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                <title>strait - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>अमेरिका और ईरान शांति समझौते से पटरी पर लौटेगा कोटा का व्यापार-उद्योग</title>
                                    <description><![CDATA[होर्मुज स्ट्रेट खुलने की सम्भावना से समाप्त हुई आशंका।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/us-iran-peace-agreement-set-to-put-kota-s-trade-and-industry-back-on-track/article-157133"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/111200-x-600-px)-(2)19.png" alt=""></a><br /><p>कोटा । अमेरिका और ईरान के बीच प्रस्तावित शांति समझौते और होर्मुज स्ट्रेट खुलने की संभावना से उद्योग जगत की आशंका समाप्त हो गई है। इससे अब देश के अन्य राज्यों के साथ ही कोटा का उद्योग-वयापर फिïर से पटरी पर लौटेगा। एक बार फिर से आयात व निर्यात को बढ़ावा मिलने से कोटा स्टोन व मसाला उद्योग को बल मिलेगा। वहीं डीजल पेट्रोल पर्याप्त मात्रा में मिलने से कीमतों में आए उछाल से राहत मिलने की संभावना है।</p>
<p>अमेरिका और ईरान व इजराइल के बीच लम्बे समय तक चले युद्ध ने पूरे देश में हाहाकार मचा दिया था। वहीं युद्ध के बीच होर्मुज स्ट्रेट को बंद कर दिया गया था। जिससे कोटा समेत अन्य स्थानों से ईरान व अमेरिका को होने वाला निर्यात व वहां से होने वाला आयात सब अटक गया था। यहां तक की पेट्रोलियम गैस व तेल तक की सप्लाई बंद हो गई थी। ऐसे में पूरे देश में पेट्रोल-डीजल के दाम बढऩे के साथ ही एक ओर जहां उद्योग व व्यापार प्रभावित हुआ था। वहीं बाजार में हर वस्तु की कीमत आसमान छूने लगी। खाद्य पदार्थ से लेकर सोने-चांदी तक लोहे व स्टील से लेकर एल्यूमीनियम तक और कैमिकल व फर्टिलाइजर्स तक का उद्योग प्रभावित हुआ। इनकी सप्लाई नहीं होने से कीमतें काफी अधिक बढ़ गई थी। वहीं कोटा से विदेशों को निर्यात होने वाला कोटा स्टोन, मसाला, कैमिकल, धनिया और आटे का निर्यात एक तरह से ठप सा हो गया था। वहीं विदेशों से आने वाला प्लास्टिक सामान से लेकर अन्य आवश्यक वस्तुओं का आयात भी बंद हो गया था। जिससे बाजार में हर वस्तु की कीमतें बढ़ गई थी।वहीं हाल ही में अमेरिका व ईरान के बीच शांति समझौते का डील डन ड्राफ्ट सामने आने के बाद न केवल शेयर मार्केट में उछाल आया है। वरन् व्यापार उद्योग को भी फिर से बूस्टअप मिला है।</p>
<p><strong>उद्योग जगत की आशंका समाप्त, कीमतें होंगी नियंत्रित</strong><br />कोटा व्यापार महासंघ के महासचिव व होटल फैडरेशन के कोटा संभाग अध्यक्ष अशोक माहेश्वरी ने बताया कि होर्मुज स्ट्रेट खुलने की संभावना से लम्बे समय से व्यापार उद्योग जगत में बनी आशंका समाप्त होगी। होर्मुज स्ट्रेट बंद होने से आयात व निर्यात अटका हुआ था। कोटा से बड़ी मात्रा में कोटा स्टोन, चावल, धनिया, मसाले व आटे समेत अन्य वस्तुओं का विदेशों को निर्यात होता है। लेकिन होर्मुज स्ट्रेट बंद होने से यह माल निर्यात नहीं हो रहा है। जहाजों में माल अटका होने से खराब हो गया या वापस लौट आया। जिससे व्यापार व उद्योग जगत को भारी नुकसान का सामना करना पड़ा था। वहीं कैमिकल व फर्टिलाइजर्स भी कोटा में नहीं आ पा रहा था। लेकिन अब होर्मुज स्ट्रेट खुलने से इन सभी उद्योग व व्यापार से जुड़े व्यापारियों व उद्योगपतियों की आशंका समाप्त हो गई है। साथ ही ये सभी उद्योग फिर से पटरी पर लौट आए़ंगे। पर्याप्त मात्रा में पेट्रोल-डीजल व गैस मिलने से कीमतें भी नियंत्रित हो जाएंगी।</p>
<p><strong>नुकसान की भरपाई में समय लगेगा</strong><br />दी एसएसआई एसोसिएशन के संस्थापक अध्यक्ष व उद्योगपति गोविंद राम मित्तल ने बताया कि होर्मुज स्ट्रेट बंद होने से भारत को काफी नुकसान हुआ है। इससे तेल व पेट्रोलियम की सप्लाई बाधित होने के कारण इससे जुड़े सभी उद्योग व व्यापार प्रभावित हुए। आयात निर्यात बंद हो गया था। ऐसे में पेट्रोल-डीजल व कैमिकल से जुड़े उद्योगपतियों ने आशंका के चलते नए उद्योग नहीं लगाए। जिनके लगे हुए उद्योग से उन्हें माल की सप्लाई नहीं हो सकी। उद्योगों में तैयार माल का निर्यात नहीं हो सका था। जिससे हजारों-करोड़ रुपए का नुकसान भारत को उठाना पड़ा। वहीं कोटा में भी तेल की कीमतें बढऩे से महंगाई बढ़ गई। हर व्यक्ति उससे प्रभावित हुआ। अब तक जितना नुकसान हुआ है। उसकी भरपाई करने में ही एक से दो साल का समय लग जाएगा। हालांकि अब होर्मुज स्ट्रेट खुलने की संभावना से उद्योग व व्यापार को एक उम्मीद जगी है। जिस तरह से कैंसर रोग में कीमो थैरेपी काम करती है उसी तरह की राहत मिलने की संभावना है। वहीं इससे ईरान में रोजगार के अवसर खुलने से कोटा व देश से वहां जाने वालों को लाभ होगा।</p>
<p><strong>तेल की पर्याप्त सप्लाई से स्थिति होगी सामान्य</strong><br />कोटा पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष तरूमीत सिंह बेदी ने बताया कि होर्मुज स्ट्रेट के बंद होने से सबसे अधिक प्रभाव पेट्रोलियम व तेल पर पड़ा था। लेकिन अब इसके खुलनी की संभावना से स्थिति सामान्य हो जाएगी। जब देश में पर्याप्त मात्रा में तेल व गैस की सप्लाई होने लगेगी तो उद्योगों को पर्याप्त तेल मिल सकेगा। साथ ही तेल की कीमतें बढऩे से प्राइवेट पेट्रोल पम्पों पर तेल महंगा हो गया था। ऐसे में लोग सरकारी पम्पों पर जा रहे थे। वहां तेल की राशनिंग हो रही थी। लेकिन होर्मुज स्ट्रेट खुलने से जब तेल की सप्लाई होने लगेगी तो इससे जुड़ी सभी उद्योग व व्यापार को भी पर्याप्त सप्लाई हो सकेगी। प्राइवेट पम्पों को भी तेल मिलने लगेगा। जिससे वहां भी कीमतें कम हो जाएगी। साथ ही हर वस्तल की कीमत कम होने पर स्थिति सामान्य हो जाएगी। होर्मुज स्ट्रेट से बंद होने से देश के अन्य प्रदेशों के साथ ही इसका असर कोटा पर भी पड़ रहा था। लेकिन अब कोटा में भी सभी सामान्य हो जाएगा।</p>
<p><strong>शिपिंग और बीमा लागत घटने से व्यापार की रफ्तार बढ़ेगी</strong><br />मिडिल ईस्ट में संघर्ष का असर भारत के व्यापार पर भी पड़ा था। मिडिल ईस्ट के देशों को होने वाला निर्यात प्रभावित हुआ था। इंजीनियरिंग सामान, पेट्रोलियम उत्पाद, कपड़ा, खाद्य सामग्री और केमिकल जैसे सेक्टर्स को झटका लगा था। अब हालात सामान्य होने की उम्मीद के साथ निर्यातकों को राहत मिल सकती है। शिपिंग और बीमा लागत घटने से व्यापार की रफ्तार फिर बढ़ सकती है। उद्योग जगत का मानना है कि मिडिल ईस्ट में स्थिरता आने से भारतीय कंपनियों के लिए नए अवसर भी खुलेंगे।<br /><strong>-अनिल मूूंदड़ा, जिलाध्यक्ष कैट कोटा </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 16 Jun 2026 14:18:06 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>मिडिल ईस्ट से बड़ी खबर: होर्मुज़ जलडमरूमध्य पर झुका ईरान, जहाज़ों से टोल नहीं लेने पर बनी सहमति</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिका और ईरान के बीच ऐतिहासिक समझौते के तहत होर्मुज़ जलडमरूमध्य को पूरी तरह खोल दिया जाएगा। ईरान वहां से गुजरने वाले जहाजों से कोई टोल टैक्स नहीं लेगा, जिसके बदले अमेरिका अपनी आर्थिक नाकेबंदी हटाएगा। इस रणनीतिक कदम के बाद क्षेत्र से बारूदी सुरंगें हटाने का काम शुरू होगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/big-news-from-the-middle-east-iran-bent-on-the/article-156942"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/mojtaba.png" alt=""></a><br /><p>मॉस्को। ईरान अमेरिका के साथ एक समझौते के तहत होर्मुज़ जलडमरूमध्य से गुज़रने वाले जहाज़ों से टोल न लेने पर सहमत हो गया है। रिपोर्ट के अनुसार, ईरान उस रणनीतिक जलडमरूमध्य को खोल देगा जहाँ कोई टोल नहीं लिया जाएगा। अमेरिकी प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने चैनल को बताया कि अगर यह समझौता हो जाता है, तो ईरान के जलडमरूमध्य खोलने के साथ ही अमेरिका नाकेबंदी हटा लेगा, जिसके बाद बारूदी सुरंगें हटाने का काम शुरू होगा। इससे पहले, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा था कि ईरान और ओमान जल्द ही होर्मुज़ जलडमरूमध्य में शिपिंग मैनेजमेंट पर एक संयुक्त बयान जारी करेंगे। उन्होंने कहा कि टोल लेने के बारे में कोई बात नहीं हुई है, लेकिन सेवाओं के लिए शुल्क लिए जाने की उम्मीद है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 14 Jun 2026 16:50:33 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
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                <title>होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बढ़ा तनाव: डोनाल्ड ट्रंप ने दी ओमान को उड़ाने की धमकी, ओमान के समर्थन में उतरा तेहरान  </title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ओमान को 'उड़ा देने' की धमकी के बाद ईरान खुलकर मस्कट के समर्थन में आ गया है। ईरान ने स्पष्ट किया कि दुनिया के पांचवें हिस्से के तेल मार्ग, होर्मुज जलडमरूमध्य का प्रबंधन तेहरान और मस्कट का आंतरिक मामला है। अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी ने इसे दुनिया का सबसे बड़ा ऊर्जा संकट बताया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/tension-increased-over-the-strait-of-hormuz-donald-trump-threatened/article-155296"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/trump2.png" alt=""></a><br /><p>तेहरान। ओमान को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की धमकी के बाद ईरान ओमान के समर्थन में उतर आया है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने चेतावनी दी थी कि होर्मुज जलडमरूमध्य में यदि ओमान ईरान के साथ मिलकर व्यापारिक जहाजों से टोल वसूलने या जलमार्ग को नियंत्रित करने की कोशिश करेगा, तो अमेरिका ओमान को 'उड़ा' देगा। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता एस्माईल बाकेई ने ईरान और दूसरे क्षेत्रीय देशों के लिए अमेरिकी अधिकारियों की 'धमकी भरी बातों' की निंदा की और 'दोस्ताना और भाईचारे वाले देश ओमान' के लिए समर्थन जताया।</p>
<p>बाकेई ने ईरान के बंदर अब्बास पर हाल ही में अमेरिकी हमलों की भी निंदा की और उन्हें 'ईरान की क्षेत्रीय अखंडता और राष्ट्रीय संप्रभुता के खिलाफ आक्रामक कार्रवाई' कहा। एक अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि हमले सोचे-समझे, पूरी तरह से बचाव के लिए थे और उनका मकसद युद्धविराम बनाए रखना था। ट्रंप ने बुधवार को कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य 'सबके लिए खुला रहेगा' और ओमान को सीधे चेतावनी दी, 'ओमान भी बाकी सबकी तरह ही बर्ताव करेगा वरना हमें उन्हें उड़ा देना होगा।'</p>
<p>ईरान ने अमेरिका को जवाब देते हुए कहा कि वॉटरवे का प्रबंधन, जिससे दुनिया का लगभग पांचवां हिस्सा तेल गुजरता है, तेहरान और मस्कट का मामला है वॉशिंगटन का नहीं। ईरान की सरकारी मीडिया ने बताया कि इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने बंदर अब्बास हमले के बाद इलाके में एक अनजान अमेरिकी सैन्य अड्डा पर जवाबी हमले किए। इस बीच अमेरिका ने ईरान की नयी बनी फारस की खाड़ी जलडमरूमध्य प्राधिकरण पर प्रतिबंध लगा दिए हैं। प्राधिकरण को विशेष रूप से चिह्नित नागरिक (एसडीएन) लिस्ट में रखा गया है, जो आम तौर पर अमेरिकी लोगों को इससे समझौता करने से रोकती है। फारस की खाड़ी जलडमरूमध्य को होर्मुज जलडमरूमध्य और उसके आस-पास एक नई समुद्री व्यवस्था से तालमेल करने का काम सौंपा गया है। यह उन लेन को तय करने के लिए जिम्मेदार है जिनसे जहाजों को गुजरने की इजाजत है।</p>
<p>बढ़ती सुरक्षा चिंताओं के बीच अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (आईईए) के कार्यकारी निदेशक फातिह बिरोल ने कहा कि ईरान के साथ अमेरिका-इजराइल युद्ध ने देशों को ईंधन आपूर्ति के रास्तों में विविधता लाने और घरेलू ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता बढ़ाने के लिए प्रेरित किया है। बिरोल ने नवीनतम विश्व ऊर्जा निवेश रिपोर्ट में कहा, "हम दुनिया के अब तक के सबसे बड़े ऊर्जा सुरक्षा संकट के बीच में हैं और मेरा मानना है कि यह दुनियाभर में निवेश की रणनीतियों को नया आकार देगा, जो 1970 के दशक के तेल के झटकों के बाद ऊर्जा की दुनिया में देखे गए बड़े बदलावों के समान होगा।"</p>
<p>आईईए के अनुसार वर्ष 2026 में लगातार तीसरे साल वैश्विक तेल निवेश में गिरावट आने की उम्मीद है, जो कच्चे तेल की अधिक कीमतों के बावजूद 500 बिलियन डॉलर से नीचे आ जाएगा। एजेंसी ने कहा कि 2026 में कुल वैश्विक ऊर्जा निवेश 3.4 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है, जो पिछले साल की तुलना में थोड़ा अधिक है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
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                <pubDate>Thu, 28 May 2026 18:32:21 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>शहबाज शरीफ ने की होर्मुज जलडमरूमध्य में प्रोजेक्ट फ्रीडम रोकने की घोषणा : साहसी नेतृत्व के लिए ट्रंप का जताया आभार, बोले- अमेरिकी राष्ट्रपति की उदार प्रतिक्रिया शांति और सुलह को आगे बढ़ाने में होगी सहायक सिद्ध</title>
                                    <description><![CDATA[शरीफ ने होर्मुज जलडमरूमध्य में “प्रोजेक्ट फ्रीडम” रोकने पर डोनाल्ड ट्रंप का धन्यवाद किया। उन्होंने इसे सऊदी अरब समेत मित्र देशों के अनुरोध पर क्षेत्रीय शांति की दिशा में अहम कदम बताया। ट्रंप ने ईरान से समझौते में प्रगति का हवाला देते हुए अस्थायी रोक की घोषणा की, जबकि नाकेबंदी जारी रहेगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/shehbaz-sharif-announced-to-stop-project-freedom-in-the-strait/article-152885"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/pm.png" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">इस्लामाबाद। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने होर्मुज जलडमरूमध्य में प्रोजेक्ट फ्रीडम को रोकने की घोषणा और साहसी नेतृत्व के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का आभार व्यक्त किया है। शरीफ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि पाकिस्तान और अन्य मित्र देशों, विशेष रूप से सऊदी अरब और सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस और प्रधानमंत्री प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के अनुरोध पर ट्रंप की यह उदार प्रतिक्रिया इस संवेदनशील अवधि के दौरान क्षेत्रीय शांति, स्थिरता और सुलह को आगे बढ़ाने में बहुत सहायक सिद्ध होगी। पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि पाकिस्तान संयम को बढ़ावा देने और संवाद एवं कूटनीति के माध्यम से संघर्षों के शांतिपूर्ण समाधान के सभी प्रयासों का समर्थन करने के लिए दृढ़ संकल्पित है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">शरीफ ने उम्मीद जताई कि वर्तमान गति एक स्थायी समझौते की ओर ले जाएगी, जिससे क्षेत्र और उसके बाहर टिकाऊ शांति और स्थिरता सुनिश्चित हो सकेगी। उल्लेखनीय है कि बुधवार तड़के अमेरिकी राष्ट्रपति ने प्रोजेक्ट फ्रीडम को रोकने की घोषणा की है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया एकाउंट ट्रूथ सोशल पर कहा कि पाकिस्तान और अन्य देशों के अनुरोध तथा ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान में मिली जबरदस्त सफलता के बाद प्रोजेक्ट फ्रीडम को कुछ समय के लिए रोक दिया गया है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">ट्रंप ने कहा कि ईरान के प्रतिनिधियों के साथ एक पूर्ण और अंतिम समझौते की दिशा में बड़ी प्रगति हुई है, जिसके मद्देनजर आपसी सहमति से यह निर्णय लिया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यद्यपि ईरान की नाकेबंदी पूरी तरह से प्रभावी रहेगी, लेकिन प्रोजेक्ट फ्रीडम को एक छोटी अवधि के लिए रोका जा रहा है, ताकि यह देखा जा सके कि समझौते को अंतिम रूप देकर उस पर हस्ताक्षर किए जा सकते हैं या नहीं। उल्लेखनीय है कि राष्ट्रपति ट्रंप ने यह कदम उन रिपोर्टों के बीच उठाया है, जिनमें ईरान के साथ राजनयिक स्तर पर महत्वपूर्ण प्रगति होने का दावा किया गया है। उन्होंने संकेत दिया कि यदि समझौता सफल रहता है, तो यह क्षेत्रीय स्थिरता की दिशा में एक बड़ा कदम होगा।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
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                <pubDate>Wed, 06 May 2026 14:49:35 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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                <title>पाकिस्तान में होगी स्थायी शांति के लिए बातचीत : समझौते के बाद स्वत: खुल जाएगा होर्मुज जलडमरूमध्य, ट्रंप बोले- परमाणु हथियारों का त्याग होना चाहिए अच्छे समझौते का विषय</title>
                                    <description><![CDATA[ट्रंप ने कहा कि ईरान से समझौता होते ही होर्मुज जलडमरूमध्य स्वतः खुला रहेगा। उन्होंने परमाणु हथियार त्याग को समझौते की शर्त बताया। पाकिस्तान की मध्यस्थता में आज इस्लामाबाद में अमेरिका-ईरान वार्ता होगी। जेडी वैंस के नेतृत्व में अमेरिकी दल, जबकि मोहम्मद बगेर ग़ालिबफ़ ईरानी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे।
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/there-will-be-talks-for-permanent-peace-in-pakistan-strait/article-149963"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/donald-trump.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">वाशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि ईरान के साथ समझौता होने पर होर्मुज जलडमरूमध्य अपने आप खुल जाएगा। साथ ही, राष्ट्रपति ट्रंप ने विश्वास व्यक्त किया कि होर्मुज जलडमरूमध्य किसी भी तरह से जहाजों के आवागमन के लिए खुला रहेगा। ट्रंप ने दोहराया कि ईरान के साथ एक अच्छे समझौते का पहला विषय परमाणु हथियारों का त्याग होना चाहिए, भले ही तेहरान ने बार-बार यह कहा हो कि उसे परमाणु हथियार प्राप्त करने की कोई इच्छा नहीं है। पश्चिम एशिया में स्थायी शांति प्राप्त करने के लिए पाकिस्तान की मध्यस्थता में शनिवार को इस्लामाबाद में अमेरिकी और ईरानी प्रतिनिधिमंडलों के बीच बातचीत होने की उम्मीद है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वैंस के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल पाकिस्तान जा रहा है, जिसमें ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और उनके जेरेड कुशनर भी शामिल हैं। अमेरिकी बातचीत कारों के साथ अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद, विदेश विभाग और पेंटागन के विशेषज्ञ भी हैं। ईरानी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बगेर ग़ालिबफ़ कर रहे हैं, जो हाल ही में ईरानी सरकार में एक प्रमुख व्यक्ति बनकर उभरे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आठ अप्रैल की रात को घोषणा की थी कि ईरान के साथ दो सप्ताह के युद्धविराम पर समझौता हो गया है। बाद में खबर आई कि क्षेत्र में स्थायी शांति के लिए बातचीत पाकिस्तान में होगी।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';"> </span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';"> </span></p>
<p class="MsoNormal"> </p>]]></content:encoded>
                
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                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 11 Apr 2026 14:13:35 +0530</pubDate>
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