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                <title>Discontent - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                            <item>
                <title>कोटा बनेगा छात्र आंदोलन का केंद्र: 'छात्रों की गूंज' महारैली में जुटेंगे युवा ; राहुल गांधी ने किया देशव्यापी आह्वान, युवाओं से मांगा समर्थन</title>
                                    <description><![CDATA[विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने पेपर लीक और रद्द परीक्षाओं के खिलाफ युवाओं से 17 जून को कोटा पहुंचने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि अधूरी भर्तियां युवाओं के सपनों पर प्रहार हैं। गांधी ने न्याय की आवाज बुलंद करने के लिए 'छात्रों की गूंज' महारैली में शामिल होने की अपील की।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/kota-will-become-the-center-of-student-movement-show-of/article-157071"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/rahul-gandhi.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष एवं लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने देशभर के युवाओं से छात्रों के हक की हुंकार बुलंद करने के लिए 17 जून को राजस्थान के कोटा में आयोजित 'छात्रों की गूंज' महारैली में पहुंचने का आह्वान किया है। राहुल गांधी ने सोमवार को सोशल मीडिया एक्स पर लिखा कि पेपर लीक, हर रद्द परीक्षा और हर अधूरी भर्ती केवल व्यवस्था की विफलता नहीं, बल्कि लाखों युवाओं के सपनों पर प्रहार है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि वह जानते हैं कि युवा थक चुके हैं और उनमें गुस्सा है, लेकिन जब सरकार सुनने को तैयार नहीं हो तो आवाज ऊंची करनी पड़ती है। उन्होंने कहा कि इसी उद्देश्य से वह युवाओं को 17 जून को कोटा में होने वाली 'छात्रों की गूंज' महारैली के लिए आमंत्रित कर रहे हैं। राहुल गांधी ने कहा कि कोटा से शुरु होने वाली यह आवाज देश के हर कोने तक पहुंचेगी। उन्होंने युवाओं से बड़ी संख्या में महारैली में शामिल होकर अपने अधिकारों और भविष्य की लड़ाई को मजबूत करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा, "यह आपके भविष्य की लड़ाई है और मैं आपके साथ हूं।"</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 15 Jun 2026 18:52:41 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>कॉकरोच पार्टी के प्रदर्शन के दौरान दीपके पर हमला, नारेबाजी को लेकर विवाद</title>
                                    <description><![CDATA[जयपुर के शहीद स्मारक पर पेपर लीक और बेरोजगारी के खिलाफ सीजेपी के प्रदर्शन में भारी हंगामा और अफरा-तफरी मच गई। प्रदर्शन की अगुवाई कर रहे पार्टी संस्थापक अभिजीत दीपके को दो युवकों ने थप्पड़ मार दिया, जिसके बाद समर्थकों ने उनकी धुनाई कर दी। मौके पर पुलिस ने एक युवक को हिरासत में लिया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/attack-on-deepke-during-cockroach-party-demonstration-controversy-over-sloganeering/article-157084"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/1200-x-600-px-(1).png" alt=""></a><br /><p>जयपुर: शहीद स्मारक पर सोमवार को कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रदर्शन के दौरान हंगामे के हालात  बन गए। पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके को दो युवकों की तरफ से थप्पड़ मारने का मामला घटित हुआ है। घटना के बाद मौके पर मौजूद सीजेपी समर्थकों ने दोनों युवकों को पकड़ लिया और उनकी पिटाई कर दी। <br />घटना से कुछ समय के लिए प्रदर्शन स्थल पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। अभिजीत दीपके नीट पेपर लीक, शिक्षा व्यवस्था में सुधार, बेरोजगारी और युवाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर आयोजित विरोध-प्रदर्शन में शामिल होने जयपुर पहुंचे थे। उनकी अगुवाई में सैकड़ों प्रदर्शनकारी शहीद स्मारक पर एकत्रित हुए और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर नारेबाजी कर रहे थे।</p>
<p>प्रदर्शन के दौरान कुछ युवकों के बीच नारेबाजी को लेकर विवाद उत्पन्न हो गया। विवाद बढ़ने पर पुलिस ने हस्तक्षेप करते हुए एक युवक को हिरासत में ले लिया। पुलिस अधिकारियों ने मौके पर स्थिति को नियंत्रित कर कानून-व्यवस्था बनाए रखने का प्रयास किया। इस बीच प्रदर्शन में शामिल कई लोगों के मोबाइल फोन चोरी होने की शिकायतें भी सामने आईं। इसके बाद आयोजनकर्ताओं ने मंच से घोषणा कर प्रदर्शनकारियों को अपने मोबाइल और अन्य सामान की सुरक्षा को लेकर सतर्क रहने का आग्रह किया। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में युवा तिरंगा और विभिन्न संदेशों वाले पोस्टर लेकर पहुंचे। पोस्टरों पर मुझे देश से प्यार है, भ्रष्टाचार अस्वीकार है और पेपर लीक बंद करो जैसे नारे लिखे हुए थे। कई महिलाएं भी अपने छोटे बच्चों के साथ प्रदर्शन में शामिल हुईं और युवाओं की मांगों का समर्थन किया। प्रदर्शन शुरू होने से पहले सीजेपी कार्यकर्ताओं ने शहीद स्मारक के प्रवेश द्वार पर कॉकरोच का प्रतीकात्मक चित्र बनाया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 15 Jun 2026 18:38:51 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>हरियाणा में भीषण सड़क दुर्घटना: निजी बस पलटने से 3 यात्रियों की मौत, 28 अन्य घायल</title>
                                    <description><![CDATA[हरियाणा के फतेहाबाद से टोहाना आ रही एक निजी बस के पलटने से बड़ा हादसा हुआ। तेज रफ्तार के कारण हुए इस हादसे में एक होमगार्ड और छात्रा सहित तीन लोगों की मौत हो गई। आक्रोशित ग्रामीणों ने फरार चालक की गिरफ्तारी की मांग को लेकर फतेहाबाद-टोहाना रोड जाम कर धरना दिया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/horrific-road-accident-in-haryana-3-passengers-killed-28-others/article-157030"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/road-accident.png" alt=""></a><br /><p>टोहाना। हरियाणा के फतेहाबाद से टोहाना आ रही 52 सीटर निजी बस सोमवार सुबह अनियंत्रित होकर खेत में पलट गयी, जिससे दो महिलाओं समेत तीन लोगों की मौत हो गयी, जबकि 28 यात्री घायल हो गये। घायलों को नागरिक अस्पताल टोहाना में भर्ती कराया गया है। कई घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है। मृतकों में सिटी थाना टोहाना में तैनात होमगार्ड बलविंदर सिंह, 16 वर्षीय छात्रा बोहती देवी और 70 वर्षीय मोनी देवी शामिल हैं। बलविंदर सिंह गांव डुल्ट के निवासी थे। उनकी करीब एक वर्ष पहले शादी हुई थी और उनकी दो माह की पुत्री है।</p>
<p>सूचना मिलते ही सदर थाना प्रभारी बीर सिंह पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्य शुरू कराया। स्थानीय लोगों ने बस के शीशे तोड़कर यात्रियों को बाहर निकाला। पुलिस के अनुसार बस में करीब 50 से 55 यात्री सवार थे। यात्रियों ने हादसे के लिए बस चालक की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया है। गांव चंदड़ निवासी यात्री राममेहर ने बताया कि चालक शुरुआत से ही तेज गति से बस चला रहा था। गांव भौडी के पास कट पर तेज मोड़ लेने के दौरान बस अनियंत्रित होकर खेत में पलट गयी।</p>
<p>हादसे के बाद चालक और परिचालक के फरार होने से ग्रामीणों में भारी रोष फैल गया। ग्रामीणों ने उनकी गिरफ्तारी की मांग को लेकर गांव भौडी के पास फतेहाबाद-टोहाना रोड जाम कर धरना शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि निजी बस संचालक अक्सर विद्यार्थियों के साथ दुर्व्यवहार करते हैं और उन्हें सीट नहीं दी जाती। उनका दावा है कि हादसे में मृत छात्रा गेट के पास खड़ी थी, जिससे उसकी जान चली गयी।</p>
<p>धरने की सूचना पर एसडीएम आकाश शर्मा और उपाधीक्षक जय भगवान मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से बातचीत कर उन्हें समझाने का प्रयास किया। जय भगवान ने आश्वासन दिया कि फरार चालक और परिचालक की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है तथा जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इस बीच, राज्यसभा सांसद सुभाष बराला भी घटनास्थल पर पहुंचे और घायलों को अस्पताल पहुंचाने में मदद की। पुलिस ने बस को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है तथा चालक के खिलाफ लापरवाही से वाहन चलाने का मामला दर्ज किया गया है। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया है कि आरोपियों की गिरफ्तारी तक उनका धरना जारी रहेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 15 Jun 2026 16:02:36 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>बड़े खुलासे के संकेत! फर्जी हस्ताक्षर मामले में अभिषेक बनर्जी पर सीआईडी का शिकंजा, तीसरी बार तलब करने की तैयारी</title>
                                    <description><![CDATA[तृणमूल कांग्रेस के महासचिव अभिषेक बनर्जी से सीआईडी ने आठ घंटे तक कड़ी पूछताछ की। कुणाल घोष के सामने बैठाकर किए गए सवाल-जवाब में बनर्जी के बयानों में कई बड़े विरोधाभास मिले हैं। जांच से असंतुष्ट सीआईडी अब उन्हें तीसरा समन भेजने की तैयारी कर रही है, जबकि आज उन्हें ईडी के सामने भी पेश होना है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/indications-of-big-revelations-preparation-to-summon-cid-for-the/article-157012"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/ईडी.png" alt=""></a><br /><p>कोलकाता। तृणमूल कांग्रेस विधायकों के फर्जी हस्ताक्षर मामले की जांच कर रही अपराध जांच विभाग (सीआईडी) पार्टी के महासचिव अभिषेक बनर्जी को तीसरी बार तलब कर सकती है। रविवार को हुई पूछताछ के दौरान जांच एजेंसी को उनके बयानों में कई विरोधाभास मिले हैं। अभिषेक बनर्जी इस मामले में दूसरे दौर की पूछताछ के लिए रविवार को सीआईडी के सामने पेश हुए थे, जहां करीब आठ घंटे तक उनसे पूछताछ चली। उनसे अकेले में भी पूछताछ की गयी और फिर तृणमूल नेता कुणाल घोष के सामने बैठाकर भी घंटों सवाल-जवाब किये गये। जांच एजेंसी के सूत्रों का आरोप है कि जब घोष की मौजूदगी में पूछताछ की गयी, तो अभिषेक बनर्जी कई अहम बातों पर अपने बयान से पलट गये। बताया जा रहा है कि आमने-सामने बैठाने से पहले सीआईडी अधिकारियों ने दोनों नेताओं से अलग-अलग पूछताछ की थी।</p>
<p>सीआईडी सूत्रों के अनुसार, जांचकर्ताओं को अभिषेक बनर्जी के अकेले के बयानों और दोनों नेताओं की मौजूदगी में दिये गये जवाबों में काफी अंतर मिला। जब बनर्जी से बयानों में इस बदलाव की वजह पूछी गयी, तो वह कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाये। माना जा रहा है कि रविवार की पूछताछ से जांच एजेंसी संतुष्ट नहीं है। ऐसे में जांच को आगे बढ़ाने के लिए तृणमूल सांसद को एक और समन भेजने पर विचार किया जा रहा है। उनकी पेशी की तारीख पर अभी हालांकि फैसला नहीं हुआ है।</p>
<p>कथित फर्जी हस्ताक्षर मामले में अभिषेक बनर्जी पिछले कई हफ्तों से सीआईडी की रडार पर हैं। इससे पहले उन्होंने अलग-अलग वजहें बताकर कई समन टाल दिये थे, जिसके बाद अदालत के दखल देने पर ही वह जांचकर्ताओं के सामने पेश हुए। सूत्रों का कहना है कि पहले दौर की पूछताछ में उन्होंने कई सवालों के जवाब में सिर्फ यही कहा था कि उन्हें इस मामले की कोई जानकारी नहीं है। यह नया घटनाक्रम ऐसे समय में आया है, जब अभिषेक बनर्जी पहले से ही कई मामलों में घिरे हुए हैं। कथित भर्ती घोटाले के सिलसिले में सोमवार को उन्हें प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के सामने पेश होना है। मंगलवार को, डीजे विवाद से जुड़ी अपनी कथित टिप्पणी के एक अलग मामले में भी उनके सीआईडी के सामने पेश होने की संभावना है।</p>
<p>इन मामलों के अलावा भी अभिषेक बनर्जी कई अन्य जांच और शिकायतों का सामना कर रहे हैं। कोयला तस्करी के मामले में भी उनका नाम लंबे समय से जुड़ा हुआ है। इसके अलावा, अम्फान राहत कोष के वितरण में गड़बड़ी को लेकर शनिवार को उनके खिलाफ एक प्राथमिकी दर्ज की गयी थी, जबकि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ विवादास्पद टिप्पणी करने के मामले में सिलीगुड़ी में भी एक शिकायत दर्ज है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 15 Jun 2026 13:26:50 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>महंगाई की मार पर जूली का वार: घरेलू गैस सिलेंडर ₹29 महंगा होने पर भाजपा सरकार पर साधा निशाना</title>
                                    <description><![CDATA[नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने गैस सिलेंडर के दाम ₹29 बढ़ने पर भाजपा सरकार को घेरा है। उन्होंने इसे 'गरीब की रोटी पर हमला' बताते हुए कहा कि तीन महीने में रसोई गैस पर यह दूसरी बड़ी बढ़ोतरी है। जूली ने आरोप लगाया कि सरकार जनता को भूखे पेट सोने पर मजबूर कर रही है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/tikaram-julies-attack-on-the-state-government-said-due/article-156256"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-02/tikaram-julee-3.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर: घरेलू गैस सिलेंडर के दाम बढ़ने पर नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए इसे गरीबों की थाली पर मंहगाई की मार बताया है। जूली ने कहा है कि महंगाई मैन अपने उद्योगपति मित्रों की जेब भरने के लिए जनता को भूखे पेट सोने पर मजबूर कर रहे हैं। अब घरेलू गैस सिलेंडर 29 रुपए महंगा कर दिया गया। तीन माह में रसोई गैस पर महंगाई की मार देखें तो 7 मार्च 2026 को 60 रुपए बढ़ाए। सात जून 2026 को 29 रुपए बढ़ाए। यह सिर्फ गैस सिलेंडर महंगा नहीं हो रहा, यह गरीब की रोटी महंगी हो रही है l</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 07 Jun 2026 15:32:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>ओडिशा बॉक्साइट खनन विवाद: कांग्रेस ने आदिवासी अधिकारों के उल्लंघन का लगाया आरोप, केंद्र से निष्पक्ष जांच की मांग</title>
                                    <description><![CDATA[कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने ओडिशा के कोरापुट और कालाहांडी जिलों में बॉक्साइट खनन के खिलाफ ग्रामीणों के प्रदर्शन पर चिंता जताई है। उन्होंने कलिंगा एल्युमिना लिमिटेड द्वारा 400 एकड़ वन भूमि के कथित अवैध उपयोग और ग्राम सभा की फर्जी मंजूरियों के आरोपों की निष्पक्ष जांच की मांग की है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/odisha-bauxite-mining-dispute-congress-alleges-violation-of-tribal-rights/article-155714"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-09/jairam-ramesh-333.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। कांग्रेस ने ओडिशा में बॉक्साइट खनन परियोजनाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर ग्रामीणों के विरोध प्रदर्शनों पर चिंता व्यक्त करते हुए केंद्र से इस मामले में हस्तक्षेप कर प्रभावितों के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। पार्टी ने खनन परियोजनाओं से जुड़े वन अधिकार कानून, 2006 के कथित उल्लंघन, वन भूमि के उपयोग तथा ग्राम सभा की स्वीकृतियों में कथित अनियमितताओं के आरोपों को गंभीर बताते हुए उनकी व्यापक और निष्पक्ष जांच की मांग की है।</p>
<p>कांग्रेस महासचिव एवं संचार विभाग के प्रभारी जयराम रमेश ने मंगलवार को एक बयान में कहा कि ओडिशा के कोरापुट जिले में बॉक्साइट खनन के लिए दी गई स्वीकृतियों को लेकर ग्रामीणों का विरोध जारी है। उन्होंने कहा कि कलिंगा एल्युमिना लिमिटेड पर लगभग 400 एकड़ वन भूमि के कथित अवैध उपयोग के आरोप लगाए जा रहे हैं, जिस पर आंदोलनरत ग्रामीण वन अधिकार कानून, 2006 के तहत अपने पारंपरिक और आध्यात्मिक अधिकार होने का दावा कर रहे हैं।</p>
<p>उन्होंने आरोप लगाया कि ग्राम सभा की मंजूरी प्राप्त करने की प्रक्रिया में कंपनी और जिला प्रशासन के अधिकारियों की कथित मिलीभगत से अनियमितताएं हुई हैं, जिसकी जानकारी संबंधित अधिकारियों को भी दी गई है। उनका कहना था कि इसी प्रकार के आरोप कालाहांडी और रायगढ़ा जिलों में भी लगाए जा रहे हैं। जयराम रमेश ने कहा कि केंद्र सरकार में जनजातीय कार्य मंत्री ओडिशा से हैं, वन अधिकार कानून, 2006 को उसकी भावना और प्रावधानों के अनुरूप लागू कराने के लिए जिम्मेदार हैं। उन्होंने कहा कि राज्य के विभिन्न हिस्सों में हो रहे इन विरोध प्रदर्शनों और उनके कारणों पर गंभीरता से ध्यान दिया जाना चाहिए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 02 Jun 2026 16:33:00 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>जीतू पटवारी पर टिप्पणी से भड़की युवक कांग्रेस: सीएम का फूंका पुतला, जनहित के मुद्दों से ध्यान हटाने का लगाया आरोप</title>
                                    <description><![CDATA[मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी पर की गई टिप्पणी के विरोध में देवास में प्रदर्शन हुआ। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री की भाषा को अमर्यादित बताते हुए जमकर नारेबाजी की और उनका पुतला फूंका। नेताओं ने चेतावनी दी कि जनहित के मुद्दों को दबाने नहीं दिया जाएगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/youth-congress-enraged-by-the-comment-on-jitu-patwari-burnt/article-155592"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/mohan-yadav.png" alt=""></a><br /><p>देवास। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के संबंध में की गई टिप्पणी के विरोध में देवास जिले के सतवास नगर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री का पुतला दहन किया। ब्लॉक कांग्रेस कमेटी तथा कांग्रेस के विभिन्न मोर्चा संगठनों के नेतृत्व में आयोजित प्रदर्शन में कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए मुख्यमंत्री की टिप्पणी का विरोध जताया। कांग्रेस नेताओं ने इसे अमर्यादित और अशोभनीय बताते हुए कहा कि इस प्रकार की भाषा प्रदेश के मुख्यमंत्री के पद की गरिमा के अनुरूप नहीं है।</p>
<p>ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष लाला पटेल ने कहा कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी किसानों, युवाओं और आम जनता के मुद्दों को प्रमुखता से उठा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जनहित के मुद्दों से ध्यान हटाने का प्रयास कर रही है। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि भविष्य में भी इस प्रकार की टिप्पणियां की जाती रहीं तो कांग्रेस का विरोध और तेज किया जाएगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 01 Jun 2026 14:45:47 +0530</pubDate>
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                <title>10 सर्कुलर रोड विवाद: राजद बोला- विपक्ष का अपमान कर रही सरकार, नियमों की मनमानी व्याख्या करने का लगाया आरोप</title>
                                    <description><![CDATA[पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के 10 सर्कुलर रोड आवास को खाली कराने के नोटिस पर राजद ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। राजद प्रवक्ता चितरंजन गगन ने कहा कि 20 वर्षों से रह रहीं नेता प्रतिपक्ष का यह आवास बदलना लोकतांत्रिक मर्यादा का हनन है। उन्होंने सरकार पर विपक्ष के प्रति निकृष्ट व्यवहार का आरोप लगाया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/10-circular-road-dispute-rjd-said-government-is-insulting/article-155502"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/rabdi-devi.png" alt=""></a><br /><p>पटना। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री और बिहार विधान परिषद में नेता विरोधी दल राबड़ी देवी के 10 सर्कुलर रोड आवास को खाली करने संबंधी नोटिस पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार ने उन लोकतांत्रिक मूल्यों को छोड़ किया है, जिसके बिना लोकतांत्रिक व्यवस्था की कल्पना भी नहीं की जा सकती है। राजद प्रवक्ता चितरंजन गगन ने बयान जारी कर कहा है कि राबड़ी देवी विगत 20 वर्षों से उस आवास में रहती आ रही हैं। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री होने के अलावा आज भी वह बिहार विधान परिषद में नेता विरोधी दल हैं। फिर ऐसी कौन सी स्थिति आ गई जो उन्हें 10, सर्कुलर रोड बंगले के बदले दूसरा आवास आवंटित किया गया है।</p>
<p>राजद प्रवक्ता ने सरकार और सत्ताधारी दल के नेताओं की ओर से दिए जा रहे नियमों के हवाले को हास्यास्पद बताते हुए जानना चाहा है कि जब विधानसभा अध्यक्ष के नाम पर 1977 से हीं कर्णांकित 2, देशरत्न मार्ग बंगले को मंत्री के नाम आवंटित किया जा सकता है, उप मुख्यमंत्री के लिए कर्णांकित 5, सर्कुलर रोड बंगले को मुख्यमंत्री आवास का हिस्सा बनाया जा सकता है और विधानसभा अध्यक्ष तथा उप मुख्यमंत्री के लिए दूसरे बंगले का आवंटन किया जा सकता है, तो राबड़ी देवी के बंगले में किस नियम की दुहाई दी जा रही है।</p>
<p>गगन ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सहित कई सांसदों को दिल्ली के अतिरिक्त पटना में भी बड़े-बड़े बंगले आवंटित किये गए हैं, लेकिन इस सरकार सिर्फ राबड़ी देवी का अपमान करना है। उन्होंने कहा कि सरकार बताये कि 10, सर्कुलर रोड के बदले विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष को दूसरा आवास आवंटित किए जाने का औचित्य क्या है। राजद प्रवक्ता ने कहा कि संसदीय लोकतंत्र में विपक्ष की भूमिका को काफी महत्वपूर्ण माना गया है। पर वर्तमान सरकार प्रदेश में विपक्ष के नेता के साथ निकृष्ट व्यवहार कर रही है। उन्होंने कहा कि यह सवाल महज एक आवास का नहीं है, बल्कि लोकतांत्रिक मर्यादा और व्यवस्था का है। उन्होंने कहा कि सरकार का मतलब यह नहीं है कि वह अपने अनुकूल नियम बनाएं और अपनी इच्छा से उसकी व्याख्या करें। उन्होंने कहा कि राबड़ी देवी के आवास को खाली करवाने के मामले में सरकार की मनसा संदेह के घेरे में है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 30 May 2026 17:17:21 +0530</pubDate>
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                <title>क्या कांग्रेस के हाथों से फिसल रहा कर्नाटक? दोनों पक्षों के दावे राजनीतिक रूप से उचित;  सिर्फ नेतृत्व नहीं, नियंत्रण भी</title>
                                    <description><![CDATA[कर्नाटक कांग्रेस में मुख्यमंत्री पद को लेकर अंदरूनी कलह तेज हो गई है। मुख्यमंत्री सिद्दारमैया और उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार को दिल्ली आलाकमान ने तलब किया है। 136 विधायकों के स्पष्ट बहुमत के बावजूद दोनों गुटों में नेतृत्व परिवर्तन और रोटेशन फॉर्मूले को लेकर रस्साकशी जारी है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/is-karnataka-slipping-from-the-hands-of-congress-the-claims/article-155038"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/karnataka.jpg" alt=""></a><br /><p>बेंगलुरु। कर्नाटक की राजनीति को एक बार फिर मुख्यमंत्री सिद्दारमैया और उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार के बीच शक्ति संघर्ष के रूप में देखा जा रहा है और यह मुद्दा केवल मुख्यमंत्री पद को लेकर व्यक्तिगत प्रतिद्वंद्विता का नहीं, बल्कि कांग्रेस के लिए एक महत्वपूर्ण राज्य में सत्ता संतुलन, महत्वाकांक्षाओं और संगठनात्मक अनुशासन को संभालने की संरचनात्मक चुनौती का है। सिद्दारमैया और शिवकुमार को दिल्ली तलब किये जाने तथा पार्टी आलाकमान के साथ उनकी बैठकों के बाद नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों ने एक बार फिर जोर पकड़ लिया है। यह सवाल कांग्रेस सरकार के 2023 में गठन के समय से ही मौजूद हैं। </p>
<p>फर्क सिर्फ इतना है कि अब दोनों खेमों की ओर से संकेत अधिक स्पष्ट हो गये हैं और पार्टी के कुछ वर्गों में अधीरता बढ़ी है। इस पूरे घटनाक्रम के केंद्र में एक राजनीतिक विरोधाभास है। कर्नाटक में कांग्रेस संख्यात्मक रूप से मजबूत है, लेकिन आंतरिक रूप से पूरी तरह एकजुट नहीं है। 224 सदस्यीय विधानसभा में 136 विधायकों के साथ पार्टी के पास स्पष्ट बहुमत है। इसके बावजूद यह मजबूती स्थिर नेतृत्व सहमति में तब्दील नहीं हो सकी है। स्थिति को अब तक अनौपचारिक समझौतों, परस्पर अपेक्षाओं और समय-समय पर आलाकमान के हस्तक्षेप के जरिए संभाला जाता रहा है। सिद्दारमैया अनुभव, जनाधार आधारित राजनीति और 'अहिंदा' सामाजिक समीकरण का प्रतिनिधित्व करते हैं, जिसने लंबे समय से कर्नाटक में कांग्रेस के आधार को मजबूत किया है। उनके समर्थक उन्हें ऐसा स्थिर नेता मानते हैं जिसने चुनावी सफलता दिलायी और जो अब भी विधायकों के बीच प्रभाव बनाए हुए हैं।</p>
<p>दूसरी ओर, शिवकुमार संगठनात्मक क्षमता, चुनावी रणनीति और 2023 की जीत में अपनी भूमिका के आधार पर दावेदारी पेश करते हैं। उनका खेमा संख्या बल के साथ-साथ योगदान, समय और पार्टी संगठन पर पकड़ को भी अपनी ताकत मानता है। कांग्रेस आलाकमान के सामने चुनौती यह है कि दोनों पक्षों के दावे राजनीतिक रूप से उचित हैं, लेकिन लंबे समय तक दोनों को साथ लेकर चलना आसान नहीं है। एक पक्ष को संतुष्ट करने से दूसरे पक्ष में असंतोष बढ़ने का जोखिम बना रहता है। इसी कारण समाधान की जगह संतुलन साधने की राजनीति जारी है।</p>
<p>यही वजह है कि कर्नाटक की राजनीति बार-बार "रोटेशन", "मंत्रिमंडल फेरबदल" और "आलाकमान चर्चा" जैसे शब्दों के इर्द-गिर्द घूमती रहती है। ये स्थायी समाधान नहीं, बल्कि दबाव को अस्थायी रूप से नियंत्रित करने के उपाय हैं, जो सरकार के भीतर दो शक्ति केंद्रों की मूल समस्या को टालते रहे हैं। हाल के दिनों में मंत्रिमंडल फेरबदल की चर्चा भी इसी पृष्ठभूमि में देखी जा रही है। विभागों में बदलाव या मंत्रिमंडल विस्तार से अस्थायी संतुलन जरूर बनाया जा सकता है, लेकिन इससे नेतृत्व अधिकार का मूल प्रश्न हल नहीं होता। इससे केवल मौजूदा व्यवस्था को कुछ समय के लिए आगे बढ़ाया जाता है।</p>
<p>असल सवाल यह नहीं है कि सिद्दारमैया अपना कार्यकाल पूरा करेंगे या शिवकुमार भविष्य में मुख्यमंत्री बनेंगे। मुख्य प्रश्न यह है कि क्या कांग्रेस के पास ऐसी कोई स्थायी व्यवस्था है, जिसके तहत उस राज्य में दोहरे नेतृत्व को प्रभावी ढंग से संभाला जा सके, जहां चुनावी सफलता ने कई दावेदार पैदा कर दिये हैं, लेकिन आलाकमान के अलावा कोई स्पष्ट निर्णायक व्यवस्था नहीं है। दल-बदल, विधानसभा अंकगणित या विपक्षी समीकरणों को लेकर लगायी जा रही अटकलों की अब तक पुष्टि नहीं हुई है। फिलहाल किसी भी गुट के पास सरकार की स्थिरता को प्रभावित करने का स्पष्ट रास्ता नहीं दिखता और संख्या बल अब भी कांग्रेस के पक्ष में है। ऐसे में आलाकमान केवल दर्शक नहीं, बल्कि संतुलन बनाए रखने वाली प्रमुख शक्ति है। </p>
<p>हालांकि, उसकी क्षमता भी सीमित है। निर्णयों में देरी से अटकलें बढ़ती हैं, अस्पष्ट संकेतों से गुटीय व्याख्याओं को बल मिलता है और समझौता आधारित समाधान अक्सर उत्तराधिकार के सवाल को हल करने के बजाय टाल देते हैं। कर्नाटक की स्थिति भारतीय राजनीति के व्यापक स्वरूप को भी दर्शाती है, जहां मजबूत क्षेत्रीय नेताओं, व्यक्तिगत नेटवर्क और केंद्रीकृत पार्टी नियंत्रण के कारण चुनावी सफलता के बाद टकराव की स्थिति पैदा होती है, खासकर तब जब नेतृत्व पहले से स्पष्ट नहीं किया गया हो।</p>
<p>मंत्रिमंडल संतुलन, विभिन्न गुटों को आश्वस्त करने और नियंत्रित राजनीतिक संदेशों का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। फिलहाल राजनीतिक हित निरंतरता के पक्ष में हैं, इसलिए किसी बड़े टकराव की संभावना कम मानी जा रही है।हालांकि सरकार संख्या बल के लिहाज से स्थिर है, लेकिन आंतरिक रूप से अस्थिर बनी हुई है। इसके पीछे वह मूल प्रश्न अब भी अनसुलझा है, जिससे पार्टी 2023 से बचती रही है; जब जीत सामूहिक हो, लेकिन नेतृत्व विवादित हो, तब अधिकार का निर्धारण कौन करेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 26 May 2026 14:13:07 +0530</pubDate>
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