<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/kharif/tag-7796" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title>kharif - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/7796/rss</link>
                <description>kharif RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>असर खबर का - खरीफ फसलों में हुए नुकसान का सर्वे करने के निर्देश </title>
                                    <description><![CDATA[कलक्टर के निर्देश के बाद तीन विभागों की टीमें शुक्रवार को खेतों में जाकर नुकसान का सर्वे करने में जुट गई है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/impact-of-the-news---instructions-to-survey-the-damage-caused-to-kharif-crops/article-122366"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-08/1ne1ws-(1)4.png" alt=""></a><br /><p>कोटा । मानसून की लगातार बारिश ने किसानों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। खेत पानी से भरे हुए हैं। समय रहते पानी की निकासी नहीं हो पाने से  सोयाबीन व उड़द की फसलें खराब हो गई हैं। कोटा जिले सहित हाड़ौती में सबसे ज्यादा सोयाबीन की बुवाई होती है। ऐसे में लगातार बारिश के कारण इस फसल को अधिक नुकसान पहुंचा है। जिला कलक्टर ने शुक्रवार को खरीफ फसलों में हुए नुकसान का सर्वे करने के निर्देश जारी किए हैं। इसके लिए राजस्व विभाग, कृषि विभाग और बीमा कम्पनियों के प्रतिनिधियों की टीम बनाई गई, जो खेतों में जाकर फसलों में हुए नुकसान का आंकलन करेगी। जिला कलक्टर ने सर्वे की रिपोर्ट तैयार कर सात दिन में प्रशासन को सौंपने के निर्देश जारी किए है। कलक्टर के निर्देश के बाद तीन विभागों की टीमें शुक्रवार को खेतों में जाकर नुकसान का सर्वे करने में जुट गई है।  </p>
<p><strong>निर्देश मिलते ही खेतों में पहुंची टीमें</strong><br />जिला कलक्टर ने शुक्रवार से फसलों में हुए नुकसान का सर्वे करने के निर्देश दिए थे। ऐसे में राजस्व विभाग से पटवारी, कृषि विभाग से पर्यवेक्षक और बीमा कम्पनी के प्रतिनिधियों की अलग-अलग टीमों का गठन किया गया। शुक्रवार को बारिश नहीं होने के कारण तीनों विभागों की संयुक्त टीमें खेतों में पहुंची और फसलों में नुकसान का आंकलन शुरू कर दिया गया। जिले के सुल्तानपुर और इटावा क्षेत्र के खेतों में जलभराव होने से फसलों को अधिक नुकसान पहुंचा हैं। किसानों के अनुसार लगातार बारिश के कारण यहां पर खेत तालाब में बन गए हैँ। पानी की निकासी नहीं हो पाई है। इस कारण बीज गल चुके हैं। वहीं अब सोयाबीन और उड़द की बुवाई का समय भी निकल चुका है। ऐसे में अब इन क्षेत्रों में अधिकांश खेत खाली ही रहेंगे। </p>
<p><strong>कृषि विभाग ने हाड़ौती में माना 30 फीसदी खराबा</strong><br />कृषि विभाग के अधिकारियों के अनुसार इस साल हाड़ौती क्षेत्र में खरीफ फसलों की बुवाई का लक्ष्य 12 लाख हैक्टेयर से अधिक निर्धारित किया गया था। इस बार जून माह में ही मानसून का आगाज और फिर लगातार बारिश होने से बुवाई का रकबा 10 लाख हैक्टेयर रह गया यानी लगभग दो लाख हैक्टेयर में बुवाई नहीं हो पाई। इसके बाद भी मूसलाधार बारिश से खेतों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई। ऐसे में कृषि विभाग ने फसलों में नुकसान में प्रारम्भिक सर्वे किया था, जिसमें हाड़ौती क्षेत्र में फसलों में 30 फीसदी खराबा होना माना गया है। बारिश से सबसे ज्यादा नुकसान सोयाबीन की फसल को पहुंचा है।  खेतों में पानी भरने से फसलें गल गई और बीज अंकुरित नहीं हो पाए। इस कारण किसानों को काफी नुकसान का सामना करना पड़ा। </p>
<p><strong>नवज्योति ने प्रमुखता से उठाई थी किसानों की पीड़ा</strong><br />जुलाई माह में लगातार बारिश होने से फसलों में नुकसान होने के सम्बंध में दैनिक नवज्योति में 30 जुलाई को प्रमुखता से समाचार प्रकाशित किया था। जिसमें बताया था कि मानसून की लगातार बारिश ने किसानों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। खेत पानी से भरे हुए हैं। समय रहते पानी की निकासी नहीं हो पाने से  सोयाबीन व उड़द की फसलें खराब हो गई हैं। कोटा जिले सहित हाड़ौती में सबसे ज्यादा सोयाबीन की बुवाई होती है। ऐसे में लगातार बारिश के कारण अधिक नुकसान सोयाबीन को पहुंचा है। इस बार कई किसान तो दो-दो बार सोयाबीन की बुवाई कर चुके हैं।  खेतों में पानी भरने से फसलें गल गई हैं। </p>
<p>तेज बारिश के कारण खेतों में पानी का भराव होने से सोयाबीन की फसल तो पूरी तरह से बर्बाद हो चुकी है। बड़ी मुश्किल से बीज लेकर खेतों में बुवाई की थी। अब तो सब कुछ बर्बाद हो चुका है। अब समझ नहीं आ रहा कि क्या करें।<br /><strong>- नेमीचंद नागर, किसान </strong></p>
<p>जिला कलक्टर ने शुक्रवार को खरीफ फसलों में हुए नुकसान का सर्वे करने के निर्देश जारी किए हैं। इसके लिए राजस्व विभाग, कृषि विभाग और बीमा कम्पनियों के प्रतिनिधियों की टीम बनाई गई, जो खेतों में जाकर फसलों में हुए नुकसान का आंकलन करने में जुट गई है। <br /><strong>- अतीश कुमार शर्मा, संयुक्त निदेशक, कृषि विभाग कोटा</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/impact-of-the-news---instructions-to-survey-the-damage-caused-to-kharif-crops/article-122366</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/impact-of-the-news---instructions-to-survey-the-damage-caused-to-kharif-crops/article-122366</guid>
                <pubDate>Sat, 02 Aug 2025 14:24:41 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-08/1ne1ws-%281%294.png"                         length="729004"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बरसात से खरीफ की फसल बुवाई का इंतजार खत्म </title>
                                    <description><![CDATA[उनियारा कस्बे सहित समूचे क्षेत्र में बीती रात्रि को झमाझम बरसात हुई नहीं, गुरुवार को दोपहर बाद करीब 1 घंटे तक बरसात होने से मौसम सुहाना हो गया। बरसात के मारे किसानों के खेतों में खरीफ की फसल की बुवाई के लिए ट्रैक्टर नहीं चल सके, जिससे उन्हें खरीद के फसल की बुवाई का इंतजार है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/sawai-madhopur/the-wait-for-sowing-of-kharif-crop-is-over-due/article-13353"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-07/t-2.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>उनियारा।</strong> उनियारा कस्बे सहित समूचे क्षेत्र में बीती रात्रि को झमाझम बरसात हुई नहीं, गुरुवार को दोपहर बाद करीब 1 घंटे तक बरसात होने से मौसम सुहाना हो गया। बरसात के मारे किसानों के खेतों में खरीफ की फसल की बुवाई के लिए ट्रैक्टर नहीं चल सके, जिससे उन्हें खरीद के फसल की बुवाई का इंतजार है। इधर बरसात के दौरान विद्युत गुल होने से लोगों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा।</p>
<p>लोगों का कहना है कि बरसात पूर्व मेंटेनेंस के नाम पर विद्युत कटौती किए जाने के बावजूद भी बरसात शुरू होते ही विद्युत गुल हो जाती है जिससे बरसात के दौरान कमरों में से निकलने वाली गर्मी और उमस से उन्हें खासा परेशान होना पड़ता है। वही बरसात के मारे गुरुवार को सवेरे पेयजल सप्लाई भी देरी से शुरू हुई। इधर बाढ़ नियंत्रण कक्ष से मिली जानकारी के अनुसार उनियारा के गलवा बांध में 24 एमएम बरसात पिछले 24 घंटों के दौरान दर्ज की गई जबकि सायं 13 एमएम बरसात दर्ज की गई है। गलवा बांध में वर्तमान में 12 फीट पानी की आवक बनी हुई है। <br /><br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सवाई माधोपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/sawai-madhopur/the-wait-for-sowing-of-kharif-crop-is-over-due/article-13353</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/sawai-madhopur/the-wait-for-sowing-of-kharif-crop-is-over-due/article-13353</guid>
                <pubDate>Fri, 01 Jul 2022 11:39:20 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-07/t-2.jpg"                         length="53704"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>12 जिलों की 69 तहसीलें सूखाग्रस्त घोषित</title>
                                    <description><![CDATA[खरीफ में फसल खराबे से प्रभावित किसानों के लिए मुख्यमंत्री का संवेदनशील निर्णय]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/12-%E0%A4%9C%E0%A4%BF%E0%A4%B2%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A5%80-69-%E0%A4%A4%E0%A4%B9%E0%A4%B8%E0%A5%80%E0%A4%B2%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%B8%E0%A5%82%E0%A4%96%E0%A4%BE%E0%A4%97%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%A4-%E0%A4%98%E0%A5%8B%E0%A4%B7%E0%A4%BF%E0%A4%A4/article-1998"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-10/sukhagrast.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने खरीफ-2021 के दौरान सूखे से फसल खराबे की ग्राउंड ट्रूथिंग रिपोर्ट के आधार पर प्रदेश के 12 जिलों की 69 तहसीलों को सूखाग्रस्त घोषित करने की मंजूरी दी है। श्री गहलोत के इस संवेदनशील निर्णय से सूखा प्रभावित किसानों को बड़ी राहत मिल सकेगी।</p>
<p><br /> उल्लेखनीय है कि ग्राउंड ट्रूथिंग की रिपोर्ट के आधार पर इन तहसीलों के 744 गांवों में खरीफ की फसल में सूखे से 33 प्रतिशत या इससे अधिक खराबे का आकलन किया गया है। इसके आधार पर मुख्यमंत्री ने राज्य आपदा राहत कोष (एसडीआरएफ) मानदंडों के अनुसार इन तहसीलों में राहत गतिविधियों के संचालन एवं प्रभावित किसानों को कृषि आदान-अनुदान वितरण की स्वीकृति दी है।</p>
<p><br /> इस रिपोर्ट के आधार पर बाड़मेर की 16, जोधपुर की 10, जालोर एवं जैसलमेर की 9-9, बीकानेर एवं पाली की 6-6, अजमेर जिले की 4, डूंगरपुर की 3, सिरोही एवं नागौर की 2-2 तथा हनुमानगढ़ एवं चूरू की एक-एक तहसीलों में खराबे का आकलन किया गया है। इनमें 10 जिलों की 64 तहसीलों को गंभीर श्रेणी सूखाग्रस्त तथा डूंगरपुर की 3 एवं नागौर की 2 तहसीलों को मध्यम श्रेणी सूखाग्रस्त घोषित करने की  गहलोत ने मंजूरी प्रदान की है।उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री ने पूर्व में अतिवृष्टि से खरीफ की फसल में हुए खराबे से प्रभावित 7 जिलों के 3704 गांवों को भी अभावग्रस्त घोषित करने की मंजूरी दी थी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/12-%E0%A4%9C%E0%A4%BF%E0%A4%B2%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A5%80-69-%E0%A4%A4%E0%A4%B9%E0%A4%B8%E0%A5%80%E0%A4%B2%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%B8%E0%A5%82%E0%A4%96%E0%A4%BE%E0%A4%97%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%A4-%E0%A4%98%E0%A5%8B%E0%A4%B7%E0%A4%BF%E0%A4%A4/article-1998</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/12-%E0%A4%9C%E0%A4%BF%E0%A4%B2%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A5%80-69-%E0%A4%A4%E0%A4%B9%E0%A4%B8%E0%A5%80%E0%A4%B2%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%B8%E0%A5%82%E0%A4%96%E0%A4%BE%E0%A4%97%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%A4-%E0%A4%98%E0%A5%8B%E0%A4%B7%E0%A4%BF%E0%A4%A4/article-1998</guid>
                <pubDate>Fri, 29 Oct 2021 17:43:09 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2021-10/sukhagrast.jpg"                         length="56863"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        