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                <title>hormuz crisis - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>होर्मुज में अमेरिका का हस्तक्षेप मंजूर नहीं : सैन्य कार्रवाई का देंगे जवाब, ईरान ने खाड़ी देशों को दी चेतावनी</title>
                                    <description><![CDATA[ईरान ने कहा है कि वह अमेरिका को होर्मुज जलडमरूमध्य के प्रबंधन में किसी भी तरह का हस्तक्षेप नहीं करने देगा। ईरानी सेना ने खाड़ी देशों को भी चेतावनी दी कि अमेरिका का सहयोग ईरान के खिलाफ युद्ध माना जाएगा। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/americas-intervention-in-hormuz-is-not-acceptable-iran-warns-gulf/article-159804"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-07/1200-x-600-px)-(3)27.png" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="line-height:normal;"><span style="font-size:12pt;font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">तेहरान। ईरान ने कहा कि वह अमेरिका को कभी भी होर्मुज जलडमरूमध्य के प्रबंधन में हस्तक्षेप नहीं करने देगा। उसने खाड़ी देशों को भी चेतावनी दी है कि अमेरिका का सहयोग ईरान के साथ युद्ध करने के बराबर माना जायेगा। ईरानी सेना के खातम-अल अंबिया केंद्रीय मुख्यालय के प्रवक्ता कर्नल इब्राहीम जुलफकारी ने एक बयान में कहा कि होर्मुज में अमेरिका के बर्ताव ने पूरे क्षेत्र को गंभीर खतरे में डाल दिया है। उन्होंने कहा, होर्मुज जलडमरूमध्य के प्रबंधन में अमेरिका के प्रयोगों और दुर्भावना पूर्ण हरकतों ने क्षेत्रीय सुरक्षा, अंतरराष्ट्रीय व्यापार और तेल टैंकरों एवं वाणिज्यिक जहाजों के परिवहन के लिए गंभीर खतरा पैदा कर दिया है। </span></p>
<p class="MsoNormal" style="line-height:normal;"><span style="font-size:12pt;font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">उन्होंने कहा, दुर्भाग्यवश, कुछ क्षेत्रीय देशों के सहयोग ने पूरे क्षेत्र में युद्ध फैलने के खतरे को बढ़ा दिया है। इस बात को ध्यान में रखते हुए सूचित किया जाता है कि हम किसी भी सूरत में अमेरिका को होर्मुज जलडमरूमध्य के प्रबंधन में हस्तक्षेप की इजा•ात नहीं देंगे। हम भविष्य में भी ऐसा नहीं करेंगे। जुलफकारी ने होर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिकी नौसेना की कार्रवाई पर कहा कि ईरान की सेना इसका जवाब देगी। उन्होंने कहा, ईरानी सेना की मंजूरी के बिना और ईरान के निर्धारित मार्ग से इतर अमेरिकी सेना की कार्रवाई से तेल टैंकरों तथा वाणिज्यिक जहाजों को होने वाली किसी भी तरह की परेशानी से हम अच्छी तरह निपटेंगे। </span></p>
<p class="MsoNormal" style="line-height:normal;"><span style="font-size:12pt;font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">उन्होंने खाड़ी देशों को चेतावनी देते हुए कहा, क्षेत्र के सभी राष्ट्र प्रमुखों को चेतावनी दी जाती है कि अमेरिका के साथ किसी भी तरह का सहयोग और समर्थन ईरान की अखंडता और राष्ट्रीय सुरक्षा के खिलाफ युद्ध माना जाएगा। अगर युद्ध पूरे क्षेत्र में फैलता है तो इसकी लपटें सभी देशों को अपनी चपेट में ले लेंगी। पूरी असुरक्षा और क्षेत्र में युद्ध के प्रसार का जिम्मा अमेरिका तथा उन देशों पर है, जो उसकी सहायता कर रहे हैं।</span></p>
<p class="MsoNormal"> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 14 Jul 2026 14:23:26 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur KD]]></dc:creator>
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                <title>हॉर्मुज संकट से थमी सुगंध की सप्लाई, खाड़ी देशों के इत्र 15-20% हुए महंगे</title>
                                    <description><![CDATA[कॉस्मेटिक उत्पादों की आपूर्ति भी प्रभावित।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/hormuz-crisis-stalls-fragrance-supply/article-149853"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/1200-x-600-px)-(2)8.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और हॉर्मुज मार्ग पर शिपिंग बाधाओं का असर अब कोटा सहित देश के बाजारों में साफ दिखने लगा है। खासकर खाड़ी देशों से आने वाले इत्र (परफ्यूम) और कॉस्मेटिक उत्पादों की सप्लाई प्रभावित होने से इनकी कीमतों में 15 से 20 प्रतिशत तक उछाल दर्ज किया गया है। व्यापारियों के अनुसार यदि हालात जल्द सामान्य नहीं हुए तो कीमतों में और वृद्धि हो सकती है। जानकारी के अनुसार ईरान-इजराइल और अमेरिका के बीच जारी तनाव के चलते हॉर्मुज स्ट्रेट पर समुद्री गतिविधियां प्रभावित हुई हैं। यह मार्ग दुनिया के कुल समुद्री तेल व्यापार का करीब 20-25 प्रतिशत वहन करता है। ऐसे में शिपिंग में देरी और लागत बढ़ने से इसका सीधा असर आयातित वस्तुओं पर पड़ रहा है।</p>
<p><strong>आपूर्ति में कमी और बढ़ी आयात लागत</strong><br />खाड़ी देशों से यहां पर प्रीमियम कॉस्मेटिक्स, हाई-एंड मेकअप, आॅर्गेनिक और हर्बल स्किन केयर उत्पाद, क्रीम, सीरम और आवश्यक तेल बड़ी मात्रा में आयात होते हैं। इसके अलावा अरबी शैली के परफ्यूम, कस्तूरी आधारित इत्र, अत्तर और गुलाब जल की भी विशेष मांग रहती है। पारंपरिक और प्राकृतिक उत्पादों का आयात भी बड़ी मात्रा में होता है, जो अब प्रभावित हो रहा है। आपूर्ति में कमी और आयात लागत बढ़ने के कारण ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर विदेशी कॉस्मेटिक्स और इत्र की कीमतों में 15 से 20 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी देखी जा रही है। कई आयातक और विक्रेता अनिश्चितता के चलते नए आॅर्डर टाल रहे हैं या सीमित मात्रा में मंगा रहे हैं। पहले जारी आॅर्डर की डिलीवरी भी प्रभावित हो रही है।</p>
<p><strong>ग्राहकों को चुकानी पड़ रही अधिक कीमत</strong><br />कोटा के व्यापारियों का कहना है कि खाड़ी देशों से आने वाले इत्र की सप्लाई प्रभावित होने से थोक और खुदरा दोनों स्तर पर कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। ग्राहकों को अब पहले की तुलना में ज्यादा कीमत चुकानी पड़ रही है, वहीं दुकानदारों को भी सीमित स्टॉक में काम चलाना पड़ रहा है। खाड़ी देशों से भारत में बड़ी मात्रा में प्रीमियम कॉस्मेटिक्स आयात किए जाते हैं। इन उत्पादों की खास बात यह है कि इनमें इस्तेमाल होने वाले कई कच्चे पदार्थ (जैसे एसेंशियल आॅयल, फ्रेगरेंस कंपाउंड्स) भी उसी क्षेत्र से आते हैं, इसलिए सप्लाई रुकते ही उत्पादन और कीमत दोनों प्रभावित हो रहे हैं। यदि हॉर्मुज मार्ग पर स्थिति जल्द सामान्य नहीं हुई तो आने वाले समय में कॉस्मेटिक्स और इत्र के दामों में और उछाल देखने को मिल सकता है।</p>
<p><strong>पैकेजिंग और कच्चे माल की कमी</strong><br />कॉस्मेटिक उद्योग सिर्फ तैयार माल पर ही निर्भर नहीं है, बल्कि इसकी पैकेजिंग सामग्री जैसे ग्लास बोतलें, पंप, प्लास्टिक कंटेनर और केमिकल बेस भी आयात होते हैं। हॉर्मुज मार्ग पर बाधा के कारण इनकी उपलब्धता घट गई है, जिससे उत्पादन लागत बढ़ गई है। इसका सीधा असर लोकल ब्रांड्स पर भी पड़ा है, जिन्हें अब महंगे कच्चे माल के कारण अपने उत्पादों की कीमतें बढ़ानी पड़ रही हैं। विशेषज्ञों के अनुसार वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण शिपिंग लागत और बीमा प्रीमियम बढ़ गए हैं। वैकल्पिक मार्ग अपनाने से डिलीवरी समय भी बढ़ गया है। पहले जो माल 10-12 दिनों में पहुंच जाता था, अब उसे 20-25 दिन लग रहे हैं। इससे बाजार में उपलब्धता घटने के साथ ही खुदरा कीमतों पर भी दबाव बढ़ रहा है।</p>
<p>पहले जहां माल 10-12 दिन में आ जाता था, अब 20-25 दिन लग रहे हैं। इससे बाजार में कमी बनी हुई है और कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। कीमतें बढ़ने के चलते अब ग्राहक महंगे इम्पोर्टेड कॉस्मेटिक्स की जगह लोकल या किफायती विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं। हर्बल और देसी ब्रांड्स की मांग में हल्की बढ़ोतरी देखी जा रही है।<br /><strong>-नितिश पराशर, इत्र विक्रेता</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 10 Apr 2026 14:46:45 +0530</pubDate>
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