर्लभ खनिजों के बड़े भंडार होने की पुष्टि की गई है। इन ब्लॉक्स के तकनीकी मूल्यांकन का कार्य तीन कंपनियों को आवंटित किया गया है। करीब 750 वर्ग किलोमीटर में फैले इस ज्वालामुखीय क्षेत्र के सर्वेक्षण में नियोबियम, जिरकोनियम और हाफनियम जैसे महत्वपूर्ण रेयर अर्थ एलिमेंट्स पाए गए हैं। इन खनिजों का उपयोग एयरोस्पेस इंजनों के सुपरअलॉय, सुपरकंडक्टिंग मैग्नेट, चिकित्सा उपकरणों और वैज्ञानिक अनुसंधान में किया जाता है।</p>
<p>इसके अलावा परमाणु रिएक्टर, इलेक्ट्रिक कार, मिसाइल तकनीक, रोबोटिक्स, माइक्रो-इलेक्ट्रॉनिक्स और रासायनिक प्रसंस्करण जैसे क्षेत्रों में भी इन दुर्लभ खनिजों की बड़ी भूमिका है। विशेषज्ञों के अनुसार ये खनिज देश की सामरिक सुरक्षा और तकनीकी आत्मनिर्भरता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माने जाते हैं।</p>
<p>मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि सिवाना रिंग कॉम्प्लेक्स और सिवाना ग्रेनाइट क्षेत्र में रेयर अर्थ एवं हेवी रेयर अर्थ एलिमेंट्स की उपलब्धता राजस्थान के लिए बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने अधिकारियों को परियोजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त करने तथा केंद्र सरकार के साथ समन्वय बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।</p>
<p>राज्य सरकार दुर्लभ खनिजों के अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए रेयर अर्थ एक्सीलेंस सेंटर की स्थापना भी कर रही है। इसके लिए भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण, एटॉमिक मिनरल्स डायरेक्टरेट फॉर एक्सप्लोरेशन एंड रिसर्च, आईआईटी हैदराबाद और आईआईटी आईएसएम धनबाद जैसे संस्थानों के साथ साझेदारी की जा रही है।</p>
<p>उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार ने स्वच्छ ऊर्जा और उन्नत तकनीकों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से नेशनल क्रिटिकल मिनरल मिशन (एनसीएमएम) शुरू किया है। इस मिशन के तहत ऊर्जा सुरक्षा, औद्योगिक विकास और तकनीकी आत्मनिर्भरता को मजबूत करने के लिए रणनीतिक खनिजों की खोज और विकास पर विशेष जोर दिया जा रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 24 May 2026 17:14:18 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>ब्लड सप्लाई रुकने से पैर कटने की नौबत, जयपुर के डॉक्टरों ने सर्जरी कर बचाई जिंदगी</title>
                                    <description><![CDATA[जयपुर के मणिपाल हॉस्पिटल में डॉक्टरों ने एंडोवेस्कुलर तकनीक से जटिल वैस्कुलर सर्जरी कर मरीज खातुम बानू का पैर कटने से बचा लिया। ब्लड सप्लाई रुकने से पैर की उंगलियां काली पड़ चुकी थीं। वैस्कुलर सर्जन डॉ. गोविन्द प्रसाद दुबे की टीम ने एंजियोप्लास्टी कर ब्लॉकेज हटाए और रक्त संचार बहाल किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/due-to-stoppage-of-blood-supply-doctors-of-jaipur-saved/article-154665"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/manipal.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। जयपुर के सीकर रोड स्थित मणिपाल हॉस्पिटल जयपुर में डॉक्टरों ने एक जटिल वैस्कुलर सर्जरी को सफलतापूर्वक अंजाम देकर मरीज का पैर बचाने में सफलता हासिल की। खातुम बानू को अचानक लेफ्ट पैर में ब्लड सप्लाई रुकने के कारण तेज दर्द हो रहा था और पैर की उंगलियां नीली व काली पड़ने लगी थीं। यह स्थिति क्रिटिकल लिम्ब इस्कीमिया का संकेत थी। मरीज को इमरजेंसी में भर्ती कर तुरंत सी टी एंजियोग्राफी जांच की गई, जिसमें पैर बचने की संभावना बेहद कम बताई गई। इसके बाद वैस्कुलर सर्जन डॉ. गोविन्द प्रसाद दुबे की टीम ने एंडोवेस्कुलर तकनीक से उपचार शुरू किया।</p>
<p>पहले ब्लॉकेज हटाने के लिए लिसिस प्रक्रिया की गई और अगले दिन एंजियोप्लास्टी कर ब्लड सप्लाई बहाल कर दी गई। डॉक्टरों के अनुसार अब मरीज स्वस्थ हैं, दर्द में राहत है और वह सामान्य रूप से चल पा रही हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 22 May 2026 18:31:48 +0530</pubDate>
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                <title>राघव चड्ढा की याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई: आलोचना लोकतंत्र का हिस्सा, भ्रामक AI कंटेंट गंभीर विषय</title>
                                    <description><![CDATA[दिल्ली हाईकोर्ट ने भाजपा सांसद राघव चड्ढा की डीपफेक वीडियो और आपत्तिजनक पोस्ट हटाने वाली याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि पार्टी बदलने पर राजनीतिक आलोचना जायज है, लेकिन फर्जी आवाज और भ्रामक एआई (AI) कंटेंट बेहद गंभीर विषय है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/hearing-in-delhi-high-court-on-raghav-chadhas-petition-criticism/article-154601"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/raghav-chadda.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट में बीजेपी में शामिल हुए राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा की उस याचिका पर सुनवाई हुई, जिसमें उन्होंने सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे कथित डीपफेक वीडियो, मॉर्फ्ड तस्वीरों और आपत्तिजनक पोस्ट हटाने की मांग की थी। राघव चड्ढा का कहना है कि एआई तकनीक के जरिए उनकी छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की जा रही है।</p>
<p>सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि किसी नेता के राजनीतिक फैसले की आलोचना लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा है। कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि पार्टी बदलने के फैसले पर व्यंग्य या आलोचना को सीधे पर्सनालिटी राइट्स का उल्लंघन नहीं माना जा सकता। हालांकि, अदालत ने फर्जी वीडियो,नकली आवाज और भ्रामक एआई कंटेंट को गंभीर विषय बताया। अदालत ने फिलहाल मामले में फैसला सुरक्षित रखा है। इस याचिका में अज्ञात सोशल मीडिया अकाउंट्स और प्लेटफॉर्म्स के खिलाफ कार्रवाई की भी मांग की गई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 21 May 2026 17:48:01 +0530</pubDate>
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                <title>इटली के राष्ट्रपति सर्जियो मटेरेला ने की मोदी से मुलाकात, दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रोम में इटली के राष्ट्रपति सर्जियो मटेरेला से मुलाकात कर द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने पर चर्चा की। दोनों नेताओं के बीच व्यापार, निवेश, सांस्कृतिक संबंधों के साथ-साथ कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), महत्वपूर्ण खनिज, अंतरिक्ष और परमाणु ऊर्जा जैसे भविष्य के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर अहम बातचीत हुई।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/italian-president-sergio-mattarella-met-modi-and-discussed-various-aspects/article-154492"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/italy.png" alt=""></a><br /><p>रोम। इटली की दो दिन की यात्रा पर गये प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को यहां इटली के राष्ट्रपति सर्जियो मटेरेला से मुलाकात की और द्विपक्षीय संबंधों के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की। मुलाकात के बाद पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि उन्होंने राष्ट्रपति के साथ विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग के बारे में बातचीत की। उन्होंने कहा ,"मैंने रोम में राष्ट्रपति सर्जियो मटेरेला से मुलाकात की। हमने भारत और इटली के बीच मित्रता से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की, जिसमें व्यापार, निवेश और सांस्कृतिक संबंध शामिल हैं।</p>
<p>हमने इस बारे में बात की कि हमारे देश कृत्रिम बुद्धिमत्ता, महत्वपूर्ण खनिज, अंतरिक्ष और परमाणु ऊर्जा जैसे क्षेत्रो में सहयोग कैसे बढा सकते हैं। "राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद मोदी इटली की राष्ट्रपति जॉर्जिया मेलोनी के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। इसके बाद उनका स्वदेश लौटने का कार्यक्रम है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 20 May 2026 18:34:14 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>राजनाथ सिंह ने की वियतनाम के राष्ट्रपति से मुलाकात, हिन्द-प्रशांत में स्थिरता और नौवहन की स्वतंत्रता की जताई प्रतिबद्धता</title>
                                    <description><![CDATA[रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने वियतनाम के रक्षा मंत्री जनरल फान वान जियांग के साथ हनोई में द्विपक्षीय बैठक की। दोनों देशों ने AI और क्वांटम प्रौद्योगिकी पर समझौते किए। साथ ही हिंद-प्रशांत क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा, सैन्य प्रशिक्षण और नौवहन की स्वतंत्रता बनाए रखने की साझा प्रतिबद्धता दोहराई।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/rajnath-singh-met-the-president-of-vietnam-expressed-commitment-to/article-154357"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/rajnath-singh1.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। भारत और वियतनाम ने हिन्द-प्रशांत क्षेत्र में शांति, स्थिरता, सुरक्षा और नौवहन की स्वतंत्रता बनाए रखने की प्रतिबद्धता की पुष्टि की है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को वियतनाम की राजधानी हनोई में उप प्रधानमंत्री एवं राष्ट्रीय रक्षा मंत्री जनरल फान वान जियांग के साथ द्विपक्षीय बैठक की। दोनों मंत्रियों ने वर्चुअल माध्यम से वियतनाम के वायु सेना अधिकारी महाविद्यालय में भाषा प्रयोगशाला का उद्घाटन किया। भारत एवं वियतनाम ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं क्वांटम प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। रक्षा मंत्री ने न्हा त्रांग स्थित दूरसंचार विश्वविद्यालय में कृत्रिम बुद्धिमत्ता प्रयोगशाला की स्थापना की घोषणा की।</p>
<p>रक्षा मंत्रालय ने बताया कि दोनों मंत्रियों ने दोनों देशों के बीच बढ़ती रक्षा साझेदारी की समीक्षा की और समुद्री सुरक्षा, रक्षा उद्योग, प्रशिक्षण एवं क्षेत्रीय स्थिरता में सहयोग को और गहरा करने के उपायों पर चर्चा की। दोनों पक्षों ने पारस्परिक हितों से जुड़े क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा घटनाक्रमों पर विचारों का आदान-प्रदान किया तथा हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति, स्थिरता, सुरक्षा, संरक्षा और नौवहन की स्वतंत्रता बनाए रखने के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने सैन्य प्रशिक्षण, रक्षा उद्योग सहयोग, समुद्री सुरक्षा, क्षमता निर्माण, संयुक्त राष्ट्र शांति स्थापना, साइबर सुरक्षा तथा उच्च स्तरीय आदान-प्रदान सहित विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के अवसरों पर चर्चा की। उन्होंने नियमित संवाद, संयुक्त अभ्यासों और विनिमय कार्यक्रमों के माध्यम से दोनों देशों की रक्षा सेनाओं के बीच सहयोग को बढ़ाने पर भी सहमति व्यक्त की।</p>
<p>रक्षा मंत्री ने वियतनाम के साथ भारत की उन्नत व्यापक रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने द्विपक्षीय रक्षा सहयोग के ढांचे के अंतर्गत वियतनाम के रक्षा आधुनिकीकरण और क्षमता वृद्धि पहलों के समर्थन में भारत के संकल्प को पुनः व्यक्त किया।जनरल फान वान जियांग ने भारत के निरंतर समर्थन की सराहना की और दोनों देशों के बीच दीर्घकालिक मित्रता तथा बढ़ती रणनीतिक साझेदारी को रेखांकित किया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 19 May 2026 16:04:01 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>चंद्रयान-3 के &quot;हॉप&quot; प्रयोग ने चंद्रमा के छिपे रहस्यों को किया उजागर, वैज्ञानिकों को दक्षिणी ध्रुव पर मिली 'रेगोलिथ हेटेरोजेनिटी'</title>
                                    <description><![CDATA[इसरो के चंद्रयान-3 के विक्रम लैंडर द्वारा किए गए 'हॉप' प्रयोग से चंद्रमा की सतह (लूनर रेगोलिथ) की जटिल संरचना और तापीय गुणों का खुलासा हुआ है। चास्टे (ChaSTE) उपकरण के विश्लेषण से पता चला है कि चांद की ऊपरी परत अत्यधिक छिद्रयुक्त और चिपचिपी है, जो भविष्य के मानव आवास और जल-बर्फ खोज के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/chandrayaan-3s-hop-experiment-exposed-the-hidden-secrets-of-the-moon/article-154352"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/isro-harikota.png" alt=""></a><br /><p>चेन्नई। भारत के तीसरे चंद्र मिशन चंद्रयान-3 के विक्रम लैंडर द्वारा किए गए 'हॉप' प्रयोग ने चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव से जुड़े कई छिपे रहस्यों का खुलासा किया है। वैज्ञानिकों ने इस प्रयोग के जरिए चंद्र सतह की रेगोलिथ विषमता (रेगोलिथ हेटेरोजेनिटी) का पता लगाया है, जो भविष्य के चंद्र अभियानों के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इन निष्कर्षों से चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुवीय क्षेत्र में सतही अभियानों को लेकर नई जानकारी मिली है। वैज्ञानिकों का कहना है कि स्थानीय स्तर पर सतह की विविधता को समझना भविष्य में चंद्रमा पर वैज्ञानिक आधार और आवास निर्माण की योजनाओं के लिए आवश्यक है। यह अध्ययन इस प्रकार का पहला अनूठा उदाहरण है।</p>
<p>उल्लेखनीय है कि चंद्रयान-3 का विक्रम लैंडर 23 अगस्त 2023 को चंद्रमा की सतह पर सफलतापूर्वक उतरा था। करीब 10 पृथ्वी दिवस तक चंद्र सतह, निकट-सतही प्लाज्मा और भू-कंपनों से जुड़े प्रयोग करने के बाद, दो सितंबर 2023 को लैंडर ने बचा हुआ ईंधन इस्तेमाल कर 'हॉप' प्रयोग किया था। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन ने मंगलवार को कहा कि यह 'हॉप' भविष्य में चंद्रमा से नमूने पृथ्वी पर लाने वाले अभियानों के लिए एक महत्वपूर्ण तकनीकी क्षमता साबित हुआ है। इसरो ने कहा कि जिसे सामान्य तौर पर 'चंद्र मिट्टी' कहा जाता है, उसका सही वैज्ञानिक नाम 'लूनर रेगोलिथ' है। यह दरअसल चट्टानों के टूटे हुए अत्यंत महीन, नुकीले और कांच जैसे कणों से बना होता है, जो बेहद खुरदरे होते हैं और स्थैतिक विद्युत की तरह हर चीज से चिपक जाते हैं। इसरो के अनुसार चंद्र रेगोलिथ के तापीय और भौतिक गुणों को समझना वैज्ञानिक और तकनीकी दोनों दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसके ताप-भौतिक गुण यह समझने में मदद करते हैं कि चंद्रमा सूर्य से प्राप्त ऊष्मा को किस प्रकार अवशोषित और अंतरिक्ष में विकिरत करता है।</p>
<p>इसी उद्देश्य से विक्रम लैंडर पर 'चंद्रा सरफेस थर्मोफिजिकल एक्सपेरिमेंट' (चास्टे) उपकरण लगाया गया था। यह एक नुकीला, छड़नुमा उपकरण था, जिसमें तापमान मापक सेंसर और अग्रभाग पर हीटर लगाया गया था, जो चंद्र रेगोलिथ में प्रवेश कर उसके गुणों का अध्ययन करता था। लैंडर के 'हॉप' के दौरान चास्टे ने दूसरे स्थान पर भी विश्लेषण किया और यह देखा कि इंजन की गैसों के दबाव से चंद्र सतह किस प्रकार प्रभावित हुई। इससे वैज्ञानिकों को चंद्रमा के 'ट्वाइलाइट' यानी सांध्यकाल के दौरान भी मापन करने का अवसर मिला। इसरो ने कहा कि चंद्रमा पर एक दिन-रात चक्र पृथ्वी के लगभग एक महीने के बराबर होता है। ऐसे में वहां का सांध्यकाल कुछ मिनटों का न होकर कई घंटों तक चलता है, जिससे वैज्ञानिकों को सतह के धीरे-धीरे ठंडा होने की प्रक्रिया का अध्ययन करने का अवसर मिलता है। भौतिक अनुसंधान प्रयोगशाला (पीआरएल) के वैज्ञानिकों ने इन आंकड़ों के आधार पर चंद्रमा के उच्च अक्षांशीय क्षेत्र की रेगोलिथ परत के ताप-भौतिक और भू-तकनीकी गुणों का विश्लेषण किया।</p>
<p>चास्टे द्वारा दर्ज तापमान और प्रवेश बल के आंकड़ों से संकेत मिला कि लैंडर इंजनों के दोबारा प्रज्वलन से रेगोलिथ की ऊपरी कुछ सेंटीमीटर परत प्रभावित हुई और उसकी ऊपरी मुलायम परत हट गयी। यह परिवर्तन प्रत्यक्ष रूप से चास्टे के मापों में दर्ज हुआ, जिसे अन्यथा देख पाना संभव नहीं था। इसके अलावा, चंद्रयान-2 के ओएचआरसी उच्च-रिजॉल्यूशन आंकड़ों पर आधारित त्रि-आयामी मॉडलिंग से यह भी पता चला कि रेगोलिथ की संरचना अत्यंत जटिल है और उसके भू-तकनीकी तथा तापीय गुण विशिष्ट हैं। अध्ययन में पाया गया कि रेगोलिथ की ऊपरी दो से छह सेंटीमीटर परत अत्यधिक चिपचिपी और अत्यधिक छिद्रयुक्त है, जो तापीय कंबल की तरह कार्य कर सकती है। वैज्ञानिकों के अनुसार यह परत उप-सतह में जल-बर्फ अणुओं के संरक्षण तथा भविष्य में चंद्रमा पर वैज्ञानिक केंद्र और आवास निर्माण के लिए उपयुक्त स्थलों के चयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 19 May 2026 15:03:31 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>भारत और नॉर्वे के बीच ‘ग्रीन स्ट्रेटजिक पार्टनरशिप’ की नई शुरुआत: 9 समझौतों पर हुए हस्ताक्षर, तीन महत्वपूर्ण पहलों की भी घोषणा </title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और नॉर्वे के पीएम जोनास गाहर स्टोरे के बीच द्विपक्षीय वार्ता के बाद 9 समझौतों और 3 पहलों की घोषणा की गई। दोनों देशों ने 'ग्रीन स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप' को अपनाया है, जिसके तहत अंतरिक्ष, स्वास्थ्य, डिजिटल विकास, समुद्री सहयोग और हरित प्रौद्योगिकी जैसे प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाया जाएगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/new-beginning-of-green-strategic-partnership-between-india-and-norway/article-154320"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/modii.png" alt=""></a><br /><p>ओस्लो। भारत और नॉर्वे ने द्विपक्षीय संबंधों को नई दिशा देते हुए अपने संबंधों को "ग्रीन स्ट्रेटजिक पार्टनरशिप" के स्तर तक उन्नत करने के साथ-साथ समुद्री सहयोग, हरित प्रौद्योगिकी, अंतरिक्ष, स्वास्थ्य, डिजिटल विकास और वैज्ञानिक अनुसंधान सहित कई क्षेत्रों में सहयोग को मजबूत करने के उद्देश्य से नौ समझौतों और तीन पहलों की घोषणा की है। दोनों देशों ने "ग्रीन स्ट्रेटजिक पार्टनरशिप" के संबंध में एक संयुक्त वक्तव्य को अपनाया।</p>
<p>नार्वे की दो दिन की यात्रा पर गये प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और नॉर्वे के प्रधानमंत्री जोनास गाहर स्टोरे के बीच सोमवार को द्विपक्षीय वार्ता के बाद दोनों देशों ने समुद्री सहयोग, हरित प्रौद्योगिकी, अंतरिक्ष, स्वास्थ्य, डिजिटल विकास और वैज्ञानिक अनुसंधान सहित कई क्षेत्रों में सहयोग को मजबूत करने के उद्देश्य से अनेक समझौतों और पहलों की घोषणा की। नार्वे ने भारत की हिन्द प्रशांत महासागर पहल में शामिल होने की घोषणा की, जबकि भारत वर्ष 2027 में आयोजित होने वाले "नॉर शिपिंग" कार्यक्रम में भारतीय मंडप के साथ भाग लेगा।</p>
<p>दोनों देशों के बीच सरकार-से-सरकार के स्तर पर तीन प्रमुख समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए। इनमें भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन और नार्वें की अंतरिक्ष एजेंसी के बीच बाह्य अंतरिक्ष के शांतिपूर्ण उपयोग और अन्वेषण में सहयोग के लिए रूपरेखा समझौता, भारत और नॉर्वे के विदेश मंत्रालयों के बीच डिजिटल विकास साझेदारी पर समझौता ज्ञापन तथा स्वास्थ्य क्षेत्र में सहयोग के लिए नॉर्वे के स्वास्थ्य एवं देखभाल सेवा मंत्रालय और भारत के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के बीच समझौता शामिल है।</p>
<p>व्यापार और संस्थागत सहयोग के तहत भी कई महत्वपूर्ण समझौतों को अंतिम रूप दिया गया। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और नॉर्वेजियन जियोटेक्निकल संस्थान के बीच सुरंग निर्माण, ढलान स्थिरता और क्षमता निर्माण से संबंधित विशेष परामर्श सेवाओं के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। इसके अलावा भारत के वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान विभाग और नॉर्वे की अनुसंधान परिषद के बीच प्रौद्योगिकी सहयोग पर समझौता हुआ।</p>
<p>वैज्ञानिक अनुसंधान और हरित प्रौद्योगिकी सहयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से भारत की वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद और नॉर्वे की सिंटेफ संस्था के बीच वर्ष 2026 से 2029 तक की गतिविधियों के क्रियान्वयन के लिए सहयोग समझौता किया गया। दोनों पक्षों ने समुद्री ऊर्जा, जिसमें अपतटीय पवन ऊर्जा भी शामिल है, पर संयुक्त कार्य कार्यक्रम के लिए एक परियोजना-विशिष्ट कार्यान्वयन समझौते पर भी हस्ताक्षर किए।</p>
<p>इसके अलावा वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद तथा वैज्ञानिक एवं नवाचार अनुसंधान अकादमी ने नॉर्वे के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के साथ हरित परिवर्तन के लिए विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार सहयोग पर संयुक्त आशय घोषणा को अपनाया। हैदराबाद स्थित सीएसआईआर-राष्ट्रीय भूभौतिकीय अनुसंधान संस्थान और नॉर्वे की एमराल्ड जियोमॉडलिंग एएस के बीच वैज्ञानिक और व्यावसायिक सहयोग के लिए भी एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। इन घोषणाओं और समझौतों को भारत और नॉर्वे के बीच हरित विकास, समुद्री सहयोग, स्वच्छ ऊर्जा, प्रौद्योगिकी और अनुसंधान आधारित साझेदारी को नई गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 19 May 2026 14:31:25 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>अमित शाह ने की नेक्स्ट जेन Dial-112 सेवा लॉन्च: 400 अत्याधुनिक वैन को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना, एक कॉल पर मिलेगी सभी आपातकालीन सेवाएं</title>
                                    <description><![CDATA[केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रायपुर में 'नेक्स्ट जेन सीजी डायल-112' और 32 मोबाइल फॉरेंसिक वैन का शुभारंभ किया। इस सेवा के तहत 400 आधुनिक वाहन 24 घंटे आपातकालीन सहायता देंगे। 'साइंस ऑन व्हील्स' थीम पर आधारित फॉरेंसिक वैन घटनास्थल पर ही वैज्ञानिक जांच कर त्वरित न्याय सुनिश्चित करेंगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/amit-shah-launches-next-gen-dial-112-service-flags-off-400/article-154239"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/amit.webp" alt=""></a><br /><p>रायपुर। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के माना पुलिस परेड ग्राउंड में राज्य पुलिस की अत्याधुनिक 'नेक्स्ट जेन सीजी डायल-112 सेवा' तथा मोबाइल फॉरेंसिक वैन का शुभारंभ किया। अमित शाह ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और विधानसभा अध्यक्ष रमन सिंह की उपस्थिति में 400 अत्याधुनिक डायल-112 वाहनों तथा 32 मोबाइल फॉरेंसिक वैन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा, पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम, विधायकगण, जनप्रतिनिधिगण तथा वरिष्ठ पुलिस अधिकारी उपस्थित थे।</p>
<p>उल्लेखनीय है कि ''एक्के नंबर, सब्बो बर'' थीम पर आधारित यह आधुनिक सेवा पुलिस, अग्निशमन और चिकित्सा सेवाओं को एकीकृत करते हुए नागरिकों को एक ही नंबर पर त्वरित आपातकालीन सहायता उपलब्ध कराएगी। इसके तहत शुरू किए गए 400 अत्याधुनिक वाहनों में स्मार्टफोन, जीपीएस, वायरलेस रेडियो, पीटीजेड कैमरा, डैश कैम, मोबाइल एनवीआर और सोलर बैकअप जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं। इन तकनीकों की मदद से घटनास्थल की लाइव मॉनिटरिंग, रियल-टाइम ट्रैकिंग और त्वरित संचार सुनिश्चित किया जा सकेगा।</p>
<p>यह सेवा 24 गुणा 7 संचालित होगी। इसमें जीआईएस आधारित मॉनिटरिंग, एडवांस व्हीकल ट्रैकिंग, एसआईपी ट्रंक टेक्नोलॉजी तथा स्वचालित कॉलर लोकेशन पहचान जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया गया है। राज्य के सभी 33 जिला समन्वय केंद्रों को भी इस नेटवर्क से जोड़ा गया है। नागरिक वॉयस कॉल, एसएमएस, ईमेल, वेब पोर्टल, व्हाट्सएप, चैटबॉट और एसओएस -112 इंडिया ऐप के माध्यम से भी सहायता प्राप्त कर सकेंगे।</p>
<p>''साइंस ऑन व्हील्स टूवर्ड फास्टर जस्टिस'' थीम पर आधारित 32 मोबाइल फॉरेंसिक वैन प्रदेश में अपराध अनुसंधान को नई दिशा देंगी। ''32 वैन – 32 जिले – एक संकल्प: सटीक जांच, त्वरित न्याय'' के उद्देश्य के साथ शुरू की गई यह पहल घटनास्थल पर ही प्रारंभिक वैज्ञानिक जांच की सुविधा उपलब्ध कराएगी। लगभग 65 लाख रुपये प्रति यूनिट लागत वाली इन अत्याधुनिक वैन में घटनास्थल संरक्षण किट, साक्ष्य संग्रहण एवं सीलिंग उपकरण, फिंगरप्रिंट डिटेक्शन सिस्टम, नार्कोटिक्स परीक्षण किट, डिजिटल फॉरेंसिक सपोर्ट, उच्च गुणवत्ता फोटोग्राफी व्यवस्था, बुलेट होल स्क्रीनिंग एवं बैलिस्टिक जांच किट तथा गनशॉट रेजिड्यू (जीएसआर) परीक्षण किट जैसी उन्नत सुविधाएं उपलब्ध हैं।</p>
<p>अब तक अपराध स्थल से साक्ष्य प्रयोगशालाओं तक पहुंचाने में समय लगता था, जिससे साक्ष्यों के दूषित होने की संभावना बनी रहती थी तथा रिपोर्ट आने में भी विलंब होता था। नई मोबाइल फॉरेंसिक वैन के माध्यम से घटनास्थल पर ही प्रारंभिक जांच, साक्ष्य संरक्षण, परीक्षण और डिजिटल दस्तावेजीकरण किया जा सकेगा। इससे जांच की गुणवत्ता और गति दोनों में महत्वपूर्ण सुधार होगा। राज्य सरकार का उद्देश्य वैज्ञानिक जांच को जन-जन तक पहुंचाना, साक्ष्य आधारित न्याय प्रणाली को मजबूत करना, अपराध नियंत्रण में फॉरेंसिक विज्ञान की भूमिका को बढ़ाना तथा समयबद्ध, पारदर्शी और विश्वसनीय जांच सुनिश्चित करना है। आधुनिक डायल-112 सेवा और मोबाइल फॉरेंसिक वैन के संचालन से प्रदेश में आपातकालीन सेवाओं की गुणवत्ता में व्यापक सुधार होगा, अपराध अनुसंधान को नई गति मिलेगी तथा आम नागरिकों का कानून व्यवस्था और न्याय प्रणाली पर विश्वास और अधिक सुदृढ़ होगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 18 May 2026 18:31:21 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>स्वीडन के बाद ओस्लो पहुंचे पीएम मोदी: भारतीय समुदाय ने किया स्वागत, बोले-द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने का लक्ष्य</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वीडन की सफल यात्रा पूरी कर अपनी पांच देशों की यात्रा के चौथे पड़ाव, नॉर्वे के लिए रवाना हो गए हैं। प्रस्थान से पहले पीएम मोदी ने बताया कि स्वीडन दौरा बेहद सार्थक रहा। इस दौरान दोनों देशों के बीच संबंधों को रणनीतिक साझेदारी में बदलने और अगले 5 वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने का लक्ष्य तय किया गया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/after-sweden-pm-modi-reached-oslo-welcomed-by-the-indian/article-154257"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/modi-niderland1.png" alt=""></a><br /><p>गोथेनबर्ग। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी स्वीडन की दो दिन की यात्रा संपन्न होने के बाद पांच देशों की अपनी यात्रा के चौथे पड़ाव के लिए सोमवार को नॉर्वे की राजधानी ओस्लो रवाना हो गए। प्रस्थान से पहले पीएम मोदी ने कहा कि उनकी यात्रा बेहद सार्थक रही और इससे दोनों देशों के संबंधों को नई गति मिलेगी। प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया पर पोस्ट में कहा, "स्वीडन की मेरी यात्रा कई महत्वपूर्ण परिणामों से चिह्नित रही, जो भारत-स्वीडन संबंधों को नई गति प्रदान करेंगे। </p>
<p>हमारे संबंधों को एक रणनीतिक साझेदारी तक उन्नत करने, संयुक्त नवाचार साझेदारी 2.0 तथा भारत-स्वीडन प्रौद्योगिकी और कृत्रिम बुद्धिमत्ता गलियारे की शुरुआत करने से लेकर, अगले पाँच वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित करने तक, चर्चाएँ अत्यंत फलदायी रहीं। मैं स्वीडन की जनता, स्वीडन सरकार और प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टर्सन का उनके स्नेह और मित्रता के लिए आभार व्यक्त करता हूँ।" उल्लेखनीय है कि पीएम मोदी 15 मई को पांच देशों संयुक्त अरब अमीरात, नीदरलैंड, स्वीडन, नॉर्वे और इटली की यात्रा पर रवाना हुए थे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 18 May 2026 16:33:01 +0530</pubDate>
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                <title>जयपुर वैक्स म्यूजियम, नाहरगढ़ किले में विश्व संग्रहालय दिवस पर नई पहल की घोषणा</title>
                                    <description><![CDATA[विश्व संग्रहालय दिवस पर नाहरगढ़ किले में स्थित जयपुर वैक्स म्यूजियम को अत्याधुनिक तकनीक से अपग्रेड करने की घोषणा की गई है। अगस्त 2026 से पर्यटक हाड़ी रानी के त्याग और किले के इतिहास पर आधारित VR फिल्में और लाइव सेट देख सकेंगे। इसके साथ ही प्रसिद्ध शीश महल में ऑटोमेशन लाइटिंग भी शुरू की जाएगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur-wax-museum-announces-new-initiative-on-world-museum-day/article-154152"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/nahargarh.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। विश्व संग्रहालय दिवस के अवसर पर जयपुर वैक्स म्यूजियम, नाहरगढ़ किले ने पर्यटकों के अनुभव को नई ऊंचाई देने की घोषणा की है। म्यूजियम अब केवल वैक्स की प्रतिमाएं नहीं, बल्कि फिल्म और लाइव वर्चुअल सेट के साथ कहानियां भी दिखाएगा। म्यूजियम के फाउंडर डायरेक्टर अनूप श्रीवास्तव ने बताया कि आज के पर्यटक सिर्फ मूर्ति देखना नहीं चाहते। वे उसे महसूस करना चाहते हैं, वर्चुअल रियलिटी के साथ अनुभव लेना चाहते हैं। इसी सोच को ध्यान में रखते हुए हम अपने म्यूजियम को नई और अत्याधुनिक तकनीक से अपग्रेड कर रहे हैं। यह राजस्थान सरकार और उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी जी के विजन के अनुरूप है। मंत्री जी ने पिछले साल म्यूजियम का दौरा किया था और हमने उन्हें वादा किया था कि जयपुर वैक्स म्यूजियम को नई तकनीक से समृद्ध किया जाएगा।</p>
<p>इस पहल की शुरुआत हाड़ी रानी की वैक्स प्रतिमा के साथ होगी। इसके लिए विशेष रूप से 10 मिनट की फिल्म बनाई गई है। पर्यटक 22 सीटों वाले थिएटर में न सिर्फ हाड़ी रानी की मूर्ति देखेंगे, बल्कि उनके त्याग, समर्पण, प्रेम और देशभक्ति की कहानी भी समझेंगे। फिल्म की पोस्ट प्रोडक्शन का काम मुंबई में तेजी से चल रहा है। संग्रहालय  नाहरगढ़ किले के इतिहास पर भी एक विशेष फिल्म तैयार कर रहा है। इसमें बताया जाएगा कि किले को क्यों और कैसे बनाया गया, निर्माण के समय किन कठिनाइयों का सामना करना पड़ा, साथ ही सवाई जय सिंह जिन्होंने किले का निर्माण पूरा किया, सवाई माधो सिंह जिन्होंने 9 रानियों का महल बनवाया और नाहर सिंह का भी जिक्र किया जाएगा। इससे नाहरगढ़ आने वाले पर्यटकों को किले की पूरी कहानी समझने में मदद मिलेगी।</p>
<p>आने वाले पर्यटन सीजन से कुछ वैक्स प्रतिमाओं के लिए VR फिल्में भी बनाई जा रही हैं, ताकि पर्यटक अनुभव को और बेहतर तरीके से ले सकें। अनूप श्रीवास्तव ने कहा कि अगस्त के पहले हफ्ते तक ये सभी बदलाव पर्यटकों को देखने को मिल जाएंगे। अनूप श्रीवास्तव ने कहा कि देश में कई साधारण वैक्स म्यूजियम  खुले हैं, लेकिन जयपुर वैक्स म्यूजियम देश का एकमात्र म्यूजियम है जो 300 साल पुराने धरोहर किले के भीतर स्थित है। यहां लाइव सेट, साउंड और कहानियों के साथ वैक्स की प्रतिमाएं रखी गई हैं, जिसने इसे देश में अंतरराष्ट्रीय स्तर का दर्जा दिलाया है।</p>
<p>रॉयल फिगर्स और शीश महल जयपुर वैक्स म्यूजियम की खास पहचान हैं। शीश महल में 25 लाख से ज्यादा कांच के टुकड़े और ठिकरी काम के साथ शुद्ध सोने का प्रयोग किया गया है। इसके अलावा पर्यटकों के अनुभव को और बढ़ाने के लिए शीशमहल की लाइटिंग के ऑटोमेशन पर काम चल रहा है जिससे पर्यटकों को अलग-अलग प्रकार की लाइटिंग से शीशमहल को देखने का एक अद्भुत अनुभव प्राप्त होगा साथ ही वैक्स म्यूजियम के बाहरी एरिया को भी कलरफुल एलईडी लाइट्स से सुसज्जित किया जाएगा जिससे रात में भी पर्यटकों को एक अलग अनुभव प्राप्त हो। यही विशेषताएं जयपुर वैक्स म्यूजियम को जयपुर में एक अनिवार्य दर्शनीय स्थल बनाती हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 17 May 2026 14:46:15 +0530</pubDate>
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