<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/judicial-stricture/tag-77461" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title>Judicial Stricture - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/77461/rss</link>
                <description>Judicial Stricture RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>25 PIL दाखिल करने वाले वकील को सुप्रीम कोर्ट की फटकार : याचिकाओं पर सुनवाई से इंकार, पढ़ें पूरा मामला</title>
                                    <description><![CDATA[सुप्रीम कोर्ट ने एक वकील द्वारा दायर 25 जनहित याचिकाओं को सुनने से इनकार करते हुए कड़ी फटकार लगाई। न्यायमूर्ति सूर्य कांत की पीठ ने याचिकाकर्ता को "पीआईएल की दुकान" बंद कर वकालत पर ध्यान देने की सलाह दी। अदालत ने तुच्छ मुद्दों और बिना गहराई के दायर मुकदमों पर नाराजगी जताते हुए संवेदनशीलता बरतने की हिदायत दी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/lawyer-who-filed-25-pil-got-a-shock-from-the/article-149870"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-05/supreme-court--2.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने शुक्रवार को एक ही याचिकाकर्ता की ओर से व्यक्तिगत रूप से दायर 25 जनहित याचिकाओं पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया। मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति विपुल एम पांचोली की पीठ ने याचिकाकर्ता वकील सचिन गुप्ता को जनहित याचिकाएं दायर करने के बजाय अपनी वकालत पर ध्यान केंद्रित करने के लिए कहा। न्यायमूर्ति सूर्य कांत ने टिप्पणी की, "पेशे पर ध्यान केंद्रित करें। जब सही समय होगा, हम मामलों पर भी विचार करेंगे। लेकिन पहले संवेदनशील बनें और मुद्दों को गहराई से समझें।"</p>
<p>अदालत के समक्ष पेश याचिकाओं में कई तरह की मांगें की गयी थीं। इनमें देश में प्रचलित सभी भाषाओं और बोलियों के शब्दों को मिलाकर भारत में एक सामान्य संपर्क भाषा विकसित करने की नीति, टेलीविजन पर कानूनी जागरूकता कार्यक्रम के लिए नीति और साबुनों में रसायनों के उपयोग पर नीति बनाना शामिल था। इसके अलावा साबुनों में केवल ऐसे रसायनों की अनुमति देने की मांग की गयी थी, जो हानिकारक बैक्टीरिया को मारते हों न कि त्वचा के स्वास्थ्य के लिए आवश्यक बैक्टीरिया को। याचिकाओं में अखिल भारतीय स्तर पर खाद्य/एफएसएसएआई पंजीकरण अभियान के लिए नीति बनाने जैसी मांगें भी शामिल थीं।</p>
<p>याचिकाकर्ता ने याचिकाओं को वापस लेने की अनुमति मांगी, जिसे पीठ ने मंजूर कर लिया। पीठ ने उन लोगों की भी आलोचना की, जो 'पीआईएल की दुकानें' चला रहे हैं। अदालत का इशारा तुच्छ मुद्दों पर बड़ी संख्या में दायर की जाने वाली जनहित याचिकाओं की ओर था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/lawyer-who-filed-25-pil-got-a-shock-from-the/article-149870</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/bharat/lawyer-who-filed-25-pil-got-a-shock-from-the/article-149870</guid>
                <pubDate>Fri, 10 Apr 2026 14:54:36 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2024-05/supreme-court--2.jpg"                         length="195864"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        