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                <title>टमाटर के लिए कहासुनी, बारिश में लगी कतारें</title>
                                    <description><![CDATA[टमाटर के दामों में भारी उछाल के चलते आमजन का बजट गड़बड़ा गया है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/arguments-for-tomatoes--queues-in-the-rain/article-52209"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-07/tamatar-ke-liye-kahasuni,-baarish-me-lagi-kataare...kota-news-19-07-2023.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। पूरे देश में टमाटर को लेकर हाहाकर मचा हुआ है। रसोई में स्वाद का राजा टमाटर दाम में भारी उछाल के चलते आमजन की पहुंच से दूर हो गया है। ऐसे में मंगलवार को कोटा शहर के कुछ स्थानों पर जैसे ही सस्ती दर पर टमाटर मिलने की सूचना मिली तो लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। बारिश के बावजूद कम दाम में टमाटर लेने के लिए लोग कतारों में डटे रहे। कई बार कतारों में लगने को लेकर ग्राहकों में कहासुनी तक हो गई। शहर के पांच अलग-अलग स्थानों पर मंगलवार को भारतीय राष्ट्रीय उपभोक्ता सहकारी संघ( एनसीसीएफ) की ओर से 80 रुपए प्रति किलो में टमाटर बेचे गए। वर्तमान में टमाटर का बाजार भाव 160 रुपए प्रति किलो तक पहुंच गया है। इस कारण टमाटर गायब सा हो गया है। काफी समय से टमाटर के लगातार बढ़ते दामों ने आम आदमी का बजट और जायका बिगाड़ दिया है। इस कारण लोगों की पहुंच से बाहर हो चुके टमाटर को सस्ती दर पर उपलब्ध कराने के लिए केन्द्र सरकार के विभाग एमसीसीएफ की ओर से पहल की गई है। शहर में बाजार भाव से आधे दाम में टमाटर ग्राहकों को बेचे गए।</p>
<p><strong>छाता लेकर डटे रहे ग्राहक</strong><br />टमाटर के दामों में भारी उछाल के चलते आमजन का बजट गड़बड़ा गया है। ऐसे में सस्ती दर पर टमाटर बिकने की जानकारी मिलते ही ग्राहक लेने के लिए दौड़ पड़े। मंगलवार को कई स्थानों पर बारिश होने के बावजूद ग्राहक कतारों में खड़े हुए थे और छाता लगाकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे। कुछ स्थानों पर कतार में लगने को लेकर ग्राहकों के बीच धक्कामुक्की तक हो गई। वहां मौजूद अन्य लोगों ने समझाइश कर मामला संभाला। </p>
<p><strong>हर ग्राहक को केवल दो किलो</strong><br />वैन में मौजूद राष्ट्रीय उपभोक्ता सहकारी संघ के प्रतिनिधि ने बताया कि प्रत्येक ग्राहक को केवल दो किलो टमाटर ही दिए जा रहे हैं। यह इसलिए किया गया है कि कोई सब्जी विक्रेता अधिक मात्रा में टमाटर खरीदकर बाजार में महंगी दर में बिक्री नहीं कर दे। सरकार की ओर से आम जनता को राहत देने के लिए यहां पर सस्ती दर पर टमाटर की ब्रिकी की जा रही है। जब तक दामों में कमी नहीं आएगी तब तक कोटा शहर में वैन के माध्यम से टमाटर की बिक्री की जाएगी। शहर में हर रोज अलग-अलग स्थानों पर टमाटर सस्ती दर पर बेचा जाएगा।</p>
<p><strong>यहां पर बेचे गए टमाटर</strong><br />केंद्र सरकार की सस्ती दरों पर टमाटर उपलब्ध कराने की पहल के तहत कोटा में भी मंगलवार से पांच अलग-अलग जगहों पर टमाटर की बिक्री शुरू की गई। यह टमाटर मोबाइल वैन के जरिए दशहरा मैदान के पास, तलवंडी चौराहा, गोबरिया बावड़ी, विज्ञाननगर और डीसीएम रोड पर बेचे गए। भारतीय राष्ट्रीय उपभोक्ता सहकारी संघ( एनसीसीएफ) ने सस्ते टमाटर की बिक्री की व्यवस्था की है। इन जगहों पर 80 रुपए प्रति किलो की दर से टमाटर बेचे जा रहे हैं। बड़ी संख्या में लोगों ने इन मोबाइल वैन के पास पहुंचकर सस्ते टमाटर खरीदने में रूचि दिखाई है, क्योंकि बाजार में अभी भी टमाटर का भाव 160 रुपए से प्रति किलो या इससे अधिक है। सस्ते टमाटर की व्यवस्था का कोई दुरुपयोग न कर पाए, इसे देखते हुए लिमिट फिक्स की गई है। एक खरीदार को अधिकतम दो किलो ही टमाटर दिए जा रहे है।</p>
<p>सरकार की यह पहल अच्छी है। टमाटर की महंगाई ने सारे रिकार्ड तोड़ दिए हैं। सब्जी के स्वाद के लिए टमाटर काफी जरूरी है। ऐसे में अब 80 रुपए किलो टमाटर मिलने से काफी राहत मिली है। सरकार की इसकी मात्रा और बढ़ना चाहिए।<br /><strong>-शैलेन्द्र कुमार, ग्राहक</strong></p>
<p>टमाटर बाजार से गायब सा हो गया है। कुछ स्थानों पर टमाटर मिल रहा है, लेकिन उसे खरीद नहीं सकते हैं। सरकार ने आमजन को राहत देने के लिए अच्छी पहल की है, लेकिन अभी काफी कम मात्रा में यह मिल रहा है। शहर के ज्यादा स्थानों पर यह सुविधा मिलनी चाहिए।<br /><strong>-आशुतोष, ग्राहक</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 19 Jul 2023 15:49:52 +0530</pubDate>
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                <title>बहुमंजिला इमारतों में पेयजल उपलब्ध कराने के लिए बनेगी नीति, मौजूदा दरें नही है तर्क संगत</title>
                                    <description><![CDATA[बहुमंजिला इमारतों में पेयजल उपलब्ध कराने के लिए दरों को तर्क संगत बनाया जाएगा। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur-news--policy-will-be-made-to-provide-drinking-water-in-multi-storey-buildings--the-current-rates-are-not-rational/article-8683"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-04/mahesh-joshi-.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। बहुमंजिला इमारतों में पेयजल उपलब्ध कराने के लिए दरों को तर्क संगत बनाया जाएगा। इसके लिए कमेटी गठित कर एक माह में रिपोर्ट ली जाएगी। जलदाय मंत्री डॉ. महेश जोशी ने कहा कि प्रदेश के विभिन्न शहरों में बहुमंजिला आवासीय भवनों में रह रहे लोगों की पेयजल संबंधी समस्या के समाधान को लेकर राज्य सरकार गंभीर है और इस दिशा में सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने इस संबंध में नीति बनाने के लिए कमेटी के गठन एवं एक माह में रिपोर्ट देने के निर्देश दिए। डॉ. जोशी मंगलवार को सचिवालय के कॉन्फ्रेंस हॉल में बहुमंजिला इमारतों एवं निजी टाउनशिप में पेयजल कनेक्शन जारी करने के संबंध में बनाई जाने वाली नीति पर चर्चा के लिए आयोजित बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि शहरों में बढ़ रही जनसंख्या की आवास की जरूरतों को पूरा करने के लिए बहुमंजिला इमारतों की संख्या बढ़ रही है। इन इमारतों में रहने वाले लोगों की पेयजल की जरूरतों को पूरा करने के लिए व्यावहारिक नीति बनाने की कवायद शुरू कर दी गई है और इस मुद्दे पर जल्द ही उचित निर्णय लिया जाएगा।</p>
<p><strong> राजस्थान की पेयजल उपलब्धता की परिस्थितियां अन्य राज्यों के मुकाबले विकट</strong><br />जलदाय मंत्री ने कहा कि राजस्थान की पेयजल उपलब्धता की परिस्थितियां अन्य राज्यों के मुकाबले विकट हैं। ऐसे में इन परिस्थितियों को देखते हुए अन्य राज्यों में बहुमंजिला इमारतों को पेयजल उपलब्ध कराने के लिए अपनाई गई नीतियों का अध्ययन किया जाएगा। मल्टी स्टोरी एवं निजी टाउनशिप डवलपर्स के साथ ही रेजीडेन्ट वेलफेयर सोसायटी के प्रतिनिधियों के सुझावों को शामिल करते हुए  नीति का शुरूआती ड्राफ्ट जल्द ही तैयार किया जाएगा। विस्तृत अध्ययन एवं सभी के सुझावों के आधार पर फाइनल ड्राफ्ट तैयार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पेयजल कनेक्शन की अफोर्डेबल दरें तय करने के लिए न्यायसंगत तरीका निकाला जाएगा जो सभी के हित में हो। साथ ही, इस बात का ध्यान रखा जाएगा कि बहुमंजिला इमारतों में रह रहे लोगों और फ्लैट खरीदने वालों पर अत्यधिक भार नहीं पड़े। <br /><br /><strong>अभी कैसे से मिलता है पानी का कनेक्शन</strong><br />बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी डॉ. सुबोध अग्रवाल ने कहा कि जयपुर शहर के बहुमंजिला भवनों में 42 रूपए प्रति वर्गफीट की दर से जल कनेक्शन उपलब्ध कराने के लिए 30 नवम्बर 2016 को परिपत्र जारी किया गया था। इसके अलावा 6 अक्टूबर 2020 को जगतपुरा-महल रोड जलापूर्ति परियोजना के तहत जगतपुरा-महल रोड क्षेत्र की बहुमंजिला इमारतों के लिए 25 रुपए प्रति वर्गफीट की दर निर्धारित की गई थी, लेकिन इसके उत्साहजनक परिणाम प्राप्त नहीं हुए। अभी बहुमंजिला भवनों में पेयजल कनेक्शन के लिए एकमुश्त भुगतान प्रस्तावित है। इसके अलावा जलापूर्ति की बुनियादी सुविधाओं की कमी वाले क्षेत्रों में बहुमंजिला इमारतों के रहवासियों को उस क्षेत्र की परियोजना लागत का न्यूनतम 50 प्रतिशत अग्रिम भुगतान देना होता है। <br />उन्होंने कहा कि बिल्डर्स, टाउनशिप डवलपर्स एवं रेजीडेंट वेलफेयर एसोसिएशन आदि से विचार विमर्श कर व्यावहारिक समाधान प्रस्तुत करने के लिए गठित होने वाली कमेटी अपनी रिपोर्ट एक माह में प्रस्तुत करेगी। इस कमेटी में बिल्डर्स एवं टाउनशिप डवलपर्स के साथ ही रेजीडेंट वेलफेयर सोसायटी के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 26 Apr 2022 18:24:56 +0530</pubDate>
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                <title>सरस दूध और छाछ दो रु. लीटर महंगे</title>
                                    <description><![CDATA[नई दरें आज शाम से लागू ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/saras-milk-and-buttermilk-for-rs--liters-expensive--new-rates-applicable-from-today-evening/article-5946"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/saras-milk.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। जयपुर जिला दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ लिमिटेड (जयपुर डेयरी) ने गोल्ड, स्टेण्डर्ड दूध एवं सादा छाछ के मूल्य में 2 रुपए प्रतिलीटर की वृद्धि की है। नई दरें 11 मार्च की शाम से लागू होंगी।</p>
<p><br /><strong>कितना बढ़ा मूल्य :</strong>  सरस गोल्ड दूध का आधा लीटर पैक 28 रुपए के स्थान पर 29, एक लीटर पैक 56 के स्थान पर 58 रुपए और 6 लीटर पैक 348 रुपए में उपलब्ध होगा। सरस स्टेण्डर्ड दूध का आधा लीटर पैक 25 के स्थान पर 26 रुपए और एक लीटर पैक 50 के स्थान पर 52 रुपए में उपलब्ध होगा। सरस टोण्ड दूध का आधा लीटर पैक 22 के स्थान पर 23 रुपए एवं एक लीटर पैक 44 के स्थान पर 46 रुपए और 6 लीटर पैक 270 रुपए में मिलेगा। इसके अलावा सरस लाइट दूध 400 एमएल पैक 10 की जगह 12 रुपए में मिलेगा। इसी प्रकार सादा छाछ में भी 2 रुपए प्रतिलीटर की वृद्धि की है। सरस आधा लीटर छाछ का पैक 14 रुपए के स्थान पर 15 रुपए प्रति पैक में उपलब्ध होगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 11 Mar 2022 12:54:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
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                <title>ब्याज दरें यथावत</title>
                                    <description><![CDATA[भारतीय रिजर्व बैंक ने महंगाई और अर्थव्यवस्था में अपेक्षित सुधार न आने पर चिंता जताते हुए लगातार दसवीं बार भी ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/opinion/%E0%A4%AC%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%9C-%E0%A4%A6%E0%A4%B0%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%AF%E0%A4%A5%E0%A4%BE%E0%A4%B5%E0%A4%A4/article-4451"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-02/shaktikanta-das_rbi_governor.jpeg" alt=""></a><br /><p>भारतीय रिजर्व बैंक ने महंगाई और अर्थव्यवस्था में अपेक्षित सुधार न आने पर चिंता जताते हुए लगातार दसवीं बार भी ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है। प्रमुख नीतिगत दर रेपो को 4 प्रतिशत पर बरकरार रखा है। यानी लोन ईएमआई पर राहत के लिए ग्र्राहकों को अभी और इंतजार करना पड़ेगा। रेपो रेट में कटौती के बाद बैंकों पर ब्याज दर में कटौती करते हैं तो ईएमआई भी कम हो जाती है। आरबीआई गर्वनर शक्ति कांत दास ने कहा कि मार्च तक महंगाई के और बढ़ने की संभावना है और सितंबर के बाद धीरे-धीरे राहत की उम्मीद की जा सकती है। बैंक की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) ने नीतिगत दरों में कोई बदलाव न करके साफ कर दिया है कि उसकी प्राथमिकता विकास को रफ्तार देना है। जबकि इस बार बाजार से लेकर उद्योग जगत तक को नीतिगत दरों में बढ़ोतरी की उम्मीद थी। फिर, कुछ समय से आरबीआई भी इस तरह के संकेत देते रहा है कि अब अर्थव्यवस्था उबरने लगी है और हालात सामान्य की ओर हैं, ऐसे में नीतिगत दरों को लंबे समय तक न्यूनतम स्तर पर बनाए रखना  न संभव है, न उचित। इस बार नीतिगत दरों में कोई बदलाव नहीं किया जाना इस बात का स्पष्ट संकेत हैं कि अर्थव्यवस्था अभी अनिश्चितता के माहौल से निकल नहीं पाई है। इसलिए 2022-23 के प्रस्तावित बजट में भी सरकार का जोर उन उपायों पर ही रहा है, जिनसे बुनियादी क्षेत्र में तेजी का माहौल बन सकें और रोजगार के मौके बन सकें। जाहिर है ऐसे में रिजर्व बैंक नीतिगत दरें बढ़ाकर जोखिम मोल लेने की स्थिति में था नहीं। नीतिगत दरों में बदलाव न करने का पीछे का कारण यही रहा है कि वाणिज्यिक बैंक दरें न बढ़ा सकें और कर्ज सस्ता बना रहे। सरकार का जो पहले से ही यही रहा है कि बैंक कर्ज देने में उदार बनें रहें ताकि आर्थिक गतिविधियों में तेजी बनी रहे। लेकिन समस्या तो यह है कि जो लोग या उद्योग अब तक कर्ज लेने से बचते रहे, वे अब इसे प्राथमिकता क्यों देंगे? हालांकि जिसको जरूरत होगी, वह तो मजबूरी में कर्ज लेगा ही। रिजर्व बैंक ने हालांकि कर्ज को सस्ता बनाए रखने का प्रयास तो किया है, लेकिन यह मान लेना कि इससे अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी, सही और व्यावहारिक प्रतीत नहीं होता। निजी निवेश गति नहीं पकड़ रहा है, उत्पादन घट रहा है, क्योंकि बाजार में मांग की कमी है। बेरोजगारी की दर का दायरा काफी बड़ा है। लोगों के पास खर्च करने को पैसा नहीं है। बाजार में मांग बढ़ाना आसान नहीं है, फिर महंगाई ने सब कुछ चौपट कर रखा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ओपिनियन</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 14 Feb 2022 14:25:38 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>फिलहाल नहीं बदलेगी ब्याज दरें, रिजर्व बैंक ने नीतिगत दरें, रिवर्स रेपो दरें रखी यथावत, रेपो दर 4%, रिवर्स रेपो दर को 3.35%</title>
                                    <description><![CDATA[नकद आरक्षी अनुपात चार प्रतिशत और एसएलआर 18 प्रतिशत पर बना रहेगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/%E0%A4%AB%E0%A4%BF%E0%A4%B2%E0%A4%B9%E0%A4%BE%E0%A4%B2-%E0%A4%A8%E0%A4%B9%E0%A5%80%E0%A4%82-%E0%A4%AC%E0%A4%A6%E0%A4%B2%E0%A5%87%E0%A4%97%E0%A5%80-%E0%A4%AC%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%9C-%E0%A4%A6%E0%A4%B0%E0%A5%87%E0%A4%82--%E0%A4%B0%E0%A4%BF%E0%A4%9C%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%B5-%E0%A4%AC%E0%A5%88%E0%A4%82%E0%A4%95-%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%A8%E0%A5%80%E0%A4%A4%E0%A4%BF%E0%A4%97%E0%A4%A4-%E0%A4%A6%E0%A4%B0%E0%A5%87%E0%A4%82--%E0%A4%B0%E0%A4%BF%E0%A4%B5%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%B8-%E0%A4%B0%E0%A5%87%E0%A4%AA%E0%A5%8B-%E0%A4%A6%E0%A4%B0%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%B0%E0%A4%96%E0%A5%80-%E0%A4%AF%E0%A4%A5%E0%A4%BE%E0%A4%B5%E0%A4%A4--%E0%A4%B0%E0%A5%87%E0%A4%AA%E0%A5%8B-%E0%A4%A6%E0%A4%B0-4---%E0%A4%B0%E0%A4%BF%E0%A4%B5%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%B8-%E0%A4%B0%E0%A5%87%E0%A4%AA%E0%A5%8B-%E0%A4%A6%E0%A4%B0-%E0%A4%95%E0%A5%8B-3-35/article-3009"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-12/rbi.jpg" alt=""></a><br /><p>मुंबई। भारतीय रिजर्व की मौद्रिक नीति समिति ने आगे महंगाई के लक्षित दायरे में रहने तथा कोरोना की दूसरी लहर के बाद आर्थिक गतिविधियों के पटरी पर लौटने का हवाला देते हुए नीतिगत दरों (रेपो दर) को यथावत बनाये रखने के साथ ही अपने रूख को समायोजन वाला बनाये रखेगा ताकि आवश्यकता पडऩे पर नीतिगत दरों में जरूरत के अनुरूप बदलाव किया जा सके। आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास की अध्यक्षता में केंद्रीय बैंक की मौद्रिक नीति समीति की बुधवार को  तीन दिवसीय पांचवीं द्विमासिक समीक्षा बैठक में सभी नीतिगत दरों को अपरिवर्तित रखने का निर्णय लिया गया। रेपो दर को चार प्रतिशत, रिवर्स रेपो दर को 3.35 प्रतिशत, मार्जिनल स्टैंडिंग फैसिलिटी दर को 4.25 प्रतिशत और बैंक दर को 4.25 प्रतिशत पर स्थिर रखा गया है। नकद आरक्षी अनुपात चार प्रतिशत और एसएलआर 18 प्रतिशत पर बना रहेगा। पिछले वर्ष कोरोना के शुरू होने के बाद से यह मौद्रिक नीति की 13वीं घोषणा थी। <br /> <br /> इसके साथ ही रिजर्व बैंक ने चालू वित्त वर्ष में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के 9.5 प्रतिशत की दर से बढऩे के अपने अनुमान को यथावत रखने के साथ ही मार्च 2022 में समाप्त हो रहे वित्त वर्ष में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक पर आधारित खुदरा महंगाई के 5.3 प्रतिशत पर रहने का अनुमान जताया गया है। महंगाई के जोखिम को संतुलित बताते हुये समिति ने दिसंबर में समाप्त होने वाली तीसरी तिमाही में खुदरा महंगाई के 5.1 प्रतिशत और चौथी तिमाही में इसके बढ़कर 5.4 प्रतिशत पर पहुंचने का अनुमान जताया है। अगले वित्त वर्ष की पहली तिमाही में इसमें कुछ सुधार होने की उम्मीद जताते हुये कहा गया है कि यह उतर कर पांच प्रतिशत पर आ सकती है और इसके बाद दूसरी तिमाही में भी इसी स्तर पर रह सकती है। <br /> <br /> रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने मौद्रिक नीति समिति की तीन दिवसीय बैठक के बाद जारी बयान में यह अनुमान जताया है। उन्होंने कहा कि कोरोना की दूसरी लहर का प्रभाव कम होने और टीकाकरण में तेजी से घरेलू आर्थिक गतिविधिया कोरोना के पहले के स्तर पर पहुंच रही है। हालांकि कोरोना के नये वेरिएंट का उल्लेख करते हुये उन्होंने कहा कि इसके कारण नये मामलों में बढोतरी हुयी है जो ङ्क्षचता की बात है। उन्होंने कहा कि जो सूचनायें मिल रही हैं उसके अनुसार उपभोग की मांग बढ़ रही है। ग्रामीण मांग के साथ ही शहरी मांग में भी बढोतरी हुयी है और लोग यात्री और पर्यटन आदि पर व्यय करने लगे हैं। अक्टूबर नंबवर के दौरान रेलवे माल ढुलाई , बंरगाह पर माल परिवहन, जीएसटी राजस्व संग्रह, टॉल संग्रह, पेट्रोलयिम उपयोग और  हवाई यात्रियों की संख्या में बढोतरी हुयी है। हाल ही में पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क और वैट में कमी किये जाने के कारण क्रय शक्ति बढऩे से उपभोग की मांग में बढोतरी होगी। अगस्त से सरकारी उपभोग में बढोतरी हुयी है जिससे कुल मिलाकर मांग बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि पूंजीगत वस्तओं का उत्पादन कोरोना से पहले स्तर पर बना हुआ। अक्टूूबर में इन उत्पादों के आयात में भी दहाई अंकों में बढोतरी हुयी है। उन्होंने हालांकि कहा कि कोरोना की दूसरी लहर से प्रभावित अर्थव्यवस्था अब फिर से तीव्रता से बढ़ रही है लेकिन अर्थव्यवस्था अभी इतनी भी मजबूत नहीं हुयी है कि वह बाहरी झटकों को झेल सके और दीर्घकाल तक मजबूत रह सके। इसके मद्देनजर नीतिगत सहयोग का जारी रखने का निर्णय लिया गया है। <br /> <br /> उन्होंने कहा कि इनसभी बातों को ध्यान में रखते हुये चालू वित्त वर्ष में जीडीपी वृद्धि के अनुमान को 9.5 प्रतिशत पर यथावत रखा गया है। इसके साथ ही तीसरी तिमाही में इसके 6.6 प्रतिशत और चौथी तिमाही में इसके 6.0 प्रतिशत पर रहने की उम्मीद है। अगले वित्त वर्ष की पहली तिमाही में इसके 17.2 प्रतिशत पर और दूसरी तिमाही में 7.8 प्रतिशत पर रहने की संभावना है। <br /> <br /> <strong>मौद्रिक नीति की मुख्य बातें</strong><br /> भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने बुधवार को  मौद्रिक नीति समिति की तीन दिवसीय पांचवीं द्विमासिक बैठक में लिए गये निणर्याें की घोषणा की जिसकी मुख्य बातें निम्नलिखित हैं<br /> <br /> 1. मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) ने लगातार नौंवी बार प्रमुख नीतिगत दर (रेपो) को 4 प्रतिशत पर बरकरार रखा।<br /> 2. इसके परिणामस्वरूप रिवर्स रेपो भी 3.35 प्रतिशत पर कायम।<br /> 3. बैंक दर 4.25 प्रतिशत पर बरकरार।<br /> 4.  रिजर्व बैंक आर्थिक वृद्धि को गति देने के लिये मौद्रिक नीति के रुख को समायोजन वाला बनाये रखेगा।<br /> 5.चालू वित्त वर्ष में खुदरा मुद्रास्फीति 2021-22 में 5.3 प्रतिशत पर रहने का अनुमान, अगले वित्त वर्ष की पहली तिमाही में घटकर 5 प्रतिशत पर आने की संभावना।<br /> 6. रिजर्व बैंक ने जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) वृद्धि दर 9.5 प्रतिशत पर बरकरार रखा।<br /> 7. बैंकों को विदेशी शाखाओं में निवेश की मिलेगी अनुमति, विदेशी लाभ को बगैर पूर्व अनुमति के स्वदेश लाने की होगी अनुमति <br /> 8. सरकारी प्रतिभूतियों और सार्वजनिक प्रारंभिक निगर्म (आईपीओ) के आवेदन के लिए यूपीआई से भुगतान की सीमा दो लाख रुपये से बढ़ाकर पांच लाख रुपये करने को मंजूरी<br /> 9. फीचर फोन से यूपीआई भुगतान की मिलेगी सुविधा <br /> 10. मौद्रिक नीति समिति की अगली बैठक 7 से 9 फरवरी 2022 को होगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 08 Dec 2021 13:25:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
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                <title>उपभोक्ताओं के लिए बिजली दरों में नहीं होगी बढ़ोतरी</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान राज्य विद्युत विनियामक आयोग ने जारी किया टैरिफ : स्थाई शुल्क बढ़ोतरी का प्रस्ताव खारिज]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/619f3363046e0/article-2714"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-11/electricity-grid-energy.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>जयपुर</strong>। राजस्थान राज्य विद्युत विनियामक आयोग ने बिजली कम्पनियों की याचिकाओं पर टैरिफ जारी कर दिया है। इसमें आम उपभोक्ताओं को राहत देते हुए बिजली दरों में फिलहाल कोई बढ़ोतरी नहीं होगी। बिजली कम्पनियों के उपभोक्ताओं के लिए फिक्स चार्ज बढ़ाने के प्रस्ताव को भी आयोग ने खारिज कर दिया है। आयोग की टैरिफ में घरेलू, अघरेलू, सार्वजनिक स्ट्रीट लाइट, कृषि, लघु, माध्यम और बड़े उद्योग और मिश्रित भार ईवी चार्जिंग स्टेशन और ट्रैक्शन लोड के उपभोक्ताओं को राहत दी है। इन श्रेणियों के लिए मौजूदा छूट भी लागू रहेगी।  जयपुर, अजमेर और जोधपुर डिस्कॉम ने वित्तीय वर्ष 2020-21 से 2023-24 के लिए टैरिफ याचिकाएं लगाई थी। इन याचिकाओं पर आए आपत्ति-सुझावों के बाद और आयोग की बैठकों के बाद फैसला हुआ। आयोग ने वित्त वर्ष 2020-21 और 2021-22 पर विचार किया। इसमें मौजूदा टैरिफ दरों के राजस्व आंकलन के हिसाब से जयपुर और अजमेर डिस्कॉम सरप्लस और जोधपुर डिस्कॉम घाटे में सामने आया। <br /> <br /> <strong>छूट लागू रहेगी</strong><br /> आयोग ने राहत देने के पीछे कोविड का प्रभाव, फिक्स चार्ज से संभावित व्यावहरिक कठिनाई और राजस्व अंतराल का हवाला दिया है। सभी श्रेणियों के उपभोक्ताओं के लिए टैरिफ में बढ़ोतरी नहीं हुई। इन श्रेणियों के लिए मौजूदा छूट भी लागू रहेगी। बीपीएल श्रेणी और सिलिकोसिस पीड़ित परिवार उपभोक्ताओं के लिए छूट लागू रहेगी। <br /> <br /> <strong>बड़े उपभोक्ताओं पर लगेगा सरचार्ज</strong><br /> बड़े औद्योगिक उपभोक्ताओं के लिए पिछली बार दी गई छूट के वांछित परिणाम नहीं मिलने पर खपत के आधार पर सरचार्ज की व्यवस्था की गई है। अब बड़े उद्योगों को रात 12 से  सुबह छह बजे तक 15 फीसद छूट मिलेगी और सुबह छह से दस बजे तक पांच प्रतिशत सरचार्ज लगेगा। आयोग ने व्हीलिंग शुल्क और क्रॉस सब्सिडी शुल्क के सरचार्ज भी तय किए हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 25 Nov 2021 12:42:33 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>प्रशासन शहरों के संग अभियान-2021: दीपावली से पहले मुख्यमंत्री की सौगात</title>
                                    <description><![CDATA[अभियान अवधि में कृषि से अकृषि प्रयोजनार्थ भूखंडधारियों को पट्टे की दरों में 75 प्रतिशत तक छूट : कृषि भूमि पर बसे 300 वर्गमीटर तक के भूखंडधारियों के लिए पट्टे की राह हुई आसान]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%B6%E0%A4%BE%E0%A4%B8%E0%A4%A8-%E0%A4%B6%E0%A4%B9%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%B8%E0%A4%82%E0%A4%97-%E0%A4%85%E0%A4%AD%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%A8-2021--%E0%A4%A6%E0%A5%80%E0%A4%AA%E0%A4%BE%E0%A4%B5%E0%A4%B2%E0%A5%80-%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%AA%E0%A4%B9%E0%A4%B2%E0%A5%87-%E0%A4%AE%E0%A5%81%E0%A4%96%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%AE%E0%A4%82%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%B8%E0%A5%8C%E0%A4%97%E0%A4%BE%E0%A4%A4/article-1995"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-10/gehlot_prashan-sang-abhiyan.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>जयपुर</strong>। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने दीपावली की सौगात देते हुए प्रशासन शहरों के संग अभियान-2021 के दौरान 300 वर्गमीटर तक की कृषि भूमि से अकृषि के लिए प्रीमियम दरों में 75 प्रतिशत तक की छूट को मंजूरी देने का बड़ा निर्णय किया है। इसी अनुपात में शहरी जमाबंदी (लीज राशि) में भी कमी आएगी। जिससे कृषि भूमि पर बसे लोगों को अभूतपूर्व राहत मिलेगी और उनके लिए फ्री-होल्ड पट्टा लेना आसान होगा।  गहलोत के इस निर्णय से कृषि भूमि पर बसे लोगों में पट्टे लेने के प्रति रूझान बढ़ेगा और इसका लाभ उन्हें सुनियोजित विकास कार्यों एवं विभिन्न सुविधाओं के विकसित होने के रूप में मिलेगा।</p>
<p><br /> उल्लेखनीय है कि वर्तमान में राज्य के विभिन्न शहरों में भू-राजस्व अधिनियम की धारा 90-ए के अंतर्गत कृषि भूमि के अकृषि प्रयोजनार्थ अनुज्ञा व आवंटन नियम-2012 में 32 प्रकार की प्रीमियम की दरें निर्धारित हैं। जिनमें 300 वर्गमीटर तक के आकार के भूखंडों के पट्टों के लिए प्रीमियम की दरें 90 रूपए से लेकर 384 रूपए प्रति वर्ग मीटर तक निर्धारित थीं। इस कारण कृषि भूमि पर बसी कॉलोनियों के पट्टे लेने में कठिनाइयां आ रही थीं।<br /> <br />  गहलोत ने प्रशासन शहरों के संग अभियान के दौरान इनमें एकरूपता लाने एवं इनके सरलीकरण के निर्देश दिए थे। इसके दृष्टिगत नगरीय विकास एवं स्वायत्त शासन विभाग ने नगरीय निकायों की श्रेणियों (नगर पालिका, नगर परिषद एवं नगर निगम) के आधार पर तीन प्रकार की प्रीमियम दरों के निर्धारण का प्रस्ताव दिया, जिसे मुख्यमंत्री ने स्वीकृति प्रदान की है। मुख्यमंत्री के इस निर्णय के बाद 300 वर्गमीटर तक के भूखंडधारियों को पट्टों के लिए प्रीमियम में 75 प्रतिशत तक की कमी आएगी और उन्हें बड़ी राहत मिलेगी।</p>
<p><br /> प्रस्ताव में 300 वर्गमीटर तक की आवासीय कृषि भूमि से अकृषि प्रयोजन के लिए प्रीमियम की दर नगरपालिका क्षेत्र में 50 रूपए प्रति वर्गमीटर, नगर परिषद क्षेत्र में 75 रूपए प्रति वर्गमीटर तथा नगर निगम क्षेत्र में 100 रूपए प्रति वर्गमीटर निर्धारित की गई है। यह छूट उन्हीं कॉलोनियों पर लागू होगी जिनके ले-आउट प्लान का अनुमोदन 31 मार्च, 2019 तक हो चुका है। उनमें 300 वर्गमीटर तक के आवासीय भूखण्डों पर मात्र प्रीमियम राशि, एक मुश्त लीज राशि (प्रीमियम दर की चार गुना पर) एवं 500 रूपए भवन मानचित्र अनुमोदन शुल्क एकमुश्त लेकर फ्रीहोल्ड पट्टा दिया जाएगा।  <br /> इस दौरान 300 वर्गमीटर तक के इन भूखंडधारियों को अतिरिक्त छूट देते हुए आंतरिक एवं बाह्य विकास शुल्क, किसी भी प्रकार की शास्ति, अन्य कोई चार्ज एवं बेसिक सर्विसेज फॉर अरबन पूअर (बीएसयूपी) फंड के नाम से ली जाने वाली राशि भी नहीं ली जाएगी। साथ ही, आवासीय एवं वाणिज्यिक कॉर्नर के भूखण्डों में प्रीमियम दरों में 10 प्रतिशत की वृद्धि नहीं की जाएगी।</p>
<p><br /> <strong>जनोपयोगी सुविधाओं के विकास के लिए अलाभकारी : पंजीकृत चैरिटेबल संस्थाओं को शत-प्रतिशत छूट</strong><br /> इसके साथ ही राज्य सरकार द्वारा प्रदेश के नगरीय क्षेत्रों में जनोपयोगी सुविधाओं के विकास को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से सामाजिक एवं धार्मिक कार्याें में अग्रणी एवं अलाभकारी पंजीकृत चैरिटेबल संस्थाओं को कृषि से अकृषि प्रयोजनार्थ नियमन के लिए निर्धारित प्रीमियम दरों, भू-उपयोग परिवर्तन शुल्क एवं भवन निर्माण अनुज्ञा शुल्क में शत-प्रतिशत छूट दी गई है। मुख्यमंत्री ने प्रशासन शहरों के संग अभियान शिविरों में इस प्रावधान का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं, ताकि इन संस्थाओं के माध्यम से प्रदेश के नगरीय क्षेत्रों में जनोपयोगी सुविधाएं जैसे कि-चिकित्सा एवं शैक्षणिक सुविधाएं, वृद्धाश्रम, अनाथालय, नारी निकेतन, कुष्ठ आश्रम, धर्मशाला, दिव्यांगजन केन्द्र, नशामुक्ति केन्द्र, कन्या आश्रम, बाल गृह आदि के विकास को गति दी जा सके। इसके अतिरिक्त सामाजिक सुरक्षा निवेश प्रोत्साहन योजना-2021 के तहत अलाभकारी संस्थाओं द्वारा क्रय की गई अथवा लीज पर ली गई अचल संपत्ति के दस्तावेजों पर पंजीयन शुल्क एवं स्टाम्प ड्यूटी में भी शत-प्रतिशत छूट देय है। इससे सामाजिक सुरक्षा क्षेत्र में निवेश करने वाली संस्थाओं को बढ़ावा मिलेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 29 Oct 2021 15:45:10 +0530</pubDate>
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