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                <title>US Blockade - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>US Blockade RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>ईरान ने किया दूसरी दौर की वार्ता से इनकार : अमेरिकी बलों ने ईरानी ज़हाज जब्त किया, जवाबी कार्रवाई की चेतावनी</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिका द्वारा ईरानी जहाज 'तौस्का' को जब्त किए जाने के बाद ईरान ने दूसरे दौर की शांति वार्ता ठुकरा दी है। तेहरान ने इसे 'समुद्री डकैती' और युद्धविराम का उल्लंघन बताया। ओमान की खाड़ी में बढ़ते तनाव और ड्रोन हमलों की खबरों के बीच, 22 अप्रैल को समाप्त हो रहा युद्धविराम अब खतरे में है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/iran-refuses-second-round-of-talks-us-forces-seize-iranian/article-151049"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/mojtaba.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। ईरान ने अमेरिका के साथ प्रस्तावित दूसरे दौर की शांति वार्ता में भाग लेने से इनकार कर दिया है, जिसका मुख्य कारण ईरानी बंदरगाहों पर जारी अमेरिकी नाकेबंदी बताया गया है।इस बीच, अमेरिकी सेना ने एक ईरानी मालवाहक जहाज को जब्त कर लिया, जिससे पश्चिम एशिया में नाजुक दौर से गुजर रही शांति पर और अनिश्चितता व्याप्त हो गयी है। ईरान ने पुष्टि की कि अमेरिकी नौसेना ने ओमान की खाड़ी में ईरानी जहाज ‘टौस्का’ को ‘हमला कर जब्त’ किया, जिसे उसने युद्धविराम का उल्लंघन बताया और जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी।</p>
<p>ईरान के खत्म उल-अंबिया मुख्यालय ने कहा कि अमेरिकी कार्रवाई ईरानी वाणिज्यिक जहाजों पर हमला है और इसे ‘सशस्त्र समुद्री डकैती’ करार दिया। ईरान की अर्ध-सरकारी तस्नीम समाचार एजेंसी के अनुसार, इस घटना के बाद ईरान ने अमेरिकी युद्धपोतों पर ड्रोन हमले भी किये, हालांकि इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। ईरानी अधिकारियों ने कहा कि अमेरिकी शर्तें ‘अवास्तविक और अनुचित" हैं और जब तक नाकेबंदी नहीं हटायी जाती, वार्ता संभव नहीं है। उन्होंने अमेरिका पर शर्तें बदलने का आरोप भी लगाया।</p>
<p>ईरानी मीडिया के अनुसार, मौजूदा परिस्थितियों में वार्ता के सफल होने की ‘कोई स्पष्ट संभावना नहीं’ है। यह निर्णय ऐसे समय में आया है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पाकिस्तान में फिर वार्ता की घोषणा की है।दोनों देशों के बीच जारी दो सप्ताह का युद्धविराम 22 अप्रैल को समाप्त होने वाला है। इस बीच, अमेरिकी केन्द्रीय कमान (सेंटकॉम) ने पुष्टि की कि अमेरिकी बलों ने रविवार को अरब सागर में ईरानी झंडे वाले मालवाहक जहाज को रोका।</p>
<p>सेंटकॉम के अनुसार, निर्देशित मिसाइल विध्वंसक यूएसएस स्प्रूअन्स ने ‘टौस्का’ को रोका, जो ईरान के बंदर अब्बास की ओर जा रहा था। कई चेतावनियों के बावजूद जहाज के चालक दल ने निर्देशों का पालन नहीं किया।इसके बाद अमेरिकी जहाज ने अपनी पांच इंच की तोप से इंजन कक्ष को निशाना बनाकर उसकी गति निष्क्रिय कर दी, जिसके बाद अमेरिकी मरीन बलों ने जहाज पर चढ़कर उसे अपने नियंत्रण में ले लिया। सेंटकॉम ने कहा कि कार्रवाई ‘संतुलित और पेशेवर तरीके’ से की गयी। उसने यह भी बताया कि नाकेबंदी लागू होने के बाद से 25 वाणिज्यिक जहाजों को वापस लौटने या दिशा बदलने के निर्देश दिये गये हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 20 Apr 2026 14:02:33 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुपालन के लिए ईरानी विदेश मंत्रालय ने यूरोपीय संघ की अपील को किया खारिज, होर्मुज़ जलड़मरूमध्य से ज़हाजों के आवागमन की स्थिति को देखते हुए पाखंड बताया</title>
                                    <description><![CDATA[ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य पर यूरोपीय संघ की 'टोल-फ्री' आवागमन की मांग को "पाखंड" बताते हुए खारिज कर दिया है। ईरानी प्रवक्ता इस्माइल बगाई ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय कानून ईरान को सैन्य आक्रामकता रोकने से नहीं रोकता। अमेरिकी नाकाबंदी के विरोध में आईआरजीसी ने शनिवार से होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह बंद करने की घोषणा की है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/iranian-foreign-ministry-rejects-eus-appeal-to-comply-with-international/article-150997"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/hormuz1.png" alt=""></a><br /><p>मॉस्को। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाई ने होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों के आवागमन की स्थिति को देखते हुए अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुपालन के लिए यूरोपीय संघ की अपील को खारिज करते हुए इसे "चरम पाखंड" बताया। बगाई यूरोपीय संघ की विदेश नीति प्रमुख काजा कल्लास के 17 अप्रैल के पोस्ट पर टिप्पणी कर रहे थे, जिसमें उन्होंने ईरान से होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों के लिए बिना शुल्क और टोल मुक्त आवागमन सुनिश्चित करने का आह्वान किया था। कल्लास ने अपने पोस्ट में कहा था कि "अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुसार," होर्मुज जलडमरूमध्य से आवागमन बिना शुल्क और टोल मुक्त होना चाहिए।</p>
<p>बगाई ने कल्लास की पोस्ट के जवाब में ‘एक्स’ पर कहा, “अरे, वो ‘अंतर्राष्ट्रीय कानून’?! वही कानून जिसका हवाला देकर यूरोपीय संघ दूसरों को उपदेश देता है, जबकि चुपचाप अमेरिका-इजरायल के आक्रामक युद्ध को हरी झंडी देता है और ईरानियों पर हो रहे अत्याचारों को अनदेखा करता है?! उपदेश देना बंद करो; यूरोप की अपने उपदेशों पर अमल न करने की आदत ने उसके ‘अंतर्राष्ट्रीय कानून’ के वादों को पाखंड की पराकाष्ठा में बदल दिया है।” राजनयिक ने इस बात पर जोर दिया कि अंतर्राष्ट्रीय कानून का कोई भी प्रावधान ईरान को, एक तटीय राज्य होने के नाते, “होर्मुज जलडमरूमध्य का इस्तेमाल ईरान के खिलाफ सैन्य आक्रमण के लिए होने से रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाने” से नहीं रोकता है।</p>
<p>ईरानी आईआरजीसी नौसेना ने घोषणा की कि उसने शनिवार शाम से होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद कर दिया है, और यह तब तक लागू रहेगा जब तक अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी पूरी तरह से हटा नहीं ली जाती। अमेरिकी नौसेना ने 13 अप्रैल को होर्मुज जलडमरूमध्य के दोनों ओर स्थित ईरानी बंदरगाहों से आने-जाने वाले सभी समुद्री यातायात की नाकाबंदी शुरू कर दी। यह जलडमरूमध्य विश्व के लगभग 20 प्रतिशत तेल, पेट्रोलियम उत्पाद और एलएनजी आपूर्ति का स्रोत है।</p>
<p>वाशिंगटन का कहना है कि गैर-ईरानी जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य से तब तक स्वतंत्र रूप से गुजर सकते हैं जब तक वे तेहरान को कोई शुल्क नहीं देते। ईरानी अधिकारियों ने शुल्क लगाने की घोषणा नहीं की है, लेकिन ऐसी योजनाओं पर चर्चा की है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 19 Apr 2026 16:34:25 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>होर्मुज़ जलड़मरूमध्य को खोलना अंतरराष्ट्रीय समुदाय की सर्वसम्मत मांग : चीनी विदेश मंत्री ने दिया ईरान की संप्रभुता, सुरक्षा और अधिकारों पर ज़ोर</title>
                                    <description><![CDATA[चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने ईरान से होर्मुज जलडमरूमध्य में नौवहन की स्वतंत्रता बहाल करने का आग्रह किया है। अमेरिकी नाकेबंदी और ऊर्जा संकट के बीच चीन ने इसे अंतरराष्ट्रीय मांग बताया। तेहरान इस जलमार्ग को 'विशेष संपत्ति' मान रहा है, जबकि तनाव के कारण वैश्विक तेल आपूर्ति और कीमतें बुरी तरह प्रभावित हुई हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/opening-of-the-strait-of-hormuz-is-unanimous-demand-of/article-150713"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/china.png" alt=""></a><br /><p>बीजिंग। चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने अपने ईरानी समकक्ष अब्बास अराघची से कहा है कि होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलना अंतरराष्ट्रीय समुदाय की सर्वसम्मत मांग है। वांग ने ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची से फोन पर बात करते हुए इस बात पर जोर दिया कि एक ओर जहां ईरान की संप्रभुता, सुरक्षा और एक तटीय राज्य के रूप में उसके वैध अधिकारों के सम्मान की आवश्यकता है, वहीं दूसरी ओर इस जलडमरूमध्य से नौवहन की स्वतंत्रता और समुद्री सुरक्षा की गारंटी भी दी जानी चाहिए वांग ने कहा, "इस जलडमरूमध्य से सामान्य आवागमन फिर से बहाल करने के प्रयास अंतरराष्ट्रीय समुदाय की ओर से एक सर्वसम्मत आह्वान का प्रतिनिधित्व करते हैं।"</p>
<p>वांग ने कहा कि वर्तमान स्थिति युद्ध और शांति के बीच एक नाजुक मोड़ पर खड़ी है लेकिन इसके साथ उन्होंने यह भी कहा कि कूटनीतिक समाधान के लिए अवसर का एक दरवाजा भी खुल रहा है। ईरानी सरकार ने होर्मुज जलडमरूमध्य के लिए एक 'विशेष व्यवस्था' परिभाषित करने का आह्वान करते हुए यह तर्क दिया कि यह जलमार्ग तेहरान के लिए एक 'विशेष संपत्ति' है। गौरतलब है कि यह जानकारी राज्य समाचार एजेंसी आईआरएनए ने दी।</p>
<p>सरकारी प्रवक्ता फातिमा मोहजेरानी ने रूस की आरआईए नोवोस्ती को बताया, "उन सभी संपत्तियों की तरह जो अन्य देशों के साथ बातचीत के प्रकार और उसके नियमन के लिए एक साधन के रूप में काम करती हैं, उसी तरह से इस जलमार्ग के लिए भी एक विशेष व्यवस्था परिभाषित की जानी चाहिए।" गौरतलब है कि इस सप्ताह के अंत में पाकिस्तान में अमेरिका-ईरान वार्ता विफल होने के बाद वाशिंगटन द्वारा ईरानी बंदरगाहों पर नाकेबंदी लगाए जाने के कारण होर्मुज के रास्ते होने वाला नौवहन बाधित है।</p>
<p>होर्मुज जलडमरूमध्य सामान्यतः वैश्विक समुद्री तेल प्रवाह का एक बड़ा हिस्सा संभालता है लेकिन 28 फरवरी को शुरू हुए ईरान के खिलाफ अमेरिका-इजरायल युद्ध से उत्पन्न नवीनतम ऊर्जा संकट के केंद्र में वह बना हुआ है। तेहरान ने इसके जवाबी कार्रवाई में इजरायल और उन अन्य क्षेत्रीय देशों को निशाना बनाते हुए मिसाइल और ड्रोन हमले किए, जहां अमेरिकी सैन्य ठिकाने या संपत्तियां मौजूद हैं। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के प्रमुख एडमिरल ब्रैड कूपर ने जैसा कि कहा कि अमेरिकी सेनाओं ने ईरान से और ईरान को होने वाले समुद्री व्यापार को पूरी तरह से रोक दिया है। नाकेबंदी के पहले 48 घंटों के दौरान इस क्षेत्र से कोई भी जहाज नहीं गुजरा है।</p>
<p>कमांड ने बताया कि 10 जहाजों ने ईरानी बंदरगाहों या तटीय जलक्षेत्रों की ओर वापस लौटने के आदेशों का पालन किया है। यह नाकेबंदी ईरान के तटीय क्षेत्रों में प्रवेश करने या वहां से बाहर निकलने वाले सभी देशों के जहाजों पर समान रूप से लागू होती है, जबकि ईरानी बंदरगाहों से दूर रहने वाले जहाजों पर इसका कोई असर नहीं पड़ता है। यह उम्मीद की जा रही है कि इस नाकेबंदी से ईरान की अर्थव्यवस्था पर काफी दबाव पड़ेगा। इस बीच इस महत्वपूर्ण जलमार्ग पर तेहरान द्वारा पहले से लगाई गई पाबंदियों के कारण वैश्विक ऊर्जा कीमतों में अभूतपूर्व बढ़ोतरी हुई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 16 Apr 2026 18:39:41 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>ईरान में मिशन अभी पूरा नहीं हुआ : मोसाद प्रमुख डेविड बार्निया ने कहा-मिशन तभी समाप्त होगा जब ईरान में राजनीतिक शासन बदल जाएगा</title>
                                    <description><![CDATA[इजरायली खुफिया एजेंसी मोसाद के प्रमुख डेविड बार्निया ने स्पष्ट किया है कि ईरान में उनका अभियान तब तक नहीं रुकेगा जब तक वहां का कट्टरपंथी शासन नहीं बदल जाता। अमेरिका-ईरान वार्ता विफल होने और होर्मुज जलडमरूमध्य की नाकाबंदी के बीच, इजरायल ने तेहरान के खिलाफ अपनी गहन सैन्य और खुफिया योजनाएं जारी रखने की घोषणा की है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/the-mission-in-iran-has-not-been-completed-yet-mossad/article-150463"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/david-barnea.png" alt=""></a><br /><p>मास्को। इजरायली खुफिया सेवा (मोसाद) के निदेशक डेविड बार्निया ने कहा कि ईरान में एजेंसी का मिशन तभी समाप्त होगा जब ईरान में राजनीतिक शासन बदल जाएगा। रिपोर्ट के अनुसार, मंगलवार को बार्निया के हवाले से कहा, "हमारा मिशन अभी पूरा नहीं हुआ है। हमने यह नहीं सोचा था कि लड़ाई खत्म होते ही यह मिशन तुरंत पूरा हो जाएगा। हमने तेहरान में हुए हमलों के बाद भी अपने अभियान को जारी रखने और परिणाम हासिल करने के लिए गहन योजना बनाई थी। यह मिशन तभी पूरा होगा जब इस कट्टरपंथी शासन को हटा दिया जाएगा।"</p>
<p>उल्लेखनीय है कि 11 अप्रैल को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा ईरान के साथ दो सप्ताह के युद्धविराम समझौते की घोषणा करने के बाद, ईरान और अमेरिका ने पाकिस्तान के इस्लामाबाद में वार्ता शुरू की। 12 अप्रैल को अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल के प्रमुख अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वैंस ने घोषणा की कि ईरान और अमेरिका वार्ता के दौरान किसी समझौते पर नहीं पहुंच सके और अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल बिना किसी समझौते के वापस लौट गया।</p>
<p>इसके बाद 12 अप्रैल को ट्रंप ने घोषणा की कि अमेरिका होर्मुज जलडमरूमध्य में प्रवेश करने या बाहर निकलने का प्रयास करने वाले सभी जहाजों की नाकाबंदी शुरू करेगा। उन्होंने अमेरिकी नौसेना को उन सभी जहाजों पर नज़र रखने और उन्हें रोकने का भी निर्देश दिया जिन्होंने जलडमरूमध्य से गुजरने के लिए ईरान को भुगतान किया था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 15 Apr 2026 14:02:09 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>अमेरिकी नाकेबंदी पर ईरान का पलटवार : राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने का अधिकार ; इरावानी ने इसे संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का &quot;घोर उल्लंघन&quot; बताया </title>
                                    <description><![CDATA[संयुक्त राष्ट्र में ईरान ने अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी की कड़ी निंदा करते हुए इसे संप्रभुता का उल्लंघन करार दिया है। राजदूत अमीर सईद इरावानी ने इसे अंतरराष्ट्रीय शांति के लिए खतरा बताते हुए सुरक्षा परिषद से हस्तक्षेप की मांग की है। तेहरान ने जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है और पड़ोसी देशों से भारी हर्जाने की मांग की है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/irans-counterattack-on-us-blockade-is-a-gross-violation-of/article-150373"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/iran-war.png" alt=""></a><br /><p>न्यूयॉर्क। ईरान ने अमेरिका द्वारा उसके बंदरगाहों की कथित नौसैनिक नाकेबंदी की कड़ी निंदा करते हुए इसे उसकी संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का "घोर उल्लंघन" बताया है। संयुक्त राष्ट्र में ईरान के स्थायी प्रतिनिधि अमीर सईद इरावानी ने संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के अध्यक्ष को लिखे पत्र में इस कदम को "अवैध आक्रामक कार्रवाई" करार दिया, जो क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय शांति के लिए खतरा है।</p>
<p>इरावानी ने कहा कि 12 अप्रैल को यूएस सेंट्रल कमांड द्वारा घोषित यह नाकेबंदी संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुच्छेद 2(4) का उल्लंघन है और अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत "आक्रामकता का स्पष्ट उदाहरण" है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह कदम ईरान के बंदरगाहों से आने-जाने वाले समुद्री यातायात को रोकने का प्रयास है, जिससे न केवल ईरान के संप्रभु अधिकारों में हस्तक्षेप हो रहा है, बल्कि तीसरे देशों और वैध समुद्री व्यापार के अधिकारों का भी उल्लंघन हो रहा है। ईरानी दूत ने चेतावनी दी कि तेहरान अपनी संप्रभुता और राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए "सभी आवश्यक और उचित कदम" उठाने का अधिकार सुरक्षित रखता है।</p>
<p>ईरान ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से इस मुद्दे पर तत्काल हस्तक्षेप कर नाकेबंदी की निंदा करने और क्षेत्र में बढ़ते तनाव को रोकने की अपील की है। इस बीच, अमेरिकी नौसेना ने पश्चिम एशिया में अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ा दी है, जिसमें यूएसएस अब्राहम लिंकन सहित कई युद्धपोत और 11 विध्वंसक तैनात हैं। हालांकि, ऑपरेशन में शामिल जहाजों की सटीक जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान में सप्ताहांत में हुई वार्ता विफल रहने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी को मंजूरी दी।</p>
<p>इसके अलावा, ईरान ने बहरीन, सऊदी अरब, कतर, संयुक्त अरब अमीरात और जॉर्डन से भी मुआवजे की मांग की है। ईरान का आरोप है कि इन देशों ने अमेरिका-इज़राइल अभियान में भूमिका निभाई और कुछ मामलों में ईरान के भीतर नागरिक ठिकानों पर "अवैध हमलों" में भी शामिल रहे। इरावानी ने पत्र में श्री एंटोनियो गुटेरेस और बहरीन (जो अप्रैल में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की अध्यक्षता संभाल रहा है) को संबोधित करते हुए कहा कि बहरीन, सऊदी अरब, कतर, संयुक्त अरब अमीरात और जॉर्डन को ईरान को "पूर्ण क्षतिपूर्ति" देनी चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि इन देशों को अपने "अंतरराष्ट्रीय रूप से अवैध कृत्यों" के कारण हुए सभी भौतिक और नैतिक नुकसान की भरपाई करनी होगी। ईरान के अनुसार, इन कार्रवाइयों से उसे भौतिक और नैतिक दोनों प्रकार का नुकसान हुआ है, जिसकी भरपाई संबंधित देशों को करनी चाहिए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 14 Apr 2026 15:34:26 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>शांति की कोशिश नाकाम : डोनाल्ड ट्रंप की बड़ी घोषण ; हॉर्मुज़ ज़लड़मरूमध्य की नाकेबंदी के बाद तेल की कीमतों में आठ प्रतिशत की वृद्धि, ब्रेंट क्रूड 102 डॉलर प्रति बैरल के पार</title>
                                    <description><![CDATA[हॉर्मुज जलडमरूमध्य की अमेरिकी नाकेबंदी के बाद वैश्विक तेल बाजार में भूचाल आ गया है। ब्रेंट क्रूड $102 के पार पहुंच गया, जबकि तेल की कीमतों में 8% का उछाल दर्ज किया गया। शांति वार्ता विफल होने के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कड़े रुख ने दुनिया भर में ऊर्जा संकट और आर्थिक अस्थिरता का खतरा बढ़ा दिया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/peace-efforts-fail-donald-trumps-big-announcement-oil-prices-rise/article-150158"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/trump--and-iran.png" alt=""></a><br /><p>मॉस्को। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हॉर्मुज जलडमरूमध्य की नाकेबंदी की घोषणा के बाद वैश्विक तेल की कीमतों में आठ प्रतिशत का उछाल आया और ब्रेंट क्रूड 102 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया। अमेरिकी केंद्रीय कमान ने सोमवार दोपहर (भारतीय समयानुसार शाम 7:30 बजे) "ईरानी बंदरगाहों में प्रवेश करने और वहां से निकलने वाले सभी समुद्री यातायात" की नाकेबंदी शुरू करने का संकल्प लिया। जून का ब्रेंट क्रूड वायदा रविवार रात (भारतीय समयानुसार सोमवार तड़के 3:31 बजे) तक पिछले बंद भाव से 7.76 प्रतिशत बढ़कर 102.59 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था, जबकि मई का डब्ल्यू.टी.आई. वायदा 8.2 प्रतिशत बढ़कर 104.51 डॉलर पर पहुंच गया।</p>
<p>डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार रात को ईरान के साथ दो सप्ताह के युद्धविराम समझौते की घोषणा की थी, जिसके बाद शनिवार को इस्लामाबाद में ईरान और अमेरिका दोनों देशों के बीच वार्ता शुरू हुई थी। अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल के प्रमुख और उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस ने रविवार सुबह घोषणा की कि लंबी बातचीत के बाद भी दोनों देश किसी समझौते पर पहुंचने में विफल रहे हैं और अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल बिना किसी समझौते के स्वदेश वापस लौट रहा है।</p>
<p>इसके बाद राष्ट्रपति ट्रंप ने रविवार को ही घोषणा की कि अमेरिका हॉर्मुज जलडमरूमध्य में प्रवेश करने और वहां से निकलने की कोशिश करने वाले सभी जहाजों की नाकेबंदी शुरू करेगा। उन्होंने अमेरिकी नौसेना को उन सभी जहाजों पर नज़र रखने और उन्हें रोकने का भी निर्देश दिया जिन्होंने जलडमरूमध्य से गुजरने के लिए ईरान को भुगतान किया था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 13 Apr 2026 16:56:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>ईरान-अमेरिका वार्ता विफल होने के बाद ट्रंप का बड़ा फैसला : अमेरिकी केंद्रीय कमान सोमवार से शुरू करेगी ईरान की नौसैनिक नाकाबंदी, होर्मुज़ जलडमरूमध्य को पूरी तरह खोलने की मांग</title>
                                    <description><![CDATA[इस्लामाबाद वार्ता विफल होने के बाद, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश पर सेंटकॉम ने ईरानी बंदरगाहों की पूर्ण समुद्री नाकाबंदी शुरू कर दी है। हॉर्मुज जलडमरूमध्य में ईरानी व्यापार को रोकने के लिए नौसेना तैनात की गई है। हालांकि, गैर-ईरानी बंदरगाहों के लिए 'नौवहन की स्वतंत्रता' बरकरार रहेगी, जिससे वैश्विक तनाव चरम पर है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/after-the-failure-of-iran-us-talks-trumps-big-decision-us/article-150166"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/trump3.png" alt=""></a><br /><p>न्यूयॉर्क। अमेरिकी केंद्रीय कमान ने सोमवार को भारतीय समयानुसार शाम 7:30 बजे से "ईरानी बंदरगाहों में आने-जाने वाले सभी समुद्री यातायात" की नाकाबंदी शुरू करने का निश्चय किया है। कमान ने एक बयान में कहा, "अमेरिकी केंद्रीय कमान (सेंटकॉम) के बल राष्ट्रपति की घोषणा के अनुसार, 13 अप्रैल को सुबह 10 बजे पूर्वी समय (शाम 7:30 बजे भारतीय समय) से ईरानी बंदरगाहों में आने-जाने वाले सभी समुद्री यातायात की नाकाबंदी शुरू करेंगे।" कमांड का कहना है कि यह नाकाबंदी "ईरानी बंदरगाहों और तटीय क्षेत्रों में आने-जाने वाले सभी देशों के जहाजों के खिलाफ निष्पक्ष रूप से लागू की जाएगी, जिसमें अरब खाड़ी और ओमान की खाड़ी के सभी ईरानी बंदरगाह शामिल हैं।"</p>
<p>इसमें आगे कहा गया है, "सेंटकॉम बल होर्मुज जलडमरूमध्य से गैर-ईरानी बंदरगाहों से आने-जाने वाले जहाजों के लिए नौवहन की स्वतंत्रता में बाधा नहीं डालेंगे।" इस्लामाबाद में ईरान-अमेरिका वार्ता विफल होने के बाद ट्रंप ने रविवार को घोषणा की कि अमेरिका होर्मुज जलडमरूमध्य में प्रवेश करने और बाहर निकलने का प्रयास करने वाले सभी जहाजों की नाकाबंदी शुरू करेगा। उन्होंने अमेरिकी नौसेना को उन सभी जहाजों पर नज़र रखने और उन्हें रोकने का भी निर्देश दिया जो जलडमरूमध्य से गुजरने के लिए ईरान को रिश्वत देते हैं।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 13 Apr 2026 14:07:36 +0530</pubDate>
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