<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/extension/tag-78253" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title>Extension - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/78253/rss</link>
                <description>Extension RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>होर्मुज संकट के बीच ओपेक देशों का बड़ा फैसला : चौथी बार तेल उत्पादन बढ़ाने को दी मंजूरी, 5 जुलाई को होगी अगली बैठक</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिका-ईरान संघर्ष और यूएई के बाहर होने के बावजूद ओपेक के 7 प्रमुख देशों ने तेल उत्पादन बढ़ाने का फैसला किया है। सऊदी अरब और रूस सहित सदस्य देश जुलाई 2026 से 1.88 लाख बैरल प्रतिदिन उत्पादन बढ़ाएंगे। बाजार स्थिरता के लिए दिसंबर 2026 तक का नया शेड्यूल तय किया गया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/big-decision-of-opec-countries-amid-hormuz-crisis-approval-to/article-156308"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/opecc.png" alt=""></a><br /><p>लंदन। अमेरिका-ईरान संघर्ष के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य क्षेत्र में जारी तनाव और कई सदस्य देशों की उत्पादन क्षमता प्रभावित होने के बावजूद ओपेक के सात प्रमुख सदस्य देशों ने लगातार चौथी बार तेल उत्पादन बढ़ाने का फैसला किया है। ओपेक समूह के अनुसार सऊदी अरब, रूस, इराक, कुवैत, कजाखस्तान, अल्जीरिया और ओमान ने रविवार को आयोजित एक वर्चुअल बैठक में वैश्विक तेल बाजार की स्थिति और भविष्य की संभावनाओं की समीक्षा की तथा उत्पादन लक्ष्य बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की।</p>
<p>संयुक्त बयान में कहा गया कि अप्रैल 2023 में घोषित अतिरिक्त स्वैच्छिक उत्पादन कटौती के तहत 1.88 लाख बैरल प्रतिदिन की उत्पादन वृद्धि जुलाई 2026 से लागू की जाएगी। समूह ने कहा कि बाजार की परिस्थितियों के अनुसार भविष्य में इन स्वैच्छिक कटौतियों को आंशिक या पूर्ण रूप से वापस लिया जा सकता है। सदस्य देश वैश्विक मांग और आपूर्ति की स्थिति पर लगातार नजर रखेंगे और आवश्यकतानुसार उत्पादन बढ़ाने, रोकने या वापस घटाने का निर्णय ले सकेंगे।</p>
<p>बयान में कहा गया कि नवंबर 2023 में लागू उत्पादन समायोजन सहित सभी व्यवस्थाओं की समय-समय पर समीक्षा की जाएगी ताकि बाजार में स्थिरता बनी रहे। सदस्य देशों ने कहा कि यह कदम उन देशों को भी मदद करेगा जिन्होंने पहले निर्धारित सीमा से अधिक उत्पादन किया था और अब उसकी भरपाई करनी है। समूह ने 'डिक्लेरेशन ऑफ कोऑपरेशन' (सहयोग घोषणा) के प्रति अपनी पूर्ण प्रतिबद्धता दोहराई और कहा कि उत्पादन अनुपालन की निगरानी संयुक्त मंत्रिस्तरीय निगरानी समिति (जेएमएमसी) द्वारा जारी रहेगी।</p>
<p>सदस्य देशों ने यह भी पुष्टि की कि जनवरी 2024 से हुई अतिरिक्त उत्पादन की भरपाई पूरी तरह की जाएगी और इसके लिए निर्धारित अवधि को बढ़ाकर दिसंबर 2026 तक कर दिया गया है। ओपेक समूह ने बाजार की स्थिति, उत्पादन अनुपालन और भरपाई व्यवस्था की समीक्षा के लिए हर महीने बैठक आयोजित करने का निर्णय लिया है। अगली बैठक 5 जुलाई 2026 को होगी। इस बीच, लगभग छह दशक तक सदस्य रहने के बाद संयुक्त अरब अमीरात के ओपेक से बाहर होने और वैश्विक ऊर्जा बाजार में बढ़ती अस्थिरता ने संगठन के सामने नयी चुनौतियां खड़ी कर दी हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/big-decision-of-opec-countries-amid-hormuz-crisis-approval-to/article-156308</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/big-decision-of-opec-countries-amid-hormuz-crisis-approval-to/article-156308</guid>
                <pubDate>Mon, 08 Jun 2026 15:04:36 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-06/opecc.png"                         length="950529"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>किसानों के सब्र का बांध टूटा: रेलवे ट्रैक किया बाधित, गेहूं खरीद में आ रही समस्याओं के समाधान की सरकार से मांग</title>
                                    <description><![CDATA[समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीद में हो रही देरी और बारदाने की कमी के विरोध में शनिवार को पीलीबंगा में किसान और व्यापारी रेलवे ट्रैक पर बैठ गए। प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए खरीद अवधि बढ़ाने और खरीद लक्ष्य में वृद्धि की मांग की। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/sriganganagar/the-dam-of-patience-of-farmers-broke-railway-track-was/article-155529"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/anupgarh.png" alt=""></a><br /><p>अनूपगढ़। समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीद मेंं आ रही परेशानी, बारदाने की कमी और खरीद अवधि बढ़ाने की मांग को लेकर शनिवार को पीलीबंगा में आक्रोशित किसान और व्यापारी रेल की पटरियों पर आकर जम गए। इस दौरान किसानों, व्यापारियों और विभिन्न संगठनों ने एकजुट होकर सरकार के खिलाफ जमकर प्रदर्शन करते नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि किसानों की उपज मंडियों में पड़ी है, लेकिन खरीद प्रक्रिया की धीमी रफ्तार और बारदाने की कमी के चलते उन्हें भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। </p>
<p>उन्होंने आरोप लगाया कि मंडियों में किसानों को धक्के खाने पड़ रहे हैं और उन्हें अपनी उपज बेचने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। रेलवे ट्रैक पर प्रदर्शन के दौरान कुछ समय के लिए तनावपूर्ण स्थिति बनी रही। प्रशासन और पुलिस के अधिकारी मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर स्थिति को संभालने का प्रयास किया। आर-पार की चेतावनी’- प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट कहा कि जब तक गेहूं खरीद की अवधि नहीं बढ़ाई जाती, खरीद लक्ष्य में वृद्धि नहीं होती और बारदाने की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित नहीं की जाती, तब तक किसानों का संघर्ष जारी रहेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>श्रीगंगानगर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/sriganganagar/the-dam-of-patience-of-farmers-broke-railway-track-was/article-155529</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/sriganganagar/the-dam-of-patience-of-farmers-broke-railway-track-was/article-155529</guid>
                <pubDate>Sun, 31 May 2026 15:02:58 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-05/anupgarh.png"                         length="1129536"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अमेरिका-ईरान समझौता पत्र पर सहमत: दोनों ओर से मंजूरी अभी बाकी, मौजूदा युद्धविराम 60 दिन बढ़ेगा</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिका और ईरान के बीच 60 दिनों के लिए युद्धविराम बढ़ाने के समझौता पत्र (MoU) पर सहमति बन गई है। इस अवधि में ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर रोक लगाने के लिए आगे बातचीत होगी। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरान के सर्वोच्च नेता की अंतिम आधिकारिक मंजूरी और हस्ताक्षर होना अभी बाकी है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/us-iran-mou-agreed-upon-approval-from-both-sides-still-pending/article-155457"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/america-and-iran.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। अमेरिका-ईरान के वार्ताकारों के बीच एक समझौता पत्र (एमओयू) पर सहमति बन गई है। रिपोर्टों के अनुसार, लेकिन दोनों ओर से अभी अंतिम सहमति मिलनी बाकी है। ट्रम्प प्रशासन ने इस बात की पुष्टि की है कि इस समझौते से मौजूदा युद्धविराम 60 दिन के लिए और बढ़ जाएगा। इस दौरान दोनों पक्ष ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर रोक लगाने को लेकर बातचीत करेंगे। सूत्रों के अनुसार, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को अभी एमओयू पर हस्ताक्षर करने बाकी है। रिपोर्ट में एक अमेरिकी अधिकारी के हवाले से कहा गया है कि  ट्रंप एमओयू को मंजूरी देने से पहले इस पर विचार करने के लिए कुछ दिनों का समय चाहते है। </p>
<p><strong>मसौदे को अभी अंतिम रूप दिया जा रहा: ईरान</strong></p>
<p>ईरान की अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी तस्नीम ने तेहरान की वार्ताकार टीम के करीबी सूत्र के हवाले से इस बात से इनकार किया है कि ईरान की तरफ इसे अंतिम मंजूरी मिली है। सूत्र ने दावा किया है कि समझौते के मसौदे को अभी अंतिम रूप दिया जा रहा है और मंजूरी मिलने की स्थिति में ईरान इसकी सार्वजनिक रूप से घोषणा करेगा। </p>
<p><strong>इजरायल ने साधी चुप्पी</strong></p>
<p>इजरायल ने गुरुवार के इन घटनाक्रमों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया जारी नहीं की, लेकिन चैनल 12 ने वरिष् इजरायली सूत्रों के हवाले से कहा कि उसे ऐसे कोई संकेत नहीं मिले हैं कि ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने इन शर्तों को मंजूरी दे दी है। इसलिए अभी ट्रंप के पास मंजूरी देने के लिए कुछ नहीं है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/us-iran-mou-agreed-upon-approval-from-both-sides-still-pending/article-155457</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/us-iran-mou-agreed-upon-approval-from-both-sides-still-pending/article-155457</guid>
                <pubDate>Sat, 30 May 2026 13:21:43 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-04/america-and-iran.png"                         length="828802"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भारत की चेतावनी : पाकिस्तान को स्वीकार करना होगा, सीमापार आतंकवाद प्रायोजित करने के होते हैं गंभीर परिणाम </title>
                                    <description><![CDATA[संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि पर्वतनेनी हरीश ने पाकिस्तान को सीमा पार आतंकवाद प्रायोजित करने के गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी है। उन्होंने यूएनएससी के वर्तमान ढांचे को '1940 के दशक का पुराना ढांचा' बताते हुए इसमें सुधार और भारत के लिए स्थायी सदस्यता की मांग पुरजोर तरीके से उठाई।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/india-warns-pakistan-that-sponsoring-cross-border-terrorism-has-serious-consequences/article-155237"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/harish.jpg" alt=""></a><br /><p>न्यूयॉर्क। भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) में पाकिस्तान पर दशकों से आतंकवाद, धार्मिक उग्रवाद और हिंसक कट्टरवाद को बढ़ावा देने का आरोप लगाते हुए कहा कि उसे 'यह स्वीकार करना होगा कि सीमा पार आतंकवाद को प्रायोजित करने के गंभीर परिणाम होते हैं।' न्यूयॉर्क में सुरक्षा परिषद की खुली बहस में संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि राजदूत पर्वतनेनी हरीश ने कड़ा प्रतिवाद करते हुए कहा, "मैं आज पाकिस्तान द्वारा की गई आधारहीन और अनुचित टिप्पणियों का जवाब देने के लिए बाध्य हूँ। भारत तथ्यों को स्पष्ट करना चाहता है।"</p>
<p>राजदूत ने कहा कि स्वतंत्रता के बाद से पाकिस्तान का इतिहास भारत के खिलाफ आक्रामकता और सीमा पार आतंकवाद को लगातार प्रायोजित करने से भरा रहा है। उन्होंने कहा, "स्वतंत्र भारत ने अपनी शुरुआत पाकिस्तान द्वारा किए गए सीमा पार आक्रमण का मुकाबला करते हुए की थी।" हरीश ने कहा कि पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ कई 'हमले' किये हैं और 'बिना उकसावे के आक्रामकता' दिखाई है, जबकि वह संयुक्त राष्ट्र चार्टर के सिद्धांतों का उल्लंघन करते हुए सीमा पार आतंकवाद को बढ़ावा देना भी जारी रखे हुए है।</p>
<p>हरीश ने 'भारत को हजार घाव देकर लहूलुहान करने के पाकिस्तान के सिद्धांत' का जिक्र करते हुए कहा कि भारत के पास अपनी रक्षा करने का पूरा अधिकार है और 'पाकिस्तान को यह स्वीकार करना होगा कि सीमा पार आतंकवाद को प्रायोजित करने के परिणाम होते हैं।'<br />राजदूत ने पाकिस्तान पर उसके गठन के समय से ही 'आतंकवाद, धार्मिक उग्रवाद और हिंसक कट्टरवाद की ताकतों' को बढ़ावा देने का आरोप लगाते हुए कहा कि ये तथ्य अच्छी तरह से दर्ज हैं। उन्होंने मांग की कि पाकिस्तान आतंकवाद के लिए हर तरह के समर्थन को 'विश्वसनीय और अपरिवर्तनीय रूप से' समाप्त करे।</p>
<p>इस बहस से अलग, भारत ने इस मंच का उपयोग सुरक्षा परिषद के बुनियादी ढांचे में सुधार के लिए अपने अब तक के सबसे मजबूत तर्कों को पेश करने के लिए किया। भारत ने इसके वर्तमान ढांचे को '1940 के दशक के पूराने' ढांचे के रूप में वर्णित किया। हरीश ने कहा कि सुरक्षा परिषद की व्यवस्था अब पुरानी हो चुकी है। इसे समझाने के लिए उन्होंने 1945 के पुराने कंप्यूटर का उदाहरण दिया और कहा कि आज की आधुनिक एआई तकनीक को इतने पुराने सिस्टम पर चलाने जैसी स्थिति सुरक्षा परिषद की है।</p>
<p>राजदूत ने कहा कि केवल अस्थायी सदस्यों की संख्या बढ़ाना काफी नहीं है, जबकि पांच स्थायी सदस्यों (पी5) को वैसे ही रखा जाए। स्थायी सदस्यता में भी बदलाव और विस्तार होना चाहिए। इसी संदर्भ में भारत ने अपनी स्थायी सीट की मांग भी दोहराई। हरीश ने संयुक्त राष्ट्र में 'दोहरे मापदंड' अपनाने की भी आलोचना की। उन्होंने रेखांकित किया कि अलग-अलग मामलों में नियमों को अलग तरीके से लागू किया जाता है और बातों व कामों में फर्क दिखाई देता है। उन्होंने जोर दिया कि केवल ताकत और दबाव से मजबूत वैश्विक व्यवस्था या दुनिया का भला नहीं हो सकता। राजदूत ने कहा कि सुरक्षा परिषद को एक सक्रिय और समय के साथ बदलने वाली संस्था होना चाहिए, कोई 'जीवाश्म' यानी जड़ और पुरानी संस्था नहीं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/india-warns-pakistan-that-sponsoring-cross-border-terrorism-has-serious-consequences/article-155237</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/india-warns-pakistan-that-sponsoring-cross-border-terrorism-has-serious-consequences/article-155237</guid>
                <pubDate>Thu, 28 May 2026 14:20:13 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-05/harish.jpg"                         length="1350609"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>UGC NET 2026 आवेदन की आज आखिरी तारीख, रात 11:50 बजे तक जमा होगा शुल्क</title>
                                    <description><![CDATA[राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) द्वारा आयोजित यूजीसी नेट जून 2026 के लिए ऑनलाइन आवेदन करने की अंतिम तिथि शनिवार (23 मई) है। अभ्यर्थी रात 11:50 बजे तक परीक्षा शुल्क जमा कर सकते हैं। 87 विषयों की यह परीक्षा 22 से 30 जून तक चलेगी, जबकि आवेदन सुधार विंडो 25 से 27 मई तक खुली रहेगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/ugc-net-2026-fee-will-be-deposited-till-1150-pm/article-154644"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/nta-logo.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। एनटीए ने जूनियर रिसर्च फैलोशिप और असिस्टेंट प्रोफेसर की पात्रता के लिए देशभर में सीबीटी मोड पर आयोजित होने वाली राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा (यूजीसी नेट) जून 2026 के ऑनलाइन आवदेन की अंतिम तिथि शनिवार है। अभ्यर्थी शनिवार सुबह 10 बजे तक आवेदन कर सकेंगे। एनटीए के परीक्षा निदेशक के अनुसार अभ्यर्थी 23 मई रात 11.50 बजे तक ऑनलाइन परीक्षा शुल्क जमा करा सकेंगे। उल्लेखनीय है कि कुल 87 विषयों के लिए होने वाली यह परीक्षा 22 से 30 जून तक चलेगी। इधर आवेदन में रही गलतियों में ऑनलाइन सुधार की तिथि में बदलाव किया गया है।</p>
<p>अब अभ्यर्थी 25 से 27 मई तक अपने आवेदन विवरण की गलती में सुधार कर सकेंगे। जबकि पूर्व में यह तिथि 22 से 24 मई तक थी। परीक्षा से संबंधित किसी भी स्पष्टीकरण के लिए अभ्यर्थी 011-40759000 या 011-69227700 पर संपर्क कर सकते हैं। उल्लेखनीय है कि आवेदन की तिथि पहले 20 मई थी जिसे बढ़ाकर 23 मई किया गया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>शिक्षा जगत</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/ugc-net-2026-fee-will-be-deposited-till-1150-pm/article-154644</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/ugc-net-2026-fee-will-be-deposited-till-1150-pm/article-154644</guid>
                <pubDate>Fri, 22 May 2026 14:52:50 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-05/nta-logo.png"                         length="810054"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>डोनाल्ड ट्रंप की घोषणा: तीन हफ़्तों के लिए और बढ़ा इज़रायल और लेबनान के बीच संघर्ष-विराम, नेतन्याहू और जोसेफ आउन के बीच शिखर सम्मेलन की मेजबानी की संभावना</title>
                                    <description><![CDATA[राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इज़रायल और लेबनान के बीच संघर्ष विराम को तीन सप्ताह के लिए बढ़ाने की घोषणा की है। व्हाइट हाउस में हुई उच्च स्तरीय बैठक के बाद ट्रंप ने हिज़्बुल्लाह के विरुद्ध लेबनान की रक्षा का संकल्प लिया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/donald-trumps-announcement-extends-the-ceasefire-between-israel-and-lebanon/article-151524"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/trump3.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। इज़रायल और लेबनान के बीच संघर्ष विराम को तीन हफ़्तों के लिए बढ़ा दिया गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने शुक्रवार को यह घोषणा की। यह फ़ैसला व्हाइट हाउस के ओवल ऑफ़िस में श्री ट्रम्प, अमेरिकी उपराष्ट्रपति जे.डी. वैन्स, विदेश मंत्री मार्को रूबियो, इज़रायल में अमेरिका के राजदूत माइक हकाबी, लेबनान में अमेरिका के राजदूत मिशेल ईसा और इज़रायल तथा लेबनान के कई उच्च-स्तरीय प्रतिनिधियों के बीच हुई एक बैठक में लिया गया।</p>
<p>ट्रम्प ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म पर कहा, "बैठक बहुत अच्छी रही।" उन्होंने कहा कि अमेरिका लेबनान को हिज़्बुल्लाह से रक्षा करने में मदद करने के लिए उसके साथ मिलकर काम करेगा। उन्होंने कहा कि वह "निकट भविष्य" में इज़रायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ आउन की बैठक की मेज़बानी करने के लिए उत्सुक हैं, हालाँकि उन्होंने इसकी तारीख़ की घोषणा नहीं की है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/donald-trumps-announcement-extends-the-ceasefire-between-israel-and-lebanon/article-151524</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/donald-trumps-announcement-extends-the-ceasefire-between-israel-and-lebanon/article-151524</guid>
                <pubDate>Fri, 24 Apr 2026 10:51:24 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-01/trump3.png"                         length="653905"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        