<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/buddhism-spread-in-rajasthan/tag-78518" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title>buddhism spread in rajasthan - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/78518/rss</link>
                <description>buddhism spread in rajasthan RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>आज बुद्ध पूर्णिमा : सम्राट अशोक के समय राजस्थान में हुआ था बौद्ध धर्म का प्रसार, कई जगह स्तूप </title>
                                    <description><![CDATA[गौतम बुद्ध का जन्म 563 ईसा पूर्व आज के नेपाल के लुंबिनी में हुआ था, उनका अधिकांश समय बिहार और उत्तरप्रदेश में गुजरा, बुद्ध कभी राजस्थान तो नहीं आए, लेकिन सम्राट अशोक के समय में राजस्थान में बौद्ध धर्म का काफी प्रचार-प्रसार।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/today-on-buddha-purnima-buddhism-spread-in-rajasthan-during-the/article-152270"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/1111200-x-600-px)-(5).png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। गौतम बुद्ध का जन्म 563 ईसा पूर्व आज के नेपाल के लुंबिनी में हुआ था, उनका अधिकांश समय बिहार और उत्तरप्रदेश में गुजरा, बुद्ध कभी राजस्थान तो नहीं आए, लेकिन सम्राट अशोक के समय में राजस्थान में बौद्ध धर्म का काफी प्रचार-प्रसार हुआ। राज्य में अनेक जगह बौद्ध मठों और शिलालेखों का निर्माण हुआ। झालावाड़ में कई बौद्ध गुफाएं हैं, यहां कई स्तूप और ध्यान कक्ष बने हुए हैं। कोटा के पास बौद्ध अवशेष भी मिले हैं।</p>
<p><strong>जन्म, ज्ञान और परिनिर्वाण वैशाख पूर्णिमा को ही हुआ: </strong>बुद्ध का जन्म, ज्ञान की प्राप्ति और महापरिनिर्वाण वैशाख पूर्णिमा के दिन हुआ था, इसलिए इसे बुद्ध पूर्णिमा के नाम से जानते हैं।</p>
<p><strong>अप्प दीपो भव:</strong> बुद्ध के जाने का समय नजदीक आया तो शिष्यों को बुलाकर कहा कि वे अब निर्वाण को प्राप्त होंगे। यह सुनते ही शिष्य रोने लगे, उनके प्रिय शिष्य आनन्द भी उद्विग्न हो गए। शिष्यों ने कहा-आपके जाने के बाद हमारा मार्गदर्शन कौन करेगा? इस पर बुद्ध ने कहा-अप्प दीपो भव अर्थात स्वयं अपना प्रकाश बनो। </p>
<p><strong>वीणा के तारों को इतना मत कसो:</strong> सिद्धार्थ  राजमहल से चुपके से निकलने के बाद कठोर तपस्या में लीन हो गए, उनका शरीर सूख कर काटा हो गया। तपस्या में लीन थे, उसी दौरान कुछ महिलाएं, वहां से गीत गाते हुए निकली, जिसका भावार्थ था- वीणा के तारों को इतना मत कसो की वीणा टूट ही जाए और इतना ढीला भी मत छोड़ों कि वीणा बजे ही नहीं। इसके बाद बुद्ध ने मध्यम मार्ग चुना। </p>
<p><strong>पहला उपदेश सारनाथ में: </strong>भगवान बुद्ध ने पहला उपदेश सारनाथ में दिया, जिसे धर्मचक्रप्रवर्तन कहा गया, इसके बाद उन्होंने जीवनभर लोगों को धर्म और सत्य का ज्ञान दिया। </p>
<p><strong>सिद्धार्थ से बने बुद्ध, पेड़ बन गया बौधि वृक्ष, स्थान बना बोध गया: </strong>सिद्धार्थ को जब ज्ञान की प्राप्ति हुई, उसके बाद से वे बुद्ध कहलाए। पीपल का पेड़ बौधि वृक्ष और जिस जगह उन्हें ज्ञान की प्राप्ति हुई वह स्थान बौद्ध गया कहलाया। </p>
<p><strong>बुद्ध को विष्णु का नौवां अवतार भी माना: </strong>बौद्ध धर्म के अनुयायियों के लिए यह सबसे पवित्र दिन है। जबकि कई हिंदू मान्यताएं बुद्ध को भगवान विष्णु का नौवां अवतार मानकर इस दिन उनकी पूजा करते हैं। </p>
<p><strong>महिला के रूप में गौतमी को मिला था संघ में प्रवेश:</strong> महाप्रजापति गौतमी बुद्ध की मौसी थी, जिसने सिद्धार्थ का लालन-पालन किया था, महिला के रूप में सर्वप्रथम बौद्ध संघ में प्रवेश गौतमी को ही मिला था। आनंद बुद्ध का प्रिय शिष्य था। बुद्ध आनंद को ही संबोधित करके अपने उपदेश देते थे। वे उनके मौसी और चाचा के लड़के थे।  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/today-on-buddha-purnima-buddhism-spread-in-rajasthan-during-the/article-152270</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/today-on-buddha-purnima-buddhism-spread-in-rajasthan-during-the/article-152270</guid>
                <pubDate>Fri, 01 May 2026 10:03:54 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-05/1111200-x-600-px%29-%285%29.png"                         length="1134481"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur PS]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        