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                <title>Maritime - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>Maritime RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>बड़ी खबर: ओमान तट के पास टैंकर पर मिसाइल हमला, 24 भारतीय नाविकों का सफल रेस्क्यू </title>
                                    <description><![CDATA[मुंबई एमआरसीसी ने ओमान प्राधिकारियों के साथ मिलकर एमटी मेरीवेक्स टैंकर पर मिसाइल हमले के बाद सभी 24 भारतीय नाविकों को सकुशल बचा लिया है। मसीराह तट के पास ओमान नौसेना के हेलीकॉप्टरों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए खोज और बचाव अभियान को सफलतापूर्वक अंजाम दिया। सभी नागरिक पूरी तरह सुरक्षित हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/big-news-missile-attack-on-tanker-near-oman-coast-successful/article-156414"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/oman.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। दुनिया भर में भारतीय नाविकों की सुरक्षा के प्रति अपनी अटूट प्रतिबद्धता दिखाते हुए, मैरीटाइम रेस्क्यू कोऑर्डिनेशन सेंटर (एम आर सी सी) मुंबई ने ओमान के अधिकारियों के साथ मिलकर ओमान तट के पास एक व्यापारिक टैंकर पर मिसाइल हमले के बाद उस पर सवार सभी 24 भारतीय नाविकों को सफलतापूर्वक बचा लिया। भारतीय तटरक्षक बल ने मंगलवार को बताया कि एम आर सी सी मुंबई को सोमवार दिन में दो बजकर 20 मिनट पर पलाऊ के ध्वज वाले टैंकर एम टी मेरीवेक्स पर मिसाइल हमले की जानकारी मिली। यह जहाज ओमान के मसीराह के पास लंगर डाले हुए था। जहाज पर 24 नाविक सवार थे और वह सभी भारतीय नागरिक थे। यह जानकारी जहाज पर मौजूद सदस्यों में से एक के रिश्तेदार ने एम आर सी सी मुंबई को दी थी।</p>
<p>स्थिति की गंभीरता और नाविकों की सुरक्षा के लिए तत्काल खतरे को समझते हुए, एम आर सी सी मुंबई ने तुरंत ओमान मैरीटाइम सर्च एंड रेस्क्यू सेंटर ओमान के साथ संपर्क स्थापित किया। उन्होंने ओमान की एजेंसी से खोज और बचाव मिशन समन्वय की जिम्मेदारी संभालने और जहाज और उसके सदस्यों को तत्काल सहायता प्रदान करने का अनुरोध किया। तेजी से कार्रवाई करते हुए ओमान ने पास के एक जहाज का रास्ता बदलकर और घटना स्थल पर दो बचाव हेलीकॉप्टर भेजकर बचाव अभियान शुरू किया और उसका समन्वय किया। बदलती स्थिति पर नज़र रखने और भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एम आर सी सी मुंबई ने ओमान और अन्य संबंधित पक्षों के बीच लगातार समन्वय बनाये रखा गया।</p>
<p>लगभग पांच बजे ओमान ने पुष्टि की कि ओमान नौसेना के हेलीकॉप्टरों द्वारा सभी 24 भारतीय सदस्यों को सुरक्षित बचा लिया गया है। बचाये गये सदस्य सुरक्षित बताये जा रहे हैं, और किसी के हताहत होने या घायल होने की सूचना नहीं है। जहाज अभी ओमान के मसीराह के पास लंगर डाले हुए है। यह सफल बचाव अभियान अंतरराष्ट्रीय समुद्री सहयोग और इस क्षेत्र में समुद्री बचाव अधिकारियों के बीच स्थापित मजबूत समन्वय तंत्र की प्रभावशीलता को उजागर करता है। यह भारतीय तटरक्षक बल की भारतीय नाविकों की सुरक्षा करने और स्थान की परवाह किये बिना समुद्री आपात स्थितियों के दौरान समय पर सहायता प्रदान करने की प्रतिबद्धता को भी रेखांकित करता है। हिंद महासागर में एक बड़े खोज और बचाव क्षेत्र के लिए एम आर सी सी मुंबई समुद्र में लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय सहयोगियों के साथ मिलकर काम कर रहा है। भारतीय तटरक्षक बल एक भरोसेमंद समुद्री सुरक्षा सहयोगी के तौर पर अपनी भूमिका निभाते हुए, नाविकों की सुरक्षा, अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मज़बूत करने और पूरे हिंद महासागर क्षेत्र में सुरक्षित समुद्री माहौल को बढ़ावा देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 09 Jun 2026 13:13:15 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>दिल्ली में क्वाड देशों की बैठक जारी, जयशंकर ने कहा-हिन्द प्रशांत क्षेत्र के मुद्दों के समाधान के लिए विश्वसनीय और पारदर्शी साझेदारी जरूरी</title>
                                    <description><![CDATA[भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने नई दिल्ली में क्वाड देशों (अमेरिका, जापान, ऑस्ट्रेलिया) के विदेश मंत्रियों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि एक स्वतंत्र, खुला और सुरक्षित हिंद-प्रशांत क्षेत्र सुनिश्चित करना सभी की साझा जिम्मेदारी है। बैठक में समुद्री सुरक्षा, मजबूत आपूर्ति श्रृंखला और रणनीतिक विश्वास बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/meeting-of-quad-countries-continues-in-delhi-jaishankar-said/article-155007"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/s-jaishankar.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा है कि स्वतंत्र और खुला हिंद-प्रशांत क्षेत्र सुनिश्चित करना क्वाड देशों की साझा जिम्मेदारी है और विश्वसनीय तथा पारदर्शी साझेदारियों के बल पर ही इसे बेहतर ढंग से किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर आपूर्ति शृंखला की सुदृढ़ता, संपर्क मार्गों के अवरोध बिंदु, विनिर्माण एवं संसाधन तथा महत्त्वपूर्ण अवसंरचना में कमी जैसे मुद्दों पर भी क्वाड देशों को ध्यान देना होगा।</p>
<p>जयशंकर ने मंगलवार को यहां भारत की मेजबानी में हो रही क्वाड देशों की बैठक में वहां के विदेश मंत्रियों, आस्ट्रेलिया की पेनी वोंग , जापान के विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोतेगी और अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो का स्वागत करते हुए यह बात कही। विदेश मंत्री ने अपनी प्रारंभिक टिप्पणी में कहा कि बैठक में हिंद-प्रशांत क्षेत्र पर विशेष फोकस रहेगा इसके अलावा वैश्विक स्तर पर आपूर्ति शृंखला की सुदृढ़ता, संपर्क मार्गों के अवरोध बिंदु, विनिर्माण एवं संसाधनों को बढाने तथा महत्त्वपूर्ण अवसंरचना में कमियों जैसे मुद्दों का समाधान भी महत्वपूर्ण है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र की अपनी विशिष्ट चिंताएँ भी हैं। इसके लिए रणनीतिक विश्वास को बढ़ाना, समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित करना, आर्थिक विकल्पों को प्रोत्साहित करना तथा गहरे सहयोगात्मक दृष्टिकोण को विकसित करना आवश्यक होगा। उन्होंंने कहा कि यह कार्य विश्वसनीय तथा पारदर्शी साझेदारियों को बढ़ावा देकर सबसे बेहतर ढंग से किया जा सकता है। जयशंकर ने कहा कि बीते समय में हमारे अधिकारियों ने समुद्री सुरक्षा, महत्त्वपूर्ण प्रौद्योगिकियों, आर्थिक सुदृढ़ता तथा मानवीय सहायता एवं आपदा राहत जैसे प्रमुख प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ाया है। उन्होंने कहा,"हमने अनेक पहलों में उत्साहजनक प्रगति देखी है। समुद्री लोकतंत्रों, बहुलतावादी समाजों और बाज़ार आधारित अर्थव्यवस्थाओं के रूप में, एक स्वतंत्र और खुला हिंद-प्रशांत सुनिश्चित करने की साझा जिम्मेदारी हमारी है। यह क्षेत्र वैश्विक विकास और स्थिरता का प्रेरक बना रहना चाहिए। हमें विश्वास है कि आज हमारी विचार-विमर्श प्रक्रिया इस बात को रेखांकित करेगी और उपयोगी एवं फलदायी सिद्ध होगी।"</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 26 May 2026 13:23:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>डोनाल्ड ट्रंप की 'ईरानी नीति' ने अमेरिका को &quot;अंधेरे गलियारे&quot; में धकेला, होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान का नियंत्रण : मोहसिन रज़ाई</title>
                                    <description><![CDATA[ईरान के वरिष्ठ राजनेता मोहसिन रज़ाई ने कहा है कि अवैध युद्ध शुरू करने के बाद अमेरिका पूरी तरह गतिरोध में फंस गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि व्यापक युद्ध अमेरिका के लिए 'अंधेरा गलियारा' साबित होगा। रज़ाई ने स्पष्ट किया कि होर्मुज जलडमरूमध्य ईरान के नियंत्रण में है और वहां जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा रही है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/donald-trumps-iran-policy-pushes-america-into-a-dark-corridor/article-154943"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/1111200-x-600-px)-(5)33.png" alt=""></a><br /><p>तेहरान। ईरान के वरिष्ठ राजनेता एवं पूर्व सैन्य कमांडर मोहसिन रज़ाई ने कहा है कि हाल के क्षेत्रीय घटनाक्रमों और ईरान के खिलाफ "बिना उकसावे के छेड़े गए युद्ध" के बाद क्षेत्र में हुए हालिया घटनाक्रमों ने अमेरिका को पूरी तरह गतिरोध की स्थिति में पहुंचा दिया है। तेहरान के इमाम खुमैनी मुसल्ला में रविवार को अमेरिका-इजरायल युद्ध में मारे गये लोगों की स्मृति में आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि अमेरिकी सैन्य बल, जो संभवतः अल्पकालिक युद्ध के भ्रम के साथ क्षेत्र में आए थे, अब वह लंबे समय तक चलने वाले संघर्ष की वास्तविकता का सामना कर रहे हैं।</p>
<p>उन्होंने ख़ोर्रमशहर की मुक्ति और इराकी तानाशाह सद्दाम हुसैन की पराजय का उल्लेख करते हुए कहा कि इस वर्ष की वर्षगांठ पिछले 12 महीनों में अमेरिकी और ज़ायोनी दुश्मनों के खिलाफ ईरानी राष्ट्र द्वारा किए गए दो और धार्मिक-राष्ट्रीय रक्षा अभियान प्रतिरोधों के साथ संयोगवश आई है। रज़ाई ने अमेरिकी और इजरायल के शासन के खिलाफ सड़कों से लेकर युद्धक्षेत्र तक ईरानी जनता और सेना की दृढ़ता की सराहना करते हुए कहा कि विचार, आस्था और प्रेरणा में परिवर्तन के कारण ईरान को अपने दुश्मनों पर विजय मिली है।</p>
<p>इस्लामी क्रांति की सफलता के बाद से ईरान के प्रति अमेरिका की लंबे समय से चली आ रही दुश्मनी का उल्लेख करते हुए रज़ाई ने कहा कि 1980 के दशक में हुए पहले "थोपे गए युद्ध" के दौरान अमेरिका ने गुप्त रूप से हथियार भेजकर सद्दाम हुसैन का समर्थन किया था और उसे यह भरोसा दिलाया था कि अमेरिका, ईरान पर इराकी हमले के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में कोई निर्णय नहीं होने देगा। रज़ाई ने कहा कि उस समय अमेरिका और कई पश्चिमी देशों ने ईरान को हथियार और मिसाइलें भेजने से परहेज किया, ताकि उसकी सैन्य क्षमता कमजोर हो सके, जबकि अरब देशों ने सद्दाम को उसके नुकसान की भरपाई के लिए 80 अरब डॉलर से अधिक की सहायता प्रदान की।</p>
<p>उन्होंने कहा कि अवैध युद्ध शुरू करने के बाद अमेरिका पूरी तरह से गतिरोध में फंस गया है। उन्होंने अमेरिका को "समुद्री डाकू" बताते हुए कहा कि उसने ईरान पर हमला किया, लेकिन भागते समय होर्मुज जलडमरूमध्य में फंस गया। रज़ाई ने अमेरिका को व्यापक युद्ध में प्रवेश करने के खिलाफ चेतावनी देते हुए कहा कि इससे अमेरिका के लिए एक "अंधेरा गलियारा" तैयार होगा, जो होर्मुज जलडमरूमध्य से शुरू होकर फारस की खाड़ी, ओमान सागर, बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य और हिंद महासागर तक फैलेगा।</p>
<p>होर्मुज जलडमरूमध्य के संबंध में उन्होंने कहा कि यह ईरान के नियंत्रण में है, क्योंकि ईरान ने फारस की खाड़ी में सैन्य गतिविधियों और असुरक्षा को रोका है। उन्होंने कहा कि आईआरजीसी नौसेना जहाजों की पहचान और पंजीकरण कर विभिन्न देशों के वाणिज्यिक जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 25 May 2026 15:51:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>राजनाथ सिंह ने की वियतनाम के राष्ट्रपति से मुलाकात, हिन्द-प्रशांत में स्थिरता और नौवहन की स्वतंत्रता की जताई प्रतिबद्धता</title>
                                    <description><![CDATA[रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने वियतनाम के रक्षा मंत्री जनरल फान वान जियांग के साथ हनोई में द्विपक्षीय बैठक की। दोनों देशों ने AI और क्वांटम प्रौद्योगिकी पर समझौते किए। साथ ही हिंद-प्रशांत क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा, सैन्य प्रशिक्षण और नौवहन की स्वतंत्रता बनाए रखने की साझा प्रतिबद्धता दोहराई।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/rajnath-singh-met-the-president-of-vietnam-expressed-commitment-to/article-154357"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/rajnath-singh1.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। भारत और वियतनाम ने हिन्द-प्रशांत क्षेत्र में शांति, स्थिरता, सुरक्षा और नौवहन की स्वतंत्रता बनाए रखने की प्रतिबद्धता की पुष्टि की है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को वियतनाम की राजधानी हनोई में उप प्रधानमंत्री एवं राष्ट्रीय रक्षा मंत्री जनरल फान वान जियांग के साथ द्विपक्षीय बैठक की। दोनों मंत्रियों ने वर्चुअल माध्यम से वियतनाम के वायु सेना अधिकारी महाविद्यालय में भाषा प्रयोगशाला का उद्घाटन किया। भारत एवं वियतनाम ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं क्वांटम प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। रक्षा मंत्री ने न्हा त्रांग स्थित दूरसंचार विश्वविद्यालय में कृत्रिम बुद्धिमत्ता प्रयोगशाला की स्थापना की घोषणा की।</p>
<p>रक्षा मंत्रालय ने बताया कि दोनों मंत्रियों ने दोनों देशों के बीच बढ़ती रक्षा साझेदारी की समीक्षा की और समुद्री सुरक्षा, रक्षा उद्योग, प्रशिक्षण एवं क्षेत्रीय स्थिरता में सहयोग को और गहरा करने के उपायों पर चर्चा की। दोनों पक्षों ने पारस्परिक हितों से जुड़े क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा घटनाक्रमों पर विचारों का आदान-प्रदान किया तथा हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति, स्थिरता, सुरक्षा, संरक्षा और नौवहन की स्वतंत्रता बनाए रखने के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने सैन्य प्रशिक्षण, रक्षा उद्योग सहयोग, समुद्री सुरक्षा, क्षमता निर्माण, संयुक्त राष्ट्र शांति स्थापना, साइबर सुरक्षा तथा उच्च स्तरीय आदान-प्रदान सहित विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के अवसरों पर चर्चा की। उन्होंने नियमित संवाद, संयुक्त अभ्यासों और विनिमय कार्यक्रमों के माध्यम से दोनों देशों की रक्षा सेनाओं के बीच सहयोग को बढ़ाने पर भी सहमति व्यक्त की।</p>
<p>रक्षा मंत्री ने वियतनाम के साथ भारत की उन्नत व्यापक रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने द्विपक्षीय रक्षा सहयोग के ढांचे के अंतर्गत वियतनाम के रक्षा आधुनिकीकरण और क्षमता वृद्धि पहलों के समर्थन में भारत के संकल्प को पुनः व्यक्त किया।जनरल फान वान जियांग ने भारत के निरंतर समर्थन की सराहना की और दोनों देशों के बीच दीर्घकालिक मित्रता तथा बढ़ती रणनीतिक साझेदारी को रेखांकित किया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 19 May 2026 16:04:01 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ईरान ने दिखाई दरियादिली: जापानी सुपरटैंकर ने पार किया होर्मुज जलडमरूमध्य, आवागमन निर्धारित समुद्री गलियारों और ईरानी अनुमति के तहत ही होगा संभव </title>
                                    <description><![CDATA[ईरानी अनुमति मिलने के बाद जापानी सुपरटैंकर 'इदेमित्सु मारू' 20 लाख बैरल कच्चा तेल लेकर सफलतापूर्वक होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरा। संघर्ष के बीच यह जापान के लिए बड़ी राहत है, क्योंकि उसका 95% तेल आयात इसी मार्ग पर निर्भर है। ईरान ने अब इस रणनीतिक मार्ग के लिए पूर्व स्वीकृति अनिवार्य कर दी है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/iran-showed-generosity-japanese-supertanker-crossed-the-strait-of-hormuz/article-152114"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/japan.png" alt=""></a><br /><p>तेहरान। ईरानी अधिकारियों से औपचारिक अनुमति मिलने के बाद जापानी स्वामित्व वाले एक सुपरटैंकर ने होर्मुज जलडमरूमध्य को सफलतापूर्वक पार किया है। अमेरिका-इजरायल और ईरान संघर्ष शुरू होने के बाद इस रणनीतिक समुद्री मार्ग से जापान से जुड़ा यह पहला प्रमुख तेल पारगमन माना जा रहा है। 'इदेमित्सु मारू' नामक इस पनामा-ध्वजित वीएलसीसी (वेरी लार्ज क्रूड कैरियर), जिसे जापान की ऊर्जा कंपनी इदेमित्सू कोसान की सहायक इकाई संचालित करती है, लगभग 20 लाख बैरल कच्चा तेल लेकर आगे बढ़ा है। </p>
<p>रिपोर्टों के अनुसार जहाज अबू धाबी तट के पास एक सप्ताह से अधिक समय तक लंगर डाले रहा था। इसने मार्च की शुरुआत में सऊदी अरब के जुयमह टर्मिनल से कच्चा तेल लोड किया था। जहाज की ट्रैकिंग जानकारी के मुताबिक उसने ईरान के क़ेश्म और लारक द्वीपों के निकट अपने मार्ग में समायोजन किया, जिसके बाद वह पूर्व दिशा में आगे बढ़ा। इसे ईरानी प्राधिकरणों के साथ निकट समन्वय का संकेत माना जा रहा है।</p>
<p>जापान अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए पश्चिम एशियाई तेल पर अत्यधिक निर्भर है और उसके लगभग 95 प्रतिशत तेल आयात होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर गुजरते हैं। ऐसे में इस मार्ग की स्थिरता जापान की ऊर्जा सुरक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। संघर्ष शुरू होने के बाद ईरान ने जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों के लिए पूर्व स्वीकृति अनिवार्य कर दी है। ईरान ने स्पष्ट किया है कि अब इस मार्ग से आवागमन निर्धारित समुद्री गलियारों और ईरानी अनुमति के तहत ही संभव होगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 29 Apr 2026 18:20:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>होर्मुज़ में तनाव जारी : केमिकल टैंकर पर ईरान की कार्रवाई, 12 भारतीय क्रू सुरक्षित</title>
                                    <description><![CDATA[ईरानी कोस्ट गार्ड ने ओमान के पास टोगो ध्वज वाले केमिकल टैंकर को चेतावनी स्वरूप फायरिंग के बाद जब्त कर लिया। जहाज पर सवार 12 भारतीय नागरिक पूरी तरह सुरक्षित हैं। भारतीय मंत्रालय स्थिति पर नजर रख रहा है। होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ते तनाव के बीच नाविकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता बनी हुई है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/tension-continues-in-hormuz-irans-action-on-chemical-tanker-12/article-151886"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/iran--india.png" alt=""></a><br /><p>तेहरान। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने टोगो के झंडे वाले एक केमिकल टैंकर को ओमान के शिनास बंदरगाह के बाहरी क्षेत्र के पास रोक लिया। इस जहाज पर 12 भारतीय नागरिक सवार थे, जिन्हें सुरक्षित बताया गया है। भारत के पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय के अनुसार, सभी भारतीय क्रू सदस्य पूरी तरह सुरक्षित हैं और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। जानकारी के मुताबिक, “एमटी चिरोन” नामक यह टैंकर अन्य जहाजों के साथ आगे बढ़ रहा था, तभी ईरानी कोस्ट गार्ड ने उसे रोकते हुए चेतावनी के तौर पर फायरिंग की। घटना के बाद जहाज को नियंत्रण में ले लिया गया।</p>
<p>मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया कि फारस की खाड़ी में मौजूद भारतीय जहाजों और नाविकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। क्षेत्र में चल रहे घटनाक्रमों को देखते हुए सतर्कता बढ़ा दी गई है। गौरतलब है कि होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर ईरान पहले भी सख्त रुख अपनाता रहा है। ईरानी नौसेना ने साफ किया है कि उसकी अनुमति के बिना किसी जहाज को इस मार्ग से गुजरने की इजाजत नहीं दी जाएगी। हाल के दिनों में कई जहाजों को रोके जाने की घटनाएं सामने आई हैं, जिससे क्षेत्रीय तनाव और बढ़ गया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 27 Apr 2026 18:02:11 +0530</pubDate>
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