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                <title>ब्रिटेन का राजनीतिक संकट: PM बोरिस जॉनसन के इस्तीफे का ऐलान, जाने क्यों पड़ी इसकी जरूरत.... </title>
                                    <description><![CDATA[ब्रिटेन का राजनीतिक संकट गहराता जा रहा है।  एक तरफ 48 घंटों में 45 मंत्रियों ने सरकार का साथ छोड़ दिया है। वहीं ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन भी अपने पद स् इस्तीफा देने वाले हैं।  ब्रिटिश मीडिया के हवाले से खबर है कि सेक्स स्कैंडल के बाद सियासी संकट का सामना कर रहे हैं।  बोरिस जॉनसन कंजर्वेटिव पार्टी के नेता का पद छोड़ने के लिए तैयार हो गए हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/britain-s-political-crisis--pm-boris-johnson-s-resignation-announced--why-it-was-needed/article-13823"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-07/boris-johnson.jpg" alt=""></a><br /><p>ब्रिटेन का राजनीतिक संकट गहराता जा रहा है।  एक तरफ 48 घंटों में 45 मंत्रियों ने सरकार का साथ छोड़ दिया है। वहीं ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन भी अपने पद स् इस्तीफा देने वाले हैं।  ब्रिटिश मीडिया के हवाले से खबर है कि सेक्स स्कैंडल के बाद सियासी संकट का सामना कर रहे हैं।  बोरिस जॉनसन कंजर्वेटिव पार्टी के नेता का पद छोड़ने के लिए तैयार हो गए हैं। हालांकि एक बात यह भी है कि नए नेता के चुनाव तक वह पद पर ही बने रहेंगे। उल्लेखनीय है कि क्रिस पंचर मामले में फजीहत होने के बाद जॉनसन की कंजर्वेटिंव पार्टी के ज्यादातर लोग उनके बागी हो गए हैं। <br /><br />जॉनसन सरकार में ज्यादातर मंत्रियों ने कहा है कि उन्हें अब प्रधानमंत्री पर भरोसा नहीं है और वे घोटालों में घिरी सरकार के लिए काम नहीं कर सकते हैं। जिसका सीधा उदाहरण साजिद जाविद और ऋषि सुनक ने कुछ ही मिनट के अंतराल में अपने इस्तीफे की कॉफी ट्विटर पर शेयर की।  ब्रिटेन मं सरकार पर ऐसे समय में संकट आया, जब एक पूर्व नौकरशाह ने हाल में ही निलंबित सांसद क्रिस पिंचर के खिलाफ आरोपों से निपटने के डाउनिंग स्ट्रीट के तरीके पर टिप्पणी की थी, जिसके बाद विवाद भी हुआ था। दरअसल क्रिस पर आरोप है कि उन्होंने साल 2018 में गे बार में दो लड़कों को गलत तरीके से छुआ था। जॉनसन के पूरे मामले में जानकारी 2019 में ही मिल गई थी। बावजूद इसके उन्होंने पिंचर को बड़े सरकारी पद पर नियुक्त कर दिया। जिसके बाद इस मामले में ब्रिटिश पीएम कार्यालय 10 डाउनिंग स्ट्रीट ने भी अपने बयान बदले थे। उन्होंने कहा जॉनसन को साल 2019 में यौन शोषण मामले की जांच के बारे में बता दिया था, जिसमें पिंचर भी शामिल है। ऐसे में वो पुराने दावे भी इनके झूठे पड़ गए, जिसमें पीएम कार्यालय की ओर से कहा था कि प्रधानमंत्री को इन विशिष्ट आरोपों की जानकारी नहीं थी। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 07 Jul 2022 16:48:25 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>कन्हैयालाल हत्याकांड.....  आतंकी खांजीपीर से और सीआईडी ऑफिस भी वहीं, फिर क्यों नहीं लगा ‘सुराग’</title>
                                    <description><![CDATA[ उदयपुर। उदयपुर में तालिबानी ढंग से कन्हैयालाल की हत्या के बाद शहरवासियों के मन में कई कचोटने सवाल उठ रहे हैं। इसमें एक है कि आखिर सीआईडी (सीबी)कर क्या रही थी? जब आतंकवादी रियाज व गौस खांजीपीर में ही रह रहे थे और सीआईडी का कार्यालय भी महज 20 कदम पर ही है, तो आखिर ऐसे क्या कारण रहा कि सीआईडी जैसी सरकारी एजेंसी को भनक तक नहीं लगी। उनका कहना है कि सीआईडी, आतंकियों पर निगाह रख रही थी या आतंकी, सीआईडी पर।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/udaipur/kanhaiyalal-murder-case-from-terrorist-khanjipir-and-cid-office-also-there--why-not-lead-again/article-13612"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-07/04-udi-khanjipeer.jpg" alt=""></a><br /><p> उदयपुर। उदयपुर में तालिबानी ढंग से कन्हैयालाल की हत्या के बाद शहरवासियों के मन में कई कचोटने सवाल उठ रहे हैं। इसमें एक है कि आखिर सीआईडी (सीबी)कर क्या रही थी? जब आतंकवादी रियाज व गौस खांजीपीर में ही रह रहे थे और सीआईडी का कार्यालय भी महज 20 कदम पर ही है, तो आखिर ऐसे क्या कारण रहा कि सीआईडी जैसी सरकारी एजेंसी को भनक तक नहीं लगी। उनका कहना है कि सीआईडी, आतंकियों पर निगाह रख रही थी या आतंकी, सीआईडी पर।</p>
<p><br />उल्लेखनीय है कि आतंकी रियाज और गौस इसी क्षेत्र में रहकर बीते 12 सालों से मिशन 26/11 को आगे बढ़ाने की साजिशें रच रहे थे। इसके बावजूद सीआईडी कुछ नहीं कर पाई। पुलिस सूत्रों की मानें तो वर्तमान में सीआईडी कार्यालय की स्थितियां यह है कि जो सीआईडी आॅफिसर फील्ड में रहते हैं, वे लंबे समय से यही टीके हुए हैं। ऐसे में उन्हें इन क्षेत्रों का बच्चा-बच्चा पहचानता है। इन क्षेत्रों में सीआईडी के गुप्तचर भी इन्हें इतनी ही जानकारी देते हैं, जितनी उन्हें देनी होती है। हालांकि, पुलिस प्रशासन और सरकार ने इस तथ्य को गंभीरता से तो लिया है, लेकिन सिर्फ उच्चाधिकारी को बदलना ही पर्याप्त नहीं है। पूर्व में जो सीआईडी अधिकारी लगे हुए हैं, वे तो जस के तस ही है।  <br /> <br /><strong>बरसों से जमे हैं कार्मिक</strong> <br />पुलिस सूत्रों की मानें तो यहां अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कार्यालय में जो कार्मिक लगे हुए हैं, उन्हें यहां सेवाएं देते हुए 10 वर्ष या उससे भी अधिक समय हो चुका है। ऐसे में इनके लिए बीट क्षेत्र अपना-अपना सा हो गया है, इसलिए इन्हें किसी बात का अंदाजा भी नहीं लगता है। पुलिस खेमे से ही इन सीआईडी कर्मियों को तुरंत प्रभाव से बदलने की मांग रखी गई है ताकि जिस उद्देश्य की पूर्ति के लिए सीआईडी का गठन किया जाता है, वह समय पर हो सके। <br /><br />फिर पूरे शहर का कैसे रखेंगे ख्याल?<br />मामले में पुलिस महकमे से जुड़े लोगों का कहना है कि आतंकी रियाज व गौस 2010 से ही इस दिशा में मंसूबे मजबूत कर रहे थे। ऐसे में सीआईडी जैसी एजेंसी को सुराग नहीं लगा, जबकि कॉलोनी के बगल में ही सीआईडी क्राइम का कार्यालय है। ऐसे में यदि शहर में अन्य कोई इसी तरह का घटनाक्रम होता है तो सीआईडी से क्या अपेक्षाएं की जा सकती है। जब उन्हें अपने ही क्षेत्र में हो रही आतंकी गतिविधियों का अनुमान नहीं रहा, तो शहर के अन्य क्षेत्रों में यदि ऐसे मंसूबे मजबूत हो रहे होंगे तो उनका क्या होगा?</p>
<p> </p>
<p>फोटो...खांजीपीर (लाल गोले में सीआईडी सीबी कार्यालय एवं करीब खांजीपीर कॉलोनी)</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>उदयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 05 Jul 2022 11:23:05 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title> ....पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा बोलीं... यूपी में ‘योगी’ जो कर सकते हैं वो राजस्थान के ‘गहलोत’ क्यों नहीं ?</title>
                                    <description><![CDATA[उदयपुर। प्रदेश की गहलोत सरकार के बीते 4 साल के राज में क्राइम ने धीरे-धीरे आतंकवाद का रूप ले लिया है। पुलिस का इंटेलीजेंस सिस्टम करप्ट हो चुका है तो जिम्मेदार सिर्फ अपने एमएलए और अपनी सरकार को बचाने में लगे हैं। जब यूपी (उत्तरप्रदेश) में योगी जी ऐसी घटनाओं और अपराधियों के खिलाफ मोर्चा खोल सकते हैं, तो राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत क्यों नहीं? यह सवाल सोमवार को पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने प्रदेश सरकार पर दागा है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/udaipur/former-chief-minister-vasundhara-said-that-what-yogi-can-do-in-up--why-can-t-gehlot-of-rajasthan/article-13614"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-07/raje.jpg" alt=""></a><br /><p>उदयपुर। प्रदेश की गहलोत सरकार के बीते 4 साल के राज में क्राइम ने धीरे-धीरे आतंकवाद का रूप ले लिया है। पुलिस का इंटेलीजेंस सिस्टम करप्ट हो चुका है तो जिम्मेदार सिर्फ अपने एमएलए और अपनी सरकार को बचाने में लगे हैं। जब यूपी (उत्तरप्रदेश) में योगी जी ऐसी घटनाओं और अपराधियों के खिलाफ मोर्चा खोल सकते हैं, तो राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत क्यों नहीं? यह सवाल सोमवार को पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने प्रदेश सरकार पर दागा है।</p>
<p><br />दरअसल पूर्व सीएम वसुंधरा सोमवार को उदयपुर में हुए कन्हैयालाल हत्याकांड के बाद उनके परिजनों से मुलाकात करने पहुंची थी। प्रेसवार्ता में वसुंधरा इस घटना को लेकर भावुक भी हो गई थी। इससे पूर्व वे मृतक कन्हैयालाल के घर के कुछ पहले ही कार से उतर गई एवं पैदल चलकर उनके घर पहुंची, जहां क्षेत्रवासियों से भी मुलाकात की तथा करीब आधे घंटे से अधिक समय तक मृतक कन्हैया के घर बैठकर परिजनों को ढांढस बंधाया। <br /><br /><strong>समय मिले तो लें जिम्मेदारी</strong><br />राजे ने कहा कि इस आतंकी घटना से यह बात स्पष्ट हो गई है कि वर्तमान में तंत्र पूरी तरह फेल है। अगर हम अपने लोगों को सुरक्षा नहीं दे सकते हैं तो ऐसे जिम्मेदार का सरकार में रहने का कोई औचित्य नहीं है, क्योंकि हर गलती कीमत मांगती है। एनआईए जांच तो एक तरफ है, हम पूछते हैं इस सरकार ने क्या किया। सरकार का सारा समय तो कभी एमएलए को संभालने में तो कभी चुनाव की प्लानिंग में ही गुजर जाता है। मामले में सबसे पहले न्याय होना चाहिए। न्यायालय के माध्यम से जान लेने वालों को फांसी दी जानी चाहिए। आतंकियों ने क्राइम कर खुली चेतावनी दी है।</p>
<p><br /><strong>इंटेलीजेंस फेल</strong><br />राजे ने कहा कि प्रदेश में इंटेलीजेंस सिस्टम पूरी तरह से फेल हो गया है। साइबर क्राइम और आईटी का मिसयूज हुआ है, उस स्तर पर हमारी पुलिस अपडेट नहीं है। ऐसे में यह जरूरी हो जाता है कि प्रदेश के इंटेलीजेंस सिस्टम को रीट्रेनिंग दी जाए। इस संबंध में हम भी प्रस्ताव रखेंगे। प्रदेश में अब तक सामने आई घटनाओं से भी यह सिद्ध हुआ है कि हमारा इंटेलीजेंस सिस्टम पस्त हो चुका है। <br /> <br /><strong>भावुक हुई राजे, बोली.. दिल जलता है</strong><br />प्रेसवार्ता में पूर्व सीएम भावुक हो गई। बोलीं.. दिल जलता है, ऐसी घटनाओं को सोचकर। अपराधियों के हौसले इतने बुलंद की हत्या का वीडियो बनाया और उसे सोशल मीडिया पर वायरल कर चेतावनी भी दे डाली। जिसने जिस स्तर से जान ली है, उसको उसी स्तर की सजा दी जानी चाहिए।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>उदयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 05 Jul 2022 11:20:34 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>'रहना है तेरे दिल में' का रीमेक क्यों नहीं चाहते आर माधवन... जाने कारण</title>
                                    <description><![CDATA[मुंबई। बॉलीवुड अभिनेता आर माधवन अपनी फिल्म 'रहना है तेरे दिल में' का रीमेक नहीं चाहते हैं।  फिल्म 'रहना है तेरे दिल में' साल 2001 में रिलीज हुई थी। इस फिल्म को गौतम वासुदेव मेनन ने लिखा और निर्देशित किया था। इस फिल्म में आर माधवन के साथ दीया मिर्जा और सैफ अली खान लीड रोल में थे। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/movie-fun/reasons-why-r-madhavan-doesn-t-want-a-remake-of-rehna-hai-tere-dil-mein/article-13165"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/rehnaa-hai-terre-dil-mein.jpg" alt=""></a><br /><p>मुंबई। बॉलीवुड अभिनेता आर माधवन अपनी फिल्म 'रहना है तेरे दिल में' का रीमेक नहीं चाहते हैं।  फिल्म 'रहना है तेरे दिल में' साल 2001 में रिलीज हुई थी। इस फिल्म को गौतम वासुदेव मेनन ने लिखा और निर्देशित किया था। इस फिल्म में आर माधवन के साथ दीया मिर्जा और सैफ अली खान लीड रोल में थे। <br /><br />आर माधवन ने 'रहना है तेरे दिल में' के रीमेक के बारे में पूछे जाने पर कहा, ''मुझे लगता है कि यह मूर्खता है। मैं इसे छूना नहीं चाहूंगा। मैं इसे एक प्रोड्यूसर के रूप में नहीं करूंगा। मैं अपने दिल की गहराइयों से उन सभी को शुभकामनाएं देता हूं। बहुत से लोगों के लिए इससे बहुत सारी यादें जुड़ी हुई हैं। ऑडियंस के लिए यह एक मूवी से बढ़कर है। कुछ मायनों में ये एंथम की तरह है।''<br /><br />माधवन ने कहा, ''मैं उस तरह का आदमी नहीं हूं, जो अक्सर पीछे मुड़कर देखता है और जो कुछ हुआ है, उसके बारे में अपनी लाइफ का मूल्यांकन करता है। मैं वास्तव में बहुत ही लिव-इन-द-मोमेंट टाइप का लड़का रहूं। इसलिए मैं आभारी हूं कि मेरे पास काम करने की क्षमता है और मैं जो चाहता हूं, उसे करने के लिए जनता का प्यार है, लेकिन मैं इस पर घमंड नहीं करता हूं। मैं इसके लिए बस आभारी हूं।''</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मूवी-मस्ती</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/movie-fun/reasons-why-r-madhavan-doesn-t-want-a-remake-of-rehna-hai-tere-dil-mein/article-13165</link>
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                <pubDate>Tue, 28 Jun 2022 16:38:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
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                <title>उपने यादव ने क्यों कहा... हमेशा के लिए जयपुर छोड़ दूंगा</title>
                                    <description><![CDATA[जयपुर। राजस्थान बेरोजगार एकीकृत महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष उपेन यादव ने कहा कि साजिशों का दौर शुरू हो गया है। कई बड़े नेता मेरे सोशल मीडिया को खत्म कर देना चाहते हैं। किसी भी मामले में मुझे फंसा कर हमेशा के लिए जेल में डालकर मेरा करियर खत्म करना चाहते हैं। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/why-did-upen-yadav-say-i-will-leave-jaipur-forever/article-13114"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/upen-yadav.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान बेरोजगार एकीकृत महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष उपेन यादव ने कहा कि साजिशों का दौर शुरू हो गया है। कई बड़े नेता मेरे सोशल मीडिया को खत्म कर देना चाहते हैं। किसी भी मामले में मुझे फंसा कर हमेशा के लिए जेल में डालकर मेरा करियर खत्म करना चाहते हैं। क्या युवा बेरोजगारों की आवाज उठाना गुनाह है। उपेन यादव ने ट्वीट कर लिखा कि अब करियर के साथ, मुझे मेरी जान का भी खतरा। उल्लेखनीय है कि उपेन यादव हाल में जमानत पर रिहा हुए है। इसके बाद से ही उपेन यादव को फर्जी मुकदमों में फंसाने की धमकी मिल रही है। उपेन यादव का कहना है कि पेपर माफियाओं के साथ-साथ सरकार के बड़े नेता भी मेरे पीछे पड़ गए है। भविष्य में मेरे साथ अनहोनी हो सकती है।<br /><br /><strong>उपेन यादव बोले- हमेशा के लिए जयपुर छोड़ देंगे</strong><br />उपेन यादव ने कहा कि गहलोत सरकार उनकी मांगों को पूरा कर दें। वह हमेशा के लिए जयपुर छोड़ देंगे। उन्होंने कहा कि राजनीति में आने का उनका कोई इरादा नहीं है। वह कभी चुनाव नहीं लड़ेंगे। गहलोत सरकार ने पुराने मुकदमों में न्यायालय में चालान पेश करना शुरू कर दिया है। मानसरोवर थाने में दर्ज मुकदमें का चालान पेश किया है। जमानत पर रिहा होने के बाद उपेन यादव लगातार गहलोत सरकार पर निशाना साध रहे हैं। उल्लेखनीय है कि प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन करने पर हाल ही में उपेन यादव को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। करीब 8 दिन जेल में रहने के बाद उपेन यादव जमानत पर रिहा हुए है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 27 Jun 2022 16:44:01 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>खुद से शादी : क्यों बढ़ रहा है सोलोगैमी का चलन</title>
                                    <description><![CDATA[ भारत के गुजरात राज्य की एक महिला ने सोलोगैमी की राह अपनाई है और इस तरह उन्होंने खुद से ही शादी की हैं। इतना ही नहीं शादी के बाद उन्होंने हनीमून पर जाने का प्लॉन भी बनाया है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/-marrying-yourself--why-is-the-trend-of-sologamy-increasing/article-12029"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/new2.jpg" alt=""></a><br /><p><span style="color:#ff6600;"><strong>सोलोगैमी एक ऐसा शब्द है,</strong></span> जो शायद बहुत से लोगों के लिए नया हो। आपने पॉलिगामी अर्थात बहु विवाह के बारे में सुना होगा, लेकिन कोई इंसान जब खुद से ही शादी करता है, तो उसे सोलोगैमी कहा जाता है। भारत के गुजरात राज्य की एक महिला ने सोलोगैमी की राह अपनाई है और इस तरह उन्होंने खुद से ही शादी की हैं। इतना ही नहीं शादी के बाद उन्होंने हनीमून पर जाने का प्लॉन भी बनाया है।</p>
<p><br /><span style="color:#ff6600;">   <strong> देश की पहली शादी</strong></span> उनकी शादी देश की अपनी तरह की पहली शादी है। उनकी शादी से दूल्हा ही गायब है,उन्होंने खुद से शादी की है। उन्होंने शादी करने के लिए पार्टनर के रूप में खुद को ही चुना है। <br />    शादी में सभी परंपराओं का पालन भी किया हैउन्होंने इंटरनेट पर सर्च किया कि भारत में किसी ने यह राह अपनाई है या नहीं। लेकिन उन्हें ऐसा कोई भी केस नही मिला। एक निजी फर्म में काम करने वाली क्षमा बिन्दु ने कहा कि उनकी शादी देश में सेल्फ.लव की पहली मिसाल हो गई   है। सेल्फमैरिज का अर्थ समझाते हुए बिंदु ने कहा कि यह अपने लिए कमिटमेंट और स्वयं के लिए बिना शर्त प्यार था। <br /><span style="color:#ff6600;">   <strong> क्या है सोलोगैमी</strong></span> <br />तो अब चलिए सोलोगैमी के बारे में विस्तारपूर्वक जानते हैं। सोलोगैमी को सेल्फ मैरिज या स्व-विवाह भी कहा जाता सकता है। यह एक तरह से सिम्बॉलिक सेरेमनी है जहां व्यक्ति खुद के साथ ही प्रेमपूर्ण संबंध स्थापित करने के लिए कमिटमेंट करता है। हालांकि यह जरूरी नहीं है कि इसका मतलब सिंगलडम या ब्रह्मचर्य हो। इस विचार को पहली बार 2003 में प्रसारित एक शो के एपिसोड में पेश किया गया था, जहां शो का मुख्य पात्र खुद से शादी करने के बारे में सोचता है। भारत में यह अपनी तरह का पहला मामला है, लेकिन ब्रिटेन, आॅस्ट्रेलिया, जापान, ताइवान और अमेरिका में अधिक से अधिक महिलाओं ने सोलोगैमी की राह अपनाई है। <br /><span style="color:#ff6600;">  <strong>  क्या है कानून</strong></span><br />सोलोगैमी को लेकर क्या है कानून अब तक एकल विवाह को किसी भी देश के कानून द्वारा मान्यता प्राप्त नहीं है। आमतौर पर एक सेल्फ मैरिज सेरेमनी समारोह ज्यादातर प्रतीकात्मक होती है और कानूनी रूप से बाध्यकारी नहीं होती है। जिसका सीधा सा अर्थ यह है कि किसी को किसी कानूनी दस्तावेज पर अपनी वैवाहिक स्थिति को बदलने की जरूरत नहीं है। <br /><span style="color:#ff6600;">   <strong> कानूनी समर्थन नहीं</strong></span><br />जहां तक बात भारत की है, तो यहां पर एकल विवाह को कोई कानूनी समर्थन या मान्यता प्राप्त नहीं है। भारतीय कानूनों के अनुसार आप खुद से शादी नहीं कर सकते। शादी में दो व्यक्ति होने चाहिए। सोलोगैमी कानूनी नहीं है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 13 Jun 2022 16:07:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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                <title>सरकार पर संकट में साथ नहीं छोड़ा, उनसे क्यों उम्मीद कर रही भाजपा-गहलोत</title>
                                    <description><![CDATA[ उदयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि जब सरकार संकट में थी और उस वक्त सरकार बचाने में जो अगुवा थे, उनसे भाजपा को उम्मीद नहीं करनी चाहिए थी, न ही उसके समर्थित उम्मीदवार को। जब संकट में साथ दिया हो तो उसके मुकाबले में राज्यसभा चुनाव तो कुछ भी नहीं होता है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/udaipur/did-not-leave-the-government-in-trouble-why-is-bjp-gehlot-expecting-them/article-11400"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/05-udi-ashok-gahlot03.jpg" alt=""></a><br /><p> उदयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि जब सरकार संकट में थी और उस वक्त सरकार बचाने में जो अगुवा थे, उनसे भाजपा को उम्मीद नहीं करनी चाहिए थी, न ही उसके समर्थित उम्मीदवार को। जब संकट में साथ दिया हो तो उसके मुकाबले में राज्यसभा चुनाव तो कुछ भी नहीं होता है।</p>
<p><br />वे रविवार को यहां डबोक एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। राज्यसभा चुनाव के मद्देनजर कांग्रेस विधायकों की उदयपुर में बाड़ेबंदी के चलते मुख्यमंत्री गहलोत रविवार दोपहर यहां पहुंचे। उन्होंने कहा कि सरकार संकट में हो, सरकार रहेगी कि नहीं रहेगी, उस वक्त में जिसने साथ दिया, उनसे वे उम्मीद ही क्यों कर रहे थे। उन्होंने कहा कि हर विधायक की कुछ समस्याएं रहती हैं, कुछ हल होती हैं, कुछ नहीं भी होती हैं। बसपा से चुने गए विधायक प्रदेश में मजबूत और स्थायी सरकार बनाने के लिए कांग्रेस से जुड़े और उसमें मर्ज होने का निर्णय किया। जिनकी सोच इतनी बड़ी हो और उस वक्त हम लोगों ने बातचीत की हो। वे उनके क्षेत्र में विकास की उम्मीद भी रखते हैं और उसमें कोई कमी रही हो तो छोटी-मोटी नाराजगी थी। आज ये सभी उनके साथ आए हैं, किसी को भी शिकायत नहीं है। गहलोत ने पूरे विश्वास के साथ दावा किया कि तीनों सीटें कांगे्रस जीतेगी। उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाया कि उनका हॉर्स ट्रेडिंग का जो षड्यंत्र है, उसे पहले भी विफल किया है और अब आगे 10 जून को भी उनकी हॉर्स ट्रेडिंग कोई काम नहीं आएगी।</p>
<p><br /><strong>संख्या बल नहीं तो वोट कैसे लेंगे</strong><br />मुख्य सचेतक डॉ महेश जोशी द्वारा एसीबी में परिवाद देने के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि जो माहौल बना हुआ था, उसे देखते हुए कई आशंकाएं होती है। जब कोई उद्योगपति आता है तो यह मानकर चलो और स्वाभाविक रूप से लगता है कि वह क्यों आए हैं? जब भाजपा के पास संख्या बल नहीं है और वोट कैसे लेंगे। उन्होंने कहा कि जब वे बार-बार बोल रहे हैं कि सभी एकजुट हैं तो पता नहीं कि भाजपा में उनके हाईकमान की स्थानीय नेताओं के बीच क्या समझाइश हुई होगी वह तो वे ही जाने। गहलोत बोले कि वे यह कह सकते हैं कि उनका कुनबा एकजुट है और तीनों सीटें वे ही जीतेंगे।</p>
<p><br /><strong>मोबाइल लेने व पाबंदियों से इंकार</strong><br />विधायकों से मोबाइल लेने और उन पर पाबंदियों के सवाल पर मुख्यमंत्री ने स्पष्ट इंकार किया कि उन्होंने किसी का मोबाइल नहीं लिया। लोग विश्वास से जुड़ते हैं। यह जानकर आश्चर्य होगा, मोबाइल फोन वो लेते हैं, जिनका विश्वास नहीं है। सरकार पर संकट के समय विधायकों को पोरबंदर ले जाने के लिए उनके दो-दो प्लेन आकर खड़े थे जिनमें से एक खाली वापस गया। पूनियाजी की दुर्गति हुई थी। संकट तो हमारी सरकार पर था जो उन पर शिफ्ट हो गया। गहलोत ने कहा कि वे कभी मोबाइल नहीं लेते हैं, विश्वास करते हैं, इसीलिए हम जीतते हैं। संकट के समय में भी जो उनके साथ थे, किसी का मोबाइल न बदला या न बंद किया। उनके मोबाइल चालू थे और सबसे बात करने की पूरी छूट दी गई थी। इतना बड़ा विश्वास होता है तो लोग साथ जुड़ते हैं जिनको कोई लोभ नहीं दे रहे और लालच नहीं दे रहे हें।</p>
<p><br /><strong>छह विधायकों को साथ लाए गहलोत</strong><br />मंत्री राजेंद्र गुढ़ा, अनुसूचित जाति आयोग चेयरमैन खिलाड़ीलाल बैरवा, विधायक संदीप यादव, लाखन मीणा, वाजिद अली, गिरिराज सिंह महंगा और आरटीडीसी चेयरमैन धर्मेन्द्र राठौड़ को साथ लेकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत विशेष विमान से लेकर दोपहर में डबोक एयरपोर्ट पहुंचे। स्वागत सत्कार के बाद वे यहां से सीधे होटल ताज अरावली के लिए प्रस्थान कर गए।</p>
<p> </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>उदयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 06 Jun 2022 11:53:30 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[udaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जानिए सोनू सूद क्यों करते हैं दक्षिण भारतीय फिल्मों में काम </title>
                                    <description><![CDATA[मुंबई। जाने-माने अभिनेता सोनू सूद ने दक्षिण भारतीय फिल्मों में काम करने की वजह बतायी है। सोनू सूद ने अपने सिने करियर की शुरूआत दक्षिण भारतीय फिल्म से की थी। इसके बाद सोनू सूद ने हिंदी फिल्मों की तरफ रुख किया। सोनू सूद बॉलीवुड के साथ-साथ दक्षिण भारतीय फिल्म इंडस्ट्री में भी काफी एक्टिव हैं। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/movie-fun/know-why-sonu-sood-works-in-south-indian-films/article-10728"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/sonu-sud-new-copy.jpg" alt=""></a><br /><p>मुंबई। जाने-माने अभिनेता सोनू सूद ने दक्षिण भारतीय फिल्मों में काम करने की वजह बतायी है। सोनू सूद ने अपने सिने करियर की शुरूआत दक्षिण भारतीय फिल्म से की थी। इसके बाद सोनू सूद ने हिंदी फिल्मों की तरफ रुख किया। सोनू सूद बॉलीवुड के साथ-साथ दक्षिण भारतीय फिल्म इंडस्ट्री में भी काफी एक्टिव हैं। सोनू सूद ने दक्षिण भारतीय फिल्मों में काम करने को लेकर बयान दिया है।</p>
<p>सोनू सूद ने कहा, ''मैं स्क्रिप्ट को लेकर शुरू से ही चूजी रहा हूं। चाहे वह तमिल, तेलुगू या फिर हिंदी फिल्म हो। दक्षिण भारतीय फिल्में मुझे बुरी हिंदी फिल्में बचाती हैं, नहीं तो एक दौर आता है जब आपको लगने लगता है कि आप किसी बड़ी फिल्म में सिर्फ दिखने के लिए काम कर रहे हैं। दक्षिण भारतीय फिल्में मुझे ऐसा करने से दूर रहने में मदद करती हैं।'' सोनू सूद इन दिनों फिल्म 'सम्राट पृथ्वीराज' को लेकर चर्चा में हैं। इस फिल्म में वह अक्षय कुमार, मानुषी छिल्लर के साथ नजर आयेंगे।यश राज फिल्म्स के प्रोडक्शन में बनी यह फिल्म 03 जून, 2022 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मूवी-मस्ती</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/movie-fun/know-why-sonu-sood-works-in-south-indian-films/article-10728</link>
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                <pubDate>Sun, 29 May 2022 15:01:59 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष सतीश पुनिया जेडीसी से मिलने क्यों पहुंचे जेडीए.... जानने के लिए पढ़े यह ख़बर</title>
                                    <description><![CDATA[आमेर विधानसभा क्षेत्र में आने वाले गावों व शहरी क्षेत्र के विकास कार्यों से संबंधित विभिन्न लंबित मामलों, जिनमें सड़कों के नवीनीकरण, डामरीकरण, हाइमास्क लाइट्स, भूमि आवंटन इत्यादि से जुड़ी समस्याओं के बारे में अवगत कराया एवं शीघ्रातिशीघ्र निस्तारण करवाने को लेकर जेडीसी से पूनियां ने की मुलाकात।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur-news--why-did-jda-reach-bjp-state-president-satish-punia-to-meet-jdc-----read-this-news-to-know/article-10351"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/jdc-meet.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष डॉ. सतीश पूनियां ने जयपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) आयुक्त से मिलकर आमेर विधानसभा क्षेत्र में आने वाले गावों व शहरी क्षेत्र के विकास कार्यों से संबंधित विभिन्न लंबित मामलों, जिनमें सड़कों के नवीनीकरण, डामरीकरण, हाइमास्क लाइट्स, भूमि आवंटन इत्यादि से जुड़ी समस्याओं के बारे में अवगत कराया एवं शीघ्रातिशीघ्र निस्तारण करने को कहा। इस दौरान डॉ. पूनियां के साथ चौमूं विधायक रामलाल शर्मा, जयपुर देहात उत्तर जिला अध्यक्ष जितेन्द्र शर्मा, जालसू प्रधान हरदेव यादव इत्यादि मौजूद रहे।<br /><br /><strong>डॉ. पूनियां ने आमेर क्षेत्र की निम्नलिखित समस्याओं के समाधान के संबंध में जयपुर विकास प्राधिकरण के आयुक्त से मुलाकात की:-</strong><br /><br />- जयपुर विकास प्राधिकरण जोन 12 के अंतर्गत बरसात के मौसम में राजावास स्टैंड पर पानी भरने की बड़ी समस्या है, जिसका उचित समाधान होना है। <br /><br />- राजावास बस स्टैंड से भूरथल गांव तक सड़क क्षतिग्रस्त जर्जर है, जिसका नवीनीकरण होना है। <br /><br />- प्रेम नगर तिराहे से अनंतपुरा तक सड़क निर्माण।<br /><br />- एनएच 52 जाखोटिया फार्म से राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय रामपुरा तक सड़क निर्माण।<br /><br />- एनएच 52 कपूर अस्पताल के सामने से हरिजन मोहल्ला जाहोता रोड रामपुरा तक सड़क निर्माण।<br /><br />- सहरिया फार्म से महेशपुरा तक सड़क निर्माण।<br /><br /><strong>जोन 12 की अन्य महत्वपूर्ण सड़कें:-</strong><br />खोराबीसल से दादर वाया चतरपुरा, सरदारपुरा से चक रोजदा, आछोजाई से सरदारपुरा, महेशवास कलां से महेशवास खुर्द, चतरपुरा से सरदारपुरा पेट्रोल पंप तक, हरदतपुरा राधास्वामी सत्संग भवन से सरना डूंगर बावड़ी तक, आछोजाई से मोहनबाड़ी तक वाया गदला की ढाणी, मोहनबाड़ी जालसू तक दादर सड़क तक, महेशवास खुर्द से मुंडोता तक, रामपुरा रायथल सड़क डेयरी से श्योरानों की ढाणी, मावलियों की ढाणी से शेरावतों स्टैंड बावडी तक सड़क निर्माण इत्यादि कार्य जयपुर विकास प्राधिकरण द्वारा होने हैं, इन्हें शीघ्रताशीघ्र पूरा करने के लिये डॉ. पूनियां ने आयुक्त से मुलाकात की। हाइ मास्क लाइट जाहोता मुख्य स्टैंड, भैंरू जी मन्दिर बैनाड़, नांगल पुरोहितान, खोराश्यामदास, रोजदा, चतरपुरा मुख्य स्टैंड पर हाइमास्क लाइट्स लगाने की मांग की। साथ ही प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रामपुरा डाबड़ी, ग्राम पंचायत उदयपुरिया गोविंदपुरा एवं हरदतपुरा को भूमि आवंटन शीघ्रातिशीघ्र करने हेतु आग्रह किया।<br /><br /><strong>जोन 10 के अंतर्गत निम्नलिखित कार्यों को पूरा करने की मांग की:-</strong><br />वार्ड नंबर 4 के अंतर्गत ग्राम बड़ी का बास, खारिया के चौराहे से सीआरपीएफ तक, सीआरपीएफ से जगदीश के अखाड़े तक, रामगढ़ रोड़ श्याम सलोनी से पादयाली मोड़ तक, जाजोलाई तलाई से नई माता तक सड़क निर्माण एवं रोड़ लाइट्स, सड़वा मोड़ से नायला मोड़ तक दोनों तरफ रोड लाइट्स, रामगढ़ रोड़ से मित्तल कॉलेज तक रोड़ लाइटस की आवश्यकता से आयुक्त को अवगत करवाया। वार्ड 3 के अंतर्गत बच्याला की ढाणी, पुराका की ढाणी, चोपड़ा की ढाणी, मिलन विहार, कागयाला की ढाणी में सड़क निर्माण, फरासाला की ढाणी से रामगढ़िया से होते हुए होटल बोनविस्ता से होते हुए पीली की तलाई तक सड़क निर्माण, रामगढ़ सड़क से भटाली की ढाणी तक सडक निर्माण कार्य करने के बारे में आयुक्त को अवगत कराया। <br /><br /><strong>जोन 13 के अंतर्गत निम्नलिखित कार्यों को पूरा करने की मांग की:-</strong><br />भूरानपुरा लिंक रोड से धौल्या की ढाणी होते हुए वाया घटवाडी लिंक रोड ग्राम पंचायत मुख्यालय कंवरपुरा तक सड़क निर्माण।<br />अचरोल में ढाणी पीपल्यान में पुल निर्माण, अचरोल से छापर होते हुए कांट सीमा तक सड़क निर्माण। छापराड़ी सड़क से थोल्या की ढाणी,बोडया की ढाणी डामर सड़क से कांकड़ भेरू कालीघाटी तक सड़क निर्माण, साथ ही मानपुरा माचेडी,  लबाना, ढंड, खोरा मीणा ग्राम पंचायतों में जयपुर विकास प्राधिकरण के क्षेत्राधिकार की सड़कों के नवीनीकरण हेतु आग्रह किया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 24 May 2022 17:28:01 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
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                <title> डीआरएस के जरिए नो बॉल और वाइड चेक करने की मांग ने पकड़ा जोर.. जानिए किसने और क्यों कहीं ये बात......</title>
                                    <description><![CDATA[ इमरान ताहिर जो खुद इस वक़्त एक सक्रिय खिलाड़ी हैं वह भी वेटोरी की इस दलील से सहमत दिखे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/khel/sports-news--demand-to-check-no-ball-and-wide-through-drs-caught-the-emphasis---know-who-said-this-and-why/article-9092"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/imran-tahir.jpg" alt=""></a><br /><p>मुम्बई। नो बॉल और वाइट का क्रिकेट में एक अलग ही महत्व है। नो बॉल आउट हुए गेंदबाज को भी जिवनदान और अतिरिक्त रन दे जाती है, उसी प्रकार वाइड से अतिरिक्त रन का इजाफा होता है। बदलते दौर में क्रिकेट नियमों में कई परिवर्तन हुए है। ऐसे में क्रिकइंफ़ो के विशेषज्ञ डैनियल वेटोरी और इमरान ताहिर ने मांग की है कि ऊंची हाइट नो बॉल (कमर से ऊपर की फुलटॉस) और वाइड का निर्णय भी डीआरएस के जरिए किया जाना चाहिए। एक्सपर्टस की नजर में भले ही इन गेंदों पर कोई विकेट न गिरे, इसके बावजूद हाइट नो बॉल और वाइड का फ़ैसला थर्ड अंपायर को करना चाहिए। वेटोरी ने यह बात पिछले हफ़्ते एक शो में भी कही थी, जिसे उन्होंने क्रिकइंफ़ो टाइम आउट पर सोमवार रात को एक बार फिर दोहराया। दरअसल अंपायर नितिन पंडित ने कोलकाता नाइट राइडर्स की पारी के 19वें ओवर में प्रसिद्ध कृष्णा की तीन गेंदों को तब वाइड करार दे दिया जब प्रसिद्ध कृष्णा द्वारा गेंद रिलीज किए जाने से पहले ही बल्लेबाज ने क्रीज में घूमना शुरु कर दिया था।<br /><br />एक बार तो कप्तान संजू सैमसन ने संभवत: अपना विरोध दर्ज कराने के लिए वाइड करार दी गई गेंद पर कैच आउट की अपील करते हुए डीआरएस के लिए चले गए। संजू सैमसन के निर्णय पर कहा, मुझे नहीं लगता कि उस गेंद पर कैच आउट होने की कोई संभावना उन्हें लगी होगी, लेकिन खेल के निर्णायक पलों में खिलाड़यिों को वाइड करार की हुई गेंदों पर रिव्यू लेने की छूट मिलनी चाहिए।'<br /><br />उन्होंने आगे कहा, 'आज परिस्थिति अलग थी क्योंकि शुरुआत से ही लग रहा था कि कोलकाता इस मुक़ाबले को जीतने वाली है, लेकिन हम कई बार इस मसले पर चर्चा कर चुके हैं जब अंपायर ने एकदम कऱीबी निर्णयों को गेंदबाजों के खलिाफ़ दिया हो। इसलिए खिलाड़यिों के पास उन ग़लतियों को सुधारने का मौक़ा मिलना चाहिए। डीआरएस भी इन्हीं ग़लतियों को सुधारने के लिए अमल में लाया गया था। मैं ऐसा होते देखना चाहूंगा।'<br /><br />वेटोरी आईपीएल में बतौर कोच अपनी सेवा दे चुके हैं और इस वक़्त बीग बैश में भी कोच की भूमिका अदा कर रहे हैं। हालांकि इमरान ताहिर जो खुद इस वक़्त एक सक्रिय खिलाड़ी हैं वह भी वेटोरी की इस दलील से सहमत दिखे। ताहिर ने कहा, 'इस खेल में पहले से ही गेंदबाजों के पक्ष में बहुत कम चीजें होती हैं, जब बल्लेबाज आपकी गेंदों पर चौतरफ़ा प्रहार कर रहा हो तब आपके पास वाइड यॉर्कर और वाइड लेग ब्रेक डालने का ही विकल्प होता है। और अगर यह वाइड हो जाए तब आप मुश्किल में पड़ जाते हैं। लेकिन देखिए, वह एक करीबी मामला था, सैमसन थोड़े हताश भी दिखे। यह 50-50 था, इसलिए मुझे नहीं लगता कि यह कोई बड़ा मसला था। कोलकाता की टीम अच्छा खेल रही थी, वह इस मुक़ाबले को जीतने वाली थी। लेकिन हां, ऐसी गेंदों पर खिलाड़यिों के पास रिव्यू लेने की छूट होनी चाहिए।'<br /><br />राजस्थान रॉयल्स के कोच कुमार संगकारा ने वाइड कॉल में निरंतरता बरते जाने की मांग की। उन्होंने पोस्ट मैच प्रेस कॉन्फ़्रेंस के दौरान कहा, 'मुझे लगता है कि वाइड करार दिए जाने के संबंध में निरंतरता सबसे महत्वपूर्ण पहलू है। मुझे लगता है अब कुछ नए नियम हैं, आप वाइड बना नहीं सकते, लेकिन क्रीज के चारों ओर घूमकर आप उसे बर्बाद जरूर कर सकते हैं। गेंद डाली जाने से पहले आपका मूवमेंट वाइड लाइन के आगे बढऩे के लिए शुरुआती बिंदु माना जाता है। हालांकि हमने अच्छी क्रिकेट भी नहीं खेली। हालांकि दबाव वाली परिस्थितियों में यब सभी चीजें अपनी भूमिका निभाती हैं।हमें एक टीम के तौर पर सुधार करने की जरूरत है।'<br /><br />यह चर्चा अब भी जारी है कि क्या हर टीम को दो अतिरिक्त रिव्यू लेने की छूट मिलनी चाहिए, लेकिन क्या इससे गेम धीमा नहीं हो जाएगा? या खिलाड़यिों को दो रिव्यू की सीमा में ही किसी भी निर्णय की समीक्षा की छूट मिलनी चाहिए? लेकिन लाइन एक सिफऱ् एक गाइड की तरह होती है जो गेंद डाली जाने से पहले बल्लेबाज के मूवमेंट के आधार पर वह भी खिसकती है। वेटोरी की राय में ऑन फ़ील्ड अंपायर को तमाम सूचनाओं से लैस किया जा सकता है कि बल्लेबाज गेंद की रिलीज के समय तक कितना मूवमेंट कर चुका था? विकेटों से गुजरते समय गेंद कितनी दूर थी? और इसके बाद ही अंपायर को रिव्यू में निर्णय लेने की अनुमति मिलनी चाहिए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 03 May 2022 18:29:49 +0530</pubDate>
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                <title>प्रदेश में कानून व्यवस्था चुनौती बनी है, कांग्रेस सरकार आते ही आखिर दंगे क्यों होते हैं: पूनिया</title>
                                    <description><![CDATA[ देश में कांग्रेस समाप्ति की ओर है और इस तरह का तुष्टिकरण इसका मूल कारण बनेगा: पूनिया]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur--law-and-order-has-become-a-challenge-in-the-state--why-do-riots-happen-as-soon-as-congress-government-comes--satish-poonia/article-9078"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/rajendra-rathore.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष  सतीश पूनिया ने जोधपुर में हुए तनाव को लेकर कहा है कि राजस्थान में कानून व्यवस्था एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। आखिर कांग्रेस की सरकारें आने के बाद ही इस तरह की घटनाएं क्यों होते हैं। जोधपुर में बिस्सा की मूर्ति से भगवा ध्वज हटाकर दूसरा इस्लाम का ध्वज लगाया गया। जिसके बाद वहां पर तनाव व्याप्त हुआ है। यही नहीं आज दोबारा से वहां पर तोड़फोड़ की गई, गाड़ियां तोड़ी गई। कानून व्यवस्था केवल चुनौती ही नहीं चिंता का विषय भी बनी हुई है। सरकार एक वर्ग विशेष को गलत संरक्षण दे रही है और तुष्टिकरण की राजनीति करती है। करौली की घटना से साफ हो जाता है कि सरकार दंगाइयों को संरक्षण दे रही है। पीएफआई जैसे संगठनों को प्रदेश में खुली छूट दे रखी है। राजस्थान में बहू संख्यक वर्ग पर लगातार हमले हो रहे हैं। बहुसंख्यक वर्ग के रामनवमी जैसे कार्यक्रमों की शोभायात्रा पर रोक लगाई जाती है और लोगों को 107 में पकड़ा जाता है। कांग्रेस के किसी तुष्टिकरण के कारण अराजक तत्वों ने प्रदेश को अपनी गिरफ्त में ले रखा है। समय रहते सरकार को सोचना चाहिए। देश में कांग्रेस समाप्ति की ओर है और इस तरह का तुष्टिकरण इसका मूल कारण बनेगा। लेकिन कम से कम प्रदेश की शांति सद्भाव के लिए सरकार वोट बैंक की राजनीति छोड़े और प्रदेश की सोचे।</p>
<p><strong>गहलोत सरकार के तुष्टिकरण की वजह से राजस्थान का माहौल बिगड़ रहा है : राठौड़</strong><br />राजस्थान विधानसभा में उपनेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़ ने ट्वीट कर कहा कि हिन्दू नववर्ष के दिन करौली में दंगे के बाद अब मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के गृहजिले जोधपुर के जालोरी गेट में हिंसक झड़प की घटना गहलोत सरकार के माथे पर कलंक है। गहलोत सरकार की तुष्टिकरण की नीति के कारण शांतिप्रिय राजस्थान में साम्प्रदायिक सद्भाव बिगाड़ने की दर्जनों भर घटनाएं हो गई है। राठौड़ ने कहा कि जोधपुर में हुई यह घटना पुलिस इंटेलीजेंस पर सवालिया निशान है। मुख्यमंत्री जी स्वयं के गृह जिले में कारित हुई इस घटना का दोषारोपण अब किसको देंगे ? क्या अब मुख्यमंत्री भी अपनी आदत के अनुसार खुद की नाकामी का ठीकरा प्रधानमंत्री, गृहमंत्री और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष पर फोड़ेंगे ?<br /><br />राठौड़ ने कहा कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत , जो राज्य के गृहविभाग के मुखिया भी है, उनके राज में मृत प्राय कानून व्यवस्था का ही प्रमाण है कि अब उनके गृहजिले जोधपुर में बेखौफ दंगाई खुलेआम आपसी भाईचारा और सद्भाव बिगाड़ते है और पुलिस प्रशासन हर बार की तरह बेबस व लाचार नजर आता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 03 May 2022 14:46:55 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
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            <item>
                <title> महंगाई के मुद्दे पर सभी मुख्यमंत्रियों के साथ PM मोदी से बैठक करने का गहलोत ने क्यो किया आग्रह... जानने के लिए पढ़े यह ख़बर</title>
                                    <description><![CDATA[इससे राज्यों को भी अपना पक्ष रखने का मौका मिलेगा और उनका ²ष्टिकोण भी केन्द्र सरकार को पता लग सकेगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur-news--why-did-gehlot-request-pm-modi-to-hold-a-meeting-with-all-the-chief-ministers-on-the-issue-of-inflation----read-this-news-to-know/article-8833"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-04/modi1.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से महंगाई के मुद्दे पर सभी मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक कर सबकी बात सुनने का अनुरोध किया है। गहलोत ने गुरुवार रात सोशल मीडिया के माध्यम से यह अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि बुधवार को प्रधानमंत्री ने कोविड को लेकर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से बैठक की। जिसमें सिर्फ पांच मुख्यमंत्रियों को अपनी बात रखने का मौका मिला और आखिर में स्वयं प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में अचानक से महंगाई और पेट्रोल-डीजल की बढ़ती हुई कीमतों का जिक्र कर दिया और इसका ठीकरा गैर-भाजपा शासित राज्यों पर फोडऩे का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि पूरे देशभर में महंगाई से जनता त्रस्त है।<br /><br /> मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की आर्थिक नीतियां मुख्य तौर पर केन्द्र सरकार द्वारा ही निर्मित एवं संचालित होती हैं परन्तु इसका असर राज्यों पर ही होता है। उन्होंने प्रधानमंत्री से निवेदन किया कि वह महंगाई के मुद्दे पर सभी मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक करें एवं सभी की बात सुनें। उन्होंने कहा कि इससे राज्यों को भी अपना पक्ष रखने का मौका मिलेगा और उनका ²ष्टिकोण भी केन्द्र सरकार को पता लग सकेगा।<br /><br /> उन्होंने कहा कि महंगाई के साथ ही केन्द्रीय प्रवर्तित योजनाओं, जीएसटी, जल जीवन मिशन आदि समेत अनेक गंभीर मुद्दों पर सभी राज्यों का केन्द्र सरकार से संवाद आवश्यक है। इसलिए मैं नरेन्द्र मोदी से अपील करूंगा कि राज्यों के हितों एवं देशहित के मुद्दों को लेकर आप सभी मुख्यमंत्रियों से बैठक करें जिससे इनका समाधान निकालकर आमजन को अधिक से अधिक राहत प्रदान की जा सके।<br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 29 Apr 2022 15:18:34 +0530</pubDate>
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