<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/project-freedom/tag-78635" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title>Project Freedom - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/78635/rss</link>
                <description>Project Freedom RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>दक्षिण कोरिया का ट्रंप को बड़ा झटका: अमेरिका के 'प्रोजेक्ट फ्रीडम' में शामिल हो या नहीं, प्रस्ताव की समीक्षा की जा रही </title>
                                    <description><![CDATA[दक्षिण कोरिया होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की सुरक्षा के लिए अमेरिका के 'प्रोजेक्ट फ्रीडम' में शामिल होने पर विचार कर रहा है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों की मुक्त आवाजाही साझा वैश्विक हित में है। ऊर्जा आपूर्ति के लिए खाड़ी पर निर्भर सियोल, ईरान के बढ़ते नियंत्रण के बीच आपूर्ति श्रृंखला और आर्थिक स्थिरता को प्राथमिकता दे रहा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/south-koreas-big-blow-to-trump-the-proposal-to-join/article-152838"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/south-korea.png" alt=""></a><br /><p>सोल। दक्षिण कोरिया ने कहा है कि वह अमेरिका के नेतृत्व वाले 'प्रोजेक्ट फ्रीडम' में शामिल होने के प्रस्ताव पर विचार कर रहा है, जिसका उद्देश्य होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरानी प्रतिबंध के बीच सहयोगी देशों के वाणिज्यिक जहाजों को सुरक्षित मार्ग प्रदान करना है। दक्षिण कोरिया के विदेश मंत्रालय ने एक आधिकारिक बयान में कहा, "अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों में सुरक्षा और मुक्त आवाजाही सभी देशों के साझा हित में है और इसे अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुसार संरक्षित किया जाना चाहिए।"</p>
<p>मंत्रालय ने कहा कि इसी सिद्धांत के आधार पर अमेरिका के प्रस्ताव की समीक्षा की जा रही है, जिसमें कोरियाई प्रायद्वीप की सैन्य तैयारी और घरेलू कानूनों को भी ध्यान में रखा जा रहा है। बयान में यह भी कहा गया कि होर्मुज जलडमरूमध्य सहित प्रमुख समुद्री मार्गों के सुरक्षित उपयोग को लेकर दक्षिण कोरिया और अमेरिका के बीच करीबी समन्वय बना हुआ है। ईरान द्वारा इस महत्वपूर्ण जलमार्ग पर नियंत्रण कड़ा करने के बाद दक्षिण कोरिया सहित कई एशियाई देशों की समुद्री आपूर्ति प्रभावित हुई है, क्योंकि सियोल अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए खाड़ी क्षेत्र से आने वाले आयात पर काफी निर्भर है।</p>
<p>संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट के अनुसार अमेरिका और इजरायल के साथ ईरान के संघर्ष के आर्थिक प्रभाव से एशिया-प्रशांत क्षेत्र को सैकड़ों अरब डॉलर का नुकसान हो सकता है, वैश्विक ईंधन संकट गहरा सकता है और लाखों लोग गरीबी की चपेट में आ सकते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक विनिर्माण का आधे से अधिक हिस्सा एशिया में होने के कारण इस क्षेत्र में किसी भी आर्थिक झटके का व्यापक असर पूरी दुनिया की आपूर्ति शृंखला पर पड़ेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/south-koreas-big-blow-to-trump-the-proposal-to-join/article-152838</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/south-koreas-big-blow-to-trump-the-proposal-to-join/article-152838</guid>
                <pubDate>Wed, 06 May 2026 14:03:20 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-05/south-korea.png"                         length="689506"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>डोनाल्ड ट्रंप का यूटर्न : ''प्रोजेक्ट फ्रीडम'' पर लगाई रोक, बोले-होर्मुज जलडमरूमध्य में नौवहन की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने की दिशा में बड़ा कदम</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ शांति समझौते में बड़ी प्रगति का दावा किया है। ट्रंप ने घोषणा की कि होर्मुज जलडमरूमध्य में नौवहन के लिए शुरू किए गए 'प्रोजेक्ट फ्रीडम' को फिलहाल रोक दिया गया है। यह निर्णय आपसी सहमति और पाकिस्तान सहित अन्य देशों के अनुरोध पर समझौते को अंतिम रूप देने के लिए लिया गया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/donald-trumps-ban-on-u-turn-project-freedom-said-a/article-152837"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/trump.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि ईरान के साथ शांति समझौते की दिशा में बड़ी प्रगति हुई है। अपने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में उन्होंने यह भी घोषणा किया कि उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य में नौवहन की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से शुरू की गई प्रोजेक्ट फ्रीडम को स्थगित करने का निर्णय लिया है ताकि यह आकलन किया जा सके कि शांति समझौते को अंतिम रूप दिया जा सकता है या नहीं।</p>
<p>राष्ट्रपति ट्रम्प ने ट्रुथ सोशल पर लिखा, "पाकिस्तान और अन्य देशों के अनुरोध, ईरान के खिलाफ अभियान के दौरान मिली जबरदस्त सैन्य सफलता और इसके अलावा, ईरान के प्रतिनिधियों के साथ पूर्ण एवं अंतिम समझौते की दिशा में हुई महत्वपूर्ण प्रगति के आधार पर, हमने पारस्परिक रूप से सहमति व्यक्त की है कि नाकाबंदी पूरी तरह से लागू रहेगी लेकिन प्रोजेक्ट फ्रीडम को थोड़े समय के लिए रोक दिया जाएगा ताकि यह देखा जा सके कि समझौता अंतिम रूप दिया जा सकता है या नहीं।"</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/donald-trumps-ban-on-u-turn-project-freedom-said-a/article-152837</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/donald-trumps-ban-on-u-turn-project-freedom-said-a/article-152837</guid>
                <pubDate>Wed, 06 May 2026 12:31:04 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-03/trump.png"                         length="790718"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>होर्मुज में ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ के बाद तनाव बढ़ा: नए हमलों के बीच ईरान-अमेरिका वार्ता खतरे में, ट्रंप ने दी चेतावनी </title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम टूटने की कगार पर है। 'प्रोजेक्ट फ्रीडम' और ईरानी ड्रोन हमले के बाद राष्ट्रपति ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अमेरिकी जहाजों पर हमला होने पर ईरान को मिटा दिया जाएगा। इस तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य की नाकाबंदी ने वैश्विक नौवहन और शांति के लिए गंभीर संकट पैदा कर दिया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/tension-increases-after-project-freedom-in-hormuz-iran-us-talks-in/article-152825"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/trump--and-iran.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। ईरान और अमेरिका के बीच हुआ युद्धविराम अब होर्मुज स्ट्रेट को लेकर खतरे में पड़ता नजर आ रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से ईरान के ताजा प्रस्ताव को खारिज करने और होर्मुज से जहाजों के पारगमन में मदद के लिए ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ शुरू करने के बाद तनाव चरम पर है। यूएई के फुजैरा पेट्रोलियम उद्योग क्षेत्र पर ईरान के ड्रोन हमले के बाद स्थिति और भी गंभीर हो गई है। इस हमले में तीन भारतीय नागरिक घायल हुए हैं। इस घटना ने उस शांति को खत्म कर दिया है जो अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम के बाद से बनी हुई थी। </p>
<p>ट्रम्प की चेतावनी : हमारे जहाजों पर हमला किया तो मिटा देंगे : उधर, ट्रंप ने चेतावनी दी है कि यदि ईरानी सेना ने होर्मुज या फारस की खाड़ी में कहीं भी अमेरिकी जहाजों को निशाना बनाने का दुस्साहस किया, तो उन्हें धरती से मिटा दिया जाएगा। ईरान की प्रतिक्रिया भी उतनी ही आक्रामक रही है। ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालीबाफ ने अमेरिका और उसके सहयोगियों पर युद्धविराम के उल्लंघन और नाकाबंदी कर सुरक्षित नौवहन को खतरे में डालने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका के लिए मौजूदा स्थिति को सहन करना असंभव होगा और चेतावनी दी कि ईरान के पास अभी भी कई बड़े विकल्प मौजूद हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/tension-increases-after-project-freedom-in-hormuz-iran-us-talks-in/article-152825</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/tension-increases-after-project-freedom-in-hormuz-iran-us-talks-in/article-152825</guid>
                <pubDate>Wed, 06 May 2026 11:04:18 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-03/trump--and-iran.png"                         length="674575"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अमेरिका ने फिर किया सीज़फायर का उल्लंघन: ईरानी नौकाओं पर ड्रोन हमला, फुजैराह तेल बंदरगाह पर लगी भीषण आग </title>
                                    <description><![CDATA[राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 'प्रोजेक्ट फ्रीडम' के तहत होर्मुज जलडमरूमध्य में सात ईरानी नौकाओं को नष्ट करने का दावा किया है। यूएई के तेल बंदरगाह पर हमलों के बाद तनाव चरम पर है। जहां अमेरिका फंसे हुए 2,000 जहाजों को निकालने का प्रयास कर रहा है, वहीं ईरान ने इसे 'सैन्य विफलता' करार देते हुए कड़ा विरोध जताया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/america-again-violates-ceasefire-drone-attack-on-iranian-boats-massive/article-152697"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/1111200-x-600-px)-(5)8.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका ने होर्मुज जलडमरूमध्य में सात ईरानी नौकाओं पर हमला किया है, क्योंकि वाशिंगटन लगभग बंद जलमार्ग के माध्यम से खाड़ी में फंसे जहाजों को बाहर निकालने का प्रयास कर रहा है। संयुक्त अरब अमीरात और दक्षिण कोरिया दोनों ने सोमवार को महत्वपूर्ण जलमार्ग में जहाजों पर हमले की सूचना दी। संयुक्त अरब अमीरात ने यह भी कहा कि ईरानी हमले के बाद फुजैराह के तेल बंदरगाह पर आग लग गई।</p>
<p>ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि जलडमरूमध्य में हुई घटनाओं से यह स्पष्ट हो गया है कि राजनीतिक संकट का कोई सैन्य समाधान नहीं है। उन्होंने आगे कहा, "प्रोजेक्ट फ्रीडम प्रोजेक्ट डेडलॉक है।" फरवरी में अमेरिका और इज़रायल द्वारा ईरान पर हवाई हमले शुरू करने के बाद से होर्मुज जलडमरूमध्य बहुत हद तक अवरुद्ध रहा है। तेहरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए इस महत्वपूर्ण जलमार्ग को अवरुद्ध कर दिया जिससे होकर दुनिया के 20 प्रतिशत तेल एवं द्रवीकृत प्राकृतिक गैस का परिवहन होता है।</p>
<p>अप्रैल की शुरुआत में, अमेरिका और ईरान ने युद्धविराम की घोषणा की, जिसके तहत ईरान ने संयुक्त अरब अमीरात सहित खाड़ी देशों पर ड्रोन और मिसाइल हमले बंद कर दिए, लेकिन तब से कुछ ही जहाज जलडमरूमध्य से गुजर पाए हैं। अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों पर अपनी नाकाबंदी भी लगा दी है। राष्ट्रपति ट्रम्प ने कहा, "हमने सात छोटी नौकाओं को मार गिराया है या जैसा कि वे उन्हें 'तेज़' नौकाएं कहते हैं। अब उनके पास बस यही बची हैं।" अमेरिकी सेना ने कहा कि उसने नौकाओं पर हमला करने के लिए हेलीकॉप्टरों का इस्तेमाल किया गया।</p>
<p>बाद में ईरानी सरकारी मीडिया ने ट्रम्प के इस दावे का खंडन किया कि अमेरिका ने तेज नौकाओं पर हमला किया। सैन्य सूत्रों का हवाला देते हुए, तसनीम समाचार एजेंसी ने बताया कि इसके बजाय दो छोटे मालवाहक जहाजों को निशाना बनाया गया जिनमें पांच नागरिकों की मौत हो गई। इससे पहले अमेरिका ने कहा था कि नौसेना के विध्वंसक पोत और अमेरिकी ध्वज वाले व्यापारिक जहाज सोमवार को जलडमरूमध्य से गुजरे थे। ईरान ने इन दावों को पूरी तरह से झूठा करार दिया और कहा कि उसकी सेना ने एक अमेरिकी युद्धपोत पर चेतावनी के तौर पर गोलियां चलाईं। अमेरिकी सेना ने इस बात से इनकार किया।</p>
<p>अंतर्राष्ट्रीय नेताओं ने यूएई अवसंरचना पर हुए हमलों की निंदा की है। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉ ने कहा कि ये हमले अन्यायपूर्ण और अस्वीकार्य हैं। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री सर कीर स्टारमर ने कहा कि ब्रिटेन खाड़ी में अपने साझेदारों की रक्षा के लिए अपना समर्थन जारी रखेगा।पड़ोसी देश कतर ने टैंकर पर हुए हमले की निंदा करते हुए जलडमरूमध्य को बिना शर्त फिर से खोलने की मांग की। रविवार को राष्ट्रपति ट्रम्प ने कहा था कि अमेरिका "प्रोजेक्ट फ्रीडम" के तहत फंसे हुए जहाजों को समुद्री मार्ग से बाहर निकालने में मदद करना शुरू करेगा। फरवरी में अमेरिका-ईरान युद्ध शुरू होने के बाद से अनुमानित 20,000 नाविक 2,000 जहाजों पर फंसे हुए हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/america-again-violates-ceasefire-drone-attack-on-iranian-boats-massive/article-152697</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/america-again-violates-ceasefire-drone-attack-on-iranian-boats-massive/article-152697</guid>
                <pubDate>Tue, 05 May 2026 11:24:08 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-05/1111200-x-600-px%29-%285%298.png"                         length="375538"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ईरानी सेना की ट्रंप को चेतावनी: अमेरिकी सेना ने होर्मुज में किया प्रवेश तो होगी कड़ी कार्रवाई ; जलडमरूमध्य ईरान के नियंत्रण में है, पूरी ताकत से की जाएगी इसकी सुरक्षा </title>
                                    <description><![CDATA[ईरान ने अमेरिका के 'प्रोजेक्ट फ्रीडम' पर कड़ी चेतावनी देते हुए होर्मुज जलडमरूमध्य में विदेशी सेना के प्रवेश का विरोध किया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप फंसे जहाजों को निकालने के लिए 15,000 सैनिकों का मिशन शुरू कर रहे हैं। ईरान का कहना है कि यह क्षेत्र उसके पूर्ण नियंत्रण में है और बिना अनुमति प्रवेश पर सैन्य कार्रवाई की जाएगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/iranian-armys-warning-to-trump-if-us-army-enters-hormuz/article-152635"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/trump.png" alt=""></a><br /><p>तेहरान। ईरानी सेना ने अमेरिकी को चेतावनी दी है कि उसकी सेना होर्मुज जलडमरूमध्य में दाखिल होने की कोशिश न करे। यह चेतावनी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस ऐलान के बाद आई है जिसमें उन्होंने जलमार्ग से जहाजों को सुरक्षित निकालने के लिए 'प्रोजेक्ट फ्रीडम' अभियान शुरू करने की बात कही है। अमेरिकी सेना ने साफ किया है कि यह कोई औपचारिक 'एस्कॉर्ट मिशन' नहीं है। इस 'प्रोजेक्ट फ्रीडम' को सफल बनाने के लिए गाइडेड मिसाइल, 100 से अधिक विमान, ड्रोन प्लेटफॉर्म और 15,000 सैनिकों की मदद ली जाएगी।</p>
<p>जवाब में ईरान के सशस्त्र बलों की एकीकृत कमान के प्रमुख मेजर जनरल अली अब्दुल्लाही ने कहा कि ईरान इस इलाके में आने वाली 'किसी भी विदेशी सेना' और खास तौर पर 'आक्रामक अमेरिकी सेना' को निशाना बनाएगा। उन्होंने साफ कहा कि यह जलडमरूमध्य ईरान के नियंत्रण में है और इसकी सुरक्षा पूरी ताकत से की जाएगी। अब्दुल्लाही ने कहा कि हम होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा का प्रबंधन मजबूती से कर रहे हैं। हम सभी व्यापारिक जहाजों और तेल टैंकरों को सलाह देते हैं कि वे यहाँ तैनात हमारी सेना के साथ तालमेल बिठाए बिना यहाँ से न गुजरें, अन्यथा उनकी सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है।</p>
<p>मेजर जनरल ने कहा कि यह पूरा समुद्री रास्ता ईरानी सेना के दायरे में आता है। अमेरिका की कोई भी 'आक्रामक हरकत' यहाँ के हालात को और खराब करेगी और जहाजों की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा पैदा करेगी। उन्होंने यह भी दोहराया कि सुरक्षित आवाजाही के लिए 'हर हाल में' ईरानी सेना से संपर्क करना जरूरी है। दूसरी ओर, ट्रंप ने 'प्रोजेक्ट फ्रीडम' के तहत सोमवार से फंसे हुए व्यापारिक जहाजों को बाहर निकालने की घोषणा की है। उन्होंने बताया कि कई देशों ने अपने जहाजों को मुक्त कराने के लिए अमेरिका से मदद मांगी है, जो इस समय होर्मुज जलडमरूमध्य में फंसे हुए हैं। उन्होंने इन जहाजों को निर्दोष और इस विवाद से पूरी तरह अलग बताया है।</p>
<p>डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी सेना इन तटस्थ देशों के जहाजों को प्रतिबंधित जलमार्ग से सुरक्षित बाहर लाएगी, ताकि वे अपना व्यापारिक कामकाज फिर से शुरू कर सकें। उन्होंने दावा किया कि इस पहल से अमेरिका के साथ-साथ ईरान और पूरे क्षेत्र को फायदा होगा। घोषणा के मुताबिक, अमेरिकी प्रतिनिधियों को निर्देश दिया गया है कि वे संबंधित देशों को सूचित कर दें कि अमेरिका उनके जहाजों और चालक दल की सुरक्षा के लिए हर संभव प्रयास करेगा।</p>
<p>डोनाल्ड ट्रंप ने उम्मीद जताई कि सोमवार सुबह से शुरू होने वाली 'प्रोजेक्ट फ्रीडम' प्रक्रिया के लिए ईरान के साथ सकारात्मक बातचीत चल रही है। उन्होंने इसे एक मानवीय मिशन बताते हुए कहा कि कई जहाजों पर भोजन और जरूरी सामान खत्म हो रहा है, जिससे वहाँ के कर्मियों की हालत चिंताजनक है। हालाँकि, ट्रंप ने सख्त चेतावनी भी दी कि इस मानवीय काम में कोई भी रुकावट बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि अगर इस प्रक्रिया में किसी ने दखल दिया, तो उससे पूरी ताकत के साथ निपटा जाएगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/iranian-armys-warning-to-trump-if-us-army-enters-hormuz/article-152635</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/iranian-armys-warning-to-trump-if-us-army-enters-hormuz/article-152635</guid>
                <pubDate>Mon, 04 May 2026 14:58:02 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-05/trump.png"                         length="753589"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        