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                <title>Escalation - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>Escalation RSS Feed</description>
                
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                <title>लेबनान में भड़की हिंसा: चार सैनिकों की मौत, इजरायली रक्षा मंत्री बेन-ग्विर ने कही पूरे लेबनान को जलाने की बात</title>
                                    <description><![CDATA[दक्षिणी लेबनान में चार इजरायली सैनिकों की मौत के बाद इजरायल के मंत्रियों ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। सुरक्षा मंत्री बेन-ग्विर ने 'पूरे लेबनान को जलाने' और आतंक को कुचलने का आह्वान किया। वहीं, वित्त मंत्री स्मोट्रिच ने इसे 'मुश्किल सुबह' बताते हुए लेबनान के खिलाफ जवाबी कार्रवाई में 'आग की भाषा' इस्तेमाल करने की मांग की।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/violence-broke-out-in-lebanon-four-soldiers-died-israeli-defense/article-157459"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/is.png" alt=""></a><br /><p>तेल अवीव। दक्षिणी लेबनान में लड़ाई में इजरायली सेना के चार सैनिकों के मारे जाने के बाद इजराइल रक्षा मंत्री इतामार बेन-ग्विर ने लेबनान को 'जलाने' का आह्वान किया है। बेन-ग्विर ने 'एक्स' पर पोस्ट में कहा, "अमेरिकियों के प्रति पूरे सम्मान के साथ, इजरायल को पूरी दुनिया के सामने यह साफ कर देना चाहिए कि हमारे बेटों का खून और हमारे नागरिकों की सुरक्षा कोई मामूली बात नहीं है। पूरा लेबनान जलना चाहिए।"</p>
<p>उन्होंने कहा, "मैंने प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से अपनी निजी मुलाकातों में भी कहा था कि एक इजरायली मां के हर आंसू के बदले हजार लेबनानी माताओं को रोना होगा।" उन्होंने यह भी कहा, "इस क्षेत्र में आपको आक्रामक होना होगा। सब कुछ मिटाना होगा। आतंक को कुचलना होगा।" इजरायली सेना ने युद्ध के दौरान दक्षिणी लेबनान में चार सैनिकों के मारे जाने की घोषणा की है। सेना ने टेलीग्राम पर एक पोस्ट में इन चार सैनिकों में से एक की पहचान 32 वर्षीय लेफ्टिनेंट डोर गेडालिया बेन सिमहोन के रूप में की है। वह 52वीं बटालियन और 41वीं ब्रिगेड के कमांडर थे।</p>
<p>इजरायल के वित्त मंत्री बेजलेल स्मोट्रिच ने भी रातभर चली भीषण लड़ाई के बाद लेबनान के खिलाफ कड़ी जवाबी कार्रवाई का आह्वान किया है।स्मोट्रिच ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में इसे एक 'मुश्किल सुबह' बताया। उन्होंने कहा, "अब आग की भाषा में बात करने का समय है। नरक के दरवाजे खोलने का समय है।"</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 19 Jun 2026 17:26:55 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>ईरान का पलटवार : बहरीन और जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल-ड्रोन हमला, अराघची ने कहा- सुरक्षित रहना है तो क्षेत्र छोड़ दें</title>
                                    <description><![CDATA[अपाचे हेलीकॉप्टर गिराए जाने के बाद अमेरिका-ईरान तनाव चरम पर है। राष्ट्रपति ट्रंप के आदेश पर अमेरिकी हमलों के जवाब में ईरान ने बहरीन और जॉर्डन स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइलें दागीं। बहरीन, जॉर्डन और कुवैत की वायु रक्षा प्रणालियों ने कई खतरों को हवा में ही नष्ट किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/irans-counterattack-missile-drone-attack-on-american-bases-in-bahrain-and/article-156574"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-05/delhi-hospital-bomb-threat.png" alt=""></a><br /><p>तेहरान। ईरान ने बुधवार को पश्चिम एशिया में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर जवाबी मिसाइल और ड्रोन हमला किया। इन ठिकानों में बहरीन में अमेरिकी फिफ्थ फ्लीट का मुख्यालय और जॉर्डन में अल-अज़राक सैन्य अड्डा शामिल हैं। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिका को यह चेतावनी भी दी कि अगर आप सुरक्षित रहना चाहते हैं तो हमारे क्षेत्र से चले जाएं। एएच-64 अपाचे हेलीकॉप्टर को गिराए जाने के जवाब में अमेरिकी सेना ने ईरान में हमले किया जिसके बाद ईरान ने ये हमले किए। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने दावा किया कि उसने बहरीन में अमेरिकी फिफ्थ फ्लीट के मुख्यालय और जॉर्डन में अल-अज़राक सैन्य अड्डे को निशाना बनाया। बहरीन ने कहा कि उसने ईरान की कई मिसाइलों और ड्रोन को रोका जबकि जॉर्डन ने पांच मिसाइलों को रोकने की जानकारी दी। कुवैत ने भी कहा कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली दुश्मन के हवाई लक्ष्यों का मुकाबला कर रही थी।</p>
<p>अराघची ने अमेरिका को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर आप सुरक्षित रहना चाहते हैं तो हमारे इलाके से चले जाएं। उन्होंने कहा कि ईरान हमलों या धमकियों का जवाब ज़रूर देगा। ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी तस्नीम ने बुधवार को एक अधिकारी के हवाले से कहा कि दो जलाशयों पर हमले के बाद कम से कम 20,000 ईरानियों के लिए पीने का पानी मिलना बंद हो गया है। ये जलाशय कोहेस्तक शहर और आस-पास के 10 गांवों को पीने का पानी आपूर्ति करते थे। तस्नीम ने बताया कि अभी टैंकर ट्रकों से पानी पहुंचाने और अस्थायी पंपिंग प्रणासी लगाने जैसे आपातकालीन उपाय किए जा रहे हैं। इससे अवसंरचना को भी नुकसान पहुंचा है।</p>
<p>अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, "कल अमेरिकी सेना के अपाचे हेलीकॉप्टर को गिराए जाने के जवाब में, कमांडर-इन-चीफ़ के निर्देश पर अमेरिकी सेना ने मंगलवार शाम पांच बजे ईरान के ख़िलाफ़ आत्मरक्षा में हमला शुरू किया।" अमेरिकी सेना ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश पर कार्रवाई की। श्री ट्रंप ने कहा था कि होर्मुज जलडमरूमध्य के पास अमेरिकी सैन्य हेलीकॉप्टर को मार गिराने के लिए ईरान ज़िम्मेदार है और उन्होंने कड़ा जवाब देने का वादा किया था। अप्रैल में एफ-15 फाइटर जेट के नुकसान के बाद, अपाचे हेलीकॉप्टर दूसरा ऐसा अमेरिकी विमान है जिसमें चालक दल सवार था और जिसे मौजूदा संघर्ष के दौरान मार गिराए जाने की पुष्टि हुई है।</p>
<p>सेंटकॉम ने कहा कि क्षेत्रीय जलक्षेत्र में गश्त के दौरान ओमान के तट के पास अपाचे हेलीकॉप्टर के दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद, दोनों सैनिकों को लगभग दो घंटे के भीतर सुरक्षित बचा लिया गया और उनकी हालत स्थिर थी। अमेरिका ने ईरान के दक्षिणी तट पर मौजूद वायु रक्षा प्रणाली, ग्राउंड कंट्रोल स्टेशन और सर्विलांस रडार केंद्र को निशाना बनाकर जवाबी कार्रवाई की। सिरिक और केशम द्वीप समेत कई शहरों में धमाकों और वायु रक्षा सायरन की खबरें आईं। ईरान के सरकारी टेलीविज़न ने फारस की खाड़ी के तट पर, जिसमें बंदर अब्बास, केशम और सिरिक शामिल हैं, धमाकों और वायु रक्षा गतिविधियों की जानकारी दी।</p>
<p>इस बीच ईरान के दक्षिणी होर्मोज़गन प्रांत में कई स्थानों पर धमाकों की खबर मिली जिसमें रणनीतिक रूप से अहम होर्मुज़ जलडमरूमध्य के आस-पास के इलाके भी शामिल हैं। ईरान के सरकारी मीडिया ने बताया कि अमेरिकी हमलों में पानी के जलाशयों को नुकसान पहुंचा जिससे स्थानीय जलापूर्ति बाधित हो गई और धमाकों की खबरों के बाद दक्षिणी ईरान के कुछ हिस्सों में वायु रक्षा प्रणाली को सक्रिय कर दिया गया। एक अमेरिकी अधिकारी ने सीएनएन को बताया कि ट्रंप प्रशासन का मानना है कि इन हमलों से संघर्ष खत्म करने के लिए चल रही कूटनीतिक कोशिशों के पटरी से उतरने की संभावना कम है। लेकिन एक दूसरे पर किये गये हमलों ने इलाके में तनाव और बढ़ा दिया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 10 Jun 2026 18:35:57 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>ईरान-अमेरिका तनाव फिर भड़का: अमेरिकी हमलों पर तेहरान का बड़ा आरोप, युद्धविराम उल्लंघन बताकर संयुक्त राष्ट्र से कार्रवाई की मांग</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिकी सेना (सेंटकॉम) द्वारा ईरान के गोरुक और क़ेश्म द्वीप पर तटीय रडार ठिकानों को निशाना बनाने के बाद क्षेत्रीय तनाव बढ़ गया है। ईरान ने इसे युद्धविराम का उल्लंघन बताया है। उप विदेश मंत्री काज़ेम ग़रीबाबादी ने IAEA पर भूमिका के राजनीतिकरण का आरोप लगाते हुए तकनीकी रिपोर्टों को दबाव का साधन न बनाने की चेतावनी दी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/iran-america-tension-flares-up-again-tehrans-big-allegation-on-american/article-156259"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/america-and-iran.png" alt=""></a><br /><p>तेहरान। ईरान ने शनिवार को अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) पर अपनी भूमिका का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाते हुए उसे तेहरान पर दबाव बनाने से बचने की सलाह दी। ईरान का यह बयान उस समय आया है जब अमेरिकी बलों ने ईरान के गोरुक शहर और क़ेश्म द्वीप स्थित तटीय निगरानी रडार ठिकानों पर हमला किया, जिससे मौजूदा युद्धविराम के बावजूद क्षेत्रीय तनाव और बढ़ गया है। ईरान के उप विदेश मंत्री काज़ेम ग़रीबाबादी ने कहा कि यदि आईएईए परमाणु विवाद के समाधान में कूटनीतिक भूमिका निभाना चाहता है तो उसे अपनी तकनीकी रिपोर्टों को राजनीतिक दबाव का उपकरण नहीं बनने देना चाहिए। यह टिप्पणी उस अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के बाद आई, जिसमें ईरान के दक्षिणी तट पर स्थित रडार प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया गया। अमेरिका की केंद्रीय कमान (सेंटकॉम) के अनुसार उसकी सेनाओं ने होरमुज जलडमरूमध्य की ओर बढ़ रहे ईरान के चार एकतरफा हमलावर ड्रोन मार गिराए और इसके बाद गोरुक तथा क़ेश्म द्वीप के तटीय निगरानी रडार स्थलों पर हमले किए।</p>
<p>सेंटकॉम ने दावा किया कि ये ड्रोन क्षेत्रीय समुद्री यातायात के लिए तत्काल खतरा थे और रडार ठिकानों पर हमले आगे होने वाले हमलों को रोकने के लिए किये गये। ग़रीबाबादी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा, "यदि एजेंसी कूटनीतिक समाधान का हिस्सा बनना चाहती है, तो उसे तकनीकी रिपोर्टों को राजनीतिक दबाव का साधन बनाने से बचना होगा।" उन्होंने आईएईए के महानिदेशक राफेल ग्रोसी की भी आलोचना करते हुए कहा कि उन्होंने हाल में ईरान के परमाणु प्रतिष्ठानों पर हुए अमेरिकी और इजरायली हमलों की निंदा नहीं की। उनके अनुसार एजेंसी एक ओर हमलों के प्रभावों पर रिपोर्ट जारी करे और दूसरी ओर हमलावरों पर चुप्पी साधे रखे, यह स्वीकार्य नहीं है।</p>
<p>उन्होंने कहा, "एजेंसी हमलों के परिणामों की रिपोर्ट दे, ईरान से तकनीकी और राजनीतिक कीमत चुकाने की अपेक्षा करे और हमलावर के बारे में मौन रहे, यह उचित नहीं है।" ईरान ने तड़के हुए अमेरिकी ड्रोन हमलों को अप्रैल में हुए युद्धविराम का "स्पष्ट उल्लंघन" करार दिया और संयुक्त राष्ट्र से अमेरिकी कार्रवाइयों के खिलाफ कदम उठाने की मांग की। साथ ही उसने आत्मरक्षा के अपने वैध अधिकार को दोहराया। ईरान के विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि सिरिक क्षेत्र और क़ेश्म द्वीप स्थित रडार एवं तटीय निगरानी सुविधाओं पर हमला युद्धविराम का खुला उल्लंघन और देश की संप्रभुता तथा क्षेत्रीय अखंडता के खिलाफ सैन्य आक्रमण है। मंत्रालय ने कहा कि जिन प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया गया वे देश की सीमा सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय नौवहन मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का काम करते हैं।</p>
<p>बयान में कहा गया, "यह कार्रवाई इस्लामी गणराज्य ईरान के खिलाफ अमेरिकी शासन के शत्रुतापूर्ण और उकसावेपूर्ण व्यवहार की निरंतरता है तथा यह अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर के मूल सिद्धांतों के प्रति अमेरिकी प्रशासन की पूर्ण अवहेलना को उजागर करती है।" ईरान ने दावा किया कि संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुच्छेद 51 के तहत आत्मरक्षा के अधिकार का प्रयोग करते हुए उसकी सशस्त्र सेनाओं ने अमेरिकी कार्रवाई का "अनुपातिक और प्रभावी" जवाब दिया और हमलावरों को अपने उद्देश्यों में सफल नहीं होने दिया।</p>
<p>विदेश मंत्रालय ने कहा कि अमेरिका द्वारा बार-बार युद्धविराम का उल्लंघन यह साबित करता है कि वह क्षेत्र में तनाव कम करने या स्थिरता बहाल करने का इच्छुक नहीं है। बयान में कहा गया, "संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा बार-बार युद्धविराम का उल्लंघन एक बार फिर साबित करता है कि वह न तो तनाव कम करना चाहता है और न ही स्थिरता की दिशा में लौटना चाहता है, बल्कि अपनी उकसावेपूर्ण कार्रवाइयों से क्षेत्रीय सुरक्षा को खतरे में डाल रहा है।"</p>
<p>ईरान ने कहा कि वह अपनी संप्रभुता, सुरक्षा और राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों और क्षमताओं का उपयोग करेगा। विदेश मंत्रालय ने क्षेत्रीय देशों से भी अपील की कि वे अच्छे पड़ोसी संबंधों के सिद्धांत का पालन करें और अपनी भूमि या सुविधाओं का उपयोग ईरान के खिलाफ किसी भी आक्रामक कार्रवाई की योजना बनाने या उसे अंजाम देने के लिए न होने दें। बयान में कहा गया, "विदेश मंत्रालय क्षेत्रीय देशों से आग्रह करता है कि वे अंतरराष्ट्रीय कानून के उस मूल सिद्धांत का सम्मान करें जिसके तहत किसी भी देश को अपनी भूमि और सुविधाओं का उपयोग किसी अन्य देश के खिलाफ आक्रामक गतिविधियों के लिए नहीं करने देना चाहिये।"</p>
<p>ईरान ने संयुक्त राष्ट्र महासचिव, सुरक्षा परिषद और अन्य अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं से भी अपील की कि वे अमेरिकी युद्धविराम उल्लंघनों पर तत्काल और प्रभावी प्रतिक्रिया दें तथा संयुक्त राष्ट्र चार्टर के उल्लंघन और क्षेत्रीय एवं वैश्विक शांति के लिए खतरा पैदा करने वाली गतिविधियों को सामान्य बनने से रोकें।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 07 Jun 2026 15:25:18 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>पश्चिम एशिया में बढ़ा तनाव: बहरीन-कुवैत ने की ईरानी आक्रामकता की निंदा, कहा- हमलों से क्षेत्रीय स्थिरता को खतरा</title>
                                    <description><![CDATA[ईरान द्वारा दागी गई बैलिस्टिक मिसाइलों के बाद बहरीन और कुवैत ने हवाई हमलों की कड़ी निंदा की है। अमेरिकी सेना (सेंटकॉम) ने सात में से छह मिसाइलों को मार गिराया। दोनों देशों ने इसे संप्रभुता का उल्लंघन बताते हुए चेतावनी दी कि यह तनाव क्षेत्रीय स्थिरता और नाजुक युद्धविराम के लिए गंभीर खतरा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/bahrain-kuwait-condemned-iranian-aggression-said-attacks-threaten-regional-stability/article-156258"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/kuwait.png" alt=""></a><br /><p>मनामा। बहरीन और कुवैत ने शनिवार को अपने क्षेत्रों पर हुए नए ईरानी हमलों की संयुक्त रूप से कड़े शब्दों में निंदा की है तथा चेतावनी भी दी है कि ईरान और अमेरिका के बीच मौजूदा युद्धविराम के बावजूद यह हालिया सैन्य तनाव क्षेत्रीय स्थिरता के लिए गंभीर रूप से खतरा है। दोनों देशों ने स्पष्ट किया कि ये हवाई हमले उनकी संप्रभुता का गंभीर उल्लंघन हैं और इससे इस व्यापक संघर्ष के पूरे क्षेत्र में फैलने का नया खतरा पैदा हो गया है। कुवैत के विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि ये हमले एक "खतरनाक सैन्य तनाव" हैं, जिससे उनके नागरिकों और वहां रह रहे विदेशी प्रवासियों की सुरक्षा खतरे में पड़ गई है। मंत्रालय ने आगे कहा कि ये हमले कुवैत की संप्रभुता का खुला उल्लंघन हैं और उन्होंने ऐसी कार्रवाइयों को तुरंत रोकने की मांग की जो क्षेत्र को और अधिक अस्थिर कर सकती हैं।</p>
<p>अमेरिकी नौसेना के पांचवें बेड़े के मुख्यालय की मेजबानी करने वाले बहरीन ने भी अपने क्षेत्र पर ईरानी मिसाइल दागे जाने की पुष्टि की है। बहरीन ने अपने क्षेत्र पर हुए हमलों की निंदा करने के साथ-साथ पड़ोसी देश कुवैत को निशाना बनाए जाने पर भी गहरी चिंता व्यक्त की। यह ताजा सैन्य टकराव अमेरिकी सेना के शुक्रवार के उस बयान के बाद सामने आया है, जिसमें दावा किया गया था कि ईरान ने कुवैत और बहरीन की ओर सात बैलिस्टिक मिसाइलें दागी थीं। इससे कुछ घंटे पहले ही ईरान के चार हमलावर ड्रोनों को उनके लक्ष्यों तक पहुँचने से पहले ही मार गिराया गया था। अमेरिकी केंद्रीय कमान के अनुसार, सात में से छह मिसाइलों को बीच में ही रोक दिया गया, जबकि सातवीं मिसाइल अपने लक्ष्य तक पहुँचने में विफल रही।</p>
<p>सेंटकॉम ने स्पष्ट किया कि इस हमले में किसी भी अमेरिकी कर्मी को कोई चोट नहीं आई है। इसके साथ ही उन्होंने ईरान के उन दावों को सिरे से खारिज कर दिया, जिसमें कहा गया था कि इन हमलों में बहरीन स्थित अमेरिकी पांचवें बेड़े के मुख्यालय को नुकसान पहुँचा है। दूसरी ओर, ईरान के 'इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स' (आईआरजीसी) का कहना है कि उन्होंने हालिया अमेरिकी सैन्य कार्रवाइयों के जवाब में "दुश्मन के ठिकानों" को निशाना बनाया था। ईरान ने दावा किया कि ये हमले उन अमेरिकी अभियानों के जवाब में किए गए, जिनमें कथित तौर पर ईरान के भीतर रडार प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया गया था और होर्मुज जलडमरूमध्य के पास ईरानी ड्रोनों को मार गिराया गया था। इस नए घटनाक्रम ने अप्रैल में हुए नाजुक युद्धविराम को और कमजोर कर दिया है, साथ ही युद्ध को समाप्त करने के लिए चल रहे राजनयिक प्रयासों को भी बड़ा झटका लगा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 07 Jun 2026 13:18:52 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>सैन्य संघर्ष के 100 दिन बीते: दुनिया भर में जंग दोबारा भड़कने की आशंका से खौफ, दोनों के दरम्यान चल रहा युद्धविराम</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिका-ईरान सैन्य संघर्ष 100 दिनों पर पहुंच गया है। 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' के शुरुआती 100 घंटों में अमेरिका ने ₹31,000 करोड़ गंवाए। होर्मुज स्ट्रेट संकट से दुनिया भर में पेट्रोल-डीजल और महंगाई में भारी उछाल आया है। भारी सैन्य जनहानि के बाद अब 60 दिनों के नाजुक संघर्ष विराम पर बातचीत जारी है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/100-days-of-military-conflict-passed-ceasefire-going-on-between/article-156232"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/us2.png" alt=""></a><br /><p>वाॅशिंगटन। अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा सैन्य संघर्ष 100 दिनों तक पहुंच गया है। यह टकराव ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के नाम से जाना गया, जिसकी शुरूआत 28 फरवरी को हुई। इस युद्ध में अमेरिका और इजराइल ने संयुक्त रूप से ईरान को निशाना बनाया था, जिसके पहले ही दिन तेहरान में ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की मृत्यु हो गई। अमेरिकी थिंक टैंक सीएसआईएस की रिपोर्ट के अनुसार, युद्ध के शुरूआती 100 घंटों में ही अमेरिका का लगभग 31,000 करोड़ रुपए का भारी खर्च हुआ। </p>
<p><strong>होर्मुज का संकट</strong></p>
<p>होर्मुज स्ट्रेट तेल की वैश्विक आपूर्ति के लिए एक प्रमुख मार्ग है, जहां दोनों देशों की सेनाओं के आमने-सामने आने से ग्लोबल आॅयल क्राइसिस और मंहगाई बढ़ गई है। इस क्षेत्र में तनाव के चलते पेट्रोल-डीजल के दाम और आम इस्तेमाल के रोजमर्रा उत्पादों की कीमतों में उछाल देखा गया है। भारत सहित पूरी दुनिया में अर्थव्यवस्था पर इस युद्ध का बहुत नकारात्मक असर हुआ है। भारत में पेट्रोल, डीजल और गैस की कीमतों में भारी उछाल आया है।</p>
<p><strong>सीजफायर और शांति वार्ता</strong></p>
<p>इन 100 दिनों की गहन लड़ाई और बड़े पैमाने पर हुए नुकसान के बाद, मध्यस्थ देश अमेरिका और ईरान के बीच 60 दिन के संघर्ष विराम विस्तार समझौते को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। लेकिन इन शांति प्रयासों को मिलने वाली सफलता के बारे में कोई भी आश्वस्त नहीं है, क्योंकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प अब अनप्रीडेक्टेबल मान लिए गए हैं और कोई भी उनकी बातों या वादों पर यकीन नहीं करता। वैसे दोनों पक्षों के बीच एक नाजुक सा युद्धविराम मौजूद है, लेकिन पूरी दुनिया जंग दोबारा शुरू होने के प्रति आशंकित भी है।</p>
<p><strong>अमेरिका के 15 सैनिक मरे, 543 जख्मी</strong></p>
<p>युद्ध में अमेरिका के 15 सैनिक मारे गए और 543 सैनिक घायल हुए। जबकि इजरायल के 29 जवान और एक कांट्रैक्टर मारे गए। उसके 28 नागरिक भी ईरानी ड्रोन और मिसाइल हमलों में घायल हुए। संयुक्त अरब अमीरात के दो सैनिक और 11 नागरिक ईरानी हमलों में घायल हुए। जबकि कुवैत के चार सैनिक और सात नागरिक ईरानी हमलों में मारे गए। साथ ही उसके 78 सैनिक और 104 नागरिक घायल हुए। दूसरी ओर ईरानी दावे के अनुसार उसके 3,468 लोग युद्ध में मारे गए और 26500 घायल हुए। जबकि हजबुल्ला के एक हजार से अधिक लोग मारे गए। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 07 Jun 2026 09:51:58 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>क्यूबा पर अमेरिका का बड़ा एक्शन, राष्ट्रपति मिगुएल डियाज़-कैनेल सहित कई अधिकारियों और संस्थाओं पर लगाए कड़े प्रतिबंध</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिका ने क्यूबा पर दबाव बढ़ाते हुए राष्ट्रपति मिगुएल डियाज़-कैनेल, चार अधिकारियों और पांच संस्थाओं को प्रतिबंधित व्यक्तियों की सूची में शामिल किया है। अमेरिकी वित्त विभाग द्वारा की गई इस कार्रवाई से दोनों देशों के बीच राजनयिक और आर्थिक तनाव और अधिक बढ़ने की आशंका है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/americas-big-action-on-cuba-strict-sanctions-imposed-on-many/article-156070"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/us-cuba-1.webp" alt=""></a><br /><p>न्यूयॉर्क। अमेरिका ने क्यूबा पर दबाव बढ़ाने के लिए राष्ट्रपति मिगुएल डियाज़-कैनेल और कई अन्य लोगों एवं संस्थाओं पर प्रतिबंध लगा दिये हैं। अमेरिकी वित्त विभाग की वेबसाइट पर गुरुवार को जारी जानकारी के अनुसार विभाग ने डियाज़-कैनेल, चार अन्य लोगों और पांच संस्थाओं को विशेष रूप से नामित नागरिकों और प्रतिबंधित व्यक्तियों की सूची में शामिल किया है। डियाज़-कैनेल ने 2018 में राउल कास्त्रो की जगह क्यूबा के राष्ट्रपति का पद संभाला था।</p>
<p>मई में अमेरिकी सरकार ने क्यूबा के 11 अधिकारियों पर प्रतिबंध लगाए थे और 1996 में क्यूबा से निर्वासित लोगों से जुड़ी एक घटना को लेकर राउल कास्त्रो पर आरोप लगाए थे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 05 Jun 2026 14:10:59 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>खाड़ी में महायुद्ध की शुरुआत: ईरान के केशम द्वीप पर अमेरिकी हमला, जवाब में ईरान ने अमेरिकी सैन्य ठिकानों को बनाया निशाना</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिका द्वारा ईरानी सैन्य केंद्र और तेल टैंकर पर हेलफायर मिसाइल दागने के बाद खाड़ी में युद्ध छिड़ गया है। ईरान ने पलटवार करते हुए कुवैत और बहरीन में अमेरिकी ठिकानों पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। इस भीषण हमले में कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट को भारी नुकसान पहुंचा है और कई लोग घायल हुए हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/iran-targets-us-military-bases-in-response-to-us-attack/article-155867"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/iran-attack1.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। अमेरिका की सेना ने होर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री नाकेबंदी का उल्लंघन करने वाले एक तेल टैंकर को रोकने के कुछ ही घंटे बाद, मंगलवार रात को ईरान के रणनीतिक केशम द्वीप पर बने एक सैन्य नियंत्रण केंद्र पर हमला कर दिया। इसके जवाब में ईरान ने खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोनों से पलटवार किया। इस दौरान कुवैत के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर भी हमला हुआ, जिससे वहां भारी नुकसान हुआ है और कई लोग घायल हुए हैं। केशम द्वीप पर हमले से पहले अमेरिकी सेना ने बोत्सवाना के झंडे वाले ‘एम/टी लेक्सी’ नाम के एक सुपरटैंकर को अपने हेलफायर मिसाइल से पंगु बना दिया था। अमेरिका का दावा है कि इस टैंकर ने नाकेबंदी के नियमों को मानने से बार-बार इनकार कर दिया था।</p>
<p>अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) के मुताबिक, यह खाली जहाज ईरान के खार्ग द्वीप की ओर जा रहा था और उसने 24 घंटे के भीतर कई बार सैन्य निर्देशों को मानने से इनकार किया था। इसके बाद एक अमेरिकी विमान ने जहाज के इंजन रूम पर हेलफायर मिसाइल दागकर उसे आगे बढ़ने से रोक दिया। सेंटकॉम ने कहा, “ एक अमेरिकी विमान ने आखिरकार जहाज के इंजन रूम पर हेलफायर मिसाइल दागकर उसे निष्क्रिय कर दिया, जिससे वह ईरान नहीं पहुंच सका। ” अमेरिकी सेना के अनुसार, 13 अप्रैल को नाकेबंदी लागू होने के बाद से रोका गया यह छठा जहाज है, लेकिन अरब खाड़ी के भीतर किसी जहाज पर हमले का यह पहला मामला है।</p>
<p>ईरान ने भी इस पर बहुत तेजी से पलटवार किया। उसने कुवैत और बहरीन की तरफ बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं, जहां अमेरिकी सैनिक तैनात हैं। सेंटकॉम ने बताया कि कुवैत की ओर दागी गयी, दो मिसाइलें या तो रास्ते में ही गिर गयीं या हवा में नष्ट हो गयीं, जबकि बहरीन को निशाना बनाकर दागी गयी तीन मिसाइलों को अमेरिका और बहरीन के एयर-डिफेंस सिस्टम ने हवा में ही मार गिराया। ईरान की ‘इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स’ (आईआरजीसी) ने इस इलाके में कई हथियारबंद ड्रोन भी भेजे। सेंटकॉम का हालांकि दावा है कि आम जहाजों को नुकसान पहुंचाने से पहले ही तीन ड्रोनों को नष्ट कर दिया गया।</p>
<p>बाद में कुवैत ने पुष्टि की कि ईरान के ड्रोनों ने उसके अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हमला किया है, जिससे हवाई अड्डे की इमारत को काफी नुकसान पहुंचा है और कई लोग घायल हुए हैं। इस हमले के बाद बुधवार सुबह से वहां विमानों की आवाजाही रोक दी गयी है। प्रशासन ने हालांकि अभी तक घायल होने वाले लोगों की सही संख्या या उनकी हालत के बारे में जानकारी नहीं दी है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, कुवैत के रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल सऊद अब्दुलअज़ीज़ अल-ओतैबी ने हमले की कड़ी निंदा की और इसे ‘ईरान की आपराधिक हरकत’ करार दिया।</p>
<p>दूसरी तरफ, ईरान की आईआरजीसी ने अपनी इस कार्रवाई को सही ठहराते हुए अमेरिका को आगे तनाव न बढ़ाने की चेतावनी दी और एक बयान में कहा, “होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा से खिलवाड़ करने की अमेरिकी सेना को भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।” यह तनाव ऐसे समय में बढ़ा है, जब इस महीनों पुराने विवाद को सुलझाने की राजनयिक कोशिशें पूरी तरह नाकाम होती दिख रही हैं। कुछ दिन पहले ही अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा था कि ईरान ‘वाकई एक समझौता करना चाहता है, जो अमेरिका के हक में होगा।’ लेकिन सप्ताहांत में हुई बातचीत तब टूट गयी, जब अमेरिका ने यूरेनियम संवर्धन और ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर नई शर्तें सामने रख दीं। ईरान ने इन प्रस्तावों को सिरे से खारिज करते हुए अमेरिका पर बातचीत के दौरान अपना स्टैंड बदलने का आरोप लगाया है। ईरान के विदेश मंत्रालय ने कहा, “ अमेरिका लगातार अपना रुख बदल रहा है और नयी एवं विरोधाभासी मांगें सामने रख रहा है।”</p>
<p>इस विवाद के शुरू होने के बाद पहली बार अमेरिकी संसद (कांग्रेस) के सामने पेश हुए विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने साफ किया कि होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के बदले ईरान को प्रतिबंधों में कोई ढील नहीं दी गयी है। उन्होंने कहा कि कोई भी राहत केवल शर्तों के आधार पर होगी, जो सीधे तौर पर ईरान के परमाणु कार्यक्रम से जुड़ी होंगी। रुबियो ने यह दावा भी किया कि ‘अब युद्ध खत्म हो चुका है।’ उनका यह दावा हालांकि बुधवार के जमीनी घटनाक्रम से मेल नहीं खाता, क्योंकि खाड़ी में दोनों ओर से सैन्य हमले जारी हैं और क्षेत्र में तनाव कम होने के कोई आसार नहीं दिख रहे हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 03 Jun 2026 18:35:34 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>होर्मुज में बढ़ा युद्ध का खतरा: होर्मुज में अमेरिका और ईरान आमने-सामने, मिसाइल और ड्रोन हमलों से टूटा युद्धविराम</title>
                                    <description><![CDATA[होर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिका और ईरान के बीच भारी गोलाबारी शुरू हो गई है। ईरान ने कुवैत और बहरीन में अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइलें दागीं, जिन्हें अमेरिकी सेना (CENTCOM) ने इंटरसेप्ट कर नाकाम कर दिया। यह टकराव अमेरिकी विमान द्वारा ईरान की ओर बढ़ रहे एक टैंकर पर हेलफायर मिसाइल दागने के बाद बढ़ा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/danger-of-war-increases-in-hormuz-america-and-iran-face/article-155847"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/iran2.png" alt=""></a><br /><p>तेहरान। हॉर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर सैन्य टकराव शुरू हो गया है। ईरानी की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने दावा किया कि केश्म द्वीप पर हुए अमेरिकी हमले के जवाब में उसने कुवैत और बहरीन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। ईरान के मुताबिक, अमेरिकी नौसेना के पांचवें बेड़े के मुख्यालय, सैन्य एयरबेस और हेलीकॉप्टरों पर मिसाइलों और ड्रोन से हमले किये गये। उधर अमेरिका ने कहा है कि उसने कुवैत और बहरीन पर हुए ईरानी मिसाइल एवं ड्रोन हमलों को नाकाम कर दिया है।</p>
<p>अमेरिकी सेना की सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम )ने बताया कि कुवैत पर दागी गई दो ईरानी मिसाइलें रास्ते में ही गिर गईं या टूट गईं, जबकि बहरीन को निशाना बनाने वाली तीन मिसाइलों को अमेरिका और बहरीन के रक्षा बलों ने इंटरसेप्ट (रोक) कर लिया। इसके अतिरिक्त, कुवैत में अमेरिकी बलों को निशाना बनाने वाले छोडे़ गये असंख्य ड्रोन को बिना किसी नुकसान के निष्क्रिय कर दिया गया। इससे पहले अमेरिकी बलों ने ईरान के केश्म द्वीप पर स्थित सैन्य ठिकानों और एक ग्राउंड कंट्रोल स्टेशन पर भी हवाई हमले किये। सेंटकॉम ने यह भी जानकारी दी कि उसने क्षेत्रीय जलक्षेत्र से वैध रूप से गुजर रहे नागरिक नाविकों की ओर ईरान द्वारा लॉन्च किए गए तीन 'वन-वे अटैक ड्रोन' को हवा में ही मार गिराया।</p>
<p>दोनों तरफ से हुई इस भारी गोलाबारी ने ईरान-अमेरिका के बीच लागू युद्धविराम समझौते पर संकट गहरा गया है। सेंटकॉम के अनुसार, यह ताजा विवाद तब शुरू हुआ जब मंगलवार को अमेरिकी बलों ने अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में होर्मुज जलडमरूमध्य की अमेरिकी नाकेबंदी को तोड़ने का प्रयास कर रहे एक खाली टैंकर को रोकने की कार्रवाई की। बोत्सवाना के ध्वज वाले इस 'एम/टी लेक्सी' नामक टैंकर को चालक दल ने 24 घंटे की अवधि में बार-बार दी चेतावनियों को नजरअंदाज करने के बाद निशाना बनाया। जब यह टैंकर कुवैत के पास जलडमरूमध्य के उत्तर में स्थित ईरान के खार्ग द्वीप की ओर बढ़ रहा था, तब अमेरिकी विमान ने इसके इंजन को निष्क्रिय करने के लिए एक हेलफायर मिसाइल दागी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 03 Jun 2026 16:21:58 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>बेरूत पर हमले की इजरायली धमकी के बीच ईरान की चेतावनी, उत्तरी कब्जे वाले इलाकों को खाली करने के ​निर्देश</title>
                                    <description><![CDATA[ईरान के 'खातम अल-अंबिया हेडक्वार्टर' ने इजरायल के उत्तरी निवासियों को इलाका छोड़ने की चेतावनी दी है। प्रवक्ता अलीरेजा अब्दुल्लाही ने कहा कि यदि प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने बेरूत और दहियाह पर बमबारी की, तो ईरान जवाबी कार्रवाई करेगा। इजरायल ने हिजबुल्लाह द्वारा युद्धविराम उल्लंघन का आरोप लगाया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/irans-warning-amid-israeli-threat-of-attack-on-beirut-instructions/article-155728"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/iran-attack.png" alt=""></a><br /><p>तेहरान। ईरान ने इजरायल के कब्जे वाले उत्तरी इलाकों के लोगों को चेतावनी दी है कि अगर इजरायल ने लेबनान की राजधानी बेरूत के दक्षिणी उपनगरों पर हमला किया तो वे तुरंत यहां से निकल जाएं। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, 'खातम अल-अंबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर' की ओर से सोमवार को जारी एक बयान में कहा गया है कि इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने बेरूत के दक्षिणी उपनगर दहियाह के साथ-साथ खुद लेबनानी राजधानी पर भी बमबारी करने की धमकी दी है।</p>
<p>अंबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर' के एक वरिष्ठ सैन्य अधिकारी और प्रवक्ता अलीरेजा अब्दुल्लाही ने कहा, "इजरायली शासन की ओर से युद्धविराम के बार-बार किये जा रहे उल्लंघनों के मद्देनजर हम कब्जे वाले क्षेत्रों के उत्तरी हिस्सों और सैन्य बस्तियों के निवासियों को चेतावनी देते हैं कि अगर वे नुकसान से बचना चाहते हैं, तो उन्हें यह इलाका छोड़ देना चाहिए। यह चेतावनी इजरायली धमकी को देखते हुए दी गयी है।" इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने सोमवार को दहियाह और बेरूत पर सैन्य हमलों के आदेश दिया और कहा कि यह कार्रवाई लेबनान में हिजबुल्लाह के युद्धविराम के 'बार-बार किये गये उल्लंघनों' का जवाब है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 02 Jun 2026 16:32:49 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>यूक्रेन पर रूस का बड़ा हवाई हमला : 13 लोगों की मौत, राष्ट्रपति जेलेंस्की ने लगाई अमेरिका से मदद की गुहार</title>
                                    <description><![CDATA[रूस ने यूक्रेन पर 73 मिसाइलें और 656 ड्रोन दागकर भीषण हमला किया है, जिसमें कीव और निप्रो में 13 नागरिकों की मौत हो गई। राजधानी में बिजली गुल है और इमारतें मलबे में तब्दील हो चुकी हैं। राष्ट्रपति जेलेंस्की ने अमेरिका से तत्काल पैट्रियट मिसाइल रक्षा प्रणाली की आपूर्ति की मांग की है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/russias-major-air-attack-on-ukraine-kills-13-president-zelensky/article-155739"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/ukraine-1.png" alt=""></a><br /><p>कीव। यूक्रेन पर रूस के मिसाइल और ड्रोन हमले में कम से कम 13 लोगों की मौत हो गयी है। इनमें से नौ लोग निप्रो में और चार राजधानी कीव में मारे गये। यह हाल के महीनों में मॉस्को की ओर से किये गये सबसे बड़े हमलों में से एक है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, रात भर हुए इन हवाई हमलों में आवासीय इमारतें मलबे में तब्दील हो गयीं, जिसमें कई बच्चों सहित दर्जनों लोग घायल हुए हैं। आपातकालीन दल कीव में मलबे के नीचे दबे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए तेजी से काम कर रहा है। मंगलवार तड़के यूक्रेन के अधिकतर हिस्सों में हवाई हमले के अलर्ट जारी कर दिये गये थे।</p>
<p>मंगलवार को राजधानी कीव के केंद्र से धुएं के बड़े गुबार उठते देखे गये, जहां सैन्य प्रशासन प्रमुख ने बैलिस्टिक मिसाइलें दागे जाने की चेतावनी दी। वहीं, कीव के मेयर विटाली क्लिट्स्को ने निवासियों से शेल्टरों में ही रहने का आग्रह किया। सुबह-सुबह हुए इन हमलों के दौरान एक के बाद एक दर्जन से अधिक तेज विस्फोटों की आवाजों के बीच ड्रोनों की गूंज सुनी जा सकती थी। मेयर क्लिट्स्को ने बताया कि इस हमले के कारण एक पेट्रोल पंप, एक निर्माण स्थल, कई अपार्टमेंट ब्लॉकों और दो घरों के पास आग लग गयी। पूरे शहर में बिजली गुल होने की भी रिपोर्टें हैं।</p>
<p>रूस के रक्षा मंत्रालय ने इस कार्रवाई को यूक्रेन के पिछले हमलों का जवाब बताते हुए एक बयान में कहा कि इस 'हमले के सभी उद्देश्य' पूरे कर लिये गये हैं। पिछले हफ्ते पूर्वी यूक्रेन के कब्जे वाले हिस्से में एक छात्र छात्रावास पर हुए घातक हमले के लिए यूक्रेन को जिम्मेदार ठहराते हुए रूस ने 'व्यवस्थित हमला' शुरू करने की चेतावनी दी थी। वहीं, यूक्रेन का कहना था कि उसने रूस की एक सैन्य इकाई को निशाना बनाया था।</p>
<p>यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने सोमवार रात अपने वीडियो संबोधन में ही एक 'बड़े हमले' की आशंका जताते हुए निवासियों से हवाई हमले के अलर्ट पर विशेष ध्यान देने का आग्रह किया था। मंगलवार सुबह जेलेंस्की ने बताया कि रूस ने रात भर चले इस हमले में 656 स्ट्राइक ड्रोन और बैलिस्टिक, क्रूज व एंटी-शिप सहित विभिन्न प्रकार की 73 मिसाइलें दागी हैं। रूसी मिसाइलों को रोकने के लिए इस्तेमाल होने वाले इंटरसेप्शन हार्डवेयर का जिक्र करते हुए यूक्रेनी राष्ट्रपति ने कहा, "हमें पैट्रियट सिस्टम के लिए मिसाइलों की आपूर्ति के लिए अमेरिका से तत्काल मदद की आवश्यकता है।"</p>
<p>अमेरिका-इजराइल के ईरान के साथ जारी युद्ध के कारण पैट्रियट मिसाइलों की भारी कमी हो गयी है। पिछले साल सत्ता में आने के बाद से डोनाल्ड ट्रंप ने भी यूक्रेन को सीधी आपूर्ति रोक दी है, जिसके चलते यूक्रेन के यूरोपीय सहयोगी देश अब अमेरिका से इन्हें खरीदकर यूक्रेन भेज रहे हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 02 Jun 2026 15:31:24 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>कमर्शियल गैस सिलेंडर महंगा होने पर कांग्रेस का सरकार पर हमला, जनता की जेब पर डाका डालने का लगाया आरोप</title>
                                    <description><![CDATA[1 जून से कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दामों में ₹42 की बढ़ोतरी हुई है, जिससे दिल्ली में इसकी कीमत ₹3113.50 हो गई है। कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने इसे जनता की जेब पर डाका बताते हुए कहा कि कच्चे तेल के दाम घटने के बावजूद कीमतें बढ़ाकर सरकार 'लूट का सिलसिला' चला रही है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/congress-mp-tiwari-attacks-the-government-on-the-cost-of/article-155623"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/pramod-tiwari-i.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी होने के बाद कांग्रेस के राज्यसभा उपनेता और सांसद प्रमोद तिवारी ने केंद्र सरकार पर जनता की जेब पर डाका डालने का आरोप लगाते हुए कहा है कि एक तरफ प्रधानमंत्री मन की बात करते हैं, वहीं दूसरी तरफ उनकी सरकार गैस सिलेंडर के दाम बढ़ाकर आम लोगों पर आर्थिक बोझ डाल रही है।</p>
<p>प्रमोद तिवारी ने सोमवार को कहा कि 19 किलो वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 42 रुपये की वृद्धि कर दी गई है। इसके बाद दिल्ली में इसकी कीमत 3113.50 रुपये और कोलकाता में 3255.50 रुपये पहुंच गई है। उन्होंने यह भी कहा कि 5 किलो वाले छोटे सिलेंडर के दाम में 11 रुपये की बढ़ोतरी की गई है, जिससे छात्रों, मजदूरों और छोटे कारोबारियों पर सीधा असर पड़ेगा। कांग्रेस नेता ने कहा कि जनवरी से जून के बीच 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर की कीमत में कुल 1560 रुपये और 5 किलो वाले सिलेंडर की कीमत में 323 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। </p>
<p>उन्होंने इसे “लूट का सिलसिला” बताते हुए कहा कि सरकार लगातार जनता पर महंगाई का बोझ डाल रही है। प्रमोद तिवारी ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें 116 डॉलर प्रति बैरल से घटकर 92 डॉलर प्रति बैरल के आसपास आ गई हैं, इसके बावजूद एलपीजी के दाम बढ़ाए जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार आम जनता की जेब काट रही है और लोग इस स्थिति को भली-भांति समझ रहे हैं। उल्लेखनीय है कि गैस कंपनियों ने 1 जून से 19 किलो वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 42 रुपये की बढ़ोतरी की है। इससे पहले 1 मई को भी कमर्शियल सिलेंडरों के दाम बढ़ाए गए थे। नयी कीमतें लागू होने के बाद होटल, रेस्तरां और छोटे व्यवसायों की लागत बढ़ने की संभावना है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 01 Jun 2026 15:29:20 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>अशोक गहलोत का भाजपा सरकार पर हमला, बोले- जनता पर डबल मार कर रही डबल इंजन सरकार </title>
                                    <description><![CDATA[पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने परियोजनाओं में देरी को लेकर भाजपा सरकार को घेरा है। उन्होंने कहा कि डबल इंजन राज में देश के 1981 और राजस्थान के 53 प्रोजेक्ट्स लेट चल रहे हैं। बाड़मेर रिफाइनरी की लागत 84% बढ़कर 79,459 करोड़ पहुंच चुकी है, जिससे जनता पर आर्थिक बोझ बढ़ा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/ashok-gehlots-attack-on-bjp-government-said-double-engine/article-155609"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/ashok-ggehlot.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर: कई प्रोजेक्ट्स में देरी से लागत बढ़ने से आर्थिक भार पर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भाजपा सरकारों पर हमला बोला है। गहलोत ने कहा है कि डबल इंजन के राज में डबल इंतज़ारशास्त्र  चल रहा है। इंतज़ारशास्त्र के माध्यम से हमने राज्य सरकार को जगाने का प्रयास किया कि किस प्रकार योजनाओं और प्रोजेक्ट्स में देरी न सिर्फ सरकार बल्कि आमजन की जेब और उसको मिलने वाले लाभ पर भारी पड़ता है। मीडिया में आई  खबर दिखाती है कि इंतज़ारशास्त्र सिर्फ राजस्थान में ही नहीं बल्कि पूरे देश में चल रहा है। </p>
<p>केंद्र सरकार द्वारा चलाये जा रहे 1981 प्रोजेक्ट्स में से अधिकतर इंतज़ारशास्त्र का शिकार हैं जिसके कारण उनकी लागत 5.65 लाख करोड़ रुपए बढ़ चुकी है। प्रदेश में 81 प्रोजेक्ट्स चल रहे हैं, जिनमें से 53 प्रोजेक्ट्स लेट हैं और 10 का बजट बढ़ चुका है। राजस्थान रिफाइनरी जो 2022 में पूरी होनी थी, वह अब 2026 तक खींच दी गई है और उसकी लागत 84.23 प्रतिशत बढ़कर 79,459 करोड़ रुपए पहुंच चुकी है। यदि ये प्रोजेक्ट्स समय पर प्रारम्भ किए जाते या समय पर पूर्ण किए जाते तो 5.65 लाख करोड़ रुपए देश और प्रदेश की जनता की भलाई के काम आते। पीएम जिस डबल इंजन की बात करते हैं वो डबल इंजन जनता पर डबल मार लाता है महंगाई की, डबल भ्रष्टाचार और विकास कार्यों के डबल इंजतार की।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 01 Jun 2026 14:10:19 +0530</pubDate>
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