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                <title>NIA Investigation - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>NIA Investigation RSS Feed</description>
                
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                <title>मणिपुर में पांच दिवसीय बंद : जनजीवन अस्त-व्यस्त, 7 अप्रैल को हुई गोलीबारी में पांच साल के एक लड़के और लड़की की हुई थी मौत</title>
                                    <description><![CDATA[मणिपुर में मासूमों की हत्या के खिलाफ 5 दिवसीय बंद से जनजीवन ठप है। बिष्णुपुर गोलीबारी के विरोध में प्रदर्शन कर रहे लोगों और सुरक्षाबलों के बीच झड़पें हुईं। जांच एनआईए (NIA) को सौंप दी गई है, जबकि हजारों महिलाएं सड़कों पर न्याय की मांग कर रही हैं। राज्य के कई जिलों में कर्फ्यू लागू है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/five-day-strike-in-manipur-disrupted-life-a-five-year-old-boy-and/article-151004"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/manipur2.png" alt=""></a><br /><p>इम्फाल। मणिपुर में रविवार को पांच दिवसीय पूर्ण बंद के कारण जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त रहा। गौरतलब है कि बिष्णुपुर जिले के त्रोंगलाओबी में सात अप्रैल को हुई गोलीबारी में पांच साल के एक लड़के और पांच साल की एक लड़की की मौत हो गई थी। इस मामले में सरकार की ओर से उचित कार्रवाई न होने के विरोध में यह बंद 25 अप्रैल तक लागू रहेगा। रॉकेट हमले में गंभीर रूप से घायल हुई इन बच्चों की माँ को अस्पताल से छुट्टी मिल गई है, जबकि उनके पिताभी घर लौट आए हैं। उल्लेखनीय है कि पिता सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के जवान हैं।</p>
<p>इस मामले में सुरक्षाबलों ने अब तक पांच उग्रवादियों को गिरफ्तार किया है और जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को सौंप दी गई है। आज उरीपोक में वरिष्ठ नागरिकों ने धरना दिया और बच्चों की हत्या में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। मणिपुर सरकार ने इम्फाल पश्चिम, इम्फाल पूर्व, थोउबल, काकचिंग और बिष्णुपुर जिलों में कुछ ढील के साथ कर्फ्यू लगा दिया है। कल ही सरकार ने इंटरनेट से प्रतिबंध हटाया था।</p>
<p>बच्चों की हत्या के खिलाफ बनी 'ज्वाइंट एक्शन कमेटी' (जेएसी) के अनुसार, सरकार के साथ कई दौर की बातचीत हुई, लेकिन अब तक कोई समझौता नहीं हो पाया है। कर्फ्यू के बावजूद हजारों लोग रोज सड़कों पर उतरकर नारेबाजी कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के लिए सुरक्षाबलों द्वारा की गई फायरिंग में अब तक तीन लोगों की मौत हो चुकी है और 80 से अधिक लोग, जिनमें ज्यादातर महिलाएं हैं, गंभीर रूप से घायल हुए हैं।</p>
<p>राज्य के महिला संगठनों ने न्याय की मांग को लेकर 25 अप्रैल तक आंदोलन की घोषणा की है। कल आधी रात को इम्फाल पश्चिम के सागोलबंद में हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में महिलाएं घायल हुईं। सुरक्षाबलों की फायरिंग के कारण इलाके के एक चिल्ड्रेन अस्पताल से इलाज करा रहे बच्चों को बाहर निकालना पड़ा। इस बीच, घायलों और गंभीर मरीजों को लेने गई एंबुलेंस को भी रोका गया और जवाहरलाल नेहरू अस्पताल के पास सुरक्षाबलों द्वारा स्वास्थ्य कर्मचारियों की कथित पिटाई का मामला भी सामने आया है। स्वास्थ्य कर्मियों और अस्पताल प्रशासन ने सुरक्षाबलों से अपील की है कि वे उन पर हमला न करें। 'बबीना' अस्पताल प्रशासन ने बताया कि उनकी एंबुलेंस एक डॉक्टर को आपातकालीन सर्जरी के लिए ले जा रही थी, लेकिन उसे भी जगह-जगह रोककर परेशान किया गया।</p>
<p>धरने में शामिल वरिष्ठ नागरिकों ने आरोप लगाया कि सुरक्षाबलों ने सीसीटीवी, वाहन और निजी संपत्तियों को नुकसान पहुँचाया है। एक बुजुर्ग ने कहा कि फायरिंग होने पर महिलाएं, बच्चे और बूढ़े भागने की स्थिति में नहीं होते, इसलिए सुरक्षाबलों को केवल प्रदर्शनकारियों से निपटना चाहिए और बुजुर्गों को परेशान नहीं करना चाहिए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 19 Apr 2026 17:02:40 +0530</pubDate>
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                <title>पश्चिम बंगाल पुलिस को बड़ी कामयाबी: मालदा घटना का मास्टरमाइंड़ गिरफ्तार, हाईकोर्ट ने पुलिस अधिकारियों को ज़ारी किया कारण बताओ नोटिस </title>
                                    <description><![CDATA[पश्चिम बंगाल पुलिस ने मालदा में सात न्यायिक अधिकारियों को बंधक बनाने के मुख्य आरोपी वकील मोफक्करुल इस्लाम को बागडोगरा एयरपोर्ट से गिरफ्तार कर लिया। सुप्रीम कोर्ट के सख्त रुख और NIA जांच के आदेश के बाद हुई इस कार्रवाई में अब तक 35 लोग पकड़े जा चुके हैं। आरोपी पर भीड़ को उकसाने और हिंसा भड़काने का गंभीर आरोप है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/big-success-for-west-bengal-police-mastermind-of-malda-incident/article-149002"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/malda.png" alt=""></a><br /><p>कोलकाता। पश्चिम बंगाल पुलिस ने शुक्रवार को मालदा घटना के कथित मुख्य आरोपी वकील मोफक्करुल इस्लाम को गिरफ्तार कर लिया। मोफक्करुल पर मालदा जिले में दो दिन पहले सात न्यायिक अधिकारियों को बंधक बनाने और उसके बाद उन पर हमला करने की घटना का मास्टरमाइंड होने का आरोप है। मोफक्करुल ने खुद को निर्दोष बताते हुए कहा कि उसका इस घटना में कोई हाथ नहीं है। चुनाव आयोग के सूत्रों के अनुसार, मोफक्करुल को पुलिस ने उत्तरी बंगाल के सिलीगुड़ी से 16 किलोमीटर दूर बागडोगरा हवाई अड्डे पर तब पकड़ा, जब वह भागने की कोशिश कर रहा था।</p>
<p>इस मामले में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्य में लगे न्यायिक अधिकारियों को बुधवार को कालियाचक II ब्लॉक विकास कार्यालय में "असामाजिक तत्वों" ने घंटों तक घेराव करके बंधक बनाए रखा था। इन अधिकारियों में तीन महिलाएं भी थीं। इन बंधकों को बुधवार-गुरुवार की मध्यरात्रि के बाद ही मुक्त कराया जा सका। अपर महानिदेशक और पुलिस महानिरीक्षक (उत्तरी बंगाल) के. जयरामन ने मोथाबाड़ी थाने में मीडिया को संबोधित करते हुए बताया कि सिलीगुड़ी पुलिस ने राज्य के आपराधिक जांच विभाग (सीआईडी) के साथ मिलकर काम करते हुए मोफक्करुल को हवाई अड्डे से हिरासत में ले लिया। पुलिस ने उसे मोथाबाड़ी विधानसभा क्षेत्र में हुई इस घटना का मुख्य उकसाने वाला बताया है।</p>
<p>उल्लेखनीय है कि, इस घटना पर कड़ा संज्ञान लेते हुए, उच्चतम न्यायालय ने शीर्ष प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। एक न्यायिक आदेश के अनुपालन में, चुनाव आयोग ने इस पूरी घटनाक्रम की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी को सौंप दी थी।<br />जयरामन ने कहा कि कालियाचक थाने में मोफक्करुल इस्लाम खिलाफ तीन खास मामले दर्ज किए गए हैं। मोफक्करुल इस्लाम रायगंज पुलिस जिले के अंतर्गत आने वाले इताहार का निवासी है और पिछले कुछ समय से कोलकाता में रह रहा था। उन्होंने कहा, "इताहार की ओर यात्रा करते समय, उसने मुर्शिदाबाद और मालदा के कई स्थानों पर सभाओं को संबोधित किया और कथित तौर पर लोगों को उकसाया। उसके कई वीडियो सोशल मीडिया पर बड़े पैमाने पर प्रसारित हुए थे। हम उसकी गतिविधियों पर बारीकी से नज़र रख रहे थे। जब उसने बेंगलुरु के लिए रवाना होने की कोशिश की, तो सीआईडी ने उसे रोककर हिरासत में ले लिया।"</p>
<p>पुलिस के अनुसार, मोफक्करुल को उन मामलों के सिलसिले में कालियाचक लाया जा रहा है, जिनकी प्राथमिकी में उसका नाम शामिल है। जयरामन ने यह भी बताया कि एक और व्यक्ति, जिसकी पहचान एकरामुल बागानी के रूप में हुई है। वह मोफक्करुल के साथ था, भागने की कोशिश कर रहा था, लेकिन बाद में उसे हिरासत में ले लिया गया। उन्होंने कहा, "अब तक, मोथाबाड़ी घटना के संबंध में 19 मामले दर्ज किए गए हैं, और 33 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इन दो व्यक्तियों की गिरफ्तारी के साथ, गिरफ्तारियों की कुल संख्या बढ़कर 35 हो गई है।"</p>
<p>मोफक्करुल ने पत्रकारों को बताया कि वह काम की तलाश में अलीपुरद्वार जा रहा था। उसने दावा किया, "रास्ते में, मैंने राष्ट्रीय राजमार्ग पर मतदाता सूचियों से नाम हटाए जाने का विरोध कर रहे लोगों को संबोधित किया। जजों को बंधक बनाने या उन पर हुए हमलों में मेरी कोई भूमिका नहीं थी।" केंद्रीय एजेंसियों के हस्तक्षेप की संभावना पूछे गए एक सवाल के जवाब में जयरामन ने कहा, "अगर एनआईए के अधिकारी उसकी हिरासत की मांग करते हैं, तो इस मामले को पूरी तरह से कानूनी प्रक्रियाओं के अनुसार ही निपटाया जाएगा।" बुधवार रात बचाव अभियान में हुई देरी के बारे में बताते हुए, उन्होंने कहा कि हालांकि पुलिस की पर्याप्त तैनाती थी, लेकिन घटनास्थल पर बड़ी संख्या में महिलाओं और बच्चों की मौजूदगी के कारण तत्काल बलपूर्वक कार्रवाई नहीं की जा सकी। उन्होंने कहा, "जजों को बचाने में हुई देरी का यही मुख्य कारण था।" उन्होंने कहा कि घटना की जांच चल रही है। उन्होंने कहा, "मैं जल्द ही संबंधित अधिकारियों को एक रिपोर्ट सौंपूंगा, जिसमें किसी भी चूक के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की पहचान की जाएगी।"</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 03 Apr 2026 17:00:32 +0530</pubDate>
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