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                <title>El Nino - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>El Nino RSS Feed</description>
                
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                <title>मौसम विज्ञान विभाग का अनुमान : इस साल सामान्य से कम रहेगी बारिश, अल नीनो बदल सकता है हालात</title>
                                    <description><![CDATA[भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, 2026 में दक्षिण-पश्चिम मानसून सामान्य से कम (एलपीए का 92%) रहने की संभावना है। अल नीनो के प्रभाव और उत्तरी गोलार्ध में कम बर्फबारी के चलते बारिश पर नकारात्मक असर पड़ सकता है। विभाग मई के अंत में क्षेत्रवार वर्षा का सटीक अपडेट जारी करेगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/meteorological-department-estimates-that-rainfall-will-be-less-than-normal/article-150326"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/rain.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने वर्ष 2026 के दक्षिण-पश्चिम मानसून (जून से सितंबर) के लिए दीर्घावधि पूर्वानुमान जारी किया है जिसके अनुसार इस साल देशभर में मानसूनी वर्षा सामान्य से कम रहने का अनुमान है। पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय ने सोमवार को बताया कि मौसम विभाग के मुताबिक, 2026 में कुल मानसूनी वर्षा दीर्घकालिक औसत (एलपीए) का लगभग 92 प्रतिशत रहने का अनुमान है। वर्ष 1971-2020 के आधार पर एलपीए 87 सेमी है। इस आधार पर कुल वर्षा 90-95 प्रतिशत के बीच, यानी ‘सामान्य से कम’ श्रेणी में रहने का अनुमान है।</p>
<p>मौसम विभाग ने बताया कि इस बार कमजोर ला नीना जैसे हालात धीरे-धीरे समाप्त होकर तटस्थ स्थिति में बदल रहे हैं। हालांकि, अल नीनो मानसून के दौरान विकसित होने की संभावना भी जताई गई है, जो वर्षा को प्रभावित कर सकती है। इसके अलावा हिंद महासागर द्विध्रुव (आईओडी) फिलहाल न्यूट्रल स्थिति में है, लेकिन मानसून के अंत तक इसके पॉजिटिव होने के संकेत हैं, जिससे कुछ क्षेत्रों में वर्षा पर असर पड़ सकता है।</p>
<p><strong>उत्तरी गोलार्ध में कम रहेगा बर्फ का विस्तार </strong></p>
<p>मौसम विभाग के अनुसार, जनवरी से मार्च 2026 के दौरान उत्तरी गोलार्ध में बर्फ का विस्तार सामान्य से थोड़ा कम रहा। आमतौर पर यह कारक मानसून वर्षा के साथ उलटा संबंध रखता है, यानी कम बर्फ का मतलब मानसून पर नकारात्मक असर हो सकता है।</p>
<p><strong>दो चरणों में जारी किया जाता है पूर्वानुमान</strong></p>
<p>मौसम विभाग ने यह भी स्पष्ट किया कि मानसून पूर्वानुमान दो चरणों में जारी किया जाता है। अप्रैल में पहला चरण और मई के अंत में अपडेटेड पूर्वानुमान जारी किया जाएगा, जिसमें क्षेत्रवार वर्षा का अधिक विस्तृत आकलन होगा। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 14 Apr 2026 11:59:58 +0530</pubDate>
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