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                <title>मनोकामना के रूप में ले जाते हैं पांच कंकर </title>
                                    <description><![CDATA[प्राचीनकाल से श्रद्धालु अपनी मनोकामना मांगते है तथा इच्छा पूरी होने पर भेंट वगैरह भी चढ़ाते हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/they-take-five-pebbles-as-wishes/article-125242"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-08/1ne1ws-(1)91.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। शिक्षा और मेडिकल हब कहलाने वाला कोटा शहर अब सिर्फ कोचिंग और किलों के लिए ही नहीं, बल्कि अपनी धार्मिक धरोहरों व पर्यटन नगरी के लिए भी विख्यात हुआ है। इन्हीं में प्रमुख है... पाटनपोल क्षेत्र का सिंहद्वार, जहां पर विराजमान हैं मनसापूर्ण गणेश जी। यह मंदिर श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है और माना जाता है कि यहां आने वाले हर श्रद्धालु की मनोकामना अवश्य पूर्ण होती है।  मुख्य पुजारी राजेश बोहरा व मुकेश बोहरा ने बताया कि कोटा शहर का सुबह पुराना मंदिर है। प्राचीनकाल से श्रद्धालु अपनी मनोकामना मांगते है तथा इच्छा पूरी होने पर भेंट वगैरह भी चढ़ाते हैं। गणेश की सूंड दांयी तरफ है। वैसे मान्यता दोनों तरफ की भी है। उन्होंने बताया कि इस मंदिर का इतिहास काफी पुराना है। वर्तमान में यह कोटा शहर पाटनपोल में स्थित है। यह मंदिर 1612 का बना हुआ है। प्राचीन समय में उस समय चबूतरा पर स्थापित थे। इसके अंदर एक अन्य मूर्ति भी है जो रियायसतकालीन समय से ही यहां स्थापित है। इस मंदिर में मुख्य प्रतिमा मनसापूर्ण गणेश पाटनपोल ही है।</p>
<p><strong>आज भी पारंपरिक शैली में बना है मंदिर</strong><br />मंदिर पारंपरिक शैली में बना है। द्वार पर सुंदर नक्काशी और पत्थरों की कलाकृतियां देखने लायक हैं। गर्भगृह में विराजमान गणेश जी की प्रतिमा अत्यंत मनमोहक है। सुबह और शाम की आरती में जब घंटियों की ध्वनि गूंजती है, तो पूरा वातावरण भक्तिमय हो जाता है।</p>
<p><strong>गणेश चतुर्थी के दिन होते हैं विशेष कार्यक्रम</strong><br />पुजारी मुकेश बोहरा ने बताया कि इस विशेष दिन 24 घंटे मंदिर खुला रहता हैं। यहां देर रात से श्रद्धालुओं की कतारें लग जाती है। प्राचीन से  ही इसका नाम मनसापूर्ण गणेश ही है। वर्तमान में भी इसी के नाम से ही प्रसिद्ध है। मनसापूर्ण गणेश मंदिर की ख्याति कोटा क्षेत्र के अलावा अन्य राज्यों तथा विदेशों भी फैली हुई है। इस मंदिर में दूर-दराज या विदेशों से भी श्रद्धालु आते रहते हैं, ब्रिटेन व यूएसए में कोटा शहर के कई जनें रहते हैं, वो जब कोटा आते हैं पहले मंदिर आकर फिर घर जाते है। यह मंदिर सुबह 5 से  रात्रि11 बजे खुला रहता है। यहां आने वाले श्रद्धालु हमेश मनसापूर्ण गणेश के दर्शनलाभ लेते हैं। गणेश चतुर्थी के दिन मंदिर को आकर्षक फूलों से सजाया जाता है तथा पंचामृत से अभिषेक किया जाता है। उसके स्वर्ण शृंगार करते हैं। आने वाले सभी श्रद्धालु मंदिर में सजी गणेश प्रतिमा के दर्शन करते है। तथा अपना मनोकामना मांगते है। उनके इच्छी पूरी होने पर भेंट भी चढ़ाते है।</p>
<p><strong>धोबी को दिए थे सपने में दर्शन</strong><br />ऐसी किंवदती है कि भट्ट घाट पर धोबी कपड़े धोता था। उसके सपने में गणेश जी आए तब गणेश जी मूर्ति अपने कंधे पर लाकर चबूतरे पर लाकर रख दी तब यही स्थापित हो गई। उस समय काफी जंगल हुआ करता था। पहले सड़क काफी ऊंची थी। आज वर्तमान में सड़क व मंदिर का लेवल भी लगभग बराबर सा हो गया है। राजा-महाराजा से ही मनसापूर्ण गणेश जी पूजा की जा रही है। यहां आने वाले श्रद्धालु मन ही मन में अपनी मनोकामना बोल जाते हैं। जब भी मनोकामना पूरी भी होती है, वापस आकर धोक लगाकर अपनी इच्छानुसार भेंट चढ़ा जाते है।  इतिहासकार फिरोज ने राजा भोज का जिक्र भी किया है। पुराने समय में यहां मुक्तिधाम हुआ करता था। चारों तरफ जंगली इलाका था।</p>
<p><strong>बुधवार को रहती है भीड़</strong><br />मनसापूर्ण गणेश का दिन बुधवार होने के कारण सुबह से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग जाती हैं।शाम को आरती के समय पूरा पाटनपोल क्षेत्र भक्तिमय माहौल में बदल जाता है। कोटा आने वाले पर्यटक सिर्फ किला या चम्बल गार्डन ही नहीं देखते, बल्कि भीतर शहर में स्थित पाटनपोल मनसापूर्ण गणेश  मंदिर में भी दर्शन के लिए आते हैं। पाटनपोल के व्यस्त बाजार क्षेत्र में स्थित होने के कारण यहां हर समय रौनक छाई रहती है। वर्तमान युग में भी इस मंदिर की पवित्रता बनी हुई है। लोग मोबाइल और सोशल मीडिया के दौर में भी यहां पारंपरिक ढंग से पूजा-अर्चना करते हैं। यहां का ट्रस्ट नहीं है। इस मंदिर में पीढी दर पीढ़ी ही पूजा चली आ रही है। यहां अब आठवीं पीढ़ी पूजा कर रही है।  बुधवार के अलावा भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते है। यह मनसापूर्ण मंदिर आस्था और विश्वास का प्रतीक है।</p>
<p><strong>मंदिर का है ऐतिहासिक महत्व </strong><br />- सिंहद्वार कोटा के पुराने शहर का द्वार है।<br />- कहा जाता है कि नगर के रक्षार्थ और शुभता के प्रतीक के रूप में यहां मनसापूर्ण गणेश की प्रतिमा स्थापित की गई।<br />- समय के साथ यह स्थान अब मनसापूर्ण गणेश नाम से विख्यात है।<br />ल्ल स्थानीय परंपरा के अनुसार, नगर के लोग किसी भी कार्य की शुरूआत से पहले यहां मनसापूर्ण गणेश के दर्शन से करते है।</p>
<p><strong>श्रद्धालुओं में है अटूट आस्था</strong><br />- गणेश जी को विघ्नहर्ता और मंगलकारी माना जाता है।<br />- यहां आने वाले भक्त मानते हैं कि व्यापार, संतान, शिक्षा या किसी भी मनोकामना की मनसापूर्ण गणेश ही करते है।<br />- कई श्रद्धालु अपनी मनोकामना पूरी होने के बाद अपनी प्रिय चीज व भेंट भी अर्पित करते हैं।<br />- गणेश चतुर्थी पर आकर्षक फूलों व स्वर्ण शृंगार होता है।<br />- मंदिर को फूलों और रोशनियों से सजाया जाता है।<br />- विशेष स्वर्ण श्रृंगार और भव्य महाआरती का आयोजन होता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 30 Aug 2025 14:44:06 +0530</pubDate>
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                <title>अनिश्चित समय में भारत एक महत्वपूर्ण रणनीतिक साझीदार</title>
                                    <description><![CDATA[ यह पहली बार होगा जब ब्रिटेन का कोई प्रधानमंत्री भारत के पांचवे सबसे बड़े राज्य और आधे से ज्यादा ब्रिटिश-भारतीयों के घर गुजरात का दौरा करेगा। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/india-an-important-strategic-partner-in-uncertain-times--prime-minister-johnson-will-visit-india-on-21st-on-a-two-day-visit/article-8073"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-04/modi-boris-johnson-on-.jpg" alt=""></a><br /><p>लंदन/नई दिल्ली। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की से कीव में मुलाकात के कुछ दिनों बाद एक प्रमुख आर्थिक शक्ति और अनिश्चित समय में ब्रिटेन के एक अत्यधिक मूल्यवान रणनीतिक भागीदार के साथ संबंधों को बेहतर बनाने के लिए भारत यात्रा पर आ रहे हैं। ब्रितानी प्रधानमंत्री के कार्यालय 10 डाउनिंग स्ट्रीट ने एक बयान में कहा कि वैश्विक आर्थिक चुनौतियों और  निरंकुश देशों से खतरों की स्थिति में एक प्रमुख साथी लोकतंत्र  के साथ शांति एवं समृद्धि के लिए हमारी दीर्घकालिक साझेदारी को और गहरा करने के वास्ते प्रधानमंत्री जॉनसन इस सप्ताह भारत का दौरा करेंगे। प्रधानमंत्री जॉनसन 21 अप्रैल को अहमदाबाद से अपनी भारत यात्रा की शुरुआत करेंगे, जहां वह प्रमुख व्यवसाइयों से मिलकर प्रमुख उद्योगों में बड़े निवेश की घोषणा कर सकते हैं। यह पहली बार होगा जब ब्रिटेन का कोई प्रधानमंत्री भारत के पांचवे सबसे बड़े राज्य और आधे से ज्यादा ब्रिटिश-भारतीयों के घर गुजरात का दौरा करेगा।</p>
<p>वह इस यात्रा में इस साल शुरू हुई मुक्त व्यापार समझौते की वार्ता में प्रगति को आगे बढ़ाएंगे। भारत के साथ एक समझौता 2035 तक हमारे कुल व्यापार को सालाना 28 अरब पाउंड तक बढ़ा सकता है, जिससे पूरे ब्रिटेन में आय में तीन अरब पाउंड तक की वृद्धि होगी। जॉनसन शुक्रवार 22 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने के लिए नयी दिल्ली की यात्रा करेंगे, जहां दोनों नेता द्विपक्षीय सामरिक रक्षा, राजनयिक और आर्थिक साझेदारी पर गहन बातचीत करेंगे। प्रधानमंत्री जॉनसन ने एक बयान में कहा कि ऐसे समय में जब निरंकुश देश हमारी शांति और समृद्धि के लिए खतरा बने हुए हैं, यह महत्वपूर्ण है कि लोकतांत्रिक और मित्र देश एकजुट होकर रहें। एक प्रमुख आर्थिक शक्ति और दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के रूप में भारत इस अनिश्चित समय में ब्रिटेन के लिए एक अत्यधिक मूल्यवान रणनीतिक भागीदार है। उन्होंने कहा कि मेरी भारत यात्रा के दौरान  रोजगार सृजन और आर्थिक विकास से लेकर ऊर्जा सुरक्षा और रक्षा तक उन सभी मुद्दों पर काम किया जायेगा, जो दोनों देशों के लोगों के लिए वास्तव में महत्वपूर्ण हैं। पिछले साल, दोनों प्रधानमंत्रियों ने ब्रिटेन-भारत व्यापक रणनीतिक साझेदारी पर सहमति व्यक्त की थी, जिसमें ब्रिटेन में 53 करोड़ पाउंड से अधिक के निवेश की घोषणा की गई तथा व्यापार, स्वास्थ्य, जलवायु, रक्षा और सुरक्षा क्षेत्र में द्विपक्षीय संबंध प्रगाढ़ बनाने की प्रतिबद्धता व्यक्त की। बयान में कहा गया कि भारतीय कंपनियों की ओर से किए गए निवेश से पहले से ही ब्रिटेन में 95,000 नौकरियों का समर्थन होता है, जिसे आगामी घोषणाओं और भविष्य के मुक्त व्यापार सौदे से बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 18 Apr 2022 14:56:26 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मोटर व्हीकल एसआई भर्ती परीक्षा का परिणाम घोषित </title>
                                    <description><![CDATA[197 पदों के लिए तीन गुना यानी 601 परीक्षार्थी सफल, अब फिजिकल टेस्ट के आधार पर होगा फाइनल चयन]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur--news--motor-vehicle-si-recruitment-exam-result-declared--three-times-i-e--601-candidates-successful-for-197-posts--now-physical-final-selection-will-be-on-the-basis-of-test/article-7557"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-04/asi.jpg" alt=""></a><br /><p> जयपुर। राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड, जयपुर ने बुधवार को मोटर व्हीकल सब इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा का रिजल्ट जारी कर दिया है। 197 पदों के लिए हुई भर्ती परीक्षा में 3 गुना से अधिक (601) परीक्षार्थियोंं का चयन हुआ है, जिन्हें मेडिकल और फिजिकल टेस्ट और डॉक्यूमेंट वैरिफिकेशन के बाद मेरिट के आधार पर फाइनल चयन किया जाएगा, इनमें से 168 पदों पर सामान्य जबकि 29 पदों पर अनुसूचित क्षेत्र के अभ्यर्थियों को पोस्टिंग दी जाएगी। गौरतलब है कि मोटर व्हीकल सब इंस्पेक्टर के 197 पदों के लिए दिसंबर में आवेदन की प्रक्रिया शुरू हुई थी, जो 3 जनवरी तक चली थी। इसके बाद 12 और 13 फरवरी को संभाग स्तर पर भर्ती परीक्षा हुई।</p>
<p><br /><strong> यह होना जरूरी</strong><br />भर्ती के लिए उम्मीदवार की फिजिकल फिटनेस भी काफी जरूरी है। अभ्यर्थी की ऊंचाई 168 सेंटीमीटर होनी चाहिए, जबकि सीना बिना फुलाए 81 सेंटीमीटर और फुलाने पर 86 सेंटीमीटर से कम नहीं होना चाहिए। राज्य सरकार द्वारा लागू सातवें वेतनमान के अनुसार मोटर व्हीकल सब इंस्पेक्टर को पे-मैट्रिक्स लेवल 10 के आधार पर सैलरी दी जाएगी। हालांकि प्रोबेशन पीरियड के दौरान सरकार की गाइडलाइन के अनुसार सैलरी दी जाएगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>शिक्षा जगत</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 07 Apr 2022 15:11:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>हाल-ए-एसएमएस अस्पताल... जरूरत 350 सीसीटीवी की, काम कर रहे हैं 70 कैमरे</title>
                                    <description><![CDATA[130 कैमरे लगे, लेकिन किसी काम के नहीं]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/hall-e-sms-hospital----needed-350-cctv-cameras--70-cameras-working--how-will-the-crime-stop--the-third-eye-is-only-four-times-worse--the-criminals-commit-the-crime-to-the-victim-of-the-disease-manifold-pain/article-6934"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/sms.jpg" alt=""></a><br /><p> जयपुर। प्रदेश ही नहीं, बल्कि आसपास के कई राज्यों के मरीजों का भार संभाल रहा सवाई मानसिंह अस्पताल खुद लचर सुरक्षा व्यवस्था जैसी बड़ी बीमारी से ग्रसित है। यहां दूरदराज से ज्यादातर गरीब तबके के मरीज इलाज के लिए आते हैं, लेकिन यहां उन्हें कभी जेब कटने, मोबाइल चोरी होने तो कभी वाहन चोरी होने जैसी घटनाओं का सामना करना पड़ता है। अस्पताल में मरीज के परिजनों और डॉक्टर्स तथा अन्य स्टाफ के साथ ऐसी घटनाएं अब आम हो गई हैं। इसके बाद भी अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्था में कोई सुधार नहीं हो रहा।</p>
<table style="width:602px;">
<tbody>
<tr style="height:41px;">
<td style="width:64.3333px;height:41px;"><strong>.</strong></td>
<td style="width:535.667px;height:41px;"> 130 कैमरे लगे, लेकिन किसी काम के नहीं</td>
</tr>
<tr style="height:41px;">
<td style="width:64.3333px;height:41px;"><strong>.</strong></td>
<td style="width:535.667px;height:41px;">पुलिस ने एसएमएस प्रशासन को सौंपा वाहन और मोबाइल चोरी रोकने का मास्टर प्लान</td>
</tr>
<tr style="height:41px;">
<td style="width:64.3333px;height:41px;"><strong>.</strong></td>
<td style="width:535.667px;height:41px;"> सुरक्षा में तैनात गार्ड भी नाकाफी, 300 गार्ड भी हैं कम</td>
</tr>
</tbody>
</table>
<p><span style="color:#ff0000;background-color:#ffff99;"><strong>एक नजर में वारदात</strong></span><br />पुलिस की ओर से तैयार रिपोर्ट की बात करें तो 18 अगस्त, 2021 से लेकर 31 दिसम्बर, 2021 तक कुल 512 मोबाइल और 52 बाइक चोरी हुई। वहीं 2022 में एक जनवरी, 2022 से लेकर 21 फरवरी तक 150 मोबाइल और 15 बाइक चोरी हुई। एसएमएस के गेट नम्बर एक से लेकर 6 नम्बर के बीच में सबसे ज्यादा वाहन चोरी होते हैं। चोर मास्क लगाकर आते हैं और आसानी से वारदात करते हैं। मास्क से भी पुलिस को वाहन चोर पकड़ने में मशक्कत करनी पड़ती है।</p>
<table style="width:602px;">
<tbody>
<tr>
<td style="width:599px;text-align:center;" colspan="2"><span style="background-color:#ffff99;color:#ff0000;"><strong>वर्तमान में सुरक्षा व्यवस्था</strong></span></td>
</tr>
<tr>
<td style="width:66.2667px;">1.</td>
<td style="width:532.733px;">करीब 200 सीसीटीवी लगे हैं, जिनमें से 70 कैमरे ही काम कर रहे हैं।</td>
</tr>
<tr>
<td style="width:66.2667px;">2.</td>
<td style="width:532.733px;">अस्पताल के मुख्य द्वारों पर कोई भी कैमरा और गार्ड नहीं हैं।</td>
</tr>
<tr>
<td style="width:66.2667px;">3.</td>
<td style="width:532.733px;">वर्तमान में एसएमएस की सुरक्षा के लिए निजी कम्पनी के 423 गार्ड हैं। इसके साथ ही 56 गार्ड एक्स-आर्मी मैन हैं।</td>
</tr>
</tbody>
</table>
<table style="width:602px;">
<tbody>
<tr>
<td style="width:74.3333px;text-align:center;" colspan="2"><strong><span style="background-color:#ffff99;color:#ff0000;">यह होना चाहिए</span></strong></td>
</tr>
<tr>
<td style="width:74.3333px;">1.</td>
<td style="width:525.667px;">पूरे अस्पताल की सुरक्षा के हिसाब से 350 सीसीटीवी अतिआवश्यक हैं।</td>
</tr>
<tr>
<td style="width:74.3333px;">2.</td>
<td style="width:525.667px;">हाल में तैनात गार्ड के अलावा 100 गार्ड्स की और तैनाती की जाए तो सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता हो सकती है।</td>
</tr>
</tbody>
</table>
<p><span style="background-color:#ffff99;color:#ff0000;"><strong>सबसे ज्यादा भीड़ वहां भी सुरक्षा नहीं</strong></span><br />हर रोज एसएमएस के गेट नम्बर-4 जहां धनवंतरी ओपीडी है यहां पर सबसे ज्यादा भीड़ आती है। पुलिस की रिपोर्ट के अनुसार यहां पर गार्ड और सीसीटीवी कैमरे नहीं है। इसी गेट पर महावीर विकलांग समिति है, जिसके बाहर गार्ड व सीसीटीवी कैमरे नहीं है।<br /><br />अस्पताल में कैमरों और गार्ड की संख्या जल्द ही बढ़ाई जाएगी। पुलिस प्रशासन से भी बात हो गई है। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत कर मरीजों और स्टाफ के साथ हो रही चोरी की घटनाओं पर लगाम लगाने का पूरा प्रयास किया जाएगा। <br />-<strong>डॉ. विनय मल्होत्रा, अधीक्षक, एसएमएस अस्पताल</strong><br /><br />एसएमएस में हो रही वाहन चोरी, मोबाइल छीनने और पर्स निकालने जैसी वारदातों को रोकने के लिए एक प्लान एसएमएस प्रशासन को सौंपा है, इसमें हर वारदात के हॉट स्पॉट को बताते हुए उन्हें रोकने के सुझाव भी दिए हैं। यदि यह प्लान लागू होता है तो काफी हद तक वारदातें रोकी जा सकेंगी। <br />-<strong>नवरतन धौलिया, थाना प्रभारी, एसएमएस</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 29 Mar 2022 12:56:48 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>आवासन मण्डल : सम्पत्तियां खरीदने की अब भी होड़, चार गुना अधिक दर पर बिके भूखंड</title>
                                    <description><![CDATA[<p>जयपुर। कोरोनाकाल की मंदी के दौर से अभी लोग उभर नहीं पाए है, लेकिन राजस्थान आवासन मंडल की जमीनों की खरीद के लिए लोगों में अब भी क्रेज है।</p>
<p><br />प्रताप नगर जयपुर में निर्धारित दर से चार गुना अधिक दर पर खरीदारों ने भूखंड लिए हैं। गत एक माह में 805 सम्पत्तियां के बिकने से मंडल को 80 करोड़ 15 लाख रु. से अधिक का राजस्व मिला। वहीं आगामी बुधवार से जोधपुर की कुड़ी भगतासनी योजना में एक हजार आवास 50 प्रतिशत की छूट पर बिक्री के लिए उपलब्ध होंगे। यह आवास 156 किश्तों पर आवंटित होंगे और खरीदार 10</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/--housing-board--still-competing-to-buy-properties--plots-sold-at-four-times-higher-rate/article-5951"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/rhb.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। कोरोनाकाल की मंदी के दौर से अभी लोग उभर नहीं पाए है, लेकिन राजस्थान आवासन मंडल की जमीनों की खरीद के लिए लोगों में अब भी क्रेज है।</p>
<p><br />प्रताप नगर जयपुर में निर्धारित दर से चार गुना अधिक दर पर खरीदारों ने भूखंड लिए हैं। गत एक माह में 805 सम्पत्तियां के बिकने से मंडल को 80 करोड़ 15 लाख रु. से अधिक का राजस्व मिला। वहीं आगामी बुधवार से जोधपुर की कुड़ी भगतासनी योजना में एक हजार आवास 50 प्रतिशत की छूट पर बिक्री के लिए उपलब्ध होंगे। यह आवास 156 किश्तों पर आवंटित होंगे और खरीदार 10 प्रतिशत राशि जमा करवाकर अपने घर का सपना पूरा कर सकेगा।</p>
<p><br />आवासन आयुक्त पवन अरोड़ा ने बताया कि मण्डल की रियल स्टेट मार्केट में चमक बरकरार है। गत एक माह में मण्डल की 805 सम्पत्तियां बिकी। इसमें मण्डल की 26 प्रीमियम सम्पत्तियां ई आॅक्शन के माध्यम से बिकी, जिससे मण्डल को 62 करोड़ 96 लाख रु. का राजस्व मिला। बुधवार नीलामी उत्सव ई बिड सबमिशन योजना में गत एक माह में 779 सम्पत्तियां बिकी, जिससे 17 करोड़ 19 लाख रु. मिले।</p>
<p><br />अरोड़ा ने बताया कि जयपुर वृत्त प्रथम, द्वितीय और तृतीय में 196 सम्पत्तियों से 21.77 करोड़ रुपए, जोधपुर वृत्त प्रथम और द्वितीय में 110 सम्पत्तियों से 14.24 करोड़ रुपए, कोटा वृत्त में 28 सम्पत्तियां से 4.47 करोड़ रुपए, बीकानेर वृत्त में 331 सम्पत्तियों से 21.38 करोड रुपए, उदयपुर वृत्त में 120 सम्पत्तियों से 14.33 करोड रुपए और अलवर वृत्त में 20 सम्पत्तियों के बिकने से मण्डल को 3.97 करोड़ रुपए का राजस्व मिला।</p>
<p><br /><strong>जयपुर के 3 प्रीमियम सम्पत्तियों के ऑक्शन से मिला 37 करोड का राजस्व</strong><br />आयुक्त ने बताया कि मण्डल की इंदिरा गांधी नगर और प्रताप नगर योजना में स्थित 3 बडेÞ व्यावसायिक भूखंड 37 करोड़ में बिके, जिनमें प्रताप नगर में 2 भूखण्ड जो कि पेट्रोल पम्प के लिए आरक्षित थे और जिनका न्यूनतम बोली मूल्य 42 हजार और 44 हजार रुपए था। रिलायंस और इण्डियन ऑयल जैसी कम्पनियों ने इनको चार गुना कीमत में खरीदा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 11 Mar 2022 13:12:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>दूसरी लहर से 902 गुना तेज रफ्तार से फैल रहा कोरोना, जयपुर में 2549 नए रोगी, अलवर, जोधपुर, उदयपुर, बीकानेर, भरतपुर में भी </title>
                                    <description><![CDATA[भयावह संक्रमण : 10 हजार से ज्यादा संक्रमित, 3 मौतें, तब शुरुआती एक माह में 13366 केस थे, अब 15 दिन में ही 62,200 संक्रमित
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%A6%E0%A5%82%E0%A4%B8%E0%A4%B0%E0%A5%80-%E0%A4%B2%E0%A4%B9%E0%A4%B0-%E0%A4%B8%E0%A5%87-902-%E0%A4%97%E0%A5%81%E0%A4%A8%E0%A4%BE-%E0%A4%A4%E0%A5%87%E0%A4%9C-%E0%A4%B0%E0%A4%AB%E0%A5%8D%E0%A4%A4%E0%A4%BE%E0%A4%B0-%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%AB%E0%A5%88%E0%A4%B2-%E0%A4%B0%E0%A4%B9%E0%A4%BE-%E0%A4%95%E0%A5%8B%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A4%A8%E0%A4%BE--%E0%A4%9C%E0%A4%AF%E0%A4%AA%E0%A5%81%E0%A4%B0-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-2549-%E0%A4%A8%E0%A4%8F-%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A4%97%E0%A5%80--%E0%A4%85%E0%A4%B2%E0%A4%B5%E0%A4%B0--%E0%A4%9C%E0%A5%8B%E0%A4%A7%E0%A4%AA%E0%A5%81%E0%A4%B0--%E0%A4%89%E0%A4%A6%E0%A4%AF%E0%A4%AA%E0%A5%81%E0%A4%B0--%E0%A4%AC%E0%A5%80%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A5%87%E0%A4%B0--%E0%A4%AD%E0%A4%B0%E0%A4%A4%E0%A4%AA%E0%A5%81%E0%A4%B0-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%AD%E0%A5%80/article-3998"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-01/36.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान में शुक्रवार को 10307 कोरोना केस मिले हैं, वहीं जोधपुर, दौसा और उदयपुर में 1-1 व्यक्ति की मौत हुई है। संक्रमण तीसरी लहर में कितनी तेज गति से बढ़ रहा है, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि दूसरी लहर की शुरुआत में 1 से 31 मार्च, 2021 में कुल 13366 केस आए थे, लेकिन अभी 16 दिन में ही 62,200 लोग कोरोना से संक्रमित हो चुके हैं। तब रोजाना का औसत 431 केस था, लेकिन अभी यह उसका 902 फीसदी ज्यादा यानी 3887 केस प्रतिदिन है यानी संक्रमण 902 गुना तेज रफ्तार से फैल रहा है। वहीं अब रोजाना मौतें हो रही हैं। प्रदेश में अब तक कुल मौतें 8991 हो चुकी हैं। </p>
<p><br />प्रदेश में शुक्रवार को कुल 73279 जांचें हुई, जिनमें 10307 यानी हर सौ जांच में 14 से ज्यादा संक्रमित मिल रहे हैं। जयपुर में 14121 जांचों में 2549 यानी हर सौ जांच में 18 संक्रमित मिल रहे हैं। अलवर में भी हालात अत्यंत खराब हैं। यहां 1027 नए केस एक दिन में आए हैं। जोधपुर, उदयपुर, बीकानेर, भरतपुर में भी कोरोना विकराल हो रहा है, इन जिलों में 801 से 576 तक केस हैं। वहीं हनुमानगढ़, अजमेर, कोटा, बाड़मेर, चित्तौड़गढ़, भीलवाड़ा में 400 से कम लेकिन 200  से ज्यादा मामले आए हैं। <br /><strong><br />रिकवरी केवल 16.56 फीसदी</strong><br />एक जनवरी से अब तक 61786 केस आए हैं, इनमें से केवल 10233 यानी 16.56 फीसदी ही रिकवरी है। इसके चलते एक्टिव केस 1247 जो थे, उनमें 51526 बढ़ोतरी होकर 52773 एक्टिव केस हो गए हैं। <br /><br /><strong>किस जिले में कितने नए रोगी</strong><br />जयपुर-2549, अलवर-1027, जोधपुर-801, उदयपुर-735, बीकानेर-615, भरतपुर-576, हनुमानगढ़-388, अजमेर-382, कोटा-348, बाड़मेर-268, चित्तौड़गढ़-240, भीलवाड़ा-213, सवाईमाधोपुर-195, पाली-190, जैसलमेर-174, सीकर-161, डूंगरपुर-143, चूरू-141,  झालावाड़-124, राजसमंद-122, सिरोही-105, गंगानगर-104, बांसवाड़ा-100, दौसा-99, बारां-97, प्रतापगढ़-84, झुंझुनूं-75, धौलपुर-71, टोंक-70, नागौर-64, बूंदी-41, करौली-5, जालौर में कोई नया रोगी नहीं। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 15 Jan 2022 12:53:12 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
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                <title>‘हिल फोर्ट्स ऑफ राजस्थान’ का सर्टिफिकेट ‘लापता’!</title>
                                    <description><![CDATA[राज्य पुरातत्व विभाग ने एएसआई से कई बार पत्र के जरिए मांगी सर्टिफिकेट की प्रति]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E2%80%98%E0%A4%B9%E0%A4%BF%E0%A4%B2-%E0%A4%AB%E0%A5%8B%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%9F%E0%A5%8D%E0%A4%B8-%E0%A4%91%E0%A4%AB-%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%9C%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%A5%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E2%80%99-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%B8%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%9F%E0%A4%BF%E0%A4%AB%E0%A4%BF%E0%A4%95%E0%A5%87%E0%A4%9F-%E2%80%98%E0%A4%B2%E0%A4%BE%E0%A4%AA%E0%A4%A4%E0%A4%BE%E2%80%99/article-3392"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-12/24.jpg" alt=""></a><br /><p> जयपुर। यूनेस्कों ने साल, 2013 में प्रदेश के 6 फोर्ट्स को वर्ल्ड हेरिटेज मॉन्यूमेंट्स की लिस्ट में शामिल किया था। ‘हिल फोर्ट्स ऑफ राजस्थान’ के तहत राजस्थान के पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग के दो एवं भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग के 4 फोर्ट्स को चयनित किया गया था। इनमें आमेर महल (पुरातत्व विभाग), गागरौन फोर्ट (पुरातत्व विभाग), कुंभलगढ़ फोर्ट (एएसआई), चित्तौड़गढ़ फोर्ट (एएसआई), जैसलमेर फोर्ट (एएसआई) और रणथम्भौर फोर्ट (एएसआई) शामिल हैं। पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग ने कई बार दिल्ली स्थित भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग के मुख्यालय को पत्र लिखकर हिल फोर्ट्स ऑफ राजस्थान के सर्टिफिकेट की प्रति उपलब्ध करवाने की बात कही, लेकिन दिल्ली स्थित एएसआई मुख्यालय से पुरातत्व विभाग को कोई जवाब नहीं दिया गया है।</p>
<p><br /> दैनिक नवज्योति संवाददाता ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग के जयपुर सर्किल और जोधपुर सर्किल के अधिकारियों से हिल फोर्ट्स ऑफ राजस्थान के सर्टिफिकेट की प्रति उपलब्ध होने की बात पूछी तो कमाल की बात ये है कि दोनों सर्किलों के पास भी सर्टिफिकेट की प्रति नहीं है। जबकि विभाग के ही अधिकारियों का कहना था कि सर्टिफिकेट की प्रति सर्किलों के पास भी होनी चाहिए थी। <br /> <br /> गागरौन फोर्ट हिल फोर्ट्स ऑफ राजस्थान की सूची में शामिल है। लेकिन हमारे पास यूनेस्को की ओर से दिए गए सर्टिफिकेट के प्रति तक नहीं है। इसकी प्रति प्राप्त करने के लिए कई बार निदेशालय स्तर से भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग के दिल्ली स्थित मुख्यालय को निदेशालय स्तर से पत्र लिखा गया है, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला है। - <strong>उमराव सिंह, वृत अधीक्षक, कोटा वृत कोटा</strong><br /> <br /> सर्टिफिकेट की प्रति प्राप्त करने के लिए कई बार पत्र लिखे गए हैं। साथ ही निदेशालय स्तर पर एएसआई के दिल्ली मुख्यालय को पत्र लिखा गया है, लेकिन अभी तक सर्टिफिकेट की प्रति उपलब्ध नहीं हुई है। - <strong>डॉ. पंकज धरेन्द्र, अधीक्षक, आमेर महल<br /> </strong><br /> जयपुर सर्किल में रणथम्भौर दुर्ग आता है। ये भी साल, 2013 में यूनेस्को की वर्ल्ड हेरिटेज मॉन्यूमेंट्स की हिल फोर्ट्स ऑफ राजस्थान की सूची में शामिल हुआ था। उस सर्टिफिकेट की प्रति हमारे पास नहीं है। दिल्ली स्थित एएसआई मुख्यालय से ही इस संबंध में जानकारी मिल सकती है। -<strong>डॉ. प्रवीण सिंह, अधीक्षण पुरातत्वविद्, जयपुर सर्किल, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग<br /> </strong><br /> यूनेस्को की ओर से हिल फोर्ट्स ऑफ राजस्थान में शामिल किले-महलों के सर्टिफिकेट की प्रति हमारे पास नहीं है। रिकॉर्ड चैक करके बता पाउंगा। -<strong>डॉ. बिरी सिंह, अधीक्षण पुरातत्वविद्, जोधपुर सर्किल, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग</strong></p>
<p><strong><br /> 4 बार पत्र लिखे, जवाब एक का नहीं मिला</strong><br /> राजस्थान पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग से मिली जानकारी के अनुसार सर्टिफिकेट की प्रति भिजवाने के लिए एएसआई को करीब 4 बार पत्र भेजे गए हैं, लेकिन विभाग ने एक पत्र का भी जवाब नहीं भेजा है। पुरातत्व विभाग के तत्कालीन निदेशक प्रकाश चन्द शर्मा ने सितम्बर, 2021 में भी पत्र भेजा था। अधिकारियों के अनुसार यूनेस्को की ओर से जारी सिक्स हिल्स आॅफ फोर्ट की सूची में पुरातत्व विभाग के अधीन आने वाले आमेर महल और गागरौन फोर्ट भी चयनित हुए थे, तो कम से कम यूनेस्को की ओर से दिए गए सर्टिफिकेट की प्रति विभाग के पास होनी चाहिए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 21 Dec 2021 12:25:46 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
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                <title>ओमिक्रॉन संक्रमण पर अलर्ट रहें : संक्रमण दर छह गुना, तेजी से फैलने की आशंका इसलिए अस्पतालों को भी तैयार रखें</title>
                                    <description><![CDATA[क्योंकि कम इम्युनिटी-कोर्मोबेडिटी और उम्रदराज लोगों को पड़ सकती है चिकित्सा की जरूरत]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%93%E0%A4%AE%E0%A4%BF%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%89%E0%A4%A8-%E0%A4%B8%E0%A4%82%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%AE%E0%A4%A3-%E0%A4%AA%E0%A4%B0-%E0%A4%85%E0%A4%B2%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%9F-%E0%A4%B0%E0%A4%B9%E0%A5%87%E0%A4%82---%E0%A4%B8%E0%A4%82%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%AE%E0%A4%A3-%E0%A4%A6%E0%A4%B0-%E0%A4%9B%E0%A4%B9-%E0%A4%97%E0%A5%81%E0%A4%A8%E0%A4%BE--%E0%A4%A4%E0%A5%87%E0%A4%9C%E0%A5%80-%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%AB%E0%A5%88%E0%A4%B2%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%86%E0%A4%B6%E0%A4%82%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%87%E0%A4%B8%E0%A4%B2%E0%A4%BF%E0%A4%8F-%E0%A4%85%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%AA%E0%A4%A4%E0%A4%BE%E0%A4%B2%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%AD%E0%A5%80-%E0%A4%A4%E0%A5%88%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%B0-%E0%A4%B0%E0%A4%96%E0%A5%87%E0%A4%82/article-3143"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-12/corona-mks1.jpg" alt=""></a><br /><p> जयपुर। अमेरिका और ब्रिटेन में कोविड तेजी से फिर फैल रहा है। अस्पतालों में हालात खराब हैं। चिकित्सा सेवाएं भी चरमराई है। कोरोना के नए वेरिएंट ओमिक्रॉन की संक्रमण दर चूंकि पुराने डेल्टा वेरिएंट से भी छह गुना ज्यादा है। ऐसे में इससे तीसरी लहर आई तो संक्रमण तेजी से फैलने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि एक्सपर्ट अब तक की रिसर्च में इसे कम घातक बताते रहे हैं, लेकिन कम इम्यूनिटी, कोर्मोबेडिटी और उम्रदराज लोगों की जनसंख्या काफी है। जिन्हें यह बीमार कर अस्पताल पहुंचा सकता है। ऐसे में जनसंख्या के अनुपात में इस श्रेणी के लोग संक्रमित हुए तो अस्पतालों में भी हालात दूसरी लहर के समान हो सकते हैं। चिकित्सा सेवाएं बिगड़ने की भी आशंका है। ऐसे में विशेषज्ञ अस्पतालों को अभी से तैयार रहने और सभी को सावधान व कोविड प्रोटोकॉल का पालन करने की हिदायत दे रहे हैं। क्योकिं चिकित्सा सेवाएं चरमराई तो मौतें भी बढ़ सकती है।<br /> <br /> <strong>मास्क-वैक्सीनेशन क्यों जरुरी : लक्षण विहीन मरीज ज्यादा खतरनाक</strong><br /> एक्सपर्ट का मानना है कि ओमिक्रॉन के कम घातक होने के बावजूद यह ज्यादा खतरनाक इसलिए है क्योंकि इसके अधिकांश मरीजों के लक्षण विहीन यानी असिम्टोमेटिक रहने का अंदेशा है। ऐसे में अगर स्वस्थ्य लोगों के बीच रहेंगे तो डेल्टा वेरिएंट के मुकाबले कई गुना को संक्रमण का शिकार बना देंगे। इसलिए जरूरी है कि सभी मास्क लगाएं। खुद को फुल वैक्सीनेट करें। ताकि लक्षण विहीन मरीज भीड़-भाड़ या स्वस्थ्य व्यक्ति के संपर्क में आएं तो संक्रमित होने की आशंकाएं कम रहे। <br /> <br /> पहले से ही कह रहे हैं कि उम्रदराज, कोर्मोबेडिटी वाले लोगों को यह बीमार कर सकता है। ऊपर से चिंताजनक यह है कि संक्रमण दर छह गुना है। इसलिए अस्पताल में मरीज भी बढ़ सकते हैं। अस्पताल पूरी तरह तैयार रहे, चिकित्सा सेवाओं को दुरूस्त रखना जरुरी है। -<strong>डॉ. वीरेन्द्र सिंह, सीएम सलाहकार समिति, सीनियर फिजिशियन</strong> <br /> <br /> ओमिक्रॉन वेरिएंट की संक्रमण दर छह गुना ज्यादा है। तेजी से फैलने का अंदेशा इसलिए ज्यादा है। तय है कि फैला तो अस्पतालों में कम इम्यूनिटी, कोर्मोबेडिटी, उम्रदराज लोग ज्यादा बीमार होकर पहुंचेंगे। इसलिए संभल कर रहे। भीड़-भाड़ से बचे। मास्क तो जरूर लगाएं। वैक्सीनेशन की दोनों डोज भी लें। -<strong>डॉ. सीएल नवल, सीनियर फिजिशियन, एसएमएस अस्पताल </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 14 Dec 2021 12:31:55 +0530</pubDate>
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                <title>धनतेरस पर विशेष तैयारी के साथ करें पूजा</title>
                                    <description><![CDATA[धन के देवता के मंत्र, पूजा के मुहूर्त, आरती, तस्वीर और पूजा विधि पहले से तैयार रखें ताकि उस दिन सब समय पर उपलब्ध हो सके।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%A7%E0%A4%A8%E0%A4%A4%E0%A5%87%E0%A4%B0%E0%A4%B8-%E0%A4%AA%E0%A4%B0-%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%B6%E0%A5%87%E0%A4%B7-%E0%A4%A4%E0%A5%88%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%A5-%E0%A4%95%E0%A4%B0%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%AA%E0%A5%82%E0%A4%9C%E0%A4%BE/article-2061"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-11/k1.jpeg.jpg" alt=""></a><br /><div style="color:#000000;font-family:Arial, Verdana, sans-serif;font-size:20px;">घर के हर कोने से धूल मिट्टी गर्द आदि सब निकाल कर बाहर करें। घर को जितना हो सके फूलों और रंगबिरंगी चीजों से सजाएं, विशेषकर द्वार, आंगन और ड्राइंग रूम,रंगों से सजी रंगोली का इस दिन विशेष महत्व है। हैप्पी चटख और सुंदर कलर की रंगोली बनाएं। काले और मटमैले कलर से बचें।</div>
<div style="color:#000000;font-family:Arial, Verdana, sans-serif;font-size:20px;"> </div>
<div style="color:#000000;font-family:Arial, Verdana, sans-serif;font-size:20px;">धन के देवता के मंत्र, पूजा के मुहूर्त, आरती, तस्वीर और पूजा विधि पहले से तैयार रखें ताकि उस दिन सब समय पर उपलब्ध हो सके।</div>
<div style="color:#000000;font-family:Arial, Verdana, sans-serif;font-size:20px;"> </div>
<div style="color:#000000;font-family:Arial, Verdana, sans-serif;font-size:20px;">इस दिन बर्तन, सिक्के, सोना, चांदी, रत्न,गहने, वाहन, इलेक्ट्रॉनिक वस्तुएं आदि खरीदने का महत्व है। पर्व से पहले ही पूरा परिवार राजी खुशी मिलकर तय कर लें कि इस बार क्या लाना है,और पहले से ही मानस भी बना लें और उससे संबंधित सर्च भी कर लें,जो भी वस्तु लाएं उसे खुशी खुशी लेकर आएं, किसी तरह का तनाव, क्लेश न हो और जितना हैसियत हो उतना ही खर्च करें।</div>
<div style="color:#000000;font-family:Arial, Verdana, sans-serif;font-size:20px;"> </div>
<div style="color:#000000;font-family:Arial, Verdana, sans-serif;font-size:20px;">सोने.चांदी के सिक्के नहीं खरीद सकते वे लोगों आज पीतल का कोई बर्तन खरीदें और उसमें कुछ मीठा या चावल के दाने डालकर लाएं। इस दिन घर में किसी चीज से भरा हुआ पीतल का बर्तन लाना बड़ा ही अच्छा माना जाता है । दरअसल इसके पीछे एक मान्यता छुपी हुई है। समुद्र मंथन के दौरान जब भगवान धन्वन्तरि का अवतरण हुआ था, तब वो अपने हाथों में अमृत से भरा पीतल का कलश लिये हुए थे अत आज पीतल का बर्तन खरीदना बहुत ही शुभ होता है।</div>
<div style="color:#000000;font-family:Arial, Verdana, sans-serif;font-size:20px;"> </div>
<div style="color:#000000;font-family:Arial, Verdana, sans-serif;font-size:20px;">झाड़ू को मां लक्ष्मी का ही स्वरूप माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि धनतेरस के दिन झाड़ू को घर लाने से स्वयं मां लक्ष्मी का घर में प्रवेश होता है। झाड़ू से हम अपने घरों की साफ.सफाई करते हैं और घर का सारी नकारात्मकता दूर करते हैं। यही कारण है कि झाड़ू का महत्व बेहद ही खास माना जाता है।</div>
<div style="color:#000000;font-family:Arial, Verdana, sans-serif;font-size:20px;"> </div>
<div style="color:#000000;font-family:Arial, Verdana, sans-serif;font-size:20px;"> धनतेरस के दिन अक्षत यानी चावल को भी घर लाना चाहिए। शास्त्रों में बताया गया है कि अन्न में चावल यानी कि अक्षत को सबसे शुभ माना जाता है। अक्षत का मतलब होता है धन संपत्ति में अनंत वृद्धि। इसलिए धनतेरस के दिन अक्षत लाने से धन में वृद्धि होती है। इस दिन मिट्टी के खिलौने, मां लक्ष्मी-गणेश दीये व अन्य सजावटी सामग्री खरीदना भी बड़ा ही शुभ होता है। धनतेरस के दिन धनिया खरीदना बेहद शुभ माना जाता है। इस दिन धनिया लाकर मां लक्ष्मी को अर्पित करनी चाहिए और कुछ दाने गमले में भी बो देने चाहिए। </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 02 Nov 2021 13:28:45 +0530</pubDate>
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