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                <title>mining - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>अरावली विवाद: पर्यावरण एक्टिविस्ट हितेंद्र गांधी ने सीजेआई और राष्ट्रपति को लिखा पत्र, उठाए गंभीर सवाल</title>
                                    <description><![CDATA[वकील और पर्यावरण एक्टिविस्ट हितेंद्र गांधी ने भारत के चीफ जस्टिस को पत्र लिखकर सुप्रीम कोर्ट से अरावली के बारे में अपने फैसले पर फिर से विचार करने को कहा है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि अब सिर्फ़ वही ज़मीनें जो स्थानीय ज़मीन से 100 मीटर या उससे ज़्यादा ऊंची हैं, उन्हें ही "अरावली" माना जाएगा - जिससे विरोध प्रदर्शनों का सिलसिला शुरू हो गया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/aravalli-dispute-environmental-activist-hitendra-gandhi-writes-letter-to-cji/article-136841"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/aravalli-hiss-dispute.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। अरावली पर्वतमाला की परिभाषा को लेकर सुप्रीम कोर्ट के हालिया आदेश पर देशभर में बहस तेज हो गई है। वकील और पर्यावरण एक्टिविस्ट हितेंद्र गांधी ने भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) को पत्र लिखकर सुप्रीम कोर्ट से अपने फैसले पर पुनर्विचार करने की अपील की है। यह पत्र भारत के राष्ट्रपति को भी भेजा गया है। गांधी ने चेतावनी दी है कि ऊंचाई पर आधारित अरावली की संकीर्ण परिभाषा उत्तर-पश्चिम भारत में पर्यावरण संरक्षण को गंभीर रूप से कमजोर कर सकती है।</p>
<p>गौरतलब है कि पिछले महीने सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि अब केवल वही भूमि “अरावली” मानी जाएगी, जो अपने आसपास की स्थानीय जमीन से 100 मीटर या उससे अधिक ऊंची हो। इस फैसले के बाद राजनीतिक हलकों और पर्यावरणविदों में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस परिभाषा से अरावली रेंज के करीब 90 प्रतिशत हिस्से को कानूनी संरक्षण से बाहर किया जा सकता है।</p>
<p>पर्यावरणविदों ने आशंका जताई है कि इससे खनन गतिविधियों, रियल एस्टेट परियोजनाओं और अवैध कब्जों को बढ़ावा मिल सकता है, जिससे क्षेत्र में अपरिवर्तनीय पारिस्थितिक क्षति होगी। अरावली को मरुस्थलीकरण रोकने, भूजल रिचार्ज बढ़ाने और प्रदूषण से राहत दिलाने वाली प्राकृतिक ढाल माना जाता है। यदि इसकी सुरक्षा कमजोर हुई, तो पानी की कमी, जैव विविधता के नुकसान और बढ़ते प्रदूषण की समस्या और गंभीर हो सकती है।</p>
<p>अपने पत्र में हितेंद्र गांधी ने 20 नवंबर को दिए गए सुप्रीम कोर्ट के आदेश को अरावली प्रणाली को एक पारिस्थितिक रूप से महत्वपूर्ण प्राकृतिक ढाल के रूप में पहचानने की दिशा में “महत्वपूर्ण और स्वागत योग्य कदम” बताया। हालांकि, उन्होंने आदेश में अपनाई गई ऑपरेशनल परिभाषा पर गहरी चिंता जताई। गांधी का कहना है कि केवल 100 मीटर या उससे अधिक की स्थानीय ऊंचाई को मानदंड बनाना वैज्ञानिक और पर्यावरणीय दृष्टि से अपर्याप्त है।</p>
<p>उन्होंने तर्क दिया कि अरावली परिदृश्य के कई ऐसे हिस्से हैं जो ऊंचाई की इस संख्यात्मक सीमा को पूरा नहीं करते, लेकिन फिर भी पारिस्थितिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। इन क्षेत्रों को बाहर करने से पूरी अरावली प्रणाली की कार्यक्षमता और संरक्षण उद्देश्य को नुकसान पहुंच सकता है। गांधी ने सुप्रीम कोर्ट से आग्रह किया है कि वह व्यापक पारिस्थितिक मानकों के आधार पर अरावली की परिभाषा पर पुनर्विचार करे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>राजस्थान</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 22 Dec 2025 17:59:22 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>खनन अब हाईटेक : एआई की मदद से खनिज तलाशेंगे मिनरल्स डिपॉजिट एरिया डोमेन पर होगा, दूसरे विभाग प्रोजेक्ट्स लाएंगे तो खान एरिया का पहले से ही चलेगा पता</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान में अब माइनिंग हाईटेक मोड में करने के प्लान पर काम हो रहा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/mining-will-now-find-minerals-with-the-help-of-hi/article-126122"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-09/untitled-design-(5).png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान में अब माइनिंग हाईटेक मोड में करने के प्लान पर काम हो रहा है। आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस यानी एआई से खनिज तलाशेंगे और रिफाइन करने की शुरुआत की जा रही है। इसके लिए पायलट प्रोजेक्ट के रूप में भीलवाड़ा-भरतपुर और चित्तौडगढ़ के कुछ स्थानों को चुना गया है। इसमें मशीन लर्निंग तकनीक की भी मदद ली जाएगी। प्रोजेक्ट सफल रहा तो प्रदेशभर में एआई माइनिंग सेक्टर की ताकत बनेगी। यहीं नहीं माइनिंग विभाग डीओआईटी की मदद से खनिज डेटा डोमेन भी तैयार कर रहा है।</p>
<p>माइनिंग इंवेस्टर्स इससे ऑनलाइन माइनिंग डेटा तो देख ही सकेंगे, साथ ही माइनिंग एरिया चिन्हित होने से दूसरे विभाग यहां अपने प्रोजेक्ट्स पर अनावश्यक सरकारी पैसा खर्च करने से भी बच सकेंगे। उन्हें अपने प्रोजेक्ट्स की प्लानिंग से पहले ही माइनिंग एरिया का पता लग जाएगा, प्रोजेक्ट्स की ओवरलेपिंग नहीं होगी। आगामी दो-तीन माह में इसका मॉड्यूल तैयार हो जाएगा। खनिजों का डेटा डोमेन पर डीओआईटी के साथ डेटा शेयर कर मॉड्यूल बन रहा है। निवेशक चिन्हित खनिज संपदा का डेटा आॅनलाइन देख सकेंगे। इसके लिए खान विभाग दो माड्यूल्स एसेसमेंट आॅफ  मिनरल ब्लॉक और इंटीग्रेशन आॅफ  मिनरल मेप्स तैयार कर चुकी है। अगले दो-तीन माह में इसका काम पूरा हो जाएगा। मिनरल डेटा राजधरा पोर्टल और पीएम गति शक्ति पोर्टल से भी इंटीग्रेटेड किया जाएगा। </p>
<p><strong>माइनिंग प्लान अनुमोदन ऑनलाइन होने लगे </strong><br />खनन विभाग के आॅफिस भी हाईटेक हो रहे हैं। आॅफिसों में वर्क स्टेशन बनाने की तैयारी है ताकि मिनरल्स सेक्टर के डेटा का एनालिसिस हो सके। फील्ड में खनिज खोज को ब्रंटन कम्पास, फील्ड जीपीएस, फील्ड एक्सआरएफ, जियोलोजिकल हेमर भी लाए जाएंगे। माइनिंग प्लान अनुमोदन और नो ड्यूज का काम भी ऑनलाइन होगा। अब तक 80 माइनिंग प्लान अनुमोदन की प्रक्रिया ऑनलाइन शुरू की जा चुकी है। इसकी समय सीमा भी तय होगी, ताकि निश्चित समय में इन्हें मंजूरी मिल सके। </p>
<p><strong>लीज देय भुगतान एलआईएस सिस्टम से होगा</strong><br />खानधारक अपनी लीज की प्रोफाइइल, डिमाण्ड राशि की जानकारी, इसे जमा कराने की प्रक्रिया जल्द ही आॅनलाइन कर सकेगा। इसको लीज इंफोमेशन सिस्टम (एलआईएस) सिस्टम तैयार हो रहा है। इसे आॅनलाइन ही खनिज अभियंता सत्यापित भी कर सकेगा। यहां कंसेट टू आपरेट, अनुमोदित माइनिंग प्लान, डेडरेंट, खनिज खनन आदि सभी जानकारी होगी। समय व धन बचेगा। विभागीय व्यवस्था और अधिक प्रभावी होगी।</p>
<p><strong>एआई को प्राइवेट एजेंसी की मदद लेंगे</strong><br /> एआई के माध्यम से क्रिटिकल एवं स्ट्रेटेजिक खनिज खोज और रिफाइनिंग शुरू होगी। राजस्थान स्टेट मिनरल एक्सप्लोरेशन ट्रस्ट यानी आरएसएमईटी, केन्द्र सरकार द्वारा नोटिफाइड प्राइवेट एक्सप्लोरेशन एजेंसी के साथ काम करेगी। एआई रिपोर्ट के अधार पर खनिज संभावित चिन्हित स्थानों पर प्राथमिकता से ड्रिलिंग होगी और फिर सेंपल्स का रासायनिक विश्लेषण करवाया जाएगा। फिर ब्लॉक तैयार कर नीलामी होगी। पुराने तरीके से पूर्वेक्षण में अधिक समय व धन व्यय होता है। एआई से एक्सप्लोरेशन कार्य से समय, धन और श्रम तीनों की बचत होगी। एक्सप्लोरेशन में गुणवत्ता और खनिज उपलब्धता सुनिश्चितता की संभावना अधिक होगी। हैदराबाद की एनपीईए क्रिटिकल मिनरल ट्रेकर द्वारा एआई के उपयोग करते हुए एक्सप्लोरेशन डेटा, सेटेलाइट मेपिंग और ग्राउण्ड पेनिट्रेशन राडार प्राप्त डेटा को एनालिसिस किया जाएगा। </p>
<p>ए आई से पायलट प्रोजेक्ट्स के तहत चिह्नित एरिया में खनिज रिफाइन किया जाएगा। मशीन लर्निंग टैक्नोलॉजी की भी मदद लेंगे। खनिज एरिया डोमेन पर होगा तो दूसरे विभाग के कामों की ओवरलेपिंग नहीं होगी। माइनिंग अनुमोदन का काम तो ऑनलाइन शुरू भी हो गया है। माइनिंग सिस्टम को एडवांस बनाने का प्रयास है।<br /><strong>-टी.रविकांत, प्रमुख सचिव, खान विभाग।  </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 07 Sep 2025 13:31:26 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>माइनिंग प्लान और नोड्यूज सेवाएं ऑनलाइन, खानधारकों की समय की बचत</title>
                                    <description><![CDATA[अब हमें मेजर मिनरलों में ही लाइमस्टोन के साथ ही अन्य मेजर मिनरलों के एक्सप्लोरेशन से लेकर ऑक्शन की और ध्यान देना होगा। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/mining-plan-and-noduse-services-savings-of-time-of-online/article-121749"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-07/6622-copy35.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। खान एवं भूविज्ञान विभाग की सभी सेवाओं को चरणवद्ध तरीके से ऑनलाइन किया जाएगा। प्रमुख सचिव खान एवं पेट्रोलियम टी. रविकांत ने कहा कि मेजर मिनरल ब्लॉकों की नीलामी में इस तरह से कार्य योजना तैयार की जाए, ताकि प्रधान खनिजों की नीलामी में विविधिकरण लाया जा सके। इस समय लाइमस्टोन के ही सर्वाधिक ब्लाकों की नीलामी की जा रही है, जबकि राजस्थान में अन्य मेजर मिनरल के भण्डार भी उपलब्ध है। </p>
<p>उन्होंने राजस्व संग्रहण में समग्र प्रयास करने के निर्देश दिए और पुरानी बकाया वसूली पर जोर देना होगा। प्रमुख सचिव माइंस उदयपुर खनिज भवन में निदेशक दीपक तंवर के साथ वरिष्ठ अधिकारियों से संवाद कर रहे थे। अब हमें मेजर मिनरलों में ही लाइमस्टोन के साथ ही अन्य मेजर मिनरलों के एक्सप्लोरेशन से लेकर ऑक्शन की और ध्यान देना होगा। </p>
<p>विभाग की एक अन्य प्रमुख प्राथमिकता नीलाम माइंस को जल्द से जल्द परिचालन में लाने के ठोस प्रयास करने होंगे। ब्लॉकों के डेलिनियेशन के समय ही चारागाह या अन्य अवरोध वाले स्थानों से परे ब्लॉक तैयार किये जाएं, ताकि ऑक्शन ब्लॉकों को परिचालन लाने में अनुमतियों के चक्चर में देरी ना हो। निदेशक माइंस दीपक तंवर ने बताया कि माइनिंग प्लान के ऑनलाइन अनुमोदन व नोड्यूज की ऑनलाइन व्यवस्था से खानधारकों को राहत मिली है। </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 27 Jul 2025 10:57:23 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बजरी के अवैध खनन से पार्वती नदी को हो रहा नुकसान, ठोस कार्रवाई नहीं होने से हौसले बुलंद</title>
                                    <description><![CDATA[अवैध रूप से हो रहे बजरी के खनन से पार्वती नदी को काफी नुकसान हो रहा है। एक तरफ जहां जलीय जीव जंतुओं पर खतरा मंडरा रहा है]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/parvati-river-is-being-damaged-due-to-illegal-mining-of-gravel/article-111105"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-04/news-(1)25.png" alt=""></a><br /><p>खातौली। खातौली थाना क्षेत्र में खनन माफिया खुले आम रेत व पत्थर का अवैध रूप से खनन कर रहे हैं। जिससे पार्वती नदी लगातार छलनी हो रही है। वहीं कार्यवाही नहीं होने से इन खनन माफियाओं के हौसले इतने बुलंद हो चुके हैं कि इन्होंने अवैध रूप से रेत का परिवहन करने के लिए नदी के किनारे खाइयां खोद कर गोपनीय रास्ते तक बना लिए हैं। जानकारी के अनुसार पार्वती नदी में गोवर्धनपुरा बीड में होकर गोपनीय रास्ते बनाकर व खातौली के मदनपुरा से काली रेत निकाल रहे हैं। अवैध रूप से हो रहे बजरी के खनन से पार्वती नदी को काफी नुकसान हो रहा है। एक तरफ जहां जलीय जीव जंतुओं पर खतरा मंडरा रहा है, वहीं पर्यावरण को भी काफी क्षति पहुंच रही है। क्षेत्र में 30 से 40 ट्रैक्टर-ट्रॉली पूरी रात चक्कर लगाकर अवैध रूप से रेत का खनन करती हैं। एक तरफ बजरी खनन पर प्रतिबंध लगा हुआ है वहीं दूसरी ओर प्रशासन की लापरवाही के कारण क्षेत्र में अवैध खनन का कारोबार धड़ल्ले चल रहा है।  </p>
<p><strong>ठोस कार्यवाही नहीं होने से हौसले बुलंद</strong><br />गौरतलब है कि विभागीय अधिकारियों, कार्मिकों के बड़े लवाजमे के बावजूद क्षेत्र में अवैध खनन धड्डले से हो रहा है। माफिया के सामने  प्रशासन बेबस नजर आ रहा है। अवैध खनन की जानकारी होने के बावजूद कार्यवाही नहीं होने से इन अवैध खनन कर्ताओं के हौसले काफी बुलंद हैं।</p>
<p><strong>आवागमन में बाधक पेड़ काटे</strong><br />ग्रामीणों ने बताया कि इन खनन माफियाओं के हौसले इतने बुलंद हो चुके हैं कि खनन व परिवहन के लिए रास्ते में बाधक बन रहे पेड़ तक इन्होंने काट दिए हैं। पूरे जंगल में लकड़ी की कटाई के निशान साफ देखे जा सकते हैं। खनन माफिया डिमांड के अनुसार आसपास के गांवों में रेत की सप्लाई करते हैं। इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारी कार्यवाही नहीं करते। </p>
<p>खातौली वन क्षेत्र में अवैध रूप से खनन व रेत का परिवहन हो रहा है, इसकी जानकारी नहीं है। आज ही जानकारी मिली है। इनके खिलाफ जल्दी ही कार्यवाही की जाएगी।<br /><strong>-अपूर्वा कृष्णा श्रीवास्तव, डीएफओ  </strong></p>
<p>अवैध खनन का मामला मेरी नजर में नहीं आया है। फिर भी जांच करके कार्रवाई की जाएगी। <br /><strong>-सुजीत शंकर, जिला पुलिस अधीक्षक ग्रामीण, कोटा </strong></p>
<p>अवैध खनन के खिलाफ जिले में अभियान चलाया जा रहा है। उसी के तहत विजिट की जाती है। विजिट के दौरान पार्वती नदी क्षेत्र में अवैध खनन का कोई मामला मेरी जानकारी में नहीं आया। ना ही अवैध रेत का परिवहन करते कोई ट्रैक्टर-ट्रॉली नजर में आई है। फिर भी ऐसा मामला पाया जाता है तो जांच करवा कर कार्यवाही की जाएगी।<br /><strong>-रामनिवास मेहता, उपखंड अधिकारी, इटावा</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 17 Apr 2025 15:44:52 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>चारागाह भूमि को खोदकर मिट्टी का किया अवैध खनन, 4 वर्ष पूर्व ठेकेदार पर लगा था 7 लाख का जुर्माना </title>
                                    <description><![CDATA[ग्राम पंचायत की एनओसी ली है और न ही खनिज विभाग से खनन कार्य की स्वीकृति ली है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/illegal-mining-of-soil-by-digging-pasture-land/article-109778"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-04/news-(3)7.png" alt=""></a><br /><p>रामगंजमंडी। खैराबाद से गोयन्दा सड़क निर्माण के दौरान निर्माण कम्पनी द्वारा नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए खैराबाद की चारागाह भूमि में पीली मिट्टी का अवैध खनन करने का मामला सामने आया है। पटवारी को इसकी जानकारी लगने पर अवैध खनन कार्य बंद करवा दिया गया है। जानकारी के अनुसार सिंचाई विभाग के सामने स्थित यह भूमि खैराबाद पटवार हल्के की खसरा नंबर 2306 चारागाह भूमि के नाम से दर्ज है। रोड़ निर्माण कम्पनी के कारिंदों ने चारागाह भूमि पर बुलडोजर चला दिया और 15 फिट तक गहरी करके पीली मिट्टी का अवैध खनन करते हुए पीली मिट्टी को रोड़ निर्माण कार्य मे इस्तेमाल कर लिया है। तिरुपति कंस्ट्रक्शन कंपनी के लोग इस अवैध कार्य में लिप्त पाए गए हैं। इन्होंने न तो ग्राम पंचायत की एनओसी ली है और न ही खनिज विभाग से खनन कार्य की स्वीकृति ली है।</p>
<p><strong>वहीं ग्रामीणों का कहना है </strong>कि गोमाता के लिए चारा पैदा करने वाली भूमि पर नियमानुसार खनन कार्य की स्वीकृति नहीं मिल सकती है और न ही इसका बेचान किया जा सकता है। इसके विपरीत रोड़ निर्माण कम्पनी के ठेकेदार के कारिंदों ने दिनदहाड़े सरेआम चारागाह भूमि को खोद दिया जो गम्भीर प्रकरण है। प्रशासन को भी चारागाह भूमि का अवैध खनन कार्य करने वालों पर कार्यवाही करनी चाहिए।</p>
<p><strong>4 वर्ष पूर्व ठेकेदार पर लगा था 7 लाख का जुर्माना</strong><br />4 वर्ष पूर्व भी खैराबाद ग्राम पंचायत इलाके में रेलवे के ठेकेदार द्वारा चारागाह भूमि पर अवैध खनन कार्य किया गया था। इस मामले को दैनिक नवज्योति ने प्रमुखता से उठाया था। तब खनिज विभाग द्वारा कथित ठेकेदार पर 7 लाख का जुर्माना किया गया था। ग्रामीणों ने खनिज विभाग से राजस्व चोरी का मुकदमा दर्ज करवाने की मांग की है। इस मामले में खनिज अभियंता पिंकराव सिंह का पक्ष जानने का प्रयास किया गया। साथ ही व्हाट्सएप ग्रुप पर भी मैसेज कर वर्जन लेना चाहा। लेकिन उन्होंने कोई उत्तर नहीं दिया।</p>
<p>जिस भूमि पर खनन किया है, वह खैराबाद पटवार हल्के के खसरा नंबर 2302 की चारागाह है भूमि है। जानकारी मिलने पर काम रुकवा दिया गया है। चारागाह भूमि नष्ट करने वालों पर कार्यवाही के लिए उच्च अधिकारियों को लिखा है।<br /><strong>-हिमांशु अग्रवाल पटवारी</strong></p>
<p>खैराबाद पंचायत क्षेत्र में चारागाह भूमि पर की गई खुदाई के सम्बंध में ग्राम पंचायत से कोई एनओसी नहीं ली गई है।<br /><strong>-संदीप मीणा, सचिव, ग्राम पंचायत, खैराबाद</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 05 Apr 2025 16:22:13 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आकस्मिक संयुक्त अभियान से होगी अवैध खनन की रोकथाम,  भजनलाल ने ली अवैध खनन की रोकथाम और विद्युत आपूर्ति की समीक्षा बैठक</title>
                                    <description><![CDATA[सीएम बुधवार को सीएमआर पर अवैध खनन गतिविधियों पर नियंत्रण के लिए की गई कार्यवाही की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/chief-minister-will-prevent-illegal-mining-from-a-contingent-joint/article-109482"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-04/bhajanlal-3.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि अवैध खनन पर निगरानी रखने के लिए ड्रोन और अन्य आधुनिक तकनीक की मदद ली जाए। अवैध खनन के औचक निरीक्षण के लिए मुख्यालय स्तर पर संयुक्त टास्क फोर्स बनाई जाए। अब राज्य सरकार अवैध खनन पर सख्त एवं प्रभावी कार्यवाही के लिए आकस्मिक संयुक्त अभियान चलाएगी, जिससे खनन माफियाओं पर पूरी तरह लगाम लग सकें। सीएम बुधवार को सीएमआर पर अवैध खनन गतिविधियों पर नियंत्रण के लिए की गई कार्रवाई की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। </p>
<p>खनन माफियाओं पर सख्त एक्शन हो:  सीएम ने अवैध खनन को लेकर अफसरों की कार्यशैली पर नाराजगी जताते हुए कहा कि अवैध खनन को रोकने के लिए पुलिस, जिला प्रशासन, वन विभाग, परिवहन विभाग तथा खनन विभाग आपसी समन्वय के साथ काम करें। उन्होंने सभी जिला कलक्टर से खनन माफियाओं पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। सीएम ने टोंक, नागौर, भीलवाड़ा, सवाई माधोपुर, डीग, कोटपूतली, राजसमंद, चित्तौड़गढ़ कलक्टर से जिलों में चल रही अवैध खनन की कार्यवाही के बारे में जानकारी ली तथा उचित दिशा-निर्देश प्रदान किए। खान विभाग के रिक्त पदों पर शीघ्र भर्ती की जाएगी। </p>
<p><strong>गर्मी में आमजन को सुनिश्चित हो निर्बाध विद्युत आपूर्ति</strong><br />मुख्यमंत्री ने सीएमआर पर जयपुर, जोधपुर और अजमेर विद्युत वितरण निगमों की दूसरी समीक्षा बैठक में गर्मी के मौसम में आमजन को निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। डिस्कॉम्स के अधिकारी बिजली आपूर्ति की सतत् मॉनिटरिंग करें और लाइनों में सुधार, ट्रांसफार्मर और जीएसएस स्थापित करने से संबंधित कार्यों को समय पर पूरा करें। साथ ही डिस्कॉम्स बिजली छीजत घटाने को प्राथमिकता देते हुए इसे न्यूनतम करने का लक्ष्य प्राप्त करें। टीएण्डडी और एटीएण्डसी लॉसेज को न्यूनतम करने के लिए फीडर्स लेवल मॉनिटरिंग की जाए। खराब मीटर्स का रिपेयर और रिप्लेसमेंट सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने ऊर्जा उत्पादन निगम को पीक टाइम से पहले मैंटेनेंस पूरा करने के लिए भी निर्देशित किया। सीएम ने पीएम कुसुम योजना में गति लाने, मुफ्त बिजली योजना को त्वरित क्रियान्वित करने, लंबित कृषि कनेक्शन्स को प्राथमिकता से जारी करने के निर्देश दिए। </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 03 Apr 2025 13:11:49 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>अवैध खनन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, डंपर-ट्रैक्टर पकड़कर वसूला 3.35 लाख का जुर्माना </title>
                                    <description><![CDATA[एमई जयपुर श्याम कापड़ी ने बताया कि टीम सदस्यों को भी कार्रवाई से पहले पता नहीं लगने दिया कि किस स्थान पर कार्रवाई की जाएगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/action-against-illegal-mining--fine-recovered-of-the-3-35-lakh-to-tractor/article-96945"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-12/9930400-sizee-(8)1.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। माइनिंग विभाग जयपुर की टीम ने गोपनीय तरीके से अवैध खनन के खिलाफ आमेर की जाटावाली व बिलोंची, आंधी व बस्सी में बड़ी कार्रवाई की है। एसएमई जयपुर एनएस शक्तावत के निर्देशन में जयपुर एमई श्याम कापडी की टीम ने जाटावाली में अवैध परिवहन करते हुए चेजा पत्थर से भरे दो डंपरों पर कार्रवाई करते हुए 2 लाख 26 हजार 400 रुपए की शास्ति वसूली।</p>
<p>एमई जयपुर श्याम कापड़ी ने बताया कि टीम सदस्यों को भी कार्रवाई से पहले पता नहीं लगने दिया कि किस स्थान पर कार्रवाई की जाएगी और उसके बाद पहले जाटावाली, उसके बाद बिलौची में दो ट्रैक्टर ट्रॉली को पकड़ कर पुलिस को सुपुर्द कर 53,500 रुपए की शास्ति लगाई गई है। इसी तरह से बस्सी में एक चेजा पत्थर की ट्रैक्टर ट्राली पकड़ कर बस्सी थाने को सुपुर्द कर 27,640 रुपए की शास्ति लगाई गई है। इसके साथ ही आंधी क्षेत्र में मार्बल खांडा की एक ट्रैक्टर ट्रॉली को जब्त कर संबंधित थाने में सुपुर्द करने के साथ ही 27,800 रुपए की शास्ति लगाई गई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 07 Dec 2024 12:50:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>प्रदेश में सोने का खनन अब जल्द, एक खान हुई नीलाम</title>
                                    <description><![CDATA[ यहां करीब 14 किमी में सोने के भंडार बताए जा रहे हैं। इस ब्लॉक्स का आवंटन रतलाम की सैयद ओवेस अली फर्म को हुआ है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/gold-mining-in-the-state-now-one-mine-will-soon/article-82594"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-06/6633-copy93.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान में बांसवाड़ा के भूकिया-जगपुरा में सोने की खान के दो ब्लॉक्स में से एक ब्लॉक्स की नीलामी प्रक्रिया पूरी हो गई है। एक अन्य ब्लॉक्स कांकरिया गारा गोल्ड की नीलामी अभी बाकी है। ऐसे में प्रदेश में अब सोने के खनन का काम जल्द शुरू हो जाएगा। इन दोनों ब्लॉक्स में देश के कुल सोने के भंडार का 25 फीसदी हिस्सा होना माना जा रहा है। भूकिया-जगपुरा क्षेत्र में कुल 940.26 हैक्टेयर में भू वैज्ञानिकों के अनुसार कुल 113.52 मिलियन टन सोने के अयस्क का अनुमान है। इसमें सोने की मात्रा करीब 222.39 टन आंकी गई है। यहां करीब 14 किमी में सोने के भंडार बताए जा रहे हैं। इस ब्लॉक्स का आवंटन रतलाम की सैयद ओवेस अली फर्म को हुआ है।</p>
<p>इसकी नीलामी की प्रक्रिया पिछले माह से चल रही थी। एमएसटीसी पोर्टल पर ई-ऑक्शन किया गया है। वहीं दूसरे ब्लॉक्स कांकरिया गोरा गोल्ड 205 हैक्टेयर में 1.24 मिलियन टन सोने के अयस्क होने का अनुमान है। गौरतलब है कि जब भू सर्वेक्षण विभाग ने क्षेत्र में तांबे के अयस्क होने के अनुमान के आधार पर यहां खोज की तो सोने के भंडार मिले थे। देश में कर्नाटक, आन्ध प्रदेश, झारखंड के बाद राजस्थान भी सोने के खनन करने वाले राज्यों में शामिल हो गया है।  </p>
<p><strong>सोने के साथ कॉपर, निकल, कोबाल्ट भी मिलेगा </strong><br />इस खान में सोने के अलावा 1.74 हजार टन कॉपर, 9700 टन निकल ओर 13500 टन कोबाल्ट के खनिज भी उपलब्ध होंगे। इसके माध्यम से इलेक्ट्रोनिक, पेट्रोलियम, पेट्रो केमिकल, बैटरी, एयर बैग सहित अन्य उद्योग में निवेश होगा, रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।  </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 25 Jun 2024 09:57:21 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>ऊर्जा मंत्री ने छत्तीसगढ़ के सीएम से की मुलाकात, कोल ब्लॉक से खनन की बाधाएं होंगी दूर</title>
                                    <description><![CDATA[मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देश पर अपने दो दिवसीय छत्तीसगढ़ प्रवास के पहले दिन नागर ने रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री से मुलाकात की।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/energy-minister-meet-to-the-chhattisgarh-cm-obstacles-in-mining-from-coal/article-82440"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-06/6633-copy84.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से राजस्थान को आवंटित कोल ब्लॉक्स पारसा ईस्ट और कांता बासन, परसा और केंते एक्सटेंशन से कोयला खनन में आ रही बाधाओं को दूर करने में आवश्यक सहयोग प्रदान करने का आग्रह किया है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देश पर अपने दो दिवसीय छत्तीसगढ़ प्रवास के पहले दिन नागर ने रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री से मुलाकात की।</p>
<p>इस दौरान साय ने अवगत कराया कि राजस्थान को आवंटित कोल ब्लॉक पीईकेबी के वित्त वर्ष 2025-26 से आगामी छह वर्षों के खनन कार्यों के लिए दी जाने वाली 411 हैक्टेयर वन भूमि के लिए दो दिन पूर्व ही ग्रामसभा से आवश्यक सहमति प्राप्त हो गई है। उन्होंने आश्वस्त किया कि छत्तीसगढ़ सरकार भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई को जल्द पूरी कर इसे उत्पादन निगम को हस्तांतरित करने में पूर्ण सहयोग प्रदान करेगी। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 23 Jun 2024 14:02:45 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>सरिस्का टाइगर रिजर्व के आसपास खनन पर रोक</title>
                                    <description><![CDATA[जनवरी 2022 में नेशनल ग्रीन ट्रिब्युनल (एनजीटी) ने भी सरिस्का टाईगर रिजर्व में अवैध बालू के खनन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई का आदेश दिया था। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/ban-on-mining-around-sariska-tiger-reserve/article-78151"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-03/supreme-court.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान के सरिस्का टाइगर रिजर्व के आसपास खनन की सभी गतिविधियों पर रोक लगा दी है। जस्टिस बीआर गवई की अध्यक्षता वाली बेंच ने क्रिटिकल टाईगर हैबिटैट के एक किलोमीटर के दायरे में सभी खनन गतिविधियों पर रोक लगाने का आदेश दिया है। कोर्ट ने क्रिटिकल टाइगर हैबिटैट के उस एरिया मे राज्य सरकार को भविष्य में अवैध खनन को रोकने के लिए एक्शन प्लान भी तैयार करने को कहा है। </p>
<p><strong>याचिका में यह कहा गया</strong><br />दरअसल सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर आरोप लगाया गया था कि कोर्ट के पुराने आदेशों का उल्लंघन कर कई कंपनियों में नेशनल बोर्ड फॉर वाइल्ड लाइफ की मंजूरी के बिना ही क्रिटिकल टाइगर हैबिटैट और उसके आसपास गैरकानूनी खनन की गतिविधियों में लगी हुई है।</p>
<p><strong>एनजीटी ने भी बालू खनन पर लगाई थी रोक</strong><br />बता दें कि जनवरी 2022 में नेशनल ग्रीन ट्रिब्युनल (एनजीटी) ने भी सरिस्का टाईगर रिजर्व में अवैध बालू के खनन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई का आदेश दिया था। एनजीटी ने एक अखबार की उस खबर पर संज्ञान लिया था जिसमें बालू माफिया द्वारा एक वनरक्षक को कुचल देने की खबर छपी थी। खबर के मुताबिक संदिग्ध खनन माफिया के एक ट्रैक्टर को जब वनरक्षक और उसके कुछ साथियों ने सरिस्का टाईगर रिजर्व में रोकने की कोशिश की तो उसे ट्रैक्टर से कुचल दिया गया। वनरक्षक केवल सिंह घायल हो गया था जिसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया जहां उसकी मौत हो गई थी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 16 May 2024 10:28:43 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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                <title>माइनिंग ब्लॉकों की नीलामी का बनेगा एक्शन प्लान</title>
                                    <description><![CDATA[अवैध खनन पर प्रभावी रोक के लिए गेप व खनन क्षेत्रों के ब्लॉकों की नीलामी के कार्य में तेजी लानी होगी। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/action-plan-will-be-made-for-auction-of-mining-blocks/article-71672"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-03/6336-copy6.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। आगामी वित्तीय वर्ष में मेजर और माइनर मिनरल ब्लॉकों के ऑक्शन का मासिक एक्शन प्लान बनाया जाएगा। निदेशक (खान एवं भूविज्ञान) भगवती प्रसाद कलाल ने माइंस व भूविज्ञान विभाग के फील्ड अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने क्षेत्र के मिनरल एक्सप्लोरेशन, डेलिनियेशन और ऑक्शन के लिए ब्लॉक तैयार करने का रोडमेप तैयार कर प्रतिमाह ऑक्शन के प्रस्ताव भेजें। उन्होंने कहा कि अवैध खनन पर प्रभावी रोक के लिए गेप व खनन क्षेत्रों के ब्लॉकों की नीलामी के कार्य में तेजी लानी होगी। </p>
<p>डीएमजी भगवती प्रसाद कलाल शनिवार को खान एवं भूविज्ञान विभाग के फील्ड अधिकारियों से वीसी के जरिए रूबरू हुए। उन्होंने माइनिंग विंग व जियोलॉजी विंग के बीच बेहतर तालमेल बनाकर खनिज खोज और खनन कार्य को बढ़ावा देने और औद्योगिक विकास, निवेश, रोजगार व राज्य सरकार का रेवेन्यू बढ़ाने के साझा प्रयास करने को कहा। डीएमजी ने खनन क्षेत्र के पूर्व बकाया राशि की युद्ध स्तर पर वसूली करने के निर्देश भी दिए और कहा कि वसूली में किसी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 03 Mar 2024 11:15:53 +0530</pubDate>
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                            </item>
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                <title>अवैध खनन पर होगी कार्रवाई, चलेगा अभियान </title>
                                    <description><![CDATA[अवैध खनन की ड्रोन विडियोग्राफी कराने के भी निर्देश दिए। वहीं पुलिस अधिकारियों को प्रत्येक वाहन के साथ टायर बस्टर रखने एवं आवश्यकता के अनुसार क्यूआरटी टीम की तैनात करवाई जाए।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/action-will-be-taken-against-illegal-mining-campaign/article-66968"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-01/4253-copy2.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। जिले मे अवैध खनन, परिवहन और भंडारण पर अंकुश लगाने के लिए जिला प्रशासन 15 से 31 जनवरी तक संयुक्त जांच अभियान चलाएगा। अभियान में खनन, राजस्व, पुलिस, वन, परिवहन की टीमें आपसी सामंजस्य बनाकर कार्रवाई करेगी। कार्रवाई के दौरान अवैध खनन में लिप्त वाहन चालकों का लाइसेंस और वाहनों का रजिस्ट्रेशन निरस्त किया जाएगा। जिला कलक्ट्रेट सभागार में जिला स्तरीय टास्क फोर्स कमेटी की हुई बैठक में जिला कलेक्टर प्रकाश राजपुरोहित ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अभियान में सभी विभाग अपने-अपने नियमों के तहत संयुक्त रूप से कार्रवाई करेंगे।</p>
<p>अवैध खनन की ड्रोन विडियोग्राफी कराने के भी निर्देश दिए। वहीं पुलिस अधिकारियों को प्रत्येक वाहन के साथ टायर बस्टर रखने एवं आवश्यकता के अनुसार क्यूआरटी टीम की तैनात करवाई जाए। उन्होंने डीएमएफ्टी फंड से नियमानुसार अच्छी गुणवत्ता के तीन सोलर पॉवर ड्रोन मय ऑपरेटर के किराए पर लेने तथा फ्लेश लाइट की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 15 Jan 2024 14:07:10 +0530</pubDate>
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