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                <title>Maritime - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>Maritime RSS Feed</description>
                
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                <title>राजनाथ सिंह ने की वियतनाम के राष्ट्रपति से मुलाकात, हिन्द-प्रशांत में स्थिरता और नौवहन की स्वतंत्रता की जताई प्रतिबद्धता</title>
                                    <description><![CDATA[रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने वियतनाम के रक्षा मंत्री जनरल फान वान जियांग के साथ हनोई में द्विपक्षीय बैठक की। दोनों देशों ने AI और क्वांटम प्रौद्योगिकी पर समझौते किए। साथ ही हिंद-प्रशांत क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा, सैन्य प्रशिक्षण और नौवहन की स्वतंत्रता बनाए रखने की साझा प्रतिबद्धता दोहराई।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/rajnath-singh-met-the-president-of-vietnam-expressed-commitment-to/article-154357"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/rajnath-singh1.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। भारत और वियतनाम ने हिन्द-प्रशांत क्षेत्र में शांति, स्थिरता, सुरक्षा और नौवहन की स्वतंत्रता बनाए रखने की प्रतिबद्धता की पुष्टि की है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को वियतनाम की राजधानी हनोई में उप प्रधानमंत्री एवं राष्ट्रीय रक्षा मंत्री जनरल फान वान जियांग के साथ द्विपक्षीय बैठक की। दोनों मंत्रियों ने वर्चुअल माध्यम से वियतनाम के वायु सेना अधिकारी महाविद्यालय में भाषा प्रयोगशाला का उद्घाटन किया। भारत एवं वियतनाम ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं क्वांटम प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। रक्षा मंत्री ने न्हा त्रांग स्थित दूरसंचार विश्वविद्यालय में कृत्रिम बुद्धिमत्ता प्रयोगशाला की स्थापना की घोषणा की।</p>
<p>रक्षा मंत्रालय ने बताया कि दोनों मंत्रियों ने दोनों देशों के बीच बढ़ती रक्षा साझेदारी की समीक्षा की और समुद्री सुरक्षा, रक्षा उद्योग, प्रशिक्षण एवं क्षेत्रीय स्थिरता में सहयोग को और गहरा करने के उपायों पर चर्चा की। दोनों पक्षों ने पारस्परिक हितों से जुड़े क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा घटनाक्रमों पर विचारों का आदान-प्रदान किया तथा हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति, स्थिरता, सुरक्षा, संरक्षा और नौवहन की स्वतंत्रता बनाए रखने के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने सैन्य प्रशिक्षण, रक्षा उद्योग सहयोग, समुद्री सुरक्षा, क्षमता निर्माण, संयुक्त राष्ट्र शांति स्थापना, साइबर सुरक्षा तथा उच्च स्तरीय आदान-प्रदान सहित विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के अवसरों पर चर्चा की। उन्होंने नियमित संवाद, संयुक्त अभ्यासों और विनिमय कार्यक्रमों के माध्यम से दोनों देशों की रक्षा सेनाओं के बीच सहयोग को बढ़ाने पर भी सहमति व्यक्त की।</p>
<p>रक्षा मंत्री ने वियतनाम के साथ भारत की उन्नत व्यापक रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने द्विपक्षीय रक्षा सहयोग के ढांचे के अंतर्गत वियतनाम के रक्षा आधुनिकीकरण और क्षमता वृद्धि पहलों के समर्थन में भारत के संकल्प को पुनः व्यक्त किया।जनरल फान वान जियांग ने भारत के निरंतर समर्थन की सराहना की और दोनों देशों के बीच दीर्घकालिक मित्रता तथा बढ़ती रणनीतिक साझेदारी को रेखांकित किया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 19 May 2026 16:04:01 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>ईरान ने दिखाई दरियादिली: जापानी सुपरटैंकर ने पार किया होर्मुज जलडमरूमध्य, आवागमन निर्धारित समुद्री गलियारों और ईरानी अनुमति के तहत ही होगा संभव </title>
                                    <description><![CDATA[ईरानी अनुमति मिलने के बाद जापानी सुपरटैंकर 'इदेमित्सु मारू' 20 लाख बैरल कच्चा तेल लेकर सफलतापूर्वक होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरा। संघर्ष के बीच यह जापान के लिए बड़ी राहत है, क्योंकि उसका 95% तेल आयात इसी मार्ग पर निर्भर है। ईरान ने अब इस रणनीतिक मार्ग के लिए पूर्व स्वीकृति अनिवार्य कर दी है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/iran-showed-generosity-japanese-supertanker-crossed-the-strait-of-hormuz/article-152114"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/japan.png" alt=""></a><br /><p>तेहरान। ईरानी अधिकारियों से औपचारिक अनुमति मिलने के बाद जापानी स्वामित्व वाले एक सुपरटैंकर ने होर्मुज जलडमरूमध्य को सफलतापूर्वक पार किया है। अमेरिका-इजरायल और ईरान संघर्ष शुरू होने के बाद इस रणनीतिक समुद्री मार्ग से जापान से जुड़ा यह पहला प्रमुख तेल पारगमन माना जा रहा है। 'इदेमित्सु मारू' नामक इस पनामा-ध्वजित वीएलसीसी (वेरी लार्ज क्रूड कैरियर), जिसे जापान की ऊर्जा कंपनी इदेमित्सू कोसान की सहायक इकाई संचालित करती है, लगभग 20 लाख बैरल कच्चा तेल लेकर आगे बढ़ा है। </p>
<p>रिपोर्टों के अनुसार जहाज अबू धाबी तट के पास एक सप्ताह से अधिक समय तक लंगर डाले रहा था। इसने मार्च की शुरुआत में सऊदी अरब के जुयमह टर्मिनल से कच्चा तेल लोड किया था। जहाज की ट्रैकिंग जानकारी के मुताबिक उसने ईरान के क़ेश्म और लारक द्वीपों के निकट अपने मार्ग में समायोजन किया, जिसके बाद वह पूर्व दिशा में आगे बढ़ा। इसे ईरानी प्राधिकरणों के साथ निकट समन्वय का संकेत माना जा रहा है।</p>
<p>जापान अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए पश्चिम एशियाई तेल पर अत्यधिक निर्भर है और उसके लगभग 95 प्रतिशत तेल आयात होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर गुजरते हैं। ऐसे में इस मार्ग की स्थिरता जापान की ऊर्जा सुरक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। संघर्ष शुरू होने के बाद ईरान ने जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों के लिए पूर्व स्वीकृति अनिवार्य कर दी है। ईरान ने स्पष्ट किया है कि अब इस मार्ग से आवागमन निर्धारित समुद्री गलियारों और ईरानी अनुमति के तहत ही संभव होगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 29 Apr 2026 18:20:19 +0530</pubDate>
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                <title>होर्मुज़ में तनाव जारी : केमिकल टैंकर पर ईरान की कार्रवाई, 12 भारतीय क्रू सुरक्षित</title>
                                    <description><![CDATA[ईरानी कोस्ट गार्ड ने ओमान के पास टोगो ध्वज वाले केमिकल टैंकर को चेतावनी स्वरूप फायरिंग के बाद जब्त कर लिया। जहाज पर सवार 12 भारतीय नागरिक पूरी तरह सुरक्षित हैं। भारतीय मंत्रालय स्थिति पर नजर रख रहा है। होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ते तनाव के बीच नाविकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता बनी हुई है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/tension-continues-in-hormuz-irans-action-on-chemical-tanker-12/article-151886"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/iran--india.png" alt=""></a><br /><p>तेहरान। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने टोगो के झंडे वाले एक केमिकल टैंकर को ओमान के शिनास बंदरगाह के बाहरी क्षेत्र के पास रोक लिया। इस जहाज पर 12 भारतीय नागरिक सवार थे, जिन्हें सुरक्षित बताया गया है। भारत के पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय के अनुसार, सभी भारतीय क्रू सदस्य पूरी तरह सुरक्षित हैं और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। जानकारी के मुताबिक, “एमटी चिरोन” नामक यह टैंकर अन्य जहाजों के साथ आगे बढ़ रहा था, तभी ईरानी कोस्ट गार्ड ने उसे रोकते हुए चेतावनी के तौर पर फायरिंग की। घटना के बाद जहाज को नियंत्रण में ले लिया गया।</p>
<p>मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया कि फारस की खाड़ी में मौजूद भारतीय जहाजों और नाविकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। क्षेत्र में चल रहे घटनाक्रमों को देखते हुए सतर्कता बढ़ा दी गई है। गौरतलब है कि होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर ईरान पहले भी सख्त रुख अपनाता रहा है। ईरानी नौसेना ने साफ किया है कि उसकी अनुमति के बिना किसी जहाज को इस मार्ग से गुजरने की इजाजत नहीं दी जाएगी। हाल के दिनों में कई जहाजों को रोके जाने की घटनाएं सामने आई हैं, जिससे क्षेत्रीय तनाव और बढ़ गया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 27 Apr 2026 18:02:11 +0530</pubDate>
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