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                <title>Friedrich Merz - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>Friedrich Merz RSS Feed</description>
                
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                <title>जर्मनी के सैक्सोनी-आनहाल्ट चुनाव में एएफडी की बड़ी जीत, 40 प्रतिशत से ज्यादा वोट मिलने पर बढ़ी राजनीतिक हलचल</title>
                                    <description><![CDATA[जर्मनी के सैक्सोनी-आनहाल्ट राज्य चुनाव में दक्षिणपंथी 'अल्टरनेटिव फॉर जर्मनी' (एएफडी) ने 40 प्रतिशत से अधिक वोट हासिल कर बड़ी जीत दर्ज की है। हालांकि पूर्ण बहुमत न मिलने से सरकार बनाने पर संशय है, फिर भी चांसलर फ्रीडरिज मर्ज़ ने इस परिणाम को देश और मुख्यधारा की राजनीति के लिए बेहद चिंताजनक बताया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/afds-big-victory-in-germanys-saxony-anhalt-elections-increased-political-stir/article-165045"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-09/1200-x-60-px)-(youtube-thumbnail)-(5)1.png" alt=""></a><br /><p>बर्लिन। जर्मनी के सैक्सोनी-आनहाल्ट राज्य के चुनाव में दक्षिणपंथी पार्टी 'अल्टरनेटिव फॉर जर्मनी' (एएफडी) की भारी जीत ने देश में राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है। पार्टी ने राज्य में अब तक का अपना सबसे बेहतर चुनावी प्रदर्शन करते हुए 40 प्रतिशत से अधिक मत हासिल किये और अन्य सभी दलों को काफी पीछे छोड़ दिया। जर्मनी के चांसलर फ्रीडरिज मर्ज़ ने इस जीत को 'चिंताजनक' बताया। एएफडी को हालांकि पूर्ण बहुमत नहीं मिला और वह अपने दम पर सरकार बनाने के लिए जरूरी सीटें हासिल करने में विफल रही। इससे द्वितीय विश्व युद्ध के बाद पहली बार किसी जर्मन राज्य में दक्षिणपंथी सरकार बनने की उसकी उम्मीद पूरी नहीं हो सकी।सैक्सोनी-आनहाल्ट में एएफडी को देश की घरेलू खुफिया एजेंसी ने ‘पुष्ट दक्षिणपंथी चरमपंथी’ संगठन के रूप में वर्गीकृत कर रखा है। ऐसे में अन्य राजनीतिक दलों ने उसके साथ किसी भी तरह के सहयोग से इनकार कर दिया है। इससे पूर्वी जर्मनी के इस राज्य में नयी सरकार के गठन की प्रक्रिया जटिल हो गयी है।</p>
<p>चुनाव के अगले दिन एएफडी की सह-अध्यक्ष एलिस वीडेल और टीनो क्रुपाला ने बर्लिन में संवाददाता सम्मेलन किया। उनके साथ सैक्सोनी-आनहाल्ट चुनाव में पार्टी के विजेता और प्रमुख उम्मीदवार उलरिख सीगमंड भी मौजूद थे। एएफडी ने अपने मुख्य चुनावी लक्ष्य यानी पूर्ण बहुमत हासिल कर अकेले सरकार बनाने से भले ही चूक गयी हो, लेकिन पार्टी अब पहले से कहीं अधिक आत्मविश्वास में नजर आ रही है। पार्टी नेताओं ने स्पष्ट किया कि उनका लक्ष्य केवल सैक्सोनी-आनहाल्ट तक सीमित नहीं है, बल्कि वे पूरे जर्मनी में सत्ता हासिल करने की तैयारी कर रहे हैं। सुश्री वीडेल ने केंद्र में सत्तारूढ़ दक्षिणपंथी गठबंधन क्रिश्चियन डेमोक्रेटिक यूनियन (सीडीयू) और क्रिश्चियन सोशल यूनियन (सीएसयू) का जिक्र करते हुए कहा, “ सीडीयू/सीएसयू अब कभी भी संघीय चुनाव नहीं जीत पाएंगे। यह एक तथ्य है। मेरा घोषित लक्ष्य अंतर को जल्द से जल्द बढ़ाना और अगले संघीय चुनाव में कम से कम 40 प्रतिशत मत हासिल करना है। ” सुश्री वीडेल जर्मनी की अगली चांसलर बनना चाहती हैं। दूसरी ओर, चांसलर फ्रेडरिक मर्ज और सैक्सोनी-आनहाल्ट के मुख्यमंत्री एवं उनकी पार्टी के सहयोगी स्वेन शुल्जे ने चुनाव परिणाम को रूढ़िवादी सीडीयू के लिए ‘एक तबाही’ बताया।</p>
<p>मर्ज ने कहा, “ कल केवल सैक्सोनी-आनहाल्ट में ही बदलाव नहीं हुआ, बल्कि पूरे जर्मनी में बदलाव आया है। इसके असर होंगे, जिनमें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर होने वाले प्रभाव भी शामिल हैं।” मर्ज ने कहा कि इसका एक कारण यह है कि चुनाव में विजेता रही एएफडी रूस के आक्रमण के खिलाफ यूक्रेन का समर्थन करने का विरोध करती है और पार्टी के कई नेता रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की सरकार के साथ करीबी संबंध रखते हैं। इसके विपरीत, उन्होंने कहा कि उनकी सरकार जर्मन संविधान में निहित मूल्यों की हमेशा रक्षा करेगी। उन्होंने कहा, “ हमारे देश में इन मूल्यों पर कोई बहस नहीं हो सकती। सत्ता दी जाती है, छीनी नहीं जाती। और अल्पसंख्यक बहुसंख्यक का दुश्मन नहीं होता। ”</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 08 Sep 2026 17:19:31 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>पश्चिम एशिया संकट : डोनाल्ड ट्रंप ने की फ्रेडरिक मर्ज़ की तीखी आलोचना, होर्मुज जलडमरूमध्य के घटनाक्रम पर भी जताई चिंता </title>
                                    <description><![CDATA[राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ की तीखी आलोचना करते हुए ईरान पर उनके रुख को खतरनाक बताया है। ट्रंप का दावा है कि परमाणु संपन्न ईरान दुनिया को बंधक बना लेगा। वहीं, जर्मनी ने अमेरिका की युद्ध नीति और ऊर्जा बाजारों पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभावों पर चिंता जताई है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/west-asia-crisis-donald-trump-sharply-criticized-friedrich-merz-also/article-152097"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/trump.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। ईरान के मुद्दे पर अमेरिका और उसके यूरोपीय सहयोगियों के बीच गहराते मतभेद के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि मर्ज़ को लगता है कि ईरान का परमाणु हथियार संपन्न होना ठीक है। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ सोशल पर कहा कि इसमें कोई आश्चर्य नहीं है कि जर्मनी आर्थिक और अन्य मोर्चों पर इतना खराब प्रदर्शन कर रहा है। उन्होंने कहा कि जर्मन चांसलर को नहीं पता कि वह क्या कह रहे हैं।</p>
<p>अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि यदि ईरान के पास परमाणु हथियार होता, तो पूरी दुनिया को बंधक बना लिया जाता। उन्होंने कहा कि वह अभी ईरान के संबंध में वह कदम उठा रहे हैं, जो अन्य देशों या राष्ट्रपतियों को बहुत पहले कर लेने चाहिए थे। यह तीखी प्रतिक्रिया मर्ज़ द्वारा ईरान मुद्दे पर अमेरिकी दृष्टिकोण की आलोचना के बाद आई है। जर्मन चांसलर ने कहा था कि ईरान का नेतृत्व अमेरिका को अपमानित कर रहा है और ऐसा प्रतीत नहीं होता कि अमेरिका के पास इस युद्ध से बाहर निकलने की कोई स्पष्ट योजना है। मर्ज़ ने होर्मुज जलडमरूमध्य के घटनाक्रम पर भी चिंता व्यक्त करते हुए कहा था कि वहां होने वाले व्यवधान के ऊर्जा बाजारों और वैश्विक व्यापार के लिए दूरगामी परिणाम हो सकते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 29 Apr 2026 16:52:04 +0530</pubDate>
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