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                <title>notice - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>20 बार नोटिस, पांच साल पूरे फिर भी नहीं बन पाया लेक्चर थियेटर</title>
                                    <description><![CDATA[कंपनी ने अब तक महज 87 लाख 53 हजार 821 रुपये का ही काम किया है।
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/lecture-theatre-remains-unbuilt-despite-20-notices-and-five-years-passing/article-159706"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-07/1200-x-600-px)-(1)33.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। एम.बी.एस. अस्पताल में 300 छात्रों की क्षमता वाले लेक्चर थियेटर के निर्माण कार्य में सार्वजनिक निर्माण विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है। एक और जहां विभाग के आला अधिकारी ठेका देकर प्रगति रिपोर्ट के नाम पर खानापुर्ति करते रहें। जिसके चलते यहां बनने वाला लेक्चर थियेटर पुरे 5 साल तक पुरा ही नहीं हो पाया। पी डब्ल्यू ड़ी के प्रोजेक्ट उपखण्ड द्वितीय-भवन के सहायक अभियंता ने निर्माण कंपनी 'मैसर्स के-2 इन्फ्राजेन प्राइवेट लिमिटेड' (गुड़गांव, हरियाणा) को नोटिस जारी कर 15 जुलाई 2026 तक हर हाल में काम पूरा करने की अंतिम चेतावनी दी है।</p>
<p><strong>5 साल बाद भी महज 87 लाख का काम, विभाग ने जताई नाराजगी</strong><br />विभाग द्वारा जारी नोटिस के अनुसार, 1 करोड़ 35 लाख 55 हजार 717 रुपये की लागत का यह प्रोजेक्ट कंपनी को 7 अप्रैल 2021 को आवंटित किया गया था। नियमानुसार यह कार्य 16 अप्रैल 2021 को शुरू होकर 15 अप्रैल 2022 को ही समाप्त हो जाना चाहिए था। हालांकि, कार्य समाप्ति की समय-सीमा निकले 4 वर्ष से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन कंपनी ने अब तक महज 87 लाख 53 हजार 821 रुपये का ही काम किया है।</p>
<p><strong>20 पत्रों और मौखिक आश्वासनों का भी नहीं हुआ असर</strong><br />सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिशाषी अभियंता और सहायक अभियंता कार्यालय द्वारा वर्ष 2021 से लेकर अब तक कंपनी को काम में तेजी लाने के लिए 20 से अधिक आधिकारिक पत्र और नोटिस जारी किए जा चुके हैं। इसके अलावा कई बार मौखिक व दूरभाष पर भी निर्देश दिए गए। कंपनी ने पूर्व में लिखित आश्वासन देकर 30 अप्रैल 2026 तक काम पूरा करने का वादा किया था। लेकिन वह भी झूठा साबित हुआ। विभाग ने नोटिस में तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा है कि कंपनी की प्रवृत्ति जानबूझकर कार्य को अटकाने और लेट करने की प्रतीत होती है।</p>
<p>शुक्रवार को एमबीएस परिसर में निर्माण साईड़ पर पहुंचे सार्वजनिक निर्माण विभाग प्रोजेक्ट खण्ड़ के कनिष्ठ अभियन्ता कपिल मेवाडा ने बताया कि हमारी तरफ से लगातार काम की समीक्षा की जा रही है। जिससे इसका निर्माण जल्दी किया जा सकें।</p>
<p><strong>मेडिकल कॉलेज की बैठकों में उठ रहा मुद्दा</strong><br />अस्पताल में लेक्चर थियेटर का निर्माण अटकने के कारण चिकित्सा महाविद्यालय (कोटा मेडिकल कॉलेज) प्रशासन में भी भारी आक्रोश है। मेडिकल कॉलेज की ओर से आयोजित होने वाली प्रत्येक समीक्षा बैठक में इस कार्य की धीमी प्रगति पर गहरा असंतोष व्यक्त किया जा रहा है। विभाग ने साफ किया है कि यदि 15 जुलाई तक काम पूरा नहीं हुआ, तो होने वाले सभी नुकसान और दंडात्मक कार्रवाई की जिम्मेदार स्वयं निर्माण कंपनी होगी।<br />ठेकेदार को काम के लिये पाबन्द किया गया है, हमारे अधिकारी लगातार देखने जाते है। काम लगभग फाइनल स्टेज पर है बाहर की पुताई काम चल रहा है। जैसे ही निर्देश होगें हमारी तरफ से हैण्डओवर की प्रकिया कर दी जायेगी।<br /><strong>- अशोक सनाढ़य , अधिशाषी अभियन्ता पी डब्ल्यू ड़ी प्रोजेक्ट उपखण्ड 2-भवन</strong></p>
<p><strong>फाइनल फिनिशिंग का काम</strong><br />निर्माण तेजी से किया जा रहा है। केवल फाइनल फिनिशिंग का काम बाकि रह गया है। बाथरूम में सेनेटरी फिटिंग का काम होना बाकि है,ठेकेदार 8-10 दिन में काम पुरा करने की कह रहा है। सेनेटरी व पर्दे जैसी छोटी मोटी चीजें हैण्डओवर के बाद ही लगवाई जायेगी। यहां चोरी हो जाने की संभावना रहती है। इसीलिये थोड़ा काम बाकी है।<br /><strong>-रोहित शर्मा , एरिया मैनेजर केजी 2 इंफ्रा लिमिटेड</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 13 Jul 2026 15:07:48 +0530</pubDate>
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                <title>असर खबर का : वन विभाग ने एयरपोर्ट निर्माण एजेंसी को थमाया नोटिस, दर्ज की एफआईआर</title>
                                    <description><![CDATA[ विशेषज्ञ बोले-एफसीए कानून का उल्लंघन वन अफसरों की मिलीभगत का परिणाम।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/impact-of-the-report--forest-department-issues-notice-to-airport-construction-agency-and-registers-an-fir/article-158837"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-07/1200-x-600-px)1.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट की प्रत्यावर्तित जमीन के बाहर वन भूमि पर 50 विद्युत पोल लगाने व पत्थरों का भारी मात्रा में अवैध स्टॉक करने के मामले में शुक्रवार को वन विभाग हरकत में आ गया। विभाग ने एयरपोर्ट निर्माण एजेंसी के खिलाफ नोटिस जारी कर दिया है। वहीं, क्षेत्रिय वन अधिकारी डाबी द्वितीय द्वारा वन अधिनियम में एफसीए उल्लंघन के मामले में एफआईआर कर केस दर्ज किया है। कार्रवाई से निर्माण एजेंसी में हड़कम्प मच गया। गौरतलब है कि बूंदी वन मंडल की डाबी रेंज के रामपुरिया नाका क्षेत्र स्थित जाखमुण्ड वनखंड में निर्माण एजेंसी द्वारा बिना अनुमति के वन भूमि पर विद्युत पोल लगवाए और जगह-जगह पत्थरों का स्टॉक कर वन अधिनियम 1980 का उल्लंघन किया। जिसका खुलासा गत 24 जून को डाबी सहायक वन संरक्षक द्वारा किए गए निरीक्षण के बाद जारी हुए निरीक्षण नोट से हुआ।</p>
<p><strong>मामला खुला तो मचा हड़कम्प</strong><br />दैनिक नवज्योति के 3 जुलाई के प्रकाशित अंक में एयरपोर्ट निर्माण एजेंसी ने लांघी वन सीमा, लगा दिए 50 बिजली पोल,खबर प्रकाशित होने के बाद वन विभाग में हड़कम्प मच गया। वन अधिकारी दिनभर कार्रवाई में जुटे रहे। जांच में पाया गया कि यह गतिविधियां वन संरक्षण अधिनियम-1980 के प्रावधानों का उल्लंघन हैं, जिसके बाद कार्रवाई की गई।</p>
<p><strong>पर्यावरणविदों ने उठाए वन अधिकारियों की भूमिका पर सवाल</strong><br />पर्यावरणविदों का कहना है कि वन क्षेत्र में 50 बिजली के पोल लगाना, उनमें विद्युत आपूर्ति शुरू करना और 8 से 10 फीट ऊंचे पत्थरों के बड़े-बड़े ढेर जमा करना स्थानीय वन अधिकारियों की जानकारी या मिलीभगत के बिना संभव नहीं है। उनका तर्क है कि डाबी रेंज में प्रथम और द्वितीय श्रेणी के रेंजरों के अलावा नाकेदार, वन रक्षक, सहायक वनपाल और फॉरेस्टर समेत कई अधिकारी-कर्मचारी तैनात रहते हैं। ऐसे में इतनी बड़ी अवैध गतिविधियां बिना विभागीय जानकारी के होना गंभीर सवाल खड़े करता है। ऐसे में गार्ड से रेंजर तक की भूमिका की जांच की जाना चाहिए।</p>
<p><strong>केएमएल मैप और जीपीएस से वन अपराध का खुलासा</strong><br />एसीएफ द्वारा जारी निरीक्षण नोट के अनुसार, उन्होंने मौके पर ही सर्वेयर से एयरपोर्ट के लिए प्रत्यावर्तित वन भूमि का केएमएल मैप मंगवाया। जीपीएस कोर्डिनेट्स व लोकेशन का मिलान करने पर स्पष्ट हुआ कि पत्थरों का स्टॉक और बिजली के पोल एयरपोर्ट के लिए हस्तांतरित भूमि में नहीं, बल्कि उससे बाहर वन विभाग की भूमि पर हैं।</p>
<p><strong>गार्ड से रेंजर तक की भूमिका की हो जांच</strong><br />पूरे मामले में गार्ड से लेकर रेंजर स्तर तक की भूमिका की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में वन भूमि पर अतिक्रमण और एफसीए कानून के उल्लंघन की घटनाओं पर रोक लग सके। इतनी बड़ी मात्रा में वन भूमि पर अवैध पत्थरों का स्टॉक जमा करना व विद्युत पोल लग जाना, बिना अफसरों की जानकारी या मिली भगत के संभव नहीं है।<br /><strong>-बाबूलाल जाजू, प्रदेश प्रभारी पीपुल फॉर एनिमल्स</strong></p>
<p><strong>नोटिस देकर एफआईआर दर्ज की</strong><br />इस मामले में एयरपोर्ट निर्माण एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए नोटिस जारी कर दिया है। वहीं, वन अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज की है।<br /><strong>-मनीष शर्मा, रेंजर द्वितीय डाबी, बूंदी वन मंडल</strong></p>
<p>नोटिस मिलने की जानकारी मिली है। अभी मैं बहार हूं, लौटकर आने के बाद मामले में कुछ कह पाएंगे।<br /><strong>-जितेंद्र कुमार, लाइजनिंग ऑफिसर एयरपोर्ट निर्माण एजेंसी</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 04 Jul 2026 13:31:11 +0530</pubDate>
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                <title>गौतमबुद्धनगर में सुरक्षा मानकों पर प्रशासन सख्त: 66 कोचिंग सेंटरों की जांच, 9 पर लगा ताला</title>
                                    <description><![CDATA[गौतमबुद्धनगर जिला प्रशासन ने अग्नि और मानव सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाले संस्थानों पर सख्त कार्रवाई की है। जिलाधिकारी के निर्देश पर संयुक्त टीमों ने 46 कोचिंग सेंटरों और होटलों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान जेवर का बालाजी गेस्ट हाउस और 7 कोचिंग संस्थानों को तत्काल सील कर दिया गया, जबकि कई को नोटिस जारी किए गए।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/administration-is-strict-on-security-standards-in-gautam-buddha-nagar/article-157996"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/goutambudhnagar.png" alt=""></a><br /><p>गौतमबुद्धनगर। उत्तर प्रदेश में जनपद गौतमबुद्धनगर में अग्नि सुरक्षा एवं मानव सुरक्षा मानकों के अनुपालन को सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन का विशेष जांच अभियान लगातार जारी है। जिलाधिकारी के निर्देश पर गठित संयुक्त टीमों ने कोचिंग सेंटरों, होटलों और अन्य संस्थानों में व्यापक निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्थाओं, आवश्यक अभिलेखों, पंजीकरण और अग्निशमन उपकरणों की जांच की। अभियान के दौरान नियमों की अनदेखी करने वाले संस्थानों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गई। बुधवार को कार्यालय प्रशासन की संयुक्त टीमों ने जानकारी से अवगमें सिटी मजिस्ट्रेट, उप जिलाधिकारी, मुख्य अग्निशमन अधिकारी तथा जिला विद्यालय निरीक्षक शामिल हैं। अधिकारियों ने विभिन्न क्षेत्रों में संचालित संस्थानों का औचक निरीक्षण कर सुरक्षा मानकों की वास्तविक स्थिति का आकलन किया।</p>
<p>उप जिलाधिकारी जेवर दुर्गेश सिंह के नेतृत्व में टीम ने जेवर क्षेत्र के बालाजी गेस्ट हाउस, एसआर प्लाजा, द ग्रैंड होटल और जेपी वेलवेट होटल का निरीक्षण किया। जांच के दौरान सुरक्षा मानकों में कमियां पाए जाने पर बालाजी गेस्ट हाउस को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया, जबकि अन्य तीन संस्थानों को सुधारात्मक कार्रवाई के लिए नोटिस जारी । जिला विद्यालय निरीक्षक ने बताया कि विशेष अभियान के तहत बुधवार को जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में कुल 46 कोचिंग संस्थानों का निरीक्षण किया गया। ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध न होने तथा निर्धारित मानकों का पालन न मिलने पर पांच कोचिंग संस्थानों को तत्काल सील कर दिया गया।</p>
<p>वहीं नोएडा सेक्टर-16 और सेक्टर-18 में 12 कोचिंग संस्थानों की जांच की गई, जिनमें से दो को सील किया गया। सेक्टर-22 क्षेत्र में चार संस्थानों का निरीक्षण हुआ, जहां दो को नोटिस जारी करते हुए आवश्यक अभिलेख प्रस्तुत करने और मानकों की पूर्ति तक कोचिंग गतिविधियां बंद रखने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा सेक्टर-58 और सेक्टर-62 में भी छह कोचिंग संस्थानों का निरीक्षण किया गया। जिला प्रशासन के अनुसार पिछले दो दिनों में कुल 66 कोचिंग संस्थानों का निरीक्षण किया जा चुका है। इस दौरान नौ संस्थानों को सील किया गया है, जबकि 12 को नोटिस जारी कर आवश्यक सुधार करने के निर्देश दिए गए हैं।</p>
<p>जिला प्रशासन ने सभी संस्थानों के संचालकों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे अग्नि सुरक्षा, भवन सुरक्षा, मानव सुरक्षा, आवश्यक अनुमतियों, पंजीकरण और अन्य निर्धारित मानकों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करें। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि निरीक्षण के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही, दस्तावेजों की कमी या सुरक्षा नियमों के उल्लंघन की स्थिति में संबंधित संस्थान के खिलाफ कठोर प्रशासनिक और कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी के निर्देशन में यह विशेष जांच अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा और सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाले संस्थानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 25 Jun 2026 09:23:20 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>विधानसभा हस्ताक्षर विवाद: गिरफ्तारी से बचने के लिए कलकत्ता हाईकोर्ट पहुंचे अभिषेक बनर्जी, शुक्रवार को सुनवाई</title>
                                    <description><![CDATA[तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने हस्ताक्षर विसंगति मामले में सीआईडी की दंडात्मक कार्रवाई और गिरफ्तारी से सुरक्षा के लिए कलकत्ता उच्च न्यायालय का रुख किया है। विधानसभा में विपक्ष के नेता के चयन से जुड़े इस पत्र में 14 विधायकों के फर्जी हस्ताक्षरों का आरोप है। मामले की सुनवाई शुक्रवार को होगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/assembly-signature-dispute-abhishek-banerjee-reaches-calcutta-high-court-to/article-155858"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/high-court.png" alt=""></a><br /><p>कोलकाता। तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता की नियुक्ति से संबंधित पत्र में कथित हस्ताक्षर विसंगतियों की जांच के सिलसिले में गिरफ्तारी से संरक्षण की मांग करते हुए बुधवार को कलकत्ता उच्च न्यायालय का रुख किया। अभिषेक बनर्जी ने आपराधिक जांच विभाग (सीआईडी) द्वारा जारी नोटिस को चुनौती देते हुए एजेंसी की किसी भी दंडात्मक कार्रवाई से कानूनी संरक्षण देने की मांग की है, जिसमें गिरफ्तारी भी शामिल है।</p>
<p>मामले की सुनवाई शुक्रवार को न्यायमूर्ति अपूर्ब सिन्हा राय की पीठ के समक्ष होने की संभावना है। न्यायालय ने उन्हें याचिका दाखिल करने की अनुमति प्रदान कर दी है। विवाद उस पत्र को लेकर है, जिसे तृणमूल कांग्रेस विधायक दल की ओर से विधानसभा में प्रमुख पदों के लिए पार्टी नेताओं के नाम प्रस्तावित करते हुए प्रस्तुत किया गया था। पत्र में शोभनदेव चट्टोपाध्याय को विपक्ष का नेता, असीमा पात्रा और नयना बंद्योपाध्याय को उपनेता तथा फिरहाद हकीम को मुख्य सचेतक नियुक्त करने की अनुशंसा की गयी थी।</p>
<p>आरोप है कि इस दस्तावेज में कई हस्ताक्षर या तो गायब थे, अथवा उनमें अनियमितताएं थीं। सूत्रों के अनुसार, पत्र में 70 विधायकों के नाम दर्ज थे, लेकिन इनमें से कम से कम 14 नाम केवल बड़े अक्षरों में लिखे गये थे और उनके साथ हस्ताक्षर नहीं थे। कुछ अन्य हस्ताक्षरों की प्रामाणिकता पर भी सवाल उठाये गये हैं। इसके बाद राज्य सरकार ने मामले की जांच सीआईडी को सौंप दी। अभिषेक बनर्जी चूंकि पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव हैं, इसलिए पत्र पर उनके हस्ताक्षर भी मौजूद थे।</p>
<p>सीआईडी अधिकारियों ने शनिवार को उनके आवास पर जाकर जांच में सहयोग करने के लिए नोटिस दिया था और उन्हें सोमवार को भवानी भवन स्थित सीआईडी मुख्यालय में उपस्थित होने को कहा गया था। बनर्जी हालांकि निर्धारित तिथि पर जांच एजेंसी के समक्ष उपस्थित नहीं हुए और उन्होंने कथित तौर पर अतिरिक्त समय की मांग की थी। बुधवार को उन्होंने सीआईडी के नोटिस को चुनौती देते हुए तथा गिरफ्तारी से संरक्षण की मांग करते हुए उच्च न्यायालय में याचिका दायर की। इससे पहले भी उन्होंने संकेत दिया था कि एजेंसी की कार्रवाई के खिलाफ वह कानूनी उपाय अपनाएंगे।</p>
<p>विवाद उस समय और गहरा गया, जब पूर्व मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सोमवार को दावा किया कि तृणमूल कांग्रेस के दो विधायक ऋतब्रत बनर्जी और संदीपन साहा ने कथित हस्ताक्षर विसंगतियों को लेकर विधानसभा अध्यक्ष रथीन्द्र बोस से शिकायत की है। शिकायत मिलने के बाद विधानसभा ने मामले की जांच प्रक्रिया शुरू कर दी थी। आरोप सार्वजनिक होने के कुछ ही समय बाद तृणमूल कांग्रेस ने ऋतब्रत बनर्जी और संदीपन साहा दोनों को पार्टी से निष्कासित कर दिया। इस बीच, विधानसभा अध्यक्ष रथीन्द्र बोस बुधवार को विपक्ष के नेता की नियुक्ति को लेकर उत्पन्न गतिरोध पर चर्चा करने वाले हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/assembly-signature-dispute-abhishek-banerjee-reaches-calcutta-high-court-to/article-155858</link>
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                <pubDate>Wed, 03 Jun 2026 18:25:30 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>10 सर्कुलर रोड विवाद: राजद बोला- विपक्ष का अपमान कर रही सरकार, नियमों की मनमानी व्याख्या करने का लगाया आरोप</title>
                                    <description><![CDATA[पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के 10 सर्कुलर रोड आवास को खाली कराने के नोटिस पर राजद ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। राजद प्रवक्ता चितरंजन गगन ने कहा कि 20 वर्षों से रह रहीं नेता प्रतिपक्ष का यह आवास बदलना लोकतांत्रिक मर्यादा का हनन है। उन्होंने सरकार पर विपक्ष के प्रति निकृष्ट व्यवहार का आरोप लगाया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/10-circular-road-dispute-rjd-said-government-is-insulting/article-155502"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/rabdi-devi.png" alt=""></a><br /><p>पटना। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री और बिहार विधान परिषद में नेता विरोधी दल राबड़ी देवी के 10 सर्कुलर रोड आवास को खाली करने संबंधी नोटिस पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार ने उन लोकतांत्रिक मूल्यों को छोड़ किया है, जिसके बिना लोकतांत्रिक व्यवस्था की कल्पना भी नहीं की जा सकती है। राजद प्रवक्ता चितरंजन गगन ने बयान जारी कर कहा है कि राबड़ी देवी विगत 20 वर्षों से उस आवास में रहती आ रही हैं। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री होने के अलावा आज भी वह बिहार विधान परिषद में नेता विरोधी दल हैं। फिर ऐसी कौन सी स्थिति आ गई जो उन्हें 10, सर्कुलर रोड बंगले के बदले दूसरा आवास आवंटित किया गया है।</p>
<p>राजद प्रवक्ता ने सरकार और सत्ताधारी दल के नेताओं की ओर से दिए जा रहे नियमों के हवाले को हास्यास्पद बताते हुए जानना चाहा है कि जब विधानसभा अध्यक्ष के नाम पर 1977 से हीं कर्णांकित 2, देशरत्न मार्ग बंगले को मंत्री के नाम आवंटित किया जा सकता है, उप मुख्यमंत्री के लिए कर्णांकित 5, सर्कुलर रोड बंगले को मुख्यमंत्री आवास का हिस्सा बनाया जा सकता है और विधानसभा अध्यक्ष तथा उप मुख्यमंत्री के लिए दूसरे बंगले का आवंटन किया जा सकता है, तो राबड़ी देवी के बंगले में किस नियम की दुहाई दी जा रही है।</p>
<p>गगन ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सहित कई सांसदों को दिल्ली के अतिरिक्त पटना में भी बड़े-बड़े बंगले आवंटित किये गए हैं, लेकिन इस सरकार सिर्फ राबड़ी देवी का अपमान करना है। उन्होंने कहा कि सरकार बताये कि 10, सर्कुलर रोड के बदले विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष को दूसरा आवास आवंटित किए जाने का औचित्य क्या है। राजद प्रवक्ता ने कहा कि संसदीय लोकतंत्र में विपक्ष की भूमिका को काफी महत्वपूर्ण माना गया है। पर वर्तमान सरकार प्रदेश में विपक्ष के नेता के साथ निकृष्ट व्यवहार कर रही है। उन्होंने कहा कि यह सवाल महज एक आवास का नहीं है, बल्कि लोकतांत्रिक मर्यादा और व्यवस्था का है। उन्होंने कहा कि सरकार का मतलब यह नहीं है कि वह अपने अनुकूल नियम बनाएं और अपनी इच्छा से उसकी व्याख्या करें। उन्होंने कहा कि राबड़ी देवी के आवास को खाली करवाने के मामले में सरकार की मनसा संदेह के घेरे में है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 30 May 2026 17:17:21 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>असर खबर का... सड़क सीमा में निकाले सभी दरवाजे किए बंद</title>
                                    <description><![CDATA[ थर्मल की दीवार तोड़कर कुछ लोगों ने सड़क सीमा की ओर अवैध अतिक्रमण कर दरवाजे निकाल लिए थे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/impact-of-the-report----all-doorways-opened-within-road-limits-have-been-sealed/article-155027"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/1111200-x-600-px)-(2)75.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। सकतपुरा से नांता तिराहे के बीच नहर के समानांतर रोड पर थर्मल की दीवार तोड़कर सड़क सीमा में निकाले गए सभी 9 अवैध दरवाजों को अतिक्रमियों ने स्वयं ही बंद कर दिया। सकतपुरा नाव चौराहे से नांता तिराहे की तरफ जाने वाले मार्ग पर थर्मल की दीवार तोड़कर कुछ लोगों ने अवैध रूप से अतिक्रमण किया हुआ था। जिसमें 9 लोगों ने सड़क सीमा की तरफ दरवाजे निकाल लिए थे। जहां से वे व्यवसायिक गतिविधियों का संचालन कर रहे थे। जिससे यातायात बाधित हो रहा था।इस संबंध में कोटा विकास प्राधिकरण की ओर से सभी 9 लोगों को नोटिस जारी कर उन अवैध दरवाजों को तीन दिन में स्वयं के स्तर पर ही बंद करने को कहा था। यदि वे स्वयं ऐसा नहीं करते हैं तो केडीए की ओर से उनके खिलाफ सख्त कारवाई की जानी थी।</p>
<p>केडीए सचिव मुकेश कुमार चौधरी ने बताया कि इन सभी 9 अतिक्रमियों को पूर्व में मौखिक रूप से आदेश दिया था। लेकिन उसके बाद उन्होंने कार्रवाई नहीं की तो 22 मई को सभी को लिखित नोटिस जारी किए गए। जिसमें उनहें तीन दिन का समय दिया गया था। आयुक्त बचनेश कुमार अग्रवाल के निर्देश पर दिए नोटिस की अतिक्रमियों ने स्वयं ही अपने स्तर पर पालना की। जिस पर सभी ने ईटों से चुनवाकर उन दरवाजों को बंद करवा दिया।नोटिस अवधि समाप्त होने पर सोमवार को केडीए तहसीलदार सुरेन्द्र शर्मा, भू अभिलेख निरीक्षक हरीश कुमार गुप्ता, मुरलीधर पारेता, पटवारी राम निवास मेघवाल, अनिल कुमार व केडीए का पुलिस जाब्ता मौके पर पहुंचा तो वहां अवैध दरवाजों व शटर को बंद करने की कार्यवाही की जा रही थी।</p>
<p><strong>नवज्योति ने किया था मामला प्रकाशित</strong><br />गौरतलब है कि इस मामले को दैनिक नवज्योति ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था। समाचार पत्र में 24 मई के अंक में पेज 6 पर' थर्मल की दीवार तोड़कर अवैध रूप से बनाई 9 दुकानें शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था। जिसमें जानकारी दी गई थी कि इन लोगों ने अपने मकान की दूसरी तरफ  सीमा में शटर खोलकर दुकानें बना ली हैं। जहां से व्यवसायिक गतिविधियां संचालित हो रही है। ऐसे में नहर के किनारे से नांता तिराहे तक जाने वाली संकरी सड़क पर यातायात बाधित हो रहा है। साथ ही केडीए के नोटिस के बाद अतिक्रमी हरकत में आए और स्वयं के स्तर पर ही दुकानों को बंद करना शुरु कर दिया है।सोमवार तक सभी लोगों ने अवैध शटर को बंद कर दिया है।</p>
<p>केडीए आयुक्त बचनेश अग्रवाल ने कहा कि अतिक्रमण हटाने का अभियान लगातार जारी रहेगा। जिन भी लोगों ने सरकारी या केडीए की भूमि पर अतिक्रमण किया हुआ है वे स्वयं ही अपना कब्जा हटा लें वरना अतिक्रमी के खिलाफ संबंधित थाने में एफआईआर दर्ज करवाई जाएगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 26 May 2026 14:16:25 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>विजयेंद्र येदियुरप्पा ने बोला खड़गे पर हमला : प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ आपत्तीजनक टिप्पणी करने पर की माफी की मांग, राजनीतिक अवसरवाद का लगाया आरोप</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ कथित "आतंकवादी" टिप्पणी को लेकर निर्वाचन आयोग ने मल्लिकार्जुन खरगे को नोटिस जारी किया है। कर्नाटक भाजपा नेताओं, आर. अशोक और विजयेंद्र येदियुरप्पा ने इसे शर्मनाक बताते हुए खरगे से बिना शर्त माफी और इस्तीफे की मांग की है। भाजपा ने चेतावनी दी है कि माफी न मिलने तक उनका विरोध जारी रहेगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/vijayendra-yediyurappa-attacks-kharge-demands-apology-for-making-objectionable-remarks/article-151436"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/pm-modi.png" alt=""></a><br /><p>बेंगलुरु। कर्नाटक भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ "आतंकवादी" की कथित टिप्पणी को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को चुनाव आयोग (ईसीआई) की ओर से जारी नोटिस के मद्देनजर उनसे बिना शर्त माफी मांगने और इस्तीफे की मांग की है। कर्नाटक विधानसभा में विपक्ष के नेता आर. अशोक ने इसकी शुरुआत करते हुए खरगे की कथित टिप्पणियों को "कांग्रेस पार्टी के लिए शर्मनाक" बताया और उन पर राजनीतिक अवसरवाद का आरोप लगाया।</p>
<p>उन्होंने कहा कि कांग्रेस राष्ट्रीय स्तर पर पहले से ही बैकफुट पर है और आरोप लगाया कि पार्टी के भीतर नेतृत्व की महत्वाकांक्षाओं के कारण ही इस तरह के बयान दिए जा रहे हैं। उन्होंने निर्वाचन आयोग के हस्तक्षेप का भी समर्थन करते हुए कहा कि चुनाव के लिहाज़ से संवेदनशील इस दौर में यह नोटिस "पूरी तरह से उचित" था। भाजपा नेताओं की शिकायत के बाद ईसीआई ने खरगे को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।</p>
<p>उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक खरगे माफी नहीं मांग लेते और अपने पद से इस्तीफा नहीं दे देते, तब तक भाजपा का विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विजयेंद्र येदियुरप्पा , केंद्रीय मंत्री शोभा करंदलाजे ने भी खरगे के बयान की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि उनका अतीत में भी भड़काऊ बयान देने का एक सिलसिला रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 23 Apr 2026 18:29:30 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>प्रियांक खरगे का तीखा हमला : विपक्ष के साथ दोहरा बर्ताव कर रहा है चुनाव आयोग, सत्तारूढ़ दल पर दोहरे मानदंड अपनाने का लगाया आरोप </title>
                                    <description><![CDATA[निर्वाचन आयोग के नोटिस पर प्रियांक खरगे ने पलटवार करते हुए इसे भाजपा की "ध्यान भटकाने वाली रणनीति" बताया है। उन्होंने केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग को 'आर्थिक आतंकवाद' करार दिया और आयोग पर विपक्ष के खिलाफ पक्षपाती होने का आरोप लगाया। कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि वे इस नोटिस का कानूनी और उचित जवाब देंगे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/priyank-kharges-scathing-attack-is-double-dealing-with-the-opposition-election/article-151437"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/प्रियांक-खरगे.png" alt=""></a><br /><p>बेंगलुरु। चुनाव आयोग द्वारा कांग्रेस को नोटिस दिए जाने के बाद कर्नाटक के मंत्री प्रियांक खरगे ने विपक्षी नेताओं को लक्षित रूप से निशाना बनाए जाने का आरोप लगाते हुए कहा है कि सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है। खरगे ने गुरूवार को कहा कि चुनाव आयोग को नोटिस जारी करने का अधिकार है, लेकिन विपक्ष की आवाज़ों के मामले में "चुनिंदा कार्रवाई" की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि आयकर विभाग, प्रवर्तन निदेशालय और केंद्रीय जांच ब्यूरो जैसी एजेंसियों का उपयोग विपक्षी दलों पर दबाव बनाने के लिए किया जा रहा है, जिसे कांग्रेस "आर्थिक आतंकवाद" करार देती है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि कांग्रेस आयोग के नोटिस का उचित जवाब देगी। खरगे ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के बयान पर भाजपा के विरोध को लेकर सवाल उठाते हुए सत्तारूढ़ दल पर दोहरे मानदंड अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने अतीत में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बारे में विवादित टिप्पणी की थी। उन्होंने सवाल किया कि क्या उस मामले में भी भाजपा समान स्तर का विरोध दर्ज कराएगी।</p>
<p>खरगे ने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा के पास मुद्दों की कमी हो गई है और वह चुनावी अनियमितताओं तथा चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर उठाए गए सवालों से ध्यान हटाने के लिए इस विवाद को उछाल रही है। उन्होंने इसे "ध्यान भटकाने की रणनीति" बताया। इस घटनाक्रम के बाद अब राजनीतिक बहस चुनाव आयोग के नोटिस से आगे बढ़कर राजनीतिक प्रतिक्रियाओं में एकरूपता और विभिन्न दलों के रुख में विरोधाभास के सवालों तक पहुंच गयी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 23 Apr 2026 18:04:35 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>राजस्थान आवासन मंड़ल कार्रवाई के नोटिस से मची दहशत : बेदखली के डर से सैकड़ों परिवार चिंतित, क्षेत्रवासियों ने मुख्यमंत्री को लिखा भावुक पत्र</title>
                                    <description><![CDATA[शहर के बाहरी क्षेत्र की 87 कॉलोनियों में 30-40 वर्षों से रह रहे परिवारों पर बेघर होने का खतरा मंडरा रहा। राजस्थान हाउसिंग बोर्ड द्वारा 26 मार्च को कार्रवाई का नोटिस जारी होने से लोगों में दहशत। क्षेत्रवासियों ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर वैध दस्तावेज वाले मकानों के नियमितीकरण और अन्य परिवारों के पुनर्वास की मांग की।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/rajasthan-housing-board-action-notice-created-panic-hundreds-of-families/article-145518"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/200-x-60-px)-(4)2.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान आवासन मंडल की अवाप्तशुदा जमीनों पर वर्षों से रह रहे दर्जनों परिवारों के सामने अब बेघर होने का खतरा मंडरा रहा है। इस मामले में स्थानीय लोगों ने मुख्यमंत्री को एक भावुक पत्र लिखकर न्याय की गुहार लगाई है। पत्र में उन्होंने कहा है कि “जीते जी अपने घर नहीं उजड़ने देंगे”, क्योंकि इन मकानों में उनके परिवारों की वर्षों की मेहनत और जीवनभर की कमाई लगी हुई है।</p>
<p>नियमन हेतु संघर्ष समिति अध्यक्ष रघुनंदन सिंह हाडा एवं महासचिव परशुराम चौधरी ने शुक्रवार को मीडिया को बताया कि इलाके में करीब 87 कालोनियों में पिछले 30-40 वर्षों से रह रहे हैं। यहां अधिकांश लोग मजदूरी और छोटे-मोटे काम करके अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं। हाल ही में राजस्थान हाउसिंग बोर्ड की ओर से 26 मार्च को कार्रवाई का नोटिस जारी किया गया है, जिससे सभी परिवारों में दहशत का माहौल है। उन्होंने कहा कि कई परिवारों के पास पहले से जारी एनओसी और अन्य दस्तावेज भी हैं, फिर भी अचानक बेदखली की कार्रवाई से लोगों का भविष्य अंधकार में पड़ गया है। पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि यहां रहने वाले लोगों ने वर्षों की मेहनत से छोटे-छोटे मकान बनाए हैं और अब उन्हें तोड़े जाने की बात कही जा रही है।</p>
<p>स्थानीय लोगों ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि सरकार इस मामले में हस्तक्षेप करे और गरीब परिवारों को राहत प्रदान करे। उन्होंने आग्रह किया कि जिन परिवारों के पास वैध दस्तावेज हैं, उन्हें नियमित किया जाए और जिनके पास नहीं हैं, उनके पुनर्वास की व्यवस्था की जाए। क्षेत्रवासियों का कहना है कि यदि सरकार ने समय रहते समाधान नहीं निकाला तो सैकड़ों लोगों के सिर से छत छिन जाएगी। फिलहाल, सभी की निगाहें सरकार के निर्णय पर टिकी हुई हैं।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 06 Mar 2026 16:31:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur KD]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>राजकीय जवाहरलाल नेहरू चिकित्सालय में पार्किंग ठेकेदार को चिकित्सालय अधीक्षक अरविंद खरे ने जारी किया नोटिस, जानें पूरा मामला</title>
                                    <description><![CDATA[अधीक्षक डॉ. अरविंद खरे ने अधिक वसूली की शिकायतों पर पार्किंग ठेकेदार को नोटिस जारी कर जुर्माना लगाया। ठेकेदार द्वारा निर्धारित दर से अधिक पैसे वसूलने पर प्रशासन ने यह सख्त कार्रवाई की।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/ajmer/hospital-superintendent-arvind-khare-issued-notice-to-the-parking-contractor/article-143961"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/ajer.jpg" alt=""></a><br /><p>अजमेर। अजमेर के राजकीय जवाहरलाल नेहरू चिकित्सालय में स्थित पार्किंग ठेकेदार को चिकित्सालय अधीक्षक डॉक्टर अरविंद खरे ने नोटिस देकर वहां पार्किंग के बदले निर्धारित किराए से अधिक वसूली करने के मामले में 10000 का जुर्माना ठोका है। </p>
<p>डॉक्टर खरे ने बताया कि इस संबंध में उन्हें पार्किंग ठेकेदार के विरुद्ध काफी समय से शिकायतें मिल रही थी कि वह चिकित्सालय प्रशासन द्वारा किए गए टेंडर में निर्धारित की गई दो पहिया में चार पहिया वाहनों की किराया राशि से अधिक राशि वाहन मालिकों से वसूल करके अनैतिक रूप से रकम ले रहा है। इसीलिए उसे पर जुर्माना राशि निर्धारित की गई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>अजमेर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 20 Feb 2026 18:27:13 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>असर खबर का - हजार फीट में ही बना दी 8-8 मंजिला इमारतें, 91 अवैध निर्माण वाले भवन मालिकों को जारी किए नोटिस</title>
                                    <description><![CDATA[केडीए ने एक ही दिन में कोरल पार्क,  लेण्डमार्क व जवाहर नगर क्षेत्र में की कार्रवाई।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/impact-of-news---eight-story-buildings-constructed-within-a-thousand-feet--notices-issued-to-91-illegal-building-owners/article-143014"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/(12200-x-600-px)-(5)6.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। जवाहर नगर थाना क्षेत्र स्थित इंद्र विहार में तीन मंजिला बिल्डिग के धराशाही होने के बाद अब कोटा विकास प्राधिकरण प्रशासन हरकत में आया है। केडीए ने शहर में अवैध निर्माण वाले भवनों का सर्वे करने के साथ ही गुरुवार को एक ही दिन में 91 अवैध निर्माण वाले भवन मालिकों को नोटिस जारी किए हैं।</p>
<p>एक ओर जहां नगर निगम की ओर से इंद्र विहार में अवैध निर्माण वाले चार भवनों को सीज किया गया है। वहीं केडीए ने भी कार्रवाई शुरू कर दी है। कोटा विकास प्राधिकरण की ओर से कृषि भूमि पर बसी हुई आवासीय योजनाओं में बिना निर्माण स्वीकृति व बिना सेटबेक छोड़े बनायी गई बहुमंजिला ईमारतों के मालिकों को नोटिस जारी किए हैं।</p>
<p><strong>8 सौ से 15 सौ वर्गफीट पर खड़ी हुई 8 मंजिले</strong><br />प्राधिकरण द्वारा करवाए जा रहे सर्वे में सामने आया कि शहर में छोटे-छोटे भूखंडों पर बहुमंजिला इमारतें खड़ी की गई है। जिनमें 8 सौ से 15 सौ वर्ग फीट तक के भूखंडों पर 8 मंजिल तक के अवैध निर्माण कर लिए गए। अब केडीए की ओर से उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।</p>
<p><strong>कोरल पार्क में 30 भूखंडों को दिए नोटिस</strong><br />प्राधिकरण की आयुक्त ममता तिवारी के निर्देशन में यह कार्रवाई की गई है। आयुक्त ने बताया कि प्राधिकरण के जोन 1 व 2 में स्थित योजना कोरल पार्क, दीपक रेजीडेन्सी, ग्राम हनुवन्तखेडा व गैर अनुमोदित योजना अमरनाथ एनक्लेव, ग्राम नयानोहरा में बिना सेटबेक छोड़े व अवैध रूप से निर्माण किया हुआ है। जहां जी प्लास 5 से लेकर जी प्लास 8 तक की बहुमंजिला ईमारते जो 1 हजार वर्गफीट से 12 सौ वर्गफीट तक के भूखंडों पर बनाई गई है। ऐसे 30 भूखण्डों पर निर्मित भवनों के मालिकों को नोटिस जारी किए हैं।</p>
<p><strong>जवाहर नगर में 8 मंजिल तक किया निर्माण</strong><br />जोन 3 में स्थित प्राधिकरण की अनुमोदित योजना जवाहर नगर में 800 वर्गफीट से 1250 वर्गफीट तक के भूखंडों पर जी प्लस 4 से जी प्लास 8 तक के भवनों का अवैध निर्माण व बिना स्वीकृति के निर्माण किया गया है। ऐसे 15 भूखण्डों पर निर्मित भवनों के मालिकों को नोटिस जारी किए हैं।</p>
<p><strong> लैंडमार्क में भी यही स्थिति</strong><br />आयुक्त ने बताया कि प्राधिकरण के जोन 4 में स्थित अनुमोदित योजनाएँ लेण्डमार्क सिटी, अम्बिका नगर में 900 वर्गफुट से 15 सौ वर्ग वर्गफुट के भूखण्डों पर बिना निर्माण स्वीकृति, बिना सेटबेक छोड़े व निर्माण स्वीकृति से अधिक ऊचाई तक अवैध निर्माण किया गया है। ऐसे अवैध निर्माण के संबंध में 46 भवन मालिकों को नोटिस जारी किये गये है। इस प्रकार प्राधिकरण द्वारा कुल 91 भवन मालिकों को नोटिस जारी किए गए है।</p>
<p><strong>जवाब के लिए एक माह का समय</strong><br />केडीए सचिव मुकेश चौधरी ने बताया कि जिन भी भवन मालिकों द्वारा अवैध निर्माण किया गया है। उन सभी को नोटिस जारी किए गए हैं। साथ ही उन्हें एक माह में जवाब पेश करने का समय दिया गया है। निर्धारित समय अवधि में जवाब प्राप्त नहीं होने या न्याय संगत व संतुष्टिपूर्ण जवाब प्राप्त नहीं होने की स्थिति में नियमानुसार कार्रवाई अमल में लायी जाएगी।</p>
<p><strong>नवज्योति ने किया था मामला प्रकाशित</strong><br />गौरतलब है कि शहर में अवैध निर्माण कर खड़ी की गई गगन चुम्भी इमारतों का मामला दैनिक नवज्योति ने प्रमुखता से प्रकाशित किया है। समाचार पत्र के 12 फरवरी के ही अंक में पेज दो पर' सांप निकलने के बाद लाठी पीट रहे जिम्मेदार शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया है। जिसमें बताया कि शहर में कहां-कहां और कितनी अवैध बिल्डिगें खड़ी हो गई है। अवैध निर्माण होते समय तो किसी भी जिम्मेदार अधिकारियों ने उन पर ध्यान नहीं दिया अब सर्वे कर लाठी पीट रहे हैं।</p>
<p>दैनिक नवज्योति में समाचार प्रकाशित होते ही नगर निगम और केडीए दोनों विभागों के अधिकारी हरकत में आए। निगम ने जहां 4 भवनों को सीज किया। वहीं केडीए ने भी नवज्योति द्वारा बताए गए स्थानों में से तीन स्थानों पर ही 91 भवन मालिकों को अवैध निर्माण का दोषी पाए जाने पर नोटिस जारी किए हैं।</p>
<p>उपायुक्तों के निर्देशन में जोन वाइज सवे किया जा रहा है। सर्वे में जो भी अवैध निर्माण होगा उन सभी को नोटिस जारी किए जाएंगे।<br /><strong>- ममता तिवारी, आयुक्त केडीए</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 13 Feb 2026 15:05:37 +0530</pubDate>
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                            </item>
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                <title>सड़क किनारे उगे अंग्रेजी बबूलों की कटाई से घटी हादसों की आशंका </title>
                                    <description><![CDATA[दैनिक नवज्योति में खबर प्रकाशित होने के बाद हरकत में आया प्रशासन।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/cutting-of-prosopis-juliflora-trees-along-the-roadside-reduces-the-risk-of-accidents/article-138713"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/1200-x-600-px)-(1200-x-600-px)-(1)18.png" alt=""></a><br /><p>अरण्डखे़डा । दैनिक नवज्योति में 2 जनवरी को खबर प्रकाशित होने के बाद हरकत में आते हुए प्रशासन ने मंगलवार को कोटा-कनवास मुख्य सड़क मार्ग पर अरण्डखेड़ा के समीप घुमावदार स्थान पर  सड़क किनारे उगे अंग्रेजी बबूलों की कटाई का काम शुरू कर दिया। गौरतलब है कि इन बबूलों के कारण सामने से आने वाले वाहन नजर नहीं आ रहे है। जिससे कई वाहन चालक दुर्घटनाओं का शिकार हो चुके थे। इस समस्या को लेकर दैनिक नवज्योति में समाचार प्रकाशित होने के बाद प्रशासन ने संज्ञान लिया। </p>
<p>ग्राम पंचायत अरण्डखेडा़ के ग्राम विकास अधिकारी हिमांशु सिंह ने समस्या को गंभीरता से लेते हुए मनरेगा के तहत मस्टररोल जारी करवाया। इसके बाद सड़क किनारे उगे अंग्रेजी बबूल व अन्य पेड़ों की कटाई करवाई गई। कटाई कार्य के बाद अब घुमावदार स्थान पर दूर से ही सामने से आने वाले वाहन दिखाई देने लगे है।  जिससे वाहन चालकों को राहत मिली है। स्थानीय लोगों ने बताया कि इससे दुर्घनाओं की आशंका कम होगी और यातायात अधिक सुरक्षित बनेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 07 Jan 2026 15:34:36 +0530</pubDate>
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