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                <title>Supreme Court Notice - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>Supreme Court Notice RSS Feed</description>
                
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                <title>अयोध्या राम मंदिर फंड पर उठे सवाल, सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र, यूपी सरकार और ट्रस्ट को जारी किया नोटिस</title>
                                    <description><![CDATA[अयोध्या राम मंदिर के चढ़ावे में कथित वित्तीय हेराफेरी को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। न्यायालय ने मामले की सीबीआई जांच की मांग वाली याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए केंद्र, उत्तर प्रदेश सरकार और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को नोटिस जारी किया है। साथ ही यूपी सरकार की एसआईटी से अब तक की जांच की स्टेटस रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में तलब की है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/supreme-court-notice-to-central-up-government-trust-on-demand/article-159698"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-07/ram2.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने अयोध्या राम मंदिर चढ़ावे में  गड़बड़ी और धन के दुरुपयोग के आरोपों की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो से जांच कराने की मांग वाली याचिकाओं पर सोमवार को केंद्र सरकार, उत्तर प्रदेश सरकार और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को नोटिस जारी किया। न्यायालय ने उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) को अब तक की जांच की स्थिति पर रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया। रिपोर्ट में एसआईटी के बारे में  भी उल्लेख करने को कहा गया है।</p>
<p>मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहन की पीठ ने याचिकाओं पर सुनवाई की। केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से उपस्थित सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि एसआईटी की स्थिति रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में दाखिल की जाएगी। सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल ने मंदिर ट्रस्ट को नोटिस जारी करने को टालने का अनुरोध किया, जिसे पीठ ने अस्वीकार कर दिया।</p>
<p>याचिकाकर्ताओं में से एक के अधिवक्ता ने न्यायालय से सीसीटीवी फुटेज और अन्य अभिलेख सुरक्षित रखने का निर्देश देने का अनुरोध किया। याचिकाकर्ताओं ने एसआईटी की रिपोर्ट की प्रति उन्हें भी उपलब्ध कराने की मांग की, लेकिन पीठ ने फिलहाल इससे इनकार करते हुए कहा कि जांच जारी है और इस पर बाद में विचार किया जाएगा ।एक याचिका नरेन्द्र कुमार गोस्वामी ने स्वयं दायर की है, जिसमें सीबीआई जांच के साथ-साथ श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के वित्तीय लेनदेन का नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) से ऑडिट कराने की मांग की गयी है।</p>
<p>दूसरी याचिका अजय कुमार राय और दिनेश कुमार यादव ने दायर की है। इसमें भी सीबीआई जांच की मांग करते हुए केंद्र, उत्तर प्रदेश सरकार और ट्रस्ट को श्रद्धालुओं एवं दानदाताओं के हितों की रक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने का निर्देश देने की मांग की गयी है। याचिका में कहा गया है कि आरोप अंतत: सही साबित हों या नहीं, लेकिन  वित्तीय अनियमितताओं की रिपोर्टों से राम मंदिर आंदोलन का समर्थन करने वाले और दान देने वाले लोगों में व्यापक चिंता पैदा हुई है। तीसरी जनहित याचिका राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के सांसद सुधाकर सिंह ने दायर की है। इसमें उच्चतम न्यायालय की निगरानी में सीबीआई जांच के अलावा ट्रस्ट के पूरे वित्तीय लेनदेन का फॉरेंसिक जांच कराने की मांग की गयी है।</p>
<p>याचिका में सभी वित्तीय दस्तावेज, डिजिटल लेजर, यूपीआई लेनदेन का विवरण और बैंक अभिलेख सुरक्षित रखने का निर्देश देने की मांग की गई है, ताकि किसी भी साक्ष्य से छेड़छाड़ न हो सके। याचिकाकर्ता ने यह भी अनुरोध किया है कि प्रस्तावित निगरानी समिति की पूर्व अनुमति के बिना ट्रस्ट को बड़े निवेश, महत्वपूर्ण अनुबंध या बड़े वित्तीय निर्णय लेने से रोका जाए। साथ ही ट्रस्ट को पारदर्शिता के हित में जांच की गयी वित्तीय रिपोर्ट और दान संबंधी विवरण अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर सार्वजनिक करने का निर्देश देने की भी मांग की गयी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 13 Jul 2026 15:12:26 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>पश्चिम बंगाल पुलिस को बड़ी कामयाबी: मालदा घटना का मास्टरमाइंड़ गिरफ्तार, हाईकोर्ट ने पुलिस अधिकारियों को ज़ारी किया कारण बताओ नोटिस </title>
                                    <description><![CDATA[पश्चिम बंगाल पुलिस ने मालदा में सात न्यायिक अधिकारियों को बंधक बनाने के मुख्य आरोपी वकील मोफक्करुल इस्लाम को बागडोगरा एयरपोर्ट से गिरफ्तार कर लिया। सुप्रीम कोर्ट के सख्त रुख और NIA जांच के आदेश के बाद हुई इस कार्रवाई में अब तक 35 लोग पकड़े जा चुके हैं। आरोपी पर भीड़ को उकसाने और हिंसा भड़काने का गंभीर आरोप है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/big-success-for-west-bengal-police-mastermind-of-malda-incident/article-149002"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/malda.png" alt=""></a><br /><p>कोलकाता। पश्चिम बंगाल पुलिस ने शुक्रवार को मालदा घटना के कथित मुख्य आरोपी वकील मोफक्करुल इस्लाम को गिरफ्तार कर लिया। मोफक्करुल पर मालदा जिले में दो दिन पहले सात न्यायिक अधिकारियों को बंधक बनाने और उसके बाद उन पर हमला करने की घटना का मास्टरमाइंड होने का आरोप है। मोफक्करुल ने खुद को निर्दोष बताते हुए कहा कि उसका इस घटना में कोई हाथ नहीं है। चुनाव आयोग के सूत्रों के अनुसार, मोफक्करुल को पुलिस ने उत्तरी बंगाल के सिलीगुड़ी से 16 किलोमीटर दूर बागडोगरा हवाई अड्डे पर तब पकड़ा, जब वह भागने की कोशिश कर रहा था।</p>
<p>इस मामले में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्य में लगे न्यायिक अधिकारियों को बुधवार को कालियाचक II ब्लॉक विकास कार्यालय में "असामाजिक तत्वों" ने घंटों तक घेराव करके बंधक बनाए रखा था। इन अधिकारियों में तीन महिलाएं भी थीं। इन बंधकों को बुधवार-गुरुवार की मध्यरात्रि के बाद ही मुक्त कराया जा सका। अपर महानिदेशक और पुलिस महानिरीक्षक (उत्तरी बंगाल) के. जयरामन ने मोथाबाड़ी थाने में मीडिया को संबोधित करते हुए बताया कि सिलीगुड़ी पुलिस ने राज्य के आपराधिक जांच विभाग (सीआईडी) के साथ मिलकर काम करते हुए मोफक्करुल को हवाई अड्डे से हिरासत में ले लिया। पुलिस ने उसे मोथाबाड़ी विधानसभा क्षेत्र में हुई इस घटना का मुख्य उकसाने वाला बताया है।</p>
<p>उल्लेखनीय है कि, इस घटना पर कड़ा संज्ञान लेते हुए, उच्चतम न्यायालय ने शीर्ष प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। एक न्यायिक आदेश के अनुपालन में, चुनाव आयोग ने इस पूरी घटनाक्रम की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी को सौंप दी थी।<br />जयरामन ने कहा कि कालियाचक थाने में मोफक्करुल इस्लाम खिलाफ तीन खास मामले दर्ज किए गए हैं। मोफक्करुल इस्लाम रायगंज पुलिस जिले के अंतर्गत आने वाले इताहार का निवासी है और पिछले कुछ समय से कोलकाता में रह रहा था। उन्होंने कहा, "इताहार की ओर यात्रा करते समय, उसने मुर्शिदाबाद और मालदा के कई स्थानों पर सभाओं को संबोधित किया और कथित तौर पर लोगों को उकसाया। उसके कई वीडियो सोशल मीडिया पर बड़े पैमाने पर प्रसारित हुए थे। हम उसकी गतिविधियों पर बारीकी से नज़र रख रहे थे। जब उसने बेंगलुरु के लिए रवाना होने की कोशिश की, तो सीआईडी ने उसे रोककर हिरासत में ले लिया।"</p>
<p>पुलिस के अनुसार, मोफक्करुल को उन मामलों के सिलसिले में कालियाचक लाया जा रहा है, जिनकी प्राथमिकी में उसका नाम शामिल है। जयरामन ने यह भी बताया कि एक और व्यक्ति, जिसकी पहचान एकरामुल बागानी के रूप में हुई है। वह मोफक्करुल के साथ था, भागने की कोशिश कर रहा था, लेकिन बाद में उसे हिरासत में ले लिया गया। उन्होंने कहा, "अब तक, मोथाबाड़ी घटना के संबंध में 19 मामले दर्ज किए गए हैं, और 33 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इन दो व्यक्तियों की गिरफ्तारी के साथ, गिरफ्तारियों की कुल संख्या बढ़कर 35 हो गई है।"</p>
<p>मोफक्करुल ने पत्रकारों को बताया कि वह काम की तलाश में अलीपुरद्वार जा रहा था। उसने दावा किया, "रास्ते में, मैंने राष्ट्रीय राजमार्ग पर मतदाता सूचियों से नाम हटाए जाने का विरोध कर रहे लोगों को संबोधित किया। जजों को बंधक बनाने या उन पर हुए हमलों में मेरी कोई भूमिका नहीं थी।" केंद्रीय एजेंसियों के हस्तक्षेप की संभावना पूछे गए एक सवाल के जवाब में जयरामन ने कहा, "अगर एनआईए के अधिकारी उसकी हिरासत की मांग करते हैं, तो इस मामले को पूरी तरह से कानूनी प्रक्रियाओं के अनुसार ही निपटाया जाएगा।" बुधवार रात बचाव अभियान में हुई देरी के बारे में बताते हुए, उन्होंने कहा कि हालांकि पुलिस की पर्याप्त तैनाती थी, लेकिन घटनास्थल पर बड़ी संख्या में महिलाओं और बच्चों की मौजूदगी के कारण तत्काल बलपूर्वक कार्रवाई नहीं की जा सकी। उन्होंने कहा, "जजों को बचाने में हुई देरी का यही मुख्य कारण था।" उन्होंने कहा कि घटना की जांच चल रही है। उन्होंने कहा, "मैं जल्द ही संबंधित अधिकारियों को एक रिपोर्ट सौंपूंगा, जिसमें किसी भी चूक के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की पहचान की जाएगी।"</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 03 Apr 2026 17:00:32 +0530</pubDate>
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