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                <title>shankaracharya - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>अखिलेश यादव ने लगाया केंद्र सरकार पर सनातन परंपराओं का अपमान का आरोप, शंकराचार्य मुद्दे पर साधा निशाना </title>
                                    <description><![CDATA[सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के कार्यक्रम पर पाबंदियों को लेकर यूपी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सनातन परंपराओं का अपमान और अनावश्यक शर्तें सरकार की 'कमजोर सत्ता' की पहचान हैं। अखिलेश ने आरोप लगाया कि सरकार कोविड नियमों का बहाना बनाकर विशिष्ट संतों का अपमान कर रही है, जो अत्यंत निंदनीय है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/akhilesh-yadav-accused-the-central-government-of-insulting-sanatan-traditions/article-146089"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/akhilesh-yadav.png" alt=""></a><br /><p>लखनऊ। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार पर सनातन परंपराओं को अपमान करने का आरोप लगाया है। अखिलेश यादव ने बुधवार को उत्तरप्रदेश सरकार की तरफ से लखनऊ में ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के कार्यक्रम की अनुमति को लेकर लगायी गयी शर्त के मुद्दे पर प्रदेश सरकार पर निशाना साधा और कहा कि किसी कार्यक्रम पर अनावश्यक शर्तें और प्रतिबंध लगाना कमजोर सत्ता की पहचान है। यदि राज्य सरकार सनातन परंपराओं का सम्मान नहीं कर सकती तो कम से कम उसका अपमान भी न करे।</p>
<p>उन्होंने बुधवार को सोशल मीडिया के जरिये आरोप लगाया कि प्रदेश की सरकार एक विशेष समाज के सम्मान को ठेस पहुंचा रही है। इस समाज के लोग राज्य सरकार में मंत्री, सांसद, विधायक या अन्य जनप्रतिनिधि के रूप में शामिल हैं, लेकिन इस मुद्दे पर वे अपने ही समाज के सामने जवाब देने से बच रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे जनप्रतिनिधि अपने स्वार्थ के लिए राज्य सरकार के साथ बने हुए हैं और अपने समाज में सम्मान खो चुके हैं।</p>
<p>सपा प्रमुख ने कहा कि जनता अगले चुनाव में ऐसे नेताओं को सबक सिखाएगी। उन्होंने यह भी दावा किया कि कुछ जनप्रतिनिधि, जो वास्तव में अपने समाज के हितैषी हैं, वे उन दलों के संपर्क में हैं जो सनातन परंपराओं और समाज का सम्मान करते रहे हैं। उन्होंने कोविड-19 को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि महामारी अभी भी प्रभावी है तो सरकार बताए कि आखिरी बार किस सरकारी बैठक के आयोजन में इसका पालन किया गया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि राज्य सरकार नेताओं की बैठकों में क्या ये नियम लागू होते हैं या नहीं। सपा अध्यक्ष ने कहा कि इस तरह की बंदिशें निंदनीय और आपत्तिजनक हैं तथा यह सरकार की गलत सोच को दर्शाती हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 11 Mar 2026 15:27:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>दुर्भाग्य है धर्मयुद्ध के लिए निकलना पड़ रहा: शंकराचार्य स्वामी ने कहा गोमाता को राष्ट्रमाता घोषित करने की मांग को लेकर धर्मयुद्ध यात्रा जारी</title>
                                    <description><![CDATA[शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की 'धर्मयुद्ध यात्रा' रायबरेली से लखनऊ की ओर बढ़ रही है। उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार को गोमाता को राष्ट्रमाता घोषित करने के लिए दिए गए 40 दिनों के अल्टीमेटम में अब केवल दो दिन शेष होने की चेतावनी दी है। वह जल्द ही उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य से मिलकर अपनी रणनीति साझा करेंगे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/it-is-unfortunate-that-one-has-to-leave-for-the/article-145732"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/pratapgarh-shankaracharya.png" alt=""></a><br /><p>रायबरेली। शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा कि काशी से शुरू हुई उनकी धर्मयुद्ध यात्रा आगे लखनऊ तक जारी रहेगी और उत्तर प्रदेश सरकार को गोमाता को राष्ट्रमाता घोषित करने के लिए दिए गए 40 दिन के समय में अब केवल दो दिन शेष रह गए हैं।</p>
<p>शंकराचार्य से जुड़े यश पांडेय ने रविवार को बताया कि एक रात के प्रवास के बाद शंकराचार्य की धर्मयुद्ध यात्रा रायबरेली से आगे बढ़ गई है और वह अगले पड़ाव के लिए उन्नाव रवाना हो गए। आगे उनका लखनऊ पहुंचकर उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य से मुलाकात का कार्यक्रम प्रस्तावित है।</p>
<p>बताया गया कि शंकराचार्य शनिवार को रायबरेली पहुंचे थे, जहां उन्होंने भाजपा समर्थित विधायक मनोज पांडेय के भतीजे यश पांडेय के आवास पर रात्रि विश्राम किया। रविवार सुबह लगभग 10 बजे वह उन्नाव के लिए रवाना हो गए। प्रस्थान से पहले सुबह उन्होंने मीडिया से बातचीत की।</p>
<p>मीडिया से बातचीत में शंकराचार्य ने कहा कि उन्होंने वाराणसी से शंखनाद कर धर्मयुद्ध यात्रा की शुरुआत की है, जिसका उद्देश्य सनातन धर्म और गोमाता की रक्षा के मुद्दे को लेकर जनजागरण करना है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार को गोमाता को राष्ट्रमाता घोषित करने के लिए 40 दिन का समय दिया गया था, जिसमें अब केवल दो दिन शेष रह गए हैं। यदि इस अवधि में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया तो लखनऊ में आगे की रणनीति तय की जाएगी।</p>
<p>उन्होंने कहा कि देश की बहुसंख्यक जनता ने गोमाता की रक्षा और सनातन धर्म के संरक्षण की अपेक्षा के साथ सरकारों को समर्थन दिया, लेकिन अब तक गो रक्षा से संबंधित ठोस कानून लागू नहीं हो पाया है। इस दौरान शंकराचार्य ने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों का भी खंडन करते हुए कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए ताकि सच्चाई सामने आ सके। उन्होंने कहा कि उनकी धर्मयुद्ध यात्रा का उद्देश्य सनातन धर्म की रक्षा और समाज में फैली भ्रम की स्थिति को दूर करना है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 08 Mar 2026 18:28:39 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>शंकराचार्य ने दाखिल की अग्रिम जमानत याचिका : शीघ्र सुनवाई होने की संभावना, बोले- पुलिस ने पहले क्यों नहीं दर्ज किया मुकदमा</title>
                                    <description><![CDATA[स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पर दर्ज यौन उत्पीड़न मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल, जल्द सुनवाई संभव। कोर्ट के आदेश पर झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज। स्वामी ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए। आरोप लगाने के लिए आर्थिक प्रलोभन दिया गया था।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/shankaracharya-filed-anticipatory-bail-petition-possibility-of-hearing-soon-said/article-144483"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/shankaracharya.png" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">प्रयागराज। इलाहाबाद उच्च न्यायालय में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ दर्ज यौन उत्पीड़न के मामले में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की गई है। याचिका पर शीघ्र सुनवाई होने की संभावना है। गौरतलब है कि तुलसी पीठाधीश्वर स्वामी रामभद्राचार्य के शिष्य आशुतोष ब्रह्मचारी ने जिला अदालत में प्रार्थना पत्र दाखिल किया था। इस पर रेप एवं पॉक्सो स्पेशल कोर्ट विनोद कुमार चौरसिया ने झूंसी थाने की पुलिस को मुकदमा दर्ज कर विवेचना करने का आदेश दिया था। इसके बाद झूंसी थाना पुलिस ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद, उनके शिष्य मुकुंदानंद गिरी तथा दो-तीन अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। </span></p>
<p class="MsoNormal"><strong><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">पुलिस ने पहले क्यों नहीं दर्ज किया मुकदमा: अविमुक्तेश्वरानंद</span></strong></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">इस बीच स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि किसी नाबालिग ने आरोप लगाया था तो पुलिस ने पहले पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज क्यों नहीं किया। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि मौनी अमावस्या जैसे पर्व पर, जब भारी भीड़ होती है, ऐसे गंभीर आरोप लगाना संदेह पैदा करता है। स्वामी ने कहा कि वे दिनभर मीडिया कैमरों के सामने मौजूद थे और कोई साक्ष्य नहीं मिलने के कारण पुलिस ने प्रारंभ में मामला दर्ज नहीं किया। बाद में नया मामला यौन उत्पीड़न का सामने लाया गया। उन्होंने प्रश्न उठाया कि यदि कोई लड़का आरोप लगा रहा था तो उसी दिन पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर मेडिकल परीक्षण क्यों नहीं कराया गया। उनका कहना था कि अदालत के आदेश के बाद ही प्राथमिकी दर्ज की गई।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">शंकराचार्य की शरण में आया आरोप लगाने वाला- स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को अपनी छोटी बच्ची के यौन शोषण के आरोप में फंसाने के लिए आशुतोष पाण्डेय ने जिस व्यक्ति को आर्थिक सहयोग का प्रलोभन दिया था, वह व्यक्ति सोमवार को शंकराचार्य जी की शरण में आया और पूरी सच्चाई उजागर की। शाहजहांपुर निवासी पत्रकार रमाशंकर दीक्षित ने शाम को केदारघाट स्थित विद्या मठ में पहुंचकर पत्रकारों के समक्ष बताया कि हिस्ट्रीशीटर आशुतोष पाण्डेय ने अपने सहयोगी के माध्यम से फोन पर उनसे बात की और कहा, तुम शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद पर आरोप लगा दो कि उन्होंने हमारी छोटी बच्ची के साथ यौन शोषण किया था। हम तुम्हारी आर्थिक सहायता करेंगे। दीक्षित ने इस पूरी घटना को एक सादे कागज पर लिखकर अपना हस्ताक्षर किया और शंकराचार्य जी को सौंप दिया।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 25 Feb 2026 11:05:08 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>शंकराचार्य कौन होगा? क्या अब केंद्र सरकार तय करेगी सबकुछ; स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने बोला सरकार पर हमला </title>
                                    <description><![CDATA[स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विधानसभा बयान पर कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि कोई मुख्यमंत्री यह तय नहीं कर सकता कि शंकराचार्य कौन होगा; यह धार्मिक हस्तक्षेप है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/who-will-be-shankaracharya-will-the-central-government-now-decide/article-143158"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/1200-x-600-px)-(7)1.png" alt=""></a><br /><p>वाराणसी। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा विधानसभा में शंकराचार्य के मुद्दे पर दिए गए बयान के बाद शनिवार को काशी से शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के बयान से ऐसा प्रतीत होता है कि जिसे वे प्रमाण-पत्र देंगे, वही शंकराचार्य कहलाएगा, जबकि देश में ऐसी कोई विधिक व्यवस्था नहीं है कि प्रदेश का मुख्यमंत्री किसी को शंकराचार्य घोषित कर दे। उन्होंने इसे आपत्तिजनक बताते हुए कहा कि लोकतंत्र के मंदिर यानी विधानसभा में इस प्रकार की टिप्पणी उचित नहीं है।</p>
<p>स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा, क्या अब केंद्र सरकार या उत्तर प्रदेश सरकार यह तय करेगी कि शंकराचार्य कौन होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री द्वारा जिन वासुदेवानंद जी को शंकराचार्य कहा जा रहा है, उन्हें लेकर न्यायालयों में आपत्तियां दर्ज हैं। उनके अनुसार उच्चतम न्यायालय और निचली अदालतों ने संबंधित व्यक्ति को स्वयं को शंकराचार्य के रूप में प्रस्तुत करने से रोका है, इसके बावजूद उन्हें यह पदवी दी जा रही है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि जिन्हें परंपरागत मान्यता प्राप्त है, उन्हें शंकराचार्य नहीं माना जा रहा, जो कि धार्मिक क्षेत्र में हस्तक्षेप का संकेत है। उन्होंने मुख्यमंत्री पर पद के अहंकार का आरोप भी लगाया। कुंभ और माघ मेले में स्नान पर उठे विवाद के संदर्भ में उन्होंने कहा कि शंकराचार्य अनादि काल से मर्यादा के अनुसार स्नान करते आए हैं और कभी भगदड़ की शिकायत नहीं रही। उन्होंने प्रश्न किया कि इसी बार इनके समय में भगदड़ की आशंका कैसे उत्पन्न हो गई।</p>
<p>गौरतलब है कि, मुख्यमंत्री के विधानसभा में दिए गए बयान के बाद यह विवाद राजनीतिक और धार्मिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 14 Feb 2026 17:46:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का सरकार पर हमला, बोलें-यूजीसी के नई नियमावली पूरी तरीके से सनातन विरोधी</title>
                                    <description><![CDATA[यूजीसी की नई नियमावली पर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने सरकार पर सनातन विरोधी होने का आरोप लगाया। कहा, नियम समाज को बांटकर जातीय टकराव बढ़ाएंगे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/shankaracharya-swami-avimukteshwarananda-should-attack-the-central-government-ugcs/article-141191"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/500-px)-(10).png" alt=""></a><br /><p>वाराणसी। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) की नई नियमावली ने पूरे देश में नया विवाद खड़ा कर दिया है। प्रयागराज से काशी लौटे ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने गुरुवार को यूजीसी के इस मुद्दे पर केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि सरकार सनातन धर्म को बांटना चाहती है तथा एक जाति को दूसरी जाति से लड़वाना चाहती है। नई नियमावली पूरी तरह सनातन विरोधी है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार में न्याय की कोई आशा नहीं दिखती और देश को यही संदेश जा रहा है। पूरे देश ने देखा कि किस तरह बटुकों की चोटी पकड़कर उनका अपमान किया गया। सरकार और प्रशासन का चेहरा सबके सामने आ गया है। न तो उन्होंने अपनी गलती स्वीकार की और न ही सुधार का कोई प्रयास किया।  </p>
<p>यूजीसी की नई नियमावली पर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि ये नियम जानबूझकर इस उद्देश्य से लाए गए हैं, ताकि वास्तविक कमियों पर चर्चा न हो सके। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म की व्यवस्था में जातियां संघर्ष के लिए नहीं, बल्कि समाज के सभी वर्गों की आजीविका और संतुलन को सुरक्षित रखने के लिए बनाई गई थीं। इस कानून के बाद सरकार आखिर देश में क्या कराना चाहती है? </p>
<p>शंकराचार्य ने आरोप लगाया कि यूजीसी के माध्यम से एक जाति को दूसरी जाति के सामने खड़ा कर दिया गया है, जिससे समाज में टकराव बढ़ेगा। इससे आपसी संघर्ष बढ़ेगा और अंतत: नुकसान पूरे ङ्क्षहदू समाज को होगा। यह एक ही हिंदू समुदाय को बांटने वाला कानून है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 29 Jan 2026 14:53:04 +0530</pubDate>
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                <title>11 दिन बाद शंकराचार्य का विरोध प्रदर्शन खत्म, इस बात पर बनी सहमति</title>
                                    <description><![CDATA[प्रयागराज में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने 11 दिन बाद विरोध समाप्त किया। काशी रवाना होते हुए बोले, सनातन धर्म और गौहत्या रोकने की लड़ाई जारी रहेगी। समर्थकों ने जताया भरोसा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/shankaracharyas-protest-ends-after-11-days-consensus-reached/article-141037"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/1200-x-600-px)-(2)6.png" alt=""></a><br /><p>प्रयागराज। शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने 11 दिन बाद आखिरकार विरोध प्रदर्शन खत्म कर दिया है। बता दें कि इससे पहले कल मंगलवार को 10वें दिन गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री शंकर सिंह वाघेला शंकराचार्य का समर्थन करने पहुंचे थे।</p>
<p>बता दें कि 11 वे दिन आज शंकराचार्य प्रयागराज माघ मेले को छोड़कर काशी के लिए रवाना हुए तो उन्होंने आखिर में कहा-यह वक्त बताएगा किसकी हार हुई है किसकी जीत हुई है। हम सनातन धर्म की लड़ाई और गौ हत्या बंद हो इसे लेकर लड़ते रहे हैं और लड़ते रहेंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 28 Jan 2026 14:12:35 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>अविमुक्तेश्वरानंद के समर्थन में सपा ने लगाए पोस्टर,'शंकराचार्य का अपमान, नही सहेगा हिंदुस्तान'</title>
                                    <description><![CDATA[प्रयागराज माघ मेले में शंकराचार्य की पालकी रोके जाने पर सपा ने विरोध तेज किया। अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर सनातन धर्म और साधु-संतों के अपमान का आरोप लगाया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/sp-put-up-posters-in-support-of-avimukteshwaranand-india-will/article-140532"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-11/akhilesh-yadav-blo.png" alt=""></a><br /><p>लखनऊ। प्रयागराज माघ मेले में ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की पालकी रोके जाने को लेकर घटित घटना के विरोध में समाजवादी पार्टी (सपा) मैदान में उतर आई है। पार्टी कार्यालय के बाहर अविमुक्तेश्वरानंद के समर्थन में समाजवादी छात्रसभा के पूर्व प्रदेश सचिव आशुतोष सिंह ने पोस्टर लगाया है। पोस्टर पर'शंकराचार्य का अपमान, नही सहेगा हिंदुस्तान' लिख कर समर्थन दिया है।</p>
<p>वहीं, समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद को लेकर लगातार भाजपा सरकार पर हमलावर हैं। भाजपा को घेरने के लिए अखिलेश यादव कोई मौका नही चूक रहे हैं। अभी दो दिन पहले ही फोन पर शंकराचार्य से बात कर उनकी लड़ाई को आगे बढ़ाने की बात कही गई थी। इसी क्रम में विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने शंकराचार्य से प्रयागराज माघ मेले में मुलाकात की थी। </p>
<p>एक दिन पूर्व अखिलेश यादव ने बयान जारी कर कहा था कि यदि कोई अधिकारी शंकराचार्य से परिचय और प्रमाण-पत्र मांग रहा है, तो सनातन धर्म का इससे बड़ा अपमान कोई और नहीं हो सकता है। भाजपा सरकार ने सनातन धर्म, शंकराचार्य, साधु-संतों, माघ मेला और देश का अपमान किया है।   </p>
<p>अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार ने शंकराचार्य और साधु-संतों के साथ दुव्र्यवहार किया है। भाजपा को अधिकारियों के माध्यम से ऐसा व्यवहार नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह सरकार देश का संविधान, कानून, भाईचारा और परम्परा तोड़ रही है। इस सरकार में किसी के साथ सम्मानजनक व्यवहार नहीं हो रहा है।   </p>
<p>गौरतलब है कि, बीते दिनों माघ मेले में मौनी अमावस्या के दिन शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद अपनी परंपरागत पालकी यात्रा के माध्यम से संगम स्नान के लिए जा रहे थे। आरोप है कि प्रशासन ने सुरक्षा का हवाला देते हुए उनकी पालकी यात्रा को बीच रास्ते में रोक दिया और उन्हें जिस स्थान पर उतारा गया, वहीं छोड़ दिया गया। इसी के विरोध में शंकराचार्य उसी स्थान पर धरने पर बैठ गए। वहीं शंकराचार्य ने पुलिस पर मारपीट का भी आरोप लगाया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 22 Jan 2026 18:38:50 +0530</pubDate>
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                <title>संयम समर्पण सेवा श्रद्धा और समभाव ही सनातन</title>
                                    <description><![CDATA[कौनसा धर्म सनातन है और कैसे, इन सब सवालों पर लोग चर्चा कर रहे हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/restraint--dedication--service--faith-and-equanimity-are-eternal/article-57987"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-09/sanyam-samparn-seva-shraddha-or-smbhav-hi-snatan...kota-news-25-09-2023.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। सनातन शब्द को लेकर आज देश भर में चर्चा छिड़ी हुई है। सनातम धर्म क्या है। कौनसा धर्म सनातन है और कैसे, इन सब सवालों पर लोग चर्चा कर रहे हैं। इसी मामले को लेकर नवज्योति ने मध्य प्रदेश की भानपुरा पीठ के शंकराचार्य स्वामी ज्ञानानंद महाराज से चर्चा की।    </p>
<p><strong>प्रस्तुत हैं उसके अंश</strong><br /><strong>नवज्योति-  </strong>महाराज देश भर में सनातन शब्द को लेकर चर्चा छिड़ी है। आखिर सनातन धर्म क्या है। <br /><strong>स्वामी ज्ञानानंद जी -</strong> सनातन शब्द हर प्राणी, हर मानव को पोषित करने वाला है। सनातन दान, सनातन सेवा,सनातन श्रद्धा,सनातन त्याग, सनातन सत्संग, सनातन समभाव, सनातन संयम, सनातन समर्पण ही उत्कृष्ठ है।  सनातन शब्द पोषित करता है वंचित नहीं करता। निर्माण करता है। सनातन ही एक ऐसा शब्द है जो जगत कल्याण करता है। इसकी जड़ इतनी गहरी है कि कभी दीमक नहीं लग सकती है। जैसे एक आंवला होता है। उसकी फांखे अलग अलग हो जाती हैं लेकिन यह सब फांके उसके बीज से जुड़ी रहती हैं। ठीक उसी प्रकार सनातन एक ऐसा बीज है जिसमें सभी जुड़े हैं। <br /><strong>नवज्योति- </strong>आप आज के दौर को लेकर क्या कहेंगे। समाज में सब कुछ ठीक चल रहा है क्या?<br /><strong>स्वामी ज्ञानानंद जी - </strong>दरअसल हमारे धर्म में संस्कारों का बड़ा महत्व है। समाज से संस्कार खत्म होते जा रहे हैं। दरअसल गर्भाधन ही बिगड़ा हुआ है। जब शुरुआत ही बिगड़ जाएगी तो आगे क्या होगा यह समझ सकते हैं। हमारे समाज में विवाह संस्कार की महत्वता रही है। लेकिन आजकल गंधर्वर्  विवाह का प्रचलन बढ़ रहा है। अब तो सरकार रजिस्ट्रेशन  करती  है। इससे सामाजिक प्रक्रियाओं में विकृति आ रही है। गंधर्व विवाह पहले भी होते थे लेकिन मर्यादा होती थी। अब मर्यादा का खत्म हो रही है। <br /><strong>नवज्योति- </strong>धर्म का कमर्शियलाइजेशन हो रहा है। क्या यह ठीक है। हर तरफ बाढ़ सी आई हुई है।    <br /><strong>स्वामी ज्ञानानंद जी -</strong> पहली बात तो यह है कि आप जिसे जैसे देखेंगे वह वैसा दिखेगा। जांकि रही भावना जैसी, प्रभु मूरत तिन देखी वैसी, कमर्शियलाइजेशन और अंध विश्वास दोनों ठीक नहीं है। फिर भी मैं कहूंगा कि समय लौट रहा है। यह जगत परिवर्तन शील है। रितु लौट कर आती है, दिन लौट कर आते हैं। माह लौट कर आता है। ऐसे ही समय लौट कर आता है। <br /><strong>नवज्योति-</strong> हमारी शिक्षा पद्द्ति को लेकर आप क्या कहेंगे।<br /><strong>स्वामी ज्ञानानंद जी -</strong> शिक्षा के लिए गुरुकुल पद्द्ति ही ठीक थी। यह पद्द्ति सामाजिक हित में होती थी। अब शिक्षा तो मिल रही है लेकिन संस्कार नहीं मिल रहे है। आज माता पिता की लोग बात नहीं मानते। बड़ों का आदर नहीं करते। वृद्दो को ं गैर जरूरी समझ लिया जाता है।  यह कैसी शिक्षा है। सबसे बड़ी दिक्कत तो यह है कि बच्चों में बोध नहीं है। इसमें सामाजिक हित कहां है।   <br /><strong>नवज्योति-</strong> स्वामी जी अपने बारे में बताइए।<br /><strong>स्वामी ज्ञानानंद जी -</strong> 1998 में सन्यास ग्रहण किया। 1990 में भानपुरा पीठ से जुड़ने के बाद  रामजन्म भूमि आन्दोलन और 1994 में अल कबीर कत्ल खाने के आन्दोलन में अग्रणी भूमिका निभाई। 1995 में  युवाचार्य घोषित किया गया। 2019 में  स्वामी दिव्यानन्द के गौ लोक गमन के पश्चात शंकराचार्य  घोषित किया गया। शंकराचार्य स्वामी ज्ञानानंद महाराज कई दिनों से कोटा के  स्टेशन क्षेत्र स्थित श्री राम मंदिर में चातुर्मास कर रहे है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 25 Sep 2023 17:56:39 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>  जगद्गुरु शंकराचार्य वासुदेवानंद सरस्वती का बयान : धर्मातरण और गाय बछड़ों को जिस तरह मारा जा रहा है इस पर बनना चाहिए सख्त कानून</title>
                                    <description><![CDATA[  जगद्गुरु शंकराचार्य वासुदेवानंद सरस्वती का बयान : 2023 तक हो जाएगा राम मंदिर का निर्माण ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%9C%E0%A4%97%E0%A4%A6%E0%A5%8D%E0%A4%97%E0%A5%81%E0%A4%B0%E0%A5%81-%E0%A4%B6%E0%A4%82%E0%A4%95%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%9A%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%AF-%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%B8%E0%A5%81%E0%A4%A6%E0%A5%87%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A4%82%E0%A4%A6-%E0%A4%B8%E0%A4%B0%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%B5%E0%A4%A4%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%AC%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%A8---%E0%A4%A7%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%A4%E0%A4%B0%E0%A4%A3-%E0%A4%94%E0%A4%B0-%E0%A4%97%E0%A4%BE%E0%A4%AF-%E0%A4%AC%E0%A4%9B%E0%A4%A1%E0%A4%BC%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%9C%E0%A4%BF%E0%A4%B8-%E0%A4%A4%E0%A4%B0%E0%A4%B9-%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A4%BE-%E0%A4%9C%E0%A4%BE-%E0%A4%B0%E0%A4%B9%E0%A4%BE-%E0%A4%B9%E0%A5%88-%E0%A4%87%E0%A4%B8-%E0%A4%AA%E0%A4%B0-%E0%A4%AC%E0%A4%A8%E0%A4%A8%E0%A4%BE-%E0%A4%9A%E0%A4%BE%E0%A4%B9%E0%A4%BF%E0%A4%8F-%E0%A4%B8%E0%A4%96%E0%A5%8D%E0%A4%A4-%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A5%82%E0%A4%A8/article-2050"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-11/pc.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। जगद्गुरु शंकराचार्य वासुदेवानंद सरस्वती ने कहा है कि राम मंदिर का निर्माण 2023 तक हो जाएगा और एक भव्य राम मंदिर बनेगा। उन्होंने भारत माता मंदिर में पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि किसानों का जो आंदोलन चल रहा है, वह  किसानों का आंदोलन नहीं है बल्कि अन्य राजनीतिक दलों का आंदोलन है, जिसे स्टंट के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा है कि धर्मातरण पर सख्त कानून बनना चाहिए और गाय बछड़ों को जिस तरह मारा जा रहा है इस पर भी केंद्र सरकार को कानून बनाना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि सभी मंदिरों को सरकार अपने नियंत्रण से मुक्त करें। <br /><br />राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की बैठक, धारवाड़, कर्नाटक में सम्पन्न हुई। सघ के संघचालक रमेश अगवाल ने भारती भवन में  बताया कि  देश भर मे अभी 7136 स्थानो पर सघ की शाखा लग रही है। युवाओं को सघ काय से जोडा  जाएगा। संघ का तेजी से विस्तार हो रहा है और संघ आजादी के अमृत महोत्सव में आजादी के सेनानियों की कहानी भी लाएगा, जो समय के साथ दबा दी गई थी। उन्होंने कहा कि संघ का मानना है कि जनसंख्या को लेकर नीति बननी चाहिए और वह नीति सभी लोगों पर समान रूप से लागू होनी चाहिए। अग्रवाल ने कहा कि संघ के विस्तार के लिए आगामी 2 वर्ष के लिए देश भर के करीब 10000 युवाओं को संघ कार्य से जोड़ा जाएगा वह दो दस हजार कार्यकर्ता घर बार छोड़कर संघ के विस्तार में अपना सहयोग करेंगे। राम जन्म भूमि के धन सगह के लिए साढे पांच लाख गावों तक पहुंचे है। 25 लाख लोगों ने इस काय काम किया है।  बांग्लादेश में हिन्दुओं के साथ अत्याचार हुआ है, जिसका सघ ने निन्दा की है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
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                <pubDate>Mon, 01 Nov 2021 16:23:57 +0530</pubDate>
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