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                <title>Advocacy - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>Advocacy RSS Feed</description>
                
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                <title>मतदाता अधिकारों पर कांग्रेस का बड़ा बयान, वोटिंग को  मौलिक अधिकार का दर्जा देने की मांग </title>
                                    <description><![CDATA[कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने 'मतदान के अधिकार' को वैधानिक के बजाय मौलिक अधिकार बनाने की वकालत की। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के पुराने फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि इससे मतदाताओं को सर्वोच्च संवैधानिक और न्यायिक संरक्षण मिलेगा, जिससे मनमाने ढंग से अयोग्य ठहराने और मतदाता दमन जैसी कोशिशों पर रोक लगेगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/congresss-big-statement-on-voter-rights-advocating-for-making-voting/article-157658"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-05/jairam-ramesh-2-(2).png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। कांग्रेस ने मतदान के अधिकार को मौलिक अधिकार का दर्जा देने की मांग करते हुए रविवार को कहा कि इससे इस अधिकार को सर्वोच्च स्तर का संवैधानिक और न्यायिक संरक्षण प्राप्त होगा। कांग्रेस संचार विभाग के प्रभारी जयराम रमेश ने सोशल मीडिया 'एक्स' पर एक बयान में कहा कि भारत में मतदान का अधिकार फिलहाल मौलिक नहीं बल्कि वैधानिक अधिकार है। उन्होंने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 326 में सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार का प्रावधान किया गया है जबकि मतदान की व्यवस्था जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 और 1951 के तहत संचालित होती है।</p>
<p>रमेश ने कहा कि पिछले सात दशकों से इस बात पर बहस जारी है कि मतदान का अधिकार केवल वैधानिक अधिकार है अथवा इसे मौलिक अधिकार का दर्जा मिलना चाहिए। उन्होंने मार्च 2023 में 'अनूप बरनवाल बनाम भारत संघ' मामले में न्यायमूर्ति अजय रस्तोगी के असहमति वाले फैसले का उल्लेख करते हुए कहा कि उसमें मतदान के अधिकार को मौलिक अधिकार माना गया था। उन्होंने कहा कि उच्चतम न्यायालय मतदाताओं को उम्मीदवारों के आपराधिक मामलों, वित्तीय हितों और राजनीतिक चंदे के स्रोतों के बारे में जानने के अधिकार, मतपत्र की गोपनीयता तथा 'नोटा' के माध्यम से सभी उम्मीदवारों को अस्वीकार करने के अधिकार को मान्यता दे चुका है। ऐसे में मतदान के अधिकार को केवल वैधानिक अधिकार बने रहना विसंगति है।</p>
<p>कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि मतदान के अधिकार को मौलिक अधिकार का दर्जा दिए जाने से मतदाता दमन अथवा मनमाने ढंग से अयोग्य ठहराए जाने जैसे मामलों के खिलाफ अधिक प्रभावी संवैधानिक सुरक्षा सुनिश्चित हो सकेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 21 Jun 2026 17:45:30 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>'छात्रों की गूंज' से सरकार को घेरेंगे राहुल गांधी, छात्रों-युवाओं से जुड़ने की अपील</title>
                                    <description><![CDATA[विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने 'छात्रों की गूंज' अभियान की शुरुआत की है। उन्होंने युवाओं से पेपर लीक, महंगी फीस और रोजगार के खिलाफ इस मुहिम से जुड़ने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि छात्र ऑनलाइन याचिका पर हस्ताक्षर कर अपने सपनों को बचाने के लिए आवाज बुलंद करें।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/rahul-gandhi-will-surround-the-government-with-the-echo-of/article-157332"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/rahul2.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष तथा लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने छात्रों और युवाओं से उनके 'छात्रों की गूंज' अभियान से जुड़ने का आह्वान करते हुए कहा है कि यह पहल सस्ती शिक्षा, निष्पक्ष परीक्षा और सम्मानजनक रोजगार की मांग को सरकार तक पहुंचाने का माध्यम है। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर एक संदेश में गुरुवार को कहा कि यदि किसी छात्र ने पेपर लीक, परीक्षा में धांधली या महंगी फीस का दर्द झेला है और यदि मौजूदा व्यवस्था ने उसके सपनों को तोड़ा है, तो 'छात्रों की गूंज' उसकी आवाज है। उनका कहना है कि यह केवल एक अभियान नहीं, बल्कि छात्रों और युवाओं की मांगों को सरकार तक पहुंचाने का जरिया है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि छात्र और युवा अभियान से जुड़कर अपने सुझाव दे सकते हैं तथा ऑनलाइन याचिका पर हस्ताक्षर कर सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इस अभियान से जुड़ने वाला प्रत्येक हस्ताक्षर इस लड़ाई को ताकत देगा और जितने अधिक लोग इससे जुड़ेंगे, उतनी ही बुलंद आवाज उठेगी। कांग्रेस नेता ने बुधवार को राजस्थान के कोटा से 'छात्रों की गूंज' अभियान की शुरुआत की जिसके जरिए उनकी पार्टी द्वारा शिक्षा व्यवस्था, पेपर लीक और रोजगार जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया जा रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 18 Jun 2026 13:20:58 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>ग्रेट निकोबार परियोजना: जयराम ने रक्षा मंत्री को लिखा पत्र, कहा- आईएनएस बाज रनवे विस्तार पर करें पुनर्विचार </title>
                                    <description><![CDATA[कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को पत्र लिखकर ग्रेट निकोबार हवाई अड्डा परियोजना पर पुनर्विचार करने की मांग की है। उन्होंने आगाह किया कि नई साइट से घने जंगल, शोम्पेन जनजाति क्षेत्र और कछुओं के रहवास नष्ट होंगे। रमेश ने इसके बजाय आईएनएस बाज के रनवे विस्तार का सुझाव दिया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/great-nicobar-project-jairam-wrote-a-letter-to-the-defense/article-156734"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/jairam-ramesh1.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। कांग्रेस महासचिव एवं राज्य सभा सदस्य जयराम रमेश ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को पत्र लिखकर ग्रेट निकोबार द्वीप परियोजना के तहत प्रस्तावित ग्रीनफील्ड हवाई अड्डे के संदर्भ में पर्यावरण को लेकर गंभीर चिंता जतायी है। रमेश ने आईएनएस बाज के मौजूदा रनवे के पूर्ण विस्तार पर पुनर्विचार करने का राजनाथ सिंह से आग्रह किया है। कांग्रेस नेता ने कहा कि उन्होंने 16 मई को भी रक्षा मंत्री को पत्र लिखकर सुझाव दिया था कि ग्रेट निकोबार में गांधी नगर-शास्त्री नगर क्षेत्र में नया हवाई अड्डा बनाने के बजाय कैंपबेल बे स्थित आईएनएस बाज के रनवे का विस्तार किया जाये, जिससे रणनीतिक जरूरतें पूरी होने के साथ पर्यावरणीय नुकसान भी कम होगा।</p>
<p>उन्होंने इस पत्र में भी कहा है कि प्रस्तावित हवाई अड्डे के लिए 115 मीटर ऊंची दो वनाच्छादित पहाड़ियों को काटना पड़ेगा तथा लगभग 225 एकड़ संरक्षित वन और 130 एकड़ डीम्ड फॉरेस्ट प्रभावित होंगे, जो शोम्पेन जनजाति के पारंपरिक क्षेत्र का हिस्सा हैं। उन्होंने दावा किया कि परियोजना से कछुओं के अंडे देने वाले समुद्री तट, प्रवाल भित्तियां और संकटग्रस्त निकोबार मेगापोड पक्षी के रहवास पर भी असर पड़ेगा। कांग्रेस नेता ने कहा कि परियोजना के कारण 234 पूर्व सैनिक परिवारों को पुनर्वास के लिए मजबूर होना पड़ सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि ग्रेट निकोबार परियोजना के पर्यावरणीय प्रभावों का समुचित और वैज्ञानिक आकलन नहीं किया गया है। पत्र की प्रति पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री को भी भेजी गयी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 12 Jun 2026 14:07:44 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>जनहित में बड़ा कदम: EHCC हॉस्पिटल से हुआ MoU, जरूरतमंदों को मिलेगा बेहतर उपचार</title>
                                    <description><![CDATA[जयपुर में विभिन्न समाजसेवी संस्थाओं द्वारा निःशुल्क हृदय एवं मस्तिष्क रोग परिचर्चा शिविर आयोजित किया गया। पूर्व राज्यमंत्री राजीव अरोड़ा के निर्देशन में EHCC हॉस्पिटल के साथ जनहित में एमओयू किया गया। विशेषज्ञों ने बदलती जीवनशैली में गंभीर बीमारियों से बचाव और समय पर जांच के महत्व की जानकारी दी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/big-step-in-public-interest-needy-will-get-better-treatment/article-155636"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/jaipur.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। समाजसेवी संस्थान यूनिराज एल्युमिनी फेडरेशन, सद्भावना के सिपाही संगठन, एस टी टी फाउंडेशन और साईनाथ चैरिटेबल ट्रस्ट के संयुक्त तत्वावधान में एक स्वास्थ्य परिचर्चा शिविर का सफल आयोजन किया गया। जनहित को समर्पित इस शिविर का उद्देश्य आमजन को हृदय एवं मस्तिष्क संबंधी रोगों के प्रति जागरूक करना था। शिविर में प्रसिद्ध हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. अतुल कासलीवाल और मस्तिष्क रोग विशेषज्ञ डॉ. अनुराग सिहाग ने व्याख्यान दिए। दोनों विशेषज्ञों ने बदलती जीवनशैली में बढ़ते रोगों के कारण, बचाव और समय पर जांच के महत्व पर विस्तार से चर्चा की। साथ ही उपस्थित लोगों को निःशुल्क परामर्श भी प्रदान किया गया। </p>
<p>संस्थाओं के मार्गदर्शक संरक्षक एवं पूर्व राज्यमंत्री राजीव अरोड़ा के निर्देशन में आयोजित इस कार्यक्रम में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि भी जुड़ी। संस्थाओं के प्रतिनिधि नितिन शारदा भगेरिया, के. विक्रम रस्तोगी, कैलाश शर्मा और अक्षय जैन मोदी ने EHCC हॉस्पिटल के साथ जनहित में MoU पर हस्ताक्षर किए, जिससे भविष्य में जरूरतमंदों को बेहतर उपचार सुलभ होगा। इस अवसर पर राजीव अरोड़ा ने पूर्ववर्ती गहलोत सरकार द्वारा स्वास्थ्य क्षेत्र में किए गए कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं की सुलभ उपलब्धता सरकार की प्राथमिकता रही है। ऐसे शिविर समाज और संस्थाओं के सहयोग से स्वस्थ राजस्थान की दिशा में मील का पत्थर साबित होंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 01 Jun 2026 17:30:36 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>25 PIL दाखिल करने वाले वकील को सुप्रीम कोर्ट की फटकार : याचिकाओं पर सुनवाई से इंकार, पढ़ें पूरा मामला</title>
                                    <description><![CDATA[सुप्रीम कोर्ट ने एक वकील द्वारा दायर 25 जनहित याचिकाओं को सुनने से इनकार करते हुए कड़ी फटकार लगाई। न्यायमूर्ति सूर्य कांत की पीठ ने याचिकाकर्ता को "पीआईएल की दुकान" बंद कर वकालत पर ध्यान देने की सलाह दी। अदालत ने तुच्छ मुद्दों और बिना गहराई के दायर मुकदमों पर नाराजगी जताते हुए संवेदनशीलता बरतने की हिदायत दी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/lawyer-who-filed-25-pil-got-a-shock-from-the/article-149870"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-05/supreme-court--2.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने शुक्रवार को एक ही याचिकाकर्ता की ओर से व्यक्तिगत रूप से दायर 25 जनहित याचिकाओं पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया। मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति विपुल एम पांचोली की पीठ ने याचिकाकर्ता वकील सचिन गुप्ता को जनहित याचिकाएं दायर करने के बजाय अपनी वकालत पर ध्यान केंद्रित करने के लिए कहा। न्यायमूर्ति सूर्य कांत ने टिप्पणी की, "पेशे पर ध्यान केंद्रित करें। जब सही समय होगा, हम मामलों पर भी विचार करेंगे। लेकिन पहले संवेदनशील बनें और मुद्दों को गहराई से समझें।"</p>
<p>अदालत के समक्ष पेश याचिकाओं में कई तरह की मांगें की गयी थीं। इनमें देश में प्रचलित सभी भाषाओं और बोलियों के शब्दों को मिलाकर भारत में एक सामान्य संपर्क भाषा विकसित करने की नीति, टेलीविजन पर कानूनी जागरूकता कार्यक्रम के लिए नीति और साबुनों में रसायनों के उपयोग पर नीति बनाना शामिल था। इसके अलावा साबुनों में केवल ऐसे रसायनों की अनुमति देने की मांग की गयी थी, जो हानिकारक बैक्टीरिया को मारते हों न कि त्वचा के स्वास्थ्य के लिए आवश्यक बैक्टीरिया को। याचिकाओं में अखिल भारतीय स्तर पर खाद्य/एफएसएसएआई पंजीकरण अभियान के लिए नीति बनाने जैसी मांगें भी शामिल थीं।</p>
<p>याचिकाकर्ता ने याचिकाओं को वापस लेने की अनुमति मांगी, जिसे पीठ ने मंजूर कर लिया। पीठ ने उन लोगों की भी आलोचना की, जो 'पीआईएल की दुकानें' चला रहे हैं। अदालत का इशारा तुच्छ मुद्दों पर बड़ी संख्या में दायर की जाने वाली जनहित याचिकाओं की ओर था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 10 Apr 2026 14:54:36 +0530</pubDate>
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