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                <title>Framework - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>Framework RSS Feed</description>
                
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                <title>कोटा बनेगा छात्र आंदोलन का केंद्र: 'छात्रों की गूंज' महारैली में जुटेंगे युवा ; राहुल गांधी ने किया देशव्यापी आह्वान, युवाओं से मांगा समर्थन</title>
                                    <description><![CDATA[विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने पेपर लीक और रद्द परीक्षाओं के खिलाफ युवाओं से 17 जून को कोटा पहुंचने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि अधूरी भर्तियां युवाओं के सपनों पर प्रहार हैं। गांधी ने न्याय की आवाज बुलंद करने के लिए 'छात्रों की गूंज' महारैली में शामिल होने की अपील की।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/kota-will-become-the-center-of-student-movement-show-of/article-157071"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/rahul-gandhi.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष एवं लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने देशभर के युवाओं से छात्रों के हक की हुंकार बुलंद करने के लिए 17 जून को राजस्थान के कोटा में आयोजित 'छात्रों की गूंज' महारैली में पहुंचने का आह्वान किया है। राहुल गांधी ने सोमवार को सोशल मीडिया एक्स पर लिखा कि पेपर लीक, हर रद्द परीक्षा और हर अधूरी भर्ती केवल व्यवस्था की विफलता नहीं, बल्कि लाखों युवाओं के सपनों पर प्रहार है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि वह जानते हैं कि युवा थक चुके हैं और उनमें गुस्सा है, लेकिन जब सरकार सुनने को तैयार नहीं हो तो आवाज ऊंची करनी पड़ती है। उन्होंने कहा कि इसी उद्देश्य से वह युवाओं को 17 जून को कोटा में होने वाली 'छात्रों की गूंज' महारैली के लिए आमंत्रित कर रहे हैं। राहुल गांधी ने कहा कि कोटा से शुरु होने वाली यह आवाज देश के हर कोने तक पहुंचेगी। उन्होंने युवाओं से बड़ी संख्या में महारैली में शामिल होकर अपने अधिकारों और भविष्य की लड़ाई को मजबूत करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा, "यह आपके भविष्य की लड़ाई है और मैं आपके साथ हूं।"</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Mon, 15 Jun 2026 18:52:41 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>पवन कल्याण का बड़ा शक्ति प्रदर्शन: जन सेना का 'सेना प्रस्थानम्' मिशन शुरू, राष्ट्रीय मुद्दों पर बनेगी रणनीति</title>
                                    <description><![CDATA[जन सेना पार्टी का विशेष राष्ट्रीय सम्मेलन 'सेना प्रस्थानम्' दिल्ली में शुरू हुआ। पार्टी अध्यक्ष पवन कल्याण के नेतृत्व में आयोजित इस अधिवेशन में दक्षिण भारत के 150 प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं। सम्मेलन में संगठनात्मक और राष्ट्रीय एकता से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होगी, जिसके बाद कल्याण राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर शहीदों को श्रद्धांजलि देंगे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/pawan-kalyans-big-show-of-strength-jana-senas-sena-prasthanam/article-157015"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/pawan-kalyan.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। जन सेना पार्टी का विशेष राष्ट्रीय सम्मेलन 'सेना प्रस्थानम्–फॉर नेशनल इंटीग्रेशन' सोमवार को राष्ट्रीय राजधानी में शुरू हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत वंदे मातरम् के सामूहिक गायन से हुई, जिसके बाद पार्टी अध्यक्ष पवन कल्याण ने उद्घाटन संबोधन दिया। दिनभर चलने वाले इस सम्मेलन में जन सेना पार्टी के सांसद, विधायक, विधान परिषद सदस्य, विभिन्न निगमों के अध्यक्ष, निर्वाचित जनप्रतिनिधि तथा देश के दक्षिणी राज्यों से आए लगभग 150 प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं। सम्मेलन में आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, केरल और तमिलनाडु के प्रतिनिधि भागीदारी कर रहे हैं। बैठक के दौरान संगठनात्मक मुद्दों के साथ-साथ राष्ट्रीय महत्व के विषयों पर व्यापक चर्चा की जाएगी। इसके अलावा, विभिन्न सत्रों में चार महत्वपूर्ण प्रस्ताव भी पेश किए जाने की संभावना है।</p>
<p>सम्मेलन के समापन के बाद जन सेना पार्टी अध्यक्ष्य कल्याण राष्ट्रीय युद्ध स्मारक (नेशनल वॉर मेमोरियल) जायेंगे। इस दौरान वह देश की सेवा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। जन सेना पार्टी के अनुसार, 'सेना प्रस्थानम्' पहल का उद्देश्य राष्ट्रीय एकता को मजबूत करना, दक्षिणी राज्यों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना तथा राष्ट्रीय महत्व के मुद्दों पर सार्थक विमर्श को आगे बढ़ाना है। पार्टी का मानना है कि यह सम्मेलन देश की एकता और समावेशी विकास को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Mon, 15 Jun 2026 17:59:43 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>जयराम रमेश का बड़ा बयान: हॉर्मुज खुलने से भारत को फायदा, लेकिन अर्थव्यवस्था की चुनौतियां बरकरार</title>
                                    <description><![CDATA[कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने अमेरिका-ईरान शांति समझौते का स्वागत करते हुए इसे सकारात्मक कदम बताया। उन्होंने कहा कि हॉर्मुज जलडमरूमध्य खुलने से भारत को ऊर्जा और व्यापार में बड़ी राहत मिलेगी। हालांकि, उन्होंने चेतावनी दी कि इससे भारत की सुस्त निजी निवेश और रिकॉर्ड व्यापार घाटे जैसी ढांचागत समस्याएं हल नहीं होंगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/big-statement-of-jairam-ramesh-india-benefits-from-opening-of/article-157004"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/jairam-ramesh.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने अमेरिका और ईरान के बीच 19 जून को जिनेवा में प्रस्तावित समझौते का स्वागत करते हुए कहा है कि पश्चिम एशिया में शत्रुता समाप्त करने की दिशा में यह एक सकारात्मक और आवश्यक कदम है। रमेश ने आशा व्यक्त की, कि अमेरिका, ईरान और इजराइल इस समझौते का पालन करेंगे तथा यह पहल क्षेत्र में स्थायी शांति और सामान्य संबंधों की दिशा में मार्ग प्रशस्त करेगी। उन्होंने कहा कि हॉर्मुज जलडमरुमध्य के बिना किसी प्रतिबंध के पुनः खुलने से भारत को निश्चित रूप से राहत मिलेगी, विशेष रूप से ऊर्जा आपूर्ति और व्यापारिक गतिविधियों के संदर्भ में। हालांकि, उन्होंने चेतावनी दी कि इससे भारतीय अर्थव्यवस्था की मौजूदा संरचनात्मक समस्याओं का समाधान नहीं होगा।</p>
<p>कांग्रेस महासचिव ने कहा कि पश्चिम एशिया संकट से पहले ही भारतीय अर्थव्यवस्था कई चुनौतियों का सामना कर रही थी। उनके अनुसार रुपया लंबे समय से दबाव में है, डॉलर की मांग और आपूर्ति के बीच अंतर लगातार बढ़ रहा है तथा निजी निवेश की दरें कई वर्षों से सुस्त बनी हुई हैं, जबकि यही निवेश आर्थिक विकास का प्रमुख आधार है। कांग्रेस नेता ने मांग में कमजोरी के लिए तीन प्रमुख कारण बताए।</p>
<p>उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक में वास्तविक मजदूरी में ठहराव रहा है, चीन से आयात की डंपिंग पर रोक लगाने में केंद्र सरकार विफल रही है जिससे रिकॉर्ड व्यापार घाटा पैदा हुआ है और रोजगार सृजित करने वाले एमएसएमई क्षेत्र पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। इसके अतिरिक्त, उन्होंने आरोप लगाया कि कर अधिकारियों और जांच एजेंसियों को दी गई अत्यधिक शक्तियों के कारण निवेश का समग्र वातावरण प्रभावित हुआ है।</p>
<p>विदेश नीति के मुद्दे पर रमेश ने कहा कि 2008 के मुंबई आतंकी हमलों के बाद जिस पाकिस्तान को भारत ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग-थलग करने में सफलता प्राप्त की थी, वह अब क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर नया प्रभाव हासिल करता दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के रणनीतिक ढांचे में चीन की बढ़ती भूमिका भारत के लिए एक गंभीर भू-राजनीतिक चुनौती बन चुकी है। उन्होंने केंद्र सरकार की पश्चिम एशिया नीति की आलोचना करते हुए कहा कि भारत के राष्ट्रीय हित संतुलित कूटनीतिक दृष्टिकोण की मांग करते हैं। रमेश के अनुसार, मानवीय सरोकारों और भारत की पारंपरिक विदेश नीति प्रतिबद्धताओं को ध्यान में रखते हुए सरकार को अधिक संतुलित रुख अपनाना चाहिए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Mon, 15 Jun 2026 12:50:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>माइंडमाइन सम्मेलन 2026 : सीतारमण ने कहा- वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच घरेलू मांग से मिल रहा अर्थव्यवस्था को समर्थन, वित्त मंत्री ने जताई स्थिरता की उम्मीद</title>
                                    <description><![CDATA[वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 'माइंडमाइन सम्मेलन 2026' में कहा कि वैश्विक व्यापार चुनौतियों के बावजूद घरेलू मांग भारतीय अर्थव्यवस्था को मजबूती दे रही है। मानसून और कच्चे माल की कीमतों में उतार-चढ़ाव से निपटने के लिए अनाज का पर्याप्त बफर स्टॉक मौजूद है तथा विदेशी मुद्रा भंडार बढ़ाने के लिए आरबीआई के साथ रणनीतिक उपाय किए गए हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/mindmine-conference-2026-sitharaman-said-domestic-demand-is-supporting-the/article-156999"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/nirmala-sitharaman.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को कहा कि इस समय वैश्विक स्तर पर व्यापार और आपूर्ति को लेकर कई प्रकार की अनिश्चतताएं भारतीय अर्थव्यस्था के लिए चुनौती पेश कर रही हैं, हालांकि घरेलू मांग से अर्थव्यवस्था को समर्थन मिल रहा है। सीतारमण ने यहां "माइंडमाइन सम्मेलन 2026" के एक संवाद सत्र के दौरान भारतीय अर्थव्यवस्था के समक्ष चुनौतियों के बारे में पूछे जाने पर कहा कि वर्तमान में वैश्विक व्यापार में काफी अनिश्चितताएं हैं। हमारा निर्यात मजबूत है लेकिन अचानक आयात शुल्क बढ़ा दिया जाता है। हम जिन तीन वस्तुओं का सबसे अधिक आयात करते हैं उनकी कीमत और आपूर्ति दोनों में काफी उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है। इसके लिए विदेशी मुद्रा का भंडार मजबूत होना चाहिये।</p>
<p>उन्होंने कहा कि इन सबके बीच भारत के लिए राहत की बात हमारा घरेलू बाजार है, जो काफी बड़ा है। घरेलू मांग मजबूत बनी हुई है। हालांकि विनिर्माताओं के समक्ष आयातित कच्चे माल की ऊंची कीमत की चुनौती भी है। घरेलू स्तर पर मानसून की चुनौती को लेकर उन्होंने कहा कि इस बार अल-नीनो प्रभाव के कारण कम बारिश होने का अनुमान है। देश के पास अनाज का काफी बफर भंडार है, इसलिए खाद्यान्न की कमी जैसी स्थिति तो नहीं होगी, लेकिन किसानों की आमदनी पर कम मानसून का असर जरूर होगा। उर्वरकों की कमी के बारे में उन्होंने कहा कि आगामी खरीफ सत्र के लिए उर्वरकों की कोई कमी नहीं है। रबी सत्र को लेकर चिंता थी लेकिन अब चीन से उर्वरक आने से वह चिंता भी दूर हो गयी है।</p>
<p>विदेशी संस्थागत निवेशकों की बिकवाली और उससे विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव के बारे में वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार ने रिजर्व बैंक के साथ मिलकर विदेशी मुद्रा जुटाने के उपाय किये हैं। बॉन्ड बाजार में विदेशी संस्थागत निवेशकों को आकर्षित करने के लिए कदम उठाये गये हैं। साथ ही बैंकों और सार्वजनिक कंपनियों को विदेशों से पूंजी जुटाने की अनुमति दी गयी है और इसके लिए जोखिम को कम करने की रणनीति की जिम्मेदारी रिजर्व बैंक उठायेगा। इससे बैंक विदेशों से पूंजी जुटाने के लिए प्रोत्साहित होंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 15 Jun 2026 12:16:16 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>यूपीईएस ने जयपुर में पेश किया ‘यूनिवर्सिटी ऑफ टुमॉरो’ का विज़न, एआई-फर्स्ट शिक्षा मॉडल पर जोर</title>
                                    <description><![CDATA[शोध-आधारित यूपीईएस (UPES) विश्वविद्यालय ने खुद को 'एआई-फर्स्ट' संस्थान के रूप में विकसित करने की घोषणा की है। ओपनएआई से साझेदारी के तहत 19,100 से अधिक छात्रों को उन्नत एआई टूल्स और पर्सनल एआई ट्यूटर मिलेंगे। क्यूएस वर्ल्ड रैंकिंग 2026 में यूपीईएस देश के निजी विश्वविद्यालयों में पहले स्थान पर है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/upes-presented-the-vision-of-%E2%80%98university-of-tomorrow%E2%80%99-in-jaipur/article-156596"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/1200-x-600-px.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। भारत के अग्रणी बहुविषयक एवं शोध-आधारित विश्वविद्यालयों में से एक यूपीईएस (UPES) ने जयपुर में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान खुद को ‘एआई-फर्स्ट’ विश्वविद्यालय के रूप में विकसित करने की अपनी महत्वाकांक्षी पहल को विस्तार से प्रस्तुत किया। विश्वविद्यालय ने ‘यूनिवर्सिटी ऑफ टुमॉरो’ के अपने विज़न को साझा करते हुए बताया कि भविष्य की शिक्षा अब केवल पारंपरिक पाठ्यक्रमों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), उद्योग सहभागिता, शोध उत्कृष्टता और बेहतर करियर परिणामों पर आधारित होगी।</p>
<p>कार्यक्रम में बताया गया कि दुनिया तेजी से एआई, ऑटोमेशन और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन के दौर से गुजर रही है, जिससे उद्योगों की कार्यप्रणाली और रोजगार की प्रकृति में बड़े बदलाव आ रहे हैं। वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की ‘फ्यूचर ऑफ जॉब्स रिपोर्ट 2025’ के अनुसार वर्ष 2030 तक वैश्विक स्तर पर लगभग 17 करोड़ नई नौकरियां पैदा होने की संभावना है। ऐसे में उच्च शिक्षा संस्थानों की जिम्मेदारी है कि वे छात्रों को केवल विषयगत ज्ञान ही नहीं, बल्कि एआई दक्षता, विश्लेषणात्मक सोच, अनुकूलनशीलता और समस्या समाधान जैसे कौशलों से भी लैस करें।</p>
<p>इसी दिशा में यूपीईएस ने हाल ही में ओपनएआई के साथ साझेदारी की है। इस सहयोग के तहत विश्वविद्यालय के 19,100 से अधिक छात्रों और 1,500 फैकल्टी सदस्यों को उन्नत एआई टूल्स तक निःशुल्क और नियंत्रित पहुंच प्रदान की जा रही है। विश्वविद्यालय अपने सभी शैक्षणिक कार्यक्रमों में 33 प्रतिशत तक एआई का एकीकरण कर रहा है। साथ ही प्रत्येक छात्र को एक उन्नत एआई ट्यूटर उपलब्ध कराया जा रहा है, जो पाठ्यक्रम आधारित अध्ययन, अवधारणाओं की स्पष्टता, अभ्यास सहायता और बहुभाषी शिक्षण में मदद करेगा।</p>
<p>कार्यक्रम में राजस्थान के संदर्भ को भी विशेष रूप से रेखांकित किया गया। वक्ताओं ने बताया कि राजस्थान आज देश के तेजी से उभरते नवाचार और स्टार्टअप केंद्रों में शामिल हो चुका है। राज्य में 5,200 से अधिक डीपीआईआईटी-पंजीकृत स्टार्टअप और 6,000 से अधिक आई-स्टार्ट पंजीकृत स्टार्टअप सक्रिय हैं। ऐसे परिदृश्य में उद्योगों को ऐसे युवाओं की आवश्यकता है जो डिजिटल कौशल, उद्यमशीलता और तकनीकी दक्षता के साथ रोजगार बाजार में प्रवेश कर सकें।</p>
<p>यूपीईएस के प्रो-वाइस चांसलर (स्टूडेंट सक्सेस) डॉ. अभिषेक सिन्हा ने कहा कि भविष्य की शिक्षा केवल पाठ्यक्रमों को अपडेट करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह छात्रों के सीखने, सोचने और तकनीक के साथ जुड़ने के तरीके को बदलने का समय है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय का एआई-फर्स्ट दृष्टिकोण तकनीक, उद्योग और अंतर्विषयक शिक्षा को जोड़कर छात्रों को भविष्य की चुनौतियों और अवसरों के लिए तैयार कर रहा है।</p>
<p>यूपीईएस ने कार्यक्रम के दौरान अपने मजबूत उद्योग सहयोग नेटवर्क की भी जानकारी दी। विश्वविद्यालय वर्षों से आईबीएम, इन्फोसिस, बजाज ऑटो, एचपी, बॉश, एचसीएल टेक, मर्क, सिस्को, ज़ेबिया, टाटा पावर और एलएंडटी जैसी कंपनियों के साथ साझेदारी कर रहा है। इन सहयोगों के माध्यम से छात्रों को वास्तविक परियोजनाओं, उद्योग विशेषज्ञों के मार्गदर्शन और व्यावहारिक अनुभव का अवसर मिलता है।</p>
<p>अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी यूपीईएस ने कई प्रतिष्ठित संस्थानों के साथ साझेदारी स्थापित की है। इनमें यूसी बर्कले, यूनिवर्सिटी ऑफ ग्लासगो, यूनिवर्सिटी ऑफ एडिनबर्ग और यूनिवर्सिटी ऑफ न्यू साउथ वेल्स जैसे संस्थान शामिल हैं। इन साझेदारियों के माध्यम से छात्रों को वैश्विक शिक्षा, छात्र विनिमय कार्यक्रम और अंतरराष्ट्रीय करियर अवसरों का लाभ मिलता है।</p>
<p>विश्वविद्यालय ने छात्रों के समग्र विकास के लिए भी कई अभिनव पहल शुरू की हैं। ‘स्कूल फॉर लाइफ’ कार्यक्रम छात्रों को नेतृत्व क्षमता, जीवन कौशल और करियर तैयारी में सहायता प्रदान करता है। वहीं ‘डिज़ाइन योर ओन डिग्री’ पहल के तहत छात्र 50 से अधिक अनूठे संयोजनों के माध्यम से अपनी रुचि और करियर लक्ष्यों के अनुरूप शिक्षा प्राप्त कर सकते हैं। यूपीईएस रनवे के जरिए अब तक 250 से अधिक स्टार्टअप्स को सहयोग दिया जा चुका है।</p>
<p>विधि शिक्षा के क्षेत्र में यूपीईएस स्कूल ऑफ लॉ ने एआई एंड लॉ, ब्लॉकचेन, डेटा एनालिटिक्स, आर्बिट्रेशन और कॉर्पोरेट लॉ जैसे आधुनिक विषयों को अपने पाठ्यक्रम में शामिल किया है। वहीं यूपीईएस स्कूल ऑफ बिजनेस छात्रों को एआई, फिनटेक, डेटा एनालिटिक्स और डिजिटल बिजनेस जैसे उभरते क्षेत्रों में प्रशिक्षित कर रहा है।</p>
<p>क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2026 के अनुसार यूपीईएस ने शैक्षणिक प्रतिष्ठा के आधार पर भारत के निजी विश्वविद्यालयों में पहला स्थान हासिल किया है। एनआईआरएफ 2025 में विश्वविद्यालय को यूनिवर्सिटी श्रेणी में 45वां स्थान प्राप्त हुआ है। इसके अलावा, 50 से अधिक फैकल्टी सदस्य स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी की सूची के अनुसार दुनिया के शीर्ष 2 प्रतिशत शोधकर्ताओं में शामिल हैं। विश्वविद्यालय ने वर्ष 2025-26 में लगभग 800 रिक्रूटर्स की भागीदारी के साथ मजबूत प्लेसमेंट रिकॉर्ड भी दर्ज किया है, जहां उच्चतम पैकेज 54 लाख रुपये प्रतिवर्ष रहा।</p>
<p>यूपीईएस का मानना है कि एआई, उद्योग और नवाचार आधारित यह नया शिक्षा मॉडल छात्रों को न केवल वर्तमान बल्कि भविष्य की नौकरियों और वैश्विक अवसरों के लिए भी तैयार करेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 10 Jun 2026 18:24:27 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>बिहार में उद्योग लगाने की प्रक्रिया हुई आसान, 30 दिन में स्वीकृति नहीं मिलने पर मिलेगा'डीम्ड क्लीयरेंस': सम्राट चौधरी</title>
                                    <description><![CDATA[बिहार सरकार ने राज्य में औद्योगिक विकास और निवेश बढ़ाने के लिए स्वीकृति प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाया है। अब उद्योगों से जुड़े सभी क्लियरेंस के लिए 30 दिनों की बाध्यकारी समय-सीमा तय की गई है। समय पर फैसला न होने पर निवेशकों को सीधे 'डीम्ड क्लीयरेंस' मिल जाएगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/process-of-setting-up-industry-in-bihar-becomes-easier-if/article-156454"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-11/samrat-choudhary.png" alt=""></a><br /><p>पटना। बिहार सरकार ने राज्य में निवेश और औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए उद्योगों से संबंधित स्वीकृतियों की प्रक्रिया को सरल और समयबद्ध बनाने का निर्णय लिया है, इसके तहत उद्योगों से जुड़े सभी स्वीकृतियों के लिए 30 दिनों की बाध्यकारी समय-सीमा तय की गई है। मुख्यमंत्री श्री चौधरी ने कहा कि बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन अधिनियम, 2016 के अंतर्गत राज्य निवेश प्रोत्साहन पर्षद (एसआईपीबी) सचिवालय को एकल नोडल एजेंसी के रूप में प्राधिकृत करते हुए उसे व्यापक प्रशासनिक एवं विधिक शक्तियाँ प्रदान करने की स्वीकृति दी गई। राज्य सरकार निवेशकों के लिए उद्योग स्थापना की प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। </p>
<p>उन्होंने कहा कि एसआईपीबी सचिवालय द्वारा किसी आवेदन की तकनीकी जांच और अनुशंसा किए जाने के बाद संबंधित सक्षम प्राधिकार को 30 दिनों के भीतर अथवा निर्धारित समय-सीमा में स्वीकृति देना अनिवार्य होगा। यह व्यवस्था विधिक रूप से बाध्यकारी होगी।उन्होंने कहा कि यदि कोई विभाग या सक्षम प्राधिकार निर्धारित समय-सीमा के भीतर निर्णय लेने में विफल रहता है तो एसआईपीबी सचिवालय निवेशकों के हितों की रक्षा करते हुए 'डीम्ड क्लीयरेंस' जारी करेगा। यह स्वीकृति संबंधित विभाग के लिए बाध्यकारी होगी।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने बताया कि नई व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए विभिन्न तकनीकी एवं विनियामक विभागों के सक्षम अधिकारियों को एसआईपीबी सचिवालय में प्रतिनियुक्त किया जाएगा। ये अधिकारी औद्योगिक विकास आयुक्त के प्रत्यक्ष प्रशासनिक नियंत्रण एवं पर्यवेक्षण में कार्य करेंगे, जिससे सभी निर्णय एक ही मंच पर त्वरित रूप से लिए जा सकेंगे।उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उद्योगों की स्थापना, संचालन एवं विस्तार से संबंधित सभी अनुमतियों के लिए व्यापक मानक संचालन प्रक्रियाएं (एसओपी) भी निर्धारित करेगी। इससे स्वीकृति प्रक्रिया में पारदर्शिता, जवाबदेही और दक्षता सुनिश्चित होगी।</p>
<p>मुख्यमंत्री श्री चौधरी ने कहा कि औद्योगिक विकास राज्य की आर्थिक समृद्धि, रोजगार सृजन और समग्र विकास का आधार है। बिहार को देश और दुनिया के निवेशकों के लिए भरोसेमंद और पसंदीदा निवेश गंतव्य बनाना राज्य सरकार का संकल्प है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 09 Jun 2026 18:05:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>कांग्रेस का केंद्र पर तीखा हमला: अर्थव्यवस्था पर सिर्फ नारे देती है आर्थिक कुप्रबंधन की सरकार, प्रचार के जरिए लोगों को कर रही गुमराह </title>
                                    <description><![CDATA[कांग्रेस नेताओं ने केंद्र सरकार पर देश को आर्थिक संकट में धकेलने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि जमीनी हकीकत दावों के विपरीत है, जहां बेरोजगारी दर चरम पर है, रुपया कमजोर हो रहा है और पेपर लीक से युवा परेशान हैं। कांग्रेस ने मणिपुर संकट और रेल सुरक्षा पर भी सरकार की निष्क्रियता को घेरा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/congresss-sharp-attack-on-the-center-accuses-the-government-of/article-156450"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/031.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। कांग्रेस ने केद्र सरकार पर अर्थव्यवस्था को लेकर कुप्रबंधन का आरोप लगाते हुए कहा है कि वह सिर्फ लुभावने नारे देती है, प्रचार के जरिए लोगों को गुमराह करती है, जबकि जमीनी हकीकत वादों और नारों के एकदम विपरीत है। कांग्रेस शोध विभाग के अध्यक्ष प्रोफेसर राजीव गौड़ा तथा शोध और निगरानी विभाग के प्रभारी अमिताभ दुबे ने मंगलवार को पार्टी मुख्यालय में संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में कहा कि केंद्र सरकार में आर्थिक स्तर पर देश के जो हालात कर दिए गए हैं, वह इस सरकार के रहते बदलने वाले नहीं हैं, इसलिए सरकार को बदलना आवश्यक हो गया है। उनका कहना था कि देश में आर्थिक कुप्रबंधन चरम पर है और आर्थिक विकास को पटरी पर लाने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।</p>
<p>उन्होंने कहा कि भारत को विश्व गुरु बनाने की बात करने वालों को यह भी मालूम होना चाहिए कि केंद्र सरकार के मंत्रियों की विदेश यात्राओं में 2021 से अब तक 500 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। उनका कहना था कि देश को विश्व गुरु बताने वाले सिर्फ नारे लगा रहे हैं, प्रचार कर रहे हैं और हकीकत से निपटने के लिए कोई प्रयास नहीं किये जा रहे हैं। प्रो. गौड़ा ने कहा कि उज्ज्वला योजना लाभार्थियों को दिये जाने वाले एलपीजी सिलेंडरों की संख्या नौ से घटाकर चार कर दी गई है। दस साल पहले घोषणा की गई थी कि महिलाओं को अब खाना पकाने के खतरनाक और हानिकारक तरीकों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा और उज्ज्वला योजना के प्रत्येक लाभार्थी को 12 सिलेंडर देने का वादा किया गया था। पिछले साल यह संख्या घटाकर नौ कर दी गई और आज तीसरी बार महज चार कर दी गई है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि सरकार ने भारत को रोजगार का केंद्र बनाने की बात की थी लेकिन असलियत यह है कि बड़ी संख्या में देश के युवा रोजगार के लिए मोहताज बन गए हैं। हालात यह हैं कि लघु एवं मध्यम उद्योग रोजगार की रीढ़ होते हैं लेकिन पिछले साल देश में 40 हजार लघु एवं मध्यम उद्योग बंद हुए हैं। देश के 99 प्रतिशत लघु एवं मध्यम उद्योग बिना सरकार की मदद के चल रहे हैं। इसी तरह किसानों के लिए सरकार की कोई योजना नहीं है और किसान आत्महत्या कर रहे हैं। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि केंद्र सरकार का प्रचार है कि भारत तेजी से विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है।</p>
<p>हकीकत यह है कि हम चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था थे और अब छठी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था हैं और इसका कारण रुपये का कमजोर होना है तथा यह सब केंद्र के भारत की अर्थव्यवस्था के प्रबंधन का प्रमाण है। सरकार रुपये के कमजोर होते हालात को रोकने में निष्क्रिय बनी हुई है। उन्होंने सरकार पर सिर्फ वादे करने का आरोप लगाया और कहा कि प्रचार हो रहा है कि केंद्र सरकार के नेतृत्व में भारत सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बन गया है लेकिन सच यह है कि निवेशक भारत से दूर भाग रहे हैं क्योंकि उन्होंने सरकार पर से भरोसा खो दिया है। अगर यही सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था है, तो निवेशक क्यों भाग रहे हैं। वे इस विकास की कहानी में और पैसा क्यों नहीं लगा रहे हैं। इन सब स्थितियों का कारण उन्होंने कमजोर होते रुपए को बताया और कहा कि दावा था कि डॉलर के मुकाबले रुपया मजबूत होगा, लेकिन वास्तविकता यह है कि रुपया एशिया की सबसे खराब प्रदर्शन करने वाली मुद्रा है।</p>
<p>सरकार पर सिर्फ प्रचार करने का आरोप लगाते हुए कांग्रेस नेताओं ने कहा कि केंद्र सरकार का प्रचार भारत को रोजगार सृजन का वैश्विक केंद्र बनाने का है, लेकिन असलियत यह है कि 10 में से चार स्नातक बेरोजगार हैं। शहरी युवाओं में बेरोजगारी दर 18.4 प्रतिशत है और बेरोजगार स्नातकों में से केवल सात प्रतिशत को ही एक वर्ष के भीतर स्थायी वेतनभोगी नौकरी मिल पाती है। सभी के लिए समान अवसर की बात होती है लेकिन असलियत यह है कि हम वैश्विक लैंगिक असमानता सूचकांक में 108वें स्थान पर थे। अब हम विश्व में 131वें स्थान पर आ गए हैं। इस प्रकार, हम अपनी आधी आबादी यानी महिलाओं के लिए कार्यबल में प्रवेश के अवसर पैदा न करके उन्हें निराश कर रहे हैं।</p>
<p>उन्होंने कहा कि पिछले 10 साल में 89 पेपर लीक की घटनाएं हुई हैं और अब मेडिकल प्रवेश परीक्षा में भी पेपर लीक हुआ है, इसलिए शिक्षा मंत्री को इस्तीफा देना चाहिए। कांग्रेस नेताओं ने सरकार पर वोट चोरी का आरोप लगाया और कहा कि महाराष्ट्र और हरियाणा में इसका खुलासा कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने किया है और उसके प्रमाण दिए हैं। पकड़े गए तो वोट चोरी का नया तरीका निकाला और मतदाताओं के नाम काटे जा रहे हैं। यह वोट चोरी का नया तरीका निकाला गया है।</p>
<p>पूर्वोत्तर को लेकर केंद्र सरकार के दावों को खोखला बताते हुए उन्होंने कहा कि मणिपुर में तीन साल से संकट चल रहा है लेकिन केद्र सरकार ने वहां स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कोई कदम नहीं उठाया। रेलवे को लेकर उन्होंने कहा कि सरकार दावे तो बहुत करती है लेकिन सच यह है कि 67 हजार जगहों पर रेल सुरक्षा की कोई व्यवस्था नहीं है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 09 Jun 2026 16:22:31 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>शिवपाल का भाजपा और सुभासपा पर बड़ा हमला, कहा- सपा को सैफई भेजने का दावा करने वाले 2027 में नहीं पहुंचेंगे विधानसभा</title>
                                    <description><![CDATA[सपा महासचिव शिवपाल यादव ने केशव मौर्य और ओमप्रकाश राजभर पर तीखा निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि लोकसभा की तरह 2027 में भी जनता विरोधियों को जवाब देगी। यादव ने केंद्र पर महंगाई-बिजली के मुद्दों पर अनदेखी और जांच एजेंसियों के जरिए विपक्ष पर दबाव बनाने का आरोप लगाया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/shivpals-big-attack-on-bjp-and-subhasp-said-those/article-156421"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/shivpal-singh-yadav.png" alt=""></a><br /><p>इटावा। समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय महासचिव शिवपाल सिंह यादव ने उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर पर निशाना साधते हुए कहा कि सपा को सैफई भेजने की बात करने वाले नेता वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव के बाद स्वयं विधानसभा पहुंचने की स्थिति में नहीं रहेंगे। जिलाधिकारी शुभ्रांत कुमार शुक्ला से जनसमस्याओं के संबंध में मुलाकात के बाद पत्रकारों से बातचीत में शिवपाल यादव ने कहा कि लोकसभा चुनाव से पहले भी विपक्षी दलों द्वारा दावा किया गया था कि सपा कुछ सीटों तक सिमट जाएगी, लेकिन पार्टी ने 37 सीटें जीतकर सभी अनुमानों को गलत साबित कर दिया। उन्होंने कहा कि जनता 2027 में भी ऐसे दावों का जवाब देगी।</p>
<p>केंद्र सरकार पर कटाक्ष करते हुए सपा नेता ने कहा कि ‘‘मन की बात’’ करने वाले जनता के मन की बात नहीं सुनते हैं। उन्होंने कहा कि महंगाई, बिजली और किसानों की समस्याओं पर सरकार ध्यान नहीं दे रही है। पश्चिम बंगाल में विपक्षी दलों के जनप्रतिनिधियों के दल बदलने के मुद्दे पर उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी किसी भी तरह विपक्ष को कमजोर करना चाहती है। उन्होंने कहा कि विपक्षी नेताओं और जनप्रतिनिधियों पर विभिन्न एजेंसियों के माध्यम से दबाव बनाया जा रहा है, जो लोकतांत्रिक परंपराओं के अनुरूप नहीं है।</p>
<p>इंडिया गठबंधन की रणनीति पर बोलते हुए यादव ने कहा कि जहां-जहां चुनाव होंगे, वहां गठबंधन दल आपसी समन्वय के साथ चुनाव लड़ेंगे। इस दौरान सपा के पीडीए प्रभारी उदयभान सिंह यादव, ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि ध्रुव कुमार ‘चीनी’ तथा समाजवादी अधिवक्ता सभा के सचिव योगेश कुमार यादव सहित अन्य नेता उपस्थित रहे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 09 Jun 2026 14:09:38 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>'इंडिया'  गठबंधन की बैठक में बोले खरगे, परिसीमन विधेयकों के खिलाफ विपक्षी दलों की एकजुटता जरूरी, गैर-भाजपा शासित राज्यों के साथ हो रहा भेदभाव </title>
                                    <description><![CDATA[कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने विपक्षी एकजुटता को और मजबूत करने पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि जिस तरह गठबंधन ने परिसीमन विधेयकों को मात दी, उसी भावना से अब बेरोजगारी, महंगाई और केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग जैसे राष्ट्रीय मुद्दों पर केंद्र सरकार के खिलाफ सामूहिक संघर्ष तेज किया जाएगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/kharge-said-in-the-meeting-of-india-alliance-unity-of/article-156336"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/02.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा है कि विपक्षी दलों के इंडिया गठबंधन ने लोकसभा में परिसीमन से जुड़े विधेयकों के खिलाफ जिस एकजुटता का परिचय दिया था, अब उसी भावना के साथ केंद्र सरकार के कुशासन के खिलाफ भी सामूहिक संघर्ष को आगे बढ़ाया जाएगा। खरगे ने सोमवार को यहां कांस्टीट्यूशन क्लब में विपक्षी गठबंधन की बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि यह गठबंधन लगभग तीन वर्ष पहले अस्तित्व में आया था और गत 17 अप्रैल को लोकसभा में सभी विपक्षी दलों ने एकजुट होकर परिसीमन के मुद्दे पर केंद्र सरकार के ‘दुर्भावनापूर्ण’ विधेयकों को पराजित किया था।</p>
<p>उन्होंने कहा कि अब इस एकता को और मजबूत करने की जरूरत है, ताकि देश के सामने मौजूद राजनीतिक, आर्थिक, सामाजिक तथा विदेश नीति से जुड़ी चुनौतियों का डटकर सामना किया जा सके। उन्होंने आरोप लगाया कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के कारण करोड़ों लोगों का मताधिकार छीना जा रहा है और संविधान पर लगातार हमला हो रहा है। खरगे ने कहा कि जांच एजेंसियों का इस्तेमाल राजनीतिक विरोधियों को परेशान करने, डराने-धमकाने के लिए किया जा रहा है और गैर-भाजपा शासित राज्यों के साथ भेदभाव किया जा रहा है। </p>
<p>उन्होंने कहा कि आवश्यक वस्तुओं की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं, आर्थिक माहौल नकारात्मक है और नयी नौकरियां पैदा करने के लिए जिस गति से निवेश आना चाहिए, वह नहीं आ रहा है। कांग्रेस अध्यक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि कई क्षेत्रों में निजी एकाधिकार बढ़ रहा है और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों का भविष्य संकट में है। उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रणाली के कुप्रबंधन के कारण लाखों युवाओं की आशाओं और आकांक्षाओं के साथ विश्वासघात हो रहा है तथा समाज के कमजोर वर्गों पर अत्याचार जारी हैं। उन्होंने कहा कि विदेश नीति में पारंपरिक मूल्यों से समझौता किया जा रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 08 Jun 2026 15:34:42 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>विपक्षी एकता का महामंथन : इंडिया गठबंधन की बैठक शुरू, सोनिया-खरगे-ममता समेत कई शीर्ष नेता शामिल</title>
                                    <description><![CDATA[संसद के मानसून सत्र से पहले नई दिल्ली में 'इंडिया' गठबंधन के शीर्ष नेताओं की बैठक शुरू हो गई है। सोनिया गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी और ममता बनर्जी सहित 23 दलों के नेता इसमें शामिल हैं। बैठक में आगामी सत्र के लिए साझा रणनीति, राष्ट्रीय मुद्दों और गठबंधन समन्वय पर गंभीर मंथन जारी है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/india-alliance-meeting-begins-many-top-leaders-including-sonia-kharge-mamata-attended/article-156326"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/india-allience.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र और विभिन्न राष्ट्रीय मुद्दों पर साझा रणनीति तैयार करने के उद्देश्य से विपक्षी दलों के इंडिया गठबंधन के नेताओं की महत्वपूर्ण बैठक सोमवार दोपहर यहां कांस्टीट्यूशन क्लब में शुरू हो गयी। बैठक में कांग्रेस संसदीय दल की नेता सोनिया गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव, राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव, जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के सांसद पी. संतोश कुमार, रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी (आरएसपी) के एन. के. प्रेमचंद्रन, भाकपा (माले) के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य तथा राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) की नेता सुप्रिया सुले सहित कई प्रमुख नेता बैठक में मौजूद हैं।</p>
<p>सूत्रों के अनुसार, बैठक में संसद के आगामी सत्र में विपक्ष की संयुक्त रणनीति, विभिन्न राष्ट्रीय मुद्दों, चुनावी तैयारियों तथा गठबंधन के घटक दलों के बीच समन्वय को मजबूत करने पर चर्चा की जाएगी। बैठक में हाल के राजनीतिक घटनाक्रमों और केंद्र सरकार से जुड़े कई मुद्दों पर भी विचार-विमर्श होने की संभावना है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 08 Jun 2026 13:19:50 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>'इंडिया' गठबंधन की बड़ी बैठक: दिल्ली में जुटे 23 विपक्षी दल, संसद सत्र और चुनावी रणनीति पर मंथन</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में 'इंडिया' गठबंधन की महत्वपूर्ण बैठक शुरू हो रही है। इसमें ममता बनर्जी सहित 23 दलों के प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं। बैठक में लोकतंत्र, संविधान, महंगाई, बेरोजगारी और आगामी संसद सत्र में केंद्र सरकार को घेरने की साझा रणनीति पर विस्तृत चर्चा की जाएगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/important-meeting-of-india-alliance-today-representatives-of-23-parties/article-156300"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/india.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। विपक्षी दलों के इंडिया गठबंधन के नेताओं की एक महत्वपूर्ण बैठक सोमवार को यहां कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में आयोजित हो रही है, जिसमें गठबंधन के 23 दलों के प्रतिनिधियों के शामिल होने की संभावना है। कांग्रेस सूत्रों के अनुसार बैठक में लोकतंत्र, संविधान, चुनावी प्रक्रिया, महंगाई, बेरोजगारी, निवेश के माहौल तथा अन्य समसामयिक राजनीतिक मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। इसके अलावा संसद के आगामी सत्र में विपक्ष की रणनीति पर भी इसमें विचार-विमर्श होने भी हो सकता है। बैठक के दोपहर 12 बजे से शुरू होने की संभावना है।</p>
<p>सूत्रों ने बताया कि बैठक में शामिल होने के लिए तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी पिछले दो दिनों से दिल्ली में मौजूद हैं। उनके साथ तृणमूल कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता एवं सांसद अभिषेक बनर्जी भी राजधानी में हैं। माना जा रहा है कि बैठक में विभिन्न विपक्षी दल केंद्र सरकार के खिलाफ साझा मुद्दों और भविष्य की राजनीतिक रणनीति पर चर्चा करेंगे। कांग्रेस के अनुसार कुछ सहयोगी दल विभिन्न कारणों से बैठक में शामिल नहीं हो पाएंगे, लेकिन वे गठबंधन के प्रति समर्थन व्यक्त किये जाने की जानकारी दे चुके हैं। विपक्षी दलों की एकता के लिहाज से इस बैठक को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 08 Jun 2026 11:16:02 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>बंगाल में “ऑपरेशन मदरसा” शुरू: वैध-अवैध मदरसों का सर्वे होगा ; फंडिंग, छात्रों और मौलवियों की जांच से मचा सियासी भूचाल</title>
                                    <description><![CDATA[पश्चिम बंगाल में नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने "ऑपरेशन मदरसा" अभियान की घोषणा की है। इसके तहत राज्यभर के मदरसों की वैधता, वित्तीय स्रोतों, पाठ्यक्रम और छात्रों की संख्या का विस्तृत सर्वे करने की मांग की गई है। भाजपा के अनुसार, इसका उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और सुरक्षा सुनिश्चित करना है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/%E2%80%9Coperation-madrasa%E2%80%9D-started-in-bengal-survey-of-legal-and-illegal/article-156257"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/bengal.png" alt=""></a><br /><p>कोलकाता। पश्चिम बंगाल में नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने “ऑपरेशन मदरसा” अभियान की घोषणा करते हुए राज्यभर के मदरसों के सर्वे की मांग उठाई है। इस अभियान के तहत मदरसों की वैधता, संचालन व्यवस्था और वित्तीय स्रोतों की विस्तृत जांच किए जाने की बात कही गई है। शुभेंदु अधिकारी का कहना है कि राज्य में संचालित सभी मदरसों की स्थिति स्पष्ट होनी चाहिए और यह पता लगाया जाना चाहिए कि कितने मदरसे सरकारी नियमों के तहत पंजीकृत और वैध हैं तथा कितने अवैध रूप से संचालित हो रहे हैं।</p>
<p>अभियान के तहत मदरसों में पढ़ाए जाने वाले कोर्स और पाठ्यक्रम की भी जानकारी जुटाई जाएगी। इसके साथ ही यह जांच की जाएगी कि संबंधित संस्थानों में सरकारी नियमों और दिशा-निर्देशों का पालन हो रहा है या नहीं। सर्वे में यह भी देखा जाएगा कि मदरसा आवासीय है या गैर-आवासीय तथा वहां रहने वाले छात्रों की संख्या कितनी है।</p>
<p>इसके अलावा मदरसों को मिलने वाले फंड और आर्थिक स्रोतों की भी जांच की जाएगी। अभियान में मौलवियों और छात्रों की संख्या का रिकॉर्ड भी तैयार किया जाएगा। भाजपा नेताओं का कहना है कि इस सर्वे का उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और सुरक्षा सुनिश्चित करना है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 07 Jun 2026 15:43:58 +0530</pubDate>
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