<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/holders/tag-7768" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title>holders - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/7768/rss</link>
                <description>holders RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>गृह निर्माण सहकारी समितियों का गड़बड़झाला रोकने के लिए सरकार ने कसा शिकंजा : अब खातेदारों से सोसायटी सीधे नहीं खरीद सकेगी भूमि, एक से अधिक योजना काटने पर भी पाबंदी</title>
                                    <description><![CDATA[समितियों के उपनियम संशोधित करते हुए आदर्श उपनियम का प्रारूप तैयार : नियमों की पालना नहीं करने पर अवसायन की कार्रवाई]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%97%E0%A5%83%E0%A4%B9-%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%A3-%E0%A4%B8%E0%A4%B9%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%80-%E0%A4%B8%E0%A4%AE%E0%A4%BF%E0%A4%A4%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%97%E0%A5%9C%E0%A4%AC%E0%A5%9C%E0%A4%9D%E0%A4%BE%E0%A4%B2%E0%A4%BE-%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A4%95%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%B2%E0%A4%BF%E0%A4%8F-%E0%A4%B8%E0%A4%B0%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0-%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%95%E0%A4%B8%E0%A4%BE-%E0%A4%B6%E0%A4%BF%E0%A4%95%E0%A4%82%E0%A4%9C%E0%A4%BE---%E0%A4%85%E0%A4%AC-%E0%A4%96%E0%A4%BE%E0%A4%A4%E0%A5%87%E0%A4%A6%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%B8%E0%A5%8B%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%AF%E0%A4%9F%E0%A5%80-%E0%A4%B8%E0%A5%80%E0%A4%A7%E0%A5%87-%E0%A4%A8%E0%A4%B9%E0%A5%80%E0%A4%82-%E0%A4%96%E0%A4%B0%E0%A5%80%E0%A4%A6-%E0%A4%B8%E0%A4%95%E0%A5%87%E0%A4%97%E0%A5%80-%E0%A4%AD%E0%A5%82%E0%A4%AE%E0%A4%BF--%E0%A4%8F%E0%A4%95-%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%85%E0%A4%A7%E0%A4%BF%E0%A4%95-%E0%A4%AF%E0%A5%8B%E0%A4%9C%E0%A4%A8%E0%A4%BE-%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%9F%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%AA%E0%A4%B0-%E0%A4%AD%E0%A5%80-%E0%A4%AA%E0%A4%BE%E0%A4%AC%E0%A4%82%E0%A4%A6%E0%A5%80/article-2677"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-11/sectret.jpg" alt=""></a><br /><p> जयपुर। गृह निर्माण सहकारी समितियों के बैकडेट में पट्टे काटकर लाखों का कारोबार करने की प्रवृत्ति पर रोक लगाने के लिए राज्य सरकार ने सख्त निर्णय लिया है। अब सहकारी समिति केवल राज्य सरकार व स्थानीय निकायों से भूमि आवंटित करवाकर ही योजना विकसित कर सकेंगी। अन्य संस्थाओं अथवा व्यक्तियों, खातेदारों से सीधे भूमि का क्रय नहीं कर  सकेंगी। सोसायटी किसी भी स्थिति में केवल एक ही योजना सृजित कर सकेंगी, इससे ज्यादा योजना विकसित करने पर कानूनी रोक रहेगी। सहकारिता विभाग ने गृह निर्माण सहकारी समितियों के उपनियम संशोधित करते हुए आदर्श उपनियम का प्रारूप तैयार कर सभी उप पंजीयक सहकारी समितियों को निर्देश प्रदान किए है। विभाग ने यह प्रारूप राजस्थान उच्च न्यायालय जयपुर पीठ के एक मामले में दिए गए निर्णय के बाद राजस्थान सहकारी अधिनियम 2001 एवं नियम 2003 के अन्तर्गत तैयार किया गया है। इसके बाद रजिस्ट्रार मुक्तानंद अग्रवाल ने नियमों को संशोधित करने के निर्देश दिए है। अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार सोसायटी को अवसायन में लाया जा सकेगा।<br /><br /><strong>एक माह में जमा नहीं कराने पर आवंटन निरस्त</strong><br />यदि कोई सदस्य भवन-फ्लैट के आवंटन के कार्य के बाद इसके लिए मांगी गई रकम को मांगपत्र मिलने के एक माह के भीतर जमा ना कराए तो समिति उसके आवंटन को निरस्त कर सकेगी और उसकी ओर से जमा कराई गई समस्त निर्माण राशि, पांच प्रतिशत कमी कर उसको लौटा दी जाएगी। निरस्तीकरण के नोटिस के एक माह के भीतर समिति समस्त बढ़ी हुई राशि एवं उस पर शास्ति, जो समिति की ओर से निर्धारित की जाए, अदा होने पर निरस्तीकरण वापस ले सकेगी। यदि कोई सदस्य सोसायटी की ओर से निर्मित गृह पर आधिपत्य कर लेने के बाद ऋण की किश्तों एवं अन्य देय राशियों को जमा कराने में असफल रहेगा अथवा किश्तों की देय एवं कर की राशि को समय पर जमा न कराए, तो उससे समस्त बकाया ऋण राशि, एक मुश्त वसूल की जा सकेगी और उसकी सदस्यता समाप्त कर दी जाएगी तथा बकाया राशि को उस गृह की नीलामी करके या किसी अन्य सदस्य को आवंटित करके वसूल कर ली जाएगी। आवंटित भवन का विभाजन, परिवर्तन, नवीन निर्माण, सोसायटी की एवं स्थानीय निकाय की स्वीकृति के बिना नहीं हो सकेगा।<br /><strong><br />योजना के अनुमोदन के बाद ही सदस्यों को भवन-फ्लैट का आवंटन</strong><br />सोसायटी के नियमों में कार्यकलाप का स्पष्ट प्रावधान किया गया है, जिसमें सदस्यों के गृह निर्माण के लिए नक्शा तैयार करा सकेगी और उस पर अनुमानित व्यय की योजना बनाकर रजिस्ट्रार सहकारी समिति से सहमति लेकर जयपुर विकास प्राधिकरण, नगर परिषद, नगर निगम व नगरपालिका से स्वीकृति ले सकेंगी। योजना के निर्माण के लिए राज्य सरकार, स्थानीय निकाय, प्राधिकरण से योजना का अनुमोदन करवाने के बाद ही सदस्यों को भवन व फ्लैट का आवंटन कर सकेगी। योजना में आंतरिक विकास कार्य करना सोसायटी की जिम्मेदारी होगी।<br /><br /><strong>सदस्यों पर सख्ती, 250 से अधिक नहीं</strong><br />सोसायटी में सदस्यता की पात्रता का लेकर प्रावधान किया गया है कि कोई भी वह व्यक्ति जो कम से कम 18 साल का हो, स्वस्थ मस्तिष्क तथा संविदा करने के लिए सक्षम हो तथा अधिनियम एवं नियम में रखी गई पात्रताओं की पूर्ति करता हो, वह सोसायटी का सदस्य हो सकेगा। सोसायटी का पंजीकरण किए जाने के लिए कम से कम 15 सदस्य होंगे। सोसायटी में सदस्यों की अधिकतम संख्या वहीं होगी, जो स्थानीय निकाय की ओर से भवनों अथवा फ्लैटों की संख्या स्वीकृत की गई है, लेकिन यह 250 से अधिक नहीं होगी। <br /><strong><br />वर्तमान में क्या करती हैं सोसायटी</strong><br />शहरी क्षेत्रों में बिना भूमि की खरीद किए बिना ही सोसायटियां पट्टा काट देती है, जबकि उस भूमि का नामांतरण सोसायटी के नाम होना जरुरी है। साथ ही बैकडेट में पट्टा काटकर प्रति वर्गगज चार्ज लेकर कारोबार कर रही है। जिन सोसायटियों को अवसायन में लाया जा चुका है, वे भी इस कारोबार में जुटी है। प्रदेश की करीब 2500 हजार ऐसी गृह निर्माण सहकारी समितियों के खिलाफ आए दिन विभाग को भी शिकायते मिलती रहती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%97%E0%A5%83%E0%A4%B9-%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%A3-%E0%A4%B8%E0%A4%B9%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%80-%E0%A4%B8%E0%A4%AE%E0%A4%BF%E0%A4%A4%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%97%E0%A5%9C%E0%A4%AC%E0%A5%9C%E0%A4%9D%E0%A4%BE%E0%A4%B2%E0%A4%BE-%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A4%95%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%B2%E0%A4%BF%E0%A4%8F-%E0%A4%B8%E0%A4%B0%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0-%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%95%E0%A4%B8%E0%A4%BE-%E0%A4%B6%E0%A4%BF%E0%A4%95%E0%A4%82%E0%A4%9C%E0%A4%BE---%E0%A4%85%E0%A4%AC-%E0%A4%96%E0%A4%BE%E0%A4%A4%E0%A5%87%E0%A4%A6%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%B8%E0%A5%8B%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%AF%E0%A4%9F%E0%A5%80-%E0%A4%B8%E0%A5%80%E0%A4%A7%E0%A5%87-%E0%A4%A8%E0%A4%B9%E0%A5%80%E0%A4%82-%E0%A4%96%E0%A4%B0%E0%A5%80%E0%A4%A6-%E0%A4%B8%E0%A4%95%E0%A5%87%E0%A4%97%E0%A5%80-%E0%A4%AD%E0%A5%82%E0%A4%AE%E0%A4%BF--%E0%A4%8F%E0%A4%95-%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%85%E0%A4%A7%E0%A4%BF%E0%A4%95-%E0%A4%AF%E0%A5%8B%E0%A4%9C%E0%A4%A8%E0%A4%BE-%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%9F%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%AA%E0%A4%B0-%E0%A4%AD%E0%A5%80-%E0%A4%AA%E0%A4%BE%E0%A4%AC%E0%A4%82%E0%A4%A6%E0%A5%80/article-2677</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%97%E0%A5%83%E0%A4%B9-%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%A3-%E0%A4%B8%E0%A4%B9%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%80-%E0%A4%B8%E0%A4%AE%E0%A4%BF%E0%A4%A4%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%97%E0%A5%9C%E0%A4%AC%E0%A5%9C%E0%A4%9D%E0%A4%BE%E0%A4%B2%E0%A4%BE-%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A4%95%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%B2%E0%A4%BF%E0%A4%8F-%E0%A4%B8%E0%A4%B0%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0-%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%95%E0%A4%B8%E0%A4%BE-%E0%A4%B6%E0%A4%BF%E0%A4%95%E0%A4%82%E0%A4%9C%E0%A4%BE---%E0%A4%85%E0%A4%AC-%E0%A4%96%E0%A4%BE%E0%A4%A4%E0%A5%87%E0%A4%A6%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%B8%E0%A5%8B%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%AF%E0%A4%9F%E0%A5%80-%E0%A4%B8%E0%A5%80%E0%A4%A7%E0%A5%87-%E0%A4%A8%E0%A4%B9%E0%A5%80%E0%A4%82-%E0%A4%96%E0%A4%B0%E0%A5%80%E0%A4%A6-%E0%A4%B8%E0%A4%95%E0%A5%87%E0%A4%97%E0%A5%80-%E0%A4%AD%E0%A5%82%E0%A4%AE%E0%A4%BF--%E0%A4%8F%E0%A4%95-%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%85%E0%A4%A7%E0%A4%BF%E0%A4%95-%E0%A4%AF%E0%A5%8B%E0%A4%9C%E0%A4%A8%E0%A4%BE-%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%9F%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%AA%E0%A4%B0-%E0%A4%AD%E0%A5%80-%E0%A4%AA%E0%A4%BE%E0%A4%AC%E0%A4%82%E0%A4%A6%E0%A5%80/article-2677</guid>
                <pubDate>Wed, 24 Nov 2021 11:11:46 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2021-11/sectret.jpg"                         length="168297"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>प्रशासन शहरों के संग अभियान में बड़े भूखंड धारियों को राहत देने की तैयारी, .....जाने क्या करेगी सरकार</title>
                                    <description><![CDATA[सरकार अभियान के दौरान अब तक दी गई शिथिलताओं का दायरा बढ़ाकर 300 से 500 वर्गमीटर तक करने तक लागू करेगी। इस प्रस्ताव पर अब केवल वित्त विभाग की मंजूरी होनी है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%B6%E0%A4%BE%E0%A4%B8%E0%A4%A8-%E0%A4%B6%E0%A4%B9%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%B8%E0%A4%82%E0%A4%97-%E0%A4%85%E0%A4%AD%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%A8-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%AC%E0%A4%A1%E0%A4%BC%E0%A5%87-%E0%A4%AD%E0%A5%82%E0%A4%96%E0%A4%82%E0%A4%A1-%E0%A4%A7%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%B9%E0%A4%A4-%E0%A4%A6%E0%A5%87%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%A4%E0%A5%88%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%80-------%E0%A4%9C%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%BE-%E0%A4%95%E0%A4%B0%E0%A5%87%E0%A4%97%E0%A5%80-%E0%A4%B8%E0%A4%B0%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0/article-2476"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-11/dhariwal-meeting.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत सरकार प्रशासन शहरों के संग अभियान के दौरान अब बड़े भूखंड धारियों को भी राहत देने की तैयारी कर रही है। इसके लिए सरकार अभियान के दौरान अब तक दी गई शिथिलताओं का दायरा बढ़ाकर 300 से 500 वर्गमीटर तक करने तक लागू करेगी। इस प्रस्ताव पर अब केवल वित्त विभाग की मंजूरी होनी है।<br /> <br /> यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल की अध्यक्षता में बुधवार को सचिवालय में हुई उच्च स्तरीय बैठक में इसका खाका तैयार कर लिया गया। अब इस प्रस्ताव पर वित्त विभाग से अनुमति लेने का निर्णय लिया गया। धारीवाल ने सचिवालय में बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत के दौरान बताया कि अभी तक अभियान में सरकार की मंशा के अनुरूप पट्टे नहीं दिए है। यह कहने में  कोई शंका नहीं है, लेकिन आने वाले समय में अभियान का लक्ष्य जल्द ही हासिल कर लिया जाएगा। नवम्बर तक एक लाख पट्टे दे दिए जाएंगे। अभियान में दी गई छूट का प्रचार प्रसार नहीं होने के कारण आमजन लाभ नहीं ले पा रहे हैं। साथ ही छोटे निकाय जहां पर जोनल डेवलपमेंट प्लान मनाने की जरूरत नहीं है, लेकिन जोधपुर हाई कोर्ट के निर्णय के चलते निकाय पट्टा नहीं दे पा रहे हैं। ऐसे में अब उन्हें स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि सरकार की ओर से दी गई छूट के अनुसार लोगों को अधिक से अधिक पट्टे जारी किए जाए । दस लाख पट्टे देने का लक्ष्य मार्च 2022 तक पूरा कर लिया जाएगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%B6%E0%A4%BE%E0%A4%B8%E0%A4%A8-%E0%A4%B6%E0%A4%B9%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%B8%E0%A4%82%E0%A4%97-%E0%A4%85%E0%A4%AD%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%A8-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%AC%E0%A4%A1%E0%A4%BC%E0%A5%87-%E0%A4%AD%E0%A5%82%E0%A4%96%E0%A4%82%E0%A4%A1-%E0%A4%A7%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%B9%E0%A4%A4-%E0%A4%A6%E0%A5%87%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%A4%E0%A5%88%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%80-------%E0%A4%9C%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%BE-%E0%A4%95%E0%A4%B0%E0%A5%87%E0%A4%97%E0%A5%80-%E0%A4%B8%E0%A4%B0%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0/article-2476</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%B6%E0%A4%BE%E0%A4%B8%E0%A4%A8-%E0%A4%B6%E0%A4%B9%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%B8%E0%A4%82%E0%A4%97-%E0%A4%85%E0%A4%AD%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%A8-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%AC%E0%A4%A1%E0%A4%BC%E0%A5%87-%E0%A4%AD%E0%A5%82%E0%A4%96%E0%A4%82%E0%A4%A1-%E0%A4%A7%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%B9%E0%A4%A4-%E0%A4%A6%E0%A5%87%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%A4%E0%A5%88%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%80-------%E0%A4%9C%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%BE-%E0%A4%95%E0%A4%B0%E0%A5%87%E0%A4%97%E0%A5%80-%E0%A4%B8%E0%A4%B0%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0/article-2476</guid>
                <pubDate>Wed, 17 Nov 2021 16:34:08 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2021-11/dhariwal-meeting.jpg"                         length="96624"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>प्रशासन शहरों के संग अभियान-2021: दीपावली से पहले मुख्यमंत्री की सौगात</title>
                                    <description><![CDATA[अभियान अवधि में कृषि से अकृषि प्रयोजनार्थ भूखंडधारियों को पट्टे की दरों में 75 प्रतिशत तक छूट : कृषि भूमि पर बसे 300 वर्गमीटर तक के भूखंडधारियों के लिए पट्टे की राह हुई आसान]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%B6%E0%A4%BE%E0%A4%B8%E0%A4%A8-%E0%A4%B6%E0%A4%B9%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%B8%E0%A4%82%E0%A4%97-%E0%A4%85%E0%A4%AD%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%A8-2021--%E0%A4%A6%E0%A5%80%E0%A4%AA%E0%A4%BE%E0%A4%B5%E0%A4%B2%E0%A5%80-%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%AA%E0%A4%B9%E0%A4%B2%E0%A5%87-%E0%A4%AE%E0%A5%81%E0%A4%96%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%AE%E0%A4%82%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%B8%E0%A5%8C%E0%A4%97%E0%A4%BE%E0%A4%A4/article-1995"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-10/gehlot_prashan-sang-abhiyan.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>जयपुर</strong>। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने दीपावली की सौगात देते हुए प्रशासन शहरों के संग अभियान-2021 के दौरान 300 वर्गमीटर तक की कृषि भूमि से अकृषि के लिए प्रीमियम दरों में 75 प्रतिशत तक की छूट को मंजूरी देने का बड़ा निर्णय किया है। इसी अनुपात में शहरी जमाबंदी (लीज राशि) में भी कमी आएगी। जिससे कृषि भूमि पर बसे लोगों को अभूतपूर्व राहत मिलेगी और उनके लिए फ्री-होल्ड पट्टा लेना आसान होगा।  गहलोत के इस निर्णय से कृषि भूमि पर बसे लोगों में पट्टे लेने के प्रति रूझान बढ़ेगा और इसका लाभ उन्हें सुनियोजित विकास कार्यों एवं विभिन्न सुविधाओं के विकसित होने के रूप में मिलेगा।</p>
<p><br /> उल्लेखनीय है कि वर्तमान में राज्य के विभिन्न शहरों में भू-राजस्व अधिनियम की धारा 90-ए के अंतर्गत कृषि भूमि के अकृषि प्रयोजनार्थ अनुज्ञा व आवंटन नियम-2012 में 32 प्रकार की प्रीमियम की दरें निर्धारित हैं। जिनमें 300 वर्गमीटर तक के आकार के भूखंडों के पट्टों के लिए प्रीमियम की दरें 90 रूपए से लेकर 384 रूपए प्रति वर्ग मीटर तक निर्धारित थीं। इस कारण कृषि भूमि पर बसी कॉलोनियों के पट्टे लेने में कठिनाइयां आ रही थीं।<br /> <br />  गहलोत ने प्रशासन शहरों के संग अभियान के दौरान इनमें एकरूपता लाने एवं इनके सरलीकरण के निर्देश दिए थे। इसके दृष्टिगत नगरीय विकास एवं स्वायत्त शासन विभाग ने नगरीय निकायों की श्रेणियों (नगर पालिका, नगर परिषद एवं नगर निगम) के आधार पर तीन प्रकार की प्रीमियम दरों के निर्धारण का प्रस्ताव दिया, जिसे मुख्यमंत्री ने स्वीकृति प्रदान की है। मुख्यमंत्री के इस निर्णय के बाद 300 वर्गमीटर तक के भूखंडधारियों को पट्टों के लिए प्रीमियम में 75 प्रतिशत तक की कमी आएगी और उन्हें बड़ी राहत मिलेगी।</p>
<p><br /> प्रस्ताव में 300 वर्गमीटर तक की आवासीय कृषि भूमि से अकृषि प्रयोजन के लिए प्रीमियम की दर नगरपालिका क्षेत्र में 50 रूपए प्रति वर्गमीटर, नगर परिषद क्षेत्र में 75 रूपए प्रति वर्गमीटर तथा नगर निगम क्षेत्र में 100 रूपए प्रति वर्गमीटर निर्धारित की गई है। यह छूट उन्हीं कॉलोनियों पर लागू होगी जिनके ले-आउट प्लान का अनुमोदन 31 मार्च, 2019 तक हो चुका है। उनमें 300 वर्गमीटर तक के आवासीय भूखण्डों पर मात्र प्रीमियम राशि, एक मुश्त लीज राशि (प्रीमियम दर की चार गुना पर) एवं 500 रूपए भवन मानचित्र अनुमोदन शुल्क एकमुश्त लेकर फ्रीहोल्ड पट्टा दिया जाएगा।  <br /> इस दौरान 300 वर्गमीटर तक के इन भूखंडधारियों को अतिरिक्त छूट देते हुए आंतरिक एवं बाह्य विकास शुल्क, किसी भी प्रकार की शास्ति, अन्य कोई चार्ज एवं बेसिक सर्विसेज फॉर अरबन पूअर (बीएसयूपी) फंड के नाम से ली जाने वाली राशि भी नहीं ली जाएगी। साथ ही, आवासीय एवं वाणिज्यिक कॉर्नर के भूखण्डों में प्रीमियम दरों में 10 प्रतिशत की वृद्धि नहीं की जाएगी।</p>
<p><br /> <strong>जनोपयोगी सुविधाओं के विकास के लिए अलाभकारी : पंजीकृत चैरिटेबल संस्थाओं को शत-प्रतिशत छूट</strong><br /> इसके साथ ही राज्य सरकार द्वारा प्रदेश के नगरीय क्षेत्रों में जनोपयोगी सुविधाओं के विकास को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से सामाजिक एवं धार्मिक कार्याें में अग्रणी एवं अलाभकारी पंजीकृत चैरिटेबल संस्थाओं को कृषि से अकृषि प्रयोजनार्थ नियमन के लिए निर्धारित प्रीमियम दरों, भू-उपयोग परिवर्तन शुल्क एवं भवन निर्माण अनुज्ञा शुल्क में शत-प्रतिशत छूट दी गई है। मुख्यमंत्री ने प्रशासन शहरों के संग अभियान शिविरों में इस प्रावधान का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं, ताकि इन संस्थाओं के माध्यम से प्रदेश के नगरीय क्षेत्रों में जनोपयोगी सुविधाएं जैसे कि-चिकित्सा एवं शैक्षणिक सुविधाएं, वृद्धाश्रम, अनाथालय, नारी निकेतन, कुष्ठ आश्रम, धर्मशाला, दिव्यांगजन केन्द्र, नशामुक्ति केन्द्र, कन्या आश्रम, बाल गृह आदि के विकास को गति दी जा सके। इसके अतिरिक्त सामाजिक सुरक्षा निवेश प्रोत्साहन योजना-2021 के तहत अलाभकारी संस्थाओं द्वारा क्रय की गई अथवा लीज पर ली गई अचल संपत्ति के दस्तावेजों पर पंजीयन शुल्क एवं स्टाम्प ड्यूटी में भी शत-प्रतिशत छूट देय है। इससे सामाजिक सुरक्षा क्षेत्र में निवेश करने वाली संस्थाओं को बढ़ावा मिलेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%B6%E0%A4%BE%E0%A4%B8%E0%A4%A8-%E0%A4%B6%E0%A4%B9%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%B8%E0%A4%82%E0%A4%97-%E0%A4%85%E0%A4%AD%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%A8-2021--%E0%A4%A6%E0%A5%80%E0%A4%AA%E0%A4%BE%E0%A4%B5%E0%A4%B2%E0%A5%80-%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%AA%E0%A4%B9%E0%A4%B2%E0%A5%87-%E0%A4%AE%E0%A5%81%E0%A4%96%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%AE%E0%A4%82%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%B8%E0%A5%8C%E0%A4%97%E0%A4%BE%E0%A4%A4/article-1995</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%B6%E0%A4%BE%E0%A4%B8%E0%A4%A8-%E0%A4%B6%E0%A4%B9%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%B8%E0%A4%82%E0%A4%97-%E0%A4%85%E0%A4%AD%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%A8-2021--%E0%A4%A6%E0%A5%80%E0%A4%AA%E0%A4%BE%E0%A4%B5%E0%A4%B2%E0%A5%80-%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%AA%E0%A4%B9%E0%A4%B2%E0%A5%87-%E0%A4%AE%E0%A5%81%E0%A4%96%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%AE%E0%A4%82%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%B8%E0%A5%8C%E0%A4%97%E0%A4%BE%E0%A4%A4/article-1995</guid>
                <pubDate>Fri, 29 Oct 2021 15:45:10 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2021-10/gehlot_prashan-sang-abhiyan.jpg"                         length="225152"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        