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                <title>Charge-sheet - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>लालकिला कार बम विस्फोट मामला: एनआईए ने 10 आरोपियों के खिलाफ दाखिल की 7500 पन्नों की चार्जशीट, 11 लोगों की हुई थी मौत </title>
                                    <description><![CDATA[NIA ने लाल किला कार बम विस्फोट मामले में 10 आतंकियों के खिलाफ चार्जशीट पेश की है। मुख्य साजिशकर्ता डॉ. उमर उन नबी (Assistant Professor) ने सहयोगियों के साथ मिलकर TATP विस्फोटक तैयार किया था। जांच में एके-47 की खरीद और ड्रोन हमलों की खतरनाक साजिश का भी खुलासा हुआ है, जिसका उद्देश्य देश की सुरक्षा को निशाना बनाना था।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/red-fort-car-bomb-blast-case-nia-files-7500-page-charge/article-153810"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/nia.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने लाल किला क्षेत्र में हुए कार बम विस्फोट मामले में 10 आरोपियों के खिलाफ 7500 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की है जिसमें 11 लोगों की मौत हो गयी थी और कई लोग घायल हुए थे। पिछले साल 10 नवंबर को राष्ट्रीय राजधानी में एक कार में लगे शक्तिशाली विस्फोटक उपकरण विस्फोट से इलाके में भारी तबाही हुई थी और आसपास की संपत्ति को भी व्यापक नुकसान पहुंचा था।</p>
<p>पटियाला हाउस कोर्ट स्थित एनआईए की विशेष अदालत में दाखिल चार्जशीट के अनुसार 10 आरोपियों में मुख्य साजिशकर्ता डॉ. उमर उन नबी भी शामिल है जिसकी विस्फोट के दौरान मौत हो गयी थी। वह आतंकी संगठन अंसार गजवत-उल-हिंद (अजीयूएच) से जुड़ा हुआ था। यह संगठन भारतीय उपमहाद्वीप में अल-कायदा (एक्यूआईएस) का एक सहयोगी गुट है। गृह मंत्रालय ने जून 2018 में एक्यूआईएस और उससे जुड़े सभी संगठनों को आतंकवादी संगठन घोषित किया था।</p>
<p>चार्जशीट गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम 1967, भारतीय न्याय संहिता 2023, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम 1908, शस्त्र अधिनियम 1959 और सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम 1984 की विभिन्न धाराओं के तहत दाखिल की गई है। मुख्य साजिशकर्ता पुलवामा निवासी डॉ. उमर उन नबी हरियाणा के फरीदाबाद स्थित अल-फलाह यूनिवर्सिटी में मेडिसिन विभाग में सहायक प्रोफेसर रह चुका था। उसकी मौत हो चुकी है और उसके खिलाफ कार्यवाही समाप्त करने का प्रस्ताव अदालत में रखा गया है। आरोपपत्र में आमिर राशिद मीर, जासिर बिलाल वानी, डॉ. मुजमिल शकील, डॉ. आदिल अहमद रादर, डॉ. शाहीन सईद, मुफ्ती इरफान अहमद वागे, सोयाब, डॉ. बिलाल नसीर मल्हा और यासिर अहमद डार को भी आरोपी बनाया गया है।</p>
<p>एनआईए के अनुसार जांच के दायरे में जम्मू-कश्मीर, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात और दिल्ली-एनसीआर के कई इलाके आये। एजेंसी ने 588 मौखिक गवाहियों, 395 से अधिक दस्तावेजों और 200 से ज्यादा जब्त सामग्री को साक्ष्य के रूप में चार्जशीट में शामिल किया है। लाल किला धमाके में इस्तेमाल ट्राइएसीटोन ट्राइपेरॉक्साइड (टीएटीपी) विस्फोटक आरोपियों ने खुद तैयार किया था। इसके लिए जरूरी रसायनों और उपकरणों को गुप्त तरीके से जुटाया गया और विस्फोटक मिश्रण को अधिक घातक बनाने के लिए कई प्रयोग किए गए।</p>
<p>एनआईए ने बताया कि आरोपियों ने एके-47 और क्रिंकोव राइफल समेत प्रतिबंधित हथियारों की अवैध खरीद भी की थी। इसके अलावा वे ड्रोन और रॉकेट आधारित आईईडी विकसित कर जम्मू-कश्मीर तथा देश के अन्य हिस्सों में सुरक्षा प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने की योजना पर काम कर रहे थे। एजेंसी ने डीएनए फिंगरप्रिंटिंग, फोरेंसिक जांच और वॉयस एनालिसिस के जरिए पूरे आतंकी नेटवर्क का खुलासा किया। जांच के दौरान अल-फलाह यूनिवर्सिटी, फरीदाबाद और जम्मू-कश्मीर के विभिन्न ठिकानों से अहम सबूत जुटाए गए। एनआईए ने कहा कि इस मामले में अब तक 11 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि फरार आरोपियों की तलाश और जांच अभी जारी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 14 May 2026 18:35:24 +0530</pubDate>
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                <title>नमाज विवाद मामला: प्रोफेसर दिलीप झा को हाईकोर्ट से झटका, जमानत याचिका खारिज</title>
                                    <description><![CDATA[बिलासपुर हाईकोर्ट ने गुरु घासीदास यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर दिलीप झा को राहत देने से इनकार कर दिया है। नमाज विवाद में दर्ज एफआईआर और चार्जशीट रद्द करने की उनकी याचिका खारिज हो गई। अदालत ने स्पष्ट किया कि आरोप पत्र दाखिल होने के बाद हस्तक्षेप नहीं किया जा सकता। प्रोफेसर पर धार्मिक दबाव डालने का आरोप है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/namaz-controversy-case-professor-dilip-jha-gets-a-shock-from/article-150760"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/namaz.png" alt=""></a><br /><p>बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में गुरु घासीदास सेंट्रल यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर दिलीप झा को नमाज विवाद मामले में उच्च न्यायालय से राहत नहीं मिली है। मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति रवींद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने उनकी याचिका को खारिज कर दिया,जिसकी जानकारी आज दी गयी। अदालत ने साफ कहा कि मामले में आरोप पत्र पहले ही दाखिल हो चुका है, इसलिए इस स्तर पर हस्तक्षेप संभव नहीं है।</p>
<p>प्रोफेसर झा ने अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर और चार्जशीट को रद्द करने की मांग की थी, जिसे अदालत ने स्वीकार नहीं किया। दरअसल, पूरा मामला मार्च 2025 में कोटा क्षेत्र के शिवतराई में आयोजित एनएसएस के सात दिवसीय शिविर से जुड़ा है। 26 मार्च से 1 अप्रैल तक चले इस शिविर के दौरान 30 मार्च को ईद के दिन चार मुस्लिम छात्रों को मंच पर नमाज पढ़ने के लिए बुलाने और अन्य छात्रों पर भी इसमें शामिल होने का दबाव बनाने का आरोप लगा था। विरोध करने वाले छात्रों को प्रमाण पत्र रद्द करने की धमकी देने की बात भी सामने आई थी।</p>
<p>इस मामले में प्रोफेसर दिलीप झा के साथ मधुलिका सिंह, सूर्यभान सिंह, डॉ. ज्योति वर्मा, प्रशांत वैष्णव, बसंत कुमार और डॉ. नीरज कुमारी पर भी आरोप लगाए गए हैं। घटना के बाद प्रभावित छात्रों ने कोनी थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। इसके साथ ही यूनिवर्सिटी के छात्रों ने इस मुद्दे को लेकर विरोध प्रदर्शन भी किया था। शिकायत के आधार पर कोटा पुलिस ने सभी आरोपित शिक्षकों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 17 Apr 2026 13:58:17 +0530</pubDate>
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