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                <title>Constitution Amendment - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>Constitution Amendment RSS Feed</description>
                
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                <title>कांग्रेस का केंद्र पर हमला: महिला आरक्षण के नाम पर बहा रहे हैं घड़ियाली आंसू, सुप्रिया श्रीनेत ने कहा-सरकार महिलाओं को आरक्षण देना ही नहीं चाहती</title>
                                    <description><![CDATA[कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने केंद्र पर महिला आरक्षण रोकने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि परिसीमन का 'षड्यंत्र' विफल होने पर सरकार घड़ियाली आंसू बहा रही है। कांग्रेस ने मांग की कि मौजूदा 543 सीटों पर ही 33% आरक्षण तुरंत लागू किया जाए, ताकि महिलाओं को उनका वास्तविक संवैधानिक अधिकार मिल सके।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/congress-attacks-the-centre-crocodile-tears-are-being-shed-in/article-151002"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/supriya.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। कांग्रेस ने कहा है कि केंद्र सरकार हमेशा महिलाओं को आरक्षण देने के खिलाफ रही है और यही वजह है कि इस बार उसने महिला आरक्षण की आड़ में परिसीमन लाने का षड्यंत्र किया, जिसके कारण संसद में पेश संविधान संशोधन विधेयक गिर गया और केंद्र को मुंह की खानी पड़ी। पार्टी ने कहा कि केंद्र शुरू से ही महिलाओं को आरक्षण नहीं देना चाहती है। यह हमेशा महिला आरक्षण के विरुद्ध रही है और यही कारण था कि पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी 1990 में महिलाओं को आरक्षण देने के लिए संविधान संशोधन विधेयक लेकर आए थे, तो केंद्र ने इसका विरोध किया था, जिसके कारण वह विधेयक संसद में पारित नहीं हो सका था।</p>
<p>कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने रविवार को यहां पार्टी मुख्यालय पर संवाददाता सम्मेलन में कहा कि केंद्र सरकार डरी हुई हैं, इसलिए उन्होंने राष्ट्र के नाम शनिवार को 29 मिनट के संबोधन में 58 बार, यानी लगभग हर 30 सेकंड में कांग्रेस का नाम लिया। इससे साफ है कि महिला आरक्षण की आड़ में केंद्र परिसीमन के अपने कथित षड्यंत्र के विफल होने के कारण देश के नाम संबोधन के दौरान घड़ियाली आंसू बहा रहे थे।</p>
<p>उन्होंने कहा कि संविधान संशोधन विधेयक गिरने पर दुखी होने की बजाय 543 लोकसभा सीटों के आधार पर महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था करनी चाहिए और कांग्रेस इस व्यवस्था का पूरी तरह समर्थन करेगी। उनका कहना था कि मौजूदा 543 सीटों में से 181 सीटें महिलाओं को दे दीजिए और इसमें रोड़ा मत बनिए। कांग्रेस प्रवक्ता ने केंद्र पर महिलाओं के प्रति असंवेदनशील रवैया अपनाने का आरोप लगाया और कहा कि देश में जहां भी महिलाओं के साथ अत्याचार होता है, वहां केंद्र सरकार कुछ नहीं बोलती। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार कांग्रेस की शीर्ष नेता सोनिया गांधी के लिए 'कांग्रेस की विधवा' जैसे शब्दों का इस्तेमाल कर महिलाओं का अपमान किया है। उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण की बात करने वाली केंद्र सरकार को यह याद रखना चाहिए कि जब राजीव गांधी के शासनकाल में महिला आरक्षण विधेयक लाया गया था, तब उन्होंने ने इसके खिलाफ मतदान किया था।</p>
<p>कांग्रेस ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार के शासन में महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामलों में बढ़ोतरी हुई है। पार्टी के अनुसार, ऐसे मामलों की संख्या 4 लाख से अधिक हो गई है और दुष्कर्म के मामले भी लगातार बढ़ रहे हैं। कांग्रेस ने यह भी कहा कि केंद्र सरकार के 1600 से अधिक विधायकों में केवल 167 महिलाएं हैं। देश के कई राज्यों में केंद्र की सरकार होने के बावजूद केवल एक राज्य में ही महिला मुख्यमंत्री है। पार्टी का कहना है कि इससे स्पष्ट है कि केंद्र सरकार महिलाओं के प्रति संवेदनशील नहीं है और यही कारण है कि उसे संविधान संशोधन विधेयक पारित कराने में संसद में असफलता का सामना करना पड़ा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 19 Apr 2026 18:10:22 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>‘महिला आरक्षण’ को लेकर संसद में टकराव संभव : विशेष सत्र में सरकार-विपक्ष होंगे आमने-सामने, महिला आरक्षण के विरोध में नहीं हैं, लेकिन इसे परिसीमन से जोड़ना गलत </title>
                                    <description><![CDATA[संसद के विशेष सत्र में महिला आरक्षण और सीटों की संख्या बढ़ाकर 815 करने वाले विधेयकों पर घमासान तय है। मोदी सरकार जहाँ इसे ऐतिहासिक कदम बता रही है, वहीं विपक्ष और दक्षिण भारतीय राज्य परिसीमन के प्रभाव को लेकर चिंतित हैं। किरेन रिजिजू ने आश्वस्त किया है कि यह बदलाव संतुलित और आनुपातिक विकास सुनिश्चित करेगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/clash-possible-in-parliament-over-womens-reservation-government-opposition-will-face/article-150602"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/111200-x-600-px)11.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। संसद के 16 से 18 अप्रैल तक बुलाए गए विशेष सत्र में महिला आरक्षण को लेकर जोरदार सियासी टकराव देखने को मिल सकता है। मोदी सरकार जहां ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ के तहत 33% महिला आरक्षण लागू करने के लिए संविधान संशोधन विधेयक लाने की तैयारी में है, वहीं विपक्ष ने इसके कई प्रावधानों पर कड़ा विरोध जताया है। विपक्ष का कहना है कि वे महिला आरक्षण के विरोध में नहीं हैं, लेकिन इसे परिसीमन से जोड़ना गलत है।</p>
<p>विशेष सत्र में मोदी सरकार तीन विवादास्पद विधायी प्रस्तावों को पारित कराने की कोशिश कर रही है, जिनके लिए संविधान संशोधन आवश्यक है, इन विधेयकों का उद्देश्य लोकसभा की सीटों को बढ़ाकर 815 करना, महिलाओं के लिए आरक्षण लागू करना और इस विस्तार के दायरे में केंद्र शासित प्रदेशों को शामिल करना है। ये तीन विधेयक हैं, संविधान (131वां संशोधनद्ध विधेयक)परिसीमन विधेयक और केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक जिसे विपक्ष के रजामंदी के बिना संसद में पास करना मुमकिन नहीं है। कांग्रेस ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि विधेयक का उद्देश्य स्पष्ट नहीं है और इससे संसदीय लोकतंत्र को नुकसान हो सकता है। पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि सरकार की नीयत ठीक नहीं है। </p>
<p><strong>परिसीमन के मुद्दे पर कई गैर-बीजेपी मुख्यमंत्री खिलाफ</strong></p>
<p>वहीं, दक्षिण भारत के कई गैर-बीजेपी मुख्यमंत्रियों ने परिसीमन के मुद्दे पर केंद्र के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने चेतावनी दी कि यदि राज्य के हितों को नुकसान पहुंचा या उत्तरी राज्यों का राजनीतिक प्रभाव बढ़ाया गया, तो तमिलनाडु में व्यापक आंदोलन होगा। </p>
<p><strong>किसी राज्य के साथ नहीं होगा अन्याय: रिजिजू </strong></p>
<p>केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने लोकसभा सीटों के परिसीमन से दक्षिण के राज्यों को नुकसान होने की आशंका सिरे से खारिज कर दी। उन्होंने कहा कि संविधान संशोधन विधेयक के तहत लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाकर अधिकतम 850 किए जाने से दक्षिणी राज्यों को लाभ होगा, क्योंकि निर्वाचन क्षेत्रों की संख्या में आनुपातिक वृद्धि की जाएगी। संविधान संशोधन विधेयक पूरी तरह से संतुलित, सुविचारित है और प्रत्येक समुदाय, क्षेत्र और राज्य की आकांक्षाओं का ध्यान रखेगा। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 16 Apr 2026 11:13:36 +0530</pubDate>
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                <title>संसद की तीन दिवसीय बैठक से पहले इंडिया गठबंधन के नेताओं अहम बैठक, इन अहम मुद्दों पर सरकार को घेरने की रणनीति फाइनल</title>
                                    <description><![CDATA[संसद के विशेष सत्र से पहले मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर 'इंडिया' गठबंधन के नेताओं ने अहम बैठक की। विपक्ष ने महिला आरक्षण और सीटों के विस्तार (परिसीमन) को संघीय ढांचे के लिए 'खतरनाक' बताया। राहुल गांधी और शरद पवार समेत दिग्गज नेताओं ने लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए संयुक्त रणनीति तैयार की है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/before-the-three-day-meeting-of-parliament-the-leaders-of-india/article-150566"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/india1.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। सांसद और विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण तथा संसदीय सीटों के विस्तार के लिए संविधान संशोधन विधेयक पर चर्चा के लिए संसद की कल से शुरू हो रही तीन दिवसीय बैठक से पहले बुधवार को यहां विपक्षी दलों के इंडिया गठबंधन के नेताओं की बैठक हुई जिसमें संसद में सरकार को घेरने की रणनीति को लेकर विचार विमर्श किया गया। कांग्रेस अध्यक्ष तथा राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे के यहां स्थित आवास 10 राजाजी मार्ग पर हुई इस बैठक में इंडिया गठबंधन के घटक दलों के प्रमुख नेताओं ने हिस्सा लिया। बैठक में विपक्षी नेताओं ने महिला आरक्षण विधेयक और संसदीय सीटों के विस्तार को लेकर व्यापक विचार विमर्श किया।</p>
<p>बैठक को लेकर कांग्रेस महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने बताया "संसद के कल से हो रहे विशेष सत्र की रणनीति पर चर्चा करने के लिए, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के यहां स्थित आवास पर विपक्ष के वरिष्ठ नेताओं ने बैठक में भाग लिया। सरकार का परिसीमन कदम खतरनाक है और देश के लोकतांत्रिक ढांचे, विशेष रूप से राज्यों को केंद्र में उचित हिस्सेदारी देने वाले संघीय ढांचे पर इसके प्रभाव को लेकर गंभीर चिंताएं हैं।</p>
<p>हमने कल से शुरू हो रही बैठक के लिए एक संयुक्त विपक्षी रणनीति तैयार करने के वास्ते बैठक की।" इस बैठक में श्री खरगे के अलावा लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के शरद पवार, सुप्रिया सुले, शिवसेना उद्धव गुट के संजय राउत, द्रमुक के टी आर बालू, आरएसपी के एन के प्रेमचंद्रन,राजद के तेजस्वी यादव तथा कपिल सिब्बल सहित कई प्रमुख नेता मौजूद रहे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 15 Apr 2026 17:53:56 +0530</pubDate>
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