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                <title>Freight - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                            <item>
                <title>भारत के लिए राहतभरी खबर: होर्मुज खुलते ही तेल और उर्वरक से लदे 11 जहाज सुरक्षित लौटे, ऊर्जा संकट की आशंका घटी</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिका-ईरान समझौते के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही फिर शुरू हो गई है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, कच्चे तेल और उर्वरक से लदे 11 भारतीय व विदेशी जहाज सुरक्षित भारत लौट रहे हैं। हालांकि, 10 भारतीय जहाज अब भी खाड़ी क्षेत्र में फंसे हैं, जिनकी जल्द वापसी की उम्मीद है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/relief-news-for-india-as-soon-as-hormuz-opened-11/article-157885"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/hormuz.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। पश्चिम एशिया संघर्ष समाप्त करने के लिए अमेरिका और ईरान के बीच 17 जून को हुए समझौते के बाद से भारत आने वाले 11 विभिन्न टैंकरों ने होर्मुज जलडमरूमध्य को सुरक्षित पार किया है जबकि भारतीय ध्वज वाले दस टैंकर अभी भी खाड़ी क्षेत्र में फंसे हुए हैं और दो ने अभी होर्मुज को पार कर खाड़ी क्षेत्र में प्रवेश किया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने मंगलवार को यह जानकारी दी।</p>
<p>जायसवाल ने मीडिया ब्रीफिंग में होर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति से जुड़े सवालों के जवाब में कहा कि 17 जून को अमेरिका और ईरान के बीच एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किये जाने के बाद से भारत आने वाले कुल 11 जहाजों ने होर्मुज को सुरक्षित पार किया है। उन्होंने कहा कि भारतीय ध्वज वाले दस जहाज अभी भी खाड़ी क्षेत्र में फंसे हैं और उनके भी जल्द लौटने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि भारत के दो और जहाज अभी होर्मुज जलडमरूमध्य पार कर खाड़ी क्षेत्र में गये हैं। उन्होंने कहा कि इससे पता चलता है कि होर्मुज जलडमरूमध्य में दोनों तरफ से जहाजों का आवागमन शुरू हो गया है।</p>
<p>प्रवक्ता ने कहा कि भारत में आने वाले 11 जहाजों में से तीन भारतीय ध्वज वाले हैं जिनमें से प्रत्येक पर दो लाख 85 हजार टन कच्चा तेल लदा है। एक विदेशी टैंकर पर एलपीजी और दूसरे विदेशी जहाज पर कच्चा तेल लदा है। इसके अलावा छह बल्क कैरियर भी भारत आ रहे हैं जिनमें उर्वरक लदा है। उल्लेखनीय है कि अमेरिका और ईरान ने 17 जून को समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किये हैं इसमें होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलना भी शामिल है। इस मार्ग से वैश्विक तेल और गैस का लगभग 20 प्रतिशत हिस्से का व्यापार होता है। होर्मुल के खुलने से कच्चे तेल का आयात करने वाले भारत सहित अनेक देशों को राहत मिली है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 23 Jun 2026 18:50:59 +0530</pubDate>
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                <title>किसानों के सब्र का बांध टूटा: रेलवे ट्रैक किया बाधित, गेहूं खरीद में आ रही समस्याओं के समाधान की सरकार से मांग</title>
                                    <description><![CDATA[समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीद में हो रही देरी और बारदाने की कमी के विरोध में शनिवार को पीलीबंगा में किसान और व्यापारी रेलवे ट्रैक पर बैठ गए। प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए खरीद अवधि बढ़ाने और खरीद लक्ष्य में वृद्धि की मांग की। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/sriganganagar/the-dam-of-patience-of-farmers-broke-railway-track-was/article-155529"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/anupgarh.png" alt=""></a><br /><p>अनूपगढ़। समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीद मेंं आ रही परेशानी, बारदाने की कमी और खरीद अवधि बढ़ाने की मांग को लेकर शनिवार को पीलीबंगा में आक्रोशित किसान और व्यापारी रेल की पटरियों पर आकर जम गए। इस दौरान किसानों, व्यापारियों और विभिन्न संगठनों ने एकजुट होकर सरकार के खिलाफ जमकर प्रदर्शन करते नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि किसानों की उपज मंडियों में पड़ी है, लेकिन खरीद प्रक्रिया की धीमी रफ्तार और बारदाने की कमी के चलते उन्हें भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। </p>
<p>उन्होंने आरोप लगाया कि मंडियों में किसानों को धक्के खाने पड़ रहे हैं और उन्हें अपनी उपज बेचने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। रेलवे ट्रैक पर प्रदर्शन के दौरान कुछ समय के लिए तनावपूर्ण स्थिति बनी रही। प्रशासन और पुलिस के अधिकारी मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर स्थिति को संभालने का प्रयास किया। आर-पार की चेतावनी’- प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट कहा कि जब तक गेहूं खरीद की अवधि नहीं बढ़ाई जाती, खरीद लक्ष्य में वृद्धि नहीं होती और बारदाने की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित नहीं की जाती, तब तक किसानों का संघर्ष जारी रहेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>श्रीगंगानगर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/sriganganagar/the-dam-of-patience-of-farmers-broke-railway-track-was/article-155529</link>
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                <pubDate>Sun, 31 May 2026 15:02:58 +0530</pubDate>
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