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                <title>terror - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                            <item>
                <title>मुंबई में बड़ी साजिश नाकाम: मुहर्रम जुलूस में ज़हरीले कैप्सूल बांटने वाला गिरफ्तार, पूछताछ में 15 हजार लोगों को मारने की साजिश का दावा</title>
                                    <description><![CDATA[मुंबई के मुहर्रम जुलूस में कथित तौर पर ज़हर भरे कैप्सूल बांटने के आरोप में एक व्यक्ति गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में उसने बड़ी साजिश की बात कही है। मौके से 14,900 कैप्सूल बरामद किए गए। 11 लोगों की तबीयत बिगड़ी, लेकिन समय पर इलाज से सभी खतरे से बाहर हैं। मामले की जांच केंद्रीय और राज्य एजेंसियां कर रही हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/big-conspiracy-foiled-in-mumbai-person-distributing-poisonous-capsules-in/article-158300"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/mumbai1.png" alt=""></a><br /><p>मुंबई। दक्षिण मुंबई में मुहर्रम के जुलूस के दौरान ज़हर भरे कैप्सूल बांटने के आरोप में गिरफ्तार किए गये पुणे के आरोपी व्यक्ति ने पूछताछ के दौरान कबूल किया कि वह 'कम से कम 15,000 लोगों' को मारना चाहता था। एक जांच अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी।अब पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या इस मामले का कोई अंतरराष्ट्रीय संबंध या संभावित आतंकी पहलू है, क्योंकि आरोपी गिरफ्तारी से पहले ईरान और इराक की यात्रा कर चुका है।अधिकारी ने कहा कि केंद्रीय और राज्य एजेंसियां भी जांच में शामिल हो गयी हैं।</p>
<p>प्राप्त जानकारी के अनुसार, फैयाज निसार हुसैन प्रेमजी को शुक्रवार को बायकुला में मुहर्रम आशूरा जुलूस के दौरान अत्यधिक जहरीले रसायन जिंक फॉस्फाइड से भरे कैप्सूल बांटते हुए गिरफ्तार किया गया था। प्रेमजी ने बैचलर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन (बीबीए) की उपाधि हासिल की है। जांचकर्ताओं ने बताया कि काम के सिलसिले में विदेश जाने से पहले वह अपने पिता की कंपनी में काम करता था। पुलिस ने खुलासा किया कि प्रेमजी ने अतीत में ईरान और इराक में काम किया था, जबकि उसका परिवार अभी ईरान में रहता है। अधिकारियों ने बताया कि वह अपनी पत्नी से अलग रह रहा है। मुहर्रम जुलूस से लगभग 15 दिन पहले प्रेमजी मुंबई आया और डोंगरी के एक लॉज में ठहरा। </p>
<p>इस दौरान उसने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से लगभग 50 किलोग्राम जिंक फॉस्फाइड (एक घातक रसायन जिसका उपयोग आमतौर पर चूहे के जहर के रूप में किया जाता है) और लगभग 30,000 खाली एंटीबायोटिक कैप्सूल मंगवाए थे। घटना के दिन, 25 जून को प्रेमजी ने यह दावा करते हुए कैप्सूल बांटे कि वे दर्द निवारक और इम्युनिटी बढ़ाने वाली दवाएं हैं। कुछ मामलों में उसने लोगों को उन्हें खाने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए उन्हें 'चॉकलेट' कहकर भीड़ में फेंका।</p>
<p>रे रोड पर रहमतबाद कब्रिस्तान के पास मुफ्त में बांटे जा रहे उन कैप्सूल को लेकर एक महिला को शक हुआ, जिसके बाद कथित साज़िश का पता तब चला। बताया जा रहा है कि उसने एक कैप्सूल खोला और उसके अंदर अजीब पाउडर पाया, जिसके बाद उसने तुरंत बायकुला पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने तुरंत प्रेमजी को हिरासत में ले लिया और मौके से लगभग 14,900 कैप्सूल बरामद किए। अधिकारियों ने बताया कि लगभग 11 लोगों ने पहले ही कैप्सूल खा लिए थे और बाद में बीमार पड़ गए। सभी पीड़ितों को तुरंत अस्पताल ले जाया गया और समय पर इलाज मिलने के बाद अब वे खतरे से बाहर बताए जा रहे हैं। डॉक्टरों ने कहा कि जिंक फॉस्फाइड एक बेहद खतरनाक ज़हर है। शरीर में जाने के बाद, यह पेट के एसिड के साथ प्रतिक्रिया करके फॉस्फीन गैस बनाता है, जो दिल, फेफड़ों, लिवर और दिमाग को गंभीर रूप से नुकसान पहुंचा सकती है। रिपोर्ट के अनुसार, चिकित्सा विशेषज्ञों ने कहा कि इस ज़हर का कोई सीधा एंटीडोट (इलाज) उपलब्ध नहीं है। प्रेमजी को शनिवार रात अदालत में पेश किया गया, जिसने उसे दो दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 28 Jun 2026 14:54:23 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>लालकिला कार बम विस्फोट मामला: एनआईए ने 10 आरोपियों के खिलाफ दाखिल की 7500 पन्नों की चार्जशीट, 11 लोगों की हुई थी मौत </title>
                                    <description><![CDATA[NIA ने लाल किला कार बम विस्फोट मामले में 10 आतंकियों के खिलाफ चार्जशीट पेश की है। मुख्य साजिशकर्ता डॉ. उमर उन नबी (Assistant Professor) ने सहयोगियों के साथ मिलकर TATP विस्फोटक तैयार किया था। जांच में एके-47 की खरीद और ड्रोन हमलों की खतरनाक साजिश का भी खुलासा हुआ है, जिसका उद्देश्य देश की सुरक्षा को निशाना बनाना था।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/red-fort-car-bomb-blast-case-nia-files-7500-page-charge/article-153810"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/nia.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने लाल किला क्षेत्र में हुए कार बम विस्फोट मामले में 10 आरोपियों के खिलाफ 7500 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की है जिसमें 11 लोगों की मौत हो गयी थी और कई लोग घायल हुए थे। पिछले साल 10 नवंबर को राष्ट्रीय राजधानी में एक कार में लगे शक्तिशाली विस्फोटक उपकरण विस्फोट से इलाके में भारी तबाही हुई थी और आसपास की संपत्ति को भी व्यापक नुकसान पहुंचा था।</p>
<p>पटियाला हाउस कोर्ट स्थित एनआईए की विशेष अदालत में दाखिल चार्जशीट के अनुसार 10 आरोपियों में मुख्य साजिशकर्ता डॉ. उमर उन नबी भी शामिल है जिसकी विस्फोट के दौरान मौत हो गयी थी। वह आतंकी संगठन अंसार गजवत-उल-हिंद (अजीयूएच) से जुड़ा हुआ था। यह संगठन भारतीय उपमहाद्वीप में अल-कायदा (एक्यूआईएस) का एक सहयोगी गुट है। गृह मंत्रालय ने जून 2018 में एक्यूआईएस और उससे जुड़े सभी संगठनों को आतंकवादी संगठन घोषित किया था।</p>
<p>चार्जशीट गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम 1967, भारतीय न्याय संहिता 2023, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम 1908, शस्त्र अधिनियम 1959 और सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम 1984 की विभिन्न धाराओं के तहत दाखिल की गई है। मुख्य साजिशकर्ता पुलवामा निवासी डॉ. उमर उन नबी हरियाणा के फरीदाबाद स्थित अल-फलाह यूनिवर्सिटी में मेडिसिन विभाग में सहायक प्रोफेसर रह चुका था। उसकी मौत हो चुकी है और उसके खिलाफ कार्यवाही समाप्त करने का प्रस्ताव अदालत में रखा गया है। आरोपपत्र में आमिर राशिद मीर, जासिर बिलाल वानी, डॉ. मुजमिल शकील, डॉ. आदिल अहमद रादर, डॉ. शाहीन सईद, मुफ्ती इरफान अहमद वागे, सोयाब, डॉ. बिलाल नसीर मल्हा और यासिर अहमद डार को भी आरोपी बनाया गया है।</p>
<p>एनआईए के अनुसार जांच के दायरे में जम्मू-कश्मीर, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात और दिल्ली-एनसीआर के कई इलाके आये। एजेंसी ने 588 मौखिक गवाहियों, 395 से अधिक दस्तावेजों और 200 से ज्यादा जब्त सामग्री को साक्ष्य के रूप में चार्जशीट में शामिल किया है। लाल किला धमाके में इस्तेमाल ट्राइएसीटोन ट्राइपेरॉक्साइड (टीएटीपी) विस्फोटक आरोपियों ने खुद तैयार किया था। इसके लिए जरूरी रसायनों और उपकरणों को गुप्त तरीके से जुटाया गया और विस्फोटक मिश्रण को अधिक घातक बनाने के लिए कई प्रयोग किए गए।</p>
<p>एनआईए ने बताया कि आरोपियों ने एके-47 और क्रिंकोव राइफल समेत प्रतिबंधित हथियारों की अवैध खरीद भी की थी। इसके अलावा वे ड्रोन और रॉकेट आधारित आईईडी विकसित कर जम्मू-कश्मीर तथा देश के अन्य हिस्सों में सुरक्षा प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने की योजना पर काम कर रहे थे। एजेंसी ने डीएनए फिंगरप्रिंटिंग, फोरेंसिक जांच और वॉयस एनालिसिस के जरिए पूरे आतंकी नेटवर्क का खुलासा किया। जांच के दौरान अल-फलाह यूनिवर्सिटी, फरीदाबाद और जम्मू-कश्मीर के विभिन्न ठिकानों से अहम सबूत जुटाए गए। एनआईए ने कहा कि इस मामले में अब तक 11 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि फरार आरोपियों की तलाश और जांच अभी जारी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 14 May 2026 18:35:24 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>यूएई ने हिज़्बुल्लाह समर्थकों पर लगाया बैन: 16 व्यक्तियों और पांच संस्थाओं को आतंकवादी सूची में किया शामिल, आतंकवादी वित्तपोषण से जुड़े नेटवर्क को खत्म करने की दिशा में अहम कदम</title>
                                    <description><![CDATA[संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने हिज़्बुल्लाह का समर्थन करने वाले 16 व्यक्तियों और 5 संस्थाओं को अपनी आतंकवादी सूची में शामिल किया है। यह कार्रवाई आतंकी फंडिंग नेटवर्क को ध्वस्त करने और क्षेत्रीय सुरक्षा मजबूत करने के लिए की गई है। यूएई सरकार ने स्पष्ट किया कि आतंकवाद को बढ़ावा देने वालों के खिलाफ शून्य सहिष्णुता की नीति जारी रहेगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/big-announcement-by-uae-inclusion-of-16-individuals-and-five/article-153649"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-03/terroristss.png" alt=""></a><br /><p>अबू धाबी। संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने लेबनान स्थित हिज़्बुल्लाह समूह का समर्थन करने के लिए 16 व्यक्तियों एवं पांच संस्थाओं को अपनी आतंकवादी सूची में शामिल किया है। अमीरात मीडिया ने यह जानकारी दी है। मीडियो ​रिपोर्ट के अनुसार, यूएई सरकार ने संबंधित कानूनों और नियमों के अनुसार, आतंकवाद का समर्थन करने वाले व्यक्तियों और संगठनों की सूची में 16 व्यक्तियों और पाँच संस्थाओं को शामिल करने की मंजूरी दी है।</p>
<p>रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि यह कदम आतंकवादी वित्तपोषण और संबंधित गतिविधियों से जुड़े नेटवर्क को बाधित करने और खत्म करने के यूएई के चल रहे प्रयासों का एक हिस्सा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 13 May 2026 13:07:22 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पहलगाम आतंकी घटना का विरोध : बजरंग दल और विहिप ने निकाली आक्रोश रैली, विधायक बालमुकुंदाचार्य भी रहे उपस्थित </title>
                                    <description><![CDATA[पहलगाम में आतंकवादी घटना के विरोध में विश्व हिंदू परिषद्, बजरंग दल एवं सर्व समाज द्वारा रविवार सुबह सीकर रोड के सन एंड मून रोड नंबर 1 से कांटा चौराहा झोटवाड़ा तक आक्रोश रैली आयोजित की गई]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/opposition-to-pahalgam-terror-incident-bajrang-dal-and-vishwa-hindu/article-112209"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-04/news-(8)10.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। पहलगाम में आतंकवादी घटना के विरोध में विश्व हिंदू परिषद्, बजरंग दल एवं सर्व समाज द्वारा रविवार सुबह सीकर रोड के सन एंड मून रोड नंबर 1 से कांटा चौराहा झोटवाड़ा तक आक्रोश रैली आयोजित की गई। हजारों की संख्या में आक्रोशित हिंदू समाज कार्यक्रम में उपस्थित रहा, कार्यक्रम में पहलगाम में शहीद हुए निर्दोष हिंदुओं को सर्वसमाज द्वारा पुष्प श्रद्धांजलि अर्पित की गई। </p>
<p>कार्यक्रम में आए कार्यकर्ताओं एवं हिंदू समाज को बजरंग दल प्रान्त संयोजक प्रेमसिंह ने संपूर्ण हिंदू समाज से जात पात को भूलाकर एकजुटता रखने की अपील की एवं बजरंग दल आतंकियों के खिलाफ भारतीय सेना के साथ हर मोर्चे पर खड़ा है यह विश्वास दिलाया।कार्यक्रम में मंच संचालन विनीत  ने किया, हवा महल विधानसभा विधायक बालमुकुंदाचार्य भी आक्रोश रैली में उपस्थित होकर कार्यकर्ताओं एवं आम समाज का उत्साह बढ़ाया। रैली में लव जिहाद की झांकी मुख्य आकर्षण रही।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 27 Apr 2025 16:05:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
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                <title>सुकमा में लाल आतंक को झटका, 40 लाख के इनामी 22 नक्सलियों का सरेंडर नई पुनर्वास नीति के तहत मिली मदद</title>
                                    <description><![CDATA[केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने नक्सलवाद की डेड लाइन तय कर दी है]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/red-terror-in-sukma-shocked-22-lakh-rewarded-22-naxalites/article-111313"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-04/news-(3)17.png" alt=""></a><br /><p>सुकमा। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने नक्सलवाद की डेड लाइन तय कर दी है। इसके बाद लाल आतंक की कमर लगातार टूट रही है। शुक्रवार के दिन छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में 40 लाख के इनामी नक्सलियों ने सरेंडर किया है। एक नक्सली दंपति समेत 22 नक्सलियों ने सुरक्षाबलों के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। पुलिस अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।<br />नक्सलियों ने सुकमा में एसपी किरण चाव्हाण, सीआरपीएफ डीआईजी आनंद सिंह राजपुरोहित के सामने सरेंडर किया है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जिले में सुरक्षाबलों के सामने आठ-आठ लाख रुपए के इनामी नक्सली मुचाकी जोगा (33) और उसकी पत्नी मुचाकी जोगी (28) ने आत्मसमर्पण कर दिया है। नक्सली जोगा नक्सलियों के पीएलजीए कंपनी नंबर एक में डिप्टी कमांडर है तथा जोगी सदस्य है।</p>
<p><strong>नक्सलियों ने 9 महिलाएं भी शामिल</strong><br />अधिकारियों ने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले 22 नक्सलियों में 5-5 लाख रुपए के इनामी किकिड़ देवे (30) और मनोज उर्फ दूधी बुधरा (28) शामिल है। वहीं, माड़वी भीमा (30), माड़वी सोमड़ी (48), संगीता (24), माड़वी कोसी (24), वंजाम सन्नी (24), माड़वी मंगली (35) और ताती बंडी (35) पर सरकार ने 2-2 लाख रुपए का इनाम घोषित किया था। इसके साथ ही नक्सली पुनेम जोगा पर 50 हजार रुपए का इनाम है। आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों में 9 महिला नक्सली भी शामिल हैं। सभी नक्सली माड़ डिवीजन और नुआपाड़ा डिवीजन में सक्रिय थे।</p>
<p><strong>सरकार की नीतियों से हुए प्रभावित</strong><br />अधिकारियों ने बताया कि नक्सलियों ने छत्तीसगढ़ नक्सलवादी आत्मसमर्पण पुनर्वास नीति से प्रभावित हुए हैं। साथ ही नक्सलियों की अमानवीय, आधारहीन विचारधारा और उनके शोषण से तंग आकर आत्मसमर्पण करने का फैसला किया है। अधिकारियों ने बताया कि सभी आत्मसमर्पित नक्सलियों को शासन की नई पुनर्वास नीति के तहत 50-50 हजार रुपए प्रदान किया गया है। उन्हें अन्य सुविधाएं भी प्रदान की जाएंगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 19 Apr 2025 13:06:08 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>असर खबर का - गुलाबबाड़ी में वन विभाग ने चलाया सर्च अभियान, जंगली सुअर के आतंक से परेशान हो रहे थे ग्रामीण</title>
                                    <description><![CDATA[जंगली सुअर के आतंक से हो रहे परेशान ग्रामीणों की समस्या को दैनिक नवज्योति ने गंभीरता से लेते हुए।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/the-effect-of-the-news---forest-department-conducted-a-search-campaign-in-gulabbari/article-104104"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-02/news20.png" alt=""></a><br /><p>भण्डेड़ा। क्षेत्र के दुगारी कस्बे में स्थित गुलाबबाड़ी में जंगली सुअरों के आतंक की जनसमस्या वाली खबर दैनिक नवज्योति में प्रकाशित होने के बाद बुधवार को क्षेत्रीय वन अधिकारी टीम के साथ बुधवार को मौके पर पहुंचे। मौके पर गुलाबबाड़ी में दो घंटे तक सर्च अभियान चलाया गया। मगर यहां पर भी नजर नही आया है। आखिरकार खाली हाथ संबंधित विभाग की टीम लौटी है। मौके पर ग्रामीणों को जागरूक रहने की हिदायत दी और जंगली सुअर नजर आते ही वन विभाग को सूचना देने के लिए संबंधित विभागीय अधिकारी द्वारा कहा गया है। जानकारी के अनुसार दुगारी की गुलाबबाड़ी के आसपास में जंगली सुअर ढेरा डाले हुए था। कभी-कभार दिन के समय बंद सरकारी स्कूल भवन के कक्ष में भी छिपा रहता था। उसने ग्रामीणों व महिलाओं पर हमला करके जख्मी करने लग गया था। जंगली सुअर के आतंक से हो रहे परेशान ग्रामीणों की समस्या को दैनिक नवज्योति ने गंभीरता से लेते हुए। इस संबंध में बीती 12 फरवरी के दैनिक नवज्योति अंक में दुगारी की गुलाबबाड़ी में जंगली सुअरों का आतंक, एक व्यक्ति को किया जख्मी....इस शीर्षक द्वारा प्रमुखता से समाचार प्रकाशित करके इस समस्या से संबंधित विभाग को अवगत करवाया गया था। जिस पर खबर प्रकाशित होते ही नैनवां क्षेत्रीय वन अधिकारी बलराम गोचर, फूलेता नाका प्रभारी रामराय यादव, बांसी नाका प्रभारी दयाराम गोचर, वनरक्षक देवेंद्र सिंह बाजीया, वनरक्षक सुरजमल चौधरी मौके पर पहुंचे। जहां मौके पर मिले ग्रामीण मुकुट बिहारी दाधीच, घनश्याम कुशवाहा, शंकर हरिजन, सुरेश हरिजन, भूरालाल मीणा, बिलचंद, भगत, फारूख मोहम्मद, बंटी मीणा, शंकर सैनी, शैलेंद्र गौत्तम आदि ने विभागीय टीम को जहां जंगली सुअर ने ग्रामीण पर हमला किया गया था। वह जगह भी दिखाई।  फिर महिला के पीछे दौड़ा वह जगह भी दिखाई गई हैं। फिर टीम ने ग्रामीणों का सहयोग लेकर गुलाबबाड़ी में दो घंटे तक सर्च अभियान चलाया गया। मगर जंगली सुअर नजर नही आया। मौके से टीम रंगमंच के चबूतरे के पास पहुंचे, जहां पर आसपास के निवासरत ग्रामीणों को सतर्कता बरतने को कहा गया। जंगली सुअर नजर आते ही वन विभाग को सूचना समय पर देने की अपील की ताकि जंगली सुअर को पकड़ा जा सके। अंत में टीम को सफलता नहीं मिली है, उनको बैरंग ही लौटना पड़ा।</p>
<p><strong>इनका कहना है </strong><br />दैनिक नवज्योति में खबर प्रकाशित होने पर बुधवार को ही टीम के साथ मौके पर पहुंचे। जहां पर स्थानीय लोगों का सहयोग लेकर गुलाबबाड़ी में सर्च अभियान चलाया। मगर जंगली सुअर नजर नही आया है। मौके पर सभी को सतर्क रहने की सलाह दी है। वन्यजीव नजर आते ही हमें सूचित करें, ताकि समय पर ही रेस्क्यू किया जा सके।<br /><strong>- बलराम गोचर, क्षेत्रीय वन अधिकारी नैनवां</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बूंदी</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 13 Feb 2025 15:29:44 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बांसी में लाल मुंह के बन्दरों का आतंक</title>
                                    <description><![CDATA[मकानों में पहुंचकर महिलाओं सहित बच्चों को कर रहे जख्मी।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/terror-of-red-faced-monkeys-in-bansi/article-85522"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-07/bansi-me-lal-muh-k-bandaro-ka-atank...bhandeda,-bundi-news-22-07-2024.jpg" alt=""></a><br /><p>भण्डेड़ा। भण्डेड़ा क्षेत्र के बांसी कस्बे में दस रोज से लाल मुंह के एक दर्जन से अधिक बन्दरों ने आतंक मचा रखा है। यह बन्दर मकानों में पहुंचकर महिलाओं सहित बच्चों को जख्मी कर रहे है। शुक्रवार देर शाम को खुद के मकान में महिलाएं अपना काम कर रही थी। तभी अचानक लाल मुंह का बन्दर महिलाओं के पास पहुंचकर एक ही मोहल्ले में दो महिलाओं को जख्मी कर दिया है। आए दिन हो रही घटनाओं से परेशान ग्रामीणों ने नाराजगी जताई है। बन्दरों के आतंक से परेशान मोहल्लेवासियों ने शनिवार को बालाजी धर्मशाला के सामने एकत्रित होकर जिम्मेदारों के खिलाफ आक्रोश जताया है। जानकारी अनुसार बांसी कस्बे में लगभग दस रोज से लाल मुंह के एक दर्जन से अधिक बन्दर आए हुए है। जिन्होंने उत्पात मचाकर दहशत का माहौल बना रखा है। जो अधिकतर बस स्टैंड के आसपास वाले मोहल्ले में घूमते रहते है। अचानक महिलाएं व बच्चे नजर आते ही उन पर हमला कर देते है। रात्रि के समय ग्रामीण गहरी नींद में सोए हुए रहते है। मकानों में पहुंचकर कमरों के गेट खोल लेते है। रसोई में रखे फ्रीज को खोलकर उसमें रखे फल व सब्जियों को निकालकर ले जाते है। बन्दर के आने का पता चलने पर महिलाएं उनको भगाने की कोशिश करती है, तो उन पर हमला कर जख्मी कर देते है। उनके द्वारा शोर मचाने पर परिवार के सदस्य मिलकर बंदरों को भगाते है, तब जाकर थोड़ी राहत मिलती है। शुक्रवार देर शाम को बालाजी धर्मशाला वाले मोहल्ले के एक मकान में एक लाल मुंह का बन्दर पहुंच गया। उसने राजू चौहान के घर पर महिला अपने काम में व्यस्त थी। अचानक बन्दर महिला के पीछे से पैर को पकड़ लिया। जिससे महिला राजेश चौहान जख्मी हो गई। महिला के चिल्लाने पर परिवार के सदस्य दौड़कर मौके पर पहुंचे व मौके से बन्दर को भगाया। कुछ समय बाद ही फिर इसी मोहल्ले में कुछ दूरी पर एक मकान पर पहुंच गया। वहां पर भी एक महिला को निशाना बनाया। उस महिला को भी जख्मी कर दिया गया है। बन्दर द्वारा काटने पर जख्मी महिलाओं द्वारा बांसी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंचकर प्राथमिक उपचार लिया गया है।  मोहल्ले में हो रहे लाल मुंह के बन्दरों के आतंक से परेशान मोहल्लेवासियों ने बालाजी धर्मशाला के सामने एकत्रित होकर जिम्मेदारों के प्रति आक्रोश जताया है।   ग्रामीण बलराम उदयवाल, राजू चौहान, अनिल चौहान, शुभम चौहान, बुद्धिप्रकाश सैन, कन्हैयालाल चौहान, संजय चौहान, महिलाओं में ममता चौहान, मंजू चौहान, राजेश चौहान, नूर बानो, नजमा बानो, बुटा बानो, किशकंदा सैन आदि मोहल्ले में एकत्रित हुए व बन्दरों के आतंक से परेशान लोगों ने संबंधित विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए आक्रोश जताया है। मोके पर बन्दरों को कस्बे से जल्द बाहर निकलवाने की मांग की है। ताकि मोहल्ले सहित आमजन को भी राहत मिले। </p>
<p>बन्दर से जख्मी महिला ने बताया कि मैं मकान पर थी। शुक्रवार शाम को अचानक लाल मुंह का बन्दर आया। पीछे से पैर पकड़ लिया। गनीमत रही कि उस समय मकान में अन्य सदस्य होने से मेरे को बचाया गया है। घर पर अन्य सदस्य नहीं होते तो इस स्थिति बदतर हो जाती।<br /><strong>- राजेश चौहान, स्थानीय महिला</strong></p>
<p>मेरे घर पर बन्दर आकर बच्चों सहित महिलाओं की तरफ दौड़ा तो सतर्कता बरतते हुए कमरे में पहुंचकर वहां कुन्दी लगानी पडी है। तब जाकर बन्दर से बचे है। इनके उत्पात से परेशान हो गए है।<br /><strong>- नूर बानो, स्थानीय महिला</strong></p>
<p>कस्बे में पन्द्रह से बीस लाल मुंह के बन्दर आए हुए है। जो महिलाएं समेत बच्चों को निशाना बनाकर उनके ऊपर हमला करके उनको जख्मी कर रहे है। इस मोहल्ले के सभी लोग बंदरों के आतंक से परेशान हो गए है।<br /><strong>- अनिल चौहान, स्थानीय युवा</strong></p>
<p>आतंकी बन्दरों को यहां से जल्द निकाला जाए, नही तो किसी दिन महिला व बच्चों को अधिक जख्मी कर सकते हैं। <br /><strong>- बलराम उदयवाल, स्थानीय ग्रामीण</strong></p>
<p>बन्दर कमरो के गेट खोलकर रसोई में पहुंच जाते है। व उसको अस्तव्यस्त करके रसोई में रखे फ्रीज को भी खोलकर फल फ्रूट सहित खाद्य सामग्री को भी ले जाते है। मौके पर आसपास अकेली महिला या बच्चा हो तो उस पर हमला कर देते है।<br /><strong>- मंजू चौहान, स्थानीय महिला</strong></p>
<p>मोहल्ले में एक दर्जन से अधिक लाल मुंह के बंदरों ने दहशत बना रखी है। जो आए दिन महिला व बच्चों को निशाना बनाकर जख्मी करते रहते है। गनीमत रही कि बाशिंदों की सतर्कता के चलते अभी तक इन्होंने बड़े हादसे को अंजाम नहीं दिया है। अब तो यह पैदल चलते राहगीरों को भी परेशान करने लगे है। इनके उत्पात से मोहल्लेवासी भी काफी परेशान है। जिम्मेदारों से जल्द समाधान की मांग की है। <br /><strong>- शुभम चौहान, स्थानीय युवा</strong></p>
<p>बन्दर का इतना आतंक है कि घर पर बच्चों को अकेला नही छोड़ सकते है। बच्चों व महिलाओं को देखकर उन पर हमला कर देते है। <br /><strong>- ममता चौहान, स्थानीय महिला</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बूंदी</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 22 Jul 2024 17:54:46 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>सीवी गार्डन में मगरमच्छ की दहशत, बच्चों पर हमले का खतरा</title>
                                    <description><![CDATA[तालाब किनारे गणेश मंदिर के पास हो रही साइटिंग।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/terror-of-crocodile-in-cv-garden--danger-of-attack-on-children/article-84278"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-07/53.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। नयापुरा स्थित सीवी गार्डन में एक महीने से शहरवासी मगरमच्छ की दहशत में हैं। मॉर्निंग व इवनिंग वॉक पर आने वाले राहगीर व पर्यटकों पर मगरमच्छ के हमले का खतरा बना हुआ है। वन विभाग को शिकायत करने के बावजूद मगरमच्छ का रेस्क्यू नहीं किया जा रहा। जबकि, गार्डन में सुबह-शाम बड़ी संख्या में शहरवासी घूमने आते हैं। इनमें बच्चों की संख्या अधिक रहती है। हैरानी की बात यह है, तालाब में बोटिंग भी करवाई जाती है। मगरमच्छ कभी पानी में तो कभी जमीन पर छिपा रहता है। ऐसे में राहगीरों व बच्चों पर मगरमच्छ के हमले का खतरा बना रहता है। </p>
<p><strong>गणेश मंदिर के पास रहता है मूवमेंट</strong><br />डा. सुधीर उपाध्याय ने  बताया कि सीवी गार्डन में स्थित तालाब किनारे गणेश मंदिर बना हुआ है। जहां बोटिंग के लिए टिकट विंडो है। यहां बड़ी संख्या में बच्चे खेलते हैं। वहीं, श्रद्धालु दर्शन को जाते हैं। ऐसे में मगरमच्छ द्वारा हमला करने का डर लगा रहता है। मगरमच्छ के फोटो-वीडियो वन्यजीव विभाग के डीएफओ को भेज रेस्क्यू करने का आग्रह किया। इसके बावजूद मगरमच्छ  का रेस्क्यू नहीं किया जा रहा। </p>
<p><strong>तालाब में बोटिंग व किनारे पर जॉय ट्रेन</strong><br />राहगीरों का कहना है, तालाब में केडीए की ओर से बोटिंग करवाई जाती है। बोटिंग के दौरान पानी के बीच में बच्चे व बड़े अनजाने खतरे के साय में रहते हैं। वहीं, तालाब किनारे जॉय ट्रेन की टिकट विंडो है। जहां बच्चों की भीड़ लगी रहती है। वन विभाग की लापरवाही से बड़ा हादसा हो सकता है। </p>
<p><strong>एक माह से पानी में नहीं उतरी बतख</strong><br />डॉ. सुधीर गुप्ता ने बताया कि गार्डन में सुबह व शाम सैर करने बड़ी संख्या में शहरवासी आते हैं। वहीं, पार्क में बच्चे खेलते हैं। ऐसे में मगरमच्छ के हमले का डर बना रहता है। इसकी शिकायत वन्यजीव विभाग के डीएफओ से भी कर चुके हैं। इसके बावजूद सुनवाई नहीं हो रही है। हालात यह हैं, पिछले एक महीने से 40 बतख पानी में नहीं उतरी। तालाब किनारे छोटे बड़े पौधे व झाड़ियां उगी हुई हैं। जहां मगरमच्छ पानी से निकल घात लगाकर छिपा रहता है। जिससे हादसे का खतरा बना रहता है।</p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />मामला संज्ञान में आया है। मगरमच्छ सुबह व शाम के समय पानी से बाहर निकलते हैं। टीम को मौके पर भेज मगरमच्छ का रेस्क्यू करवाएंगे। <br /><strong>- रामकरण खैरवा, संभागीय मुख्य वन संरक्षक एवं क्षेत्र निदेशक, वन विभाग कोटा </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 10 Jul 2024 16:27:12 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>घरों में घुस कर खाने-पीने की चीजें चुरा रहे बंदर</title>
                                    <description><![CDATA[शहर में बंदरों के बढ़ते आतंक को देखते हुए उन्हें पकड़ने के लिए नगर निगम हर साल ठेका करता है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/stealing-food-items-by-entering-homes/article-52210"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-07/gharo-me-ghus-k-chura-rhe-khadya-samgri...kota-news-19-07-2023.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा । <strong>केस 1 -</strong> कैथूनीपोल निवासी अजय सिंह के मकान में छत के रास्ते आए दिन बंदर घुृसकर फ्रिज से खाने-पीने के सामान चुरा रहे हैं। हालत यह है कि बंदरों को भगाने के लिए उन्होंने घर में लठ रखा हुआ है। </p>
<p><strong>केस 2 - </strong>कैथूनीपोल मोखापाड़ा निवासी राधेश्याम नागर के मकान में आए दिन बंदर बॉलकनी से अंदर घुसकर रसोईघर में से सब्जी व रोटी चोरी कर ले जाते थे। अब बंदरों से बचने के लिए उन्होंने मकान को जाली से कवर करवा दिया है। </p>
<p><strong>केस 3 -</strong> कैथूनीपोलसाबरमती कॉलोनी निवासी मनीष शर्मा के मकान में बंदरों का इतना अधिक आतंक है कि वे खाने का सामान तो उठाकर ले ही जाते हैं। उन्हें भगाने पर सामान तक तोड़ जाते थे। ऐसे में उन्होंने मकान में ऊपर की तरफ बाहर लगे एसी की मशीन तक को जाली से कवर करवा लिया है। </p>
<p>ये तो उदाहरण मात्र हैं। शहर में बंदरों के आतंक को बताने के लिए। शहर में ऐसे कई मकान हैं जहां लोगों ने बंदरों के आतंक से बचने के लिए न केवल पूरे मकान को ही जाली से पैक करवा लिया है। वरन् घरों में लठ रखे हुए हैं। किसी ने बाहर सामान रखना बंद कर दिया है। यहां तक कि बिना जाली के मकानों में तो लोग कपड़े तक बाहर नहीं सुखा पा रहे हैं। </p>
<p><strong>पुराने शहर में अब अधिक</strong><br />वैसे तो बंदर पूरे शहर में ही है। महावीर नगर हो या विश्वकर्मा नगरे। गणेश नगर हो या दादाबाड़ी। लेकिन वहां उनकी संख्या अपेक्षाकूत कम है। जबकि पुराने शहर के पाटनपोल, कैथूनीपोल, मोखापाड़ा, रामपुरा, सावरमती कॉलोनी में अधिक हैं। वहीं नयापुरा में सीबी गार्डन के अलावा मंदिरों में भी इनकी संख्या अधिक है। गोदावरी धाम, खड़े गणेशजी, नयापुरा स्थित पूर्व मुखी हनुमान मंदिर, रंगबाड़ी बालाजी मंदिर के अलावा किशोर सागर तालाब की पाल पर भी मंदिर नजर आ जाते हैं। यहां तो सुहब के समय लोग उन्हें केले और चलने खिलाते हुए देखे जा सकते हैं। यहां और गार्डन व मंदिरों में होने वाले आयोजनों के दौरान बंदर हाथ से खाने की चीजे छीनकर ले जाते हैं। आयोजनों के दौरान तो बंदरों को भगाने के लिए अलग से एक व्यक्ति लगाना पड़ता है। वह पटाखे चलाकर थोड़ी-थोड़ी देर में उन्हें भगाता रहता है। वरना वहां पंगत में खाना खाना ही मुश्किल हो जाता है। </p>
<p><strong>निगम हर साल पकड़वा रहा बंदर</strong><br />शहर में बंदरों के बढ़ते आतंक को देखते हुए उन्हें पकड़ने के लिए नगर निगम हर साल ठेका करता है। नगर निगम कोटा उत्तर व कोटा दक्षिण की ओर से किए जा रहे टेंडर में मथुरा की फर्म द्वारा बंदरों को पकड़ा जा रहा है। हर साल 800 से अधिक बंदर पकड़कर शहर से दूर छोड़े जा रहे हैं। उसके बाद भी इनकी संध्या कम नहीं हो रही है। नगर निगम से प्राप्त जानकारी के अनुसार मथुरा का संवेदक शिकायत पर संबंधित क्षेत्र में पिंजरा लगाकर बंदरों को पकड़ रहे हैं। इस सत्र में अप्रेल से 15 जुलाई तक ही करीब 475 बंदर पकड़े जा चुके हैं। </p>
<p><strong>बाग-बगीचों से शहर में घुसे बंदर</strong><br />पीड़ित तमन्ना भाटिया ने बताया कि  बाग-बगीचे अधिक होने से बंदर अधिकतर वहीं रहते थे। लेकिन धीरे-धीरे बाग बगीचे कम होने से बंदरों की संख्या भी  कम होने लगी थी लेकिन  अधिकतर बंदर शहर में प्रवेश कर गए और घरों में घुसने लगे  हैं।  उषा सिंह ने कहा कि बंदरों को खाने के लिए सामान नहीं मिल रहा है। जबकि घरों में उन्हें फल, सब्जी, खाना और मिठाई समेत कई तरह की वैरायटी खाने को मिल रही है। जिससे उनकी संख्या शहर में बढ़ गई है। </p>
<p><strong>दरा व रावतभाटा के जंगल में छोड़ रहे</strong><br />संवेदक इमामुद्दीन का कहना है कि कोटा में बंदरों की संख्या पहले से कम हुई है लेकिन पूरी तरह से समाप्त नहीं हुए हैं। पहले रामपुरा व सीबी गार्डन से अधिक शिकायतें आती थी। लेकिन अब वहां से शिकायतें कम हुई है। साथ ही कई दिन पिंजरा लगाने पर भी गिनती के ही बंदर पकड़े जा रहे हैं। सीबी गार्डन की तरफ अधिक है। उन्होंने बताया कि बंदरिया साल में दो बार ही बच्चे को जन्म देती है। बंदरिया ढाई से तीन साल में ही फिर से बच्चे देने लगती है। उन्होंने बताया कि शहर से बंदर पकड़ने के बाद उन्हें 40 से 45 किमी. दूर दरा व रावतभाटा के जंगलों में छोड़ा जा रहा है। जहां से वापस आना संभव नहीं है। बंदर 10 किमी. दूर से भी वापस नहीं आ सकता। बंदरों का बधियाकण भी नहीं हो रहा है। जिससे इनकी संख्या बढ़ रही है। </p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />शहर में बंदरों के बढ़ते आतंक को देखते हुए ही निगम द्वारा हर साल उन्हें पकड़ने का ठेका किया जाता है। जहां से भी शिकायतें अधिक आती हैं। वहां संवेदक के माध्यम से पिंजरा लगवाकर उन्हें पकड़ा जा रहा है। पकड़ने के बाद छोड़ा भी शहर से दूर जा रहा है। उसके बाद भी शहर में बंदर हैं लेकिन संख्या पहले से कम हुई है। चार महीने में ही 400 से अधिक बंदर पकड़े जा चुके हैं। <br /><strong>- रिचा गौतम, स्वास्थ्य अधिकारी, नगर निगम कोटा दक्षिण</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 19 Jul 2023 18:43:15 +0530</pubDate>
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                <title>निगम ने बंदरों और कुत्तों पर कसा शिकंजा </title>
                                    <description><![CDATA[कोटा दक्षिण द्वारा बनाई गई श्वानशाला में श्वानों का टीकाकरण व बधियाकरण किया जा रहा है। इस काम का ठेका पूना की फर्म को दिया गया है। श्वानों की तरह ही बंदरों का आतंक भी शहर में लगातार बढ़ता ही जा रहा है। इसे रोकने के लिए नगर निगम कोटा उत्तर व कोटा दक्षिण की ओर से बंद पकड़ने का टेंडर किया हुआ है।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/corporation-tightens-its-grip-on-monkeys-and-dogs/article-26303"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-10/nigam-nei-bandaro-aur-shwano-par-kasa-shikanja...kota-news-12.10.2022.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। स्मार्ट सिटी कोटा शहर में एक ओर जहां कुत्तों और बंदरो का आतंक बढ़ रहा है। आए दिन लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं। वहीं नगर निगम की ओर से दोनों पर शिकंजा कसा जा रहा है। पिछले छह माह में बड़ी संख्या में बंदरों को पकड़ने के साथ ही कुत्तों का बधियाकरण भी किया जा चुका है। शहर में कुत्तों द्वारा आए दिन लोगों को काटने के मामले हो रहे हैं। गत दिनों महिला पार्षद व कोटा दक्षिण के महापौर पुत्र समेत कई लोगों को कुत्ते अपना शिकार बना चुके हैं। जिससे लोगों में दशहत का माहौल है। सड़क पर झुंड में श्वान देखते ही लोगों में घबराहट शुरू हो जाती है। लोग कुत्तों से बचकर निकलते हुए देखे जा सकते हैं। लेकिन उसके बाद भी हालत यह है कि शहर में हर सड़क, गली मौहल्ला और मुख्य मार्ग तक पर कुत्तों के झुंड दिखाई देने लगे हैं। हालांकि नगर निगम ने कुत्तों की समस्या के निजात के लिए शहर से दूर बंधा धर्मपुरा स्थित निगम की गौशाला परिसर में श्वान शाला बनाई गई है। कोटा दक्षिण द्वारा बनाई गई श्वानशाला में कुत्तों का टीकाकरण व बधियाकरण किया जा रहा है। इस काम का ठेका पूना की फर्म को दिया गया है। </p>
<p><strong>कोटा उत्तर की भी तैयार हो रही श्वानशाला</strong><br />नगर निगम कोटा दक्षिण द्वारा करीब 60 लाख रुपए की लागत से 33 बैरक वाली श्वानशाला बनाई गई है। जिसमें ओटी से लेकर कुत्तों को रखने की सुविधा तक है। यहां कुत्तों का टीकाकरण व बधियाकरण किया जा रहा है। जबकि कोटा उत्तर निगम द्वारा बंधा धर्मपुरा में ही 76 लाख की लागत से नई श्वानशाला बनाई जा रही है। 125 बैरक वाली इस श्वानशाला का भी अधिकतर काम परा हो चुका है। हालाकि कोटा उत्तर निगम ने भी कुत्तों का ठेका दिया हुआ है। लेकिन अभी तक फर्म द्वारा कुत्तों का टीकाकरण शुरू नहीं किया गया है। </p>
<p><strong>बंदरों को भी छोड़ रहे जंगलों में</strong><br />कुत्तों की तरह ही बंदरों का आतंक भी शहर में लगातार बढ़ता ही जा रहा है। इसे रोकने के लिए नगर निगम कोटा उत्तर व कोटा दक्षिण की ओर से बंद पकड़ने का टेंडर किया हुआ है। मथुरा की फर्म पिछले कई सालों से कोटा में बंदरों को पकड़कर ज़ंगल में छोड़ रही है। इसके बाद भी बंदर कम नहीं हो रहे हैं। हाल ही में नगर निगम कोटा दक्षिण के वार्ड 79 में भी बंदर ने एक युवक पर हमला बोल दिया था। बंदर पुराने शहर के पाटनपोल, रामपुरा व नयापुरा समेत कई क्षेत्रों में झुंडों में देखे जा सकते हैं। नयापुरा स्थित सीबी गार्डन, नागाजी का बाग के अलावा  किशोर सागर तालाब की पाल व अदालत परिसर में भी बड़ी संख्या में बंदर है।  मथुरा की फर्म द्वारा बंदरों को पकड़कर जंगल में छोड़ा जा रहा है। उसके बाद भी इनकी संख्या कम नहीं हो पा रही है।  </p>
<p><strong>छह माह में 764 बंदर पकड़े</strong><br />नगर निगम कोटा उत्तर व कोटा दक्षिण द्वारा बनदरों को पकड़ने का ठेका दिया हुआ है।  शहर में बंदरों के काटने की शिकायत पर निगम द्वारा फर्म के ठेकेदार को सूचित किया जाता है। उसके बाद वह अपने कर्मचारियों को भेजकर पिंजरा लगवाकर बंदर पकड़वाता है। निगम द्वारा हर साल ठेका दिया जा रहा है। निगम अधिकारियों ने बताया कि कोटा दक्षिण में ही अप्रेल से सितम्बर के अंत तक 6 माह में 764 बंदरों को पकड़कर दरा व रावतभाटा के जंगलों में छोड़ा जा चुका है।  निगम द्वारा संवेदक को प्रति बंदर पकड़ने पर 470 रुपए का भुगतान किया जाता है। </p>
<p><strong>तीन माह में 1200 कुत्तों का टीकाकरण</strong><br />नगर निगम कोटा उत्तर व कोटा दक्षिण द्वारा पूना की फर्म को कुत्तों को पकड़कर उनका टीकाकरण व बधियाकरण करने का ठेका दिया हुआ है। संवेदक ने काफी समय पहले ही काम भी शुरू कर दिया था। उस समय करीब 900 श्वानों का बधियाकरण किया जा चुका था। मगर संगठनों द्वारा कुत्ते पकड़ने का विरोध होने पर उन्हीें पकड़ना बंद कर दिया था। लेकिन कुत्तों के काटने की समस्या अधिक बढ़ने पर फिर से उन्हें पकड़ने व बधियकरण का काम शुरू कर दिया है। संवेदक फर्म द्वारा जुलाई से सितमबर तक 3 माह में करीब 1200 कुत्तों का बधियाकरण व टीकाकरण किया जा चुका है। </p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />कुत्तों व बंदरों के खिलाफ नगर निगम की कार्रवाई लगातार जारी है। कुत्तों को श्वानशाला में ले जाकर बधियाकरण व टीकाकरण करने का काम लगातार जारी है। यह काम अदालत के आदेश की पालना में उसके अनुसार ही किया जा रहा है। वही बंदरों को पकड़कर जंगल में छोड़ने का ठेका मथुरा की फर्म को दिया हुआ है। उसके आदमी आते हैं। शिकायतों पर पिंजरा लगाकर कार्रवाई करते हैं। <br /><strong>-राजीव अग्रवाल, महापौर, नगर निगम कोटा दक्षिण </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 12 Oct 2022 14:37:00 +0530</pubDate>
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                <title>शिशु चिकित्सालय में चूहों का आतंक, नौनिहालों की जान खतरे में</title>
                                    <description><![CDATA[ झालावाड़ के राजकीय जिला कुंवर बा जनाना चिकित्सालय जहां पर शिशु चिकित्सालय भी संचालित है, वहां चूहे आफत बरसा रहे हैं। अस्पताल के शिशु वार्ड आईसीयू एनआईसीयू सभी जगहों पर चूहों का पूरा दखल है और अस्पताल प्रशासन इनके सामने बेबस नजर आता है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jhalawar/terror-of-rats-in-infants-hospital--lives-of-young-children-in-danger/article-10797"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/454654654659.jpg" alt=""></a><br /><p> झालावाड़। झालावाड़ के राजकीय जिला कुंवर बा जनाना चिकित्सालय जहां पर शिशु चिकित्सालय भी संचालित है, वहां चूहे आफत बरसा रहे हैं। अस्पताल के शिशु वार्ड आईसीयू एनआईसीयू सभी जगहों पर चूहों का पूरा दखल है और अस्पताल प्रशासन इनके सामने बेबस नजर आता है और यदि चूहों से नवजातों की रक्षा की बात करें तो सब कुछ भगवान भरोसे ही चल रहा है। कुछ दिनों पूर्व कोटा के अस्पताल में चूहों द्वारा एक मरीज की आंखें कुतर दिए जाने का मामला सामने आया था, उसके बाद भी झालावाड़ अस्पताल प्रशासन ने सबक नहीं लिया है और चारों तरफ चूहे स्वतंत्र विचरण कर रहे हैं, इनसे निपटने की कोई योजना नहीं है, अधिकारी अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ते नजर आते हैं। झालावाड़ के जनाना अस्पताल में जब हम हालातों का जायजा लेने पहुंचे तो पाया कि जो है चारों तरफ स्वतंत्र रूप से विचरण कर रहे हैं यहां तक कि मरीजों के बीच भी बड़े आराम से घूमते नजर आते हैं। <br />   <br /> अस्पताल में अपने बच्चे का इलाज करवाने आए रोहित जैन ने बताया कि एक छोटे से वार्ड में लगभग 30 चूहे घूम रहे हैं, चूहों की साइज इतनी बड़ी है कि इंसान देख कर भी डर जाए। उन्होंने बताया कि यहां पर हर व्यक्ति चूहों से परेशान है तथा अपने सामान को बचाने की जुगत करता हुआ नजर आता है। सबसे बड़ा खतरा नवजात शिशुओं पर चूहों के हमले को लेकर है। ऐसे में नवजात शिशु के साथ किसी ना किसी व्यक्ति को 24 घंटे जाग कर उसकी निगरानी करनी पड़ रही है। डर रहता है कि कहीं चूहे कुछ नुकसान ना कर दें। एक अन्य महिला मांगी बाई ने बताया कि वह रात्रि के समय जब सोई हुई थी तो चूहे ने उसके पैर की उंगली में इतना जोर से काट लिया कि खून की धारा बह निकली। आखिरकार अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में जाकर मरहम पट्टी करवानी पड़ी, तब जाकर हालात ठीक हुई।<br /> <br /> वहीं दूसरी ओर अस्पताल प्रशासन के अधिकारी अपनी जिम्मेदारियों से पल्ला झाड़ते हुए नजर आते हैं और कहते हैं कि फिलहाल अस्पताल में चूहों से संबंधित कोई परेशानी नहीं है। वहीं उसके विपरीत जब हम वार्डों में पहुंचे तो हालात ठीक उल्टे नजर आए, वार्ड की खिड़की के पीछे 3 चूहे साफ साफ नजर आ रहे थे तथा एक चूहा वार्ड में स्वतंत्र विचरण करता हुआ भी नजर आ ही गया, जो दावों की पोल खोलने के लिए पर्याप्त था। अस्पताल प्रशासन द्वारा किए जा रहे दावों और वादों के वास्तविक हालात देखने के बाद लगता है जैसे कि अस्पताल प्रशासन सुधारने के बदले किसी हादसे का इंतजार करना ज्यादा पसंद कर रहा है।  <br /><br />झालावाड़ अस्पताल में चूहों की संख्या ना के बराबर है उनके द्वारा नुकसान किए जाने की कोई बात अब तक सामने नहीं आई है फिर भी यदि कोई मामला है तो दिखवाकर कार्यवाही करेंगे। <br /><strong>- डॉ हेमराज, अधीक्षक, जनाना अस्पताल झालावाड़</strong><br /><br /><br /><br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>झालावाड़</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 30 May 2022 15:02:14 +0530</pubDate>
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                <title>आतंक पर प्रहार</title>
                                    <description><![CDATA[कश्मीर में अलगाववाद की राजनीति करने वाले नेता यासीन मलिक को उम्रकैद की सजा आतंक पर बड़ा प्रहार ही है। एनआईए की एक अदालत ने मलिक को आतंक से जुड़े विभिन्न मामलों में दोषी करार देते हुए यह सजा सुनाई।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/opinion/strike-on-terror/article-10525"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/33-copy.jpg" alt=""></a><br /><p>कश्मीर में अलगाववाद की राजनीति करने वाले नेता यासीन मलिक को उम्रकैद की सजा आतंक पर बड़ा प्रहार ही है। एनआईए की एक अदालत ने मलिक को आतंक से जुड़े विभिन्न मामलों में दोषी करार देते हुए यह सजा सुनाई। अदालत में मलिक ने आतंकी फंडिग के मामले में अपने लगे आरोपों को स्वीकार किया। उसने यह भी माना कि जब वह जम्मू-कश्मीर लिबरेशन का एरिया कमांडर था, तब वायुसेना के चार जवानों की हत्या की थी और मुफ्ती मुहम्मद सईद जब केन्द्र सरकार में गृहमंत्री थे, तब उनकी बेटी का अपहरण भी किया था। इसके बावजूद उसे कुछ समय के लिए जेल में रखा गया। जबकि उसके खिलाफ कश्मीरी पंड़ितों की हत्याओं के भी आरोप हैं। ऐसे अपराधों के आरोपी को सजा देने में काफी देर होने का मतलब है कि आतंकवाद से लड़ने में हमारी प्रतिबद्धता किसी स्तर पर कमजोर रही है।</p>
<p>यह ठीक है कि मोदी सरकार के सत्ता में आने के बाद यासीन मलिक फिर से जेल में पहुंचा और उसके खिलाफ अदालती कार्रवाई शुरू हुई, लेकिन इसकी अनदेखी नहीं की जा सकती कि इसमें अच्छा खासा विलंब भी हुआ। गौरतलब है अस्सी के दशक के मध्य से ही कश्मीर में अलगाववाद संगठनों की गतिविधियां जोर पकड़ चुकी थीं। तब से ही ये संगठन पाकिस्तान सरकार के इसारे पर काम करते रहे हैं और आज भी यह काम कर रहे हैं। इसके अलावा अलगाववादी संगठन अपने स्तर पर भी पैसे की उगाही करते रहे हैं। कुछ साल पहले कश्मीरी छात्रों को पाकिस्तान के इंजीनियरिंग और मेडिकल कॉलेजों में दाखिला दिलाने के नाम पर पैसा वसूलने के मामले का खुलासा हुआ। कश्मीर में अलगाववादी संगठन एक लंबे समय से राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में लिप्त हैं उसका खामियाजा वहां के निर्दोष लोगों को उठाना पड़ा है। पिछले साढ़े तीन दशक में हजारों लोग हिंसा के शिकार हुए। लाखों कश्मीरी पंड़ितों को अपना घर व कारोबार छोड़कर पलायन करना पड़ा। वसूले गए पैसों से आतंकवादी गतिविधियों के साथ-साथ पथराव आदि वारदातों को अंजाम दिया गया। एनआईए की जांच में इन सारे मामलों का खुलासा हुआ, तब यासीन मलिक जैसे राष्ट्रविरोधी नेता की गिरफ्तारी हुई और अंत में सजा। मलिक की गिरफ्तारी से साफ हो गया है कि अगर पुलिस और जांच एजेंसियां मुस्तैदी से काम करें, पुख्ता सबूत जुटाकर अदालत के समक्ष रखे, तो राष्ट्रविरोधी तत्वों को सजा दिलाई जा सकती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ओपिनियन</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/opinion/strike-on-terror/article-10525</link>
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                <pubDate>Fri, 27 May 2022 11:10:58 +0530</pubDate>
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