<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/settled/tag-7772" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title>settled - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/7772/rss</link>
                <description>settled RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>जामुनिया में बसा दुर्लभ पक्षियों का संसार...</title>
                                    <description><![CDATA[शहर से करीब 36 किमी दूर दीगोद रोड पर चंबल घड़ियाल नेशनल सेंचुरी में करीब दो किमी एरिया में बसा जामुनिया आईलैंड बेहद खूबसूरत है। यहां देसी-विदेसी पक्षियों का कलरव जामूनिया की खूबसूरती में चार चांद लगा देती है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/the-world-of-rare-birds-settled-in-jamuniya/article-14051"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-07/jamuniya-mei-basa-durlabh-pakshiyo-ka-sansar..kota.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा ।  शहर से करीब 36 किमी दूर दीगोद रोड पर चंबल घड़ियाल नेशनल सेंचुरी में करीब दो किमी एरिया में बसा जामुनिया आईलैंड बेहद खूबसूरत है। यहां देसी-विदेसी पक्षियों का कलरव जामूनिया की खूबसूरती में चार चांद लगा देती है। यह आईलैंड प्राकृतिक सौंदर्य का धनी है। बरसात में यहां का नजारा सैलानियों को अपनी ओर आकर्षित करता है। चंबल की वादियां, जंगल और स्थानीय-प्रवासी पक्षियों की मौजूदगी पर्यटकों को अपना दीवाना बना लेती है। मानसून के साथ ही यहां ओपन बिल स्टार्क पक्षियों की बस्ती आबाद होने लगी है। सुबह-शाम इनका कलरव मन मोह रहा है। ग्रामीण इन पक्षियों की उपस्थिति शुभ मानते है, क्योंकि इनका आना अच्छे मानसून के संकेत के रूप में देखा जाता है। मई से जुलाई तक इनका प्रजन्नकाल रहता है। वर्तमान में इनके घौंसलों में अंडे दिए हुए हैं। दो माह बाद बच्चे उड़ान भरना शुरू कर देते हैं। ओपन बिल स्टार्क को घोंघिल पक्षी के नाम से भी पहचाना जाता है, क्योंकि यह फसल को नुकसान पहुंचाने वाले घोंघा को खाकर किसानों को मदद पहुंचाते हैं। <br /><br />नेचर प्रमोटर ए.एच. जैदी बताते हैं, लंबी और आकर्षक चोंच वाले ये पक्षी बारिश के दिनों में अधिक नजर आते है। इनके साथ केटल ईग्रेट, लिटिल ईग्रेट, मिडन ईग्रेट, ग्रेट वाइट ईग्रेट व लिटिल कोरमोरेंट, वाइट आईबीज की भी बस्ती बसी है। ये पक्षी आकार में बड़े होते हैं। कीट, पतंगे के साथ सांप, कैछुए सहित अन्य जीव को भोजन बनाते हैं। फसलों को बिलकुल भी नुकसान नहीं पहुंचाते बल्कि कीट, पतंगें, घोंघिल, चूहों, सांपों से फसलों की रक्षा करते हैं।<br /><br /><strong>आकर्षण का केंद्र रहता है क्रोकोडाइल पाइंट</strong> <br />सर्दी में मगरमच्छ वन्यजीव प्रेमियों को आकर्षित करते हैं। धूप सेकने के लिए व चंबल के मध्य इस दीप पर जमा हो जाते हैं। इन्हें देखने के लिए दूर दराज से लोग आते हैं। स्थानीय कन्हैयालाल का मानना है कि जिस तरह से यह द्वीप पर्यटकों को आकर्षित कर रहा है, इसे पर्यटन स्थल घोषित किया जाना चाहिए। भरतपुर पक्षी विहार के बाद सबसे ज्यादा ओपन बिल स्टॉर्क के आशियाने हमारे जामुनिया द्वीप पर हैं।<br /><br /><strong>नदियों के पास पेड़ों पर डालते हैं डेरा</strong> <br />जैदी के मुताबिक, ओपन बिल स्ट्रोक का प्रजनन काल मई से शुरू होता है जो जुलाई तक रहता है। इस दौरान यह समूह में पेड़ों में घोंसले बनाकर रहते हैं। प्रजनन के लिए यह पक्षी उन स्थानों की तलाश करते हैं, जहां पानी और पर्याप्त आहार मौजूद हो। कोटा में यह पक्षी चंबल नदी पर बने जामूनिया टापू व आस-पास के गांवों में जहां पेड़ों की संख्या अधिक हो, ऐसी जगहों पर देखे जाते हैं। ये पक्षी आहार में खेतों में कीड़ों को खाते हैं, इससे जमीन की गुणवत्ता बढ़ जाती है और फसल अच्छी होती है। इसलिए इन पक्षियों को किसानों के मित्र के रूप में भी देखा जाता है। <br /><br /><strong>किसान मित्र कहलाते हैं ईग्रेट पक्षी</strong> <br />जामूनिया आईलैंड में केटल ईग्रेट, लिटिल ईग्रेट, मिडन ईग्रेट, ग्रेट वाइट ईग्रेट, वाइट आईबीज व ईग्रेट प्रजाति के अन्य पक्षियों की भी बस्ती बसी हुई है। ये पक्षी किसान मित्र कहलाते हैं। फसलों को नुकसान पहुंचाने वाले कीट, पतंगें, चूहें, सांप, टिडडी, छिपकली सहित अन्य जीव को अपना भोजन बनाकर अन्नदाता की मेहनत को महफूज रखते हैं। खेतों में इनकी मौजूदगी देख किसानों के चेहरों पर खुशी झलकी है। स्थानीय किसान ग्यारसी लाल कहते हैं, ये पक्षी फसलों की रखवाली करते हैं, इनके होने से हम कई तरह की चिंताओं से मुक्त रहते हैं। <br /><br /><strong>इसलिए कहते हैं ओपन बिल स्टोर्क</strong><br />पक्षी प्रेमी हरफूल शर्मा ने बताया कि चोंच बीच से खुली होने के कारण ही इसे ओपन बिल भी कहा जाता है। पक्षी का रंग सलेटी सफेद होता है तथा इसकी पूंछ चमकीले काले रंग की होती है।  पक्षी आमतौर पर जोड़े या छोटे समूह में रहते हैं। पक्षी भारत में काफी संख्या में पाए जाते हैं। जैदी के अनुसार जामुनिया दीप में वर्ष 2015 में इन पक्षियों की यहां पर संख्या करीब 600 थी, लेकिन कोटा बैराज के सभी गेट खुलने के कारण घौसलें उजड़ गए। वर्ष 2016 में 150 के करीब रह गई। अगले वर्ष 2017 में 200 के करीब, 2018 में 250 वर्ष 2019 में संख्या 400 हो गई थी। वर्तमान में इनकी संख्या करीब 500 है।  <br /><br /><strong>मादा पक्षी को करते हैं आकर्षित</strong><br />ओपन बिल स्टोर्क मादा पक्षी को आकर्षित करने के लिए नर पक्षी मादा पक्षी को घोंसला बनाने की जगह व घोंसला बनाने की क्षमता प्रदर्शित करता है। जब यह पक्षी घोंसला बनाते हैं तो नर पक्षी घोंसले के लिए जरूरी सामान एकत्रित करता हैं। इन पक्षियों के घोंसले पानी के बीच में उगे पेड़ अथवा जलाशयों के आसपास उगे पेड़ों में होते हैं। यह पक्षी एक पेड़ पर कई घोंसले बनाते हैं।<br /><br /><strong>इन देशों में पाए जाते हैं ये पक्षी</strong><br />शर्मा के मुताबिक ओपन बिल स्ट्रोक का वैज्ञानिक नाम एनास्टोमस ओसिटेंस है। ये पक्षी बांग्लादेश, कंबोड़िया, चीन, आलोस, मलेशिया, म्यांमार, नेपाल, पाकिस्तान, श्रीलंका, थाईलेंड और वियतनाम में बहुतायात में पाए जाते हैं। इनकी 20 प्रजातियां भी पाई जाती है। ये बारिश के कुछ दिनों पूर्व पहुंचते हैं, इसलिए किसान इन्हें बारिश का सूचक मानते हैं।<br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/the-world-of-rare-birds-settled-in-jamuniya/article-14051</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/the-world-of-rare-birds-settled-in-jamuniya/article-14051</guid>
                <pubDate>Mon, 11 Jul 2022 16:34:39 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-07/jamuniya-mei-basa-durlabh-pakshiyo-ka-sansar..kota.jpg"                         length="193277"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>म्यूजियम में बसा जापान, अरब, स्वीडन सहित अन्य देशों की गुड़ियाओं का संसार</title>
                                    <description><![CDATA[एक साल से अधिक समय गुजरा, म्यूजियम अभी तक बंद, ताले में कैद 600 से अधिक ‘गुड़िया’]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/61bc3e1854b86/article-3291"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-12/doll-museum-photo.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। त्रिमूर्ति सर्किल स्थित राजकीय सेठ आनन्दीलाल पोद्दार बधिक उ.मा.विद्यालय परिसर स्थित डॉल म्यूजियम में जापान, अरब, स्वीडन, स्विट्जरलैंड, अफगानिस्तान, ईरान, अमेरिका, ब्रिटेन सहित अन्य देशों से लाई गई डॉल्स हैं। इनके जरिए विजिटर्स को हमारे देश के अलग-अलग राज्यों सहित अन्य देशों की सांस्कृतिक झलक भी देखने को मिलती है, लेकिन ये सभी डॉल्स करीब एक साल से ताले में बंद हैं। कोरोना काल में स्कूल के साथ ही ऐहतियात के तौर पर इसे भी बंद किया था, परंतु अभी तक इसे पुन: पर्यटकों के अवलोकनार्थ नहीं खोला गया है। इसके पीछे एक कारण फॉल सीलिंग गिरना भी बताया जा रहा है। स्कूल प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार बारिश के मौसम में म्यूजियम की छत की फॉल सीलिंग गिर गई थी। यहां 650 से अधिक डॉल्स हैं। इसके अतिरिक्त इसमें स्पाइडर मैन, डॉर्थ मॉल, बैटमैन, हल्क, हान, सोलो जैसी गुड़िया भी हैं। वहीं इसमें जापान की मशहूर गुड़िया हिना मास्तुराई डॉल भी है।<br /> <br /> बरसात के समय डॉल म्यूजियम की छत की फॉल सीलिंग गिर गई थी, ऐहतियातन इसे बंद कर दिया था। दो-तीन दिन में पर्यटकों के लिए फिर से खोल दिया जाएगा।<br /> -<strong>भरत जोशी, प्रिंसिपल, राजकीय सेठ आनन्दी लाल पोद्दार बधिर उ.मा.विद्यालय</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/61bc3e1854b86/article-3291</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/61bc3e1854b86/article-3291</guid>
                <pubDate>Fri, 17 Dec 2021 14:03:25 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2021-12/doll-museum-photo.jpg"                         length="166200"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>गहलोत मंत्रिमंडल की बैठक में महत्वपूर्ण नीतिगत निर्णय : संविदा कर्मियों के लिए बनेंगे अलग से सेवा नियम, करीब 80 हजार को होगा फायदा,  चारागाह भूमि पर बसी सघन आबादी के नियमितिकरण के लिए नीति</title>
                                    <description><![CDATA[जिलों में भी चलेगा तीसरी वर्षगांठ का जश्न]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/-draft--add-yo%E0%A4%97%E0%A4%B9%E0%A4%B2%E0%A5%8B%E0%A4%A4-%E0%A4%AE%E0%A4%82%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%BF%E0%A4%AE%E0%A4%82%E0%A4%A1%E0%A4%B2-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%AC%E0%A5%88%E0%A4%A0%E0%A4%95-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%AE%E0%A4%B9%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B5%E0%A4%AA%E0%A5%82%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%A3-%E0%A4%A8%E0%A5%80%E0%A4%A4%E0%A4%BF%E0%A4%97%E0%A4%A4-%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%A3%E0%A4%AF---%E0%A4%B8%E0%A4%82%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%A6%E0%A4%BE-%E0%A4%95%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%AE%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%B2%E0%A4%BF%E0%A4%8F-%E0%A4%AC%E0%A4%A8%E0%A5%87%E0%A4%82%E0%A4%97%E0%A5%87-%E0%A4%85%E0%A4%B2%E0%A4%97-%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%B8%E0%A5%87%E0%A4%B5%E0%A4%BE-%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%AE--%E0%A4%95%E0%A4%B0%E0%A5%80%E0%A4%AC-80-%E0%A4%B9%E0%A4%9C%E0%A4%BE%E0%A4%B0-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%B9%E0%A5%8B%E0%A4%97%E0%A4%BE-%E0%A4%AB%E0%A4%BE%E0%A4%AF%E0%A4%A6%E0%A4%BE---%E0%A4%9A%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%97%E0%A4%BE%E0%A4%B9-%E0%A4%AD%E0%A5%82%E0%A4%AE%E0%A4%BF-%E0%A4%AA%E0%A4%B0-%E0%A4%AC%E0%A4%B8%E0%A5%80-%E0%A4%B8%E0%A4%98%E0%A4%A8-%E0%A4%86%E0%A4%AC%E0%A4%BE%E0%A4%A6%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%AE%E0%A4%BF%E0%A4%A4%E0%A4%BF%E0%A4%95%E0%A4%B0%E0%A4%A3-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%B2%E0%A4%BF%E0%A4%8F-%E0%A4%A8%E0%A5%80%E0%A4%A4%E0%A4%BFur-title/article-3239"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-12/pratap.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की अध्यक्षता में बुधवार को मुख्यमंत्री निवास पर राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में संविदा नियुक्ति के लिए नियम बनाने, चरागाह भूमि पर बसी सघन आबादी के नियमितिकरण के लिए नीति के प्रारूप के अनुमोदन सहित कई अन्य महत्वपूर्ण नीतिगत निर्णय किए गए।</p>
<p><strong>संविदा कर्मियों के लिए बनेंगे अलग से सेवा नियम</strong><br />मंत्रिमंडल ने राज्य एवं केन्द्र सरकार की विभिन्न योजनाओं, परियोजनाओं एवं कार्यक्रमों की क्रियान्विति के उद्देश्य से एक निश्चित अवधि के लिए रखे जाने वाले कार्मिकों की संविदा नियुक्ति के लिए ‘राजस्थान कॉन्ट्रेक्चुअल अपॉइंटमेंट टू सिविल पोस्ट्स रूल्स-2021‘ बनाये जाने का अनुमोदन किया है। केबिनेट के इस निर्णय से मैनपावर की आवश्यकता की पूर्ति के लिए ऐसे कार्मिकों को संविदा पर नियुक्त करने के नियम बनाये जाने का मार्ग प्रशस्त होगा। इसका करीब 80 हजार कर्मियों को फायदा मिलेगा।</p>
<p> मुख्यमंत्री अशोक गहलोत मंत्रिमंडल ने संविदा कर्मियों के लिए अलग से सेवा नियम बनाने का फैसला किया है। इसके बाद संविदाकर्मियों के नियमितीकरण की दिशा में सरकार आगे निर्णय कर सकेगी और उन्हें सरकारी कर्मचारियों की तरह बेनिफिट मिल सकेगा। मंत्री बी डी कल्ला की अध्यक्षता में संविदा कर्मियों को लेकर कमेटी की रिपोर्ट पर चर्चा के बाद यह फैसला लिया गया।</p>
<p><strong>जिलों में भी चलेगा तीसरी वर्षगांठ का जश्न</strong><br />मंत्रीपरिषद की बैठक प्रताप सिंह खाचरियावास ने बैठक में हुए फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि तीसरी वर्षगांठ पर बिड़ला सभागार में राज्य स्तरीय प्रदर्शनी लगाई जाएगी। तीन दिन तक प्रदर्शनी में सरकार की उपलब्धि बताई जाएगी। जिला स्तर पर मंत्री जाकर विभिन्न कार्यक्रम करेंगे। सभी मंत्रियों ने जयपुर में कांग्रेस की सफल रैली पर माला पहना कर बधाई दी। बैठक में जल जीवन मिशन और स्वच्छता को लेकर चर्चा हुई। प्रदेश में सभी जगह सुलभ शौचालय बनेंगे, सभी मंत्री अपने विभागों का रिपोर्ट कार्ड रखेंगे। प्रशासन गांवों/शहरों के संग अभियान पर भी बैठक में चर्चा हुई। 20 व 21 दिसंबर को मंत्री प्रभार वाले जिलों में जाएंगे। जिला स्तर पर सरकार की उपलब्धियों की प्रदर्शनी लगेगी।</p>
<p><strong>चारागाह भूमि पर बसी सघन आबादी के नियमितिकरण के लिए नीति</strong><br />केबिनेट ने चारागाह भूमि पर बसी सघन आबादी के नियमितिकरण के लिए प्रस्तावित नीति के प्रारूप का अनुमोदन किया है। चारागाह भूमि का वर्गीकरण परिवर्तन व्यापक जनहित में ही अन्य राजकीय भूमि की अनुपलब्धता होने पर किया जाएगा। नीति के तहत चारागाह भूमि पर कम से कम 30 वर्ष से घर बनाकर रह रहे परिवारों में से प्रति परिवार अधिकतम 100 वर्गमीटर का पट्टा दिया जाएगा। आयकरदाता व्यक्ति को इसका लाभ नहीं दिया जाएगा। इस नीति से चारागाह भूमि पर बसे निर्धन परिवारों को पट्टा मिल सकेगा।</p>
<p><strong><br />राज्य में 1500 मेगावाट के सोलर पार्क की स्थापना का मार्ग प्रशस्त</strong><br />मंत्रिमंडल ने राज्य में 1500 मेगावाट क्षमता के सोलर पार्क की स्थापना के लिए राज्य सरकार तथा मैसर्स अदाणी रिन्यूबल एनर्जी पार्क राजस्थान लिमिटेड की हिस्सेदारी की ज्वॉइन्ट वेंचर कंपनी को जैसलमेर के भीमसर एवं माधोपुरा, सदरासर गांव में 1324.14 हैक्टेयर तथा बाटयाडू एवं नेडान गांव में 276.86 हैक्टेयर राजकीय भूमि सशर्त कीमतन आवंटित करने की मंजूरी दी है। इसके अतिरिक्त करीब 30 मेगावाट विंड सोलर हाइब्रिड पावर प्रोजेक्ट की स्थापना के लिए केरालियां गांव में 64.38 हैक्टेयर राजकीय भूमि को लीज पर सशर्त कीमतन आवंटित करने की मंजूरी दी गई। इससे सौर ऊर्जा उत्पादन क्षमता में वृद्धि होगी और रोजगार के अवसर सृजित होंगे।</p>
<p><strong><br />इथेनॉल उत्पादन इकाइयों को मिलेगा रिप्स के तहत इंसेंटिव</strong><br />बैठक में प्रदेश में इथेनॉल उत्पादन इकाइयों की स्थापना को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से राजस्थान इथेनॉल प्रोडक्शन प्रमोशन पॉलिसी-2021 को मंजूरी दी गई। यह नीति स्थाई एवं वैकल्पिक ईंधन के रूप में इथेनॉल के उत्पादन को बढावा देगी। इस नीति के तहत लगने वाली इथेनॉल उत्पादन इकाइयों को रिप्स-2019 के प्रावधानों के तहत इंसेंटिव देय होंगे। इससे राज्य के भूजल सुरक्षित क्षेत्रों (सेफ ब्लॉक्स) में इथेनॉल प्लांट नियमानुसार स्थापित हो सकेंगे, जिससे औद्योगिकीकरण को बढावा मिलेगा। साथ ही किसानों, उद्यमियों एवं कामगारों के लिए लाभ के अवसर उत्पन्न होंगे।</p>
<p><strong><br />एटीपी की सीधी भर्ती में बी. प्लानिंग एवं एम. प्लानिंग की अर्हता शामिल</strong><br />बैठक में राजस्थान नगर नियोजन सेवा नियम-1966 में संशोधन को मंजूरी दी गई। इससे सहायक नगर नियोजक की सीधी भर्ती के लिए आवश्यक अर्हता में बैचलर ऑफ प्लानिंग तथा मास्टर ऑफ प्लानिंग को सम्मिलित किया जा सकेगा। इस निर्णय से नगर नियोजन विभाग में टाउन प्लानिंग से संबंधित उच्च योग्यता, विशेषज्ञता एवं अनुभव रखने वाले अभ्यर्थी उपलब्ध हो सकेंगे। जिससे आमजन के नगर नियोजन संबंधी कार्यों को सुगमता से संपादित किया जा सकेगा।</p>
<p><strong><br />शौचालय रखरखाव के लिए आरटीपीपी एक्ट में जुड़ेगा सुलभ इंटरनेशनल </strong><br />मंत्रिमंडल ने राजस्थान लोक उपापन में पारदर्शिता अधिनियम-2012 तथा राजस्थान लोक उपापन में पारदर्शिता अधिनियम-2013 के तहत जारी अधिसूचना में सुलभ इंटरनेशनल सोशल सर्विस ऑर्गेनाइजेशन को जोडने का निर्णय किया है। इससे राज्य के सभी विभागों एवं विकास प्राधिकरणों, यूआईटी, नगर निगम, नगर परिषदों, नगर पालिकाओं आदि को शौचालय निर्माण, रखरखाव एवं संचालन का कार्य समयबद्ध एवं त्वरित रूप से किए जाने के लिए एक विकल्प उपलब्ध हो सकेगा।</p>
<p><br /><strong>राजस्थान फाइनेंशियल सर्विसेज डिलीवरी लि. का होगा गठन</strong><br />बैठक में राजस्थान फाइनेंशियल सर्विसेज डिलीवरी लिमिटेड का गठन करने की मंजूरी दी गई। इस संस्था के गठन से राजकीय विभागों तथा स्वायत्तशासी संस्थाओं को लोक उपापन, अनुबंध प्रबंधन, कराधान, सेवा नियमों आदि क्षेत्रों में आवश्यक विशेषज्ञता, परामर्श एवं सहयोग मिल सकेगा।</p>
<p><strong>जालूपुरा स्थित विधायक आवासों की भूमि का स्वामित्व सामान्य प्रशासन विभाग से जयपुर विकास प्राधिकरण को हस्तांतरित करने का अनुमोदन </strong><br />मंत्रिमंडल ने जालूपुरा स्थित विधायक आवासों की भूमि का स्वामित्व सामान्य प्रशासन विभाग से जयपुर विकास प्राधिकरण को हस्तांतरित करने का अनुमोदन किया है। इससे विधायकों के लिए विधायक नगर पश्चिम में बहुमंजिला आवासों के निर्माण में सुगमता होगी। केबिनेट ने राजकीय महाविद्यालय बीदासर का नामकरण ‘श्री सांवरलाल  सुशीला देवी सुथार राजकीय महाविद्यालय बीदासर‘ किए जाने को मंजूरी दी है। बैठक में भू-आवंटन नीति-2015 के प्रावधानों में शिथिलता प्रदान करते हुए भरतपुर की श्यामा प्रसाद मुखर्जी नगर योजना में मीणा छात्रावास के लिए 17 बिस्वा भूमि निःशुल्क आवंटित करने का अनुमोदन भी किया गया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/-draft--add-yo%E0%A4%97%E0%A4%B9%E0%A4%B2%E0%A5%8B%E0%A4%A4-%E0%A4%AE%E0%A4%82%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%BF%E0%A4%AE%E0%A4%82%E0%A4%A1%E0%A4%B2-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%AC%E0%A5%88%E0%A4%A0%E0%A4%95-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%AE%E0%A4%B9%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B5%E0%A4%AA%E0%A5%82%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%A3-%E0%A4%A8%E0%A5%80%E0%A4%A4%E0%A4%BF%E0%A4%97%E0%A4%A4-%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%A3%E0%A4%AF---%E0%A4%B8%E0%A4%82%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%A6%E0%A4%BE-%E0%A4%95%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%AE%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%B2%E0%A4%BF%E0%A4%8F-%E0%A4%AC%E0%A4%A8%E0%A5%87%E0%A4%82%E0%A4%97%E0%A5%87-%E0%A4%85%E0%A4%B2%E0%A4%97-%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%B8%E0%A5%87%E0%A4%B5%E0%A4%BE-%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%AE--%E0%A4%95%E0%A4%B0%E0%A5%80%E0%A4%AC-80-%E0%A4%B9%E0%A4%9C%E0%A4%BE%E0%A4%B0-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%B9%E0%A5%8B%E0%A4%97%E0%A4%BE-%E0%A4%AB%E0%A4%BE%E0%A4%AF%E0%A4%A6%E0%A4%BE---%E0%A4%9A%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%97%E0%A4%BE%E0%A4%B9-%E0%A4%AD%E0%A5%82%E0%A4%AE%E0%A4%BF-%E0%A4%AA%E0%A4%B0-%E0%A4%AC%E0%A4%B8%E0%A5%80-%E0%A4%B8%E0%A4%98%E0%A4%A8-%E0%A4%86%E0%A4%AC%E0%A4%BE%E0%A4%A6%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%AE%E0%A4%BF%E0%A4%A4%E0%A4%BF%E0%A4%95%E0%A4%B0%E0%A4%A3-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%B2%E0%A4%BF%E0%A4%8F-%E0%A4%A8%E0%A5%80%E0%A4%A4%E0%A4%BFur-title/article-3239</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/-draft--add-yo%E0%A4%97%E0%A4%B9%E0%A4%B2%E0%A5%8B%E0%A4%A4-%E0%A4%AE%E0%A4%82%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%BF%E0%A4%AE%E0%A4%82%E0%A4%A1%E0%A4%B2-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%AC%E0%A5%88%E0%A4%A0%E0%A4%95-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%AE%E0%A4%B9%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B5%E0%A4%AA%E0%A5%82%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%A3-%E0%A4%A8%E0%A5%80%E0%A4%A4%E0%A4%BF%E0%A4%97%E0%A4%A4-%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%A3%E0%A4%AF---%E0%A4%B8%E0%A4%82%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%A6%E0%A4%BE-%E0%A4%95%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%AE%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%B2%E0%A4%BF%E0%A4%8F-%E0%A4%AC%E0%A4%A8%E0%A5%87%E0%A4%82%E0%A4%97%E0%A5%87-%E0%A4%85%E0%A4%B2%E0%A4%97-%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%B8%E0%A5%87%E0%A4%B5%E0%A4%BE-%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%AE--%E0%A4%95%E0%A4%B0%E0%A5%80%E0%A4%AC-80-%E0%A4%B9%E0%A4%9C%E0%A4%BE%E0%A4%B0-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%B9%E0%A5%8B%E0%A4%97%E0%A4%BE-%E0%A4%AB%E0%A4%BE%E0%A4%AF%E0%A4%A6%E0%A4%BE---%E0%A4%9A%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%97%E0%A4%BE%E0%A4%B9-%E0%A4%AD%E0%A5%82%E0%A4%AE%E0%A4%BF-%E0%A4%AA%E0%A4%B0-%E0%A4%AC%E0%A4%B8%E0%A5%80-%E0%A4%B8%E0%A4%98%E0%A4%A8-%E0%A4%86%E0%A4%AC%E0%A4%BE%E0%A4%A6%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%AE%E0%A4%BF%E0%A4%A4%E0%A4%BF%E0%A4%95%E0%A4%B0%E0%A4%A3-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%B2%E0%A4%BF%E0%A4%8F-%E0%A4%A8%E0%A5%80%E0%A4%A4%E0%A4%BFur-title/article-3239</guid>
                <pubDate>Wed, 15 Dec 2021 16:35:26 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2021-12/pratap.jpg"                         length="95871"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>प्रशासन शहरों के संग अभियान-2021: दीपावली से पहले मुख्यमंत्री की सौगात</title>
                                    <description><![CDATA[अभियान अवधि में कृषि से अकृषि प्रयोजनार्थ भूखंडधारियों को पट्टे की दरों में 75 प्रतिशत तक छूट : कृषि भूमि पर बसे 300 वर्गमीटर तक के भूखंडधारियों के लिए पट्टे की राह हुई आसान]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%B6%E0%A4%BE%E0%A4%B8%E0%A4%A8-%E0%A4%B6%E0%A4%B9%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%B8%E0%A4%82%E0%A4%97-%E0%A4%85%E0%A4%AD%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%A8-2021--%E0%A4%A6%E0%A5%80%E0%A4%AA%E0%A4%BE%E0%A4%B5%E0%A4%B2%E0%A5%80-%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%AA%E0%A4%B9%E0%A4%B2%E0%A5%87-%E0%A4%AE%E0%A5%81%E0%A4%96%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%AE%E0%A4%82%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%B8%E0%A5%8C%E0%A4%97%E0%A4%BE%E0%A4%A4/article-1995"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-10/gehlot_prashan-sang-abhiyan.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>जयपुर</strong>। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने दीपावली की सौगात देते हुए प्रशासन शहरों के संग अभियान-2021 के दौरान 300 वर्गमीटर तक की कृषि भूमि से अकृषि के लिए प्रीमियम दरों में 75 प्रतिशत तक की छूट को मंजूरी देने का बड़ा निर्णय किया है। इसी अनुपात में शहरी जमाबंदी (लीज राशि) में भी कमी आएगी। जिससे कृषि भूमि पर बसे लोगों को अभूतपूर्व राहत मिलेगी और उनके लिए फ्री-होल्ड पट्टा लेना आसान होगा।  गहलोत के इस निर्णय से कृषि भूमि पर बसे लोगों में पट्टे लेने के प्रति रूझान बढ़ेगा और इसका लाभ उन्हें सुनियोजित विकास कार्यों एवं विभिन्न सुविधाओं के विकसित होने के रूप में मिलेगा।</p>
<p><br /> उल्लेखनीय है कि वर्तमान में राज्य के विभिन्न शहरों में भू-राजस्व अधिनियम की धारा 90-ए के अंतर्गत कृषि भूमि के अकृषि प्रयोजनार्थ अनुज्ञा व आवंटन नियम-2012 में 32 प्रकार की प्रीमियम की दरें निर्धारित हैं। जिनमें 300 वर्गमीटर तक के आकार के भूखंडों के पट्टों के लिए प्रीमियम की दरें 90 रूपए से लेकर 384 रूपए प्रति वर्ग मीटर तक निर्धारित थीं। इस कारण कृषि भूमि पर बसी कॉलोनियों के पट्टे लेने में कठिनाइयां आ रही थीं।<br /> <br />  गहलोत ने प्रशासन शहरों के संग अभियान के दौरान इनमें एकरूपता लाने एवं इनके सरलीकरण के निर्देश दिए थे। इसके दृष्टिगत नगरीय विकास एवं स्वायत्त शासन विभाग ने नगरीय निकायों की श्रेणियों (नगर पालिका, नगर परिषद एवं नगर निगम) के आधार पर तीन प्रकार की प्रीमियम दरों के निर्धारण का प्रस्ताव दिया, जिसे मुख्यमंत्री ने स्वीकृति प्रदान की है। मुख्यमंत्री के इस निर्णय के बाद 300 वर्गमीटर तक के भूखंडधारियों को पट्टों के लिए प्रीमियम में 75 प्रतिशत तक की कमी आएगी और उन्हें बड़ी राहत मिलेगी।</p>
<p><br /> प्रस्ताव में 300 वर्गमीटर तक की आवासीय कृषि भूमि से अकृषि प्रयोजन के लिए प्रीमियम की दर नगरपालिका क्षेत्र में 50 रूपए प्रति वर्गमीटर, नगर परिषद क्षेत्र में 75 रूपए प्रति वर्गमीटर तथा नगर निगम क्षेत्र में 100 रूपए प्रति वर्गमीटर निर्धारित की गई है। यह छूट उन्हीं कॉलोनियों पर लागू होगी जिनके ले-आउट प्लान का अनुमोदन 31 मार्च, 2019 तक हो चुका है। उनमें 300 वर्गमीटर तक के आवासीय भूखण्डों पर मात्र प्रीमियम राशि, एक मुश्त लीज राशि (प्रीमियम दर की चार गुना पर) एवं 500 रूपए भवन मानचित्र अनुमोदन शुल्क एकमुश्त लेकर फ्रीहोल्ड पट्टा दिया जाएगा।  <br /> इस दौरान 300 वर्गमीटर तक के इन भूखंडधारियों को अतिरिक्त छूट देते हुए आंतरिक एवं बाह्य विकास शुल्क, किसी भी प्रकार की शास्ति, अन्य कोई चार्ज एवं बेसिक सर्विसेज फॉर अरबन पूअर (बीएसयूपी) फंड के नाम से ली जाने वाली राशि भी नहीं ली जाएगी। साथ ही, आवासीय एवं वाणिज्यिक कॉर्नर के भूखण्डों में प्रीमियम दरों में 10 प्रतिशत की वृद्धि नहीं की जाएगी।</p>
<p><br /> <strong>जनोपयोगी सुविधाओं के विकास के लिए अलाभकारी : पंजीकृत चैरिटेबल संस्थाओं को शत-प्रतिशत छूट</strong><br /> इसके साथ ही राज्य सरकार द्वारा प्रदेश के नगरीय क्षेत्रों में जनोपयोगी सुविधाओं के विकास को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से सामाजिक एवं धार्मिक कार्याें में अग्रणी एवं अलाभकारी पंजीकृत चैरिटेबल संस्थाओं को कृषि से अकृषि प्रयोजनार्थ नियमन के लिए निर्धारित प्रीमियम दरों, भू-उपयोग परिवर्तन शुल्क एवं भवन निर्माण अनुज्ञा शुल्क में शत-प्रतिशत छूट दी गई है। मुख्यमंत्री ने प्रशासन शहरों के संग अभियान शिविरों में इस प्रावधान का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं, ताकि इन संस्थाओं के माध्यम से प्रदेश के नगरीय क्षेत्रों में जनोपयोगी सुविधाएं जैसे कि-चिकित्सा एवं शैक्षणिक सुविधाएं, वृद्धाश्रम, अनाथालय, नारी निकेतन, कुष्ठ आश्रम, धर्मशाला, दिव्यांगजन केन्द्र, नशामुक्ति केन्द्र, कन्या आश्रम, बाल गृह आदि के विकास को गति दी जा सके। इसके अतिरिक्त सामाजिक सुरक्षा निवेश प्रोत्साहन योजना-2021 के तहत अलाभकारी संस्थाओं द्वारा क्रय की गई अथवा लीज पर ली गई अचल संपत्ति के दस्तावेजों पर पंजीयन शुल्क एवं स्टाम्प ड्यूटी में भी शत-प्रतिशत छूट देय है। इससे सामाजिक सुरक्षा क्षेत्र में निवेश करने वाली संस्थाओं को बढ़ावा मिलेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%B6%E0%A4%BE%E0%A4%B8%E0%A4%A8-%E0%A4%B6%E0%A4%B9%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%B8%E0%A4%82%E0%A4%97-%E0%A4%85%E0%A4%AD%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%A8-2021--%E0%A4%A6%E0%A5%80%E0%A4%AA%E0%A4%BE%E0%A4%B5%E0%A4%B2%E0%A5%80-%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%AA%E0%A4%B9%E0%A4%B2%E0%A5%87-%E0%A4%AE%E0%A5%81%E0%A4%96%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%AE%E0%A4%82%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%B8%E0%A5%8C%E0%A4%97%E0%A4%BE%E0%A4%A4/article-1995</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%B6%E0%A4%BE%E0%A4%B8%E0%A4%A8-%E0%A4%B6%E0%A4%B9%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%B8%E0%A4%82%E0%A4%97-%E0%A4%85%E0%A4%AD%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%A8-2021--%E0%A4%A6%E0%A5%80%E0%A4%AA%E0%A4%BE%E0%A4%B5%E0%A4%B2%E0%A5%80-%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%AA%E0%A4%B9%E0%A4%B2%E0%A5%87-%E0%A4%AE%E0%A5%81%E0%A4%96%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%AE%E0%A4%82%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%B8%E0%A5%8C%E0%A4%97%E0%A4%BE%E0%A4%A4/article-1995</guid>
                <pubDate>Fri, 29 Oct 2021 15:45:10 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2021-10/gehlot_prashan-sang-abhiyan.jpg"                         length="225152"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        