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                <title>notice - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>राजस्थान आवासन मंड़ल कार्रवाई के नोटिस से मची दहशत : बेदखली के डर से सैकड़ों परिवार चिंतित, क्षेत्रवासियों ने मुख्यमंत्री को लिखा भावुक पत्र</title>
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                        <![CDATA[शहर के बाहरी क्षेत्र की 87 कॉलोनियों में 30-40 वर्षों से रह रहे परिवारों पर बेघर होने का खतरा मंडरा रहा। राजस्थान हाउसिंग बोर्ड द्वारा 26 मार्च को कार्रवाई का नोटिस जारी होने से लोगों में दहशत। क्षेत्रवासियों ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर वैध दस्तावेज वाले मकानों के नियमितीकरण और अन्य परिवारों के पुनर्वास की मांग की।
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/rajasthan-housing-board-action-notice-created-panic-hundreds-of-families/article-145518"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/200-x-60-px)-(4)2.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान आवासन मंडल की अवाप्तशुदा जमीनों पर वर्षों से रह रहे दर्जनों परिवारों के सामने अब बेघर होने का खतरा मंडरा रहा है। इस मामले में स्थानीय लोगों ने मुख्यमंत्री को एक भावुक पत्र लिखकर न्याय की गुहार लगाई है। पत्र में उन्होंने कहा है कि “जीते जी अपने घर नहीं उजड़ने देंगे”, क्योंकि इन मकानों में उनके परिवारों की वर्षों की मेहनत और जीवनभर की कमाई लगी हुई है।</p>
<p>नियमन हेतु संघर्ष समिति अध्यक्ष रघुनंदन सिंह हाडा एवं महासचिव परशुराम चौधरी ने शुक्रवार को मीडिया को बताया कि इलाके में करीब 87 कालोनियों में पिछले 30-40 वर्षों से रह रहे हैं। यहां अधिकांश लोग मजदूरी और छोटे-मोटे काम करके अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं। हाल ही में राजस्थान हाउसिंग बोर्ड की ओर से 26 मार्च को कार्रवाई का नोटिस जारी किया गया है, जिससे सभी परिवारों में दहशत का माहौल है। उन्होंने कहा कि कई परिवारों के पास पहले से जारी एनओसी और अन्य दस्तावेज भी हैं, फिर भी अचानक बेदखली की कार्रवाई से लोगों का भविष्य अंधकार में पड़ गया है। पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि यहां रहने वाले लोगों ने वर्षों की मेहनत से छोटे-छोटे मकान बनाए हैं और अब उन्हें तोड़े जाने की बात कही जा रही है।</p>
<p>स्थानीय लोगों ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि सरकार इस मामले में हस्तक्षेप करे और गरीब परिवारों को राहत प्रदान करे। उन्होंने आग्रह किया कि जिन परिवारों के पास वैध दस्तावेज हैं, उन्हें नियमित किया जाए और जिनके पास नहीं हैं, उनके पुनर्वास की व्यवस्था की जाए। क्षेत्रवासियों का कहना है कि यदि सरकार ने समय रहते समाधान नहीं निकाला तो सैकड़ों लोगों के सिर से छत छिन जाएगी। फिलहाल, सभी की निगाहें सरकार के निर्णय पर टिकी हुई हैं।</p>
<p> </p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 06 Mar 2026 16:31:05 +0530</pubDate>
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                <title>राजकीय जवाहरलाल नेहरू चिकित्सालय में पार्किंग ठेकेदार को चिकित्सालय अधीक्षक अरविंद खरे ने जारी किया नोटिस, जानें पूरा मामला</title>
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                        <![CDATA[अधीक्षक डॉ. अरविंद खरे ने अधिक वसूली की शिकायतों पर पार्किंग ठेकेदार को नोटिस जारी कर जुर्माना लगाया। ठेकेदार द्वारा निर्धारित दर से अधिक पैसे वसूलने पर प्रशासन ने यह सख्त कार्रवाई की।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/ajmer/hospital-superintendent-arvind-khare-issued-notice-to-the-parking-contractor/article-143961"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/ajer.jpg" alt=""></a><br /><p>अजमेर। अजमेर के राजकीय जवाहरलाल नेहरू चिकित्सालय में स्थित पार्किंग ठेकेदार को चिकित्सालय अधीक्षक डॉक्टर अरविंद खरे ने नोटिस देकर वहां पार्किंग के बदले निर्धारित किराए से अधिक वसूली करने के मामले में 10000 का जुर्माना ठोका है। </p>
<p>डॉक्टर खरे ने बताया कि इस संबंध में उन्हें पार्किंग ठेकेदार के विरुद्ध काफी समय से शिकायतें मिल रही थी कि वह चिकित्सालय प्रशासन द्वारा किए गए टेंडर में निर्धारित की गई दो पहिया में चार पहिया वाहनों की किराया राशि से अधिक राशि वाहन मालिकों से वसूल करके अनैतिक रूप से रकम ले रहा है। इसीलिए उसे पर जुर्माना राशि निर्धारित की गई है।</p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>अजमेर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 20 Feb 2026 18:27:13 +0530</pubDate>
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                <title>असर खबर का - हजार फीट में ही बना दी 8-8 मंजिला इमारतें, 91 अवैध निर्माण वाले भवन मालिकों को जारी किए नोटिस</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[केडीए ने एक ही दिन में कोरल पार्क,  लेण्डमार्क व जवाहर नगर क्षेत्र में की कार्रवाई।
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/impact-of-news---eight-story-buildings-constructed-within-a-thousand-feet--notices-issued-to-91-illegal-building-owners/article-143014"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/(12200-x-600-px)-(5)6.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। जवाहर नगर थाना क्षेत्र स्थित इंद्र विहार में तीन मंजिला बिल्डिग के धराशाही होने के बाद अब कोटा विकास प्राधिकरण प्रशासन हरकत में आया है। केडीए ने शहर में अवैध निर्माण वाले भवनों का सर्वे करने के साथ ही गुरुवार को एक ही दिन में 91 अवैध निर्माण वाले भवन मालिकों को नोटिस जारी किए हैं।</p>
<p>एक ओर जहां नगर निगम की ओर से इंद्र विहार में अवैध निर्माण वाले चार भवनों को सीज किया गया है। वहीं केडीए ने भी कार्रवाई शुरू कर दी है। कोटा विकास प्राधिकरण की ओर से कृषि भूमि पर बसी हुई आवासीय योजनाओं में बिना निर्माण स्वीकृति व बिना सेटबेक छोड़े बनायी गई बहुमंजिला ईमारतों के मालिकों को नोटिस जारी किए हैं।</p>
<p><strong>8 सौ से 15 सौ वर्गफीट पर खड़ी हुई 8 मंजिले</strong><br />प्राधिकरण द्वारा करवाए जा रहे सर्वे में सामने आया कि शहर में छोटे-छोटे भूखंडों पर बहुमंजिला इमारतें खड़ी की गई है। जिनमें 8 सौ से 15 सौ वर्ग फीट तक के भूखंडों पर 8 मंजिल तक के अवैध निर्माण कर लिए गए। अब केडीए की ओर से उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।</p>
<p><strong>कोरल पार्क में 30 भूखंडों को दिए नोटिस</strong><br />प्राधिकरण की आयुक्त ममता तिवारी के निर्देशन में यह कार्रवाई की गई है। आयुक्त ने बताया कि प्राधिकरण के जोन 1 व 2 में स्थित योजना कोरल पार्क, दीपक रेजीडेन्सी, ग्राम हनुवन्तखेडा व गैर अनुमोदित योजना अमरनाथ एनक्लेव, ग्राम नयानोहरा में बिना सेटबेक छोड़े व अवैध रूप से निर्माण किया हुआ है। जहां जी प्लास 5 से लेकर जी प्लास 8 तक की बहुमंजिला ईमारते जो 1 हजार वर्गफीट से 12 सौ वर्गफीट तक के भूखंडों पर बनाई गई है। ऐसे 30 भूखण्डों पर निर्मित भवनों के मालिकों को नोटिस जारी किए हैं।</p>
<p><strong>जवाहर नगर में 8 मंजिल तक किया निर्माण</strong><br />जोन 3 में स्थित प्राधिकरण की अनुमोदित योजना जवाहर नगर में 800 वर्गफीट से 1250 वर्गफीट तक के भूखंडों पर जी प्लस 4 से जी प्लास 8 तक के भवनों का अवैध निर्माण व बिना स्वीकृति के निर्माण किया गया है। ऐसे 15 भूखण्डों पर निर्मित भवनों के मालिकों को नोटिस जारी किए हैं।</p>
<p><strong> लैंडमार्क में भी यही स्थिति</strong><br />आयुक्त ने बताया कि प्राधिकरण के जोन 4 में स्थित अनुमोदित योजनाएँ लेण्डमार्क सिटी, अम्बिका नगर में 900 वर्गफुट से 15 सौ वर्ग वर्गफुट के भूखण्डों पर बिना निर्माण स्वीकृति, बिना सेटबेक छोड़े व निर्माण स्वीकृति से अधिक ऊचाई तक अवैध निर्माण किया गया है। ऐसे अवैध निर्माण के संबंध में 46 भवन मालिकों को नोटिस जारी किये गये है। इस प्रकार प्राधिकरण द्वारा कुल 91 भवन मालिकों को नोटिस जारी किए गए है।</p>
<p><strong>जवाब के लिए एक माह का समय</strong><br />केडीए सचिव मुकेश चौधरी ने बताया कि जिन भी भवन मालिकों द्वारा अवैध निर्माण किया गया है। उन सभी को नोटिस जारी किए गए हैं। साथ ही उन्हें एक माह में जवाब पेश करने का समय दिया गया है। निर्धारित समय अवधि में जवाब प्राप्त नहीं होने या न्याय संगत व संतुष्टिपूर्ण जवाब प्राप्त नहीं होने की स्थिति में नियमानुसार कार्रवाई अमल में लायी जाएगी।</p>
<p><strong>नवज्योति ने किया था मामला प्रकाशित</strong><br />गौरतलब है कि शहर में अवैध निर्माण कर खड़ी की गई गगन चुम्भी इमारतों का मामला दैनिक नवज्योति ने प्रमुखता से प्रकाशित किया है। समाचार पत्र के 12 फरवरी के ही अंक में पेज दो पर' सांप निकलने के बाद लाठी पीट रहे जिम्मेदार शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया है। जिसमें बताया कि शहर में कहां-कहां और कितनी अवैध बिल्डिगें खड़ी हो गई है। अवैध निर्माण होते समय तो किसी भी जिम्मेदार अधिकारियों ने उन पर ध्यान नहीं दिया अब सर्वे कर लाठी पीट रहे हैं।</p>
<p>दैनिक नवज्योति में समाचार प्रकाशित होते ही नगर निगम और केडीए दोनों विभागों के अधिकारी हरकत में आए। निगम ने जहां 4 भवनों को सीज किया। वहीं केडीए ने भी नवज्योति द्वारा बताए गए स्थानों में से तीन स्थानों पर ही 91 भवन मालिकों को अवैध निर्माण का दोषी पाए जाने पर नोटिस जारी किए हैं।</p>
<p>उपायुक्तों के निर्देशन में जोन वाइज सवे किया जा रहा है। सर्वे में जो भी अवैध निर्माण होगा उन सभी को नोटिस जारी किए जाएंगे।<br /><strong>- ममता तिवारी, आयुक्त केडीए</strong></p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 13 Feb 2026 15:05:37 +0530</pubDate>
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                <title>सड़क किनारे उगे अंग्रेजी बबूलों की कटाई से घटी हादसों की आशंका </title>
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                        <![CDATA[दैनिक नवज्योति में खबर प्रकाशित होने के बाद हरकत में आया प्रशासन।
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/cutting-of-prosopis-juliflora-trees-along-the-roadside-reduces-the-risk-of-accidents/article-138713"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/1200-x-600-px)-(1200-x-600-px)-(1)18.png" alt=""></a><br /><p>अरण्डखे़डा । दैनिक नवज्योति में 2 जनवरी को खबर प्रकाशित होने के बाद हरकत में आते हुए प्रशासन ने मंगलवार को कोटा-कनवास मुख्य सड़क मार्ग पर अरण्डखेड़ा के समीप घुमावदार स्थान पर  सड़क किनारे उगे अंग्रेजी बबूलों की कटाई का काम शुरू कर दिया। गौरतलब है कि इन बबूलों के कारण सामने से आने वाले वाहन नजर नहीं आ रहे है। जिससे कई वाहन चालक दुर्घटनाओं का शिकार हो चुके थे। इस समस्या को लेकर दैनिक नवज्योति में समाचार प्रकाशित होने के बाद प्रशासन ने संज्ञान लिया। </p>
<p>ग्राम पंचायत अरण्डखेडा़ के ग्राम विकास अधिकारी हिमांशु सिंह ने समस्या को गंभीरता से लेते हुए मनरेगा के तहत मस्टररोल जारी करवाया। इसके बाद सड़क किनारे उगे अंग्रेजी बबूल व अन्य पेड़ों की कटाई करवाई गई। कटाई कार्य के बाद अब घुमावदार स्थान पर दूर से ही सामने से आने वाले वाहन दिखाई देने लगे है।  जिससे वाहन चालकों को राहत मिली है। स्थानीय लोगों ने बताया कि इससे दुर्घनाओं की आशंका कम होगी और यातायात अधिक सुरक्षित बनेगा।</p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 07 Jan 2026 15:34:36 +0530</pubDate>
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                <title>निगम बोला-हमारी रिपोर्ट में भवन निर्माण अवैध,  कांग्रेस नेता त्यागी ने  किया जवाब पेश</title>
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                        <![CDATA[निर्माण को अवैध मानते हुए नोटिस जारी किया था। ]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/the-corporation-stated--%22our-report-shows-the-building-construction-is-illegal-%22-while-congress-leader-tyagi-submitted-his-response/article-137422"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/1200-x-600-px)-(1200-x-600-px)-(6)4.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। कांग्रेस नेता पूर्व यूआईटी चैयरमैन रविन्द्र त्यागी की पत्नी के नाम तलवंडी स्थित प्लॉट पर बिना सेटबैक छोड़े बनाए जा रहे बहुमंजिला भवन का मामले में अब नया मोड आया है। एक तरफ नगर निगम ने बहुमंजिला भवन निर्माण को नियम विपरीत बताते हुए अवैध करार दिया। वहीं, दूसरी ओर कांग्रेस नेता त्यागी का कहना है कि काम नियमानुसार है, लैंड यूज चैंज करने से लेकर भवन निर्माण तक की स्वीकृति ली है। आगे की ओर व साइड की तरफ भी अधिकतम सेटबैक छोड़ा है। जिसकी जानकारी मय दस्तावेज दी है। यह इंटेनशली परेशान किए जाने की बात है। इधर, मामले को लेकर नवज्योति ने निगम अधिकारियों से बात की तो वह जवाब देने से कतराते रहे। हालांकि, मामले में दोनों ओर से बचाव व गोलमोल प्रतिक्रिया जैसी स्थिति रही।</p>
<p><strong>आगे 20 फीट और साइड में अधिकतम सेटबैक छोड़ा</strong><br />तत्कालीन यूआईटी चेयरमैन रविंद्र त्यागी का कहना है कि तलवंडी की नर्सरी योजना का प्लॉट पत्नी बीना त्यागी के नाम है। मैंने भवन के आगे 20 फीट और साइड की ओर अधिकतम सेटबैक छोड़ा है। जिसके सबूत दस्तावेजों के साथ निगम में पेश कर दिया है। इसके बावजूद नोटिस देना समझ से परे है। जबकि, शहरभर में कई मकान 0% सेटबैक के बने हैं, उस पर तो कार्रवाई नहीं की जा रही।</p>
<p><strong>पहले नोटिस न मिलने की बात, अब जवाब पेश किया</strong><br />तत्कालीन यूआईटी चेयरमैन रविंद्र त्यागी ने गुरुवार को निगम द्वारा भेजे नोटिस नहीं मिलने की बात कहीं थी लेकिन शुक्रवार को उन्होंने उक्त नोटिस का दस्तावेजों के साथ जवाब दिए जाने की बात कही।</p>
<p><strong>निगम ने नोटिस में बताया था अवैध निर्माण</strong><br />मामला सामने आने पर नगर निगम ने जेईएन को मौके पर भेजकर मौका रिपोर्ट बनवाई थी, जिसमें निर्माण को अवैध मानते हुए गत 8 दिसंबर को बीना त्यागी के नाम नोटिस जारी किया था। जिसमें लिखा है कि नगर निगम से जारी भवन निर्माण स्वीकृति व स्वीकृत मानचित्र के विपरीत साइड-सेटबैक कवर कर निर्माण किया जा रहा है, निगम से जारी स्वीकृति व स्वीकृत मानचित्र के विपरीत अवैध निर्माण तुरंत बंद करें और जो अवैध निर्माण हो चुका उसे हटाकर स्वीकृति संबंधी एवं स्वामित्व संबंधी दस्तावेज की प्रमाणित प्रति प्रस्तुत करें।</p>
<p>ऐसी शिकायत आई थी कि मकान निर्माण के दौरान सेटबैक नहीं छोड़ा गया। जेईएन की रिपोर्ट में वॉइयोलेशन होना आया था। जिस पर नोटिस जारी किया था। अब उनका जवाब आया है, जिसे दिखवा रहे हैं।<br /><strong>-भावना सिंह, डिप्टी आयुक्त नगर निगम</strong></p>
<p>यदि, किसी को नोटिस भेजते हैं तो रिसिप्ट भी लेते हैं। हमारी ओर से भेजा गया है। वहीं, नोटिस कब गया, क्या भेजा, रिसीव हुआ या नहीं, यह रिकॉर्ड देखकर चैक कर लेंगे। रही बात, मामले में क्या और किस तरह की कार्रवाई की जाएगी, इस संबंध में डिप्टी कमिशनर से बात की जा सकती है।<br /><strong>-ओम प्रकाश मेहरा, आयुक्त नगर निगम</strong></p>
<p>निगम ने जो नोटिस भेजा था, उसका दस्तावेजों के साथ जवाब पेश कर दिया है। मैंने नियमानुसार ही भवन निर्माण कार्य करवाया है। आगे 20 फीट सेटबैक छोड़ा है। प्लॉट के साइड का हिस्सा थोड़ा टेड़ा होने के चलते थोड़ी कमी हो सकती है लेकिन अधिकतम सेटबैक छोड़ा हुआ है।<br /><strong>-रविंद्र त्यागी,कांग्रेस नेता</strong></p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 27 Dec 2025 14:41:25 +0530</pubDate>
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                <title>गोवा अग्निकांड : क्लब मालिक थाईलैंड भागे, लुकआउट नोटिस जारी</title>
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                        <![CDATA[सभी आरोपियों को 6 दिन की रिमांड पर भेज दिया गया है। बताया जा रहा है कि बिना जरूरी दस्तावेजों और लाइसेंस के क्लब चलाया जा रहा था। ]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/goa-fire-club-owner-flees-to-thailand-lookout-notice-issued/article-135249"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/6622-copy21.jpg" alt=""></a><br /><p>पणजी। गोवा के नाइट क्लब में आग लगने से हुई 25 लोगों की मौत के बाद क्लब के मालिक गौरव लूथरा और सौरभ लूथरा विदेश भाग गए हैं। बताया जा रहा है कि वे दोनों विमान से थाईलैंड के फुकेट चले गए हैं। इस बीच पुलिस ने क्लब चेन पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। गोवा पुलिस ने गौरव और सौरभ लूथरा के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया है। पुलिस ने इस मामले में अब तक पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। सोमवार को पुलिस ने दिल्ली से आॅपरेशन मैनेजर भारत सिंह को गिरफ्तार किया है। सभी आरोपियों को 6 दिन की रिमांड पर भेज दिया गया है। बताया जा रहा है कि बिना जरूरी दस्तावेजों और लाइसेंस के क्लब चलाया जा रहा था। </p>
<p><strong>25 लोगों की हुई थी मौत</strong><br />गौरतलब है कि पणजी से 25 किमी दूर अरपोरा में बर्च बाय रोमियो लेन नाइट क्लब में 6 दिसंबर की रात आग लगने से 25 लोगों की मौत हो गई थी। मरने वालों में नाइट क्लब के 20 कर्मचारी और 5 टूरिस्ट शामिल हैं।</p>
<p> </p>]]>
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                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 09 Dec 2025 09:35:07 +0530</pubDate>
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                <title>ईडी ने जारी किया मुख्यमंत्री पी. विजयन को कारण बताओ नोटिस, जानें क्या है पूरा मामला? </title>
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                        <![CDATA[ईडी ने केरल के मुख्यमंत्री पी. विजयन, पूर्व वित्त मंत्री थॉमस इसाक और पूर्व केआईआईएफबी सीईओ के.एम. अब्राहम को 466 करोड़ रुपये के लिए फेमा के तहत कारण-बताओ नोटिस भेजा है। 2019 में जारी केआईआईएफबी मसाला बॉन्ड में विदेशी बाजार से जुटाई गई राशि के गलत उपयोग का आरोप है।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/ed-issues-show-cause-notice-to-chief-minister-p-vijayan/article-134364"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/odisha-cm.png" alt=""></a><br /><p>कोच्चि। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने केरल के मुख्यमंत्री पी. विजयन को केआईआईएफ बी मसाला बॉन्ड जांच के संबंध में विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) के तहत 466 करोड़ रुपए के लिए कारण-बताओ नोटिस जारी किया है। नोटिस में राज्य के पूर्व वित्त मंत्री थॉमस इसाक और पूर्व-केआईआईएफबी मुख्य कार्यकारी के एम अब्राहम का नाम भी शामिल किया गया है।</p>
<p>यह कदम 2019 में जारी हुए मसाला बॉन्ड से संबंधित है, जिसके ज़रिए केरल बुनियादी ढांचा निवेश निधि बोर्ड (केआआईएफबी) ने अंतरराष्ट्रीय बाज़ारों से 2,000 करोड़ रुपए से ज़्यादा की रकम इकट्ठा की थी। ऐसा करके बॉन्ड विदेशों में ऐसा बॉन्ड पहुंचाने वाली पहली उप-संप्रभु इकाई बन गयी थी। ईडी का आरोप है कि निधि का पैसा फेमा नियमों के अनुरूप ख़र्च नहीं किया गया था। यह मामला तब से जांच का विषय है जबसे नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) ने केआआईएफबी के विदेशी ऋण पर चिंता ज़ाहिर की है। </p>
<p>सीएजी का कहना है कि केआईआईएफबी ने विदेश-संबंधी कर्ज के लिए केंद्र की मंजूरी के संवैधानिक प्रावधानों का उल्लंघन किया है। दूसरी ओर, केआईआईएफबी अधिकारी इस बात पर अडिग हैं कि ये बॉन्ड भारतीय रिजर्व बैंक के दिशानिर्देशों के अनुरूप ही जारी किए गए हैं। और संवैधानिक परिभाषाओं के अनुसार यह उधार राज्य कर्ज की श्रेणी में नहीं आती। ईडी ने यह नोटिस जारी करते हुए विजयन और मामले में शामिल अन्य लोगों से यह स्पष्ट करने के लिये कहा है कि इन कथित अनियमितताओं के लिए उनसे फेमा के तहत जुर्माना क्यों नहीं लिया जाना चाहिए। अग्रिम कार्रवाई इस कारण-बताओ नोटिस पर उनके आधिकारिक जवाब के आधार पर ही दी जाएगी। </p>]]>
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                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 02 Dec 2025 11:53:54 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Jaipur NM]]>
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                <title>शहर में खड़ी हैं लापरवाही की सैकड़ों बहुमंजिला इमारतें, फायर अनुभाग भी नोटिस देकर कर रहा इतिश्री</title>
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                        <![CDATA[मल्टी स्टोरियों में आग से सुरक्षा के इंतजाम तक नहीं।
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/hundreds-of-negligent-multi-story-buildings-stand-in-the-city--and-the-fire-department-is-content-with-issuing-notices/article-128244"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-09/copy-of-news-(3)26.png" alt=""></a><br /><p>कोटा । अनंतपुरा थाना क्षेत्र स्थित ट्रांसपोर्ट नगर की जिस दीपश्री मल्टीस्टोरी के फ्लैट में आग लगी और दम घुटने से दो बच्चों की मौत हुई। उस मल्टी स्टोरी में पिछले करीब 5 साल से अधिक समय से फायर एनओसी तक नहीं ली गई है। उसके बाद भी वहां किसी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई। इतना ही नहीं शहर में लापरवाही की ऐसी सैकड़ों बहुमंजिला इमारतें खड़ी हैं जिनमें आग से सुरक्षा के नाम पर कोई व्यवस्था तक नहीं है। नगर निगम का फायर अनुभाग भी जांच के बाद केवल नोटिस देकर इतिश्री कर रहा है। जिसका खामियाजा आमजन को जान गंवाने के रूप में भुगतना पड़ रहा है। शिक्षा नगरी कोटा में जहां हर साल लाखों बच्चे कोचिंग के लिए आते हैं। वहां बच्चों के कोचिंग से लेकर उनके रहने के लिए हॉस्टलों की व्यवस्था तक की गई। ऐसे में शहर के हर क्षेत्र में बहुमंजिला हॉस्टल बनने की शुरुआत हुई। इस शुरुआत ने इतना बड़ा रूप ले लिया कि अब कोटा में भी महानगरों की तर्ज पर जहां देखो वहां मल्टी स्टोरी ही नजर आने लगी है। वह भी 8 से 18 मंजिला तक की बिल्डिंगें है।  आवासीय सोसायटी हो या हॉस्टल। व्यवसायिक बिल्डिंग हो या मॉल। उन्हें बनाने में बिल्डर लाखों करोड़ों रुपए खर्च कर रहे हैं और उनसे कमाई भी कर रहे हैं। लेकिन हालत यह है कि उन बिल्ड़िंग में सुरक्षा के नाम पर कोई व्यवस्था या सुविधा नहीं की जा रही है। फायर सेफ्टी के नाम पर सिर्फ दिखावा और औपचारिकता की जा रही है।  नए कोटा शहर में तलवंडी से लेकर राजीव गांधी नगर,इंद्र विहार, महावीर नगर विस्तार योजना, महावीर नगर प्रथम, जवाहर नगर डिस्ट्रिक्ट सेंटर,विज्ञान नगर, दादाबाड़ी, कोरल पाकर, नया नोहरा, बोरखेड़ा, नदी पार लैंडमार्क सिटी, बूंदी रोड समेत कई जगह पर एक से बढ़कर एक बहुमंजिला इमारतें खड़ी हो गई है। जिनमें से अधिकतर में या तो फायर उपकरण ही नहीं है। या फिर फायर एनओसी नहीं है। </p>
<p><strong>पहले भी हो चुके कई हादसे</strong><br />मल्टी स्टोरी के फ्लैट में आग लगने का यह पहला मामला नहीं है। इस तरह के हादसे शहर में कई बार हो चुके हैं। हालांकि आग लगने के बाद धुएं से दम घुटने पर दो बच्चों की मौत का संभवत: यह पहला मामला है।  कुन्हाड़ी क्षेत्र स्थित हॉस्टल, बोरखेड़ा रोड स्थित कोरल पार्क, तलवंडी स्थित हॉस्टल,जवाहर नगर समेत शहर में अन्य जगहों पर पूर्व में कई हॉस्टलों में आग लगने की घटनाएÞं हो चुकी है। जिनमें से अधिकतर में फायर अनुभाग ने नोटिस देकर अपनी जिम्मेदारी पूरी कर ली। उसके बाद उन पर ध्यान तक नहीं दिया। हालांकि कई हॉस्टलों को निगम के फायर अनुभाग ने सीज भी किया है।  </p>
<p><strong>12 सौ से अधिक को नोटिस जारी</strong><br />शहर में जहां सैकड़ों बहुमंजिला इमारतें हैं और लगातार नई बनती जा रही है। उनमें से अधिकतर में फायर सिस्टम तक नहीं है। शहर में कोई भी बड़ा हादसा होने के बाद ही प्रशाशन हरकत में आता है। पूर्व में हॉस्टल व मल्टी स्टोरी में आग लगने की घटनाएं होने के बाद नगर निगम के फायर अनुभाग द्वारा मल्टी स्टोरी बिल्डिंग का सर्वे कराया गया। नगर निगम कोटा उत्तर व दक्षिण क्षेत्र में सर्वे के दौरान कमियां पाए जाने पर निगम की ओर से करीब 12 सौ से अधिक मल्टी स्टोरी संचालकों को नोटिस जारी किए गए। जिनमें उनके यहां लायर सिस्टम लगाने, उन्हें कार्यशील करने और फायर एनओसी लेने के लिए पाबंद किया गया। लेकिन निगम के नोटिस के बावजूद बहुत कम लोग ऐसे हैं जिन्होंने उन नोटिस को गम्भीरता से लेते हुए उनके यहां सिस्टम में सुधार किया। वरना निगम प्रशासन नोटिस देता रहता है और संबंधित सोसायटी व संचालक उस पर ध्यान तक नहीं देते। जिसके कारण होने वले हादसों का खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ रहा है। </p>
<p><strong>नियमानुसार होगी कार्रवाई </strong><br />मल्टी स्टोरी बिल्डिंग में फायर सिस्टम लगा होना व एनओसी लेना आवश्यक है। लेकिन यदि दीपश्री बिल्ड़िंग में फायर एनओसी नहीं होने की जानकारी नहीं है। यदि ऐसा है तोे सीएफओ से पता कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। <br /><strong>-</strong> <strong>ओम प्रकाश मेहरा, आयुक्त नगर निगम कोटा दक्षिण</strong></p>
<p><strong>नियम पालन नहीं तो करेंगे निरस्तीकरण</strong><br />बच्चों की मौत जलने से नहीं दम घुटने से हुई है। हालांकि एफएसएल की टीम जांच कर रही है। मल्टी स्टोरी में फायर सिस्टम व एनओसी होना आवश्यक है। सभी सोसायटी व बिल्डरों को आग से सुरक्षा के सिस्टम लगाने के नियमों की पालना करना आवश्यक है। यदि कोई ऐसा नहीं कर रहा है तो उनके संबंध में नगर निगम व केडीए अधिकारियों से उन बिल्ड़िंग के निरस्तीकरण की कार्यवाही करवाई जाएगी। <br /><strong>- तेजस्विनी गौतम, पुलिस अधीक्षक, कोटा शहर </strong></p>
<p><strong>फायर सिस्टम है लेकिन एनओसी नहीं</strong><br />ट्रांसपोर्ट नगर की जिस मल्टी स्टोरी के फ्लैट में देर रात को आग लगी। उसके बारे में फायर अनुभाग को न तो पुलिस ने सूचना दी और न ही सोसायटी या अन्य लोगों ने सूचना दी।  जिससे मौके पर फायर बिग्रेड नहीं पहुंची। सुबह जानकारी मिलने पर मौके पर जाकर देखा तो हादसा काफी दर्दनाक लगा। बच्चों की मौत जलने से नहीं दम घुटने से होना बताया गया है। बिल्ड़िंग पुरानी है। जिसमें मौके पर जाकर देखा तो फायर सिस्टम लगे हुए हैं और कार्यशील भी है। आग लगने पर उसी सिस्टम से उसे काबू किया गया था। लेकिन पिछले करीब 5 साल से अधिक समय से सोसायटी ने फायर एनओसी नहीं ले रखी है। ऐसे में सोसायटी को नोटिस जारी किया जाएगा। <br /><strong>- राकेश व्यास, मुख्य अग्निशमन अधिकारी, नगर निगम कोटा उत्तर दक्षिण</strong></p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 29 Sep 2025 17:20:14 +0530</pubDate>
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                <title>सूचना जारी होती है लेकिन बैठक नहीं होती, कोरम के अभाव में करनी पड़ी थी स्थगित</title>
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                        <![CDATA[जिला परिषद की सामान्य बैठक को मजाक बना कर रख दिया है। 
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/notice-is-issued-but-the-meeting-does-not-take-place/article-124971"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-08/oer35.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। जिला परिषद की सामान्य बैठक होने का मुहुर्त ही नहीं आ रहा है। दस माह में 5 बार बैठक होने की सूचना तो जारी की गई लेकिन बैठक नहीं हो सकी। अब 29 अगस्त को होने वाली बैठक को भी स्थगित कर दिया गया है। जिला परिषद की सामान्य बैठक 9 माह तक नहीं हुई थी। जिला परिषद के कांग्रेस सदस्यों ने सीईओ को ज्ञापन दिया और कार्यालय में सद्बुद्धि यज्ञ तक किया था। उसके बाद सीईओ ने बैठक की तारीख तय कर सूचना जारी की। लेकिन उसके तुरंत बाद बैठक स्थगित की सूचना जारी कर दी गई। इस तरह से लगातार तीन बार बैठक होने की सूचना के साथ ही स्थगित की सूचना भी जारी की गई। </p>
<p><strong>कोरम के अभाव में करनी पड़ी थी स्थगित</strong><br />जिला परिषद की कांग्रेस सदस्य गीता मेघवाल ने बताया कि दस माह बाद बड़ी मुश्किल से 22 अगस्त को बैठक प्रस्तावित हुई। लेकिन उस दिन जिले में अति भारी बारिश होने से शहर व ग्रामीण क्षेत्रों में बाढ़ के हालात बन गए थे। जिससे कांग्रेस के ही नहीं भाजपा के भी पूरे सदस्य बैठक में नहीं आ सके थे। आधा घंटे इंतजार के बाद बैठक को स्थगित करना पड़ा था। इसके बाद फिर से 5 वीं बार 29 अगस्त को बैठक की सूचना जारी की गई। लेकिन उसके साथ ही 25 अगस्त को फिर से बैठक स्थगित की । </p>
<p><strong>बैठक को बनाया मजाक</strong><br />कांग्रेस सदस्यों ने बताया कि इस तरह से बार-बार बैठक की सूचना जारी करना और उसे स्थगित करने से न तो बैठक हो पा रही है और न ही जनता के मुद्दों पर चर्चा हो पा रही है। जिला परिषद की सामान्य बैठक को मजाक बना कर रख दिया है। </p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />जिला परिषद की सामान्य बैठक करनी है। इसलिए ही तो सचना जारी की जाती है। लेकिन हर बार कोई न कोई संयोग ऐसा बनता है कि बैठक को स्थगित करना पड़ रहा है। 22 अगस्त को बैठक तय हो गई थी लेकिन उस समय बरसात के कारण कोरम पूरा नहीं हो सका था। अब 29 अगस्त को बैठक प्रस्तावित की गई थी। लेकिन उस दिन जयपुर में डांग की रा’य स्तरीय बैठक होनी है। जिसमें जिला प्रमुख व  उत्तर दक्षिण को छोड़कर 4 विधायक कमेटी के सदस्य होने से उनको  बैठक में शामिल होना है। उस बैठक में कोटा जिले के करीब 6 से 7 करोड़ के प्रस्ताव पारित होने है। ऐसे में एक ही दिन में दो बैठक नहीं की जा सकती। डांग की बैठक बाद में तय हुई है। इस कारण से 29 अगस्त की बैठक को स्थगित करना पड़ा है। <br /><strong>- राजपाल सिंह, सीईओ, जिला परिषद कोटा </strong></p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 27 Aug 2025 17:49:03 +0530</pubDate>
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                <title>बेंगलुरु में एक व्यक्ति ने नगर निगम को भेजा 50 लाख का नोटिस, कहा- खराब सड़कों के लिए हुई शारीरिक कठिनाइयां</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[नोटिस में बताया गया कि कर-भुगतान करने वाले नागरिक होने के बावजूद उन्हें बुनियादी ढाँचे को बनाए रखने में नागरिक निकाय की कथित विफलता के कारण लगातार शारीरिक कठिनाइयों और मानसिक पीड़ा का सामना करना पड़ रहा है। ]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/in-bengaluru-a-man-sent-a-notice-of-50-lakhs/article-114705"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-02/notice.jpg" alt=""></a><br /><p>बेंगलुरु। कर्नाटक में बेंगलुरु शहर में कथित रूप से टूटी सड़कों के लिए एक व्यक्ति ने ब्रुहत बेंगलुरु महानगर पालिका को 50 लाख रुपए का कानूनी नोटिस भेजा है। व्यक्ति ने टूटी सड़क और मोटर-चालन योग्य न होने वाली सड़कों के कारण हुई शारीरिक पीड़ा और भावनात्मक आघात के लिए नगर निगम को नोटिस भेजा है।</p>
<p>नोटिस में बताया गया कि कर-भुगतान करने वाले नागरिक होने के बावजूद उन्हें बुनियादी ढाँचे को बनाए रखने में नागरिक निकाय की कथित विफलता के कारण लगातार शारीरिक कठिनाइयों और मानसिक पीड़ा का सामना करना पड़ रहा है। उस व्यक्ति ने दावा किया कि उन्हें गर्दन और पीठ में गंभीर दर्द हुआ। इसके कारण उन्हें ऑर्थोपेडिक्स और अस्पतालों में कई बार आपातकालीन सेवाएं लेनी पड़ी। उन्होंने कहा कि ऐसा उनके साथ खतरनाक सड़कों पर आवागमन के दौरान होने वाले झटकों और आघात के कारण हुआ। </p>]]>
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                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 20 May 2025 10:30:47 +0530</pubDate>
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                <title>टैक्स जमा नहीं करवाने वालों पर निगम हो रहा मेहरबान</title>
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                        <![CDATA[नगरीय विकास कर (यूडी टैक्स) का मामला। 
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/the-corporation-is-being-lenient-towards-those-who-do-not-pay-the-tax/article-110739"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-04/257rtrer-(5)18.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। सरकार व सरकारी विभागों द्वारा नियमों की पालना करने वालों पर तो सख्ती की जा रही है लेकिन जो न तो नियमों की पालना कर रहे हैं और न ही समय पर सरकारी टैक्स जमा करवा रहे हैं उन पर सख्ती करना तो दूर सरकार मेहरबानी कर रही है। इसका उदाहरण है नगर निगम में नगरीय विकास कर(यूडी टैक्स) जमा नहीं करवाने वाले। नगर निगम के राजस्व विभाग की ओर से हर साल आवासीय व व्यवसायिक प्रतिष्ठानों से निर्धारित भूखंड के आधार पर नगरीय विकास कर वसूल किया जाता है। वित्त वर्ष शुरु होने अप्रैल से मार्च के बीच टैक्स जमा करवाने का समय रहता है। लेकिन हालत यह है कि गिनती के ही लोग समय पर टैक्स जमा करवा रहे है। टैक्स जमा नहीं करवाने वालों की संख्या अधिक है। उसके बावजूद भी संबंधित विभाग व सरकार द्वारा उनके खिलाफ सख्ती करने या दंडित करने की जगह उन पर मेहरबानी की जा रही है। सरकार हर बार दे रही छूट: शहर  में टैक्स के दायरे में आने वाले कर दाताओं में से जो समय पर टैक्स जमा करवा रहे हैं उन्हें तो सरकार प्रोत्साहित नहीं कर रही। वरन् जो समय पर और बरसों से टैक्स जमा नहीं करवा रही उन्हें ब्याज व पेनल्टी में हर साल छूट दी जा रही है। इस बार भी सरकार की ओर से छृूट का प्रावधान किया गया था। उसके बाद भी कई लोग ऐसे हैं जो छूट के बाद भी टैक्स जमा नहीं करवा सके। </p>
<p><strong>निगम ने नोटिस दिए लेकिन सख्ती नहीं की</strong><br />नगर निगम कोटा उत्तर व दक्षिण की ओर से नगरीय विकास कर जमा नहीं करवाने वाले कर दाताओं को फरवरी व मार्च में नोटिस तो दिए गए। जिनमें टैक्स जमा नहीं करवाने वालों के खिलाफ सम्पति को सीजिंग व उनकी कुर्की करने तक की चेतावनी दी गई थी।  लेकिन हालत यह है कि फरवरी और मार्च के महीने के साथ ही वित्त वर्ष समाप्त हो गया। नोटिस वालों में से कुछ ही लोगों ने टैक्स जमा करवाया। लेकिन जिन्होंने टैक्स जमा नहीं करवाया उनके खिलाफ निगम ने कोई कार्रवाई नहीं की। </p>
<p><strong>कोटा उत्तर में 60 फीसदी ही जमा हुआ टैक्स</strong><br />निगम कोटा उत्तर व दक्षिण में गत वित्त वर्ष का यूडी टैक्स का लक्ष्य दस-दस करोड़ रुपए रखा गया था। जिसमें से कोटा दक्षिण में तो 98 फीसदी से अधिक 9.81 करोड़ रुपए टैक्स जमा हो चुका है। जबकि कोटा उत्तर में करीब 58 फीसदी 5.79 करोड़ रुपए ही टैक्स जमा हो सका है। कोटा उत्तर  में करीब 40 फीसदी से अधिक टैक्स जमा नहीं हुआ।  नगरीय विकास कर वसूल कर रही निजी फर्म से प्राप्त जानकारी के अनुसार कोटा उत्तर में 1635 सम्पतियां कर के दायरे में है। जिनमें आवासीय 517 व व्यवसायिक 443 सम्पतियां है। जिनके द्वारा टैक्स जमा कराया गया है। वहीं कोटा दक्षिण में 2427 सम्पतियां हैं जिनके द्वारा टैक्स जमा कराया गया है। उनमें 1037 आवासीय व 506 व्यवसायिक सम्पतियां है।</p>
<p><strong>छूट नहीं, सजा का हो प्रावधान</strong><br />छावनी निवासी राकेश नायक का कहना है कि सरकारी सिस्टम गलत है। जो समय पर टैक्स जमा नहीं करवा रहा है उसे हर साल ब्याज पेनल्टी में छूट दी जा रही है। जबकि उन्हें सजा या दोगुनी ब्याज पेनल्टी वसूल की जानी चाहिए।  प्रताप नगर बोरखेड़ा निवासी अरुण वर्मा का कहना है कि समय पर टैक्स जमा करवाने वालों को विभाग की ओर से सम्मानित किया जाना चाहिए। जिससे टैक्स जमा नहीं करवाने वालें भी प्रेरित हो। जबकि सरकार का नियम उल्टा है। टैक्स जमा नहीं करवाने वालों को छूट दी जाती है। जिससे ऐसे लोगों की संख्या बढ़ती जा रही है। उन्हें पता है कि सरकार को टैक्स वसूल करना है तो उन्हें छूट मिलेगी। वे मार्च के महीने का इंतजार करते है।</p>
<p>नगर निगम की ओर से फरवरी मार्च में टैक्स जमा नहीं करवाने वाले करदाताओं को नोटिस जारी किए गए थे। लेकिन उसमें से कई लोगों ने टैक्स जमा करवा दिया। इस कारण से सख्ती नहीं की गई। अब नया वित्त वर्ष चालू हो गया है। जिसमें पहली तिमाही में टैक्स जमा करवाने वालों को 10 फीसदी व दूसरी तिमाही में टैक्स जमा करवाने वालों को मूल टैक्स डिमांड में 5 फीसदी की छूट दी जा रही है। समय पर टैक्स जमा करवाने वाले सरकारी परेशानी से बचे रहते है। जबकि टैक्स जमा नहीं करवाने वालों पर सरकारी सख्ती की तलवार हमेशा लटकी रहती है। <br /><strong>- महावीर सिंह सिसोदिया, उपायुक्त नगर निगम कोटा उत्तर </strong></p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 14 Apr 2025 15:41:11 +0530</pubDate>
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                <title>7 दिन में के अंदर जमीन खाली करें..., वक्फ बोर्ड के नोटिस से पूरे गांव में मचा हड़कंप, प्रशासन तक को नहीं लगी भनक</title>
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                        <![CDATA[नोटिस से परेशान ग्रामीणों ने कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा को आवेदन सौंपकर कार्रवाई की मांग की। ग्रामीणों ने बताया कि इस जमीन पर प्राचीन मंदिर और श्मशान घाट भी है।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/empty-the-land-within-7-days-the-notice-of-waqf/article-106826"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-03/257rtrer-(13)4.png" alt=""></a><br /><p>रायसेन। रायसेन जिला मुख्यालय से 8 किलोमीटर दूर मखनी गांव में वक्फ बोर्ड के एक नोटिस ने हड़कंप मच गया है। वक्फ बोर्ड ने सात परिवारों को 7 दिन में जमीन खाली करने का नोटिस जारी किया है, जिसमें दावा किया गया कि यह उसकी संपत्ति है। नोटिस में चेतावनी दी गई कि ऐसा न करने पर कानूनी कार्रवाई होगी। इस घटना से परेशान ग्रामीण कलेक्ट्रेट पहुंचे और कलेक्टर से हस्तक्षेप की मांग की। कलेक्टर ने जांच का आश्वासन दिया है, लेकिन हिंदू संगठनों ने इसे आस्था पर हमला बताते हुए विरोध शुरू कर दिया है। दरअसल, मखनी गांव में पीढ़ियों से रह रहे सात परिवारों को वक्फ बोर्ड ने नोटिस भेजकर कहा कि उनकी जमीन उसकी संपत्ति है और इसे सात दिन में खाली करें। ग्रामीणों का कहना है कि सरकारी खसरे में यह जमीन सरकारी है और उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत कुटीर भी मिली है। नोटिस से परेशान ग्रामीणों ने कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा को आवेदन सौंपकर कार्रवाई की मांग की। ग्रामीणों ने बताया कि इस जमीन पर प्राचीन मंदिर भी है।</p>
<p><strong>ग्रामीणों और हिंदू संगठनों में आक्रोश</strong><br />पीड़ित ग्रामीण रामकली बाई ने कहा, हमारी जान चली जाए, लेकिन जमीन नहीं छोड़ेंगे। रानू मालवीय ने सवाल उठाया, अगर यह वक्फ की जमीन थी, तो हमें पीएम आवास कैसे मिला? प्रभुलाल ने कहा हमारा मंदिर और श्मशान यहां है, इसे तोड़ने नहीं देंगे। ग्रामीणों ने साफ किया कि वे किसी भी कीमत पर जमीन नहीं छोड़ेंगे।  घटना के बाद हिंदूवादी संगठन सक्रिय हो गए। नेता बद्री प्रसाद शर्मा ने कहा, यहां प्राचीन मंदिर है, इसे तोड़ने की साजिश बर्दाश्त नहीं होगी। इन परिवारों को हटाने नहीं देंगे। संगठनों ने वक्फ बोर्ड दावे को आधारहीन बताते हुए आंदोलन की चेतावनी दी है।</p>
<p><strong>कलेक्टर का बयान</strong><br />कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा ने कहा कि मीडिया के जरिए मामला संज्ञान में आया है। वक्फ बोर्ड ने किस आधार पर नोटिस जारी किया, इसकी जांच होगी। दोनों पक्षों को सुनकर न्यायसंगत कार्रवाई करेंगे। जिला प्रशासन ने अभी तक इसकी भनक न लगने की बात स्वीकारी, जिससे सवाल उठ रहे हैं। </p>
<p><strong>विवाद के केंद्र में जमीन</strong><br />ग्रामीणों का दावा है कि वे पीढ़ियों से यहां रह रहे हैं और सरकारी दस्तावेजों में जमीन सरकारी है। पीएम आवास योजना के तहत मकान मिलने के बावजूद वक्फ बोर्ड के दावे ने उन्हें हैरान कर दिया है। वहीं, मंदिर और श्मशान घाट का मुद्दा इसे और संवेदनशील बना रहा है। </p>
<p> </p>]]>
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                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 08 Mar 2025 12:30:43 +0530</pubDate>
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