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                <title>Party Governance - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>Party Governance RSS Feed</description>
                
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                <title>कर्नाटक में मंत्री पद नहीं मिलने पर बगावत के संकेत, सीएम डी.के. शिवकुमार बोले- इस्तीफा दोगे तो तुरंत स्वीकार होगा</title>
                                    <description><![CDATA[कर्नाटक मंत्रिमंडल विस्तार के बाद असंतुष्ट विधायकों की धमकियों पर मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी में अनुशासन सर्वोपरि है और यदि कोई विधायक इस्तीफा देना चाहता है, तो उसे तुरंत स्वीकार कर लिया जाएगा। उन्होंने नेताओं को धैर्य रखने की सलाह दी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/signs-of-rebellion-in-karnataka-on-not-getting-ministerial-post/article-161956"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/dk-shivkumar.png" alt=""></a><br /><p>बेंगलुरु। कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने मंगलवार को हालिया मंत्रिमंडल विस्तार से नाराज कांग्रेस विधायकों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर वे इस्तीफे सौंपते हैं तो उन्हें तत्काल स्वीकार कर लिया जाएगा। शिवकुमार ने मंत्री पद से वंचित पार्टी विधायकों के बीच नाराजगी की अटकलों को खारिज किया और इस बात पर जोर दिया कि पार्टी का अनुशासन सबसे ऊपर है। उन्होंने कहा, "अगर कोई विधायक इस्तीफा देने आता है, तो मैं तुरंत इस्तीफा स्वीकार कर लूंगा। पार्टी महत्वपूर्ण है और पार्टी में अनुशासन महत्वपूर्ण है।"</p>
<p>मुख्यमंत्री ने धैर्य रखने की अपील करते हुए कहा कि कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं को भी मंत्री बनने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा था। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री वीरेंद्र पाटिल के समय एस. बंगारप्पा, मल्लिकार्जुन खरगे और धरम सिंह जैसे नेताओं को भी मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिली थी। उन्होंने यह भी कहा कि अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत में उन्हें और गृह मंत्री जी. परमेश्वर को भी ऐसे ही हालात का सामना करना पड़ा था। उन्होंने कहा, "हर किसी की महत्वाकांक्षाएं होती हैं, लेकिन अवसर समय के साथ आते हैं। हमने भी इंतजार किया था। हर किसी को धैर्य रखना चाहिए।"</p>
<p>शिवकुमार ने कहा कि कांग्रेस नेतृत्व ने मंत्रिमंडल विस्तार पर सामूहिक निर्णय लिया था और इस पर दोबारा विचार करने का कोई सवाल ही नहीं उठता। उन्होंने कहा कि कई वरिष्ठ नेता होने के बावजूद, पार्टी ने विस्तारित मंत्रालय में कई नए चेहरों को अवसर देना चुना। मुख्यमंत्री ने कहा कि पार्टी के पहले के फैसले के अनुसार राज्य के बोर्डों और निगमों के अध्यक्षों का कार्यकाल ढाई साल का होगा। इसी वजह से उन्होंने सभी अध्यक्षों से इस्तीफा देने को कहा है। उन्होंने कहा, "मैं पहले पार्टी कार्यकर्ताओं से बात करूंगा और फिर विधायकों को चर्चा के लिए बुलाऊंगा। हम सभी का सम्मान करेंगे।"</p>
<p>शिवकुमार ने कहा कि वह अपनी बात विधायकों तक पहले ही पहुंचा चुके हैं और अब इस मुद्दे पर कुछ नहीं कहना चाहते। उन्होंने मंत्रियों को सूखे से राहत के कामों पर तुरंत ध्यान देने का निर्देश दिया और कहा कि मंत्रिमंडल विस्तार के बाद सरकार की पहली प्राथमिकता लोगों के काम और शासन होना चाहिए। ये टिप्पणियां ऐसे समय में आई हैं जब नवीनतम मंत्रिमंडल फेरबदल में नजरअंदाज किए गए कई कांग्रेस विधायकों के बीच नाराजगी की रिपोर्टें आ रही हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 04 Aug 2026 15:28:36 +0530</pubDate>
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                <title>भाजपा का 47वां स्थापना दिवस : प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने दोहराया राष्ट्र प्रथम का संकल्प, पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को किया याद</title>
                                    <description><![CDATA[भाजपा के 47वें स्थापना दिवस पर प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने कार्यकर्ताओं को 'सेवा और समर्पण' का मंत्र दिया। उन्होंने अटल बिहारी वाजपेयी के आदर्शों और प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में 'अंत्योदय' के लक्ष्य को दोहराया। चौधरी ने कहा कि भाजपा परिवारवाद नहीं, बल्कि राष्ट्रभक्ति से संचालित है, जिसका उद्देश्य भारत को विश्व पटल पर नई पहचान दिलाना है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/47th-foundation-day-of-bjp-state-president-pankaj-chaudhary-reiterated/article-149241"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/modi1.png" alt=""></a><br /><p>लखनऊ। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश अध्यक्ष और केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने 47वें स्थापना दिवस के अवसर पर पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने “राष्ट्र प्रथम” के मूल मंत्र को दोहराते हुए सेवा, समर्पण और राष्ट्रहित के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताई। इस अवसर पर उन्होंने पार्टी से जुड़े नेताओं ने अपने विचार साझा करते हुए संगठन की यात्रा, संघर्ष और उपलब्धियों को याद किया। अपने संदेश में चौधरी ने कहा कि एक साधारण कार्यकर्ता के रूप में शुरू हुई उनकी राजनीतिक यात्रा का उद्देश्य हमेशा राष्ट्रसेवा रहा है। उन्होंने कहा कि वर्षों के संघर्ष और समर्पण ने उन्हें यह सिखाया कि पार्टी का मूल आधार राष्ट्र को सर्वोपरि रखना है।</p>
<p>उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के विचारों को याद करते हुए कहा कि उनके शब्द आज भी कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। साथ ही, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पार्टी निरंतर अपने मूल संकल्पों को साकार करते हुए आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने “राष्ट्र प्रथम” की भावना के साथ सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण को प्राथमिकता दी है। योजनाओं की पारदर्शिता, अंतिम व्यक्ति तक पहुंच और आत्मनिर्भर भारत का लक्ष्य इसी सोच का परिणाम है।</p>
<p>पंकज चौधरी ने आगे कहा कि भाजपा केवल एक राजनीतिक दल नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की सतत यात्रा है। यह पार्टी परिवारवाद या स्वार्थ की नहीं, बल्कि राष्ट्रभक्ति, अंत्योदय और समर्पण की भावना से संचालित होती है। स्थापना दिवस के अवसर पर उन्होंने सभी कार्यकर्ताओं को बधाई देते हुए आह्वान किया कि वे अपने त्याग, तपस्या और मेहनत से पार्टी को और मजबूत बनाएं तथा देश को विश्व मंच पर नई पहचान दिलाने में योगदान दें।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 06 Apr 2026 12:30:11 +0530</pubDate>
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